Chapter 8विविधता में एकता या 'एक में अनेक'

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यह पन्ना उनके लिए है जो बच्चे के साथ घर पर बैठते हैं। आपको यह विषय आना ज़रूरी नहीं है। नीचे सवाल भी दिए हैं और उनके जवाब भी — आप बस सवाल पूछिए और बच्चे का जवाब मिलाकर देख लीजिए।

एक बात का ध्यान रखिए: नीचे कुछ शब्द मोटे अक्षरों में हैं। ये किताब के अपने शब्द हैं। बच्चे से मोटे अक्षरों वाला शब्द ही बुलवाइए — आसान शब्द कहने से परीक्षा में नंबर कट सकते हैं।

1. इस अध्याय में है क्या

यह अध्याय पूरी किताब का आख़िरी अध्याय है, और यह सबसे छोटा भी है।

यह एक ही बात कहता है, और उसे चार बार, चार अलग उदाहरणों से सिद्ध करता है —

एक ही चीज़ से अनेक चीज़ें बन सकती हैं। बाहर से वे अलग-अलग दिखती हैं, पर अंदर से एक ही हैं।

चारों उदाहरण ये हैं —

उदाहरणएकअनेक
भोजनवही अनाज, वही मसालेहजारों व्यंजन
साड़ीएक ही बिना सिला कपड़ासैकड़ों तरीक़े, और छह दूसरे काम
त्योहारएक ही दिन, एक ही वजह (फ़सल कटाई)तेरह नाम
महाकाव्यएक ही कहानीसौ से ज़्यादा लोक रूप

! यह तालिका ही पूरा अध्याय है। अगर बच्चे को ये चार जोड़ियाँ आ गईं, तो उसे अध्याय आ गया। बाक़ी सब इन्हीं का ब्योरा है।

2. दस सवाल — और उनके जवाब

बच्चे से पूछिए। जवाब मिलाइए। जितने सही, उतने पर निशान लगाइए। 7 या उससे ज़्यादा सही = अध्याय ठीक तैयार है। 5 से कम = फिर से पढ़ना चाहिए।

#सवालसही जवाब✓
1भारत की आबादी कितनी है, और वह दुनिया का कितना हिस्सा है?1.4 अरब से ज़्यादा — दुनिया का लगभग 18%☐
2★‘भारत के लोग’ सर्वेक्षण में कितने समुदाय और कितनी भाषाएँ मिलीं?4,635 समुदाय और 325 भाषाएँ☐
3और कितनी लिपियों में ये भाषाएँ लिखी जाती हैं?25 लिपियाँ☐
4यह सर्वेक्षण किसने किया?भारतीय मानव विज्ञान सर्वेक्षण ने☐
5विंसेंट स्मिथ कौन थे और उन्होंने क्या पूछा?एक ब्रिटिश इतिहासकार — कि इतनी विविधता में भारत का इतिहास कैसे लिखा जाए☐
6★साड़ी को किताब क्या कहती है?बिना सिला वस्त्र — एक लंबा परिधान☐
7‘छींट’ क्या है, और उसके साथ क्या हुआ?सूती कपड़े पर छपा हुआ डिज़ाइन — वह यूरोप में इतना लोकप्रिय हुआ कि इंग्लैंड और फ़्रांस को उस पर रोक लगानी पड़ी☐
8मकर संक्रांति कब मनाई जाती है, और किसका सूचक है?14 जनवरी के आस-पास — फ़सलों की कटाई का☐
9पंचतंत्र कितना पुराना है और उसके कितने रूपांतरण हैं?लगभग 2,200 साल पुराना — 50 से ज़्यादा भाषाओं में 200 से ज़्यादा रूपांतरण☐
10★अध्याय का आख़िरी वाक्य क्या कहता है?विविधता विभाजित नहीं करती, समृद्ध करती है☐

3. चार बातें जो बच्चे सबसे ज़्यादा गलत करते हैं★

(1) साड़ी वाली बात में ‘बिना सिला’ छोड़ देना

यही पूरी बात की जड़ है। क्योंकि कपड़ा सिला हुआ नहीं है, इसीलिए उसे सैकड़ों तरीक़ों से बाँधा जा सकता है — और इसीलिए वह झूला, जाल, गद्दी, बिछौना भी बन जाता है।

पूछिए: “साड़ी में ऐसा क्या है कि उसके इतने रूप बन जाते हैं?” सही जवाब: वह बिना सिला वस्त्र है। अगर बच्चा सिर्फ़ “वह लंबी होती है” कहे — तो वह अधूरा है।

(2) 2,200 और 7,000 को आपस में मिला देना

ये दो बिल्कुल अलग चीज़ें हैं —

संख्याकिसकीक्या नापती है
2,200 सालपंचतंत्रउम्र
7,000 पृष्ठरामायण और महाभारतमोटाई

पूछिए: “2,200 किसका है और 7,000 किसका?” एक उम्र है, दूसरा पन्नों की गिनती।

(3) भाषाएँ और लिपियाँ एक समझ लेना

325 भाषाएँ हैं, पर लिपियाँ सिर्फ़ 25। ऐसा इसलिए क्योंकि एक ही लिपि में कई भाषाएँ लिखी जाती हैं। देवनागरी में हिंदी भी लिखी जाती है, मराठी भी, संस्कृत भी।

पूछिए: “भाषाएँ 325 और लिपियाँ सिर्फ़ 25 — ऐसा क्यों?” सही जवाब: क्योंकि एक लिपि में कई भाषाएँ लिखी जा सकती हैं।

(4) यह समझ लेना कि किताब कह रही है ‘सब एक जैसे हो जाओ’

किताब यह बिल्कुल नहीं कह रही। वह कह रही है कि अलग-अलग होना ही ताक़त है — “विविधता विभाजित नहीं, अपितु समृद्ध करती है।”

यह ग़लतफ़हमी सबसे ज़्यादा होती है, और सबसे भारी भी। अगर बच्चा यह कहे कि “अध्याय का मतलब है सब एक जैसे हैं” — तो उसे तुरंत ठीक कीजिए।

4. आठ शब्द जो बच्चे को आने चाहिए

बाएँ वाला शब्द किताब का है — यही याद होना चाहिए। दाएँ वाला सिर्फ़ आपकी समझ के लिए है।

किताब का शब्दआसान मतलब
विविधताअलग-अलग होना, कई तरह का होना
एकताएक होने का भाव, वह चीज़ जो सबमें साझा है
मुख्य अनाजवह अनाज जो अधिकांश लोगों का रोज़ का मुख्य भोजन हो
बिना सिला वस्त्रऐसा कपड़ा जिसे सिलाई करके नहीं जोड़ा गया — साड़ी, धोती
छींटसूती कपड़े पर छपा हुआ डिज़ाइन
उकेरी गई आकृतिऐसा डिज़ाइन जो समतल सतह के ऊपर उभारकर बनाया गया हो
महाकाव्यएक लंबी कविता जो अतीत के महान नायकों की कथा कहती है
प्रवासीवह जो अपने जन्म-स्थान से दूर जाकर बसा हो

5. कॉपी में क्या-क्या होना चाहिए

क्याहै?
टैगोर और श्री अरविंद वाले शुरू के दो उद्धरण☐
1.4 अरब · 18%☐
★भारतीय मानव विज्ञान सर्वेक्षण · 4,635 समुदाय · 325 भाषाएँ · 25 लिपियाँ☐
विंसेंट स्मिथ का सवाल, और उनका अपना जवाब☐
★‘एक ही प्रकार की सामग्री… से… अनगिनत व्यंजन’ वाला वाक्य☐
मुख्य अनाज का मतलब, और अनाजों-मसालों की सूची☐
साड़ी — बिना सिला वस्त्र, और सैकड़ों रूप☐
वैशाली की पत्थर पर उकेरी आकृति☐
छींट · 17वीं शताब्दी · इंग्लैंड और फ़्रांस का प्रतिबंध☐
साड़ी के छह दूसरे उपयोग☐
मकर संक्रांति · 14 जनवरी · तेरह नाम (कम से कम पाँच नाम)☐
पंचतंत्र · 2,200 साल · 200+ रूपांतरण · 50+ भाषाएँ☐
महाकाव्य · ~7,000 पृष्ठ, और तमिलनाडु में 100+ लोक रूप☐
भील · गोंड · मुंडा के अपने संस्करण☐
के.एस. सिंह का कथन — पांडव न गए हों ऐसी जगह शायद ही हो☐
★आख़िरी वाक्य — ‘विविधता विभाजित नहीं, अपितु समृद्ध करती है’☐

अगर आख़िरी वाला वाक्य कॉपी में नहीं है, तो सबसे पहले वही लिखवाइए। पूरा अध्याय उसी एक वाक्य पर आकर ख़त्म होता है।

6. घर पर पाँच मिनट का एक काम —यह ज़रूर कीजिए★

“हमारे घर में जो एक चीज़ रोज़ बनती है — उसे और कितने तरीक़ों से बनाया जा सकता है?”

चावल लीजिए, या गेहूँ, या दाल। बच्चे से गिनवाइए —

चावल से क्या-क्या बनता है? भात · खिचड़ी · पुलाव · इडली · डोसा · पोहा · खीर · मुरमुरे…

फिर यह कहिए:

  • “सामग्री एक ही थी — चावल। पर चीज़ें कितनी बन गईं।”
  • “और अगर तुम किसी दूसरे राज्य में जाओ, तो वहाँ इसी चावल से कुछ और ही बना मिलेगा।”
  • “यही किताब कह रही है — एक ही सामग्री, अनगिनत व्यंजन।”

यह काम इसलिए ज़रूरी है क्योंकि यह अध्याय का पूरा साँचा बच्चे के अपने रसोईघर में दिखा देता है। किताब भी ठीक यही उदाहरण सबसे पहले देती है — और वहीं से बाक़ी तीनों उदाहरण निकलते हैं।

अगर घर में समय हो तो एक और छोटा-सा सवाल पूछिए: “14 जनवरी के आस-पास हमारे यहाँ क्या मनाया जाता है? और तुम्हारे दोस्त के घर में उसे क्या कहते हैं?” — अगर नाम अलग निकल आए, तो अध्याय अपने आप समझ में आ गया।

7. एक बात जो बच्चे को बतानी चाहिए

इस अध्याय में एक बहुत सुंदर बात छिपी है, जो ऊपर से दिखती नहीं।

चारों उदाहरण अलग-अलग नहीं हैं — वे एक ही सीढ़ी के चार पायदान हैं:

क्रमउदाहरणकहाँ की बात
1भोजनरसोई — जो हर घर में है
2साड़ीशरीर — जो हम पहनते हैं
3त्योहारगाँव और शहर — जो हम साथ मनाते हैं
4महाकाव्यदेश और उससे बाहर — जो सदियों से चली आ रही कहानियाँ हैं

किताब सबसे छोटी और सबसे नज़दीक की चीज़ से शुरू करती है, और सबसे बड़ी तक ले जाती है।

बच्चे से यह कहिए: “किताब ने तुम्हें पहले तुम्हारी रसोई दिखाई, फिर तुम्हारे कपड़े, फिर तुम्हारा त्योहार, और फिर पूरा देश। और चारों जगह एक ही बात मिली।”

और एक आख़िरी बात, जो बच्चे को बहुत अच्छी लगती है —

अध्याय की शुरुआत में ‘भारत के लोग’ सर्वेक्षण की बात है। और अध्याय के अंत में जो के.एस. सिंह का कथन आता है — वे उसी सर्वेक्षण के निदेशक थे।

अध्याय जहाँ से शुरू हुआ था, वहीं आकर ख़त्म होता है।

अगर सिर्फ़ पाँच मिनट हों

ये चार चीज़ें पूछ लीजिए, बाकी छोड़ दीजिए —

  1. चार उदाहरण कौन-से हैं? → भोजन · साड़ी · त्योहार · महाकाव्य
  2. 4,635 और 325 किसके हैं? → 4,635 समुदाय, 325 भाषाएँ (और 25 लिपियाँ)
  3. साड़ी में ख़ास क्या है? → वह बिना सिला वस्त्र है
  4. अध्याय का आख़िरी वाक्य? → विविधता विभाजित नहीं करती, समृद्ध करती है

अगर बच्चा ये चार बता दे, तो उसने इस अध्याय की सबसे बड़ी बात समझ ली है — कि अलग-अलग दिखना और एक होना, दोनों एक साथ सच हो सकते हैं।