Chapter 8विविधता में एकता या 'एक में अनेक'

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NCERT — समाज का अध्ययन : भारत और उसके आगे, अध्याय 8 (पृ. 125–136)।

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रेल चलाइए, साड़ी बुनिए, एक कथा को अनेक बनते देखिए

शुरुआत

भारत में भाषाएँ, भोजन, पहनावे, त्योहार — सब में अपार विविधता है। फिर भी इनके भीतर एक एकता है। इस अध्याय में देखिए कि "एक में अनेक" का अर्थ क्या है।

“हे ईश्वर! मेरी यह प्रार्थना स्वीकार करें कि मैं अनेकता में एकता के स्पर्श का आनंद कभी न गवाँ सकूँ।”

— रवींद्रनाथ टैगोर (पृ. 125)

“…विविधता में एकता का सिद्धांत सदैव से भारत के लिए स्वाभाविक रहा है… एक में अनेक का यह भाव भारत को उसके स्वभाव व स्वधर्म की सुनिश्चित नींव पर स्थापित करेगा।”

— श्री अरविंद (पृ. 125)

अध्याय इन तीन प्रश्नों का उत्तर देता है (पृ. 125)

  1. भारतीय परिदृश्य में "विविधता में एकता" का क्या अर्थ है?
  2. भारत की विविधता के कौन-से पक्ष सर्वाधिक उल्लेखनीय हैं?
  3. हम विविधता में निहित एकता का कैसे पता लगाते हैं?

इस अध्याय के रिवीजन नोट्स अभी तैयार हो रहे हैं; तब तक यह पन्ना सीधे पाठ्यपुस्तक से बना है। Progress is kept only in this browser. Nothing is sent anywhere.

1समृद्ध विविधता

रेल से भारत-यात्रा

पुस्तक कहती है: रेल से भारत की यात्रा करें तो बदलते भूदृश्य दिखेंगे, अलग-अलग पहनावे और भोजन, परिचित-अपरिचित भाषाएँ और अलग-अलग लिपियाँ (पृ. 126)। स्लाइडर से रेल चलाइए।

  1. 1भूदृश्य बदलते हैं
  2. 2पहनावे बदलते हैं
  3. 3भोजन बदलता है
  4. 4भाषाएँ बदलती हैं
  5. 5लिपियाँ बदलती हैं

चित्र हमारा बनाया है; किसी असली रेल-मार्ग का नहीं।

"भारत के लोग" परियोजना (पृ. 126)

20वीं शताब्दी के अंत में भारतीय मानव विज्ञान सर्वेक्षण ने सभी राज्यों के समुदायों का व्यापक सर्वेक्षण किया। उसमें यह भी पाया गया कि अनेक भारतीय प्रवासी कहे जा सकते हैं — यानी वे अपने जन्म-स्थान के निकट या अपने मूल समुदाय के साथ नहीं रहते।

4,635समुदाय सर्वेक्षण में

325भाषाएँ गिनी गईं

25लिपियाँ

जनसंख्या (पृ. 126)

1.4 अरब से अधिक निवासी — विश्व की जनसंख्या का लगभग 18 प्रतिशत। ऐसे देश में इतनी विविधता आश्चर्यजनक नहीं।

अपनी कक्षा की विविधता (पृ. 126)

पुस्तक का क्रियाकलाप: कम से कम 5 सहपाठियों के जन्म-स्थान और उनकी मातृभाषाएँ लिखिए। यहाँ लिखा कुछ भी न कहीं भेजा जाता है, न सहेजा जाता।

सहपाठीजन्म-स्थानमातृभाषा

कुछ पंक्तियाँ भरिए।

एक इतिहासकार का प्रश्न (पृ. 126)

"इस अचंभित करने वाली विविधता में भारत का इतिहास किस प्रकार लिखा जा सकता है? …इस प्रश्न का उत्तर इस तथ्य में निहित है कि भारत 'विविधता में एकता' प्रदर्शित करता है।" — ब्रिटिश इतिहासकार विंसेंट स्मिथ, एक शताब्दी से भी अधिक पहले

Checkpoint

  1. 1"भारत के लोग" परियोजना में कितनी भाषाएँ गिनी गईं?

  2. 2भारत की जनसंख्या विश्व की जनसंख्या का लगभग कितना भाग है?

2सभी के लिए भोजन

भारत में हज़ारों — शायद लाखों — व्यंजन हैं। फिर भी कुछ अनाज लगभग पूरे भारत में खाए जाते हैं; ये अधिकांश भारतीयों का प्रमुख भोजन हैं, इसलिए "मुख्य अनाज" कहलाते हैं (पृ. 127–128)।

मुख्य अनाज पहचानिए

हर नाम को सही डिब्बे में डालिए।

अलग-अलग क्षेत्रों के अनाज और दालें (चित्र 8.1, पृ. 127)

पुस्तक के मानचित्र में भारत के विभिन्न क्षेत्रों से अनाजों और दालों के कुछ उदाहरण हैं। नीचे किसी नाम पर टैप कीजिए और देखिए कि मानचित्र पर वह कहाँ-कहाँ है।

कोई नाम चुनिए।

राजमाराजमालोबियाबासमतीमूंग दालमसूर दालचना दालछोले/चनाछोले/चनाबाजराबाजराअरहर दालअरहर दालअरहर दालमक्कामक्काचावलचावलचावलज्वारसोना मसूरीपोन्नी चावलकोलम चावल
इस मानचित्र पर कोई सीमा-रेखा नहीं है; यह केवल धरती का उभार दिखाता है। नाम और उनकी जगहें पुस्तक के चित्र 8.1 (पृ. 127) से हैं। पुस्तक का चित्र पैमाने पर आधारित नहीं है, इसलिए जगहें अनुमानित हैं।

Relief map: Natural Earth (public domain).

एक ही सामग्री, अनगिनत मेल

पुस्तक: एक ही प्रकार की सामग्री (एकता) से विभिन्न प्रकार के (विविधता) अनगिनत व्यंजन बनते हैं (पृ. 128)। रसोई में सामग्री चुनिए और देखिए कि दो या अधिक चीज़ों के कितने अलग मेल बन सकते हैं।

कम से कम दो चीज़ें चुनिए।

हर मेल एक व्यंजन नहीं होता — पर यह दिखाता है कि थोड़ी-सी सामग्री से कितनी विविधता बन सकती है।

आइए पता लगाएँ (पृ. 128)

कोई एक हरी सब्ज़ी लीजिए: उससे आप कितने प्रकार के व्यंजन बना सकते हैं? अपने घर की सामग्रियों (अनाज, मसाले आदि) की सूची भी बनाइए।

Checkpoint

  1. 1इनमें से कौन-सा मोटा अनाज (मिलेट) है?

  2. 2पुस्तक के अनुसार "एकता" भोजन में कहाँ दिखती है?

3वस्त्र एवं परिधान

हर क्षेत्र और समुदाय ने अपनी शैली के पहनावे विकसित किए। फिर भी कुछ पारंपरिक पहनावों में एक समानता है। इसका साफ़ उदाहरण है "साड़ी" — बिना सिला एक लंबा वस्त्र, जो भारत के अधिकांश भागों में पहना जाता है (पृ. 128)।

अपनी साड़ी बुनिए

पुस्तक बताती है कि साड़ी के सैकड़ों रूप हैं — अलग धागा, अलग बुनाई और डिज़ाइन, अनगिनत रंग (पृ. 128–129)। तीनों चुनिए।

धागा

डिज़ाइन

रंग

साड़ी का चित्र हमारा बनाया है।

रेशमी साड़ियों के कुछ प्रसिद्ध प्रकार (पृ. 128)

बनारसीकांजीवरमपैठनीपाटन पटोलामूगामैसूर

साड़ी का लंबा इतिहास (पृ. 129)

वैशाली (आज के बिहार में) से मिली पत्थर पर उकेरी गई एक आकृति, जिसमें एक स्त्री साड़ी पहने है, कुछ शताब्दी सा.सं.पू. की है। साड़ी पहनने के अनेक तरीक़े हैं, और नए तरीक़े आज भी खोजे जा रहे हैं — पर अंततः वह एक ही परिधान है: साड़ी।

"छींट" की कहानी (पृ. 129)

  1. 1बहुत लंबे समय तक भारत विश्व की सबसे उत्तम कपास पैदा करता रहा, और उसके कपड़े यूरोप तक जाते थे।

आइए पता लगाएँ (पृ. 130–131)

पुस्तक के चित्र 8.4 में साड़ी के छह और उपयोग हैं — पहचानिए वे क्या हैं। फिर धोती के अलग-अलग कपड़ों और उपयोगों की सूची बनाइए: आप क्या निष्कर्ष निकालते हैं?

Checkpoint

  1. 1साड़ी किस प्रकार का वस्त्र है?

  2. 2छींट के आयात पर किन देशों ने प्रतिबंध लगाया?

4त्योहारों की विविधता

कुछ त्योहार लगभग एक ही समय पर पूरे भारत में मनाए जाते हैं, पर उनके नाम अलग-अलग होते हैं। पुस्तक एक उदाहरण लेती है: 14 जनवरी के आस-पास का पर्व, जो भारत के कई भागों में फ़सल कटाई के मौसम की शुरुआत का सूचक है (पृ. 131)।

एक तिथि, अनेक नाम

पुस्तक का मानचित्र (चित्र 8.5, पृ. 132) लगभग एक ही तिथि पर एक ही त्योहार के अलग-अलग नाम दिखाता है। नीचे हर नाम पर टैप कीजिए और देखिए कि मानचित्र पर वह कहाँ है।

14 जनवरी के आस-पास

0 / 12 नाम

शिशुर सेंक्रातमाघी / लोहड़ीखिचड़ी पर्वमाघ बिहूमकर संक्रांतपौष साँग क्रान्तिउत्तरायणमकर संक्रांतिमकर संक्रांतिपेड्डा पंडुगामकर संक्रमणमकर विलाक्कुपोंगल
इस मानचित्र पर कोई सीमा-रेखा नहीं है; यह केवल धरती का उभार दिखाता है। नाम और उनकी जगहें पुस्तक के चित्र 8.5 (पृ. 132) से हैं। पुस्तक का चित्र पैमाने पर आधारित नहीं है, इसलिए जगहें अनुमानित हैं।

मकर संक्रांति नाम पुस्तक के मानचित्र पर दो जगह लिखा है, इसलिए नाम बारह हैं और जगहें तेरह।

Relief map: Natural Earth (public domain).

आइए पता लगाएँ (पृ. 133)

अक्टूबर-नवंबर में भारत में कई प्रमुख त्योहार होते हैं। उनमें से कुछ की, और देश के अलग-अलग भागों में उनके नामों की, सूची बनाइए।

Checkpoint

  1. 1चित्र 8.5 वाला पर्व लगभग कब मनाया जाता है?

  2. 2यह पर्व भारत के कई भागों में किसका सूचक है?

5एक कथा-संग्रह, अनेक रूप

साहित्य विविधता में एकता का एक और उत्कृष्ट उदाहरण है। भाषा, लेखन-शैली की तकनीक आदि में अंतर के बावजूद भारतीय साहित्य ने सदियों से महत्वपूर्ण विषय और चिंताएँ साझा की हैं (पृ. 133)।

पंचतंत्र: एक से अनेक

पशुओं को मुख्य पात्र बनाकर लिखी मनोरंजक कथाओं का यह संग्रह जीवन-कौशल सिखाता है। बटन दबाइए और देखिए कि एक संग्रह कैसे फैला (पृ. 133)।

  1. 1मूल संस्कृत पाठ
  2. 2भारतीय भाषाएँ
  3. 3भारत के बाहर
  4. 450+ भाषाएँ

मूल संस्कृत पाठ लगभग 2,200 वर्ष पुराना है (अंग्रेज़ी संस्करण: "कम से कम 2,200 वर्ष")।

चित्र हमारा बनाया है; किताबों की संख्या सिर्फ़ विचार दिखाती है।

अभ्यास प्र. 2 (पृ. 136): पंचतंत्र की कुछ कहानियाँ चुनिए — उनका संदेश आज भी कैसे सही है? क्या आप अपने क्षेत्र की ऐसी कहानियाँ जानते हैं?

Checkpoint

  1. 1पंचतंत्र की कथाओं के मुख्य पात्र कौन हैं?

  2. 2पंचतंत्र का मूल पाठ किस भाषा में है?

6महाकाव्य का विस्तार

सबसे प्रभावशाली उदाहरण हैं भारत के दो महाकाव्य — रामायण और महाभारत। मूल संस्करणों में लगभग 7,000 पृष्ठों के ये दोनों संस्कृत महाकाव्य ऐसे नायकों की कथाएँ हैं जो धर्म की पुनःस्थापना के लिए युद्ध करते हैं (पृ. 133)।

किस महाकाव्य के पात्र?

हर पात्र को उसके महाकाव्य में डालिए।

महाकाव्य कहाँ-कहाँ पहुँचे?

हर कार्ड पलटिए।

मानवविज्ञानी के.एस. सिंह: "लोककथाओं के अनुसार इस देश में शायद ही ऐसा कोई स्थान हो जहाँ महानायक पांडव न गए हों।" यही बात रामायण के बारे में भी कही जा सकती है। सदियों से इन दो महाकाव्यों ने भारत और एशिया के कई भागों के बीच सांस्कृतिक संबंधों का एक घना जाल बुना।

— "भारत के लोग" परियोजना के निदेशक का कथन (पृ. 135)

Checkpoint

  1. 1महाभारत में पांडव किससे युद्ध करते हैं?

  2. 2नीलगिरि का "पंच पांडव" पत्थर कौन सँभालता है?

7सार और अभ्यास

पुस्तक का अपना सार — "आगे बढ़ने से पहले…" (पृ. 136)

पहले खुद याद कीजिए, फिर कार्ड पलटिए।

"हर जगह मुझे एक सांस्कृतिक पृष्ठभूमि मिली, जिसने उनके जीवन पर प्रभावशाली असर डाला। …निरक्षर ग्रामीणों को भी सैकड़ों श्लोक कंठस्थ थे…"

— चर्चा के लिए — जवाहरलाल नेहरू (अभ्यास प्र. 5, पृ. 136)

और अभ्यास (पृ. 136)

  1. पाठ के आरंभ के दोनों उद्धरणों पर कक्षा में चर्चा कीजिए।
  2. अपने क्षेत्र की कुछ लोककथाएँ इकट्ठी कीजिए और उनके संदेशों पर चर्चा कीजिए।
  3. क्या आपने किसी प्राचीन कहानी को कला — मूर्ति, चित्र, नृत्य, फ़िल्म — में दिखाते देखा है?

आख़िरी जाँच

  1. 1पुस्तक के अनुसार विविधता क्या करती है?

  2. 2"भारत विविधता में एकता प्रदर्शित करता है" — यह किसने कहा?

  3. 3रामायण और महाभारत मूल रूप से किस भाषा के महाकाव्य हैं?