कक्षा — 10 · विषय — अर्थशास्त्र (आर्थिक विकास की समझ) · पृष्ठ — 3 से 17 · कालांश — 8, हर एक 40 मिनट
इस्तेमाल कैसे करें — हर कालांश की पूरी तैयारी उसके अपने कार्ड में है: किताब के पृष्ठ, स्लाइड, इंटरैक्टिव अध्याय, प्रश्न बैंक और फ़्लैशकार्ड। पहले “एक नज़र में” वाला चित्र और तालिका देखिए, फिर आज के कालांश का कार्ड खोलिए। कार्ड के हिस्से और शब्द, जैसे निकास-पर्ची, “तैयारी” वाली तालिका में समझाए गए हैं।
अध्याय का बड़ा विचार — अध्याय की पहली पंक्ति है: “विकास अथवा प्रगति की धारणा हमेशा से हमारे साथ है।” (पृष्ठ 3)। फिर किताब दिखाती है कि अलग-अलग “लोगों के विकास के लक्ष्य भिन्न हो सकते हैं”, और “एक के लिए जो विकास है वह दूसरे के लिए विकास न हो। यहाँ तक कि वह दूसरे के लिए विनाशकारी भी हो सकता है।” (पृष्ठ 5)। आय के बारे में उसका नतीजा: “यद्यपि आय का स्तर महत्त्वपूर्ण है, पर यह विकास के स्तर को मापने का अपर्याप्त मापदंड है” (पृष्ठ 13)।
कालांश 8 में पहले दिन की पर्चियाँ फिर खोलिए और हर इच्छा के आगे ये तीन सवाल रखिए, जो हमारी ओर से हैं पर अध्याय से ही निकले हैं: किसके लिए विकास, किस तरीक़े से, और क्या यह आने वाली पीढ़ी के लिए भी बचेगा?
एक नज़र में — आठ कालांश और उनकी सामग्री
पूरा अध्याय एक कहानी की तरह चलता है। हर तीर पर लिखा है कि अगला कालांश पिछले से क्यों निकलता है।
आठ कालांश, एक कहानी
सामग्री के पन्ने: स्लाइड का पाठ · स्लाइड शो · प्रश्न बैंक · फ़्लैशकार्ड · इंटरैक्टिव अध्याय
| कालांश और टॉपिक | पृष्ठ | स्लाइड | इंटरैक्टिव | प्रश्न बैंक | फ़्लैशकार्ड |
|---|---|---|---|---|---|
| 1 · अलग-अलग लोग, अलग-अलग लक्ष्य | 3–5 | शुरू की तीन स्लाइड, फिर “अलग-अलग लोग, अलग-अलग लक्ष्य” | शुरुआत, विकास क्या वादा करता है | क1, क2 · ग1 · घ1, घ2 | 1–9 |
| 2 · आय और अन्य लक्ष्य | 5–6 | “आय और अन्य लक्ष्य” | विकास क्या वादा करता है | क3 · घ3, घ4 · ङ6 · च1 | 10–18 |
| 3 · राष्ट्रीय विकास | 6–7 | “राष्ट्रीय विकास” | राष्ट्रीय विकास | घ5 · ङ7 | 19–23 |
| 4 · देशों की तुलना: औसत आय और उसकी कमज़ोरी | 8–9 | “देशों की तुलना: औसत आय और उसकी कमज़ोरी” | तुलना कैसे करें: औसत आय | क4–8 · ख1–4 · ग2 · घ6, घ7 · ङ3 · छ1 | 24–38 |
| 5 · आय और अन्य मापदंड: हरियाणा, केरल, बिहार | 10–11 | “आय और अन्य मापदंड: हरियाणा, केरल, बिहार” | आय और दूसरे मापदण्ड | क9–11 · ख5, ख6 · घ8 · ङ1 · छ2 | 40–49 |
| 6 · सार्वजनिक सुविधाएँ | 11–13 | “सार्वजनिक सुविधाएँ” | सार्वजनिक सुविधाएँ | क12, क15 · ख7 · च7 · छ4–6 | 50–57 |
| 7 · मानव विकास रिपोर्ट | 13–14 | “मानव विकास रिपोर्ट” | मानव विकास रिपोर्ट | क13, क14, क19 · ख8, ख9 · ग3 · ङ2, ङ8 · च2, च3, च5 · छ3 | 58–66 |
| 8 · विकास की धारणीयता, प्रश्नावली और समापन | 14–17 | “विकास की धारणीयता, प्रश्नावली और समापन” | विकास की धारणीयता, सार, अभ्यास, परियोजना | क16–18, क20 · ख10 · ग4, ग5 · घ9, घ10 · ङ4, ङ5 · च4, च6, फिर पूरा प्रश्न बैंक | 67–80 और 39, फिर पूरा डेक |
प्रश्न बैंक के कोड ऐसे पढ़िए: क1 मतलब खण्ड क (वस्तुनिष्ठ प्रश्न) का प्रश्न 1। ख रिक्त स्थान है, ग सही/ग़लत, घ अति लघूत्तरीय, ङ लघूत्तरीय, च दीर्घ उत्तरीय, और छ संख्यात्मक और तालिका-आधारित प्रश्न। फ़्लैशकार्ड वाले खाने में कार्डों के नंबर हैं।
पढ़ाने से पहले
तैयारी — कार्ड में क्या-क्या है और उसे कैसे तैयार करें
हर कालांश का कार्ड इसी क्रम में चलता है। पहली बार पढ़ा रहे हैं तो यह तालिका एक बार पढ़ लीजिए।
| हिस्सा या औज़ार | यह क्या है | कैसे तैयार करें |
|---|---|---|
| किताब | NCERT की आर्थिक विकास की समझ, कक्षा 10, अध्याय 1 (2026-27 में छपी किताब)। कार्ड में आज के पृष्ठ लिखे हैं। | एक दिन पहले वे पृष्ठ खुद पढ़िए। कार्ड में तिरछे अक्षरों वाली पंक्तियाँ किताब के शब्द हैं; कक्षा में यही पढ़वानी हैं। |
| स्लाइड | इस अध्याय की प्रस्तुति का पाठ: हर स्लाइड पर क्या दिखाना और बोलना है। हर कालांश की स्लाइडें कौन-सी हैं, यह “एक नज़र में” वाली तालिका के “स्लाइड” खाने में लिखा है। | प्रोजेक्टर या स्मार्ट बोर्ड हो तो स्लाइड बनाने की ज़रूरत नहीं: स्लाइड शो खोलिए और पूरे पर्दे पर चलाइए। इंटरनेट का भरोसा न हो तो उसी पन्ने से PDF पहले ही डाउनलोड कर लीजिए। प्रोजेक्टर न हो तो भी कालांश चलेगा; कार्ड के चरण बोर्ड और किताब से हैं। |
| इंटरैक्टिव अध्याय | वेबसाइट पर इस अध्याय का पन्ना: छँटाई वाले खेल, कैलकुलेटर और छोटे सवाल। लॉगिन नहीं चाहिए। कार्ड का लिंक सीधे आज वाले हिस्से पर खुलता है। | कक्षा से पहले लिंक खोलकर देख लीजिए; कहाँ रुकना है, यह कार्ड में लिखा है। पर्दा न हो तो बच्चे इसे घर पर दोहराने के लिए खोल सकते हैं। |
| लक्ष्य | कालांश के अंत तक हर विद्यार्थी क्या बता पाए। | पढ़ाने से पहले एक बार पढ़िए। निकास-पर्ची का सवाल इसी लक्ष्य को जाँचता है। |
| साथ ले जाइए | कक्षा में ले जाने वाली चीज़ें, जैसे चार्ट पेपर, पर्चियाँ, तालिकाओं की छपी प्रतियाँ। | एक दिन पहले जुटा लीजिए। |
| 40 मिनट | मिनट-दर-मिनट चरण। | समय अंदाज़े से है। कोई चरण लंबा खिंचे तो भी आख़िरी चरण मत छोड़िए; उसी में निकास-पर्ची है। |
| चित्र | डिब्बों और तीरों वाला चित्र, जो किसी उलझी बात को एक नज़र में दिखाता है। | पहले कागज़ पर एक बार बनाकर देखिए। बोर्ड पर ऊपर से नीचे बनाइए: एक डिब्बा, फिर तीर पर लिखा शब्द बोलिए, फिर अगला डिब्बा। हर चित्र के साथ PNG बटन है; उससे चित्र डाउनलोड करके छाप सकते हैं या पर्दे पर दिखा सकते हैं। |
| बोर्ड-कार्य | कालांश के अंत तक बोर्ड पर क्या बना हो। बच्चे इसे कॉपी में उतारते हैं। | कार्ड का चित्र देखकर बोर्ड पर जगह का अंदाज़ा पहले से कर लीजिए। बोर्ड दूसरे शिक्षक भी इस्तेमाल करते हैं, इसलिए जो बात अगले दिनों में काम आनी है, वह कॉपी में या चार्ट पर रहे। |
| यहाँ बच्चे अटकेंगे | आम ग़लतफ़हमियाँ, और कमज़ोर व तेज़ विद्यार्थियों के लिए सुझाव। | पढ़ाने से पहले पढ़ लीजिए, ताकि ग़लतफ़हमी आते ही पहचान सकें। |
| निकास-पर्ची | कालांश के आख़िरी चार-पाँच मिनट में एक-दो छोटे सवाल। हर विद्यार्थी जवाब कागज़ की छोटी पर्ची पर लिखता है और कक्षा से जाते समय आपको दे देता है। इससे उसी दिन पता चल जाता है कि आज की बात कितने बच्चों तक पहुँची। | कॉपी का आधा पन्ना काफ़ी है; सवाल बोर्ड पर लिख दीजिए। पर्चियाँ उसी दिन देखिए। जो बात ज़्यादा बच्चों ने ग़लत लिखी हो, उसे अगले कालांश की शुरुआत में दो मिनट दोहराइए। पर्ची पर अंक मत दीजिए; यह जाँच आपके अपने लिए है। |
| प्रश्न बैंक | वेबसाइट पर इस अध्याय के प्रश्न, उत्तर के साथ, सात खंडों में: क वस्तुनिष्ठ, ख रिक्त स्थान, ग सही/ग़लत, घ अति लघूत्तरीय, ङ लघूत्तरीय, च दीर्घ उत्तरीय, छ संख्यात्मक और तालिका-आधारित। “क4–8” का मतलब है खंड क के प्रश्न 4 से 8। | गृहकार्य के प्रश्न-संख्याएँ बोर्ड पर लिखिए। जिनके पास फ़ोन नहीं है, उनके लिए वे प्रश्न बोर्ड पर लिख दीजिए या छपवा लीजिए। |
| फ़्लैशकार्ड | दोहराने के लिए छोटे सवाल-जवाब। पन्ने पर हर कार्ड की संख्या (# वाला खाना) लिखी है। | बच्चों को कार्ड-संख्याएँ बता दीजिए। पन्ने पर “आता है / नहीं आता” वाला अभ्यास भी है, जो उसी फ़ोन या कंप्यूटर पर याद रखता है कि कौन-सा कार्ड कब दोहराना है। |
हर कालांश से पहले:
- आज के कार्ड में लिखे किताब के पृष्ठ पढ़िए।
- मिनट-दर-मिनट चरण और चित्र पढ़िए; चित्र एक बार कागज़ पर बनाइए।
- “साथ ले जाइए” वाली चीज़ें जुटाइए, और स्लाइड या इंटरैक्टिव अध्याय इस्तेमाल करना है तो लिंक खोलकर जाँच लीजिए।
- पिछले कालांश की निकास-पर्चियाँ देखिए; जो बात कमज़ोर रही, उसे आज की शुरुआत में दो मिनट दोहराइए।
पढ़ाने का क्रम: पहले अनुमान, फिर किताब की तालिका
यह अध्याय तालिकाओं पर टिका है: तालिका 1.1 से 1.7 तक। हर तालिका से पहले बच्चों को एक अनुमान लगाने दीजिए, फिर तालिका खोलिए। तालिका 1.2 में औसत बच्चे ख़ुद निकालें, उसके बाद किताब का नतीजा पढ़िए। तालिका 1.3 में सिर्फ़ तीन राज्यों की आय है; शिक्षा और स्वास्थ्य वाली तालिका 1.4 उसके बाद आती है। तालिका 1.6 से पहले बच्चे अंदाज़ा लिखें कि कौन-सा पड़ोसी देश भारत से आगे होगा।
इस क्रम को मत तोड़िए। अगर पहले ही बता दिया कि शिशु मृत्यु दर में केरल हरियाणा से बहुत आगे है, तो तालिका 1.3 देखकर हरियाणा को सबसे विकसित मानने वाला अनुमान कभी बनेगा ही नहीं, और वही अनुमान इस अध्याय का सबसे अच्छा सबक़ है। कालांश 5 में तालिका 1.4 तभी खोलिए, जब हर समूह तालिका 1.3 से अपना जवाब लिख चुका हो।
सामग्री — यह जुटा लीजिए
| # | क्या | किस कालांश में |
|---|---|---|
| 1 | हर विद्यार्थी के लिए एक छोटी पर्ची, और पर्चियाँ रखने के लिए एक लिफ़ाफ़ा | 1 (लिफ़ाफ़ा कालांश 8 में खुलेगा) |
| 2 | एक चार्ट पेपर और मोटा स्केच पेन: ऊपर किताब के दो निष्कर्ष, नीचे पर्चियों की इच्छाएँ, कक्षा की दीवार पर टाँगने के लिए | 1 (कालांश 8 तक टँगा रहे) |
| 3 | तालिका 1.1 की पाँच खाली पंक्तियों की पाँच पर्चियाँ, हर समूह को एक | 1 |
| 4 | अख़बार की कोई ख़बर, जिसमें विकास के किसी तरीक़े पर लोग आपस में असहमत हों (किताब का कार्यकलाप 1, पृष्ठ 7) | 3 |
| 5 | तालिका 1.2, 1.3, 1.4 और 1.6 की छपी प्रतियाँ, जहाँ हर बच्चे के पास किताब न हो | 4, 5, 7 |
| 6 | नापने का फ़ीता, बी.एम.आई. का तरीक़ा दिखाने के लिए (किताब का कार्यकलाप 3, पृष्ठ 13) | 6 |
कक्षा-व्यवस्था
- बच्चों को 4–5 के समूहों में बैठाइए, पूरे अध्याय भर वही समूह।
- इच्छाओं का चार्ट। पहले दिन किताब के दोनों निष्कर्ष चार्ट पेपर पर बड़े अक्षरों में लिखिए, और उनके नीचे पर्चियों की इच्छाएँ जोड़ते जाइए; चार्ट कक्षा की दीवार पर टाँगिए। बोर्ड दूसरे शिक्षक भी इस्तेमाल करते हैं, इसलिए जो बात आठों दिन दिखनी है, वह बोर्ड पर नहीं, चार्ट पर रहे। चार्ट टाँगना संभव न हो तो हर कालांश की शुरुआत में दोनों निष्कर्ष बोर्ड के कोने में फिर लिख दीजिए।
- कॉपी का पहला पन्ना। हर विद्यार्थी अध्याय की कॉपी के पहले पन्ने पर दोनों निष्कर्ष लिखे, और उनके नीचे दो कॉलम बनाए: आय से दिखता है | आय से नहीं दिखता। कालांश 2 से 7 तक इन कॉलमों में बातें जुड़ती जाएँगी।
- बोर्ड हर कालांश में नया। हर कार्ड का “बोर्ड-कार्य” उसी कालांश में बनता है और कॉपी में उतरता है।
अधिगम प्रतिफल
| # | प्रतिफल | कालांश | जाँच |
|---|---|---|---|
| 1 | तालिका 1.1 और बाँध के उदाहरण से बता पाएगा कि अलग-अलग लोगों के विकास के लक्ष्य अलग होते हैं और आपस में टकरा भी सकते हैं | 1 | निकास-पर्ची 1, तालिका 1.1 की भरी पंक्तियाँ |
| 2 | आय के अलावा चार लक्ष्य गिना पाएगा और बता पाएगा कि जिसे मापा नहीं जा सकता, वह भी ज़रूरी हो सकता है | 2 | निकास-पर्ची 2 |
| 3 | राष्ट्रीय विकास के सवाल आइवरी कोस्ट की ख़बर पर लगा पाएगा | 3 | लाभ-नुकसान तालिका, निकास-पर्ची 3 |
| 4 | औसत आय निकाल पाएगा, विश्व बैंक के वर्ग बता पाएगा, और बता पाएगा कि औसत क्या छिपा लेता है | 4 | तालिका 1.2 का हिसाब, प्रश्न 6 का गृहकार्य |
| 5 | शिशु मृत्यु दर, साक्षरता दर और निवल उपस्थिति अनुपात का मतलब बता पाएगा और हरियाणा व केरल की तुलना कर पाएगा | 5 | निकास-पर्ची 5, प्रश्न 7 का गृहकार्य |
| 6 | बता पाएगा कि कुछ सुविधाएँ सामूहिक रूप से ही सबसे सस्ती मिलती हैं, और कार्यकलाप 2 की ख़ाली जगहें भर पाएगा | 6 | कार्यकलाप 2, प्रश्न 13 का गृहकार्य |
| 7 | तालिका 1.6 पढ़ पाएगा और विश्व बैंक व यू.एन.डी.पी. के मापदंड का फ़र्क़ बता पाएगा | 7 | प्रश्न 12 (कक्षा में), प्रश्न 4 और 5 का गृहकार्य |
| 8 | नवीकरणीय और गैर नवीकरणीय साधन का फ़र्क़ और धारणीयता का मतलब उदाहरण से बता पाएगा | 8 | निकास-पर्ची 8, प्रश्न 9 का गृहकार्य |
| 9 | अपनी पहले दिन की इच्छा को इन सवालों पर परख पाएगा: किसके लिए, किस तरीक़े से, और क्या आगे भी टिकेगी | 8 | पर्चियों वाली चर्चा |
कालांश-दर-कालांश
कालांश 1 — अलग-अलग लोग, अलग-अलग लक्ष्य
किताब — पृष्ठ 3–5 · स्लाइड — शुरू की तीन स्लाइड और “अलग-अलग लोग, अलग-अलग लक्ष्य” वाला भाग · इंटरैक्टिव — शुरुआत, विकास क्या वादा करता है
लक्ष्य — कालांश के अंत तक हर विद्यार्थी तालिका 1.1 के किसी एक व्यक्ति के विकास के लक्ष्य बता पाए, और किताब के दोनों निष्कर्ष एक-एक उदाहरण के साथ कह पाए।
साथ ले जाइए — हर विद्यार्थी के लिए एक पर्ची और एक लिफ़ाफ़ा, तालिका 1.1 की खाली पंक्तियों की पाँच पर्चियाँ, एक चार्ट पेपर और मोटा स्केच पेन।
40 मिनट
- 0–5 मिनट · एक चीज़ बदलनी हो तो। हर विद्यार्थी पर्ची पर लिखे: अपने गाँव या मोहल्ले में सिर्फ़ एक चीज़ बदल सकें, तो क्या बदलेंगे। नाम नहीं लिखना है। पर्चियाँ लिफ़ाफ़े में रख दीजिए; यह लिफ़ाफ़ा कालांश 8 में खुलेगा।
- 5–10 मिनट · अध्याय की पहली पंक्ति। पृष्ठ 3 पढ़वाइए: “विकास अथवा प्रगति की धारणा हमेशा से हमारे साथ है।” किताब आगे पूछती है कि कोई देश कैसा होना चाहिए, क्या सभी का जीवन बेहतर हो सकता है, और क्या और अधिक समानता हो सकती है। बताइए कि पूरा अध्याय इन्हीं सवालों पर चलेगा।
- 10–18 मिनट · तालिका 1.1 की भरी पंक्तियाँ। पृष्ठ 4 की तालिका की तीन भरी पंक्तियाँ पढ़वाइए: भूमिहीन ग्रामीण मज़दूर, पंजाब के समृद्ध किसान, और शहर के अमीर परिवार की एक लड़की। हर पंक्ति के बाद पूछिए: “यह व्यक्ति सबसे पहले क्या चाहता है?”
- 18–28 मिनट · खाली पंक्तियाँ, समूहों में। किताब तालिका पूरी करने को कहती है। हर समूह को एक पर्ची दीजिए: केवल वर्षा पर निर्भर किसान, भूस्वामी परिवार की एक ग्रामीण महिला, शहरी बेरोज़गार युवक, शहर के अमीर परिवार का एक लड़का, नर्मदा घाटी का एक आदिवासी। समूह उस व्यक्ति की जगह खड़े होकर दो-तीन लक्ष्य लिखे, फिर एक विद्यार्थी अपनी पंक्ति बोर्ड पर लिखे।
- 28–36 मिनट · जब लक्ष्य टकराएँ। नीचे का चित्र बोर्ड पर बनाइए और पृष्ठ 4–5 के दो उदाहरण पढ़वाइए: घर में लड़की और उसका भाई, और नदी पर बाँध। फिर किताब के दोनों निष्कर्ष: “लोगों के विकास के लक्ष्य भिन्न हो सकते हैं”, और “एक के लिए जो विकास है वह दूसरे के लिए विकास न हो। यहाँ तक कि वह दूसरे के लिए विनाशकारी भी हो सकता है।” दोनों निष्कर्ष चार्ट पेपर पर लिखकर दीवार पर टाँग दीजिए, और बच्चे इन्हें कॉपी के पहले पन्ने पर लिखें।
- 36–40 मिनट · निकास-पर्ची। हर विद्यार्थी पर्ची पर लिखकर जाते समय आपको दे: (1) तालिका 1.1 के कौन-से दो लोगों के लक्ष्य आपस में टकरा सकते हैं, और क्यों? (2) बाँध से किसे फ़ायदा है, और किसे नुकसान हो सकता है?
एक का विकास, दूसरे का नुकसान (चरण 5)
एक का विकास, दूसरे का नुकसान
- लोगों के विकास के लक्ष्य भिन्न हो सकते हैं
- एक के लिए जो विकास है, वह दूसरे के लिए विनाशकारी भी हो सकता है
बोर्ड-कार्य
कालांश के अंत तक बोर्ड पर तालिका 1.1 की यह पूरी शक्ल बने, और बच्चे इसे कॉपी में उतारें। पहली तीन पंक्तियाँ किताब की हैं; बाक़ी पाँच समूहों के अपने जवाब हैं, इसलिए हर कक्षा में अलग होंगे। तीसरा कॉलम हमारी ओर से है।
| व्यक्ति की श्रेणी | विकास के लक्ष्य | किससे टकरा सकता है |
|---|---|---|
| भूमिहीन ग्रामीण मज़दूर | काम करने के ज़्यादा दिन, बेहतर मज़दूरी, बच्चों के लिए अच्छा स्थानीय स्कूल, कोई सामाजिक भेदभाव नहीं | किसान से, जो सस्ते मज़दूर चाहता है |
| पंजाब के समृद्ध किसान | उपज के ज़्यादा समर्थन मूल्य, मेहनती और सस्ते मज़दूरों से ऊँची पारिवारिक आय | मज़दूर से, जो बेहतर मज़दूरी चाहता है |
| शहर के अमीर परिवार की एक लड़की | भाई जैसी आज़ादी, अपने फ़ैसले ख़ुद, विदेश में पढ़ाई | भाई से, अगर उसे घर का काम बाँटना पसंद न हो |
| वर्षा पर निर्भर किसान, ग्रामीण महिला, बेरोज़गार युवक, अमीर परिवार का लड़का, नर्मदा घाटी का आदिवासी | समूह भरें | समूह भरें |
यहाँ बच्चे अटकेंगे
- बच्चे मान लेते हैं कि विकास का मतलब सबके लिए एक ही है। तालिका 1.1 इसी सोच को तोड़ती है। जिस समूह को अपनी पंक्ति का लक्ष्य ऊपर वाली किसी पंक्ति से टकराता दिखे, उससे वह टकराव बोर्ड पर लिखवाइए।
- नर्मदा घाटी के आदिवासी वाली पंक्ति किताब में खाली है। समूह अटके, तो पृष्ठ 5 का बाँध वाला उदाहरण पढ़वाइए; उस पंक्ति का जवाब वहीं से निकलता है।
- आदिवासियों को विकास-विरोधी मत कहने दीजिए। किताब बस इतना कहती है कि जिनकी ज़मीन डूबे, वे विरोध कर सकते हैं और छोटे चैक बाँध या तालाब पसंद कर सकते हैं।
- इंटरैक्टिव अध्याय पर्दे पर चला रहे हैं तो “शुरुआत” और “विकास क्या वादा करता है” वाला हिस्सा कक्षा से पहले एक बार देख लीजिए, और जहाँ आय की बात शुरू हो, वहीं रुकिए; वह कालांश 2 की है।
- कमज़ोर विद्यार्थी के लिए एक वाक्य और एक उदाहरण काफ़ी है: अलग लोग, अलग लक्ष्य; और बाँध।
- तेज़ विद्यार्थी से पूछिए: तालिका 1.1 के मज़दूर और किसान, दोनों ज़्यादा आय चाहते हैं; फिर भी उनके लक्ष्य टकराते क्यों हैं?
निकास-पर्ची और गृहकार्य
- निकास-पर्ची (चरण 6): (1) जैसे मज़दूर और किसान: एक बेहतर मज़दूरी चाहता है, दूसरा सस्ते मज़दूर। (2) बाँध से उद्योगपतियों को ज़्यादा बिजली मिलती है; जिनकी ज़मीन डूबे, वे बेघर हो सकते हैं। जिन बच्चों ने (2) में सिर्फ़ फ़ायदा लिखा हो, उनके लिए कालांश 2 की शुरुआत में चित्र का “पर” वाला हिस्सा एक मिनट फिर बनाइए। पर्चियों वाला लिफ़ाफ़ा आज नहीं खुलेगा; उसे सँभालकर रखिए।
- गृहकार्य: प्रश्न बैंक के क1, क2, ग1 और घ1; तेज़ विद्यार्थी घ2 भी।
- दोहराने के लिए: फ़्लैशकार्ड 1–9।
कालांश 2 — आय और अन्य लक्ष्य
किताब — पृष्ठ 5–6 · स्लाइड — “आय और अन्य लक्ष्य” वाला भाग · इंटरैक्टिव — विकास क्या वादा करता है
लक्ष्य — कालांश के अंत तक हर विद्यार्थी बता पाए कि तालिका 1.1 के सब लोग ज़्यादा आय चाहते हैं, आय के अलावा चार लक्ष्य गिना पाए, और समझ ले कि किताब क्यों कहती है कि लोग विकास के लिए मिले-जुले लक्ष्य देखते हैं।
साथ ले जाइए — इच्छाओं वाला चार्ट (दीवार पर), और कालांश 1 की भरी तालिका, जो बच्चों की कॉपी में है।
40 मिनट
- 0–4 मिनट · कल की पर्ची। एक-दो पर्चियों से टकराव का एक उदाहरण पढ़कर सुनाइए, नाम लिए बिना।
- 4–10 मिनट · एक बात सबमें समान। पृष्ठ 5 पढ़वाइए। तालिका 1.1 में लक्ष्य अलग-अलग हैं, फिर भी एक बात सबमें समान है: लोग नियमित काम, बेहतर मज़दूरी, या अपनी उपज और दूसरी चीज़ों की अच्छी कीमत चाहते हैं। दूसरे शब्दों में, सब ज़्यादा आय चाहते हैं। यह कॉपी के पहले कॉलम, आय से दिखता है, में लिखवाइए।
- 10–18 मिनट · आय के अलावा। पहले बच्चों से पूछिए कि आय के अलावा लोग और क्या चाहते हैं। फिर किताब की सूची: बराबरी का व्यवहार, स्वतंत्रता, सुरक्षा, और दूसरों से आदर। किताब कहती है कि कुछ मामलों में ये ज़्यादा आय से भी ज़्यादा महत्त्वपूर्ण हो सकते हैं, “क्योंकि जीने के लिए केवल भौतिक वस्तुएँ ही पर्याप्त नहीं होती।” फिर पूछिए: “अपनी दोस्ती को किस पैमाने पर मापेंगे?” किताब कहती है कि यह निष्कर्ष ग़लत होगा कि “जिसे मापा नहीं जा सकता, वह महत्त्व नहीं रखता।” ये चारों और दोस्ती दूसरे कॉलम, आय से नहीं दिखता, में जाएँ।
- 18–28 मिनट · दो नौकरियाँ। बोर्ड पर दो नौकरियाँ लिखिए: एक में वेतन ज़्यादा, पर नौकरी पक्की नहीं और परिवार के लिए समय भी नहीं; दूसरी में वेतन कम, पर काम नियमित। हाथ उठवाकर गिनिए। फिर पृष्ठ 6 पढ़वाइए: दूर की नौकरी लेने से पहले लोग परिवार के लिए सुविधाएँ, काम करने का वातावरण और सीखने के अवसर भी सोचते हैं, और कम वेतन वाला नियमित रोज़गार सुरक्षा की भावना बढ़ाता है।
- 28–36 मिनट · महिलाएँ, आदर और काम। पृष्ठ 6 की बात नीचे के चित्र के बाद पढ़वाइए: महिलाएँ वेतन वाला काम करें तो घर और समाज में उनका आदर बढ़ता है; और सुरक्षित, संरक्षित वातावरण हो तो ज़्यादा महिलाएँ तरह-तरह की नौकरियाँ या व्यापार कर सकती हैं। फिर किताब की पंक्ति: “इसी तरह, विकास के लिए, लोग मिले-जुले लक्ष्यों को देखते हैं।”
- 36–40 मिनट · निकास-पर्ची। हर विद्यार्थी लिखे: (1) आय के अलावा कोई दो लक्ष्य। (2) दो नौकरियों में से आप कौन-सी लेंगे, और आय के अलावा उसका एक कारण।
आय, और आय के अलावा (चरण 3)
आय, और आय के अलावा
बोर्ड-कार्य
बोर्ड पर दोनों नौकरियों की यह तालिका बने, और बच्चे इसे कॉपी में उतारें। आख़िरी पंक्ति में कक्षा के हाथों की गिनती लिखिए।
| पहली नौकरी | दूसरी नौकरी | |
|---|---|---|
| वेतन | ज़्यादा | कम |
| नौकरी पक्की है? | नहीं | हाँ, काम नियमित है |
| परिवार के लिए समय | नहीं | कक्षा तय करे |
| किताब क्या कहती है (पृष्ठ 6) | ज़्यादा वेतन पर भी कार्य-सुरक्षा नहीं | कम वेतन वाला नियमित रोज़गार सुरक्षा की भावना बढ़ाता है |
| हमारी कक्षा में कितने हाथ |
यहाँ बच्चे अटकेंगे
- बच्चे सोचते हैं कि जो मापा नहीं जा सकता, वह ज़रूरी भी नहीं। किताब ठीक इसी को ग़लत निष्कर्ष कहती है। दोस्ती वाला सवाल दोहराइए: दोस्ती को कोई पैमाना नहीं नापता, फिर भी उसके बिना जीना मुश्किल है।
- सुरक्षा का मतलब यहाँ सिर्फ़ चोरी या झगड़े से बचाव नहीं है। पृष्ठ 6 पर नियमित रोज़गार भी सुरक्षा की भावना देता है।
- दो नौकरियों का कोई एक सही जवाब नहीं है। जो बच्चा ज़्यादा वेतन चुने, उससे बस इतना पूछिए कि उसने आय के अलावा क्या सोचा।
- इंटरैक्टिव अध्याय पर्दे पर चला रहे हैं तो “विकास क्या वादा करता है” का आय वाला बाक़ी हिस्सा चरण 3 के बाद खोलिए।
- कमज़ोर विद्यार्थी के लिए चार शब्द काफ़ी हैं: बराबरी, स्वतंत्रता, सुरक्षा, आदर।
- तेज़ विद्यार्थी से पूछिए: पृष्ठ 6 पर महिलाओं वाली बात में आय, आदर और सुरक्षा एक-दूसरे को कैसे आगे बढ़ाते हैं?
निकास-पर्ची और गृहकार्य
- निकास-पर्ची (चरण 6): (1) बराबरी का व्यवहार, स्वतंत्रता, सुरक्षा, आदर, या दोस्ती जैसी कोई बात। (2) कोई भी नौकरी चलेगी, बशर्ते कारण आय के अलावा हो, जैसे सुरक्षा या परिवार का समय। जिन बच्चों ने (1) में फिर से आय ही लिखी हो, उनके साथ कालांश 3 की शुरुआत में कॉपी के दोनों कॉलम एक मिनट दोहराइए।
- गृहकार्य: प्रश्न बैंक के क3, घ3 और घ4; तेज़ विद्यार्थी ङ6 और च1 भी।
- दोहराने के लिए: फ़्लैशकार्ड 10–18।
कालांश 3 — राष्ट्रीय विकास
किताब — पृष्ठ 6–7 · स्लाइड — “राष्ट्रीय विकास” वाला भाग · इंटरैक्टिव — राष्ट्रीय विकास
लक्ष्य — कालांश के अंत तक हर विद्यार्थी राष्ट्रीय विकास के पाँच सवालों में से कम से कम तीन बता पाए, और आइवरी कोस्ट की ख़बर में पहचान पाए कि किसे लाभ हुआ और किसे नुकसान।
साथ ले जाइए — पृष्ठ 7 की आइवरी कोस्ट वाली ख़बर, पढ़कर सुनाने के लिए; विश्व का नक्शा मिल सके तो अफ़्रीका दिखाने के लिए।
40 मिनट
- 0–4 मिनट · कल की पर्ची। कॉपी के दोनों कॉलम एक बार पढ़वाइए: आय से दिखता है, और आय से नहीं दिखता।
- 4–12 मिनट · भारत को क्या करना चाहिए? हर समूह विकास के लिए एक जवाब बोर्ड पर लिखे। जवाब अलग-अलग होंगे, और कुछ आपस में टकराएँगे भी। पृष्ठ 6 पढ़वाइए: लोगों के लक्ष्य अलग हैं, तो राष्ट्रीय विकास की उनकी धारणा भी भिन्न होगी, और किताब इसे बहुत आवश्यक बात मानती है।
- 12–20 मिनट · पाँच सवाल। पृष्ठ 6 के पाँच सवाल बोर्ड पर लिखिए (नीचे बोर्ड-कार्य)। फिर किताब की पंक्ति: “राष्ट्रीय विकास का अभिप्राय इन सब प्रश्नों पर विचार करना है।” बोर्ड पर लिखे समूहों के जवाबों में से एक चुनिए और उस पर पहला और आख़िरी सवाल लगाइए।
- 20–32 मिनट · आइवरी कोस्ट की ख़बर। पृष्ठ 7 की रिपोर्ट पढ़कर सुनाइए, और नीचे का चित्र बोर्ड पर बनाइए। फिर समूह लाभ और नुकसान के दो कॉलम बनाएँ। किताब के दो सवाल पूछिए: किन लोगों को लाभ हुआ और किनको नहीं? इस देश के विकास के लक्ष्य क्या होने चाहिए?
- 32–36 मिनट · ख़बर पर पाँचवाँ सवाल। पूछिए: “इससे बहुत से लोगों को फ़ायदा हुआ, या कुछ को ही?” फिर चार्ट पर कालांश 1 का दूसरा निष्कर्ष दिखाइए: एक का विकास दूसरे के लिए विनाशकारी भी हो सकता है।
- 36–40 मिनट · निकास-पर्ची। हर विद्यार्थी लिखे: (1) राष्ट्रीय विकास के पाँच सवालों में से कोई दो। (2) आइवरी कोस्ट की घटना में किसे लाभ हुआ, और किसे नुकसान?
एक ठेका, किसका फ़ायदा? (चरण 4)
एक ठेका, किसका फ़ायदा?
बोर्ड-कार्य
बोर्ड के बाएँ हिस्से में पाँच सवाल, दाएँ हिस्से में ख़बर के लाभ और नुकसान; बच्चे दोनों कॉपी में उतारें। पाँचों सवाल आगे हर कालांश में काम आएँगे, इसलिए इन्हें कॉपी के पहले पन्ने के पीछे लिखवाइए।
राष्ट्रीय विकास के पाँच सवाल (पृष्ठ 6):
- क्या सभी विचारों को बराबर महत्त्व दिया जा सकता है?
- विचार आपस में विरोधी हों, तो निर्णय कैसे हो?
- सभी के लिए न्यायपूर्ण और सही राह क्या होगी?
- क्या काम करने का कोई बेहतर तरीक़ा है?
- इससे बहुत से लोगों को फ़ायदा होगा, या कुछ को ही?
नमूना उत्तर, ख़बर से अंदाज़ा (हमारी ओर से) —
| किसे | लाभ या नुकसान |
|---|---|
| बहुराष्ट्रीय कंपनी | लाभ: उसका ज़हरीला कचरा उसके जहाज़ से हट गया |
| स्थानीय कंपनी | लाभ: ठेका मिला |
| अबिदजान के लोग | नुकसान: बीमारी, और एक महीने बाद 7 मौतें, 20 अस्पताल में, 26,000 का इलाज |
| शहर और आसपास का समुद्र | नुकसान: ज़हरीला कचरा |
यहाँ बच्चे अटकेंगे
- बच्चे मान लेते हैं कि बड़ी कंपनी आई तो विकास हुआ। यह ख़बर दिखाती है कि एक का विकास दूसरे के लिए विनाशकारी भी हो सकता है; चार्ट पर लिखा दूसरा निष्कर्ष दिखाइए।
- पाँच सवाल रटने की चीज़ नहीं हैं। ये किसी भी योजना को परखने की कसौटी हैं; कालांश 8 में पर्चियों पर भी यही लगेंगे।
- ख़बर में आँकड़े बहुत हैं। परीक्षा के लिए इतना काफ़ी है कि ज़हरीला कचरा कहाँ डाला गया, किसने ठेका दिया, और लोगों पर क्या असर हुआ।
- इंटरैक्टिव अध्याय पर्दे पर चला रहे हैं तो “राष्ट्रीय विकास” वाला हिस्सा चरण 3 के बाद खोलिए।
- कमज़ोर विद्यार्थी के लिए दो सवाल काफ़ी हैं: किसको फ़ायदा होगा, और क्या काम करने का कोई बेहतर तरीक़ा है?
- तेज़ विद्यार्थी से कहिए कि अपने इलाक़े की कोई योजना लें, जैसे नई सड़क या नया कारख़ाना, और उस पर पाँचों सवाल लगाएँ।
निकास-पर्ची और गृहकार्य
- निकास-पर्ची (चरण 6): (1) पाँच सवालों में से कोई भी दो। (2) लाभ बहुराष्ट्रीय कंपनी और स्थानीय कंपनी को; नुकसान अबिदजान के लोगों और वहाँ के समुद्र का। जिन बच्चों ने लाभ में शहर के लोग लिखे हों, उनके साथ कालांश 4 की शुरुआत में चित्र एक मिनट फिर देखिए।
- गृहकार्य: प्रश्न बैंक का घ5; तेज़ विद्यार्थी ङ7 भी।
- दोहराने के लिए: फ़्लैशकार्ड 19–23।
कालांश 4 — देशों की तुलना: औसत आय और उसकी कमज़ोरी
किताब — पृष्ठ 8–9 · स्लाइड — “देशों की तुलना: औसत आय और उसकी कमज़ोरी” वाला भाग · इंटरैक्टिव — तुलना कैसे करें: औसत आय
लक्ष्य — कालांश के अंत तक हर विद्यार्थी औसत आय निकाल पाए, विश्व बैंक के वर्ग और उनमें भारत की जगह बता पाए, और तालिका 1.2 से बता पाए कि औसत आय यह नहीं दिखाती कि आय लोगों में कैसे बँटी है।
साथ ले जाइए — तालिका 1.2 की छपी प्रति या बोर्ड पर बनाने की तैयारी, औसत वाला खाना ख़ाली छोड़कर।
40 मिनट
- 0–4 मिनट · दो विद्यार्थियों की तुलना। पूछिए: “कक्षा के दो विद्यार्थियों की तुलना कैसे करेंगे? ऊँचाई से, अंकों से, या दोस्ताना व्यवहार से?” बच्चे समझें कि तुलना का आधार इस पर टिका है कि हम जानना क्या चाहते हैं।
- 4–12 मिनट · आय से तुलना। पृष्ठ 8 पढ़वाइए: “देशों की तुलना करने के लिए उनकी आय सबसे महत्त्वपूर्ण विशिष्टता समझी जाती है।” फिर बताइए कि देशों की आबादी अलग-अलग है, इसलिए कुल आय से यह पता नहीं चलता कि औसत व्यक्ति क्या कमाता है। बोर्ड पर लिखिए: औसत आय = देश की कुल आय ÷ कुल जनसंख्या। औसत आय को प्रतिव्यक्ति आय भी कहते हैं।
- 12–18 मिनट · विश्व बैंक के वर्ग। पृष्ठ 8 की विश्व विकास रिपोर्ट वाली बात बोर्ड पर तालिका की तरह लिखिए (नीचे बोर्ड-कार्य)।
- 18–28 मिनट · तालिका 1.2, समूहों में। पृष्ठ 9 की तालिका का औसत वाला खाना ख़ाली छोड़कर बोर्ड पर लिखिए। हर समूह दोनों देशों का औसत निकाले। दोनों का जवाब 10,000 आएगा; नीचे का चित्र तभी बनाइए।
- 28–36 मिनट · लॉटरी। पूछिए: “आपकी नागरिकता संख्या लॉटरी से तय होगी। अब आप किस देश में रहना चाहेंगे?” किताब कहती है कि शायद ज़्यादातर लोग देश क चुनेंगे। पृष्ठ 9 के दोनों कार्टून दिखाइए: “गरीब विहीन तथा अमीर विहीन व्यक्तियों का देश” और “गरीब तथा अमीर व्यक्तियों का देश”। फिर किताब का नतीजा पढ़वाइए: “इसलिए यद्यपि औसत आय तुलना के लिए उपयोगी है, लेकिन इससे यह पता नहीं चलता कि यह आय लोगों में किस प्रकार वितरित है।” आय का बँटवारा कॉपी के दूसरे कॉलम में जाए।
- 36–40 मिनट · निकास-पर्ची। हर विद्यार्थी लिखे: (1) देश ख की औसत आय 10,000 है। क्या वहाँ के ज़्यादातर लोग 10,000 कमाते हैं? (2) विश्व बैंक के हिसाब से भारत किस वर्ग में है?
एक औसत, दो देश (चरण 4)
एक औसत, दो देश
बोर्ड-कार्य
बोर्ड पर विश्व बैंक के वर्ग और औसत आय का सूत्र बने, और बच्चे दोनों कॉपी में उतारें। तालिका 1.2 का हिसाब ऊपर के चित्र में है; वह भी कॉपी में जाए।
| विश्व बैंक, 2024 (पृष्ठ 8) | प्रतिव्यक्ति आय, प्रति वर्ष |
|---|---|
| समृद्ध या उच्च आय वाले देश | US $66,500 या उससे ज़्यादा |
| निम्न आय वाले देश | लगभग US $2,300 या उससे कम |
| भारत: मध्य आय वर्ग | लगभग US $11,000 |
औसत आय = देश की कुल आय ÷ कुल जनसंख्या। इसी को प्रतिव्यक्ति आय कहते हैं।
यहाँ बच्चे अटकेंगे
- कुल आय और औसत आय गड्डमड्ड। दो देशों की कुल आय बराबर हो, तब भी जिस देश की आबादी ज़्यादा है, वहाँ औसत व्यक्ति कम कमाता है। इसीलिए तुलना औसत से होती है।
- बच्चे औसत को हर व्यक्ति की आय मान लेते हैं। देश ख दिखाइए: औसत 10,000, पर पाँच में से चार लोग 500 पर।
- डॉलर वाले आँकड़े रटवाइए मत। वर्ग का नाम, और यह कि भारत मध्य आय वर्ग में है, काफ़ी है।
- इंटरैक्टिव अध्याय पर्दे पर चला रहे हैं तो “तुलना कैसे करें: औसत आय” वाला हिस्सा चरण 4 के बाद खोलिए, जब बच्चे औसत ख़ुद निकाल चुके हों।
- कमज़ोर विद्यार्थी के लिए सूत्र और एक वाक्य काफ़ी है: औसत बराबर हो, तो भी बँटवारा अलग हो सकता है।
- तेज़ विद्यार्थी से पूछिए: देश ख से 48,000 वाला व्यक्ति चला जाए, तो बाक़ी चार की औसत आय कितनी होगी? (500।)
निकास-पर्ची और गृहकार्य
- निकास-पर्ची (चरण 6): (1) नहीं; पाँच में से चार लोग 500 कमाते हैं और एक 48,000। (2) मध्य आय वर्ग, लगभग US $11,000। जिन बच्चों ने (1) में हाँ लिखा हो, उनके साथ कालांश 5 की शुरुआत में चित्र का “पर” वाला हिस्सा फिर देखिए।
- गृहकार्य: प्रश्न बैंक के क4–8, ख1–4, ग2 और छ1; तेज़ विद्यार्थी घ6, घ7 और ङ3 भी। साथ में प्रश्नावली का प्रश्न 6 (पृष्ठ 16) कॉपी में; कालांश 8 में जाँच होगी।
- दोहराने के लिए: फ़्लैशकार्ड 24–38।
कालांश 5 — आय और अन्य मापदंड: हरियाणा, केरल, बिहार
किताब — पृष्ठ 10–11 · स्लाइड — “आय और अन्य मापदंड: हरियाणा, केरल, बिहार” वाला भाग · इंटरैक्टिव — आय और दूसरे मापदण्ड
लक्ष्य — कालांश के अंत तक हर विद्यार्थी शिशु मृत्यु दर, साक्षरता दर और निवल उपस्थिति अनुपात का मतलब बता पाए, और तालिका 1.3 और 1.4 से बता पाए कि आय में आगे रहने वाला राज्य हर मापदंड में आगे नहीं है।
साथ ले जाइए — तालिका 1.3 और 1.4 की छपी प्रतियाँ, या बोर्ड पर दोनों को अलग-अलग बनाने की तैयारी। तालिका 1.4 चरण 4 तक ढकी रहे।
40 मिनट
- 0–4 मिनट · कल की पर्ची। एक बार पूछिए: औसत बराबर हो, तो क्या बँटवारा भी बराबर होगा?
- 4–10 मिनट · सिर्फ़ आय देखकर। पृष्ठ 10 की तालिका 1.3 बोर्ड पर लिखिए: 2023-24 में प्रतिव्यक्ति आय हरियाणा 3,25,759 रुपये, केरल 2,81,001 और बिहार 60,337। पूछिए: “सिर्फ़ इस तालिका से बताइए, तीनों में सबसे विकसित राज्य कौन-सा है?” हर समूह अपना जवाब कॉपी में लिख ले।
- 10–18 मिनट · तीन शब्द। नीचे का चित्र बनाइए और परिभाषाएँ पढ़वाइए। शिशु मृत्यु दर “किसी वर्ष में पैदा हुए 1,000 जीवित बच्चों में से एक वर्ष की आयु से पहले मर जाने वाले बच्चों का अनुपात दिखाती है।” साक्षरता दर: “7 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों में साक्षर जनसंख्या का अनुपात।” निवल उपस्थिति अनुपात बताता है कि किसी आयु-वर्ग के कुल बच्चों में से कितने प्रतिशत स्कूल जा रहे हैं। हर शब्द के लिए पूछिए: यहाँ छोटा अंक अच्छा है या बड़ा?
- 18–28 मिनट · अब तालिका 1.4। तालिका खोलिए: हरियाणा 28, 80, 67; केरल 6, 96, 77; बिहार 27, 71, 55। समूह अपना चरण 2 वाला जवाब इससे मिलाएँ। पृष्ठ 11 की बात पढ़वाइए: केरल में 1,000 जीवित पैदा हुए बच्चों में से 6 एक साल का होने से पहले मर जाते हैं, हरियाणा में 28, फिर भी हरियाणा की प्रतिव्यक्ति आय केरल से ज़्यादा है।
- 28–36 मिनट · बिहार। बिहार का निवल उपस्थिति अनुपात 55 है, यानी माध्यमिक कक्षाओं की उम्र के 100 में से लगभग 45 बच्चे स्कूल नहीं जा रहे। कॉपी के दूसरे कॉलम में जोड़िए: शिशु मृत्यु दर, साक्षरता, स्कूल जाना। आख़िर में अगले दिन का सवाल बोर्ड पर छोड़िए: हरियाणा की आय ज़्यादा है, फिर केरल में बच्चे कम क्यों मरते हैं, और ज़्यादा क्यों पढ़ते हैं?
- 36–40 मिनट · निकास-पर्ची। हर विद्यार्थी लिखे: (1) शिशु मृत्यु दर में छोटा अंक अच्छा है या बड़ा, और क्यों? (2) तीनों राज्यों में आय में सबसे आगे कौन है, और शिशु मृत्यु दर में सबसे अच्छा कौन?
तीन शब्द, तीन पैमाने (चरण 3)
तीन शब्द, तीन पैमाने
बोर्ड-कार्य
बोर्ड पर दोनों तालिकाएँ एक साथ बनें, और बच्चे इन्हें कॉपी में उतारें। हर कॉलम में जो राज्य सबसे आगे है, उस पर गोला लगवाइए: आय में हरियाणा, बाक़ी तीनों कॉलमों में केरल।
| राज्य | प्रतिव्यक्ति आय, 2023-24 (रुपये) | शिशु मृत्यु दर (2020) | साक्षरता दर %, 2017-18 | निवल उपस्थिति अनुपात, माध्यमिक स्तर (15–17 वर्ष), 2019-21 |
|---|---|---|---|---|
| हरियाणा | 3,25,759 | 28 | 80 | 67 |
| केरल | 2,81,001 | 6 | 96 | 77 |
| बिहार | 60,337 | 27 | 71 | 55 |
यहाँ बच्चे अटकेंगे
- शिशु मृत्यु दर में बड़ा अंक अच्छा समझ लेना। बच्चे बाक़ी दो कॉलमों की आदत से 28 को 6 से बेहतर लिख देते हैं। हर तालिका से पहले पूछिए: यहाँ छोटा अंक अच्छा है या बड़ा?
- बिहार वाली पंक्ति में किताब के दो छपे हुए अंतर। पृष्ठ 11 के पाठ में यहाँ “लगभग एक-तिहाई” छपा है, पर तालिका का 55 लगभग 45 प्रतिशत बताता है। तालिका 1.4 के ऊपर आयु 15–17 वर्ष छपी है, पर नीचे की परिभाषा में “14 तथा 15 वर्ष” छपा है। बच्चों से कहिए कि तालिका के आँकड़े पढ़ें, 15–17 वर्ष के बच्चों के।
- इंटरैक्टिव अध्याय पर्दे पर चला रहे हैं तो “आय और दूसरे मापदण्ड” वाला हिस्सा चरण 4 के बाद ही खोलिए; पहले खोला तो तालिका 1.4 अनुमान से पहले दिख जाएगी।
- कमज़ोर विद्यार्थी के लिए एक वाक्य काफ़ी है: आय में हरियाणा आगे, बच्चों के बचने और पढ़ने में केरल।
- तेज़ विद्यार्थी से पूछिए: बिहार की आय तीनों में सबसे कम है, फिर भी उसकी शिशु मृत्यु दर (27) हरियाणा (28) से थोड़ी कम है। इससे आय के बारे में क्या पता चलता है?
निकास-पर्ची और गृहकार्य
- निकास-पर्ची (चरण 6): (1) छोटा, क्योंकि यह मरने वाले बच्चों की गिनती है। (2) आय में हरियाणा, शिशु मृत्यु दर में केरल। जिन बच्चों ने (1) में बड़ा लिखा हो, उनके साथ कालांश 6 की शुरुआत में चित्र की पहली पंक्ति एक मिनट फिर पढ़िए।
- गृहकार्य: प्रश्न बैंक के क9–11, ख5, ख6 और छ2; तेज़ विद्यार्थी घ8 और ङ1 भी। साथ में प्रश्नावली का प्रश्न 7 (पृष्ठ 16) कॉपी में; कालांश 8 में जाँच होगी।
- दोहराने के लिए: फ़्लैशकार्ड 40–49।
कालांश 6 — सार्वजनिक सुविधाएँ
किताब — पृष्ठ 11–13 · स्लाइड — “सार्वजनिक सुविधाएँ” वाला भाग · इंटरैक्टिव — सार्वजनिक सुविधाएँ
लक्ष्य — कालांश के अंत तक हर विद्यार्थी बता पाए कि पैसे से हर चीज़ क्यों नहीं ख़रीदी जा सकती, किताब के हिसाब से केरल आगे क्यों है, और कार्यकलाप 2 की ख़ाली जगहें तालिका 1.5 से भर पाए।
साथ ले जाइए — तालिका 1.5 बोर्ड पर लिखने की तैयारी, और नापने का फ़ीता। बी.एम.आई. का तरीक़ा सिर्फ़ उदाहरण से दिखाना है; किसी बच्चे को कक्षा के सामने तौलना या नापना नहीं है।
40 मिनट
- 0–7 मिनट · जेब का रुपया। कल का सवाल दोहराइए: केरल में बच्चे कम क्यों मरते हैं? दो-तीन अनुमान सुनिए। फिर पृष्ठ 11 पढ़वाइए: “यह आवश्यक नहीं कि जेब में रखा रुपया वे सब वस्तुएँ और सेवाएँ खरीद सके, जिनकी आपको एक बेहतर जीवन के लिए आवश्यकता हो सकती है।” किताब के उदाहरण: प्रदूषण-मुक्त वातावरण, बिना मिलावट की दवाएँ, संक्रामक बीमारियों से बचाव। पहली दो तभी मिलती हैं, जब आप ऐसे समुदाय में रहें जहाँ ये पहले से हों; बीमारियों से बचाव तभी, जब पूरा समुदाय कदम उठाए।
- 7–13 मिनट · सबसे अच्छा और सस्ता तरीका। किताब की पंक्ति पढ़वाइए: “वास्तव में जीवन में बहुत सी महत्त्वपूर्ण चीज़ों के लिए सबसे अच्छा और सस्ता तरीका इन वस्तुओं और सेवाओं को सामूहिक रूप से उपलब्ध कराना है।” फिर किताब का सवाल: किसी इलाक़े के लिए सामूहिक सुरक्षा सस्ती पड़ेगी, या हर घर के लिए अलग सुरक्षा गार्ड? हाथ उठवाइए।
- 13–20 मिनट · केरल आगे क्यों। पृष्ठ 12: केरल में शिशु मृत्यु दर कम है, क्योंकि वहाँ स्वास्थ्य और शिक्षा की मौलिक सुविधाएँ पर्याप्त मात्रा में हैं। कुछ राज्यों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (सा.वि.प्र.), यानी राशन की दुकानें, ठीक से काम करती है, और वहाँ लोगों का स्वास्थ्य और पोषण बेहतर होने की संभावना है। किताब का सवाल पूछिए: तमिलनाडु के ग्रामीण इलाक़ों में 90 प्रतिशत लोग राशन की दुकानों का प्रयोग करते हैं, पश्चिम बंगाल में केवल 35 प्रतिशत; कहाँ के लोगों का जीवन बेहतर होगा, और क्यों?
- 20–30 मिनट · कार्यकलाप 2 (पृष्ठ 12)। तालिका 1.5 बोर्ड पर लिखिए (नीचे बोर्ड-कार्य)। जोड़ियाँ ख़ाली जगहें भरें: कितने प्रतिशत लड़कियाँ और लड़के स्कूल नहीं जा रहे, और 10 से 14 वर्ष के बच्चों में कितने निरक्षर हैं। (ख) की चारों संख्याएँ 100 में से घटाकर निकलती हैं। फिर किताब की बात: 14 वर्ष तक के सभी बच्चों को निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का संवैधानिक लक्ष्य 1960 तक पूरा होना था।
- 30–36 मिनट · कार्यकलाप 3, सिर्फ़ तरीक़ा (पृष्ठ 13)। बोर्ड पर उदाहरण से तरीक़ा दिखाइए: भार 45 किलोग्राम, ऊँचाई 1.5 मीटर; 1.5 × 1.5 = 2.25; 45 ÷ 2.25 = 20। ऊँचाई सेंटीमीटर में नापी हो, तो पहले मीटर में बदलिए। किताब कहती है कि यह चर्चा बिना किसी को लज्जित किए हो; इसलिए बच्चे अपना बी.एम.आई. घर पर निकालें, और किसी का अंक कक्षा में ज़ोर से न पढ़ा जाए।
- 36–40 मिनट · निकास-पर्ची। हर विद्यार्थी लिखे: (1) पैसे से आसानी से न मिलने वाली कोई दो चीज़ें। (2) तालिका 1.5 में 10–14 वर्ष की 82 प्रतिशत ग्रामीण लड़कियाँ स्कूल जाती हैं। कितने प्रतिशत नहीं जातीं?
जेब का रुपया कहाँ तक? (चरण 1)
जेब का रुपया कहाँ तक?
बोर्ड-कार्य
बोर्ड पर कार्यकलाप 2 की यह तालिका भरती चले, और बच्चे इसे कॉपी में उतारें। आख़िरी कॉलम कक्षा भरेगी; उत्तर यहाँ दिए हैं।
| श्रेणी (तालिका 1.5, उत्तर प्रदेश) | पुरुष | महिला | 100 में से घटाकर |
|---|---|---|---|
| ग्रामीण जनसंख्या की साक्षरता दर | 76% | 54% | सीधे पढ़िए: 76 और 54 |
| 10–14 वर्ष के ग्रामीण बच्चों में साक्षरता दर | 90% | 87% | निरक्षर: लड़के 10, लड़कियाँ 13 |
| 10–14 वर्ष के स्कूल जाने वाले ग्रामीण बच्चे | 85% | 82% | स्कूल नहीं जा रहे: लड़के 15, लड़कियाँ 18 |
(क) की तीसरी जगह: 10–14 वर्ष के कई बच्चे इस समय स्कूल में नहीं हैं (लड़के 15, लड़कियाँ 18 प्रतिशत)। (ग) की जगह: 10–14 वर्ष।
कॉपी के दूसरे कॉलम में जोड़िए: प्रदूषण-मुक्त वातावरण, बिना मिलावट की दवाएँ, बीमारियों से बचाव, राशन की दुकान।
यहाँ बच्चे अटकेंगे
- बच्चे सोचते हैं कि पैसा हो तो सब मिल जाएगा। सुरक्षा गार्ड वाला सवाल यहीं काम आता है। किताब की पंक्ति के हिसाब से, हर घर के लिए अलग गार्ड से पूरे इलाक़े की सामूहिक सुरक्षा सस्ती पड़ेगी।
- घटाने में उलटा। 85 प्रतिशत स्कूल जाते हैं, तो 15 प्रतिशत नहीं जाते; बच्चे कई बार 85 ही लिख देते हैं। हर ख़ाली जगह से पहले पूछिए: यह जाने वालों की संख्या है, या न जाने वालों की?
- बी.एम.आई. की बात नाज़ुक है। किसी का भार या अंक कक्षा में मत पूछिए। किताब के एक उदाहरण में 15 वर्ष 6 माह वाले विद्यार्थी का बी.एम.आई. 28 छपा है और उसे न्यूनभारित कहा गया है; पर 28 सामान्य से कम नहीं, ज़्यादा है। यह उदाहरण कक्षा में पढ़वाएँ, तो यह बात साथ में बताइए।
- इंटरैक्टिव अध्याय पर्दे पर चला रहे हैं तो “सार्वजनिक सुविधाएँ” वाला हिस्सा चरण 3 के बाद खोलिए। इंटरैक्टिव अध्याय में बी.एम.आई. का कैलकुलेटर भी है; बच्चे उसे घर पर ख़ुद चलाएँ, कक्षा के पर्दे पर किसी का भार मत डालिए।
- कमज़ोर विद्यार्थी के लिए एक बात काफ़ी है: कुछ चीज़ें सबके साथ मिलकर ही मिलती हैं, जैसे राशन की दुकान।
- तेज़ विद्यार्थी से पूछिए: तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल वाले अध्ययन से, प्रश्नावली के प्रश्न 13 (ख) का एक कारण निकालिए।
निकास-पर्ची और गृहकार्य
- निकास-पर्ची (चरण 6): (1) प्रदूषण-मुक्त वातावरण, बिना मिलावट की दवाएँ, संक्रामक बीमारियों से बचाव, या सामूहिक सुरक्षा। (2) 100 − 82 = 18 प्रतिशत। जिन बच्चों ने (2) में 82 लिखा हो, उनके साथ कालांश 7 की शुरुआत में तालिका की एक पंक्ति फिर घटाइए।
- गृहकार्य: प्रश्न बैंक के क12, क15, ख7 और छ4–6; तेज़ विद्यार्थी च7 भी। साथ में प्रश्नावली का प्रश्न 13 (पृष्ठ 17) कॉपी में; कालांश 8 में जाँच होगी। जो चाहें, घर पर अपना बी.एम.आई. निकालें; अंक किसी को बताना ज़रूरी नहीं।
- दोहराने के लिए: फ़्लैशकार्ड 50–57।
कालांश 7 — मानव विकास रिपोर्ट
किताब — पृष्ठ 13–14 · स्लाइड — “मानव विकास रिपोर्ट” वाला भाग · इंटरैक्टिव — मानव विकास रिपोर्ट
लक्ष्य — कालांश के अंत तक हर विद्यार्थी मानव विकास रिपोर्ट के तीन आधार बता पाए, तालिका 1.6 के हर कॉलम में सबसे आगे और सबसे पीछे वाला देश ढूँढ़ पाए, और विश्व बैंक व यू.एन.डी.पी. के मापदंड का फ़र्क़ बता पाए।
साथ ले जाइए — तालिका 1.6 की छपी प्रति, या बोर्ड पर बनाने की तैयारी। चरण 3 तक तालिका ढकी रहे।
40 मिनट
- 0–5 मिनट · आय काफ़ी नहीं। कॉपी के दोनों कॉलम पढ़वाइए, फिर पृष्ठ 13 की पंक्ति: “यद्यपि आय का स्तर महत्त्वपूर्ण है, पर यह विकास के स्तर को मापने का अपर्याप्त मापदंड है”। किताब कहती है कि तब दूसरे मापदंड सोचने पड़ते हैं: लंबी सूची नहीं, कम संख्या में ज़्यादा ज़रूरी चीज़ें।
- 5–10 मिनट · मानव विकास रिपोर्ट। यू.एन.डी.पी. की यह रिपोर्ट देशों की तुलना तीन आधारों पर करती है: लोगों का शैक्षिक स्तर, उनकी स्वास्थ्य स्थिति, और प्रति व्यक्ति आय। बोर्ड पर तीनों लिखिए।
- 10–14 मिनट · अनुमान। पूछिए: “अंदाज़ा लगाइए, हमारे पड़ोसी देशों में किसकी स्थिति भारत से अच्छी होगी?” हर समूह एक देश लिखे। तालिका अभी मत खोलिए।
- 14–26 मिनट · तालिका 1.6। तालिका खोलिए और नीचे के चित्र से उसके चार कॉलम समझाइए। क्रमांक कुल 193 देशों में से है। आय डॉलर में इस तरह गिनी गई है कि एक डॉलर हर देश में बराबर मात्रा में वस्तुएँ और सेवाएँ ख़रीद सके। फिर समूह प्रश्नावली का प्रश्न 12 (पृष्ठ 17) करें: हर मद में सबसे ऊपर और सबसे नीचे कौन है। जवाब बोर्ड-कार्य की तालिका में भरते जाइए, और चरण 3 के अनुमानों से मिलाइए।
- 26–34 मिनट · भारत और बंगलादेश, फिर दोनों संस्थाएँ। बंगलादेश की आय (8,498 डॉलर) भारत (9,047) से कम है, पर जन्म के समय संभावित आयु (74.7 वर्ष) भारत (72) से ज़्यादा, और क्रमांक दोनों का 130। फिर बोर्ड पर विश्व बैंक और यू.एन.डी.पी. का फ़र्क़ लिखिए, और पृष्ठ 14 की पंक्ति पढ़वाइए: “लोगों का स्वास्थ्य, उनका कल्याण सबसे अधिक ज़रूरी है।”
- 34–40 मिनट · निकास-पर्ची। हर विद्यार्थी लिखे: (1) मानव विकास रिपोर्ट के तीन आधार। (2) तालिका 1.6 के पड़ोसी देशों में किसका क्रमांक भारत से अच्छा है?
तालिका 1.6 के चार कॉलम (चरण 4)
तालिका 1.6 के चार कॉलम
बोर्ड-कार्य
बोर्ड पर प्रश्न 12 की यह तालिका भरती चले, और नीचे दोनों संस्थाओं का फ़र्क़; बच्चे दोनों कॉपी में उतारें।
| मद (तालिका 1.6) | सबसे ऊपर | सबसे नीचे |
|---|---|---|
| प्रति व्यक्ति सकल राष्ट्रीय आय | श्रीलंका (12,616 डॉलर) | नेपाल (4,726) |
| जन्म के समय संभावित आयु | श्रीलंका (77.5 वर्ष) | म्यांमार (66.9) |
| स्कूली पढ़ाई के औसत वर्ष | श्रीलंका (10.8) | पाकिस्तान (4.3) |
| मानव विकास सूचकांक क्रमांक | श्रीलंका (89) | पाकिस्तान (168) |
| विश्व बैंक (पृष्ठ 8) | यू.एन.डी.पी. (पृष्ठ 13) | |
|---|---|---|
| आधार | प्रतिव्यक्ति आय | शैक्षिक स्तर, स्वास्थ्य स्थिति और प्रति व्यक्ति आय |
| नतीजा | देशों को आय के वर्गों में बाँटता है | मानव विकास सूचकांक में हर देश का क्रमांक देता है |
यहाँ बच्चे अटकेंगे
- क्रमांक को अंक समझ लेना। 168 बड़ा है, पर क्रमांक में बड़ा मतलब पीछे। यह बात हमारी ओर से बोर्ड के कोने में लिखिए: क्रमांक जितना छोटा, स्थिति उतनी अच्छी।
- किताब में दो छपे हुए अंतर। पृष्ठ 13–14 पर किताब बंगलादेश वाली बात नेपाल के लिए भी लिखती है, पर तालिका में नेपाल की संभावित आयु (70.4) भारत (72) से थोड़ी कम है; बच्चों से तालिका ही पढ़वाइए। और स्कूली पढ़ाई वाले कॉलम का नाम तालिका में “विद्यालयी औसत आयु 25 वर्ष या उसके अधिक” छपा है; इसका मतलब 25 वर्ष या उससे बड़े लोगों की स्कूली पढ़ाई के औसत वर्ष है।
- बंगलादेश भारत से बेहतर? क्रमांक दोनों का 130 है, यानी बराबर। प्रश्नावली के प्रश्न 2 में यही भूल होती है; कालांश 8 में उस पर लौटेंगे।
- इंटरैक्टिव अध्याय पर्दे पर चला रहे हैं तो “मानव विकास रिपोर्ट” वाला हिस्सा चरण 4 के बाद खोलिए, अनुमान लिखे जाने के बाद।
- कमज़ोर विद्यार्थी के लिए दो बातें काफ़ी हैं: तीन आधार (शिक्षा, स्वास्थ्य, आय), और छोटा क्रमांक अच्छा।
- तेज़ विद्यार्थी से पूछिए: पाकिस्तान की आय (5,501) नेपाल (4,726) और म्यांमार (4,919) से ज़्यादा है, फिर भी उसका क्रमांक (168) तीनों में सबसे पीछे क्यों है? (तालिका में उसकी स्कूली पढ़ाई के औसत वर्ष, 4.3, सबसे कम हैं।)
निकास-पर्ची और गृहकार्य
- निकास-पर्ची (चरण 6): (1) शैक्षिक स्तर, स्वास्थ्य स्थिति और प्रति व्यक्ति आय। (2) श्रीलंका (89); बंगलादेश बराबर है, आगे नहीं। जिन बच्चों ने (2) में बंगलादेश या पाकिस्तान लिखा हो, उनके साथ कालांश 8 की शुरुआत में क्रमांक वाली बात एक मिनट फिर कीजिए।
- गृहकार्य: प्रश्न बैंक के क13, क14, क19, ख8, ख9, ग3 और छ3; तेज़ विद्यार्थी ङ2 और ङ8 भी, और च2, च3, च5 परीक्षा से पहले। साथ में प्रश्नावली के प्रश्न 4 और 5 (पृष्ठ 16) कॉपी में; कालांश 8 में जाँच होगी।
- दोहराने के लिए: फ़्लैशकार्ड 58–66।
कालांश 8 — विकास की धारणीयता, प्रश्नावली और समापन
किताब — पृष्ठ 14–17 · स्लाइड — “विकास की धारणीयता, प्रश्नावली और समापन” वाला भाग · इंटरैक्टिव — विकास की धारणीयता, सार, अभ्यास
लक्ष्य — कालांश के अंत तक हर विद्यार्थी धारणीयता का मतलब भूमिगत जल या कच्चे तेल के उदाहरण से समझा पाए, प्रश्नावली के प्रश्न 1 से 3 के सही विकल्प कारण के साथ चुन पाए, और पहले दिन की अपनी इच्छा को अध्याय के सवालों पर परख पाए।
साथ ले जाइए — पहले दिन की पर्चियों वाला लिफ़ाफ़ा, इच्छाओं वाला चार्ट, और प्रश्न 4, 5, 6, 7 और 13 वाली गृहकार्य-कॉपियाँ।
40 मिनट
- 0–6 मिनट · विरासत या उधार। पूछिए: “विरासत में मिली चीज़ और किसी से उधार ली चीज़: किसे आप ज़्यादा सँभालकर बरतेंगे?” फिर पृष्ठ 14 के बॉक्स की पंक्ति बोर्ड पर लिखिए: “हमने विश्व को अपने पूर्वजों से उत्तराधिकार में प्राप्त नहीं किया है– हमने इसे अपने बच्चों से उधार लिया है।”
- 6–14 मिनट · वैज्ञानिकों की चेतावनी और भूमिगत जल। पृष्ठ 14: हम चाहेंगे कि विकास का स्तर और ऊँचा हो, या कम से कम आने वाली पीढ़ी के लिए बना रहे; पर बीसवीं सदी के उत्तरार्द्ध से बहुत से वैज्ञानिक चेतावनी दे रहे हैं कि विकास का मौजूदा प्रकार और स्तर धारणीय नहीं है। पहला उदाहरण: भारत में 300 ज़िलों में पिछले 20 साल में पानी का स्तर 4 मीटर से ज़्यादा गिरा है; देश का लगभग एक तिहाई भाग भूमिगत जल भण्डारों का अति-उपयोग कर रहा है; यही ढंग चला, तो अगले 25 वर्षों में देश का 60 प्रतिशत भाग अति-उपयोग कर रहा होगा। पृष्ठ 15: भूमिगत जल नवीकरणीय है, पर बरसात की पुनः पूर्ति से ज़्यादा निकालें, तो अति-उपयोग होता है।
- 14–20 मिनट · कच्चा तेल। ज़मीन से निकाला जाने वाला कच्चा तेल गैर नवीकरणीय है: धरती पर उसका भण्डार निश्चित है। तालिका 1.7 बोर्ड पर लिखिए (नीचे बोर्ड-कार्य) और किताब की पंक्ति पढ़वाइए: पूरे विश्व के लिए “यह भण्डार केवल 47 वर्षों में समाप्त हो जाएँगे।” भारत जैसे देश, जिनके पास तेल के पर्याप्त भण्डार नहीं हैं, आयात पर निर्भर हैं। फिर पृष्ठ 16: “हम सब का भविष्य परस्पर जुड़ा हुआ है।”
- 20–28 मिनट · प्रश्न 1 से 3 (पृष्ठ 16)। जोड़ियाँ हर प्रश्न का विकल्प चुनें; फिर एक जोड़ी विकल्प बोले और दूसरी किताब से कारण दे। प्रश्न 3 का हिसाब एक विद्यार्थी बोर्ड पर करे। सही विकल्प और कारण नीचे बोर्ड-कार्य की तालिका में हैं।
- 28–36 मिनट · पहले दिन की पर्चियाँ। लिफ़ाफ़ा खोलिए और आठ-दस पर्चियाँ पढ़कर सुनाइए, नाम के बिना। हर इच्छा पर नीचे के चित्र वाले तीन सवाल रखिए, जो हमारी ओर से हैं: किसके लिए, किस तरीक़े से, और कब तक? हर पर्ची को अध्याय के किसी एक विचार से जोड़िए, और दो-तीन इच्छाएँ चार्ट पर लिख दीजिए। आख़िर में किताब की पंक्ति: “इसलिए विकास पर बहस जारी है।”
- 36–40 मिनट · निकास-पर्ची। हर विद्यार्थी लिखे: (1) नवीकरणीय और गैर नवीकरणीय साधन का एक-एक उदाहरण, और धारणीयता अपने शब्दों में। (2) इस अध्याय की एक बात, जो अब भी पूरी तरह समझ नहीं आई।
पहले दिन की इच्छा, आज के तीन सवाल (चरण 5)
पहले दिन की इच्छा, आज के तीन सवाल
बोर्ड-कार्य
बोर्ड पर पहले तालिका 1.7, फिर प्रश्न 1 से 3 की तालिका भरती चले; बच्चे दोनों कॉपी में उतारें। परीक्षा से पहले दोहराने के लिए यही काम आएगी।
| क्षेत्र या देश (तालिका 1.7) | भण्डार (2020), हज़ार मिलियन बैरल | भण्डार कितने वर्ष चलेंगे |
|---|---|---|
| मध्य-पूर्व | 836 | 70 |
| संयुक्त राज्य अमरीका | 69 | 10.5 |
| विश्व | 1732 | 47 |
| प्रश्न | सही विकल्प | किताब से कारण |
|---|---|---|
| 1 (पृष्ठ 16) | (घ) उपरोक्त सभी | देशों की तुलना में आय सबसे महत्त्वपूर्ण विशिष्टता मानी जाती है, पर अकेले काफ़ी नहीं (पृष्ठ 8, 13); केरल और हरियाणा की तुलना में साक्षरता और शिशु मृत्यु दर भी देखी गईं (पृष्ठ 10–11); मानव विकास रिपोर्ट शिक्षा, स्वास्थ्य और आय, तीनों से तुलना करती है (पृष्ठ 13)। |
| 2 (पृष्ठ 16) | (ख) श्रीलंका | तालिका 1.6 में श्रीलंका का क्रमांक 89 है, भारत का 130 (पृष्ठ 13)। बंगलादेश का क्रमांक भी 130 है, यानी बराबर, बेहतर नहीं; नेपाल (145) और पाकिस्तान (168) पीछे हैं। |
| 3 (पृष्ठ 16) | (घ) 6,000 रुपये | चार परिवारों की कुल आय 4 × 5,000 = 20,000; तीन परिवारों की 4,000 + 7,000 + 3,000 = 14,000; चौथे की 20,000 − 14,000 = 6,000 रुपये। |
बाक़ी प्रश्न गृहकार्य में बँटे हैं। कॉपियाँ जाँचते समय यह सूची काम आएगी; पूरे नमूना उत्तर शिक्षक संदर्शिका में हैं।
| प्रश्न | कब दिया | उत्तर की मुख्य बात |
|---|---|---|
| 4 | कालांश 7 | विश्व बैंक का मापदंड प्रतिव्यक्ति आय है। सीमाएँ: आय का बँटवारा नहीं दिखता (तालिका 1.2), स्वास्थ्य और शिक्षा नहीं दिखते (शिशु मृत्यु दर हरियाणा 28, केरल 6), पैसा हर चीज़ नहीं ख़रीद सकता। |
| 5 | कालांश 7 | विश्व बैंक का एक आधार, आय, और वह वर्ग देता है; यू.एन.डी.पी. के तीन आधार, और वह क्रमांक देता है। उदाहरण: बंगलादेश की आय भारत से कम, संभावित आयु ज़्यादा। |
| 6 | कालांश 4 | औसत से अलग-अलग आकार के देशों की तुलना हो पाती है; पर औसत बँटवारा नहीं बताता (देश क और देश ख, दोनों का औसत 10,000)। |
| 7 | कालांश 5 | असहमत: प्रतिव्यक्ति आय उपयोगी है, पर अकेले काफ़ी नहीं; हरियाणा की आय ज़्यादा, फिर भी तालिका 1.4 में केरल आगे। |
| 8 | आज | बच्चे घर और गाँव में ख़ुद पता करें। किताब से: कच्चा तेल गैर नवीकरणीय है, भारत आयात पर निर्भर है, और मौजूदा दर पर विश्व के भण्डार 47 वर्षों में ख़त्म हो जाएँगे। |
| 9 | आज | विकास आने वाली पीढ़ी के लिए भी बना रहना चाहिए; उदाहरण भूमिगत जल और कच्चा तेल; अंत में पूर्वजों वाली पंक्ति। |
| 10 | आज | धरती के साधन सबकी ज़रूरत पूरी कर सकते हैं, पर बेहिसाब इस्तेमाल के लिए नहीं; भूमिगत जल और तेल के उदाहरण। |
| 11 | आज | अपने आसपास के उदाहरण; किताब के उदाहरणों से शुरुआत: गिरता भूमिगत जल, आइवरी कोस्ट का ज़हरीला कचरा। |
| 12 | कालांश 7, कक्षा में | हर मद में श्रीलंका सबसे ऊपर (कालांश 7 का बोर्ड-कार्य)। |
| 13 | कालांश 6 | (क) केरल में सामान्य से कम बी.एम.आई. वाले पुरुष 8.5% और महिलाएँ 10%, मध्य प्रदेश में दोनों 28%; (ख) सभी राज्यों में 20% पुरुष और 23% महिलाएँ, यानी लगभग पाँच में से एक; कारण: बँटवारा, कम आय, और सार्वजनिक वितरण प्रणाली। |
यहाँ बच्चे अटकेंगे
- प्रश्न 2 में बंगलादेश। बच्चे पढ़ चुके हैं कि बंगलादेश की संभावित आयु भारत से ज़्यादा है, और उसे बेहतर चुन लेते हैं। क्रमांक दोनों का 130 है; प्रश्न मानव विकास के लिहाज़ से पूछता है।
- प्रश्न 3 में औसत को ही चौथे परिवार की आय लिख देना। 5,000 औसत है, किसी एक परिवार की आय नहीं। पहले कुल आय निकलवाइए।
- भूमिगत जल नवीकरणीय है, फिर भी ख़त्म कैसे? नवीकरणीय का मतलब है कि प्रकृति पुनः पूर्ति करती है; पर जितनी पुनः पूर्ति होती है, उससे ज़्यादा निकालें, तो वह भी घटता है।
- प्रश्न 8, 10 और 11 का पूरा उत्तर किताब में नहीं है। ये बच्चों से ख़ुद सोचने और पता करने को कहते हैं। जो बच्चा किताब के किसी उदाहरण से जोड़कर अपना तर्क दे, उसे पूरे अंक दीजिए। नमूना उत्तर शिक्षक संदर्शिका में हैं।
- पर्चियाँ पढ़ते समय किसी इच्छा का मज़ाक न बने। हर इच्छा सही है; सवाल बस यह है कि वह किसके लिए है, किस तरीक़े से पूरी होगी, और कितने दिन टिकेगी।
- इंटरैक्टिव अध्याय पर्दे पर चला रहे हैं तो चरण 2 से “विकास की धारणीयता” खोलिए; “सार” और “अभ्यास” बच्चे घर पर दोहराने के लिए देखें।
- कमज़ोर विद्यार्थी के लिए प्रश्न 3 सबसे आसान शुरुआत है; चरण 4 में पहला जवाब उन्हीं से लीजिए।
- तेज़ विद्यार्थी से पूछिए: पहले दिन की कौन-सी इच्छा तीनों सवालों पर खरी उतरती है, और क्यों?
निकास-पर्ची और गृहकार्य
- निकास-पर्ची (चरण 6): (1) नवीकरणीय: भूमिगत जल; गैर नवीकरणीय: कच्चा तेल। धारणीयता: विकास आज के साथ आने वाली पीढ़ी के लिए भी बना रहे। (2) वाला हिस्सा पढ़कर अगले अध्याय से पहले उन बातों को पाँच मिनट दोहराइए।
- गृहकार्य: प्रश्नावली के प्रश्न 8, 9, 10 और 11 (पृष्ठ 17) कॉपी में। साथ में प्रश्न बैंक के क16–18, क20, ख10, ग4, ग5, घ9 और घ10; तेज़ विद्यार्थी ङ4, ङ5, च4 और च6 भी। अध्याय की परीक्षा से पहले पूरा प्रश्न बैंक।
- दोहराने के लिए: फ़्लैशकार्ड 67–80 और 39, फिर पूरा डेक।
पूरे अध्याय के लिए
अलग-अलग बच्चों के लिए
| किसके लिए | क्या कीजिए |
|---|---|
| जो बहुत पीछे हैं | इनसे तीन ही चीज़ें पक्की करवाइए: (1) अलग लोग, अलग लक्ष्य, और एक का विकास दूसरे के लिए नुकसान भी हो सकता है (बाँध का उदाहरण); (2) औसत आय = कुल आय ÷ कुल जनसंख्या, और औसत बँटवारा नहीं दिखाता; (3) मानव विकास रिपोर्ट के तीन आधार: शिक्षा, स्वास्थ्य और आय। डॉलर और प्रतिशत के सारे आँकड़े मत रटवाइए; केरल 6 और हरियाणा 28 काफ़ी हैं। |
| औसत बच्चे | इनसे दो तालिकाएँ पक्की करवाइए: तालिका 1.2 का हिसाब, और तालिका 1.4 में हरियाणा और केरल का फ़र्क़। साथ में विश्व बैंक और यू.एन.डी.पी. का फ़र्क़, क्योंकि प्रश्नावली का प्रश्न 5 इसी पर है। |
| तेज़ बच्चे | (1) किताब का कार्यकलाप 1 (पृष्ठ 7), नीचे “प्रोजेक्ट और गतिविधि” में दूसरा; (2) प्रश्नावली के प्रश्न 12 और 13 की तालिकाओं से अपने निष्कर्ष; (3) प्रश्न 10 पर 150 शब्दों में लिखना। |
| जो बोलने में झिझकते हैं | कालांश 1 और 8 की पर्चियाँ बिना नाम की हैं; इनकी बात वहीं से कक्षा तक पहुँचती है। समूह के काम में इन्हें लिखने वाला बनाइए, और बोर्ड पर इनकी पंक्ति आप पढ़कर सुनाइए। |
सतत मूल्यांकन
| साधन | कब | क्या देखिए |
|---|---|---|
| निकास-पर्ची | हर कालांश के आख़िरी चार-पाँच मिनट | दिन की एक मुख्य बात पकड़ में आई या नहीं |
| तालिका 1.1 की भरी पंक्तियाँ | कालांश 1 | दूसरे व्यक्ति की जगह खड़े होकर सोच पाता है या नहीं |
| तालिका 1.2 का हिसाब | कालांश 4 | औसत निकाल पाता है, और उसकी कमज़ोरी बता पाता है या नहीं |
| कार्यकलाप 2 | कालांश 6 | प्रतिशत को 100 में से घटाकर पढ़ पाता है या नहीं |
| प्रश्न 12 (तालिका 1.6) | कालांश 7 | तालिका का कॉलम और क्रमांक सही पढ़ पाता है या नहीं |
| कॉपी के दो कॉलम | कालांश 2 से 7 | आय से न दिखने वाली बातें जुड़ती जा रही हैं या नहीं |
| पर्चियों वाली चर्चा | कालांश 8 | अपनी इच्छा को दूसरों के और आने वाली पीढ़ी के नज़रिए से देख पाता है या नहीं |
लिखित मूल्यांकन
अपनी इकाई-परीक्षा के लिए एक सुझाया हुआ ढाँचा; अंक अपनी ज़रूरत के हिसाब से बदल लीजिए।
| प्रकार | अंक | क्या पूछें |
|---|---|---|
| वस्तुनिष्ठ | 1 | परिभाषाएँ (शिशु मृत्यु दर, साक्षरता दर), विश्व बैंक के वर्ग, मानव विकास रिपोर्ट के आधार |
| अति लघूत्तरीय | 2 | औसत आय, नवीकरणीय साधन, धारणीयता, सार्वजनिक वितरण प्रणाली |
| लघूत्तरीय | 3 | औसत की कमज़ोरी, केरल आगे क्यों, आय के अलावा लक्ष्य |
| संख्यात्मक या तालिका-आधारित | 3 | औसत निकालना (प्रश्न 3 जैसा), तालिका 1.4 या 1.6 से तुलना |
| दीर्घ उत्तरीय | 5 | विश्व बैंक और यू.एन.डी.पी. की तुलना, प्रतिव्यक्ति आय की सीमाएँ, धारणीयता क्यों ज़रूरी है |
| केस-आधारित | 4 | कोई ख़बर या योजना देकर पूछिए: किसे फ़ायदा, किसे नुकसान, और क्या यह आगे भी टिकेगी |
अंक कैसे कटेंगे, यह पहले ही बता दीजिए
- औसत के प्रश्न में सिर्फ़ उत्तर लिखा, हिसाब नहीं, तो आधा उत्तर।
- विश्व बैंक और यू.एन.डी.पी. की तुलना में सिर्फ़ एक का मापदंड लिखा, तो आधा उत्तर।
- तालिका वाले प्रश्न में शिशु मृत्यु दर का बड़ा अंक बेहतर मान लिया, तो पूरा तर्क उलटी दिशा में जाता है। इसलिए हर तालिका-प्रश्न में पहले पूछने की आदत डालिए: यहाँ छोटा अंक अच्छा है या बड़ा?
प्रोजेक्ट और गतिविधि
| # | प्रोजेक्ट | कैसे |
|---|---|---|
| 1 | तीन वक्ता (किताब की अतिरिक्त परियोजना, पृष्ठ 17) | अपने क्षेत्र के विकास पर चर्चा के लिए तीन अलग वक्ताओं को बुलाइए, जैसे कोई किसान, कोई मज़दूर और कोई दुकानदार, और बच्चे मन में आए सारे प्रश्न पूछें। फिर समूहों में चर्चा हो, और हर समूह एक दीवार-चार्ट बनाए, जिसमें कारण सहित वे विचार हों जिनसे वह सहमत या असहमत है। |
| 2 | विकास का एक विवाद (किताब का कार्यकलाप 1, पृष्ठ 7) | किसी विवाद में अलग-अलग लोगों के तर्क लोगों से बात करके, या अख़बार और टेलीविज़न से जानिए। दो कॉलम बनाइए, पक्ष और विपक्ष, और हर तर्क के आगे लिखिए कि वह किसने दिया। बाँध वाला उदाहरण किताब के पृष्ठ 5 पर है। |
| 3 | घर की ऊर्जा (प्रश्नावली का प्रश्न 8) | घर, गाँव या मोहल्ले में देखिए: खाना किससे पकता है, रोशनी किससे होती है, खेत में पानी और सड़क पर गाड़ियाँ किससे चलती हैं। हर स्रोत के आगे लिखिए कि वह नवीकरणीय है या गैर नवीकरणीय। |
| 4 | पर्यावरण की गिरावट (प्रश्नावली का प्रश्न 11) | अपने आसपास के उदाहरणों की सूची, जैसे कूड़े के ढेर, गंदा नाला या तालाब, धुआँ, सूखते कुएँ, कटते पेड़। हर उदाहरण के साथ एक पंक्ति: कहाँ देखा, और लोगों पर क्या असर है। |
| 5 | हमारे इलाक़े की सार्वजनिक सुविधाएँ | स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, राशन की दुकान और पानी की व्यवस्था: कौन-सी है, कितनी दूर है, कौन इस्तेमाल करता है। फिर पूछिए: इनमें से कौन-सी चीज़ अकेले पैसे से नहीं मिलती? |
शिक्षक के लिए पाँच सावधानियाँ
-
किसी बच्चे की आय, भार या घर की हालत कक्षा में मत पूछिए। तालिका 1.2 और बी.एम.आई. वाली बातें किताब के उदाहरणों से ही कीजिए। बी.एम.आई. के बारे में किताब ख़ुद कहती है कि चर्चा बिना किसी को लज्जित किए हो।
-
किसी राज्य या देश का मज़ाक मत बनने दीजिए। बिहार, पाकिस्तान या नेपाल के आँकड़े वहाँ की सुविधाओं की हालत बताते हैं, वहाँ के लोगों की क़ीमत नहीं। तुलना हमेशा यह पूछकर कीजिए कि फ़र्क़ किस वजह से है, जैसे केरल में स्वास्थ्य और शिक्षा की सुविधाएँ।
-
इसे किसी मौजूदा राजनीतिक बहस या योजना से मत जोड़िए। उदाहरण किताब के लीजिए: बाँध, आइवरी कोस्ट, राशन की दुकानें, भूमिगत जल, कच्चा तेल। किसी दल या नेता का नाम कक्षा में मत लाइए।
-
आँकड़ों में मत उलझिए, पर किताब के छपे हुए अंतर पहचान लीजिए। इस अध्याय में समझ ज़्यादा ज़रूरी है। किताब में कुछ जगह पाठ और तालिका अलग बात कहते हैं: बिहार का “लगभग एक-तिहाई”, निवल उपस्थिति अनुपात की आयु, नेपाल की संभावित आयु, और बी.एम.आई. 28 वाला उदाहरण। हर जगह बच्चों से तालिका के आँकड़े पढ़वाइए; कार्डों के “यहाँ बच्चे अटकेंगे” में हर अंतर लिखा है।
-
पहले दिन की पर्चियाँ और चार्ट आठों दिन सँभाले रहिए। यही इस अध्याय का सवाल है: विकास किसके लिए, और किस क़ीमत पर? लिफ़ाफ़ा कालांश 8 तक बंद रहे, और चार्ट दीवार पर टँगा रहे, तो हर कालांश में उसी की ओर लौट सकते हैं। कालांश 8 में बच्चे अपनी ही इच्छाओं को अध्याय के सवालों पर परखें।