26 जनवरी, कर्तव्य पथ, और एक किताब
शुरुआत
गणतंत्र दिवस की परेड तो आपने देखी होगी। पर उस दिन हम असल में किस बात का उत्सव मनाते हैं? इस अध्याय में देखिए कि देश की "नियम-पुस्तिका" कैसे बनी, उसमें क्या है, और वह आज भी कैसे बदलती और बढ़ती है।

“हमने एक लोकतांत्रिक संविधान तैयार किया है। लेकिन लोकतांत्रिक संस्थाओं के सफल कार्यान्वयन के लिए आवश्यक है कि इन संस्थाओं में कार्य करने वाले दूसरे के विचारों का सम्मान करें तथा लचीलेपन और समन्वय के साथ कार्य करें।”
अध्याय इन प्रश्नों का उत्तर देता है (पृ. 209)
- संविधान क्या है और इसकी आवश्यकता क्यों होती है?
- भारतीय संविधान का निर्माण किस प्रकार हुआ?
- हमारे स्वाधीनता संग्राम और सभ्यता की विरासत ने संविधान को कैसे प्रभावित किया?
- भारतीय संविधान की प्रमुख विशेषताएँ क्या हैं? सत्तर वर्ष से भी पहले लिखा गया संविधान आज भी प्रासंगिक क्यों है?
कक्षा 7 के रिवीजन नोट्स अभी तैयार हो रहे हैं; तब तक यह पन्ना सीधे पाठ्यपुस्तक से बना है। आपकी प्रगति सिर्फ़ इसी ब्राउज़र में रहती है। कहीं भेजी नहीं जाती।
1संविधान क्या है?
गणतंत्र दिवस की सुबह (पृ. 210)
दिल्ली की एक ठंडी सुबह। पापा ने टेलीविज़न पर दूरदर्शन लगाया — "कुमार, निहारिका, जल्दी आओ! परेड शुरू हो गई है!" कर्तव्य पथ पर तिरंगा, मार्चिंग बैंड, रंग-बिरंगी झाँकियाँ। 26 जनवरी इसलिए खास है कि इसी दिन 1950 में हमारा संविधान लागू हुआ था।
हीलियम के डिब्बे में (पृ. 210)
संविधान की मूल प्रति संसद में हीलियम गैस से भरे काँच के डिब्बे में रखी है। हीलियम कागज़ या स्याही के साथ कोई रासायनिक क्रिया नहीं करती, इसलिए प्रति लंबे समय तक सुरक्षित रहती है।
कौन इसकी शपथ लेता है? (पृ. 211)
राष्ट्रपति शपथ लेते हैं कि वे संविधान को संरक्षित, सुरक्षित रखेंगे और उसकी रक्षा करेंगे। प्रधानमंत्री, मंत्रिपरिषद के सदस्य और न्यायाधीश संकल्प लेते हैं कि वे इसके प्रावधानों का पूरा पालन करेंगे।
सरल शब्दों में, संविधान वह प्रलेख है जो किसी देश के मूल सिद्धांत और कानून साफ़-साफ़ तय करता है। यह चार बातें तय करता है (पृ. 211) — हर कार्ड पलटिए:
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1संविधान की मूल प्रति किस गैस से भरे डिब्बे में रखी है?
पृ. 210।
2भारत का संविधान किस दिन लागू हुआ?
पृ. 210, 214।
2देश की नियम-पुस्तिका
हमारा संविधान देश के लिए एक नियम-पुस्तिका जैसा है (पृ. 212)। पुस्तक इसे कबड्डी के एक फ़ाइनल से समझाती है।
समूह में चर्चा कीजिए (पृ. 212): अगर नियम-पुस्तिका ही न होती तो क्या होता? सब उसे मानें, इसके लिए क्या ज़रूरी है? अगर कप्तान उसे देखने से ही मना कर देते तो? फिर अपने किसी खेल के नियमों की सूची बनाइए और कक्षा के साथ मिलकर एक साझा नियम-सूची तय कीजिए — सबकी सहमति बनाने में क्या मुश्किलें आती हैं?
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1आज (पुस्तक के अनुसार) संविधान में कितने भाग और अनुसूचियाँ हैं?
पृ. 212।
2कबड्डी के विवाद को रेफ़री ने कैसे सुलझाया?
पृ. 211।
3संविधान सभा
स्वतंत्रता संग्राम के दिनों में ही यह सोचना ज़रूरी हो गया था कि आज़ाद भारत अपना शासन कैसे चलाएगा — कैसी सरकार हो, कौन-से नियम हों, मत देने का अधिकार किसे मिले, विवाद कैसे सुलझें (पृ. 213)। इन सवालों के लिए 1946 में संविधान सभा बनी।
लगभग तीन वर्ष (पृ. 214)
- 9 दिसंबर 1946संविधान सभा का गठन।
- 26 नवंबर 1949संविधान बनाने का काम पूरा।
- 26 जनवरी 1950संविधान लागू — इसीलिए हर वर्ष इस दिन गणतंत्र दिवस मनाते हैं।
दोनों संस्करणों के शब्दों में अंतर (पृ. 214): अंग्रेज़ी के अनुसार संविधान 26 नवंबर 1949 को "अपनाया गया" (adopted) और 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ; हिंदी में लिखा है कि तैयार प्रलेख 26 जनवरी 1950 को "अंगीकृत" किया गया। लागू होने की तारीख 26 जनवरी 1950 पर दोनों एकमत हैं।
तीन नाम (पृ. 213–214)
“…और सबसे बढ़कर, उसमें वह दृष्टि हो जो भारत को उसके प्राचीन गौरव की ओर ले जाए और उसे विश्व के महान राष्ट्रों की पंक्ति में सम्मान और समानता का स्थान दिला सके।”
छोटे समूहों में पता लगाइए (पृ. 215): आपके क्षेत्र से कौन-कौन संविधान बनाने में शामिल थे? विद्यालय या स्थानीय पुस्तकालय की किताबें देखिए, शिक्षकों और बड़ों से पूछिए, और लोकसभा की वेबसाइट का संविधान सभा वाला पन्ना देखिए: sansad.in — संविधान सभा
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1विभाजन के बाद संविधान सभा में कितने सदस्य रह गए?
पृ. 214।
2प्रारूप समिति के अध्यक्ष कौन थे?
पृ. 214।
4संविधान पर किन बातों का प्रभाव पड़ा?
संविधान सभा ने संविधान बनाया, पर उस पर तीन तरफ़ से प्रभाव पड़े: स्वतंत्रता आंदोलन के अनुभव और आदर्श, भारत की सभ्यता की विरासत और संस्कृति, और दूसरे देशों के संविधानों से उपयोगी सीख (पृ. 215)।
संग्राम से मिले "कैसे" के उत्तर (पृ. 216)
- हर वयस्क नागरिक को मत देने का अधिकार कैसे मिले?
- कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका की शक्तियाँ अलग कैसे रहें?
- हर व्यक्ति के मौलिक अधिकारों के सम्मान की गारंटी कैसे हो?
- संविधान में संशोधन करना हो तो प्रक्रिया क्या हो?
- केंद्र और राज्य सरकारों के बीच संबंध कैसा हो?
संस्कृति में रचे-बसे सिद्धांत (पृ. 216–217)
मतभिन्नता की स्वीकृति, प्रकृति को पावन मानना, ज्ञान और शिक्षा की निरंतर खोज, महिलाओं के प्रति सम्मान, "वसुधैव कुटुम्बकम्" और "सर्वे भवन्तु सुखिनः" (सभी सुखी हों) — ये सभी सिद्धांत हमारे संविधान में हैं, भले ही कहीं-कहीं थोड़े अलग शब्दों में। भारत एक राष्ट्र है, यह भावना भी संविधान में है।
"आ नो भद्राः क्रतवो यन्तु विश्वतः" (पृ. 217)
अर्थ: सभी दिशाओं से शुभ विचार मेरे पास आएँ। इसी परंपरा में संविधान निर्माताओं ने फ़्रांस, अमेरिका, ब्रिटेन, आयरलैंड, ऑस्ट्रेलिया और दूसरे लोकतांत्रिक देशों के संविधान पढ़े, और देखा कि भारत के लिए क्या उपयोगी है।
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1राज्य के नीति-निदेशक तत्व किस देश के संविधान से प्रेरित थे?
पृ. 217।
2संविधान का मूल पाठ हाथ से किसने लिखा?
पृ. 223।
5अधिकार, कर्तव्य और नीति-निदेशक तत्व
कक्षा 6 की याद (पृ. 220): सरकार के तीन अंग हैं; विधायिका कानून बनाती है; प्रधानमंत्री की अगुवाई में कार्यपालिका उन्हें लागू करती है; न्यायपालिका देखती है कि सब कानून संविधान के अनुरूप हों। सरकार तीन स्तर की है — केंद्र, राज्य और स्थानीय (पंचायती राज)। संविधान इन सबकी भूमिका, काम और जवाबदेही साफ़ तय करता है, और ऐसी चुनाव व्यवस्था भी जिससे हर पात्र नागरिक मत दे सके।
“यह कोई नया सिद्धांत नहीं है जिसे विशेष रूप से इस संविधान के लिए प्रस्तावित किया गया है, बल्कि यह एक आदर्श है जिसे भारत ने लंबे समय से सँजोकर रखा है।”
कक्षा में चर्चा कीजिए (पृ. 221): वे संविधान के किस अनुच्छेद की बात कर रही थीं? उन्होंने क्यों कहा कि महिलाओं की समानता भारत के लिए नई अवधारणा नहीं है?
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1अनुच्छेद 21-ए किससे जुड़ा है?
चित्र 10.14, पृ. 222।
2नीति-निदेशक तत्वों के बारे में सही बात कौन-सी है?
पृ. 221।
6एक जीवंत प्रलेख
संविधान निर्माता जानते थे कि समय के साथ नए कानूनों और नियमों की ज़रूरत पड़ेगी (पृ. 223)। संविधान में बदलाव को "संशोधन" कहते हैं।
संशोधन कैसे होता है? (पृ. 223)
घर पर तिरंगा (पृ. 223)
एक समय था जब नागरिक अपने घरों पर राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहरा सकते थे। 2004 में एक नागरिक ने इसे देश के प्रति गर्व व्यक्त करने का अधिकार मानते हुए न्यायालय में चुनौती दी। सर्वोच्च न्यायालय ने माना कि तिरंगा फहराना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार का भाग है। आज हम गर्व से तिरंगा फहरा सकते हैं — बस उसका अपमान कभी न हो।
पता लगाइए (पृ. 223): पिछले दस वर्षों में संविधान में कौन-कौन से संशोधन हुए? स्रोत के रूप में संसद या भारत सरकार की आधिकारिक वेबसाइट देखिए।
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1भाग 4-ए "मौलिक कर्तव्य" कब जोड़ा गया?
पृ. 223।
2पंचायती राज किस संशोधन से संविधान में आया?
पृ. 223।
7उद्देशिका
संविधान के मार्गदर्शक मूल्य पूरे संविधान में हैं, पर उनका सार उद्देशिका में है (पृ. 224)। सरकार से इनके अनुसार चलने की अपेक्षा है, और नागरिकों से भी कि वे अपनी क्षमता भर इन्हें अपनाएँ।
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1उद्देशिका में 1976 में कौन-से शब्द जोड़े गए?
पृ. 225।
2"हम, भारत के लोग" का अर्थ क्या है?
पृ. 225।
8पहेली और सार
पुस्तक का अपना सार — "आगे बढ़ने से पहले…" (पृ. 226)
पहले खुद याद कीजिए, फिर कार्ड पलटिए।
सोचिए और लिखिए (पृ. 227)
- संविधान सभा में देश के अलग-अलग क्षेत्रों और पृष्ठभूमियों के प्रतिनिधि क्यों होने चाहिए थे? (प्र. 1)
- "भारत में सभी नागरिक कानून के समक्ष समान हैं।" — क्या यह सच्चाई है? तर्क के साथ उत्तर दीजिए। (प्र. 3)
- क्या समाज के रूप में हमने संविधान के सारे आदर्श पा लिए हैं? नहीं, तो एक नागरिक के रूप में आप क्या कर सकते हैं? (प्र. 6)
आख़िरी जाँच✓ पड़ाव पूरा
1पुस्तक के अनुसार संविधान "जीवंत प्रलेख" क्यों है?
पृ. 226।
2संसदीय शासन प्रणाली समेत देश की राजनीतिक संरचना को क्या परिभाषित करता है?
पृ. 226।
आठ पड़ाव पूरे! इस गणतंत्र दिवस पर परेड देखते हुए याद कीजिए — उत्सव उस किताब का है जो हीलियम के डिब्बे में रखी है, और जिसके शब्द हम सबके हैं।
आगे क्या करें