अध्याय 1विकास

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NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 1

कक्षा — 10 · विषय — अर्थशास्त्र (आर्थिक विकास की समझ) · पृष्ठ — 3 से 17

यह पन्ना किसलिए — किताब हाथ में लेकर पढ़ाते समय साथ रखने के लिए। हर कार्ड किताब के कुछ पन्नों का है: उन पन्नों की ज़रूरी पंक्तियाँ, उन्हें कक्षा में कैसे खोलें, और बच्चे कहाँ अटकते हैं। कार्ड के ऊपर लिखा है कि वह पाठ योजना के किस कालांश का है।

किताब की पंक्तियाँ उद्धरण-चिह्नों में, पृष्ठ-संख्या के साथ हैं (2026-27 में छपी किताब)। जो बात किताब की नहीं, हमारी है, उसके आगे “हमारी ओर से” लिखा है। प्रश्नावली की कुंजी, परिभाषाएँ और आँकड़ों की तालिका शिक्षक संदर्शिका में हैं; यहाँ उनके लिंक हैं।

किताब के साथ, पन्ना-दर-पन्ना

पृष्ठ 3–5 — अलग-अलग लोग, अलग-अलग लक्ष्य

कालांश 1 · पाठ योजना में यह कालांश · इंटरैक्टिव: शुरुआत · इंटरैक्टिव: 1. विकास क्या वादा करता है

किताब कहाँ से शुरू करती है। पहला वाक्य है: “विकास अथवा प्रगति की धारणा हमेशा से हमारे साथ है।” (पृष्ठ 3) इसके बाद किताब सवाल रखती है: कोई देश कैसा होना चाहिए, हमें किन ज़रूरी चीज़ों की आवश्यकता है, क्या सबका जीवन बेहतर हो सकता है, क्या ज़्यादा समानता हो सकती है। यह भी कहती है कि ऐसे बहुत से प्रश्नों के उत्तर इतिहास और राजनीति विज्ञान में भी मिलेंगे, और इन आशाओं को लोकतांत्रिक राजनीतिक प्रक्रिया से ही असल जीवन में पाया जा सकता है।

हमारी ओर से — पर्ची से शुरुआत। किताब खोलने से पहले हर बच्चा एक पर्ची पर बिना नाम लिखे एक पंक्ति लिखे: मेरे लिए विकास का मतलब है…। पर्चियाँ इकट्ठी करके पाँच-छह पढ़कर सुनाइए। उत्तर अलग-अलग आएँगे; बस इतना कहिए कि आज का पाठ इसी अलग-अलग होने के बारे में है। पर्चियाँ एक लिफ़ाफ़े में रख लीजिए; कालांश 8 में ये लौटेंगी।

तालिका 1.1 (पृष्ठ 4)। किताब ने तीन पंक्तियाँ ख़ुद भरी हैं:

व्यक्तिविकास के लक्ष्यपृष्ठ
भूमिहीन ग्रामीण मज़दूरकाम के ज़्यादा दिन और बेहतर मज़दूरी; बच्चों के लिए अच्छा स्थानीय स्कूल; सामाजिक भेदभाव न हो, गाँव में वे भी नेता बन सकें4
पंजाब के समृद्ध किसानउपज का ज़्यादा समर्थन मूल्य; मेहनती और सस्ते मज़दूरों से ऊँची पारिवारिक आय, ताकि बच्चों को विदेश में बसा सकें4
शहर के अमीर परिवार की लड़कीभाई जैसी आज़ादी; अपने फ़ैसले ख़ुद ले सके; विदेश में पढ़ाई4

बाक़ी पंक्तियाँ बच्चे भरेंगे; यह काम नीचे कक्षा की गतिविधियों में है।

टकराव पहचानिए (पृष्ठ 4–5)। भूमिहीन मज़दूर बेहतर मज़दूरी चाहता है, समृद्ध किसान सस्ते मज़दूर। लड़की चाहती है कि भाई भी घर के काम में हाथ बँटाए; भाई को यह पसंद न आए, यह हो सकता है। उद्योगपति ज़्यादा बिजली के लिए ज़्यादा बाँध चाहते हैं; ज़मीन डूबे तो आदिवासी जैसे लोग बेघर हो सकते हैं, और वे सिंचाई के लिए छोटे चैक बाँध या तालाब पसंद कर सकते हैं।

एक का विकास, दूसरे के लिए उलटा

भूमिहीन मज़दूरबेहतर मज़दूरी चाहता है
समृद्ध किसानसस्ते मज़दूर चाहता है
लड़कीभाई जैसी आज़ादी; भाई भी घर का काम बँटाए
भाईहो सकता है उसे यह पसंद न हो
उद्योगपतिज़्यादा बिजली के लिए ज़्यादा बाँध
आदिवासी जैसे लोगज़मीन डूबे तो बेघर; छोटे चैक बाँध या तालाब पसंद
NCERT, पृष्ठ 4–5 के आधार पर

किताब के दो निष्कर्ष, बच्चे कॉपी में लिखें: पहला, “लोगों के विकास के लक्ष्य भिन्न हो सकते हैं”; दूसरा, “एक के लिए जो विकास है वह दूसरे के लिए विकास न हो। यहाँ तक कि वह दूसरे के लिए विनाशकारी भी हो सकता है।” (पृष्ठ 5)

यहीं रुकिए। “विनाशकारी” शब्द पर पूछिए: बाँध से बिजली बनी, तो किसका विकास हुआ, और किसके लिए वह विनाशकारी हुआ? बच्चे दोनों नाम ख़ुद बताएँ। पृष्ठ 7 की आइवरी कोस्ट वाली ख़बर इसी बात का दूसरा उदाहरण है।

पृष्ठ 5–6 — आय और अन्य लक्ष्य

कालांश 2 · पाठ योजना में यह कालांश · इंटरैक्टिव: 1. विकास क्या वादा करता है

किताब कहाँ से शुरू करती है। तालिका 1.1 में लोग जो चाहते हैं, उसमें कुछ ज़्यादा आय की बातें हैं और कुछ आय से आगे की (पृष्ठ 5–6):

ज़्यादा आय वाले लक्ष्यआय से आगे के लक्ष्य
नियमित कामबराबरी का व्यवहार
बेहतर मज़दूरीस्वतंत्रता
अपनी उपज या दूसरे उत्पादों की अच्छी कीमतसुरक्षा
दूसरों से आदर; भेदभाव न हो

किताब कहती है कि आय से आगे के लक्ष्य कुछ मामलों में ज़्यादा आय से भी ज़्यादा महत्त्वपूर्ण हो सकते हैं, “क्योंकि जीने के लिए केवल भौतिक वस्तुएँ ही पर्याप्त नहीं होती।” (पृष्ठ 5) दोस्ती जैसी चीज़ें आसानी से मापी नहीं जातीं, फिर भी यह निष्कर्ष ग़लत होगा कि “जिसे मापा नहीं जा सकता, वह महत्त्व नहीं रखता।” (पृष्ठ 5)

किताब के दो उदाहरण। नौकरी: दूर की नौकरी लेने से पहले आय के अलावा परिवार की सुविधाएँ, काम का माहौल और सीखने के अवसर भी देखे जाएँगे; कम वेतन वाला नियमित रोज़गार सुरक्षा की भावना बढ़ाता है (पृष्ठ 6)। महिलाएँ: वेतन वाला काम करें तो घर और समाज में उनका आदर बढ़ता है, और सुरक्षित माहौल हो तो ज़्यादा महिलाएँ अलग-अलग काम या व्यापार कर सकती हैं (पृष्ठ 6)।

ध्यान से पढ़वाइए। तालिका में “नियमित काम” आय वाले लक्ष्यों में है, पर नौकरी वाले उदाहरण में नियमित रोज़गार की क़ीमत सुरक्षा के लिए बताई गई है। बच्चे पूछें कि एक ही चीज़ दो जगह कैसे, तो यही बताइए: एक ही काम आय भी देता है और सुरक्षा भी।

हमारी ओर से — दो नौकरियाँ, हाथ उठाकर। बोलकर दो नौकरियाँ रखिए: पहली में वेतन ज़्यादा, पर घर से दूर और कोई पक्कापन नहीं; दूसरी में वेतन कम, पर पक्की और घर के पास। बच्चे हाथ उठाकर चुनें, फिर दो-तीन बच्चे कारण बताएँ। हर कारण को ऊपर की तालिका के किसी खाने से जोड़िए। आख़िर में किताब का वाक्य लिखवाइए: “इसी तरह, विकास के लिए, लोग मिले-जुले लक्ष्यों को देखते हैं।” (पृष्ठ 6)

पृष्ठ 6–7 — राष्ट्रीय विकास

कालांश 3 · पाठ योजना में यह कालांश · इंटरैक्टिव: 2. राष्ट्रीय विकास

किताब कहाँ से शुरू करती है। लोगों के लक्ष्य भिन्न हैं, तो देश के विकास के बारे में उनकी धारणा भी भिन्न होगी, और विचार आपस में विरोधी भी हो सकते हैं (पृष्ठ 6)। तब किताब ये सवाल सोचने को कहती है (पृष्ठ 6):

  1. क्या सभी विचारों को बराबर महत्त्व दिया जा सकता है?
  2. विचार आपस में विरोधी हों, तो निर्णय कैसे हो?
  3. सभी के लिए न्यायपूर्ण और सही राह क्या होगी?
  4. क्या काम करने का कोई बेहतर तरीका है?
  5. इससे बहुत से लोगों को फ़ायदा होगा या कुछ को ही?

फिर किताब का वाक्य: “राष्ट्रीय विकास का अभिप्राय इन सब प्रश्नों पर विचार करना है।” (पृष्ठ 6)

कक्षा में ऐसे खोलिए (हमारी ओर से)। एक काल्पनिक बात रखिए: गाँव की चरागाह की ज़मीन पर कारख़ाना लगना है। किसे काम मिलेगा, किसके पशु कहाँ चरेंगे, धुआँ किसके घर तक जाएगा? पाँचों सवाल एक-एक करके इसी पर पूछिए। कोई एक उत्तर सही मत ठहराइए; कालांश का मक़सद यह दिखाना है कि राष्ट्रीय विकास पर सोचना इन्हीं सवालों को तौलना है।

इसी हिस्से में दो काम। पृष्ठ 7 के बॉक्स में आइवरी कोस्ट की अख़बारी ख़बर, और कार्यकलाप 1 (किसी विवाद में अलग-अलग लोगों के तर्क)। दोनों नीचे कक्षा की गतिविधियों में हैं।

पृष्ठ 8–9 — देशों की तुलना: औसत आय और उसकी कमज़ोरी

कालांश 4 · पाठ योजना में यह कालांश · इंटरैक्टिव: 3. तुलना कैसे करें: औसत आय

किताब कहाँ से शुरू करती है। विद्यार्थियों की तुलना हम उनकी एक-दो विशिष्टताओं से करते हैं, और कौन-सी विशिष्टता लें, यह तुलना के उद्देश्य पर निर्भर है (पृष्ठ 8)। देशों के लिए: “देशों की तुलना करने के लिए उनकी आय सबसे महत्त्वपूर्ण विशिष्टता समझी जाती है।” (पृष्ठ 8) देशों की जनसंख्या अलग-अलग है, इसलिए कुल आय को कुल जनसंख्या से भाग देकर औसत आय निकाली जाती है; इसे प्रतिव्यक्ति आय भी कहते हैं (पृष्ठ 8)।

विश्व बैंक का बँटवारा (पृष्ठ 8)।

वर्गप्रतिव्यक्ति आय, प्रति वर्ष (2024)पृष्ठ
उच्च आय (समृद्ध) देशUS $66,500 या उससे ज़्यादा8
भारत: मध्य आय वर्गलगभग US $11,0008
निम्न आय वाले देशलगभग US $2,300 या उससे कम8

समृद्ध देशों को आमतौर पर विकसित देश कहा जाता है, पर मध्य पूर्व के देश और कुछ अन्य छोटे देश इनमें नहीं गिने जाते (पृष्ठ 8)।

तालिका 1.2: औसत की कमज़ोरी (पृष्ठ 9)। हर देश में 5 नागरिक, मासिक आय रुपये में:

देश12345
देश क9,50010,5009,80010,00010,200
देश ख50050050050048,000

हमारी ओर से — औसत वाला खाना ख़ाली रखिए। तालिका चार्ट पेपर पर बिना औसत के लिखिए। बच्चे जोड़कर भाग दें: दोनों की कुल आय 50,000 रुपये, दोनों का औसत 10,000 रुपये। जब दोनों उत्तर बराबर आएँ, तब किताब का सवाल पूछिए: पक्का हो कि आप देश ख के पाँचवें नागरिक होंगे तो कौन-सा देश चुनेंगे, और नागरिकता लॉटरी से तय हो तो कौन-सा (पृष्ठ 9)? किताब कहती है कि शायद ज़्यादातर लोग देश क चुनेंगे। यही इस कालांश की सीख है।

किताब का सार: “इसलिए यद्यपि औसत आय तुलना के लिए उपयोगी है, लेकिन इससे यह पता नहीं चलता कि यह आय लोगों में किस प्रकार वितरित है।” (पृष्ठ 9) पृष्ठ 9 का कार्टून यही बात चित्र में कहता है; बच्चों से पूछिए कि दोनों चित्रों में कुर्सियाँ कैसे बँटी हैं।

बच्चे यहाँ अटकते हैं। यह मान लेना कि औसत बराबर है तो दोनों देश बराबर विकसित हैं; और भारत को निम्न आय वाला देश लिख देना; किताब के अनुसार भारत मध्य आय वर्ग में है (पृष्ठ 8)। बाक़ी भूलें संदर्शिका की आठ आम भूलें में हैं।

पृष्ठ 10–11 — आय और अन्य मापदंड: हरियाणा, केरल, बिहार

कालांश 5 · पाठ योजना में यह कालांश · इंटरैक्टिव: 4. आय और दूसरे मापदण्ड

किताब कहाँ से शुरू करती है। जैसे लोग आय के अलावा सुरक्षा, आदर, बराबरी और आज़ादी भी चाहते हैं, वैसे ही किसी क्षेत्र को परखते समय औसत आय के अलावा दूसरी बातें भी देखनी पड़ती हैं (पृष्ठ 10)। किताब तीन राज्यों को दो तालिकाओं में रखती है:

राज्यप्रतिव्यक्ति आय, 2023-24 (रुपये)शिशु मृत्यु दर (2020)साक्षरता दर %, 2017-18निवल उपस्थिति अनुपात (15–17 वर्ष), 2019-21
हरियाणा3,25,759288067
केरल2,81,00169677
बिहार60,337277155
पृष्ठ10 (तालिका 1.3)10 (तालिका 1.4)10 (तालिका 1.4)10 (तालिका 1.4)

हमारी ओर से — दोनों तालिकाएँ एक चार्ट पर। किताब में आय एक तालिका में है और बाक़ी आँकड़े दूसरी में। चार्ट पेपर पर दोनों को ऊपर की तरह एक साथ लिखिए। पहले सिर्फ़ आय वाला कॉलम दिखाइए और पूछिए कि सबसे विकसित राज्य कौन-सा है; बच्चे हरियाणा कहेंगे। फिर बाक़ी कॉलम खोलिए।

परिभाषाएँ किताब के शब्दों में (पृष्ठ 10)।

  • शिशु मृत्यु दर “किसी वर्ष में पैदा हुए 1,000 जीवित बच्चों में से एक वर्ष की आयु से पहले मर जाने वाले बच्चों का अनुपात दिखाती है।”
  • साक्षरता दर “7 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों में साक्षर जनसंख्या का अनुपात।”
  • निवल उपस्थिति अनुपात उस आयु-वर्ग के कुल बच्चों में स्कूल जाने वाले बच्चों का प्रतिशत है। तालिका के ऊपर आयु 15–17 वर्ष छपी है, पर नीचे की परिभाषा में “14 तथा 15 वर्ष” छपा है; आँकड़े 15–17 वर्ष के बच्चों के पढ़िए।

यहीं रुकिए। पृष्ठ 11 पर किताब बच्चों से कहती है कि सोचिए, अपने माता-पिता के लिए आप कितने प्यारे हैं, और उन माता-पिता का दुख सोचिए जिनके बच्चे पहले जन्मदिन से पहले ही मर जाते हैं। यह पैरा धीरे पढ़िए, फिर आँकड़ा रखिए: केरल में 1,000 जीवित जन्म में से 6 बच्चे एक साल के होने से पहले मर जाते हैं, हरियाणा में 28 (पृष्ठ 10)। किताब इसे केरल से “लगभग 3 गुना से ज़्यादा” कहती है; हिसाब लगाइए तो 28 ÷ 6 लगभग 4.7 गुना बैठता है।

बिहार। निवल उपस्थिति अनुपात 55 है, यानी 15–17 वर्ष के 100 में से लगभग 45 बच्चे स्कूल नहीं जा रहे। किताब के पाठ में यहाँ “लगभग एक-तिहाई” छपा है, पर तालिका का 55 लगभग 45 प्रतिशत बताता है।

बच्चे यहाँ अटकते हैं। शिशु मृत्यु दर का 6 प्रतिशत नहीं है; यह 1,000 जीवित जन्म में से 6 है। और यह सोच कि हरियाणा की आय ज़्यादा है तो हर बात में वही आगे होगा; तीनों दूसरे कॉलम में केरल आगे है।

पृष्ठ 11–13 — सार्वजनिक सुविधाएँ

कालांश 6 · पाठ योजना में यह कालांश · इंटरैक्टिव: 5. सार्वजनिक सुविधाएँ

किताब का सवाल और उत्तर। हरियाणा की औसत आय ज़्यादा है, फिर भी वह इन बातों में केरल से पीछे क्यों है? किताब: “यह आवश्यक नहीं कि जेब में रखा रुपया वे सब वस्तुएँ और सेवाएँ खरीद सके, जिनकी आपको एक बेहतर जीवन के लिए आवश्यकता हो सकती है।” (पृष्ठ 11) पैसा अकेले प्रदूषण मुक्त वातावरण, बिना मिलावट की दवाएँ और संक्रामक बीमारियों से बचाव नहीं दिला सकता (पृष्ठ 11)। फिर हल:

“वास्तव में जीवन में बहुत सी महत्त्वपूर्ण चीज़ों के लिए सबसे अच्छा और सस्ता तरीका इन वस्तुओं और सेवाओं को सामूहिक रूप से उपलब्ध कराना है।” (पृष्ठ 11)

किताब के उदाहरण। पूरे इलाक़े के लिए सामूहिक सुरक्षा, हर घर के अलग सुरक्षा गार्ड से सस्ती है (पृष्ठ 11)। बच्चे पढ़ पा रहे हैं, क्योंकि बहुत से बच्चे पढ़ना चाहते हैं और बहुत से लोग मानते हैं कि सरकार को स्कूल खोलने चाहिए; आज भी कई इलाक़ों में बच्चे, ख़ासकर लड़कियाँ, उच्च विद्यालयी शिक्षा नहीं ले पातीं (पृष्ठ 11)। और केरल के बारे में: “केरल में शिशु मृत्यु दर कम है क्योंकि यहाँ स्वास्थ्य और शिक्षा की मौलिक सुविधाएँ पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।” (पृष्ठ 12) जिन राज्यों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली ठीक चलती है, वहाँ लोगों का स्वास्थ्य और पोषण बेहतर होने की संभावना है (पृष्ठ 12)।

जेब से या मिलकर?

अपनी जेब सेहर घर अपना सुरक्षा गार्ड रखेहर घर का अलग ख़र्च
मिलकरपूरे इलाक़े की सामूहिक सुरक्षाकिताब के अनुसार सस्ता तरीका
नतीजाकई चीज़ें सामूहिक रूप से देना सस्ता पड़ता है
स्कूलबहुत से लोग मानते हैं कि सरकार स्कूल खोले
राशनसार्वजनिक वितरण प्रणाली ठीक चले
स्वास्थ्यस्वास्थ्य और शिक्षा की मौलिक सुविधाएँ पर्याप्त हों
NCERT, पृष्ठ 11–12 के आधार पर

यह सवाल पूछिए (हमारी ओर से)। आपके गाँव या मोहल्ले में कौन-सी चीज़ें सब मिलकर इस्तेमाल करते हैं? गली की बत्ती, हैंडपंप, स्कूल, राशन की दुकान जैसे उत्तर आएँगे। हर उत्तर पर पूछिए कि हर घर इसे अलग से रखे, तो क्या होगा।

इसी हिस्से में। पृष्ठ 12 के बॉक्स “आओ–इन पर विचार करें” के चार सवाल (तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के राशन वाले सवाल समेत) संदर्शिका के किताब के अपने सवाल में हैं। पृष्ठ 12 का कार्यकलाप (उत्तर प्रदेश की ग्रामीण साक्षरता) संदर्शिका के कार्यकलाप वाले हिस्से में है, और पृष्ठ 13 का बी.एम.आई. वाला कार्यकलाप नीचे कक्षा की गतिविधियों में।

पृष्ठ 13–14 — मानव विकास रिपोर्ट

कालांश 7 · पाठ योजना में यह कालांश · इंटरैक्टिव: 6. मानव विकास रिपोर्ट

किताब कहाँ से शुरू करती है। पृष्ठ 13 के बॉक्स का तर्क: आय का स्तर महत्त्वपूर्ण है, पर विकास मापने का अधूरा मापदंड है; दूसरे मापदंडों की लंबी सूची उतनी उपयोगी नहीं, कम संख्या में ज़्यादा ज़रूरी चीज़ें चाहिए। ऐसे ही सूचक स्वास्थ्य और शिक्षा के हैं। फिर: “यूएनडीपी द्वारा प्रकाशित मानव विकास रिपोर्ट देशों की तुलना लोगों के शैक्षिक स्तर, उनकी स्वास्थ्य स्थिति और प्रति व्यक्ति आय के आधार पर करती है।” (पृष्ठ 13)

तालिका 1.6: वर्ष 2023 के आँकड़े (पृष्ठ 13)।

देशप्रति व्यक्ति सकल राष्ट्रीय आय (डॉलर)जन्म के समय संभावित आयु (वर्ष)स्कूली पढ़ाई के औसत वर्षमानव विकास सूचकांक क्रमांक
श्रीलंका12,61677.510.889
भारत9,047726.9130
म्यांमार4,91966.96.4150
पाकिस्तान5,50167.64.3168
नेपाल4,72670.44.5145
बंगलादेश8,49874.76.8130

क्रमांक कुल 193 देशों में से है (पृष्ठ 13)। आय वाले कॉलम के शीर्षक में “क्रय शक्ति क्षमता” छपा है; मतलब क्रय शक्ति समता है, यानी डॉलर ऐसे गिना गया कि एक डॉलर हर देश में बराबर मात्रा में वस्तुएँ और सेवाएँ ख़रीद सके। स्कूली पढ़ाई वाले कॉलम का नाम “विद्यालयी औसत आयु 25 वर्ष या उसके अधिक” छपा है; यह 25 वर्ष या उससे बड़े लोगों की पढ़ाई के औसत वर्ष हैं।

हमारी ओर से — क्रमांक उलटा पढ़ा जाता है। बोर्ड पर दौड़ का उदाहरण दीजिए: पहला आने वाला आगे होता है, सौवाँ पीछे। श्रीलंका 89 और भारत 130 का मतलब है श्रीलंका आगे। बंगलादेश और भारत, दोनों का क्रमांक 130 है; बंगलादेश भारत से बेहतर नहीं, बराबर है।

यह सवाल पूछिए। किताब पृष्ठ 14 पर ख़ुद पूछती है कि क्या यह आश्चर्य की बात नहीं कि छोटा-सा पड़ोसी श्रीलंका हर मद में भारत से आगे है। बच्चों से तालिका में देखकर बताने को कहिए कि किन-किन कॉलम में। फिर बंगलादेश पर रुकिए: उसकी प्रतिव्यक्ति आय भारत से कम है, पर संभावित आयु (74.7 वर्ष) भारत (72) से ज़्यादा। किताब यही बात नेपाल के लिए भी लिखती है, पर तालिका में नेपाल (70.4) भारत से थोड़ा पीछे है; बच्चे तालिका से पढ़ें।

किताब का निष्कर्ष: “लोगों का स्वास्थ्य, उनका कल्याण सबसे अधिक ज़रूरी है।” (पृष्ठ 14)

पृष्ठ 14–16 — विकास की धारणीयता

कालांश 8 · पाठ योजना में यह कालांश · इंटरैक्टिव: 7. विकास की धारणीयता · इंटरैक्टिव: 8. सार

किताब कहाँ से शुरू करती है। हम चाहेंगे कि विकास का स्तर और ऊँचा हो, या कम से कम भावी पीढ़ी के लिए बना रहे; पर बीसवीं सदी के उत्तरार्द्ध से बहुत से वैज्ञानिक चेतावनी देते आ रहे हैं कि विकास का मौजूदा प्रकार और स्तर धारणीय नहीं है (पृष्ठ 14)। बॉक्स की पंक्ति:

“हमने विश्व को अपने पूर्वजों से उत्तराधिकार में प्राप्त नहीं किया है– हमने इसे अपने बच्चों से उधार लिया है।” (पृष्ठ 14)

यह सवाल पूछिए (हमारी ओर से)। उत्तराधिकार में मिली चीज़ और उधार ली हुई चीज़ में क्या फ़र्क़ है? उधार की चीज़ के साथ हम कैसे बरतते हैं? बच्चे ख़ुद कह देंगे कि उधार की चीज़ लौटानी होती है, और ठीक हालत में। यही धारणीयता है।

दो उदाहरण। भूमिगत जल नवीकरणीय है, फिर भी 300 ज़िलों में पिछले 20 साल में पानी का स्तर 4 मीटर से ज़्यादा गिरा है; देश का लगभग एक तिहाई भाग इसका अति-उपयोग कर रहा है, और यही ढंग चला तो अगले 25 वर्षों में 60 प्रतिशत भाग करेगा (पृष्ठ 14–15)। कच्चा तेल गैर नवीकरणीय है; तालिका 1.7 के अनुसार विश्व के भण्डार 1732 हज़ार मिलियन बैरल हैं, और मौजूदा दर पर “यह भण्डार केवल 47 वर्षों में समाप्त हो जाएँगे।” (पृष्ठ 15) भारत के पास तेल के पर्याप्त भण्डार नहीं, इसलिए वह आयात पर निर्भर है (पृष्ठ 15)।

हमारी ओर से — अपने इलाक़े से जोड़िए। पूछिए कि गाँव या मोहल्ले के कुएँ और हैंडपंप में पानी पहले कितनी गहराई पर था और अब कितनी पर; बच्चे घर के बड़ों से पूछकर आएँ। आँकड़ा कोई भी आए, उसे किताब के 300 ज़िलों वाले आँकड़े के साथ रखिए, बराबर मत ठहराइए।

अध्याय की आख़िरी बात। पर्यावरण में गिरावट के नतीजे राज्यों और देशों की सीमाएँ नहीं मानते: “हम सब का भविष्य परस्पर जुड़ा हुआ है।” (पृष्ठ 16) और विकास का सवाल चलता रहता है: “इसलिए विकास पर बहस जारी है।” (पृष्ठ 16)

हमारी ओर से — पर्चियाँ लौटाइए। कालांश 1 वाली पर्चियाँ वापस बाँटिए (किसी और की पर्ची मिले, तो भी ठीक)। हर बच्चा उसके नीचे एक पंक्ति जोड़े: अब मैं इसमें यह और जोड़ूँगा या जोड़ूँगी…। ज़्यादातर पर्चियों में आय के साथ स्वास्थ्य, शिक्षा, बराबरी या पानी जैसी बातें जुड़ेंगी; यही अध्याय का सार है।

पृष्ठ 14 और 15 के बॉक्स के सवाल (भूमिगत जल और कच्चा तेल) संदर्शिका के किताब के अपने सवाल में हैं।

कक्षा की गतिविधियाँ

पृष्ठ 4 की गतिविधि — तालिका 1.1 की ख़ाली पंक्तियाँ

कालांश 1 · पाठ योजना में यह कालांश

किताब तालिका 1.1 की तीन पंक्तियाँ भरकर बाक़ी बच्चों पर छोड़ती है (पृष्ठ 4): केवल वर्षा पर निर्भर किसान, भूस्वामी परिवार की ग्रामीण महिला, शहरी बेरोज़गार युवक, शहर के अमीर परिवार का लड़का और नर्मदा घाटी का आदिवासी। बच्चे चाहें तो नई श्रेणियाँ भी जोड़ सकते हैं।

हमारी ओर से। चार-पाँच बच्चों के समूह बनाइए और हर समूह को एक पंक्ति दीजिए। हर समूह उस व्यक्ति की जगह खड़े होकर सोचे और चार्ट पेपर की पट्टी पर दो-तीन लक्ष्य लिखे। नर्मदा घाटी वाले समूह को अगले पृष्ठ का बाँध वाला उदाहरण पढ़ने को कहिए। सब पट्टियाँ एक चार्ट पर लगें, फिर पूरी कक्षा ढूँढे कि किन दो पंक्तियों के लक्ष्य आपस में टकराते हैं। इसका कोई एक तय उत्तर नहीं है; जाँचिए बस इतना कि हर लक्ष्य उस व्यक्ति की हालत से निकला हो।

पृष्ठ 7 की गतिविधि — आइवरी कोस्ट की ख़बर

कालांश 3 · पाठ योजना में यह कालांश

पृष्ठ 7 के बॉक्स “आओ–इन पर विचार करें” में एक अख़बारी ख़बर है। एक जहाज़ ने आइवरी कोस्ट (अफ़्रीका) के अबिदजान शहर के खुले कूड़े घर और आसपास के समुद्र में 500 टन तरल ज़हरीले अवशेष डाल दिए। धुएँ से लोगों को जी मिचलाना, चमड़ी पर ददोरे, बेहोशी और दस्त की शिकायतें हुईं। एक महीने बाद 7 लोग मारे गए, 20 अस्पताल में भरती हुए और 26,000 लोगों का विषाक्तता का इलाज हुआ। पेट्रोल और धातुओं से जुड़ी एक बहुराष्ट्रीय कंपनी ने आइवरी कोस्ट की एक स्थानीय कंपनी को अपने जहाज़ से ज़हरीले पदार्थ फेंकने का ठेका दिया था (पृष्ठ 7)। किताब दो सवाल पूछती है: किन लोगों को फ़ायदा हुआ और किनको नहीं; और इस देश के विकास के लक्ष्य क्या होने चाहिए।

आइवरी कोस्ट: किसे क्या मिला

बहुराष्ट्रीय कंपनीज़हरीला कचरा उसके जहाज़ से हट गया
स्थानीय कंपनीफेंकने का ठेका मिला
अबिदजान के लोग7 मौतें · 20 अस्पताल में · 26,000 का इलाज
NCERT, पृष्ठ 7 के आधार पर

हमारी ओर से — उत्तर की दिशा। (क) फ़ायदा बहुराष्ट्रीय कंपनी को, जिसका कचरा हट गया, और स्थानीय कंपनी को, जिसे ठेका मिला; नुकसान अबिदजान के लोगों का और वहाँ के समुद्र और ज़मीन का। (ख) साफ़ और सुरक्षित वातावरण, लोगों का स्वास्थ्य, और ऐसे नियम जो किसी को ज़हरीला कचरा इस तरह फेंकने न दें। फिर कालांश 1 का दूसरा निष्कर्ष याद दिलाइए: एक का विकास दूसरे के लिए विनाशकारी भी हो सकता है (पृष्ठ 5)।

पृष्ठ 7 का कार्यकलाप 1 — एक विवाद, कई तर्क

कालांश 3 में गृहकार्य · पाठ योजना

किताब कहती है कि विकास के तरीकों पर किसी विवाद में अलग-अलग लोगों के तर्क जानिए: लोगों से बात करके, या अख़बार और टेलीविज़न से (पृष्ठ 7)।

हमारी ओर से। कॉपी में दो कॉलम बनवाइए, पक्ष और विपक्ष, और हर तर्क के आगे लिखवाइए कि वह किसने दिया (किसान, दुकानदार, अख़बार की ख़बर)। उदाहरण के लिए किताब का अपना बाँध वाला विवाद सबसे सीधा है। जिस घर में अख़बार या टेलीविज़न नहीं, वह बच्चा घर के बड़ों से पूछकर लिखे। किसी नेता, दल या समुदाय का नाम लेकर टिप्पणी न लिखवाइए; तर्क लिखिए, लोग नहीं।

पृष्ठ 13 का कार्यकलाप — बी.एम.आई. निकालिए

कालांश 6 · पाठ योजना में यह कालांश

किताब का तरीक़ा (पृष्ठ 13): भार किलोग्राम में लीजिए; दीवार पर पैमाना बनाकर, सिर सीधा रखते हुए ऊँचाई नापिए; फिर भार को ऊँचाई के वर्ग से भाग दीजिए। आयु-अनुसार तालिका से देखिए कि बी.एम.आई. सामान्य है, सामान्य से कम या सामान्य से अधिक। किताब यह भी कहती है कि विद्यार्थियों के भोजन और व्यायाम की आदतों पर चर्चा किसी को लज्जित किए बिना हो।

हमारी ओर से — एक उदाहरण बोर्ड पर। भार 45 किलोग्राम, ऊँचाई 150 सेंटीमीटर, यानी 1.5 मीटर। ऊँचाई का वर्ग 1.5 × 1.5 = 2.25; बी.एम.आई. = 45 ÷ 2.25 = 20। ऊँचाई सेंटीमीटर में नापी जाती है; भाग देने से पहले उसे मीटर में बदलवाइए, क्योंकि प्रश्न 13 में बी.एम.आई. किलोग्राम प्रति वर्ग मीटर में दिया गया है (पृष्ठ 17)। किताब के एक उदाहरण में छपा है कि 15 वर्ष 6 माह के जिस विद्यार्थी का बी.एम.आई. 28 है, उसे न्यूनभारित कहेंगे; पर 28 सामान्य से ज़्यादा है, कम नहीं।

हमारी ओर से — निजता पहले। हर बच्चा अपना बी.एम.आई. अपनी कॉपी में निकाले; कोई उसे पढ़कर न सुनाए और न बोर्ड पर लिखा जाए। किसी के शरीर पर टिप्पणी नहीं। अगर स्कूल में तराज़ू न हो, तो ऊपर वाले उदाहरण से ही हिसाब करवाइए। यह कार्यकलाप प्रश्न 13 (केरल और मध्य प्रदेश) की तैयारी है।

पृष्ठ 17 की परियोजना — तीन वक्ता, एक दीवार-चार्ट

कालांश 8 के बाद · पाठ योजना · इंटरैक्टिव: परियोजना

किताब कहती है (पृष्ठ 17): अपने क्षेत्र के विकास पर चर्चा के लिए तीन अलग वक्ताओं को बुलाइए और मन में आए सारे प्रश्न पूछिए; फिर समूहों में चर्चा कीजिए; हर समूह एक दीवार-चार्ट बनाए, जिसमें कारण सहित वे विचार हों जिनसे वह सहमत या असहमत है।

हमारी ओर से। तीन वक्ता ऐसे चुनिए जिनके लक्ष्य अलग हों, जैसे कोई किसान, कोई मज़दूर और कोई दुकानदार; प्रधानाचार्य से पहले अनुमति ले लीजिए। वक्ता न आ पाएँ, तो बच्चे अपने घर या पड़ोस में तीन लोगों से वही प्रश्न पूछकर आएँ। चार्ट में दो कॉलम रखिए, सहमत और असहमत, और हर विचार के आगे एक कारण। चार्ट के नीचे अध्याय की सीख लिखवाइए: अलग-अलग लोगों के विकास के लक्ष्य भिन्न हो सकते हैं।

पृष्ठ 16–17 — प्रश्नावली

कालांश 8 · कालांश 8 का कार्ड · इंटरैक्टिव: अभ्यास

इनके उत्तर यहाँ दोहराए नहीं गए, ताकि दो पन्नों में दो अलग उत्तर न हों। सब शिक्षक संदर्शिका में हैं:

अभ्यास के लिए बच्चों को प्रश्न बैंक और फ़्लैशकार्ड दीजिए।