अध्याय 10भारत का संविधान — एक परिचय

इंटरैक्टिव अध्याय40 मिनट

NCERT — समाज का अध्ययन : भारत और उसके आगे, कक्षा 7 भाग 1, अध्याय 10 (पृ. 209–228)।

26 जनवरी, कर्तव्य पथ, और एक किताब

शुरुआत

गणतंत्र दिवस की परेड तो आपने देखी होगी। पर उस दिन हम असल में किस बात का उत्सव मनाते हैं? इस अध्याय में देखिए कि देश की "नियम-पुस्तिका" कैसे बनी, उसमें क्या है, और वह आज भी कैसे बदलती और बढ़ती है।

“हमने एक लोकतांत्रिक संविधान तैयार किया है। लेकिन लोकतांत्रिक संस्थाओं के सफल कार्यान्वयन के लिए आवश्यक है कि इन संस्थाओं में कार्य करने वाले दूसरे के विचारों का सम्मान करें तथा लचीलेपन और समन्वय के साथ कार्य करें।”

— डॉ. राजेंद्र प्रसाद, भारत के प्रथम राष्ट्रपति (पृ. 209)

अध्याय इन प्रश्नों का उत्तर देता है (पृ. 209)

  1. संविधान क्या है और इसकी आवश्यकता क्यों होती है?
  2. भारतीय संविधान का निर्माण किस प्रकार हुआ?
  3. हमारे स्वाधीनता संग्राम और सभ्यता की विरासत ने संविधान को कैसे प्रभावित किया?
  4. भारतीय संविधान की प्रमुख विशेषताएँ क्या हैं? सत्तर वर्ष से भी पहले लिखा गया संविधान आज भी प्रासंगिक क्यों है?

कक्षा 7 के रिवीजन नोट्स अभी तैयार हो रहे हैं; तब तक यह पन्ना सीधे पाठ्यपुस्तक से बना है। आपकी प्रगति सिर्फ़ इसी ब्राउज़र में रहती है। कहीं भेजी नहीं जाती।

1संविधान क्या है?

गणतंत्र दिवस की सुबह (पृ. 210)

दिल्ली की एक ठंडी सुबह। पापा ने टेलीविज़न पर दूरदर्शन लगाया — "कुमार, निहारिका, जल्दी आओ! परेड शुरू हो गई है!" कर्तव्य पथ पर तिरंगा, मार्चिंग बैंड, रंग-बिरंगी झाँकियाँ। 26 जनवरी इसलिए खास है कि इसी दिन 1950 में हमारा संविधान लागू हुआ था।

हीलियम के डिब्बे में (पृ. 210)

संविधान की मूल प्रति संसद में हीलियम गैस से भरे काँच के डिब्बे में रखी है। हीलियम कागज़ या स्याही के साथ कोई रासायनिक क्रिया नहीं करती, इसलिए प्रति लंबे समय तक सुरक्षित रहती है।

कौन इसकी शपथ लेता है? (पृ. 211)

राष्ट्रपति शपथ लेते हैं कि वे संविधान को संरक्षित, सुरक्षित रखेंगे और उसकी रक्षा करेंगे। प्रधानमंत्री, मंत्रिपरिषद के सदस्य और न्यायाधीश संकल्प लेते हैं कि वे इसके प्रावधानों का पूरा पालन करेंगे।

सरल शब्दों में, संविधान वह प्रलेख है जो किसी देश के मूल सिद्धांत और कानून साफ़-साफ़ तय करता है। यह चार बातें तय करता है (पृ. 211) — हर कार्ड पलटिए:

ज़्यादातर संविधानों में क्या होता है? (पृ. 213)

नीचे दिए हर हिस्से को छूकर संविधान से जोड़िए।

संविधान

जाँच पड़ाव

  1. 1संविधान की मूल प्रति किस गैस से भरे डिब्बे में रखी है?

  2. 2भारत का संविधान किस दिन लागू हुआ?

2देश की नियम-पुस्तिका

हमारा संविधान देश के लिए एक नियम-पुस्तिका जैसा है (पृ. 212)। पुस्तक इसे कबड्डी के एक फ़ाइनल से समझाती है।

कबड्डी का फ़ाइनल (पृ. 211)

  1. आपके विद्यालय की टीम कबड्डी के राज्य-स्तरीय फ़ाइनल में है। सामने की टीम दो साल से लगातार जीत रही है और हैट्रिक बनाना चाहती है।

  2. आपकी टीम की खिलाड़ी ने सामने की एक खिलाड़ी को आउट किया — और विवाद हो गया। वह कहती है कि पकड़े जाने से पहले ही वह अपने पाले में पहुँच गई थी।

  3. रेफ़री ने देखा था कि वह सचमुच आउट थी। विवाद को शांति से सुलझाने के लिए रेफ़री एक छोटी-सी नियम-पुस्तिका निकालती हैं।

  4. दोनों कप्तान रेफ़री के साथ नियम देखते हैं और मान लेते हैं कि खिलाड़ी आउट थी। आपकी टीम राज्य-स्तरीय ट्रॉफ़ी जीत जाती है।

समूह में चर्चा कीजिए (पृ. 212): अगर नियम-पुस्तिका ही न होती तो क्या होता? सब उसे मानें, इसके लिए क्या ज़रूरी है? अगर कप्तान उसे देखने से ही मना कर देते तो? फिर अपने किसी खेल के नियमों की सूची बनाइए और कक्षा के साथ मिलकर एक साझा नियम-सूची तय कीजिए — सबकी सहमति बनाने में क्या मुश्किलें आती हैं?

संविधान कितना बड़ा है? (पृ. 212)

जैसे आपकी पाठ्यपुस्तक में खंड और अध्याय हैं, वैसे ही संविधान में भाग और अनुसूचियाँ हैं। यह विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान है। वर्ष चुनिए:

भाग22
अनुसूचियाँ8

ये संख्याएँ याद रखने की ज़रूरत नहीं। पर अनुमान लगाइए (पृ. 212): 1950 के बाद ये क्यों बढ़ी होंगी? (संकेत: इस पन्ने का पड़ाव 6 देखिए।)

जाँच पड़ाव

  1. 1आज (पुस्तक के अनुसार) संविधान में कितने भाग और अनुसूचियाँ हैं?

  2. 2कबड्डी के विवाद को रेफ़री ने कैसे सुलझाया?

3संविधान सभा

स्वतंत्रता संग्राम के दिनों में ही यह सोचना ज़रूरी हो गया था कि आज़ाद भारत अपना शासन कैसे चलाएगा — कैसी सरकार हो, कौन-से नियम हों, मत देने का अधिकार किसे मिले, विवाद कैसे सुलझें (पृ. 213)। इन सवालों के लिए 1946 में संविधान सभा बनी।

संविधान सभा के सदस्य (पृ. 214)

हर बिंदु एक सदस्य है। "विभाजन के बाद" दबाकर देखिए।

389 सदस्य

सदस्यों में 15 महिलाएँ थीं। (पुस्तक यह नहीं बताती कि यह संख्या विभाजन से पहले की है या बाद की, इसलिए वे अलग पंक्ति में हैं।)

सदस्य भारत के अलग-अलग क्षेत्रों, व्यवसायों और सामाजिक वर्गों का प्रतिनिधित्व करते थे। उन्हें प्रांतों की विधायिकाओं ने चुना था, जिनके सदस्य स्वयं जनता द्वारा चुने गए थे।

लगभग तीन वर्ष (पृ. 214)

  1. 9 दिसंबर 1946संविधान सभा का गठन।
  2. 26 नवंबर 1949संविधान बनाने का काम पूरा।
  3. 26 जनवरी 1950संविधान लागू — इसीलिए हर वर्ष इस दिन गणतंत्र दिवस मनाते हैं।

दोनों संस्करणों के शब्दों में अंतर (पृ. 214): अंग्रेज़ी के अनुसार संविधान 26 नवंबर 1949 को "अपनाया गया" (adopted) और 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ; हिंदी में लिखा है कि तैयार प्रलेख 26 जनवरी 1950 को "अंगीकृत" किया गया। लागू होने की तारीख 26 जनवरी 1950 पर दोनों एकमत हैं।

तीन नाम (पृ. 213–214)

“…और सबसे बढ़कर, उसमें वह दृष्टि हो जो भारत को उसके प्राचीन गौरव की ओर ले जाए और उसे विश्व के महान राष्ट्रों की पंक्ति में सम्मान और समानता का स्थान दिला सके।”

— डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा (पृ. 213)

छोटे समूहों में पता लगाइए (पृ. 215): आपके क्षेत्र से कौन-कौन संविधान बनाने में शामिल थे? विद्यालय या स्थानीय पुस्तकालय की किताबें देखिए, शिक्षकों और बड़ों से पूछिए, और लोकसभा की वेबसाइट का संविधान सभा वाला पन्ना देखिए: sansad.in — संविधान सभा

जाँच पड़ाव

  1. 1विभाजन के बाद संविधान सभा में कितने सदस्य रह गए?

  2. 2प्रारूप समिति के अध्यक्ष कौन थे?

4संविधान पर किन बातों का प्रभाव पड़ा?

संविधान सभा ने संविधान बनाया, पर उस पर तीन तरफ़ से प्रभाव पड़े: स्वतंत्रता आंदोलन के अनुभव और आदर्श, भारत की सभ्यता की विरासत और संस्कृति, और दूसरे देशों के संविधानों से उपयोगी सीख (पृ. 215)।

हर बात को उसके स्रोत के खाने में रखिए — जैसा पुस्तक बताती है।

संग्राम से मिले "कैसे" के उत्तर (पृ. 216)

  • हर वयस्क नागरिक को मत देने का अधिकार कैसे मिले?
  • कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका की शक्तियाँ अलग कैसे रहें?
  • हर व्यक्ति के मौलिक अधिकारों के सम्मान की गारंटी कैसे हो?
  • संविधान में संशोधन करना हो तो प्रक्रिया क्या हो?
  • केंद्र और राज्य सरकारों के बीच संबंध कैसा हो?

संस्कृति में रचे-बसे सिद्धांत (पृ. 216–217)

मतभिन्नता की स्वीकृति, प्रकृति को पावन मानना, ज्ञान और शिक्षा की निरंतर खोज, महिलाओं के प्रति सम्मान, "वसुधैव कुटुम्बकम्" और "सर्वे भवन्तु सुखिनः" (सभी सुखी हों) — ये सभी सिद्धांत हमारे संविधान में हैं, भले ही कहीं-कहीं थोड़े अलग शब्दों में। भारत एक राष्ट्र है, यह भावना भी संविधान में है।

"आ नो भद्राः क्रतवो यन्तु विश्वतः" (पृ. 217)

अर्थ: सभी दिशाओं से शुभ विचार मेरे पास आएँ। इसी परंपरा में संविधान निर्माताओं ने फ़्रांस, अमेरिका, ब्रिटेन, आयरलैंड, ऑस्ट्रेलिया और दूसरे लोकतांत्रिक देशों के संविधान पढ़े, और देखा कि भारत के लिए क्या उपयोगी है।

संविधान के पन्नों पर चित्र (पृ. 218–219, 223)

संविधान केवल कानूनी प्रलेख नहीं, एक कलाकृति भी है। प्रेम बिहारी नारायण रायज़ादा ने उसका मूल पाठ अपनी सुंदर लिखावट में हाथ से लिखा, और नंदलाल बोस और उनके साथियों ने उसके पन्नों को मोहनजोदड़ो से स्वतंत्रता आंदोलन तक के दृश्यों से सजाया। पुस्तक में इनमें से आठ चित्र हैं — उनके शीर्षक:

  1. 10.6एक प्राचीन गुरुकुल का दृश्य
  2. 10.7रामायण — राम की लंका-विजय और सीता की वापसी
  3. 10.8महाभारत — कृष्ण द्वारा अर्जुन को गीता का उपदेश
  4. 10.9ओडिशा की मूर्तिकला का एक दृश्य
  5. 10.10नटराज की एक छवि
  6. 10.11महाबलीपुरम की मूर्तिकला — भगीरथ की तपस्या और गंगा का अवतरण
  7. 10.12अकबर और मुग़ल स्थापत्य कला का एक दृश्य
  8. 10.13नालंदा — भारत के प्राचीन विश्वविद्यालयों में से एक

चित्र पुस्तक में (चित्र 10.6–10.13) देखिए।

जाँच पड़ाव

  1. 1राज्य के नीति-निदेशक तत्व किस देश के संविधान से प्रेरित थे?

  2. 2संविधान का मूल पाठ हाथ से किसने लिखा?

5अधिकार, कर्तव्य और नीति-निदेशक तत्व

कक्षा 6 की याद (पृ. 220): सरकार के तीन अंग हैं; विधायिका कानून बनाती है; प्रधानमंत्री की अगुवाई में कार्यपालिका उन्हें लागू करती है; न्यायपालिका देखती है कि सब कानून संविधान के अनुरूप हों। सरकार तीन स्तर की है — केंद्र, राज्य और स्थानीय (पंचायती राज)। संविधान इन सबकी भूमिका, काम और जवाबदेही साफ़ तय करता है, और ऐसी चुनाव व्यवस्था भी जिससे हर पात्र नागरिक मत दे सके।

संविधान के तीन हिस्से — चित्र 10.14 (पृ. 222)

चित्र 10.14 की हर बात को उसके हिस्से में रखिए।

चित्र 10.14 में और भी हैं — अधिकारों में शोषण के विरुद्ध अधिकार; नीति-निदेशक तत्वों में अनुच्छेद 38 (सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक न्याय), 41 (कल्याणकारी सरकार), 44 (समान नागरिक संहिता); कर्तव्यों में देश की रक्षा, साझा संस्कृति की विरासत का सम्मान, और उत्कृष्टता की ओर प्रयत्न। सभी मौलिक अधिकार और कर्तव्य NCERT की हर पाठ्यपुस्तक की शुरुआत में दिए हैं (पृ. 220)।

अदालत जा सकते हैं या नहीं? (पृ. 221)

पुस्तक के "इसे अनदेखा न करें" वाले भाग को पढ़कर हर कथन को सही या गलत बताइए।

  1. यदि कोई आपकी पहचान के कारण आपके साथ अनुचित व्यवहार करे, तो आप न्यायालय की सहायता ले सकते हैं।

  2. यदि सरकार सबके अच्छे जीवन-स्तर के लिए प्रयास न करे, तो आप न्यायालय में इसकी शिकायत कर सकते हैं।

  3. संविधान निर्माताओं ने यह व्यवस्था सोच-समझकर बनाई थी।

“यह कोई नया सिद्धांत नहीं है जिसे विशेष रूप से इस संविधान के लिए प्रस्तावित किया गया है, बल्कि यह एक आदर्श है जिसे भारत ने लंबे समय से सँजोकर रखा है।”

— बेगम ऐज़ाज़ रसूल, संविधान सभा में, 22 नवंबर 1949 (पृ. 221)

कक्षा में चर्चा कीजिए (पृ. 221): वे संविधान के किस अनुच्छेद की बात कर रही थीं? उन्होंने क्यों कहा कि महिलाओं की समानता भारत के लिए नई अवधारणा नहीं है?

जाँच पड़ाव

  1. 1अनुच्छेद 21-ए किससे जुड़ा है?

  2. 2नीति-निदेशक तत्वों के बारे में सही बात कौन-सी है?

6एक जीवंत प्रलेख

संविधान निर्माता जानते थे कि समय के साथ नए कानूनों और नियमों की ज़रूरत पड़ेगी (पृ. 223)। संविधान में बदलाव को "संशोधन" कहते हैं।

संशोधन कैसे होता है? (पृ. 223)

समय-रेखा — क्रम लगाइए (पृ. 214, 217, 223, 225)

सबसे पुरानी घटना को ऊपर रखिए।

▲ सबसे पहले

  1. 1भाग 4-ए "मौलिक कर्तव्य" जुड़ा; उद्देशिका में तीन शब्द जुड़े
  2. 2फ़्रांसीसी क्रांति — "मानव और नागरिक अधिकारों की घोषणा"
  3. 3सर्वोच्च न्यायालय: घर पर तिरंगा फहराना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का भाग
  4. 4संविधान सभा का गठन
  5. 573वें संशोधन से पंचायती राज संविधान में
  6. 6संविधान लागू — पहला गणतंत्र दिवस

▼ सबसे बाद में

घर पर तिरंगा (पृ. 223)

एक समय था जब नागरिक अपने घरों पर राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहरा सकते थे। 2004 में एक नागरिक ने इसे देश के प्रति गर्व व्यक्त करने का अधिकार मानते हुए न्यायालय में चुनौती दी। सर्वोच्च न्यायालय ने माना कि तिरंगा फहराना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार का भाग है। आज हम गर्व से तिरंगा फहरा सकते हैं — बस उसका अपमान कभी न हो।

पता लगाइए (पृ. 223): पिछले दस वर्षों में संविधान में कौन-कौन से संशोधन हुए? स्रोत के रूप में संसद या भारत सरकार की आधिकारिक वेबसाइट देखिए।

जाँच पड़ाव

  1. 1भाग 4-ए "मौलिक कर्तव्य" कब जोड़ा गया?

  2. 2पंचायती राज किस संशोधन से संविधान में आया?

7उद्देशिका

संविधान के मार्गदर्शक मूल्य पूरे संविधान में हैं, पर उनका सार उद्देशिका में है (पृ. 224)। सरकार से इनके अनुसार चलने की अपेक्षा है, और नागरिकों से भी कि वे अपनी क्षमता भर इन्हें अपनाएँ।

उद्देशिका के शब्द (चित्र 10.16, पृ. 225)

हर शब्द को छूकर पुस्तक में दिया उसका अर्थ पढ़िए। "1976" वाले तीन शब्द 42वें संविधान संशोधन से जुड़े — तीसरा जुड़ा शब्द "अखंडता" है।

अर्थ से शब्द तक — जोड़ी बनाइए

बाईं ओर पुस्तक का अर्थ, दाईं ओर उद्देशिका का शब्द। एक को छूइए, फिर उसकी जोड़ी को।

रोज़ के जीवन में उद्देशिका (पृ. 226)

पुस्तक दो उदाहरण देती है; बाकी शब्दों — संप्रभु, गणराज्य, स्वतंत्रता, समानता, बंधुता — के उदाहरण आप अपने आसपास से लिखिए।

पंथनिरपेक्ष
अगर कोई अपने धर्म के रीति-रिवाज मानता है और इससे किसी दूसरे के जीवन में बाधा नहीं पड़ती, तो उसे राज्य से अनुमति लेने की ज़रूरत नहीं।
न्याय
राज्य नौकरियों में सबको, लिंग, जाति, धर्म आदि के भेदभाव के बिना, समान अवसर देता है।

जाँच पड़ाव

  1. 1उद्देशिका में 1976 में कौन-से शब्द जोड़े गए?

  2. 2"हम, भारत के लोग" का अर्थ क्या है?

8पहेली और सार

शब्द-पहेली — प्रश्न 7 (पृ. 228)

पुस्तक की शब्द-पहेली के सुराग (हिंदी संस्करण)। हर सुराग को उसके शब्द से जोड़िए — सारे उत्तर इसी अध्याय में हैं।

अंग्रेज़ी संस्करण की पहेली में दस सुराग हैं, जिनमें "सर्वोच्च न्यायालय", "गणराज्य" और "संविधान" भी हैं, पर "कार्यपालिका" नहीं।

पुस्तक का अपना सार — "आगे बढ़ने से पहले…" (पृ. 226)

पहले खुद याद कीजिए, फिर कार्ड पलटिए।

सोचिए और लिखिए (पृ. 227)

  • संविधान सभा में देश के अलग-अलग क्षेत्रों और पृष्ठभूमियों के प्रतिनिधि क्यों होने चाहिए थे? (प्र. 1)
  • "भारत में सभी नागरिक कानून के समक्ष समान हैं।" — क्या यह सच्चाई है? तर्क के साथ उत्तर दीजिए। (प्र. 3)
  • क्या समाज के रूप में हमने संविधान के सारे आदर्श पा लिए हैं? नहीं, तो एक नागरिक के रूप में आप क्या कर सकते हैं? (प्र. 6)

आख़िरी जाँच

  1. 1पुस्तक के अनुसार संविधान "जीवंत प्रलेख" क्यों है?

  2. 2संसदीय शासन प्रणाली समेत देश की राजनीतिक संरचना को क्या परिभाषित करता है?