अध्याय 4वैश्वीकरण और भारतीय अर्थव्यवस्था

पाठ योजना15 मिनट

कक्षा — 10 · विषय — अर्थशास्त्र · पृष्ठ — 55 से 73 · कुल कालांश — 10


पूरी योजना एक नज़र में

कालांशविषयपृष्ठ
1बाज़ार कैसे बदला + बहुराष्ट्रीय कंपनी की परिभाषा55–56
2उत्पादन का विश्व-स्तरीय बँटवारा; MNC नियंत्रण के चार तरीक़े57–58
3फोर्ड मोटर्स का केस-अध्ययन59
4★विदेश व्यापार और चीनी खिलौने; बाज़ारों का एकीकरण59–61
5★★वैश्वीकरण क्या है + उसे संभव बनाने वाले कारक61–63
6उदारीकरण और व्यापार अवरोधक64
7★विश्व व्यापार संगठन और कृषि पर वाद-विवाद65–66
8भारत में प्रभाव — किसे लाभ हुआ66–67
9★★रवि और सुशीला — किसे हानि हुई68–69
10★न्यायसंगत वैश्वीकरण + अभ्यास70–73

★★इस अध्याय की सबसे बड़ी बात — यह दो पक्षों वाला अध्याय है, जैसे भूगोल का अध्याय 6 था। कालांश 8 तक वैश्वीकरण नायक है; कालांश 9 से वह सवालों के घेरे में आ जाता है। यह मोड़ नौवें कालांश की शुरुआत में खोलकर बताइए।

बोर्ड पर लिखने और पूरे अध्याय भर रहने देने वाली पंक्ति —

“एक ही वैश्वीकरण ने शहर के अमीर उपभोक्ता को ज़्यादा विकल्प दिए — और होसुर के रवि की फैक्ट्री बंद करवा दी।”

कालांश 1 — बाज़ार कैसे बदला

उद्देश्य — विद्यार्थी बहुराष्ट्रीय कंपनी की परिभाषा दे सकें।

(क) शुरुआत — 12 मिनट · “पाँच चीज़ें जो दादा-दादी के ज़माने में नहीं थीं”

बच्चों से गिनवाइए — मोबाइल, टीवी के नए मॉडल, कोल्ड ड्रिंक, चिप्स, ब्रांडेड जूते। फिर किताब की पंक्ति पढ़वाइए — “वो दिन गुज़र गए, जब भारत की सड़कों पर केवल एम्बेसडर और फिएट कारें ही दिखाई देती थीं… कुछ ही वर्षों में हमारा बाज़ार पूर्णत: परिवर्तित हो गया है।”

(ख) पहले क्या था — 10 मिनट

“बीसवी शताब्दी के मध्य तक उत्पादन मुख्यत: देशों की सीमाओं के अंदर ही सीमित था… भारत जैसे उपनिवेशों से कच्चा माल एवं खाद्य पदार्थ निर्यात होते थे और तैयार वस्तुओं का आयात होता था।” ★इतिहास से जोड़िए — “यह वही बात है जो तुमने ईस्ट इंडिया कंपनी के बारे में पढ़ी थी।”

(ग) MNC की परिभाषा — 15 मिनट

शब्दश: लिखवाइए — “एक बहुराष्ट्रीय कंपनी वह है, जो एक से अधिक देशों में उत्पादन पर नियंत्रण अथवा स्वामित्व रखती है।” और क्यों — “जहाँ उन्हें सस्ता श्रम एवं अन्य संसाधन मिल सकते हैं… उत्पादन लागत में कमी करने तथा अधिक लाभ कमाने के लिए।”

(घ) समापन — 3 मिनट

“कल हम देखेंगे कि एक ही चीज़ चार देशों में बनकर कैसे आती है।”

कालांश 2 — उत्पादन का विश्व-स्तरीय बँटवारा

उद्देश्य — विद्यार्थी बता सकें कि MNC उत्पादन कैसे बाँटती और नियंत्रित करती है।

(क) चार देशों वाला उदाहरण — 12 मिनट★

बोर्ड पर तीर की श्रृंखला —

अमेरिका (डिज़ाइन) → चीन (पुर्ज़े) → मेक्सिको व पूर्वी यूरोप (जोड़ाई) → विश्व भर में बिक्री → भारत (कॉल सेंटर) हर देश क्या देता है, वह भी लिखवाइए। और अंत में — ★“ये सभी चीज़ें बहुराष्ट्रीय कंपनी की लागत का लगभग 50-60 प्रतिशत बचत कर सकती हैं।”

(ख) ‘मेड इन थाईलैण्ड’ वाली क्रियाकलाप — 8 मिनट

बच्चों से पूरा करवाइए — “कोरिया से सूत, भारत से कपास, बांग्लादेश से बटन-ज़िप, इटली से डिज़ाइन, थाईलैंड में सिलाई।”

(ग) नियंत्रण के चार तरीक़े — 18 मिनट★★

#तरीक़ाउदाहरण
1स्वयं कारख़ानाफोर्ड
2संयुक्त उत्पादनदोहरा लाभ — धन + नवीनतम प्रौद्योगिकी
3★स्थानीय कंपनी ख़रीदना (“सबसे आम रास्ता”)कारगिल ने परख फ़ूड्स को
4छोटे उत्पादकों को ऑर्डरवस्त्र, जूते-चप्पल, खेल का सामान

(घ) समापन — 7 मिनट

★“कई शीर्षस्थ बहुराष्ट्रीय कंपनियों की संपत्ति विकासशील देशों की सरकारों के सम्पूर्ण बजट से भी अधिक है। — सोचो, इसका क्या मतलब है?”

कालांश 3 — फोर्ड मोटर्स

उद्देश्य — विद्यार्थी एक असली MNC का पूरा केस-अध्ययन कर सकें।

(क) बॉक्स पढ़वाइए — 8 मिनट

26 देश · 1995 · चेन्नई · 1,700 करोड़ · महिन्द्रा एंड महिन्द्रा के सहयोग से

(ख) सातों प्रश्न कक्षा में कराइए — 25 मिनट★

यह अध्याय का सबसे अच्छा अभ्यास है — सातों प्रश्न बच्चों से पूछिए और उत्तर बोर्ड पर बनवाइए। ख़ास ध्यान दीजिए — “88,000 कारें भारत में बिकीं, पर 1,81,000 कारों का निर्यात भी हुआ।” — ★यानी भारत में बनी कारें भारत के लिए नहीं थीं। यही ‘कम उत्पादन लागत का लाभ’ है।

(ग) समापन — 7 मिनट

सातवाँ प्रश्न ज़रूर चर्चा में लाइए — “लगभग सभी बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ अमेरिका, जापान या यूरोप की क्यों हैं?”

कालांश 4 — विदेश व्यापार और चीनी खिलौने★

उद्देश्य — विद्यार्थी बता सकें कि विदेश व्यापार बाज़ारों को कैसे जोड़ता है, और किसे लाभ-हानि होती है।

(क) विदेश व्यापार का बुनियादी काम — 8 मिनट

“विदेश व्यापार घरेलू बाज़ारों से बाहर के बाज़ारों में पहुँचने के लिए उत्पादकों को एक अवसर प्रदान करता है।”

(ख) चीनी खिलौनों की कहानी — 15 मिनट★

पूरा बॉक्स पढ़वाइए और तीन कॉलम बनवाइए —

कौनलाभ या हानि
भारतीय ख़रीददारलाभ — कम क़ीमत, अधिक विकल्प
चीनी खिलौना निर्मातालाभ — व्यवसाय फैलाने का अवसर
भारतीय खिलौना निर्माताहानि — “उनके खिलौने कम बिकते हैं”
★आँकड़ा ज़रूर लिखवाइए — “एक वर्ष में ही खिलौने की 70-80 प्रतिशत दुकानों में भारतीय खिलौनों का स्थान चीनी खिलौनों ने ले लिया।”

(ग) बाज़ारों का एकीकरण — 12 मिनट

तीन नतीजे लिखवाइए — आवागमन · विकल्प बढ़े · दो बाज़ारों में मूल्य एक समान होने लगा

★“विदेश व्यापार विभिन्न देशों के बाज़ारों को जोड़ने या एकीकरण में सहायक होता है।”

(घ) समापन — 5 मिनट

इस्पात वाला प्रश्न (पृष्ठ 61) चर्चा के लिए दीजिए — तीनों पक्षों पर अलग-अलग असर।

कालांश 5 — वैश्वीकरण क्या है★★

उद्देश्य — विद्यार्थी वैश्वीकरण की परिभाषा और उसे संभव बनाने वाले कारक बता सकें।

(क) परिभाषा — 10 मिनट

शब्दश: लिखवाइए — “विभिन्न देशों के बीच परस्पर संबंध और तीव्र एकीकरण की प्रक्रिया ही वैश्वीकरण है।” और यह भी — “बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ वैश्वीकरण की प्रक्रिया में मुख्य भूमिका निभा रही हैं।”

(ख) एक बहुत ज़रूरी अपवाद — 8 मिनटध्यान

“वस्तुओं, सेवाओं, निवेशों और प्रौद्योगिकी के अतिरिक्त… एक और माध्यम हो सकता है — लोगों का आवागमन। किन्तु अनेक प्रतिबंधों के कारण विभिन्न देशों के बीच लोगों के आवागमन में अधिक वृद्धि नहीं हुई है।” ★पूछिए — “सामान तो आसानी से सरहद पार कर जाता है — पर आदमी क्यों नहीं?” — अभ्यास प्रश्न 13(अ) सीधे इसी पर है।

(ग) दो कारक — 20 मिनट

कारकख़ास बात
परिवहन प्रौद्योगिकीकंटेनर — “ढुलाई-लागत में भारी बचत” और “माल को बाज़ारों तक पहुँचाने की गति में वृद्धि”; और वायु यातायात की लागत में गिरावट
★सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकीटेलीग्राफ़, टेलीफोन, मोबाइल, फैक्स, इंटरनेट, संचार उपग्रह; ई-मेल और अत्यंत कम मूल्य पर विश्व-भर में बात

पत्रिका वाला उदाहरण ज़रूर कराइए — लंदन का पाठ्य-विषय → दिल्ली में डिज़ाइन-छपाई → वायुमार्ग से लंदन → भुगतान ई-बैंकिंग से तत्काल।

(घ) समापन — 7 मिनट

“क्या सूचना प्रौद्योगिकी के प्रसार के बिना वैश्वीकरण संभव होता?” — चर्चा।

कालांश 6 — उदारीकरण

उद्देश्य — विद्यार्थी व्यापार अवरोधक और उदारीकरण की परिभाषा दे सकें।

(क) खिलौनों पर कर वाला उदाहरण — 12 मिनट

“मान लीजिए भारत सरकार खिलौनों के आयात पर कर लगाती है… चीन के खिलौने अब भारत के बाज़ारों में इतने सस्ते नहीं रह जाएँगे… भारत के खिलौना-निर्माता अधिक समृद्ध हो जाएँगे।” ★परिभाषा — “आयात पर कर, व्यापार अवरोधक का एक उदाहरण है।” और कोटा — “आयात होने वाली वस्तुओं की संख्या भी सीमित कर सकती है।”

(ख) भारत ने पहले अवरोधक क्यों लगाए — 10 मिनट

1950-60 के दशक · उद्योगों का उदय · केवल मशीनरी, उर्वरक और पेट्रोलियम के आयात की अनुमति ★यह पंक्ति ज़रूर पढ़वाइए — “सभी विकसित देशों ने विकास के प्रारंभिक चरणों में घरेलू उत्पादकों को विभिन्न तरीक़ों से संरक्षण दिया है।”

(ग) 1991 का बदलाव और उदारीकरण — 15 मिनट

परिभाषा शब्दश: — “सरकार द्वारा अवरोधों अथवा प्रतिबंधों को हटाने की प्रक्रिया उदारीकरण के नाम से जानी जाती है।”

(घ) समापन — 3 मिनट

“कल हम उस संगठन की बात करेंगे जो चाहता है कि कोई अवरोधक न हो।”

कालांश 7 — विश्व व्यापार संगठन★

उद्देश्य — विद्यार्थी WTO का काम और उस पर उठने वाले सवाल बता सकें।

(क) WTO — 12 मिनट

ध्येय · विकसित देशों की पहल · लगभग 160 देश · नियम बनाता है और पालन देखता है

(ख) और यहीं सवाल उठता है — 10 मिनटध्यान

“विकसित देशों ने अनुचित ढंग से व्यापार अवरोधकों को बरकरार रखा है। दूसरी ओर… विकासशील देशों के व्यापार अवरोधों को हटाने के लिए विवश किया है।”

(ग) कृषि वाला वाद-विवाद — 15 मिनट★

बोर्ड पर दो कॉलम —

भारतअमेरिका
अधिकांश रोज़गार और जी.डी.पी. का महत्त्वपूर्ण भाग कृषि सेजी.डी.पी. में कृषि मात्र 1%, रोज़गार में केवल 0.5%
फिर भी अमेरिकी किसान सरकार से भारी धन राशि पाते हैं और अधिशेष उत्पाद दूसरे देशों में कम क़ीमत पर बेचते हैं।

★वाक्य बुलवाइए — “क्या यह मुक्त और न्यायसंगत व्यापार है?”

(घ) रिक्त-स्थान — 8 मिनट

पृष्ठ 66 की पूर्ति कक्षा में ही कराइए।

कालांश 8 — भारत में प्रभाव: किसे लाभ हुआ

उद्देश्य — विद्यार्थी वैश्वीकरण के चार लाभ बता सकें।

(क) चार लाभ — 20 मिनट

शहरी धनी उपभोक्ता · MNC का निवेश और नये रोज़गार · शीर्ष भारतीय कंपनियाँ · भारतीय बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ ★पाँच नाम रटवाइए — टाटा मोटर्स · इंफोसिस · रैनबैक्सी · एशियन पेंट्स · सुंदरम फास्नर्स

(ख) सेवा क्षेत्र के नये अवसर — 8 मिनट

कॉल सेंटर · डाटा एन्ट्री · लेखाकरण · प्रशासनिक कार्य · इंजीनियरिंग

(ग) विदेशी निवेश आकर्षित करने के कदम — 10 मिनट

सेज़ · विश्व स्तरीय सुविधाएँ · पाँच वर्ष तक कर से छूट · ! श्रम-क़ानूनों में लचीलापन

(घ) समापन — 7 मिनट

“कल हम दूसरा पक्ष देखेंगे — और वहाँ तस्वीर बिल्कुल अलग है।”

कालांश 9 — रवि और सुशीला (अध्याय का मोड़)★★

उद्देश्य — विद्यार्थी बता सकें कि छोटे उत्पादकों और श्रमिकों पर क्या असर पड़ा।

(क) मोड़ खोलिए — 5 मिनट

बोर्ड पर दो शीर्षक — “वैश्वीकरण से किसे मिला” और “किससे छिना”। पहला कल भर चुके, आज दूसरा भरेंगे।

(ख) रवि की कहानी — 15 मिनट★

1992 होसुर · तीन वर्ष में 20 कर्मचारी · 2001 में आयात प्रतिबंध हटा · आयातित सामान की क़ीमत आधी · आज आधे से भी कम उत्पादन और केवल सात श्रमिक

आँकड़ा जोड़िए — “भारत में लघु और मध्यम उद्योगों में कृषि के बाद सबसे अधिक श्रमिक (11 करोड़) नियोजित हैं।”

(ग) श्रमिक और सुशीला — 18 मिनट★★

वस्त्र-निर्यात की श्रृंखला तीर से बनाइए —

बड़ी MNC → भारतीय निर्यातक को ऑर्डर → लागत घटानी है → कच्चे माल पर कटौती नहीं हो सकती → इसलिए श्रम-लागत में कटौती → अस्थायी रोज़गार, लंबे घंटे, कम मज़दूरी फिर सुशीला का बॉक्स धीरे-धीरे पढ़वाइए — “सप्ताह के सातों दिन सुबह 7.30 बजे निकलती है और शाम 10 बजे वापस आती है। एक दिन काम नहीं करने का अर्थ है, उस दिन की मज़दूरी नहीं मिलना।”

(घ) समापन — 7 मिनट

★अध्याय 2 से जोड़िए — “संगठित क्षेत्र में क्रमश: कार्य-परिस्थितियाँ असंगठित क्षेत्र के समान होती जा रही हैं। — यह वही बात है जो तुमने अध्याय 2 में पढ़ी थी।” और वाक्य बुलवाइए — “वैश्वीकरण के कारण मिले लाभ में श्रमिकों को न्यायसंगत हिस्सा नहीं दिया गया है।”

कालांश 10 — न्यायसंगत वैश्वीकरण और अभ्यास★

(क) समस्या और हल — 15 मिनट

“वैश्वीकरण सभी के लिए लाभप्रद नहीं रहा है… चूँकि वैश्वीकरण अब एक सच्चाई है, तो वैश्वीकरण को अधिक ‘न्यायसंगत’ कैसे बनाया जा सकता है?” सरकार के पाँच काम लिखवाइए; और फिर विकासशील देशों का मिलकर लड़ना तथा जनता की भूमिका। हांगकांग 2005 का चित्र दिखाइए — “ये किसी सरकार के लोग नहीं, आम लोग हैं।”

(ख) अभ्यास — 20 मिनट

रिक्त स्थान (11), सुमेलित (12) और बहुविकल्पी (13) कक्षा में ही कराइए। ★13(इ) पर रुकिए — उत्तर “उपर्युक्त में से कोई नहीं” क्यों है? → “क्योंकि सबका जीवन-स्तर नहीं सुधरा — ‘प्रभाव एक समान नहीं है।’”

(ग) समापन और परियोजना — 10 मिनट

अतिरिक्त परियोजना 1 गृहकार्य के रूप में — “कुछ ब्रांडेड उत्पाद लीजिए जिन्हें हम रोज़ाना इस्तेमाल करते हैं (साबुन, टूथपेस्ट, कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक वस्तुएँ)। जाँच कीजिए कि इनमें से कौन-कौन बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा उत्पादित हैं।” और अंत में मुख्य वाक्य बुलवाइए —

“न्यायसंगत वैश्वीकरण सभी के लिए अवसर प्रदान करेगा और यह सुनिश्चित भी करेगा कि वैश्वीकरण के लाभों में सबकी बेहतर हिस्सेदारी हो।”

शिक्षक के लिए चार सूचनाएँ

  1. ★यह दो पक्षों वाला अध्याय है। हर 5 अंक के उत्तर में दोनों पक्ष आने चाहिए — किसे लाभ, किसे हानि। एक-तरफ़ा उत्तर अधूरा उत्तर है।

  2. यह अध्याय भी नामों से याद रहता है — फोर्ड, कारगिल, चीनी खिलौने, रवि, सुशीला। पाँचों नाम पहले दिन बोर्ड पर लिख दीजिए।

  3. ! वैश्वीकरण को ‘बुरा’ मत बना दीजिए। किताब साफ़ कहती है — “वैश्वीकरण अब एक सच्चाई है” — सवाल उसे रोकने का नहीं, न्यायसंगत बनाने का है।

  4. रवि और सुशीला के बॉक्स पढ़वाइए, सुनाइए मत। और सुशीला वाला हिस्सा धीरे-धीरे पढ़िए — यह अध्याय का सबसे मानवीय हिस्सा है।