अध्याय 2मौसम को समझना

इंटरैक्टिव अध्याय40 मिनट

NCERT — समाज का अध्ययन : भारत और उसके आगे, कक्षा 7 भाग 1, अध्याय 2 (पृ. 27–44)।

वर्षा नापिए, हवा पढ़िए, पूर्वानुमान लगाइए

शुरुआत

सर्दी की सुबह काँपना, गर्मी में हल्के कपड़े — आपका शरीर मौसम को महसूस करता है। इस अध्याय में मौसम को महसूस नहीं, नापकर समझिए।

“मौसम में परिवर्तन ही स्वयं एवं विश्व के नवीनीकरण के लिए पर्याप्त है।”

— मार्सेल प्रूस्ट, फ़्रांसीसी उपन्यासकार (पृ. 27)

अध्याय इन प्रश्नों का उत्तर देता है (पृ. 27)

  1. हम अपने आस-पास के मौसम का आकलन और निरीक्षण कैसे कर सकते हैं?
  2. भारी वर्षा, तूफ़ान, सूखा और ताप लहर जैसी घटनाओं के लिए तैयार रहने में मौसम की भविष्यवाणियाँ कैसे मदद करती हैं?

कक्षा 7 के रिवीजन नोट्स अभी तैयार हो रहे हैं; तब तक यह पन्ना सीधे पाठ्यपुस्तक से बना है। आपकी प्रगति सिर्फ़ इसी ब्राउज़र में रहती है। कहीं भेजी नहीं जाती।

1मौसम क्या है?

किसी समय और स्थान विशेष पर पृथ्वी के वायुमंडल की दशा को मौसम कहते हैं। वायुमंडल गैसों की वह परत है जो कुछ ग्रहों को घेरे रहती है; पृथ्वी के लिए हम इन गैसों को "वायु" कहते हैं (पृ. 28)।

वायुमंडल: परतों वाला केक

पृथ्वी की सतह के सबसे पास वाली परत क्षोभमंडल (ट्रोपोस्फ़ीयर) है — यहीं ज़मीन पर रहने वाले सारे पेड़-पौधे और जीव (हम भी!) रहते और साँस लेते हैं, और लगभग सारा मौसम यहीं बनता है। यह 6 से 18 कि.मी. ऊँची है: ध्रुवों पर पतली (ठंडी हवा सिकुड़ती है), उष्णकटिबंधीय क्षेत्र में मोटी (गर्म हवा फैलती है) (पृ. 28)। ध्रुव और उष्णकटिबंध के बीच बदलकर देखिए।

क्षोभमंडल लगभग 6 कि.मी. ऊँचा

चित्र पैमाने पर नहीं; दोनों ऊँचाइयाँ पुस्तक की हैं।

मौसम के पाँच तत्व (पृ. 29)

कृष्णन और आमिर

  1. कृष्णनकल रात की बारिश के बाद चेन्नई में ठिठुरन हो गई है!
  2. आमिरकितनी ठंड है?
  3. कृष्णनबहुत... मतलब, मुझे तो ठंड लग रही है।
  4. पुस्तककृष्णन के लिए जो ठंडा है, वह कश्मीर के आमिर के लिए सुहावना हो सकता है! बिना किसी सर्वमान्य माप के ठंड समझाना कठिन है (पृ. 29)।
  5. कृष्णनचेन्नई में तापमान 20°C है।
  6. पुस्तकअब दोनों के पास एक माप है जिसे दोनों समझते हैं। आपके विचार से आमिर क्या जवाब देगा? (पृ. 33)

जाँच पड़ाव

  1. 1लगभग सारा मौसम वायुमंडल की किस परत में बनता है?

  2. 2क्षोभमंडल कहाँ ज़्यादा मोटा होता है?

2प्रकृति के संकेत

प्राचीनकाल से मनुष्य ने प्रकृति को ध्यान से देखा और मौसम के पूर्वानुमान के लिए उसके संकेत पढ़ना सीखा। यह ज्ञान पीढ़ी-दर-पीढ़ी चला; आज भी भारत के अनेक भागों में लोग, ख़ासकर मानसून के आगमन के लिए, पारंपरिक तरीक़े अपनाते हैं (पृ. 29)।

चीड़ का शंकु: प्रकृति का आर्द्रतामापी

चीड़ के शंकु आर्द्र मौसम में बंद होकर अपने बीज बचाते हैं, और सूखे मौसम में खुलकर बीज बिखेरते हैं — ताकि बीज अनुकूल मौसम में फैलें (पृ. 30)। हवा की नमी बदलिए।

चित्र हमारा है।

पता लगाइए (पृ. 30)

अपने मोहल्ले के बुज़ुर्गों से पूछिए कि वे मौसम का अनुमान कैसे लगाते हैं — कौन-से संकेत देखते हैं? अपनी भाषा की मौसम से जुड़ी कहावतें लिखिए।

जाँच पड़ाव

  1. 1चीड़ के शंकु आर्द्र मौसम में क्या करते हैं?

  2. 2चींटियों का अंडे ऊँची जगह ले जाना किसका संकेत है?

3तापमान

तापमापी कई तरह के होते हैं: कुछ आस-पास (परिवेश) का तापमान नापते हैं, कुछ दिन का अधिकतम और न्यूनतम। कई में रंगीन द्रव होता है जो गर्मी से फैलता है; पर अब डिजिटल तापमापी ज़्यादा पसंद किए जाते हैं — वे अधिक सटीक हैं और ज़्यादा आँकड़े दर्ज करते हैं (पृ. 32)।

दो पैमाने (पृ. 31)

तापमान के दो पैमाने: सेल्सियस और फ़ॉरेनहाइट। उदाहरण: 15°C की ठंडक = 59°F।

रोज़ के संकेत (चित्र 2.4, पृ. 31)

गर्मी में बर्फ़ जल्दी पिघलती हैबादल छाए — ठंड हो रही हैसर्दियों में नारियल का तेल जम जाता हैठंड में दही जमने में ज़्यादा समय लगता है

मध्य प्रदेश के एक नगर का एक सप्ताह (पृ. 33)

हर दिन की पट्टी न्यूनतम से अधिकतम तापमान तक है; बिंदु उस दिन का औसत है। पट्टी पर माउस या उँगली रखिए। फिर नीचे सवाल हल कीजिए।

10°15°20°25°30°35°28.02.2025: अधिकतम 29°C, न्यूनतम 16°C, औसत 22.5°C291628.0201.03.2025: अधिकतम 30°C, न्यूनतम 15°C, औसत 22.5°C301501.0302.03.2025: अधिकतम 31°C, न्यूनतम 17°C, औसत 24°C311702.0303.03.2025: अधिकतम 32°C, न्यूनतम 18°C, औसत 25°C321803.0304.03.2025: अधिकतम 30°C, न्यूनतम 17°C, औसत 23.5°C301704.0305.03.2025: अधिकतम 28°C, न्यूनतम 14°C, औसत 21°C281405.0306.03.2025: अधिकतम 29°C, न्यूनतम 15°C, औसत 22°C291506.03

न्यूनतम → अधिकतम औसत

चार्ट पुस्तक की तालिका से; औसत की गणना पुस्तक के सूत्र से।

दो उपयोगी आँकड़े (पृ. 32)

ताप सीमा: किसी अवधि (आम तौर पर 24 घंटे) में अधिकतम तापमान − न्यूनतम तापमान। औसत दैनिक तापमान: (दिन का अधिकतम + न्यूनतम) ÷ 2। आँकड़ों से प्रतिरूप पहचानने और भविष्यवाणी करने की तकनीक को सांख्यिकी कहते हैं।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (पृ. 32)

स्थापना 1875। आदर्श वाक्य "आदित्यात् जायते वृष्टिः" — "सूर्य से वर्षा होती है"। यह मनुस्मृति से है; पूरा वाक्य: "सूर्य से वर्षा होती है, वर्षा से अन्न, और अन्न से जीव उत्पन्न होते हैं।" सोचिए: सूर्य से वर्षा क्यों होती है?

जाँच पड़ाव

  1. 1ताप सीमा कैसे निकालते हैं?

  2. 2भारत मौसम विज्ञान विभाग की स्थापना कब हुई?

4वर्षण

अगर समाचार कहे कि किसी जगह एक दिन में 30 मि.मी. वर्षा हुई, तो इसका क्या मतलब है (पृ. 33)?

वर्षामापी में बारिश भरिए

वर्षा का पानी संग्राहक कीप में गिरकर मापन नली में जमा होता है; नली पर लगा पैमाना पानी की गहराई बताता है। पानी 5 मि.मी. ऊँचा हो तो कहते हैं कि 5 मि.मी. वर्षा हुई (पृ. 33)। बारिश चलाइए।

0 मि.मी. वर्षा

अनुकरण हमारा है; बारिश की रफ़्तार असली नहीं।

वर्षामापी कहाँ लगाएँ? (प्र. 3, पृ. 42)

पुस्तक की शर्तें (पृ. 34): खुली जगह, बारिश रोकने वाली चीज़ों से दूर; समतल सतह; हवा से झुके या गिरे नहीं। एक जगह चुनिए और देखिए कौन-सी शर्तें उस पर लागू होती हैं — फ़ैसला अपने समूह के साथ कीजिए। यहाँ कोई "सही उत्तर" नहीं दिखाया जाता।

जाँच पड़ाव

  1. 1वर्षा किस उपकरण से नापी जाती है?

  2. 2नली में 5 मि.मी. पानी जमा हो तो क्या कहेंगे?

5वायुमंडलीय दाब

आँधी-तूफ़ान से पहले मौसम "भारी" लगता है — यह वायुमंडलीय दाब से जुड़ा है, यानी हमारे ऊपर और आस-पास की हवा के भार से पड़ने वाला दाब (पृ. 34)।

वायुदाबमापी पढ़िए

वायुदाबमापी (बैरोमीटर) आम तौर पर मिलीबार (mb) में दाब दिखाता है (पृ. 35)। पुस्तक के तीन उदाहरणों पर टैप कीजिए।

ऊँचाई पर साँस क्यों फूलती है? (पृ. 34–35)

पहाड़ पर चढ़ते हुए हवा पतली होती जाती है, दाब घटता है और फेफड़ों के लिए ऑक्सीजन कम मिलती है। शरीर को ज़्यादा मेहनत करनी पड़ती है — इसलिए साँस फूलना, चक्कर आना या थकान। इसीलिए ऊँचाई पर जाने वालों को रास्ते में रुककर शरीर को पर्यानुकूलन (नई परिस्थिति में ढलने) का समय देने की सलाह दी जाती है।

सोचिए (पृ. 35): वायुमंडलीय दाब नापना क्यों ज़रूरी है? किन्हें इसकी सबसे ज़्यादा ज़रूरत होगी?

जाँच पड़ाव

  1. 1समुद्र तट पर सामान्य वायुमंडलीय दाब लगभग कितना है?

  2. 2ऊँचाई बढ़ने पर वायुमंडलीय दाब का क्या होता है?

6पवन

उच्च दाब वाले क्षेत्र से निम्न दाब वाले क्षेत्र की ओर हवा का बहना पवन कहलाता है। पवन की दो अहम बातें: गति और दिशा (पृ. 36)।

वात दिक्सूचक और पवन वेगमापी

वात दिक्सूचक में घूमने वाली भुजा होती है — एक सिरे पर सूचक, दूसरे पर पूँछ। हवा पूँछ को धकेलती है और सूचक हवा की दिशा में मुड़ जाता है। पवन वेगमापी के तीन-चार प्याले हवा में घूमते हैं — हवा जितनी तेज़, घूमना उतना तेज़; नीचे का मीटर घुमाव गिनकर गति कि.मी. प्रति घंटा में बताता है (पृ. 36–37)। हवा बदलिए।

उपकरण हमारे बनाए चित्र हैं; गति के अंक नहीं दिखाए गए, क्योंकि यहाँ कोई असली माप नहीं हो रहा।

जाँच पड़ाव

  1. 1पवन किस ओर बहती है?

  2. 2हवाई अड्डे पर लगे वात दिक्सूचक को क्या कहते हैं?

7आर्द्रता

हवा की आर्द्रता सापेक्षिक आर्द्रता के रूप में नापी जाती है: बिल्कुल जलवाष्प रहित हवा 0% (प्राकृतिक रूप से असंभव), जलवाष्प से संतृप्त हवा 100%। व्यवहार में सूखे मौसम में 20 से 40%, आर्द्र मौसम में आम तौर पर 60 से 80% (पृ. 38)।

कपड़े सुखाइए

याद कीजिए: पानी का वाष्पन ठंडक देता है, और हवा में पहले से ज़्यादा नमी हो तो पानी धीरे भाप बनता है (पृ. 38)। आर्द्रता चुनिए और कपड़े टाँगिए।

सूखने की रफ़्तार चित्र भर है — असली समय तापमान और हवा पर भी निर्भर है।

दिल्ली या कोच्चि? (पृ. 38)

मान लीजिए दिल्ली में आर्द्रता 52% और कोच्चि में 84% है, और तापमान दोनों जगह समान है। गीले कपड़े कहाँ जल्दी सूखेंगे? पसीना कहाँ ज़्यादा आएगा?

कपड़े जल्दी कहाँ सूखेंगे?

पसीना ज़्यादा कहाँ?

आर्द्रतामापी (हाइग्रोमीटर) (पृ. 38)

आर्द्रता आर्द्रतामापी से नापी जाती है; सिद्धांत के अनुसार ये कई तरह के होते हैं। खाद्य प्रसंस्करण जैसे उद्योगों में आर्द्रता नापना बहुत ज़रूरी है, और संग्रहालय भी अपनी वस्तुएँ बचाने के लिए सूखा वातावरण बनाए रखने को आर्द्रता पर नज़र रखते हैं।

जाँच पड़ाव

  1. 1सूखे मौसम में सापेक्षिक आर्द्रता आम तौर पर कितनी होती है?

  2. 2आर्द्रता किस उपकरण से नापी जाती है?

8मौसम केंद्र और पूर्वानुमान

मौसम केंद्र में सारे उपकरण एक साथ लगे होते हैं; नियमित अंतराल पर सबकी माप ली जाती है, जिससे मौसम का मानचित्रण और पूर्वानुमान आसान होता है। स्वचालित मौसम केंद्र संवेदकों (सेंसरों) से बिना मानवीय दख़ल के तापमान, आर्द्रता, पवन की गति-दिशा, वर्षण और वायुदाब नापकर दर्ज करता है (पृ. 39)।

मौसम केंद्र जोड़िए: कौन-सा उपकरण क्या नापता है? (प्र. 1, पृ. 42)

हर उपकरण को उसके तत्व के खाने में रखिए।

4800 मीटर से भी ऊपर (पृ. 39)

वर्ष 2023 में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने सिक्किम की एक हिम-झील पर, समुद्रतल से 4800 मीटर से अधिक ऊँचाई पर, स्वचालित मौसम केंद्र लगाया। यह आने वाले मौसम की पूर्व जानकारी देता है।

चेतावनी के चार रंग (चित्र 2.13, पृ. 40)

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने 19 मई 2024 को जो चेतावनी मानचित्र जारी किया, उसमें हर क्षेत्र का रंग बताता है कि कितना सतर्क रहना है। हर स्तर पर टैप कीजिए।

मानचित्र दोबारा नहीं बनाया गया — उसे अपनी पुस्तक के पृ. 40 पर देखिए और प्रश्न हल कीजिए: किन राज्यों में ताप लहर की संभावना थी? त्रिपुरा और लक्षद्वीप में चेतावनी क्यों थी?

पूर्वानुमान किस काम का? (पृ. 40–41)

जलवायु परिवर्तन के कारण सूखा, बाढ़, चक्रवात जैसी भीषण मौसमी घटनाएँ बढ़ रही हैं, इसलिए सटीक पूर्वानुमान बहुत ज़रूरी है। इससे स्थानीय सरकारें संसाधन जुटाकर आपदा के लिए तैयार रहती हैं। जैसे: समुद्र में तूफ़ान की आशंका हो तो मछुआरों को नाव लेकर न जाने की चेतावनी; चक्रवात की आशंका हो तो पूरा तटीय क्षेत्र ख़ाली भी कराना पड़ सकता है।

जाँच पड़ाव

  1. 1सिक्किम की हिम-झील पर स्वचालित मौसम केंद्र किसने लगाया?

  2. 2समुद्र में तूफ़ान की आशंका हो तो पूर्वानुमान से क्या किया जाता है?

9सार और अभ्यास

किस समय कौन-सा तत्व सबसे आगे? (पृ. 41–42)

पुस्तक के उदाहरण — हर स्थिति को उसके प्रमुख तत्व के खाने में रखिए।

मौसम समाचार पढ़िए: जम्मू और कश्मीर, 01-02-2024 (प्र. 4, पृ. 43)

भारत मौसम विज्ञान विभाग की सारणी (सायंकाल)। एक केंद्र चुनिए — उसके आँकड़ों से एक छोटा मौसम समाचार बनता है। आप इसे अपने शब्दों में फिर लिखिए।

आँकड़े पुस्तक की सारणी से; ताप सीमा = अधिकतम − न्यूनतम, यहाँ गणना की गई। सारणी में मुज़फ़्फ़राबाद केंद्र भी है, पर उसके कई ख़ाने ख़ाली हैं, इसलिए यहाँ उसका समाचार नहीं बनाया गया।

सोचिए (प्र. 2, पृ. 42)

ज्योत्सना जून में विद्यालय यात्रा पर मुंबई जा रही है। पूर्वानुमान: 29°C और 84% आर्द्रता। आप उसे कौन-से कपड़े ले जाने की सलाह देंगे, और क्यों?

पुस्तक का अपना सार — "आगे बढ़ने से पहले…" (पृ. 41–42)

पहले खुद याद कीजिए, फिर कार्ड पलटिए।

आख़िरी जाँच

  1. 1जुलाई में मौसम का कौन-सा तत्व प्रमुख रहता है?

  2. 2लू कहाँ चलती है?