यह पन्ना परीक्षा से पहले दोहराने के लिए है। हर हिस्से की शुरुआत में किताब के पृष्ठ लिखे हैं, ताकि शक हो तो वहीं खोलकर देख लीजिए। पृष्ठ संख्याएँ 2026-27 में छपी किताब की हैं। आँकड़े किताब के हैं; परीक्षा में यही लिखिए।
तारों का मतलब: ★★किताब की प्रश्नावली (प्रश्न 1–13) में सीधे पूछा गया · ★उन उत्तरों में काम आता है · बिना तारे के: पृष्ठभूमि या किताब की गतिविधि।
1. अध्याय एक नज़र में
पूरा अध्याय एक चित्र में
2. ज़रूरी शब्द★
किताब की प्रश्नावली में: प्रश्न 1, 4, 5, 9 (इन्हीं शब्दों से उत्तर बनते हैं)
| शब्द | मतलब (हमारे शब्दों में) | पृष्ठ |
|---|---|---|
| मिले-जुले लक्ष्य | विकास के लिए लोग सिर्फ़ ज़्यादा आय नहीं देखते; साथ में बराबरी का व्यवहार, आज़ादी, सुरक्षा और आदर भी चाहते हैं। | 6 |
| राष्ट्रीय विकास | देश के विकास पर लोगों के अलग-अलग, कभी आपस में विरोधी विचारों को तौलना: कौन-सी राह सबके लिए न्यायपूर्ण है, किससे ज़्यादा लोगों को फ़ायदा होगा। | 6 |
| औसत आय / प्रतिव्यक्ति आय | देश की कुल आय को कुल जनसंख्या से भाग देकर निकली आय। | 8 |
| उच्च आय और निम्न आय वाले देश | विश्व बैंक के अनुसार 2024 में जिनकी प्रतिव्यक्ति आय US $66,500 प्रति वर्ष या उससे ज़्यादा थी, वे उच्च आय वाले (समृद्ध) देश; जिनकी लगभग US $2,300 या उससे कम थी, वे निम्न आय वाले देश। | 8 |
| विकसित देश | समृद्ध देशों को आमतौर पर विकसित देश कहा जाता है; पर मध्य पूर्व के देश और कुछ अन्य छोटे देश इनमें नहीं गिने जाते। | 8 |
| शिशु मृत्यु दर | किसी वर्ष में पैदा हुए 1,000 जीवित बच्चों में से कितने बच्चे एक साल का होने से पहले मर जाते हैं। | 10 |
| साक्षरता दर | 7 वर्ष और उससे बड़े लोगों में साक्षर लोगों का अनुपात। | 10 |
| निवल उपस्थिति अनुपात | किसी आयु-वर्ग के कुल बच्चों में से कितने प्रतिशत स्कूल जा रहे हैं। तालिका 1.4 में यह माध्यमिक स्तर के 15–17 वर्ष के बच्चों का है। | 10 |
| सार्वजनिक सुविधाएँ | स्कूल, स्वास्थ्य सेवा, सुरक्षा, राशन जैसी सुविधाएँ, जो सबके लिए मिलकर (सामूहिक रूप से) दी जाएँ तो सबसे अच्छी और सस्ती पड़ती हैं। | 11–12 |
| सार्वजनिक वितरण प्रणाली (सा.वि.प्र.) | राशन की दुकानों की व्यवस्था। जिन राज्यों में यह ठीक चलती है, वहाँ लोगों का स्वास्थ्य और पोषण बेहतर होने की संभावना है। | 12 |
| बी.एम.आई. (शरीर द्रव्यमान सूचकांक) | यह जानने का तरीका कि हम ठीक से पोषित हैं या नहीं: भार (किलोग्राम) को ऊँचाई (मीटर) के वर्ग से भाग दीजिए। | 13 |
| मानव विकास रिपोर्ट | यू.एन.डी.पी. की रिपोर्ट, जो देशों की तुलना लोगों के शैक्षिक स्तर, उनकी स्वास्थ्य स्थिति और प्रति व्यक्ति आय के आधार पर करती है। | 13 |
| मानव विकास सूचकांक (HDI) | इसी रिपोर्ट का सूचकांक। तालिका 1.6 में इसका क्रमांक कुल 193 देशों में से है; क्रमांक जितना छोटा, स्थिति उतनी अच्छी। | 13 |
| जन्म के समय संभावित आयु | जन्म के समय किसी व्यक्ति के औसतन कितने साल जीने की संभावना है। | 13 |
| स्कूली पढ़ाई के औसत वर्ष | 25 वर्ष या उससे बड़े लोगों ने औसतन कितने साल पढ़ाई की। तालिका 1.6 में इस कॉलम का नाम “विद्यालयी औसत आयु 25 वर्ष या उसके अधिक” छपा है। | 13 |
| क्रय शक्ति समता | प्रतिव्यक्ति आय डॉलर में इस तरह गिनी जाती है कि एक डॉलर हर देश में बराबर मात्रा में वस्तुएँ और सेवाएँ ख़रीद सके। तालिका 1.6 में आय वाले कॉलम के शीर्षक में यह “क्रय शक्ति क्षमता” छपा है। | 13 |
| धारणीयता | विकास का स्तर आने वाली पीढ़ियों के लिए भी बना रहे; साधन ऐसे इस्तेमाल हों कि आगे भी चलते रहें। | 14 |
| नवीकरणीय साधन | जिनकी पुनः पूर्ति प्रकृति करती है, जैसे भूमिगत जल। इनका भी अति-उपयोग हो सकता है। | 15 |
| गैर नवीकरणीय साधन | जिनका धरती पर एक निश्चित भण्डार है और जिनकी पुनः पूर्ति नहीं हो सकती, जैसे कच्चा तेल। | 15 |
| अति-उपयोग | किसी साधन को उसकी भरपाई से ज़्यादा इस्तेमाल करना, जैसे भूमिगत जल को बरसात से होने वाली पुनः पूर्ति से ज़्यादा निकालना। | 15 |
3. अलग-अलग लोग, अलग-अलग लक्ष्य★
पृष्ठ 3–5 · किताब की प्रश्नावली में: प्रश्न 10
अध्याय इसी वाक्य से खुलता है: “विकास अथवा प्रगति की धारणा हमेशा से हमारे साथ है।” हर व्यक्ति की अपनी आकांक्षाएँ हैं, और कोई देश कैसा हो, इस पर भी सबके अपने विचार हैं।
तालिका 1.1 की तीन भरी हुई पंक्तियाँ (बाकी पंक्तियाँ आपको भरनी हैं; नीचे गतिविधियाँ देखिए):
| व्यक्ति | विकास के लक्ष्य |
|---|---|
| भूमिहीन ग्रामीण मज़दूर | काम के ज़्यादा दिन और बेहतर मज़दूरी; बच्चों के लिए अच्छी शिक्षा देने वाला स्थानीय स्कूल; सामाजिक भेदभाव न हो और गाँव में वे भी नेता बन सकें |
| पंजाब के समृद्ध किसान | उपज के लिए ज़्यादा समर्थन मूल्य; मेहनती और सस्ते मज़दूरों से ऊँची पारिवारिक आय, ताकि बच्चों को विदेश में बसा सकें |
| शहर के अमीर परिवार की लड़की | भाई जैसी आज़ादी; अपने फ़ैसले ख़ुद ले सके; विदेश में पढ़ाई |
लक्ष्यों में टकराव:
- लड़की और भाई: लड़की चाहती है कि उसे भाई के बराबर आज़ादी और अवसर मिलें, और भाई भी घर के कामकाज में हाथ बँटाए। हो सकता है भाई को यह पसंद न हो।
- बाँध: उद्योगपति ज़्यादा बिजली के लिए ज़्यादा बाँध चाहते हैं। पर इससे ज़मीन डूब सकती है और आदिवासी जैसे लोग बेघर हो सकते हैं। वे विरोध कर सकते हैं और सिंचाई के लिए छोटे चैक बाँध या तालाब पसंद कर सकते हैं।
- तालिका 1.1 में ही देखिए: भूमिहीन मज़दूर बेहतर मज़दूरी चाहता है, जबकि समृद्ध किसान सस्ते मज़दूर।
किताब के दो निष्कर्ष: पहला, “लोगों के विकास के लक्ष्य भिन्न हो सकते हैं”; दूसरा, “एक के लिए जो विकास है वह दूसरे के लिए विकास न हो। यहाँ तक कि वह दूसरे के लिए विनाशकारी भी हो सकता है।”
4. आय और अन्य लक्ष्य★
पृष्ठ 5–6 · किताब की प्रश्नावली में: प्रश्न 4, 7
| आय वाले लक्ष्य (यानी ज़्यादा आय) | आय से आगे के लक्ष्य |
|---|---|
| नियमित काम | बराबरी का व्यवहार |
| बेहतर मज़दूरी | स्वतंत्रता |
| अपनी उपज या दूसरे उत्पादों की अच्छी कीमत | सुरक्षा |
| दूसरों से आदर; भेदभाव न हो |
- आय से आगे के लक्ष्य कुछ मामलों में ज़्यादा आय और ज़्यादा उपभोग से भी ज़्यादा महत्त्वपूर्ण हो सकते हैं, “क्योंकि जीने के लिए केवल भौतिक वस्तुएँ ही पर्याप्त नहीं होती।”
- दोस्ती जैसी बहुत सी चीज़ें आसानी से मापी नहीं जा सकतीं, फिर भी जीवन में बहुत मायने रखती हैं। किताब कहती है कि यह निष्कर्ष ग़लत होगा कि “जिसे मापा नहीं जा सकता, वह महत्त्व नहीं रखता।”
- नौकरी का उदाहरण: दूर की नौकरी लेने से पहले आप आय के अलावा परिवार के लिए सुविधाएँ, काम का माहौल और सीखने के अवसर भी देखेंगे। कम वेतन वाला नियमित रोज़गार सुरक्षा की भावना बढ़ाता है। ज़्यादा वेतन वाली नौकरी में काम की सुरक्षा न हो और परिवार के लिए समय न मिले, तो सुरक्षा और आज़ादी की भावना घटती है।
- महिलाओं का उदाहरण: महिलाएँ वेतन वाला काम करें तो घर और समाज में उनका आदर बढ़ता है; और आदर हो तो घर के काम में उनका ज़्यादा हाथ बँटाया जाता है। सुरक्षित और संरक्षित माहौल में ज़्यादा महिलाएँ अलग-अलग नौकरियाँ या व्यापार कर सकती हैं।
याद रखिए: “इसी तरह, विकास के लिए, लोग मिले-जुले लक्ष्यों को देखते हैं।”
5. राष्ट्रीय विकास
पृष्ठ 6–7
लोगों के लक्ष्य भिन्न हैं, तो राष्ट्रीय विकास के बारे में उनकी धारणा भी भिन्न होगी। देश के विकास पर लोगों के विचार भिन्न या परस्पर विरोधी हो सकते हैं। तब ये सवाल सोचने पड़ते हैं:
- क्या सभी विचारों को बराबर महत्त्व दिया जा सकता है?
- विचार आपस में विरोधी हों, तो निर्णय कैसे हो?
- सभी के लिए न्यायपूर्ण और सही राह क्या होगी?
- क्या काम करने का कोई बेहतर तरीका है?
- इससे बहुत से लोगों को फ़ायदा होगा या कुछ को ही?
किताब कहती है: “राष्ट्रीय विकास का अभिप्राय इन सब प्रश्नों पर विचार करना है।” इसी हिस्से में आइवरी कोस्ट की एक अख़बारी रिपोर्ट भी है; उसकी चर्चा नीचे किताब की गतिविधियों में है।
6. देशों की तुलना: औसत आय और उसकी कमज़ोरी★★
पृष्ठ 8–9 · किताब की प्रश्नावली में: प्रश्न 1, 3, 4, 6
विद्यार्थियों की तुलना हम उनकी एक-दो महत्त्वपूर्ण विशिष्टताओं से करते हैं, और कौन-सी विशिष्टता लें, यह तुलना के उद्देश्य पर निर्भर है। देशों के लिए किताब कहती है: “देशों की तुलना करने के लिए उनकी आय सबसे महत्त्वपूर्ण विशिष्टता समझी जाती है।” कारण: माना जाता है कि ज़्यादा आय का मतलब है मानवीय ज़रूरत की सभी चीज़ें ज़्यादा।
प्रतिव्यक्ति आय: कैसे निकलती है, किस काम आती है
- विकसित देश: समृद्ध देशों को आमतौर पर विकसित देश कहा जाता है, पर मध्य पूर्व के देश और कुछ अन्य छोटे देश इनमें शामिल नहीं हैं।
औसत की कमज़ोरी: तालिका 1.2
नागरिकों की मासिक आय (रुपये में), हर देश में 5 नागरिक:
| देश | 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | औसत |
|---|---|---|---|---|---|---|
| देश क | 9,500 | 10,500 | 9,800 | 10,000 | 10,200 | 10,000 |
| देश ख | 500 | 500 | 500 | 500 | 48,000 | 10,000 |
- दोनों देशों की कुल आय 50,000 रुपये है, इसलिए औसत भी बराबर, 10,000 रुपये।
- पक्का हो कि आप देश ख के पाँचवें नागरिक होंगे, तो शायद आप देश ख चुनें। पर नागरिकता लॉटरी से तय हो, तो ज़्यादातर लोग देश क चुनेंगे।
- देश क में कोई न बहुत अमीर है, न बहुत गरीब; देश ख में ज़्यादातर नागरिक गरीब हैं और एक व्यक्ति बहुत अमीर।
- किताब का कार्टून: “गरीब विहीन तथा अमीर विहीन व्यक्तियों का देश” में पाँच लोग चार कुर्सियों पर सटकर बैठे हैं; “गरीब तथा अमीर व्यक्तियों का देश” में एक आदमी चार कुर्सियों पर पसरा है और बाकी चार लोग दो कुर्सियों पर।
सार: “इसलिए यद्यपि औसत आय तुलना के लिए उपयोगी है, लेकिन इससे यह पता नहीं चलता कि यह आय लोगों में किस प्रकार वितरित है।”
7. आय और अन्य मापदंड: हरियाणा, केरल, बिहार★★
पृष्ठ 10–11 · किताब की प्रश्नावली में: प्रश्न 1, 7
जैसे लोग आय के अलावा सुरक्षा, आदर, बराबरी और आज़ादी भी चाहते हैं, वैसे ही किसी देश या क्षेत्र को परखते समय औसत आय के अलावा दूसरी अहम बातें भी देखनी पड़ती हैं। किताब ने तालिका 1.3 और 1.4 में तीन राज्यों की तुलना की है:
| राज्य | प्रतिव्यक्ति आय, 2023-24 (रुपये) | शिशु मृत्यु दर (2020) | साक्षरता दर %, 2017-18 | निवल उपस्थिति अनुपात, माध्यमिक स्तर (15–17 वर्ष), 2019-21 |
|---|---|---|---|---|
| हरियाणा | 3,25,759 | 28 | 80 | 67 |
| केरल | 2,81,001 | 6 | 96 | 77 |
| बिहार | 60,337 | 27 | 71 | 55 |
- तालिका 1.3 के आँकड़े असल में 2023-24 की मौजूदा कीमतों पर प्रति-व्यक्ति निवल राज्य घरेलू उत्पाद के हैं; मोटे तौर पर इन्हें राज्य की प्रति-व्यक्ति आय मान सकते हैं।
- सिर्फ़ आय से देखें, तो हरियाणा सबसे विकसित और बिहार सबसे कम विकसित माना जाएगा।
- पर केरल में 1,000 जीवित पैदा हुए बच्चों में से 6 एक साल का होने से पहले मर जाते हैं, जबकि हरियाणा में 28। साक्षरता और स्कूल-उपस्थिति में भी केरल आगे है।
- बिहार का निवल उपस्थिति अनुपात 55 है, यानी माध्यमिक कक्षाओं में 15–17 वर्ष के 100 में से लगभग 45 बच्चे स्कूल नहीं जा रहे। किताब के पाठ में यहाँ “लगभग एक-तिहाई” छपा है, पर तालिका का 55 लगभग 45 प्रतिशत बताता है।
- तालिका 1.4 के ऊपर आयु 15–17 वर्ष छपी है, पर नीचे की परिभाषा में “14 तथा 15 वर्ष” छपा है; तालिका के आँकड़े 15–17 वर्ष के बच्चों के पढ़िए।
8. सार्वजनिक सुविधाएँ★★
पृष्ठ 11–12 · किताब की प्रश्नावली में: प्रश्न 4, 7, 13
हरियाणा में औसत आय ज़्यादा है, फिर भी इन ज़रूरी बातों में वह केरल से पीछे क्यों है? किताब का उत्तर: “यह आवश्यक नहीं कि जेब में रखा रुपया वे सब वस्तुएँ और सेवाएँ खरीद सके, जिनकी आपको एक बेहतर जीवन के लिए आवश्यकता हो सकती है।”
हरियाणा आय में आगे, केरल स्वास्थ्य और शिक्षा में आगे
पैसा अकेले क्या नहीं दिला सकता:
- प्रदूषण मुक्त वातावरण।
- बिना मिलावट की दवाएँ, जब तक आप ऐसे समुदाय में न जा बसें जहाँ ये पहले से मिलती हों।
- संक्रामक बीमारियों से बचाव, जब तक पूरा समुदाय बचाव के कदम न उठाए।
हल: “वास्तव में जीवन में बहुत सी महत्त्वपूर्ण चीज़ों के लिए सबसे अच्छा और सस्ता तरीका इन वस्तुओं और सेवाओं को सामूहिक रूप से उपलब्ध कराना है।”
- सुरक्षा: पूरे इलाके के लिए सामूहिक सुरक्षा, हर घर के लिए अलग सुरक्षा गार्ड रखने से सस्ती है।
- स्कूल: आप पढ़ पा रहे हैं, क्योंकि बहुत से बच्चे पढ़ना चाहते हैं और बहुत से लोग मानते हैं कि सरकार स्कूल खोले। आज भी बहुत से इलाकों में बच्चे, ख़ासकर लड़कियाँ, उच्च विद्यालयी शिक्षा नहीं ले पातीं, क्योंकि सरकार और समाज ने इसके लिए पर्याप्त सुविधाएँ नहीं दीं।
- सार्वजनिक वितरण प्रणाली (सा.वि.प्र.): कुछ राज्यों में यह ठीक चलती है; ऐसे राज्यों में लोगों का स्वास्थ्य और पोषण बेहतर होने की संभावना है।
9. मानव विकास रिपोर्ट और तालिका 1.6★★
पृष्ठ 13–14 · किताब की प्रश्नावली में: प्रश्न 1, 2, 5, 12
आय के आगे: मानव विकास रिपोर्ट तक
- लोगों का शैक्षिक स्तर
- उनकी स्वास्थ्य स्थिति
- प्रति व्यक्ति आय
तालिका 1.6: वर्ष 2023 के लिए भारत और उसके पड़ोसी देशों के कुछ आँकड़े (मानव विकास रिपोर्ट 2025, यू.एन.डी.पी.)
| देश | प्रति व्यक्ति सकल राष्ट्रीय आय (डॉलर, 2021 की क्रय शक्ति समता पर) | जन्म के समय संभावित आयु (वर्ष) | स्कूली पढ़ाई के औसत वर्ष (25 वर्ष या ज़्यादा उम्र) | मानव विकास सूचकांक क्रमांक (2023-24) |
|---|---|---|---|---|
| श्रीलंका | 12,616 | 77.5 | 10.8 | 89 |
| भारत | 9,047 | 72 | 6.9 | 130 |
| म्यांमार | 4,919 | 66.9 | 6.4 | 150 |
| पाकिस्तान | 5,501 | 67.6 | 4.3 | 168 |
| नेपाल | 4,726 | 70.4 | 4.5 | 145 |
| बंगलादेश | 8,498 | 74.7 | 6.8 | 130 |
- क्रमांक: कुल 193 देशों में से है; क्रमांक जितना छोटा, स्थिति उतनी अच्छी।
- डॉलर में क्यों: प्रतिव्यक्ति आय सब देशों के लिए डॉलर में गिनी जाती है, ताकि तुलना हो सके, और इस तरह कि एक डॉलर हर देश में बराबर मात्रा में वस्तुएँ और सेवाएँ ख़रीद सके।
- श्रीलंका: छोटा-सा पड़ोसी देश हर मद में भारत से आगे है, और भारत जैसे बड़े देश का क्रमांक 130 है।
- नेपाल और बंगलादेश: दोनों की प्रतिव्यक्ति आय भारत से कम है। फिर भी बंगलादेश की संभावित आयु (74.7 वर्ष) भारत (72) से ज़्यादा है। किताब यही बात नेपाल के लिए भी लिखती है, पर तालिका में नेपाल (70.4) भारत से थोड़ा पीछे है।
- बराबरी: बंगलादेश और भारत, दोनों का क्रमांक 130 है।
किताब का निष्कर्ष: “लोगों का स्वास्थ्य, उनका कल्याण सबसे अधिक ज़रूरी है।”
विश्व बैंक और यू.एन.डी.पी.: फ़र्क़
| विश्व बैंक | यू.एन.डी.पी. (मानव विकास रिपोर्ट) | |
|---|---|---|
| आधार | एक: प्रतिव्यक्ति आय | तीन: शैक्षिक स्तर, स्वास्थ्य स्थिति और प्रति व्यक्ति आय |
| नतीजा | उच्च, मध्य और निम्न आय वाले देश | मानव विकास सूचकांक का क्रमांक |
| भारत | मध्य आय वर्ग; लगभग US $11,000 (2024) | 193 देशों में 130वाँ |
10. विकास की धारणीयता★★
पृष्ठ 14–16 · किताब की प्रश्नावली में: प्रश्न 8, 9, 10, 11
कोई देश कितना भी विकसित हो, हम चाहेंगे कि विकास का स्तर और ऊँचा हो, या कम से कम भावी पीढ़ी के लिए बना रहे। पर बीसवीं सदी के उत्तरार्द्ध से बहुत से वैज्ञानिक चेतावनी देते आ रहे हैं कि विकास का मौजूदा प्रकार और स्तर धारणीय नहीं है।
किताब के बॉक्स में: “हमने विश्व को अपने पूर्वजों से उत्तराधिकार में प्राप्त नहीं किया है– हमने इसे अपने बच्चों से उधार लिया है।”
दो तरह के साधन, एक ही ख़तरा
उदाहरण 1: भारत में भूमिगत जल
| आँकड़ा | किताब क्या बताती है |
|---|---|
| 300 ज़िले | पिछले 20 साल में पानी का स्तर 4 मीटर से ज़्यादा गिरा |
| लगभग एक तिहाई भाग | देश का इतना हिस्सा भूमिगत जल भण्डारों का अति-उपयोग कर रहा है |
| अगले 25 वर्ष | यही ढंग चला, तो देश का 60 प्रतिशत भाग अति-उपयोग कर रहा होगा |
| कहाँ ज़्यादा | पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के खेती में समृद्ध इलाके, मध्य और दक्षिण भारत के चट्टानी पठारी क्षेत्र, कुछ तटवर्ती क्षेत्र और तेज़ी से बढ़ती शहरी बस्तियाँ |
भूमिगत जल नवीकरणीय है; पर बरसात से होने वाली पुनः पूर्ति से ज़्यादा निकालें, तो अति-उपयोग होता है।
उदाहरण 2: तालिका 1.7, कच्चे तेल के भण्डार
| क्षेत्र या देश | भण्डार (2020), हज़ार मिलियन बैरल | भण्डार कितने वर्ष चलेंगे (2017-20) |
|---|---|---|
| मध्य-पूर्व | 836 | 70 |
| संयुक्त राज्य अमरीका | 69 | 10.5 |
| विश्व | 1732 | 47 |
- तालिका बताती है कि कच्चे तेल का प्रयोग मौजूदा दर पर चलता रहा, तो भण्डार कितने साल चलेंगे। पूरे विश्व के लिए: “यह भण्डार केवल 47 वर्षों में समाप्त हो जाएँगे।”
- भारत जैसे देश, जिनके पास तेल के पर्याप्त भण्डार नहीं हैं, आयात पर निर्भर हैं; तेल की कीमतें बढ़ें, तो हर किसी पर भार पड़ता है।
- संयुक्त राज्य अमेरिका जैसे कुछ देशों के पास भण्डार कम है, पर वे इसे सैन्य और आर्थिक शक्ति के द्वारा पाना चाहते हैं।
अध्याय की आख़िरी बात
- पर्यावरण में गिरावट के नतीजे राष्ट्रीय और राज्य सीमाएँ नहीं मानते: “हम सब का भविष्य परस्पर जुड़ा हुआ है।”
- धारणीयता ज्ञान का नया क्षेत्र है, जिसमें वैज्ञानिक, अर्थशास्त्री, दार्शनिक और दूसरे सामाजिक वैज्ञानिक मिलकर काम कर रहे हैं।
- विकास का प्रश्न हमेशा चलने वाला प्रश्न है: हम कहाँ जाना चाहते हैं, क्या बनना चाहते हैं, हमारे लक्ष्य क्या हैं। “इसलिए विकास पर बहस जारी है।”
11. आँकड़े और साल एक जगह★
| आँकड़ा या साल | किसका | पृष्ठ |
|---|---|---|
| 500 टन · 7 · 20 · 26,000 | आइवरी कोस्ट (अबिदजान): ज़हरीला तरल कचरा · मौतें · अस्पताल में भरती · जिनका इलाज हुआ | 7 |
| US $66,500 या ज़्यादा (2024) | विश्व बैंक: उच्च आय (समृद्ध) देश, प्रतिव्यक्ति आय प्रति वर्ष | 8 |
| लगभग US $2,300 या कम | निम्न आय वाला देश | 8 |
| लगभग US $11,000 | भारत की प्रतिव्यक्ति आय (2024); मध्य आय वर्ग | 8 |
| 10,000 रुपये | तालिका 1.2: दोनों देशों की औसत मासिक आय (कुल 50,000 रुपये, 5 नागरिक) | 9 |
| 3,25,759 · 2,81,001 · 60,337 रुपये | तालिका 1.3: प्रतिव्यक्ति आय 2023-24, हरियाणा · केरल · बिहार | 10 |
| 28 · 6 · 27 | शिशु मृत्यु दर (2020), प्रति 1,000 जीवित जन्म | 10 |
| 80 · 96 · 71 | साक्षरता दर %, 2017-18 | 10 |
| 67 · 77 · 55 | निवल उपस्थिति अनुपात, माध्यमिक स्तर (15–17 वर्ष), 2019-21 | 10 |
| 90% · 35% | राशन की दुकानों का प्रयोग करने वाले ग्रामीण लोग: तमिलनाडु · पश्चिम बंगाल | 12 |
| 1960 | 14 वर्ष तक के सभी बच्चों को निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का संवैधानिक लक्ष्य इस साल तक पूरा होना था | 12 |
| 2023 · 193 | तालिका 1.6 के आँकड़ों का साल · कुल देश, जिनमें क्रमांक दिया गया | 13 |
| 89 · 130 · 130 · 145 · 150 · 168 | मानव विकास सूचकांक क्रमांक: श्रीलंका · भारत · बंगलादेश · नेपाल · म्यांमार · पाकिस्तान | 13 |
| 9,047 डॉलर · 72 वर्ष · 6.9 वर्ष | भारत: प्रति व्यक्ति सकल राष्ट्रीय आय · संभावित आयु · स्कूली पढ़ाई के औसत वर्ष | 13 |
| 300 ज़िले · 20 साल · 4 मीटर | भूमिगत जल का स्तर इतना गिरा | 14 |
| लगभग एक तिहाई → 60% (अगले 25 वर्ष में) | भूमिगत जल का अति-उपयोग करने वाला भाग: अभी → आगे | 14 |
| 836 · 69 · 1732 | कच्चे तेल के भण्डार (2020), हज़ार मिलियन बैरल: मध्य-पूर्व · अमरीका · विश्व | 15 |
| 70 · 10.5 · 47 वर्ष | ये भण्डार कितने वर्ष चलेंगे | 15 |
| 20% · 23% | सामान्य से कम बी.एम.आई. वाले वयस्क, सभी राज्य (2019–21): पुरुष · महिला | 17 |
12. ये ग़लतियाँ मत कीजिएध्यान
| ग़लती | सही बात | पृष्ठ |
|---|---|---|
| विकास का मतलब सिर्फ़ ज़्यादा आय | लोग आय के साथ बराबरी का व्यवहार, स्वतंत्रता, सुरक्षा और आदर भी चाहते हैं: मिले-जुले लक्ष्य | 5–6 |
| सबके लिए विकास एक ही चीज़ है | लक्ष्य भिन्न हो सकते हैं, और एक का विकास दूसरे के लिए विनाशकारी भी हो सकता है | 4–5 |
| देशों की तुलना कुल आय से करना | जनसंख्या अलग-अलग होती है; तुलना औसत (प्रतिव्यक्ति) आय से होती है | 8 |
| भारत को निम्न आय वाला देश लिखना | भारत मध्य आय वर्ग में है; 2024 में प्रतिव्यक्ति आय लगभग US $11,000 | 8 |
| हर समृद्ध देश को विकसित कहना | मध्य पूर्व के देश और कुछ अन्य छोटे देश इसमें नहीं गिने जाते | 8 |
| औसत आय बराबर, तो दोनों देश बराबर विकसित | औसत से बँटवारे का पता नहीं चलता; तालिका 1.2 में औसत बराबर, पर देश ख में चार गरीब और एक बहुत अमीर | 9 |
| हरियाणा की आय ज़्यादा, इसलिए हर बात में वही आगे | शिशु मृत्यु दर, साक्षरता और स्कूल-उपस्थिति, तीनों में केरल आगे है | 10–11 |
| प्रतिव्यक्ति आय बेकार मापदंड है | उपयोगी है, पर अधूरा; इसे दूसरे मापदंडों के साथ देखिए (प्रश्न 7) | 8, 13 |
| मानव विकास सूचकांक का क्रमांक जितना बड़ा, उतना अच्छा | क्रमांक जितना छोटा, स्थिति उतनी अच्छी: श्रीलंका 89, भारत 130 | 13–14 |
| बंगलादेश मानव विकास में भारत से बेहतर (प्रश्न 2) | तालिका 1.6 में दोनों का क्रमांक 130 है; भारत से बेहतर सिर्फ़ श्रीलंका है | 13 |
| भूमिगत जल को गैर नवीकरणीय लिखना | यह नवीकरणीय है; फिर भी बरसात की भरपाई से ज़्यादा निकालें, तो अति-उपयोग होता है | 15 |
| नए तेल स्रोत मिलते रहेंगे, तो तेल कभी ख़त्म नहीं होगा | नए स्रोत भण्डार बढ़ाते हैं, पर समय के साथ वे भी ख़त्म होंगे | 15 |
13. अपने को जाँचिए: किताब के प्रश्न और उत्तर★★
हर उत्तर पहले ख़ुद सोचिए, फिर खोलकर मिलाइए। प्रश्नावली किताब के पृष्ठ 16–17 पर है।
प्रश्न 1. सामान्यतः किसी देश का विकास किस आधार पर निर्धारित किया जा सकता है?
- (क) प्रतिव्यक्ति आय
- (ख) औसत साक्षरता स्तर
- (ग) लोगों की स्वास्थ्य स्थिति
- (घ) उपरोक्त सभी
उत्तर देखिए
उत्तर: (घ) उपरोक्त सभी। देशों की तुलना में आय सबसे महत्त्वपूर्ण विशिष्टता मानी जाती है, पर अकेले काफ़ी नहीं। केरल और हरियाणा की तुलना में साक्षरता और शिशु मृत्यु दर भी देखी गईं, और मानव विकास रिपोर्ट शिक्षा, स्वास्थ्य और आय, तीनों से तुलना करती है।
प्रश्न 2. निम्नलिखित पड़ोसी देशों में से मानव विकास के लिहाज़ से किस देश की स्थिति भारत से बेहतर है?
- (क) बांग्लादेश
- (ख) श्रीलंका
- (ग) नेपाल
- (घ) पाकिस्तान
उत्तर देखिए
उत्तर: (ख) श्रीलंका। तालिका 1.6 में श्रीलंका का क्रमांक 89 है और भारत का 130; श्रीलंका हर मद में भारत से आगे है। बंगलादेश का क्रमांक भी 130 है, यानी भारत के बराबर, बेहतर नहीं। नेपाल (145) और पाकिस्तान (168) भारत से पीछे हैं।
प्रश्न 3. मान लीजिए कि एक देश में चार परिवार हैं। इन परिवारों की प्रतिव्यक्ति आय 5,000 रुपये है। अगर तीन परिवारों की आय क्रमशः 4,000, 7,000 और 3,000 रुपये है, तो चौथे परिवार की आय क्या है?
- (क) 7,500 रुपये
- (ख) 3,000 रुपये
- (ग) 2,000 रुपये
- (घ) 6,000 रुपये
उत्तर देखिए
उत्तर: (घ) 6,000 रुपये। चार परिवारों की औसत आय 5,000 रुपये है, तो कुल आय 4 × 5,000 = 20,000 रुपये। तीन परिवारों की आय 4,000 + 7,000 + 3,000 = 14,000 रुपये। चौथे की आय 20,000 − 14,000 = 6,000 रुपये।
प्रश्न 4. विश्व बैंक विभिन्न वर्गों का वर्गीकरण करने के लिए किस प्रमुख मापदंड का प्रयोग करता है? इस मापदंड की, अगर कोई हैं, तो सीमाएँ क्या हैं?
उत्तर देखिए
उत्तर: विश्व बैंक देशों को बाँटने के लिए प्रतिव्यक्ति आय (औसत आय) को मुख्य मापदंड मानता है। 2024 में जिन देशों की प्रतिव्यक्ति आय US $66,500 प्रति वर्ष या उससे ज़्यादा थी, वे उच्च आय वाले (समृद्ध) देश कहलाए, और जिनकी लगभग US $2,300 या उससे कम थी, वे निम्न आय वाले। भारत लगभग US $11,000 के साथ मध्य आय वर्ग में आता है।
इस मापदंड की सीमाएँ:
- बँटवारा नहीं दिखता: तालिका 1.2 में देश क और देश ख, दोनों की औसत आय 10,000 रुपये है, पर देश ख में चार नागरिकों की आय 500-500 रुपये है और एक की 48,000 रुपये।
- स्वास्थ्य और शिक्षा नहीं दिखते: हरियाणा की प्रतिव्यक्ति आय केरल से ज़्यादा है, फिर भी केरल में शिशु मृत्यु दर (6) हरियाणा (28) से बहुत कम है और साक्षरता (96%) ज़्यादा।
- पैसा हर चीज़ नहीं ख़रीद सकता: प्रदूषण मुक्त वातावरण, बिना मिलावट की दवाएँ और संक्रामक बीमारियों से बचाव अकेले आय से नहीं मिलते; ये सामूहिक सुविधाओं से मिलते हैं।
- आय से आगे के लक्ष्य छूट जाते हैं: बराबरी का व्यवहार, आज़ादी, सुरक्षा और आदर आय से नहीं मापे जाते।
इसलिए प्रतिव्यक्ति आय उपयोगी है, पर अकेले यह विकास का अधूरा मापदंड है।
प्रश्न 5. विकास मापने का यू.एन.डी.पी. का मापदंड किन पहलुओं में विश्व बैंक के मापदंड से अलग है?
उत्तर देखिए
उत्तर: विश्व बैंक सिर्फ़ प्रतिव्यक्ति आय देखता है, जबकि यू.एन.डी.पी. की मानव विकास रिपोर्ट आय के साथ लोगों की शिक्षा और स्वास्थ्य भी देखती है।
- आधार: विश्व बैंक का एक आधार है, प्रतिव्यक्ति आय। यू.एन.डी.पी. के तीन: लोगों का शैक्षिक स्तर, उनकी स्वास्थ्य स्थिति और प्रति व्यक्ति आय।
- नतीजा: विश्व बैंक देशों को उच्च, मध्य और निम्न आय वाले वर्गों में बाँटता है; मानव विकास रिपोर्ट हर देश को मानव विकास सूचकांक का क्रमांक देती है (तालिका 1.6 में कुल 193 देशों में से)।
- क्या दिखता है: यू.एन.डी.पी. का मापदंड वह भी दिखाता है जो अकेली आय छिपा लेती है। जैसे बंगलादेश की प्रतिव्यक्ति आय (8,498 डॉलर) भारत (9,047) से कम है, पर जन्म के समय संभावित आयु (74.7 वर्ष) भारत (72) से ज़्यादा।
इसलिए यू.एन.डी.पी. का मापदंड विकास की ज़्यादा पूरी तस्वीर देता है।
प्रश्न 6. हम औसत का प्रयोग क्यों करते हैं? इनके प्रयोग करने की क्या कोई सीमाएँ हैं? विकास से जुड़े अपने उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर देखिए
उत्तर: अलग-अलग आकार की चीज़ों की तुलना के लिए हम औसत का प्रयोग करते हैं; पर औसत यह नहीं बताता कि चीज़ लोगों में कैसे बँटी है।
- क्यों: देशों की जनसंख्या अलग-अलग होती है, इसलिए कुल आय से पता नहीं चलता कि औसत व्यक्ति कितना कमाता है। कुल आय को कुल जनसंख्या से भाग देकर औसत (प्रतिव्यक्ति) आय निकलती है, और तब तुलना हो पाती है।
- सीमा: तालिका 1.2 में देश क और देश ख की औसत आय बराबर, 10,000 रुपये है। पर देश क में कोई न बहुत अमीर है, न बहुत गरीब; देश ख में चार नागरिक 500-500 रुपये पाते हैं और एक 48,000 रुपये।
- विकास से जुड़ा उदाहरण: हरियाणा की औसत आय (3,25,759 रुपये) तीनों राज्यों में सबसे ज़्यादा है। पर यह औसत न यह बताता है कि राज्य में आय कैसे बँटी है, न यह कि शिशु मृत्यु दर में हरियाणा (28) केरल (6) से कितना पीछे है।
इसलिए औसत तुलना के लिए उपयोगी है, पर उसके साथ बँटवारा और दूसरे मापदंड भी देखने चाहिए।
प्रश्न 7. प्रतिव्यक्ति आय कम होने पर भी केरल का मानव विकास क्रमांक हरियाणा से ऊँचा है। इसलिए प्रतिव्यक्ति आय एक उपयोगी मापदंड बिल्कुल नहीं है और राज्यों की तुलना के लिए इसका उपयोग नहीं करना चाहिए। क्या आप सहमत हैं? चर्चा कीजिए।
उत्तर देखिए
उत्तर: नहीं, मैं इससे सहमत नहीं हूँ। प्रतिव्यक्ति आय उपयोगी मापदंड है, पर अकेले काफ़ी नहीं; इसे दूसरे मापदंडों के साथ इस्तेमाल करना चाहिए।
- आय क्यों उपयोगी: ज़्यादा आय का मतलब माना जाता है लोगों की ज़रूरत की ज़्यादा चीज़ें; इसीलिए देशों की तुलना में आय को सबसे महत्त्वपूर्ण विशिष्टता माना जाता है। मानव विकास रिपोर्ट भी अपने तीन आधारों में प्रति व्यक्ति आय गिनती है।
- आय क्यों अधूरी: हरियाणा की प्रतिव्यक्ति आय (3,25,759 रुपये) केरल (2,81,001 रुपये) से ज़्यादा है, फिर भी तालिका 1.4 में केरल शिशु मृत्यु दर, साक्षरता और स्कूल-उपस्थिति, तीनों में आगे है।
- फ़र्क़ का कारण: केरल में स्वास्थ्य और शिक्षा की मौलिक सुविधाएँ पर्याप्त हैं। जेब का पैसा ऐसी सार्वजनिक सुविधाएँ नहीं ख़रीद सकता।
इसलिए प्रतिव्यक्ति आय को छोड़ना नहीं चाहिए; उसके साथ स्वास्थ्य, शिक्षा और सार्वजनिक सुविधाओं के आँकड़े भी देखने चाहिए।
प्रश्न 8. भारत के लोगों द्वारा ऊर्जा के किन स्रोतों का प्रयोग किया जाता है? ज्ञात कीजिए। अब से 50 वर्ष पश्चात् क्या संभावनाएँ हो सकती हैं?
उत्तर देखिए
उत्तर: यह प्रश्न आपसे ख़ुद पता लगाने को कहता है, क्योंकि किताब भारत के ऊर्जा स्रोतों की सूची नहीं देती। उत्तर ऐसे बनाइए:
- पता कैसे करें: अपने घर, गाँव या मोहल्ले में देखिए और बड़ों से पूछिए: खाना किससे पकता है, रोशनी किससे होती है, खेत में पानी और सड़क पर गाड़ियाँ किससे चलती हैं। हर स्रोत के आगे लिखिए कि वह नवीकरणीय है या गैर नवीकरणीय। कच्चे तेल के आँकड़ों का स्रोत किताब ने तालिका 1.7 के नीचे दिया है: एनर्जी इंस्टीट्यूट स्टैटिस्टीकल रिव्यू ऑफ वर्ल्ड एनर्जी, जून 2024।
- किताब से एक स्रोत: कच्चा तेल गैर नवीकरणीय है। भारत इसके आयात पर निर्भर है, क्योंकि उसके पास तेल के पर्याप्त भण्डार नहीं हैं; तेल की कीमतें बढ़ने पर हर किसी पर भार पड़ता है।
- 50 वर्ष बाद: तालिका 1.7 के अनुसार कच्चे तेल का प्रयोग मौजूदा दर पर चलता रहा, तो विश्व के भण्डार 47 वर्षों में ख़त्म हो जाएँगे। यानी 50 वर्ष बाद तेल बहुत कम और महँगा हो सकता है, और आयात पर टिके भारत पर इसका भारी असर पड़ सकता है। नए स्रोत मिलें, तो भी वे समय के साथ ख़त्म होंगे।
इसलिए आने वाले समय के लिए ऊर्जा को सोच-समझकर इस्तेमाल करना होगा; यही विकास की धारणीयता का सवाल है।
प्रश्न 9. धारणीयता का विषय विकास के लिए क्यों महत्त्वपूर्ण है?
उत्तर देखिए
उत्तर: धारणीयता इसलिए महत्त्वपूर्ण है कि विकास सिर्फ़ आज के लिए नहीं, आने वाली पीढ़ियों के लिए भी बना रहना चाहिए।
- हम चाहते हैं कि विकास का स्तर और ऊँचा हो, या कम से कम भावी पीढ़ी के लिए बना रहे। पर बीसवीं सदी के उत्तरार्द्ध से बहुत से वैज्ञानिक चेतावनी दे रहे हैं कि विकास का मौजूदा प्रकार और स्तर धारणीय नहीं है।
- भूमिगत जल: 300 ज़िलों में पिछले 20 साल में पानी का स्तर 4 मीटर से ज़्यादा गिरा है; यही ढंग चला, तो अगले 25 वर्षों में देश का 60 प्रतिशत भाग इसका अति-उपयोग कर रहा होगा।
- कच्चा तेल: मौजूदा दर पर विश्व के भण्डार केवल 47 वर्षों में ख़त्म हो जाएँगे।
- सबका साझा भविष्य: पर्यावरण में गिरावट के नतीजे राष्ट्रीय और राज्य सीमाएँ नहीं मानते; हम सबका भविष्य आपस में जुड़ा है।
किताब का वाक्य उत्तर के अंत में लिखिए: “हमने विश्व को अपने पूर्वजों से उत्तराधिकार में प्राप्त नहीं किया है– हमने इसे अपने बच्चों से उधार लिया है।”
प्रश्न 10. धरती के पास सब लोगों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त संसाधन हैं, लेकिन एक भी व्यक्ति के लालच को पूरा करने के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। यह कथन विकास की चर्चा में कैसे प्रासंगिक है? चर्चा कीजिए।
उत्तर देखिए
उत्तर: यह कथन बताता है कि मुश्किल साधनों की कमी से ज़्यादा उनके बेहिसाब इस्तेमाल की है; इसलिए यह विकास की धारणीयता की बहस से सीधे जुड़ता है।
- ज़रूरत और लालच: धरती के साधन सबकी ज़रूरत पूरी कर सकते हैं। पर कुछ लोग ज़रूरत से कहीं ज़्यादा लें, तो दूसरों के लिए और आने वाली पीढ़ियों के लिए कम पड़ेगा।
- किताब के उदाहरण: भूमिगत जल बरसात से होने वाली पुनः पूर्ति से ज़्यादा निकाला जा रहा है; कच्चे तेल का भण्डार निश्चित है और मौजूदा दर पर 47 वर्षों में ख़त्म हो जाएगा।
- एक का विकास, दूसरे का नुकसान: किताब कहती है कि एक के लिए जो विकास है, वह दूसरे के लिए विनाशकारी भी हो सकता है। आइवरी कोस्ट के अबिदजान में एक बहुराष्ट्रीय कंपनी के ठेके पर फेंके गए ज़हरीले कचरे के धुएँ से लोग बीमार पड़े, और एक महीने बाद 7 लोग मारे गए।
इसलिए विकास ऐसा होना चाहिए जो सबकी ज़रूरतें पूरी करे और साधनों को आगे की पीढ़ियों के लिए भी बचाए।
प्रश्न 11. पर्यावरण में गिरावट के कुछ ऐसे उदाहरणों की सूची बनाइए जो आपने अपने आसपास देखे हों।
उत्तर देखिए
उत्तर: यह सूची आपके अपने आसपास से बनेगी; किताब के उदाहरणों से शुरुआत कीजिए और फिर अपने देखे उदाहरण जोड़िए।
- किताब के उदाहरण: भूमिगत जल का गिरता स्तर (300 ज़िलों में 20 साल में 4 मीटर से ज़्यादा); आइवरी कोस्ट के अबिदजान में खुले कूड़े घर और समुद्र में डाला गया 500 टन ज़हरीला तरल कचरा; बड़े बाँधों से ज़मीन का डूबना।
- अपने आसपास देखिए: कूड़े के ढेर, गंदा नाला या तालाब, धुआँ, सूखते कुएँ, कटते पेड़। हर उदाहरण के साथ एक पंक्ति लिखिए कि यह कहाँ देखा और लोगों पर इसका क्या असर है।
प्रश्न 12. तालिका 1.6 में दी गई प्रत्येक मद के लिए ज्ञात कीजिए कि कौन-सा देश सबसे ऊपर है और कौन-सा सबसे नीचे।
उत्तर देखिए
उत्तर: हर मद में श्रीलंका सबसे ऊपर है; सबसे नीचे नेपाल, म्यांमार या पाकिस्तान है।
- प्रति व्यक्ति सकल राष्ट्रीय आय: सबसे ऊपर श्रीलंका (12,616 डॉलर), सबसे नीचे नेपाल (4,726)।
- जन्म के समय संभावित आयु: सबसे ऊपर श्रीलंका (77.5 वर्ष), सबसे नीचे म्यांमार (66.9)।
- स्कूली पढ़ाई के औसत वर्ष: सबसे ऊपर श्रीलंका (10.8), सबसे नीचे पाकिस्तान (4.3)।
- मानव विकास सूचकांक क्रमांक: सबसे अच्छा श्रीलंका (89), सबसे पीछे पाकिस्तान (168)।
प्रश्न 13. नीचे दी गई तालिका में भारत में वयस्कों (15–49 वर्ष आयु वाले) जिनका बी.एम.आई. सामान्य से कम है (बी.एम.आई. <18.5kg/m²) का अनुपात दिखाया गया है। यह वर्ष 2019–21 में देश के विभिन्न राज्यों के एक सर्वेक्षण पर आधारित है। तालिका का अध्ययन करके निम्नलिखित प्रश्नों का उत्तर दीजिए।
| राज्य | पुरुष (%) | महिला (%) |
|---|---|---|
| केरल | 8.5 | 10 |
| कर्नाटक | 17 | 21 |
| मध्य प्रदेश | 28 | 28 |
| सभी राज्य | 20 | 23 |
- (क) केरल और मध्य प्रदेश के लोगों के पोषण स्तरों की तुलना कीजिए।
- (ख) क्या आप अन्दाज़ लगा सकते हैं कि देश में लगभग हर पाँच में से एक व्यक्ति अल्पपोषित क्यों है, यद्यपि यह तर्क दिया जाता है कि देश में पर्याप्त खाद्य है? अपने शब्दों में विवरण दीजिए।
उत्तर देखिए
उत्तर: (क) केरल का पोषण स्तर मध्य प्रदेश से कहीं बेहतर है। केरल में सामान्य से कम बी.एम.आई. वाले पुरुष 8.5% और महिलाएँ 10% हैं; मध्य प्रदेश में दोनों 28%, यानी लगभग तीन गुना। मध्य प्रदेश में हर चार में से एक से ज़्यादा वयस्क अल्पपोषित है, केरल में लगभग दस में से एक। किताब बताती है कि केरल में स्वास्थ्य और शिक्षा की मौलिक सुविधाएँ पर्याप्त हैं; इस फ़र्क़ को उसी से जोड़कर समझिए।
(ख) सभी राज्यों में 20% पुरुष और 23% महिलाएँ सामान्य से कम बी.एम.आई. वाले हैं, यानी लगभग हर पाँच में से एक। देश में पर्याप्त खाद्य होने पर भी ऐसा इसलिए हो सकता है:
- कुल या औसत से यह पता नहीं चलता कि चीज़ लोगों में कैसे बँटी है; खाद्य देश में हो, पर हर घर तक न पहुँचे।
- जिनकी आय कम है, वे बाज़ार से पूरा भोजन नहीं ख़रीद पाते।
- जिन राज्यों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली ठीक चलती है, वहाँ स्वास्थ्य और पोषण बेहतर होने की संभावना है। किताब में दिए एक अध्ययन के अनुसार तमिलनाडु के 90% ग्रामीण लोग राशन की दुकानों का प्रयोग करते हैं, पश्चिम बंगाल में सिर्फ़ 35%।
किताब की गतिविधियाँ
ये प्रश्नावली में नहीं हैं, पर अध्याय समझने में मदद करती हैं।
गतिविधि (पृष्ठ 4). तालिका 1.1 की खाली पंक्तियाँ भरिए: केवल वर्षा पर निर्भर किसान, भूस्वामी परिवार की ग्रामीण महिला, शहरी बेरोज़गार युवक, शहर के अमीर परिवार का लड़का और नर्मदा घाटी का आदिवासी। चाहें तो नई श्रेणियाँ भी जोड़िए।
उत्तर देखिए
उत्तर: इसका कोई एक तय उत्तर नहीं है; हर व्यक्ति की हालत सोचकर उसकी सबसे बड़ी ज़रूरत लिखिए। नर्मदा घाटी के आदिवासी के लिए अगले पृष्ठ का बाँध वाला उदाहरण काम आएगा: बाँध से ज़मीन डूबे, तो आदिवासी जैसे लोग बेघर हो सकते हैं, और वे खेतों की सिंचाई के लिए छोटे चैक बाँध या तालाब पसंद कर सकते हैं। भरने के बाद देखिए कि किन दो पंक्तियों के लक्ष्य आपस में टकराते हैं।
आओ–इन पर विचार करें (पृष्ठ 7). अख़बार की रिपोर्ट: एक जहाज़ ने आइवरी कोस्ट (अफ़्रीका) के अबिदजान शहर के खुले कूड़े घर और आसपास के समुद्र में 500 टन तरल ज़हरीले अवशेष डाल दिए। धुएँ से लोगों को जी मिचलाना, चमड़ी पर ददोरे, बेहोशी और दस्त की शिकायतें हुईं। एक महीने बाद 7 लोग मारे गए, 20 अस्पताल में भरती हुए और 26,000 लोगों का विषाक्तता का इलाज हुआ। पेट्रोल और धातुओं से जुड़ी एक बहुराष्ट्रीय कंपनी ने आइवरी कोस्ट की एक स्थानीय कंपनी को अपने जहाज़ से ज़हरीले पदार्थ फेंकने का ठेका दिया था। (क) किन लोगों को फ़ायदा हुआ और किनको नहीं? (ख) इस देश के विकास के लक्ष्य क्या होने चाहिए?
उत्तर देखिए
उत्तर: (क) फ़ायदा बहुराष्ट्रीय कंपनी को हुआ, जिसका ज़हरीला कचरा उसके जहाज़ से हट गया, और स्थानीय कंपनी को, जिसे ठेका मिला। नुकसान अबिदजान के लोगों का हुआ (7 मौतें, 20 अस्पताल में, 26,000 का इलाज) और वहाँ के समुद्र और ज़मीन का। (ख) साफ़ और सुरक्षित वातावरण, लोगों का स्वास्थ्य, और ऐसे नियम जो किसी को भी ज़हरीला कचरा इस तरह फेंकने न दें। यह उदाहरण दिखाता है कि एक का विकास दूसरे के लिए विनाशकारी हो सकता है।
कार्यकलाप 1 (पृष्ठ 7). विकास के तरीकों पर किसी विवाद में अलग-अलग लोगों के तर्क जानिए, लोगों से बात करके या अख़बार और टेलीविज़न से।
उत्तर देखिए
उत्तर: एक विवाद चुनिए। किताब का अपना उदाहरण बाँध का है: उद्योगपति ज़्यादा बिजली के लिए ज़्यादा बाँध चाहते हैं, जबकि जिनकी ज़मीन डूबती है, वे सिंचाई के लिए छोटे चैक बाँध या तालाब पसंद कर सकते हैं। दो कॉलम बनाइए, पक्ष और विपक्ष, और हर तर्क के आगे लिखिए कि वह किसने दिया।
आओ–इन पर विचार करें (पृष्ठ 12). एक अध्ययन में पाया गया कि तमिलनाडु के ग्रामीण क्षेत्रों के 90 प्रतिशत लोग राशन की दुकानों का प्रयोग करते हैं, जबकि पश्चिम बंगाल में केवल 35 प्रतिशत। कहाँ के लोगों का जीवन बेहतर होगा, और क्यों?
उत्तर देखिए
उत्तर: तमिलनाडु के। वहाँ सार्वजनिक वितरण प्रणाली कहीं ज़्यादा लोगों तक पहुँच रही है, और किताब कहती है कि जिन राज्यों में यह ठीक चलती है, वहाँ लोगों के स्वास्थ्य और पोषण स्तर बेहतर होने की संभावना है।
कार्यकलाप 2 (पृष्ठ 12). तालिका 1.5 (उत्तर प्रदेश की ग्रामीण जनसंख्या) देखकर ख़ाली जगहें भरिए।
| श्रेणी | पुरुष | महिला |
|---|---|---|
| ग्रामीण जनसंख्या की साक्षरता दर | 76% | 54% |
| 10–14 वर्ष के ग्रामीण बच्चों में साक्षरता दर | 90% | 87% |
| 10–14 वर्ष के स्कूल जाने वाले ग्रामीण बच्चों का प्रतिशत | 85% | 82% |
- (क) सभी आयु वर्गों की साक्षरता दर ग्रामीण पुरुषों के लिए ___ और ग्रामीण महिलाओं के लिए ___ थी। बहुत से वयस्क स्कूल नहीं जा पाए, और ___ इस समय स्कूल में नहीं हैं।
- (ख) ___ प्रतिशत ग्रामीण लड़कियाँ और ___ प्रतिशत ग्रामीण लड़के स्कूल नहीं जा रहे। 10 से 14 वर्ष के बच्चों में ___ प्रतिशत ग्रामीण लड़कियाँ और ___ प्रतिशत ग्रामीण लड़के निरक्षर हैं।
- (ग) स्वतंत्रता के 75 वर्षों के बाद भी ___ आयु वर्ग में इतनी ज़्यादा निरक्षरता चिंताजनक है।
उत्तर देखिए
उत्तर: (क) 76%; 54%; 10–14 वर्ष के कई बच्चे (लड़कों में 15% और लड़कियों में 18%)। (ख) 18 और 15 (100 − 82 और 100 − 85); 13 और 10 (100 − 87 और 100 − 90)। (ग) 10–14 वर्ष। किताब यह भी बताती है कि 14 वर्ष तक के सभी बच्चों को निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा देने का संवैधानिक लक्ष्य 1960 तक पूरा होना था, पर बहुत से राज्य अब भी उसके पास नहीं पहुँचे।
कार्यकलाप 3 (पृष्ठ 13). अपना बी.एम.आई. निकालिए: भार किलोग्राम में लीजिए, दीवार पर पैमाना बनाकर सिर सीधा रखते हुए ऊँचाई नापिए, फिर भार को ऊँचाई के वर्ग से भाग दीजिए। किताब के पृष्ठ 90 और 91 की ‘आयु-अनुसार बी.एम.आई.’ तालिका से देखिए कि आपका बी.एम.आई. सामान्य है, सामान्य से कम या सामान्य से अधिक।
उत्तर देखिए
उत्तर: उदाहरण: भार 45 किलोग्राम और ऊँचाई 150 सेंटीमीटर, यानी 1.5 मीटर। ऊँचाई का वर्ग 1.5 × 1.5 = 2.25; बी.एम.आई. = 45 ÷ 2.25 = 20। किताब ऊँचाई सेंटीमीटर में नापने को कहती है; भाग देने से पहले उसे मीटर में बदलिए (प्रश्न 13 में बी.एम.आई. की इकाई kg/m² छपी है)। किताब के उदाहरण में 14 वर्ष 8 माह के जिस विद्यार्थी का बी.एम.आई. 15.2 है, वह अल्प-पोषित है। दूसरे उदाहरण में छपा है कि 15 वर्ष 6 माह के जिस विद्यार्थी का बी.एम.आई. 28 है, उसे न्यूनभारित कहेंगे; पर 28 सामान्य से कम नहीं, ज़्यादा है, यानी ऐसे विद्यार्थी का भार सामान्य से अधिक है। यह चर्चा किसी को लज्जित किए बिना कीजिए।
अतिरिक्त परियोजना (पृष्ठ 17). अपने क्षेत्र के विकास पर चर्चा के लिए तीन अलग वक्ताओं को बुलाइए और मन में आए सारे प्रश्न पूछिए। फिर समूहों में चर्चा कीजिए। हर समूह एक दीवार-चार्ट बनाए, जिसमें कारण सहित वे विचार हों जिनसे वह सहमत या असहमत है।
उत्तर देखिए
उत्तर: तीन वक्ता ऐसे चुनिए जिनके लक्ष्य अलग हों, जैसे कोई किसान, कोई मज़दूर और कोई दुकानदार। चार्ट में दो कॉलम रखिए, सहमत और असहमत, और हर विचार के आगे एक कारण। चार्ट के नीचे अध्याय की सीख लिखिए: अलग-अलग लोगों के विकास के लक्ष्य भिन्न हो सकते हैं।
झटपट दोहराइए
1. प्रतिव्यक्ति आय कैसे निकाली जाती है?
उत्तर देखिए
उत्तर: देश की कुल आय को कुल जनसंख्या से भाग देकर; इसे औसत आय भी कहते हैं।
2. 2024 में विश्व बैंक के अनुसार उच्च आय और निम्न आय वाले देश कौन-से हैं?
उत्तर देखिए
उत्तर: प्रतिव्यक्ति आय US $66,500 प्रति वर्ष या ज़्यादा हो तो उच्च आय; लगभग US $2,300 या कम हो तो निम्न आय। भारत (लगभग US $11,000) मध्य आय वर्ग में है।
3. तालिका 1.2 के दोनों देशों में क्या बराबर है, और क्या नहीं?
उत्तर देखिए
उत्तर: औसत आय बराबर है (10,000 रुपये), आय का बँटवारा नहीं। देश ख में चार नागरिकों को 500-500 रुपये मिलते हैं और एक को 48,000।
4. केरल में शिशु मृत्यु दर कम क्यों है?
उत्तर देखिए
उत्तर: क्योंकि वहाँ स्वास्थ्य और शिक्षा की मौलिक सुविधाएँ पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।
5. मानव विकास रिपोर्ट कौन प्रकाशित करता है, और यह देशों की तुलना किस आधार पर करती है?
उत्तर देखिए
उत्तर: यू.एन.डी.पी.; लोगों के शैक्षिक स्तर, उनकी स्वास्थ्य स्थिति और प्रति व्यक्ति आय के आधार पर।
6. तालिका 1.6 में भारत और श्रीलंका का मानव विकास सूचकांक क्रमांक क्या है?
उत्तर देखिए
उत्तर: भारत 130, श्रीलंका 89; कुल 193 देशों में।
7. भूमिगत जल नवीकरणीय है, फिर भी उस पर संकट क्यों है?
उत्तर देखिए
उत्तर: क्योंकि हम इसे बरसात से होने वाली पुनः पूर्ति से ज़्यादा निकाल रहे हैं; 300 ज़िलों में 20 साल में स्तर 4 मीटर से ज़्यादा गिरा है।
8. विश्व के कच्चे तेल के भण्डार मौजूदा दर पर कितने साल चलेंगे?
उत्तर देखिए
उत्तर: 47 वर्ष (तालिका 1.7)।