कौन तय करता है, कौन चुनता है, किसके लिए
शुरुआत
आपके विद्यालय में भी कोई नियम बनाता है, कोई उन्हें लागू करता है और कोई देखता है कि सब उन्हें मानें। देश में यही काम सरकार करती है — पर हर देश में सरकार एक जैसी नहीं होती। इस अध्याय में देखिए कि सरकारें कितने तरह की होती हैं।

“राज्य के आंतरिक प्रशासन में एक शासक का दायित्व तीन स्तरों पर होता है — रक्षा, पालन और योगक्षेम।”
अध्याय इन प्रश्नों का उत्तर देता है (पृ. 185)
- सरकार के विभिन्न प्रकार कौन-कौन से हैं?
- सरकार अपनी शक्ति कहाँ से प्राप्त करती है?
- एक देश की सरकार जनता से किस प्रकार संवाद स्थापित करती है?
- लोकतंत्र का क्या महत्व है?
कक्षा 7 के रिवीजन नोट्स अभी तैयार हो रहे हैं; तब तक यह पन्ना सीधे पाठ्यपुस्तक से बना है। आपकी प्रगति सिर्फ़ इसी ब्राउज़र में रहती है। कहीं भेजी नहीं जाती।
1सरकार क्या करती है?
कक्षा 6 में आपने पढ़ा था कि सरकार क्या होती है। पुस्तक उसकी भूमिकाएँ फिर से गिनाती है (पृ. 186)। हर भूमिका पर क्लिक करके देखिए — आपके आसपास इसका कोई उदाहरण याद आता है?
पुस्तक पूछती है (पृ. 186): सरकार के और भी बहुत से काम हैं — उनकी सूची बनाइए।
कौटिल्य के तीन शब्द (पृ. 185)
हर शब्द पलटकर उसका अर्थ देखिए।
क्या आप जानते हैं? (पृ. 189)
19वीं शताब्दी में अमेरिका के राष्ट्रपति रहे अब्राहम लिंकन ने लोकतंत्र को "जनता का, जनता के द्वारा, जनता के लिए शासन" कहा — यह वाक्य आज भी खूब इस्तेमाल होता है।
जाँच पड़ाव✓ पड़ाव पूरा
1कौटिल्य के अनुसार "योगक्षेम" का अर्थ क्या है?
पृ. 185।
2लोकतंत्र को "जनता का, जनता के द्वारा, जनता के लिए शासन" किसने कहा?
पृ. 189।
2विद्यालय की समिति
लोकतंत्र का अर्थ है "जनता का शासन" — यानी शक्ति और सत्ता का स्रोत देश की जनता है। पुस्तक इसे एक विद्यालय के उदाहरण से समझाती है (पृ. 187–188)। समय-सारणी, खेलकूद, मध्याह्न भोजन, प्रार्थना सभा के वक्ता, बस्तारहित दिवस — काम बहुत हैं। प्रधानाध्यापिका चाहती हैं कि एक विद्यार्थी समिति बने। पर समिति में कौन हो?
प्रतिनिधि (पृ. 188)
वह व्यक्ति जिसे किसी दूसरे व्यक्ति या समूह की ओर से काम करने या निर्णय लेने के लिए चुना गया हो।
सोचिए (पृ. 187): कक्षा का प्रतिनिधि और सांसद (MP) या विधायक (MLA) — दोनों में क्या-क्या अंतर हैं? शिक्षक के साथ चर्चा करके सूची बनाइए।
जाँच पड़ाव✓ पड़ाव पूरा
1पुस्तक के अनुसार समिति बनाने का लोकतांत्रिक तरीका कौन-सा है?
पृ. 188।
2सबको समिति में रखने वाले तरीके में मुख्य कठिनाई क्या है?
पृ. 188।
3तीन काम, चार अंतर
जैसे विद्यार्थी समिति नियम बनाती है, उन्हें लागू करती है और देखती है कि सब उन्हें मानें, वैसे ही सरकार के तीन काम हैं (पृ. 188–189)।
सरकारें एक-दूसरे से अलग कैसे? चार सवाल (पृ. 190–191)
हर सवाल पलटिए — पुस्तक उसके साथ क्या उदाहरण देती है?
जाँच पड़ाव✓ पड़ाव पूरा
1नियम या कानून बनाने का काम कहलाता है —
पृ. 189।
2धर्मतंत्र में सत्ता का स्रोत क्या बताया गया है?
पृ. 190।
4लोकतंत्र के मूल सिद्धांत
आज लोकतंत्र शासन का सबसे लोकप्रिय रूप है। लोकतंत्र अलग-अलग तरह के होते हैं, पर कुछ मूल सिद्धांत हर लोकतंत्र में होने चाहिए (पृ. 191–192)।
छह मूल सिद्धांत
मौलिक अधिकारों के उदाहरण (पृ. 192) — अंग्रेज़ी संस्करण: समानता का अधिकार, बोलने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार, शोषण के विरुद्ध अधिकार। हिंदी संस्करण: मतदान का अधिकार, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार, शोषण के विरुद्ध अधिकार।
जाँच पड़ाव✓ पड़ाव पूरा
1स्विट्ज़रलैंड में महिलाओं को मतदान का अधिकार कब मिला?
पृ. 192।
2भारत ने सभी वयस्कों को मतदान का अधिकार कब से दिया?
पृ. 192।
5लोकतंत्र के रूप
लोकतांत्रिक सरकारें कई रूपों में चलती हैं (पृ. 192–196)।
उत्तरदायित्व (पृ. 193)
लोकतंत्र में उत्तरदायित्व का अर्थ है कि सरकार उस जनता के प्रति जवाबदेह है जिसने उसे चुना।
कुछ शब्द (पृ. 194–196)
राज्यों की सरकारें (पृ. 194)
भारत में राजस्थान या केरल जैसे राज्यों की अपनी सरकारें हैं, पर वे पूरी तरह स्वतंत्र नहीं हैं — उन पर एक बड़ी राष्ट्रीय सरकार, भारत की संघ सरकार, का शासन भी है।
जाँच पड़ाव✓ पड़ाव पूरा
1संसदीय लोकतंत्र में भारत की मंत्रिपरिषद कब तक काम करती है?
पृ. 194।
2अमेरिका में आम चुनाव कितने साल में होते हैं?
पृ. 193।
6इतिहास की एक झलक
गणराज्य वह शासन व्यवस्था है जिसमें राज्य का प्रमुख चुना जाता है, वंश से आया राजा या रानी नहीं होता (पृ. 197)।
प्रारंभिक गणराज्य — वज्जि (पृ. 197)
अध्याय 4 "नवारंभ" में आपने पढ़ा था: भारत के प्राचीन महाजनपदों में कम से कम दो में यह व्यवस्था थी। वज्जि महाजनपद में, खासकर लिच्छवि कुल में, निर्णय मिलकर लिए जाते थे; नेता जन्म से नहीं, योग्यता से चुने जाते थे। मुख्य पद चुनाव से भरे जाते थे, और अलग-अलग कुलों के प्रतिनिधि नियमित रूप से मिलकर जनकल्याण की समस्याएँ सुलझाते थे।
उत्तरमेरूर के शिलालेख (पृ. 197–198)
राजा के समय में भी जनता की आवाज़ को महत्व मिला। तमिलनाडु के उत्तरमेरूर में चोल काल (10वीं शताब्दी) के शिलालेख गाँव की सभा के सदस्यों के चुनाव के बारे में बताते हैं। हर पत्थर पलटकर देखिए कि उनमें क्या लिखा है।
दास (पृ. 198)
वह व्यक्ति जिसे किसी दूसरे के लिए काम करने और उसकी आज्ञा मानने को मजबूर किया जाता था, और जिसे उसकी संपत्ति माना जाता था।
जाँच पड़ाव✓ पड़ाव पूरा
1उत्तरमेरूर के शिलालेख किस काल के हैं?
पृ. 197।
2गणराज्य में राज्य का प्रमुख —
पृ. 197।
7अन्य प्रकार की सरकारें
लोकतंत्र के अलावा भी सरकार के कई रूप हैं (पृ. 198–205)।
भारत में राजा और राजधर्म (पृ. 198–199)
महाजनपदों के राजाओं को सभा या समिति मार्गदर्शन देती थी, और उनसे अपेक्षा थी कि वे इनकी सलाह गंभीरता से लें। साम्राज्य बढ़े तो राजाओं की शक्ति बढ़ी, फिर भी वे मंत्रिपरिषद और अधिकारियों के तंत्र पर निर्भर रहे, और धर्म के विषयों पर विद्वानों से सलाह लेते थे। भारत के कई क्षेत्रों में राजा की शक्ति न निरंकुश थी, न आलोचना से परे — उनसे राजधर्म के भीतर रहकर सबके कल्याण के लिए शासन की अपेक्षा थी। यह एक आदर्श था, जिसे हर राजा निभा नहीं सका; ऐसे राजा भी हुए जिन्होंने शक्ति से जनता को दबाया।
शरशय्या पर भीष्म की सीख — शांतिपर्व (पृ. 199)
सोचिए (पृ. 199): यदि कोई राजा स्वयं को ईश्वरीय शक्तियों वाला मानने लगे, तो क्या हो सकता है? वह प्रजा पर कैसे शासन करेगा?
राजा कैसे बनते हैं? (पृ. 200)
राजतंत्र प्रायः वंशानुगत होता है — सामान्यतः राजा का ज्येष्ठ पुत्र अगला राजा बनता है। आज दो प्रकार के राजतंत्र दिखते हैं: निरंकुश और संवैधानिक।
20वीं शताब्दी के दो तानाशाह (पृ. 202–203)
मारे गए रोमा लोगों की संख्या पर संस्करण अलग हैं (पृ. 202): अंग्रेज़ी में "सैकड़ों हज़ार" (hundreds of thousands), हिंदी में "हज़ारों"।
रोमा लोग (पृ. 203)
रोमा या रोमानी लोग मूल रूप से घुमंतू थे। भाषा और संस्कृति के आधार पर विद्वानों ने माना है कि उनका मूल स्थान भारत है। वे पहले पूर्वी यूरोप में बसे, अब दुनिया के कई देशों में हैं।
शेन की कहानी (पृ. 203)
शेन उत्तर कोरिया में रहता है, जहाँ रोज़ के जीवन के लिए सरकार के तय किए नियम हैं। वह अनिवार्य सैन्य सेवा में है — जब तक सरकार चाहे। बाल कैसे कटें, कपड़े कैसे हों, इसके भी नियम हैं। वह इंटरनेट नहीं चला सकता, इसलिए बाहर की दुनिया नहीं जानता। एक पर्यटक ने पूछा, "यहाँ सबके बाल एक जैसे क्यों हैं?" शेन बोला, "हम सब नए ढंग से बाल बनाना चाहते हैं, पर यह सरकार तय करती है।"
पुस्तक पूछती है (पृ. 204): क्या शेन का देश लोकतंत्र कहा जा सकता है? शेन का रोज़ का जीवन कैसा होगा? क्या आप ऐसे देश में रहना चाहेंगे? क्यों?
"ओलिगार्की" शब्द (पृ. 204)
प्राचीन ग्रीस में कुछ जगहों पर कुलीन परिवार अल्पतंत्र की तरह शासन करते थे। राजनीतिक टिप्पणीकार कहते हैं कि आज कुछ लोकतंत्रों में भी अल्पतंत्र के लक्षण दिखते हैं, जब कुछ नेता और धनी व्यापारी शासन पर बहुत अधिक प्रभाव रखते हैं (पृ. 204)।
पुस्तक का चित्र 9.13 (1889 का एक व्यंग्य-चित्र, पृ. 204) ध्यान से देखिए और पूछिए (पृ. 205): उसके ऊपर बाईं ओर क्या दिख रहा है? इस निर्वाचित संस्था में निर्णय कौन ले रहा है? क्या लोकतंत्र अल्पतंत्र में बदल सकता है?
जाँच पड़ाव✓ पड़ाव पूरा
1पुस्तक में निरंकुश राजतंत्र का उदाहरण कौन-सा देश है?
पृ. 201।
2ईरान के सर्वोच्च नेता को कौन चुनता है?
पृ. 202।
8लोकतंत्र क्यों महत्वपूर्ण है?
लोकतंत्र ही शासन का एकमात्र तरीका नहीं है, पर ज़्यादातर देशों में उसे बाकी रूपों से बेहतर माना जाता है (पृ. 205)। तालिका 9.2 में पुस्तक केवल पहली पंक्ति भरती है; बाकी आप भरिए।
वास्तविक लोकतंत्र में (पृ. 206)
लोग अपना रोज़ का जीवन अपने ढंग से जी सकते हैं — क्या बोलें, क्या पहनें, किस विश्वास को मानें — जब तक इससे किसी और के अधिकारों को चोट न पहुँचे। लोग अपनी सरकार चुनते हैं; सरकार उनके अधिकारों की रक्षा और मूल ज़रूरतों के लिए उत्तरदायी है। सरकार ठीक काम न करे, तो लोग चुनाव से प्रतिनिधि बदल सकते हैं — इससे सरकार पर लगातार नज़र रहती है। आज दुनिया के आधे से अधिक देशों ने लोकतंत्र अपनाया है।
कक्षा में करके देखिए (पृ. 206): लोकतंत्र, राजतंत्र और अधिनायकतंत्र पर एक छोटा रोल-प्ले कीजिए। फिर सोचिए — कौन-सी शासन व्यवस्था सबसे उपयुक्त लगी?
कक्षा में करके देखिए (पृ. 196): अपने विद्यालय में लोकतांत्रिक ढंग से एक विद्यार्थी समिति बनाइए — उसके काम साफ़ लिखे हों, और सदस्यों का चुनाव लोकतांत्रिक हो।
पुस्तक का अपना सार — "आगे बढ़ने से पहले…" (पृ. 207)
पहले खुद याद कीजिए, फिर कार्ड पलटिए।
पता लगाइए (प्र. 6, पृ. 208): भूटान, नेपाल, बांग्लादेश, दक्षिण अफ़्रीका और ब्राज़ील में कौन-सी शासन प्रणाली है? उत्तर पुस्तक में नहीं दिया है, इसलिए यहाँ भी नहीं — किसी आधिकारिक स्रोत में खोजिए और स्रोत भी लिखिए।
आख़िरी जाँच✓ पड़ाव पूरा
1पुस्तक के अनुसार भारत में किस प्रकार का लोकतंत्र है?
पृ. 207।
2लोकतंत्र में सरकार ठीक काम न करे तो लोग क्या कर सकते हैं?
पृ. 206।
आठ पड़ाव पूरे! अगली बार विद्यालय में कक्षा-प्रतिनिधि का चुनाव हो, तो सोचिए — इसमें लोकतंत्र के कौन-कौन से सिद्धांत दिख रहे हैं?