अध्याय 3भारत की जलवायु

इंटरैक्टिव अध्याय45 मिनट

NCERT — समाज का अध्ययन : भारत और उसके आगे, कक्षा 7 भाग 1, अध्याय 3 (पृ. 45–66)।

बर्फ़ीले पहाड़ से तपते मरुस्थल तक

शुरुआत

लद्दाख में मोटे ऊनी कपड़े, केरल में छतरी, थार में पानी बचाने के अनोखे उपाय — एक ही देश में इतनी अलग-अलग जलवायु क्यों? इस अध्याय में उसके कारण खुद चलाकर देखिए।

“वर्षा समय पर हो, पृथ्वी अन्न से समृद्ध हो। यह देश अशांति रहित हो, विद्वान लोग भय रहित हों।”

— सुभाषितानि (पृ. 45)

अध्याय इन प्रश्नों का उत्तर देता है (पृ. 45)

  1. भारत की जलवायु को कौन-कौन से तत्त्व विविध बनाते हैं?
  2. मानसून क्या है? यह कैसे बनता है?
  3. जलवायु का समाज, संस्कृति और आर्थिक स्थिति पर क्या असर पड़ता है?
  4. जलवायु की समझ हमें प्राकृतिक आपदा के लिए तैयार रहने में कैसे मदद करती है?
  5. जलवायु परिवर्तन क्या है? इसके परिणाम क्या-क्या होते हैं?

कक्षा 7 के रिवीजन नोट्स अभी तैयार हो रहे हैं; तब तक यह पन्ना सीधे पाठ्यपुस्तक से बना है। आपकी प्रगति सिर्फ़ इसी ब्राउज़र में रहती है। कहीं भेजी नहीं जाती।

1मौसम, ऋतुएँ और जलवायु

मौसम वह है जो हम हर घंटे या हर दिन महसूस करते हैं — बारिश, तेज़ धूप, तेज़ हवा; यह बदलता रहता है। जलवायु किसी क्षेत्र का कम से कम कई दशकों का मौसम-प्रतिरूप है। ऋतुएँ पृथ्वी के सूर्य की परिक्रमा से बनती हैं, कुछ महीने रहती हैं और हर वर्ष लौटती हैं (पृ. 46)।

मौसम, ऋतु या जलवायु?

हर बात को सही खाने में रखिए।

छह ऋतुएँ — क्रम से लगाइए

भारत के अनेक भागों में वर्ष को पारंपरिक रूप से छह ऋतुओं में बाँटा गया है। पुस्तक के क्रम में लगाइए — वसंत से शुरू (पृ. 46)।

▲ वसंत से

  1. 1शरद
  2. 2वसंत
  3. 3शिशिर (शीत ऋतु)
  4. 4ग्रीष्म
  5. 5हेमंत (शीत-पूर्व)
  6. 6वर्षा

▼ फिर वसंत लौटती है

ऋतुओं की लय (पृ. 47)

हम जो फ़सलें उगाते हैं, जो खाते हैं, जो पहनते हैं — सब ऋतु के साथ बदलता है। कहीं वसंत में पेड़-झाड़ियाँ खिलती हैं, कहीं शरद आते ही पत्ते गिरते या रंग बदलते हैं, और कुछ पशुओं के शरीर पर ठंड में घने बाल उग आते हैं।

पता लगाइए (पृ. 47): आपके इलाके में कौन-से पेड़ सर्दी से पहले रंग बदलते या पत्ते गिराते हैं? उनके स्थानीय नाम लिखिए।

जाँच पड़ाव

  1. 1जलवायु किसे कहते हैं?

  2. 2ऋतुएँ क्यों बनती हैं?

2भारत में जलवायु के प्रकार

भारत विविधताओं का देश है, और यह बात उसकी जलवायु पर भी उतनी ही सच है (पृ. 48)। एक क्षेत्र चुनिए।

कहाँ कैसी जलवायु?

ऊपर कोई क्षेत्र चुनिए।

यहाँ भारत का मानचित्र नहीं बनाया गया — क्षेत्र अपनी पुस्तक के चित्र 3.3 और मानचित्र पर देखिए। "उष्णकटिबंधीय" और "उपोष्ण कटिबंधीय" का अर्थ आप आगे की कक्षाओं में पढ़ेंगे (पृ. 48)।

जाँच पड़ाव

  1. 1थार मरुस्थल की जलवायु कैसी है?

  2. 2भारत का ज़्यादातर गेहूँ कहाँ उगता है?

3अक्षांश

कक्षा 6 में पढ़ा था: अक्षांश भूमध्य रेखा से दूरी नापते हैं। भूमध्य रेखा के पास (निम्न अक्षांश) जगहें गर्म रहती हैं, ध्रुवों के पास (उच्च अक्षांश) ठंडी। कारण है वह कोण जिस पर सूर्य की किरणें पड़ती हैं (पृ. 49)।

किरणों की एक पट्टी, अलग-अलग अक्षांश

सूर्य की किरणों की बराबर चौड़ी पट्टी को भूमध्य रेखा से ध्रुव की ओर खिसकाइए। देखिए, सतह पर कितनी जगह घेरती है और वायुमंडल में कितना रास्ता तय करती है।

चित्र पैमाने पर नहीं; पुस्तक का चित्र 3.4 इसी बात को दिखाता है।

जाँच पड़ाव

  1. 1भूमध्य रेखा के पास जगहें गर्म क्यों रहती हैं?

  2. 2ध्रुवों पर किरणें कैसी पड़ती हैं?

4ऊँचाई

पर्वतीय पर्यटन स्थल अपनी ठंडी जलवायु के कारण लोकप्रिय हैं। वे मैदानों से ज़्यादा ऊँचाई पर हैं, और ऊँचाई बढ़ने पर तापमान घटता है (पृ. 50)।

पुस्तक में गिनाए पर्वतीय स्थल (पृ. 50)

मुन्नारथेनीउधगमंडलम (ऊटी)मडिकेरीमहाबलेश्वरमाउंट आबूशिमलानैनीतालदार्जिलिंगतवांगशिलांग

पहाड़ चढ़िए

पर्वतारोही को ऊपर ले जाइए। दो कारण साथ दिखते हैं: (1) ऊँचाई पर वायुदाब और हवा का घनत्व घटता है, और कम घनी हवा ठंडी होती है; (2) सूर्य पृथ्वी की सतह को गर्म करता है, इसलिए सतह से जितना दूर, हवा उतनी कम गर्म (पृ. 50)।

चित्र हमारा है; पुस्तक कोई तापमान-दर नहीं देती, इसलिए कोई अंक नहीं दिखाया गया।

ऊटी और कोयंबटूर — लगभग एक अक्षांश (पृ. 51)

गर्मियों का तापमान-परिसर, पुस्तक से। पट्टी पर उँगली या माउस रखिए।

0°10°20°30°40°उधगमंडलम (ऊटी): गर्मियों में 10–25°Cऊटी1025कोयंबटूर: गर्मियों में 25–38°Cकोयंबटूर2538

सोचिए (पृ. 51): दोनों लगभग एक अक्षांश पर हैं, फिर भी इतना अंतर क्यों? ऊपर पहाड़ चढ़कर देखा कारण यहाँ लगाइए।

चार्ट पुस्तक के अंकों से। अंग्रेज़ी संस्करण इकाई नहीं लिखता; हिंदी संस्करण डिग्री सेल्सियस लिखता है।

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  1. 1ऊँचाई बढ़ने पर तापमान का क्या होता है?

  2. 2गर्मियों में ऊटी का तापमान-परिसर पुस्तक में क्या है?

5समुद्र से निकटता

तटीय क्षेत्रों में तापमान बहुत नहीं बदलता: गर्मियाँ बहुत गर्म नहीं, सर्दियाँ बहुत ठंडी नहीं, क्योंकि समुद्र तापमान को नियंत्रित करता है। तट से भीतर जाइए तो तापमान चरम होता जाता है (पृ. 51)।

भूमि जल्दी, समुद्र धीरे

भूमि ऊष्मा जल्दी सोखती और जल्दी छोड़ती है; समुद्र धीरे सोखता और धीरे छोड़ता है (चित्र 3.6, पृ. 51)। ऋतु बदलिए।

मुंबई और नागपुर — एक जैसा अक्षांश (पृ. 51)

हर पट्टी सर्दी के तापमान से गर्मी के तापमान तक है। ताप-परिसर = अधिकतम − न्यूनतम। निकालिए।

0°10°20°30°40°मुंबई (तट के पास): सर्दी लगभग 18°C, गर्मी 32°Cमुंबई1832नागपुर (तट से दूर): सर्दी लगभग 10°C, गर्मी 44°Cनागपुर1044

पुस्तक के अंक "लगभग" हैं — मुंबई के लिए "लगभग 32" और "लगभग 18", नागपुर के लिए "44 तक" और "लगभग 10"।

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  1. 1तटीय क्षेत्रों में तापमान ज़्यादा क्यों नहीं बदलता?

  2. 2भूमि और समुद्र में कौन जल्दी गर्म होता है?

6पवनें, स्थलाकृति और सूक्ष्म जलवायु

पवन गर्म या ठंडी वायुराशियों को एक जगह से दूसरी जगह ले जाती है। पवनें तापमान ही नहीं, आर्द्रता और वर्षा को भी प्रभावित करती हैं (पृ. 52)।

हवा कहाँ से आई?

हवा का स्रोत चुनिए और देखिए वह क्या लाती है।

स्थलाकृति (पृ. 52–53)

किसी क्षेत्र के धरातल की सारी विशेषताएँ — पहाड़, पहाड़ियाँ, घाटियाँ, ढलान, तट। हिमालय और कराकोरम पर्वतमालाएँ भारतीय उपमहाद्वीप को मध्य एशिया के ठंडे रेगिस्तानों की पवनों से कुछ हद तक बचाती हैं; थार मरुस्थल की लगभग समतल स्थलाकृति के पास गर्म, शुष्क हवाओं से बचाव का कोई अवरोध नहीं।

पर्वत की दीवार

ठंडी पवनें उत्तर से आ रही हैं। पर्वत हटाकर और लगाकर देखिए।

चित्र हमारा है और काल्पनिक "पर्वत नहीं" स्थिति केवल तुलना के लिए है।

सूक्ष्म जलवायु: नगरीय ऊष्मा द्वीप

सूक्ष्म जलवायु छोटे क्षेत्र की वह जलवायु है जो आस-पास से अलग हो। बंद घाटियों और कुछ जंगलों की अपनी सूक्ष्म जलवायु होती है। बहुत इमारतों-कंक्रीट और बहुत कम हरियाली वाले शहर ऊष्मा रोक लेते हैं और आस-पास से बहुत गर्म हो जाते हैं (पृ. 53)। शहर बदलिए।

चमक केवल संकेत है, कोई माप नहीं। सूक्ष्म जलवायु स्थानीय पेड़-पौधों, जीव-जंतुओं, फ़सलों और मानव स्वास्थ्य पर असर डाल सकती है (पृ. 53)।

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  1. 1नगरीय ऊष्मा द्वीप किसका उदाहरण है?

  2. 2भारतीय उपमहाद्वीप को मध्य एशिया की ठंडी पवनों से कौन बचाता है?

7मानसून

"मानसून" शब्द अरबी के "मौसिम" से आया है, जिसका अर्थ है ऋतु। असल में यह हिंद महासागर और आस-पास के बड़े क्षेत्र — ऑस्ट्रेलिया, अफ़्रीका, दक्षिण एशिया — की मौसमी पवनों के लिए है। इसका आधार एक सीधी बात है: भूमि समुद्र से जल्दी गर्म और जल्दी ठंडी होती है (पृ. 54)।

पवनें पलटती हैं

ऋतु बदलिए और दाब तथा पवन की दिशा देखिए (चित्र 3.9, पृ. 54)।

योजनाबद्ध चित्र, मानचित्र नहीं। हिंदी पुस्तक के चित्र 3.9 पर शीत ऋतु की पवनों का नाम "उत्तर-पश्चिम मानसून" छपा है, जबकि हिंदी पाठ और अंग्रेज़ी पुस्तक दोनों "उत्तर-पूर्व" कहते हैं।

पश्चिमी घाट: प्राकृतिक अवरोध

जून की शुरुआत में मानसून भारत के दक्षिणी सिरे पर पहुँचता है और कुछ सप्ताहों में उत्तर की ओर बढ़ते हुए जुलाई के मध्य तक पूरे उपमहाद्वीप पर छा जाता है। रास्ते में पश्चिमी घाट अवरोध बनते हैं (पृ. 55)। पवन चलाइए।

शीत या उत्तर-पूर्व मानसून (पृ. 55)

सर्दी आते ही पवनें भूमि से समुद्र की ओर बहती हैं और दक्षिण भारत में ठंड लाती हैं। पर इनका एक हिस्सा बंगाल की खाड़ी से गुज़रते हुए कुछ नमी ले लेता है और वर्षा कराता है — हिंदी पुस्तक के अनुसार दक्षिण-पूर्व भारत के कुछ भागों में; अंग्रेज़ी पुस्तक के अनुसार पूर्व और दक्षिण भारत के कुछ भागों में।

इसे अनदेखा न करें (पृ. 55)

मेघालय का मौसिनराम विश्व में सबसे अधिक औसत वार्षिक वर्षा पाता है — लगभग 11,000 मि.मी., यानी 11 मीटर! मानसून ने कर्नाटक और हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत में कई रागों को प्रेरित किया है — जैसे मेघ मल्हार और अमृतवर्षिणी।

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प्रकृति के संकेत, पारंपरिक ज्ञान (पृ. 56)

अपने इलाके में वर्षा, कोहरे, हिम या ओलों के बारे में ऐसे स्थानीय ज्ञान की सूची बनाइए (पृ. 56)।

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  1. 1"मानसून" शब्द किस भाषा से आया है?

  2. 2दक्षिण-पश्चिम मानसून में पश्चिमी घाट के किस ओर ज़्यादा वर्षा होती है?

8जलवायु, जीवन और आपदाएँ

हमारा जीवन जलवायु से गहराई से जुड़ा है। भारत में ऋतुओं और खेती से जुड़े अनेक त्योहार मनाए जाते हैं (पृ. 56)।

चित्र 3.11 के कुछ त्योहार (पृ. 57)

बिहूमकर संक्रांतिगुड़ी पड़वापोंगललोसुंग उत्सवओणमबैसाखीहेमिसलोहड़ीछठ पूजा

"मानसून फ़ेल" होने पर क्या होता है? (पृ. 56–58)

पुस्तक की कड़ी को क्रम से लगाइए।

▲ शुरुआत

  1. 1अनाज, सब्ज़ियाँ और फल महँगे
  2. 2खेती को नुकसान
  3. 3महँगाई (मुद्रास्फीति) बढ़ती है
  4. 4मानसून में कम वर्षा
  5. 5लोगों (अक्सर महिलाओं) को पानी के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है; खेतिहर मज़दूर शहरों की ओर पलायन कर सकते हैं

▼ अंत

चक्रवात कैसे बनता है?

चरण-दर-चरण देखिए (पृ. 59)।

  1. समुद्र के पास वायुमंडलीय दाब आस-पास से कम हो जाता है — निम्न दाब तंत्र बनता है।
  2. आस-पास की हवा निम्न दाब की ओर खिंचती है; समुद्र की हवा नमी और वर्षा साथ लाती है।
  3. निम्न दाब तंत्र तीव्र हो और पवन की गति ज़्यादा हो, तो चक्रवात बन सकता है। नमी से बादल बनते हैं जो केंद्र की ओर घूमते हैं।
  4. केंद्र बादल-रहित रहता है — इसे "चक्रवात की आँख" कहते हैं।

सोचिए (पृ. 59)

बादल किससे बने हैं? जल से — पर केवल जल नहीं: बादल जल की बूँदों, हिम के कणों या दोनों के मिश्रण के ढेर हैं, जो वायुमंडल में लटके रहते हैं।

चार आपदाएँ

ऊपर कोई आपदा चुनिए।

प्राकृतिक कारण या मानवीय कारण?

पुस्तक में दिए कारणों को छाँटिए (पृ. 60–62)।

जाँच पड़ाव

  1. 1चक्रवात के बादल-रहित केंद्र को क्या कहते हैं?

  2. 2एन.डी.आर.एफ. की बटालियनें कितने स्थानों पर हैं?

9जलवायु परिवर्तन

जलवायु परिवर्तन का अर्थ है जलवायु में बड़े, लंबे समय तक चलने वाले बदलाव — पूरी पृथ्वी पर या किसी क्षेत्र में; तापमान, वर्षा और मौसमी घटनाओं में। पिछली सहस्राब्दियों में प्राकृतिक प्रक्रियाएँ इसका कारण थीं; पर 19वीं शताब्दी से यह मुख्यतः मानवीय गतिविधियों से हो रहा है — ख़ासकर जीवाश्म ईंधन जलाने, वनों की कटाई, हानिकारक औद्योगिक तरीक़ों और अत्यधिक खपत से (पृ. 63)।

हरितगृह (ग्रीन हाउस) प्रभाव

कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) जैसी गैसें सूर्य से मिली गर्मी को रोकती हैं। यह प्राकृतिक प्रभाव पृथ्वी को जीवन लायक गर्म रखता है। पर उद्योग, परिवहन और खेती ने कुछ ही शताब्दियों में ये गैसें भारी मात्रा में छोड़ी हैं — अतिरिक्त गर्मी फँसती है (पृ. 64)। गैसें बढ़ाइए।

चित्र केवल विचार दिखाता है; कोई तापमान नहीं गिना गया।

भारत में (पृ. 64)

2025 की शुरुआत में देश का औसत तापमान सामान्य से 1 से 3°C अधिक था, इसलिए सर्दी सामान्य से बहुत छोटी और हल्की रही। इसका असर खेती की उपज पर ही नहीं, कई लघु उद्योगों पर भी पड़ता है।

न्यूनीकरण के उपाय (पृ. 64)

हरितगृह गैसों के उत्सर्जन में कटौतीपेड़ लगानानवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावाऊर्जा दक्षता में सुधारसतत जीवन-शैली

पर ये प्रयास अक्सर आर्थिक विकास और बढ़ती खपत की इच्छा से टकराते हैं (पृ. 64)।

शब्दकोश (पृ. 63–64)

जाँच पड़ाव

  1. 119वीं शताब्दी से जलवायु परिवर्तन मुख्यतः किससे हो रहा है?

  2. 2प्राकृतिक हरितगृह प्रभाव क्या करता है?

10सार और अभ्यास

कारक और प्रभाव मिलाइए (प्र. 1, पृ. 65)

हर कारक को उसके प्रभाव वाले खाने में रखिए।

हिंदी पुस्तक में (घ) "ताप को प्रभावित करता है" है; अंग्रेज़ी पुस्तक में "Moderates the temperature" — यानी तापमान को नियंत्रित (संतुलित) करता है।

अपने शब्दों में लिखिए (प्र. 2, पृ. 65)

  1. मौसम और जलवायु में क्या अंतर है?
  2. समुद्र के पास के स्थानों का तापमान दूर के स्थानों से ज़्यादा संतुलित क्यों रहता है?
  3. भारत की जलवायु पर मानसूनी पवनों की क्या भूमिका है?
  4. चेन्नई पूरे वर्ष गर्म क्यों रहता है, जबकि लेह ठंडा?

उत्तर इस पन्ने के पड़ावों में हैं — कोई तैयार उत्तर यहाँ नहीं दिया गया।

मानचित्र वाले प्रश्न (प्र. 3–4, पृ. 65–66) अपनी पुस्तक के अंत में दिए भारत के मानचित्र पर कीजिए।

पुस्तक का अपना सार — "आगे बढ़ने से पहले…" (पृ. 64–65)

पहले खुद याद कीजिए, फिर कार्ड पलटिए।

आख़िरी जाँच

  1. 1जलवायु का वर्णन कितने समय के प्रतिरूप से होता है?

  2. 2मौसिनराम (मेघालय) किसके लिए जाना जाता है?