अध्याय 1विकास

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NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 1

यह पन्ना उनके लिए है जो घर पर दसवीं के बच्चे के साथ बैठते हैं। विषय आपको आता हो, यह ज़रूरी नहीं: हर सवाल के आगे लिखा है कि जवाब में क्या आना चाहिए, और किताब के किस पृष्ठ पर है।

दसवीं का बच्चा पंद्रह-सोलह साल का होता है। इस उम्र में उससे सवाल-जवाब करके परखने से ज़्यादा काम आता है उससे समझवाना। उससे कहिए, “मुझे यह अध्याय समझाओ, मैंने नहीं पढ़ा।” समझाते समय बच्चे को ख़ुद पता चल जाता है कि कौन-सी बात पक्की है और कौन-सी कच्ची।

किताब की अपनी पंक्तियाँ उद्धरण-चिह्नों में, पृष्ठ संख्या के साथ दी हैं। पृष्ठ संख्याएँ NCERT आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10) के 2026-27 में छपे संस्करण की हैं।


1. इस अध्याय में क्या है

अध्याय इस वाक्य से खुलता है: “विकास अथवा प्रगति की धारणा हमेशा से हमारे साथ है।” (पृष्ठ 3) फिर वह एक सीधा-सा सवाल पूछता है: विकास का मतलब क्या है, और किसी देश का विकास नापें कैसे? अध्याय पूरा होने तक बच्चे को यह बताना आना चाहिए कि अकेली आय से विकास की पूरी तस्वीर क्यों नहीं बनती।

किताब यह बात पाँच क़दमों में समझाती है:

किताब का सवालकिताब क्या बताती हैपृष्ठ
लोग विकास में क्या चाहते हैं?अलग-अलग लोगों के लक्ष्य अलग होते हैं, कभी आपस में टकराते भी हैं। लोग आय के साथ बराबरी, आज़ादी, सुरक्षा और आदर भी चाहते हैं।3–6
देशों की तुलना कैसे हो?आय से। देश की कुल आय को कुल जनसंख्या से भाग देकर औसत आय, यानी प्रतिव्यक्ति आय, निकलती है।8
औसत आय में कमी क्या है?उससे यह नहीं दिखता कि आय लोगों में कैसे बँटी है, और न यह कि लोगों का स्वास्थ्य और पढ़ाई कैसी है।9–12
तो और क्या देखें?मानव विकास रिपोर्ट देशों की तुलना तीन बातों पर करती है: पढ़ाई, स्वास्थ्य और आय।13
क्या यह विकास टिकेगा?भूमिगत जल और कच्चा तेल घट रहे हैं। विकास ऐसा हो जो आने वाली पीढ़ियों के लिए भी बना रहे।14–16

अध्याय इस पंक्ति पर ख़त्म होता है: “इसलिए विकास पर बहस जारी है।” (पृष्ठ 16) यानी इस अध्याय में बहुत से सवालों का एक तय जवाब नहीं है; बच्चे को अपनी राय के साथ कारण देना आना चाहिए।

2. बच्चे से समझिए: दस सवाल

बच्चे से एक-एक सवाल पूछिए और उसे अपने शब्दों में समझाने दीजिए। आप दाईं ओर देखते जाइए कि ज़रूरी बातें आईं या नहीं। शब्द हूबहू न हों तो कोई बात नहीं; बात सही होनी चाहिए। जहाँ बच्चा अटके, किताब का वह पृष्ठ खोलिए, बच्चा उसे पढ़े और फिर से समझाए। अगले दिन वही सवाल एक बार और पूछ लीजिए।

सवालजवाब में यह आना चाहिएपृष्ठ
1. सबके लिए विकास का मतलब एक क्यों नहीं?अलग-अलग लोगों के लक्ष्य अलग होते हैं। जैसे भूमिहीन मज़दूर काम के ज़्यादा दिन और बेहतर मज़दूरी चाहता है, तो समृद्ध किसान सस्ते मज़दूर। एक का विकास दूसरे के लिए नुक़सान भी बन सकता है, जैसे बाँध से ज़मीन डूबना।4–5
2. आय के अलावा लोग और क्या चाहते हैं?बराबरी का व्यवहार, आज़ादी, सुरक्षा और दूसरों से आदर। किताब इन्हें मिले-जुले लक्ष्य कहती है।5–6
3. देश के विकास पर लोगों की राय अलग हो, तो क्या सोचना पड़ता है?क्या सबकी राय को बराबर महत्त्व दिया जा सकता है, सबके लिए न्यायपूर्ण राह कौन-सी है, और फ़ायदा बहुत से लोगों को होगा या कुछ को ही।6
4. देशों की तुलना किससे होती है, और औसत आय कैसे निकलती है?आय से। देश की कुल आय ÷ कुल जनसंख्या = औसत आय, जिसे प्रतिव्यक्ति आय भी कहते हैं।8
5. विश्व बैंक के हिसाब से भारत किस वर्ग में है?मध्य आय वर्ग में; 2024 में भारत की प्रतिव्यक्ति आय लगभग US $11,000 थी। US $66,500 या ज़्यादा वाले देश उच्च आय वाले हैं, लगभग US $2,300 या कम वाले निम्न आय वाले।8
6. दो देशों की औसत आय बराबर हो, तो क्या दोनों बराबर विकसित हैं?नहीं। किताब के उदाहरण में दोनों की औसत आय 10,000 रुपये है, पर एक देश में चार लोग 500-500 रुपये पाते हैं और एक 48,000 रुपये। औसत से बँटवारा नहीं दिखता।9
7. हरियाणा की आय केरल से ज़्यादा है, फिर भी केरल आगे कैसे?केरल में शिशु मृत्यु दर 6 है, हरियाणा में 28; साक्षरता और स्कूल जाने वाले बच्चे भी केरल में ज़्यादा। कारण: केरल में स्वास्थ्य और शिक्षा की बुनियादी सुविधाएँ पर्याप्त हैं।10–12
8. कौन-सी चीज़ें पैसे से अकेले नहीं ख़रीदी जा सकतीं?प्रदूषण से मुक्त वातावरण, बिना मिलावट की दवाएँ, संक्रामक बीमारियों से बचाव। ये सबके लिए मिलकर, यानी सामूहिक रूप से, देना सबसे अच्छा और सस्ता है।11
9. मानव विकास रिपोर्ट किस आधार पर तुलना करती है?यह यू.एन.डी.पी. की रिपोर्ट है; लोगों की पढ़ाई, स्वास्थ्य और प्रति व्यक्ति आय पर तुलना करती है। 193 देशों में भारत का क्रमांक 130 है, श्रीलंका का 89। क्रमांक जितना छोटा, स्थिति उतनी अच्छी।13
10. विकास का टिकाऊ होना, यानी धारणीयता, क्यों ज़रूरी है?साधन घट रहे हैं: 300 ज़िलों में 20 साल में भूमिगत जल 4 मीटर से ज़्यादा नीचे गया है, और मौजूदा दर पर दुनिया का कच्चा तेल 47 साल में ख़त्म हो जाएगा। विकास आगे की पीढ़ियों के लिए भी बना रहना चाहिए।14–15

3. छह बातें जिनमें बच्चे अक्सर उलझते हैं

कॉपी जाँचते समय इन पर नज़र रखिए। बाएँ वाली बात लिखी हो तो वह ग़लत है।

बच्चा लिख देता हैसही बातपृष्ठ
भारत निम्न आय वाला देश है।विश्व बैंक के हिसाब से भारत मध्य आय वर्ग में है।8
हर अमीर देश विकसित देश है।मध्य पूर्व के देश और कुछ छोटे देश अमीर होकर भी विकसित नहीं गिने जाते।8
औसत आय बराबर है, तो दोनों देश बराबर विकसित हैं।औसत से यह पता नहीं चलता कि आय लोगों में कैसे बँटी है।9
मानव विकास सूचकांक का क्रमांक जितना बड़ा, उतना अच्छा।उलटा: क्रमांक जितना छोटा, स्थिति उतनी अच्छी। श्रीलंका 89, भारत 130।13
बंगलादेश मानव विकास में भारत से बेहतर है।किताब की तालिका में दोनों का क्रमांक 130 है, यानी बराबर। तालिका के पड़ोसियों में भारत से आगे सिर्फ़ श्रीलंका है।13
भूमिगत जल गैर नवीकरणीय है।यह नवीकरणीय है, यानी बरसात से फिर भरता है। मुश्किल यह है कि हम उसे भरने से ज़्यादा निकाल रहे हैं।15

4. किताब के शब्द, आसान भाषा में

ये शब्द जवाबों में आने चाहिए। बच्चा इनका मतलब अपने शब्दों में बता दे, तो समझिए शब्द पक्का है।

किताब का शब्दआसान मतलबपृष्ठ
मिले-जुले लक्ष्यलोग सिर्फ़ ज़्यादा आय नहीं चाहते; साथ में बराबरी, आज़ादी, सुरक्षा और आदर भी।6
प्रतिव्यक्ति आयदेश की कुल आय को कुल जनसंख्या से भाग देने पर आने वाली आय; इसे औसत आय भी कहते हैं।8
शिशु मृत्यु दरकिसी साल पैदा हुए 1,000 जीवित बच्चों में से कितने एक साल का होने से पहले मर जाते हैं।10
साक्षरता दर7 साल और उससे बड़े लोगों में पढ़े-लिखे लोगों का अनुपात।10
निवल उपस्थिति अनुपातएक उम्र के कुल बच्चों में से कितने प्रतिशत स्कूल जा रहे हैं।10
सार्वजनिक सुविधाएँस्कूल, अस्पताल, सुरक्षा, राशन जैसी चीज़ें, जो सबके लिए मिलकर दी जाएँ तो अच्छी और सस्ती पड़ती हैं।11–12
सार्वजनिक वितरण प्रणालीराशन की दुकानों वाली व्यवस्था।12
बी.एम.आई.ठीक से पोषण हो रहा है या नहीं, यह जानने का तरीक़ा: भार (किलोग्राम) ÷ ऊँचाई (मीटर) का वर्ग।13, 17
मानव विकास रिपोर्टयू.एन.डी.पी. की रिपोर्ट, जो देशों को पढ़ाई, स्वास्थ्य और आय पर परखती है।13
धारणीयताविकास ऐसा हो कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी बना रहे।14
नवीकरणीय और गैर नवीकरणीय साधननवीकरणीय को प्रकृति फिर भर देती है, जैसे भूमिगत जल। गैर नवीकरणीय का भण्डार तय है और ख़त्म हो सकता है, जैसे कच्चा तेल।15

5. लिखे हुए जवाब कैसे जाँचें

किताब के 13 प्रश्न पृष्ठ 16–17 पर हैं। प्रश्न 1 से 3 में सही विकल्प चुनना है; बाकी में बच्चे को लिखकर जवाब देना है। आपको पूरा जवाब नहीं जाँचना; बस देखिए कि ये हिस्से हैं या नहीं।

प्रश्न 1: विकास किस आधार पर तय होता है

सही विकल्प (घ) उपरोक्त सभी है: प्रतिव्यक्ति आय, साक्षरता और स्वास्थ्य, तीनों। बच्चा सिर्फ़ प्रतिव्यक्ति आय चुने, तो उससे केरल और हरियाणा वाली बात पूछिए।

प्रश्न 2: कौन-सा पड़ोसी देश भारत से बेहतर है

सही विकल्प (ख) श्रीलंका है। बच्चा बांग्लादेश चुने, तो वह ग़लत है: किताब की तालिका में बांग्लादेश और भारत, दोनों का क्रमांक 130 है।

प्रश्न 3: चौथे परिवार की आय

सही विकल्प (घ) 6,000 रुपये है। कॉपी में हिसाब दिखना चाहिए: चार परिवारों की कुल आय 4 × 5,000 = 20,000 रुपये; तीन परिवारों की 14,000 रुपये; चौथे की 20,000 − 14,000 = 6,000 रुपये।

प्रश्न 4: विश्व बैंक का मापदंड और उसकी कमियाँ

  • मापदंड का नाम लिखा है: प्रतिव्यक्ति आय।
  • 2024 वाले आँकड़े सही हैं: उच्च आय US $66,500 या ज़्यादा, निम्न आय लगभग US $2,300 या कम, भारत मध्य आय वर्ग में।
  • कम से कम दो कमियाँ हैं: आय का बँटवारा नहीं दिखता, और स्वास्थ्य और पढ़ाई नहीं दिखती।
  • कमी के साथ किताब का कोई उदाहरण है, जैसे बराबर औसत वाले दो देश, या हरियाणा और केरल।

प्रश्न 5: यू.एन.डी.पी. का मापदंड विश्व बैंक से कैसे अलग है

  • विश्व बैंक एक चीज़ देखता है, प्रतिव्यक्ति आय; यू.एन.डी.पी. तीन: पढ़ाई, स्वास्थ्य और आय।
  • विश्व बैंक देशों को आय के वर्गों में बाँटता है; मानव विकास रिपोर्ट हर देश को क्रमांक देती है।
  • एक उदाहरण हो तो और अच्छा: बंगलादेश की आय भारत से कम है, पर वहाँ लोगों की संभावित आयु ज़्यादा है।

प्रश्न 6: औसत का प्रयोग क्यों, और उसकी सीमा

  • क्यों: देशों की जनसंख्या अलग-अलग है, इसलिए कुल आय से तुलना ठीक नहीं होती।
  • सीमा: औसत यह नहीं बताता कि आय लोगों में कैसे बँटी है।
  • प्रश्न बच्चे से विकास से जुड़े अपने उदाहरण माँगता है। किताब वाला दो देशों का उदाहरण भी चलेगा, पर अपना एक उदाहरण हो तो और अच्छा।

प्रश्न 7: क्या प्रतिव्यक्ति आय बेकार मापदंड है

  • जवाब साफ़ हो: नहीं, सहमत नहीं।
  • आय उपयोगी है, क्योंकि देशों की तुलना में वह सबसे अहम मानी जाती है।
  • पर अधूरी है: हरियाणा की आय ज़्यादा है, फिर भी केरल शिशु मृत्यु दर, साक्षरता और स्कूल-उपस्थिति में आगे है।
  • निष्कर्ष: आय को छोड़ना नहीं, उसके साथ दूसरे मापदंड भी देखने हैं।

प्रश्न 8: भारत में ऊर्जा के स्रोत, और 50 साल बाद

  • बच्चे ने ख़ुद पता किया है: घर में खाना, रोशनी, खेत का पानी और गाड़ियाँ किससे चलती हैं।
  • कम से कम एक बात किताब से है: कच्चा तेल मौजूदा दर पर 47 साल में ख़त्म हो जाएगा, और भारत तेल के लिए आयात पर निर्भर है।
  • 50 साल बाद के लिए बच्चे का अपना अंदाज़ा है, कारण के साथ।

प्रश्न 9: धारणीयता क्यों ज़रूरी है

  • मतलब सही है: विकास आज के साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए भी बना रहे।
  • किताब के दो उदाहरणों में से कम से कम एक है: गिरता भूमिगत जल, या घटता कच्चा तेल।
  • उत्तर के अंत में पृष्ठ 14 के बॉक्स वाली पंक्ति हो, तो और अच्छा (यह पंक्ति नीचे बातचीत वाले हिस्से में दी है)।

प्रश्न 10: ज़रूरत और लालच वाला कथन

  • बच्चे ने ज़रूरत और लालच का फ़र्क़ समझाया है: धरती सबकी ज़रूरत पूरी कर सकती है, पर कुछ लोग बेहिसाब लें तो बाकी के लिए कम पड़ेगा।
  • इसे धारणीयता से जोड़ा है, किताब के किसी उदाहरण के साथ, जैसे भूमिगत जल को भरने से ज़्यादा निकालना।

प्रश्न 11: आसपास पर्यावरण में गिरावट

यह सूची बच्चे के अपने देखे उदाहरणों की होनी चाहिए, जैसे कूड़े के ढेर, गंदा नाला, धुआँ, सूखते कुएँ, कटते पेड़। हर उदाहरण के साथ एक पंक्ति हो कि कहाँ देखा और लोगों पर क्या असर है। सिर्फ़ किताब के उदाहरण लिखे हों, तो उससे अपने मोहल्ले का एक उदाहरण और जुड़वाइए।

प्रश्न 12: तालिका 1.6 में सबसे ऊपर और सबसे नीचे

मदसबसे ऊपरसबसे नीचे
प्रति व्यक्ति आयश्रीलंका (12,616 डॉलर)नेपाल (4,726 डॉलर)
जन्म के समय संभावित आयुश्रीलंका (77.5 वर्ष)म्यांमार (66.9 वर्ष)
स्कूली पढ़ाई के औसत वर्षश्रीलंका (10.8)पाकिस्तान (4.3)
मानव विकास सूचकांक क्रमांकश्रीलंका (89)पाकिस्तान (168)

क्रमांक वाली पंक्ति पर ध्यान दीजिए: वहाँ छोटी संख्या अच्छी है, इसलिए 89 सबसे ऊपर है।

प्रश्न 13: बी.एम.आई. वाली तालिका

  • (क) में तुलना साफ़ हो: केरल में सामान्य से कम बी.एम.आई. वाले पुरुष 8.5% और महिलाएँ 10% हैं, मध्य प्रदेश में दोनों 28%, यानी लगभग तीन गुना। केरल का पोषण कहीं बेहतर है।
  • (ख) में बच्चे ने अपने शब्दों में कारण दिए हैं कि अनाज होते हुए भी लगभग हर पाँच में से एक व्यक्ति कम पोषित क्यों है। जैसे: अनाज हर घर तक नहीं पहुँचता, कम आय वाले पूरा भोजन नहीं ख़रीद पाते, और जहाँ राशन की दुकानें ठीक नहीं चलतीं, वहाँ पोषण कमज़ोर रहता है।

किताब इन प्रश्नों के उत्तर नहीं देती। हमारे लिखे उत्तर रिवीजन नोट्स के आख़िर में “अपने को जाँचिए” वाले हिस्से में हैं। बच्चे का जवाब उनसे शब्द-शब्द न मिले, तो भी ठीक है, अगर ज़रूरी बातें आ गई हों।

6. घर पर दस मिनट की बातचीत

दसवीं के बच्चे से पूछताछ कम, बातचीत ज़्यादा कीजिए। खाने के समय या कहीं आते-जाते इनमें से कोई एक बात छेड़िए।

पृष्ठ 9 वाला खेल खेलिए। दो देश हैं, दोनों में पाँच लोग, और दोनों की औसत आय 10,000 रुपये महीना। पहले देश में सबकी आय 10,000 के आसपास है; दूसरे में चार लोग 500-500 रुपये पाते हैं और एक 48,000। पूछिए: “आप कौन-से नागरिक बनेंगे, यह लॉटरी से तय होगा। किस देश में रहना चाहेंगे?” फिर पूछिए कि औसत बराबर होते हुए भी जवाब इतना साफ़ क्यों है।

या घर की कोई सच्ची बात लीजिए। पृष्ठ 6 पर किताब का एक उदाहरण है: दूर-दराज़ के इलाके में नौकरी मिले, तो उसे लेने से पहले आप आय के अलावा बहुत सी बातें सोचेंगे। बच्चे से पूछिए कि घर के बड़ों ने कभी ऐसा फ़ैसला कैसे लिया था: परिवार के लिए सुविधाएँ, काम का माहौल, नौकरी पक्की है या नहीं। बच्चा ख़ुद देख लेगा कि लोग विकास में सिर्फ़ पैसा नहीं देखते।

अध्याय पूरा होने पर पृष्ठ 14 की यह पंक्ति रखिए: “हमने विश्व को अपने पूर्वजों से उत्तराधिकार में प्राप्त नहीं किया है– हमने इसे अपने बच्चों से उधार लिया है।” पूछिए कि घर के पास कुएँ या हैंडपंप का पानी पहले कितनी गहराई पर था और अब कितनी पर। बच्चा भूमिगत जल वाली बात से इसे जोड़ दे, तो धारणीयता समझ में आ गई।

7. आइवरी कोस्ट की ख़बर: एक सवाल जिसका एक जवाब नहीं

पृष्ठ 7 पर अख़बार की एक रिपोर्ट है। एक जहाज़ ने आइवरी कोस्ट (अफ़्रीका) के अबिदजान शहर के खुले कूड़े घर और आसपास के समुद्र में 500 टन ज़हरीला तरल कचरा डाल दिया। धुएँ से लोग बीमार पड़े; एक महीने बाद 7 लोग मारे गए, 20 अस्पताल में भरती हुए और 26,000 लोगों का इलाज हुआ। ज़हरीला कचरा फेंकने का ठेका एक बहुराष्ट्रीय कंपनी ने वहाँ की एक स्थानीय कंपनी को दिया था।

किताब दो बातें पूछती है: किन लोगों को फ़ायदा हुआ और किनको नहीं, और इस देश के विकास के लक्ष्य क्या होने चाहिए। पहले सवाल का जवाब ख़बर से अंदाज़ा लगाकर दिया जा सकता है: ठेका देने वाली कंपनी का ज़हरीला कचरा हटा और ठेका पाने वाली कंपनी को काम मिला; नुक़सान अबिदजान के लोगों का हुआ। दूसरे सवाल का कोई एक सही जवाब नहीं है, और आपको भी नहीं देना है। बच्चा जो भी लक्ष्य बताए, पूछिए: “क्यों?” और “कंपनी वाले क्या कहेंगे?”

इस ख़बर से अध्याय की एक बड़ी बात अपने-आप निकलती है, जो किताब पृष्ठ 5 पर कहती है: “एक के लिए जो विकास है वह दूसरे के लिए विकास न हो। यहाँ तक कि वह दूसरे के लिए विनाशकारी भी हो सकता है।”

अगर सिर्फ़ पाँच मिनट हों

ये चार सवाल पूछ लीजिए। चारों ठीक हों, तो अध्याय की मुख्य बातें आ गई हैं।

सवालजवाब
प्रतिव्यक्ति आय कैसे निकलती है?देश की कुल आय ÷ कुल जनसंख्या।
औसत आय से क्या पता नहीं चलता?आय लोगों में कैसे बँटी है; और लोगों का स्वास्थ्य और पढ़ाई कैसी है।
मानव विकास रिपोर्ट किन तीन बातों पर तुलना करती है?पढ़ाई, स्वास्थ्य और प्रति व्यक्ति आय। भारत 130 पर, श्रीलंका 89 पर।
धारणीयता किसे कहते हैं?विकास ऐसा हो कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी बना रहे; जैसे भूमिगत जल और तेल को बचाकर चलना।

बच्चे के लिए इसी अध्याय के और पन्ने

  • रिवीजन नोट्स: पूरा अध्याय छोटे में, किताब के सभी प्रश्नों के उत्तर के साथ।
  • प्रश्न बैंक: परीक्षा जैसे 66 प्रश्न, उत्तर के साथ। बच्चा पहले ख़ुद लिखे, फिर मिलाए।
  • फ़्लैशकार्ड: बाईं ओर सवाल, दाईं ओर जवाब। जवाब ढककर बोलिए, फिर मिलाइए; रोज़ पाँच मिनट दोहराने के लिए।
  • परख प्रश्न: सोचकर जवाब देने वाले प्रश्न, किताब के आँकड़ों पर, हर प्रश्न का उत्तर साथ में।
  • इंटरैक्टिव अध्याय: पूरा अध्याय स्क्रीन पर, आठ हिस्सों में; आख़िर में अभ्यास और परियोजना।