अध्याय 5साम्राज्यों का उदय

इंटरैक्टिव अध्याय50 मिनट

NCERT — समाज का अध्ययन : भारत और उसके आगे, कक्षा 7 भाग 1, अध्याय 5 (पृ. 83–116)।

राज्य से साम्राज्य तक

शुरुआत

भविषा और ध्रुव ने "इतिहास" नाम की समय-यंत्र मशीन चालू की और पहुँच गए पाटलिपुत्र — आज के पटना के आस-पास। चलिए, आप भी साथ चलिए।

“जनविहीन देश नहीं हो सकता और देशविहीन राज्य नहीं होता।”

— कौटिल्य, अर्थशास्त्र (पृ. 83)

अध्याय इन प्रश्नों का उत्तर देता है (पृ. 83)

  1. साम्राज्य क्या है?
  2. साम्राज्यों का उदय कैसे हुआ और उन्होंने भारतीय सभ्यता को कैसे आकार दिया?
  3. राज्यों से साम्राज्य बनने में किन बातों ने मदद की?
  4. छठी से दूसरी शताब्दी सा.सं.पू. तक जीवन कैसा था?

कक्षा 7 के रिवीजन नोट्स अभी तैयार हो रहे हैं; तब तक यह पन्ना सीधे पाठ्यपुस्तक से बना है। आपकी प्रगति सिर्फ़ इसी ब्राउज़र में रहती है। कहीं भेजी नहीं जाती।

1पाटलिपुत्र की यात्रा

नगर के बाहर उतरते ही भविषा और ध्रुव की मुलाक़ात इरा से होती है — कान्हादास लोहार की बेटी (पृ. 85–87)।

इरा से बातचीत

  1. इरामेरा नाम इरा है, मैं कान्हादास की पुत्री हूँ, जो एक लोहार हैं। पाटलिपुत्र में आपका स्वागत है!
  2. इरावे सैनिक पड़ोसी राज्य से लड़ने जा रहे हैं। हमारे राजा जहाँ तक हो सके युद्ध टालते हैं, पर ज़रूरत पड़ने पर प्रजा की रक्षा करते हैं। मेरे पिता ने उनकी कई तलवारें बनाई हैं।
  3. भविषायह कैसा पुल है? और नीचे नदी है क्या?
  4. इरायह पुल हमें सुरक्षित रखता है — हमले का ख़तरा हो तो इसे उठा लिया जाता है। यह नदी नहीं, एक गहरी खाई है।
  5. ध्रुवउस पहाड़ी में वह खुली जगह क्या है?
  6. इरावह गुफा है। हमारे राजा उसे भिक्षुओं के लिए बनवा रहे हैं।
  7. भविषाक्या तुम्हारे राजा केवल पाटलिपुत्र के आस-पास राज करते हैं?
  8. इराउससे कहीं ज़्यादा! असंख्य गाँव, नगर और राज्य उनके अधीन हैं। काका कहते हैं, घोड़े पर सीमा तक पहुँचने में लगभग दो महीने लगते हैं। इसे साम्राज्य कहते हैं!

संवाद पुस्तक की कहानी से, थोड़ा छोटा करके।

चलसेतु (ड्रॉब्रिज)

ख़तरा हो तो पुल उठा लीजिए — फिर खाई पार करके दुर्ग तक पहुँचना बहुत कठिन हो जाता है (पृ. 86)।

पाटलिपुत्र का बाज़ार (पृ. 87)

चीन का रेशमदक्षिण के मसाले और रत्नअलग-अलग क्षेत्रों के उत्तम वस्त्रनट (एक्रोबैट): मानव-स्तंभ, गीत, नृत्य, लघु नाटक

जाँच पड़ाव

  1. 1इरा के अनुसार घोड़े पर साम्राज्य की सीमा तक पहुँचने में कितना समय लगता है?

  2. 2चलसेतु के नीचे क्या था?

2साम्राज्य क्या होता है?

"एंपायर" (साम्राज्य) शब्द लैटिन के "इंपेरियम" से आया है — अर्थ: सर्वोच्च सत्ता। साम्राज्य कई छोटे राज्यों या क्षेत्रों का समूह होता था, जिन पर — प्रायः उन्हें युद्ध में जीतकर — एक शक्तिशाली शासक या शासक-समूह राज करता था। छोटे क्षेत्रों के अपने राजा बने रहते, पर सब सम्राट के अधीन होते। सम्राट अपनी राजधानी से, जो आम तौर पर आर्थिक और प्रशासनिक रूप से बड़ा केंद्र होती, पूरे साम्राज्य पर शासन करता (पृ. 87)।

अधीन राज्य और भेंट

अधीन राज्य सम्राट के सामने समर्पण कर चुके होते और भेंट देते — समर्पण, निष्ठा या सम्मान के प्रतीक के रूप में। बदले में सम्राट प्रायः उन्हें अपने क्षेत्र पर शासन करते रहने देते (पृ. 87–89)। किसी अधीन राज्य पर टैप कीजिए।

सम्राट12345

चित्र हमारा है; राज्यों के नाम काल्पनिक।

सम्राट के लिए संस्कृत शब्द (पृ. 87)

साम्राज्य की विशेषताएँ (पृ. 88)

सम्राट अधीन राज्यों और राजाओं पर केंद्रीय प्रभुता रखता है। छह काम — हर कार्ड पलटिए।

राजा साम्राज्य क्यों चाहता था? (पृ. 88–89)

"पूरे विश्व पर राज" की महत्वाकांक्षा — बड़े क्षेत्र पर नियंत्रण और आने वाली पीढ़ियों में याद रहनाबड़े क्षेत्रों पर नियंत्रण और उनके संसाधनों से आर्थिक और सैन्य शक्तिअपने और साम्राज्य के लिए बहुत धन

पता लगाइए (पृ. 88–91): और कौन-से कारण सोच सकते हैं? युद्ध के अलावा शासक साम्राज्य बढ़ाने के लिए और क्या उपाय अपनाते होंगे? इतने अलग-अलग लोगों में सम्राट मेल-जोल कैसे बनाए रखते होंगे?

जाँच पड़ाव

  1. 1"इंपेरियम" का अर्थ क्या है?

  2. 2"राजाधिराज" का अर्थ?

3व्यापार, मार्ग और श्रेणियाँ

दूर के इलाक़ों में सैन्य अभियान चलाना आसान नहीं — सेना बहुत ख़र्चीली होती है (पृ. 91)।

सेना का ख़र्च जोड़िए

पुस्तक में गिनाई ज़रूरतें एक-एक करके चुनिए।

व्यापार की प्रमुख वस्तुएँ (पृ. 91)

वस्त्रसुगंधित पदार्थ (मसाले)कृषि उत्पादरत्नहस्तशिल्पतरह-तरह के पशु

साहित्य और खुदाई — दोनों से इसके प्रमाण मिलते हैं; कई भारतीय वस्तुएँ थल और जल मार्ग से दूर देशों तक जाती थीं।

अकेले व्यापारी या श्रेणी?

श्रेणियाँ (गिल्ड्स) व्यापारियों, शिल्पकारों, साहूकारों या किसानों के प्रभावशाली संगठन थीं (पृ. 91)। बदलकर देखिए।

पता लगाइए (पृ. 93): पुस्तक के चित्र 5.5 में व्यापार मार्ग देखिए। किन भौगोलिक विशेषताओं ने व्यापारियों की यात्रा आसान की? उन सड़कों पर यातायात के कौन-से साधन रहे होंगे?

जाँच पड़ाव

  1. 1श्रेणी का प्रमुख आम तौर पर कैसे बनता था?

  2. 2श्रेणियों के आंतरिक नियमों के बारे में राजा से क्या अपेक्षा थी?

4मगध का उदय

छठी से चौथी शताब्दी सा.सं.पू. उत्तर भारत में बड़े बदलाव का समय था। सोलह महाजनपदों में से एक — मगध (आज का दक्षिण बिहार और आस-पास) — उभरा और कई राज्यों के विलय से भारत के पहले साम्राज्य की नींव बना। अजातशत्रु जैसे शक्तिशाली राजाओं ने इसमें बड़ी भूमिका निभाई (पृ. 93)।

मगध की शक्ति के स्रोत

पुस्तक में दिए हर स्रोत को जोड़िए (पृ. 94–95)।

    शक्ति-पट्टी केवल गिनती दिखाती है, कोई माप नहीं।

    इसे अनदेखा न करें (पृ. 94)

    सिद्धार्थ गौतम (बुद्ध) और वर्धमान (महावीर) — दोनों अजातशत्रु के समय में थे।

    नंद वंश (पृ. 95)

    सूत्र (पृ. 95)

    छोटे, सोच-समझकर बनाए वाक्यांश, जिनमें ज्ञान और विचार इस तरह बँधे हों कि आसानी से याद रहें और अगली पीढ़ियों तक पहुँचें।

    जाँच पड़ाव

    1. 1मगध के व्यापार को किन नदियों से भौगोलिक लाभ मिला?

    2. 2पाणिनि की अष्टाध्यायी में कितने सूत्र हैं?

    5यवन (ग्रीक) का आगमन

    जब मगध में यह सब हो रहा था, उत्तर-पश्चिम में भूमध्यसागर तक जाने वाले एक प्राचीन मार्ग के पास कई छोटे राज्य थे। ग्रीक विवरणों के अनुसार उनमें पौरव भी थे, जिनके राजा पुरु (पोरस) थे (पृ. 96)।

    एलेक्जेंडर का अभियान — तीन पड़ाव (पृ. 96–97)

    1. 334–331 सा.सं.पू.

      मैसिडोनिया का युवा ग्रीक राजा एलेक्जेंडर ग्रीस पर पहले हुए फ़ारसी आक्रमणों का बदला लेने निकला और फ़ारसी साम्राज्य जीत लिया। उसका साम्राज्य तीन महाद्वीपों तक फैला — विश्व इतिहास के सबसे बड़े साम्राज्यों में से एक।

    2. 327–325 सा.सं.पू.

      "दुनिया के छोर" तक पहुँचने की चाह में भारत आया; पंजाब में पोरस को हराया; स्थानीय जनजातियों और शासकों के कड़े प्रतिरोध पर कई नगरों में नरसंहार किया। ग्रीक अभिलेख: कुछ लड़ाइयों में स्त्रियाँ पुरुषों के कंधे से कंधा मिलाकर लड़ीं। एलेक्जेंडर ख़ुद गंभीर घायल हुआ। थके सैनिकों ने गंगा की ओर बढ़ने से इनकार कर दिया।

    3. 324–323 सा.सं.पू.

      दक्षिण के तटीय मार्ग और ईरान के रेगिस्तानों से लौटते हुए प्यास, भूख और बीमारी से सेना को भारी क्षति। फ़ारस में विद्रोह; बेबीलोन में बीमार होकर केवल 32 वर्ष की उम्र में मृत्यु। साम्राज्य सेनापतियों और क्षत्रपों में बँट गया।

    "एक राजा की तरह" (पृ. 97)

    युद्ध के बाद एलेक्जेंडर ने पुरु से पूछा कि उनके साथ कैसा व्यवहार हो। पुरु ने कहा — "एक राजा की तरह।" एलेक्जेंडर ने उन्हें उन्हीं के राज्य का क्षत्रप बना दिया। क्षत्रप: फ़ारसी और ग्रीक साम्राज्यों में प्रांतों के शासक, जिनके पास अधिकारी होते हुए भी काफ़ी शक्ति और स्वतंत्रता थी।

    एलेक्जेंडर और जिम्नोसोफिस्ट (पृ. 98)

    ग्रीक लोग भारतीय ऋषियों के एक समूह को "जिम्नोसोफिस्ट" (नग्न दार्शनिक — शायद इसलिए कि वे बहुत कम कपड़े पहनते थे) कहते थे। एलेक्जेंडर ने पहेलियों जैसे कठिन प्रश्न पूछे और ग़लत उत्तर पर मृत्युदंड की चेतावनी दी। सदियों से यह कहानी कई रूपों में सुनाई गई है; नीचे के प्रश्न-उत्तर उनमें से एक विवरण के हैं। पहले ख़ुद सोचिए, फिर ऋषि का उत्तर खोलिए।

    जीवन या मृत्यु — कौन अधिक शक्तिशाली है?

    कोई व्यक्ति सबसे अधिक प्रिय कैसे हो सकता है?

    सोचिए (पृ. 97): एलेक्जेंडर पूरे विश्व पर राज क्यों करना चाहता था? उसे इससे क्या मिलता?

    जाँच पड़ाव

    1. 1एलेक्जेंडर ने पंजाब में किस राजा को हराया?

    2. 2एलेक्जेंडर की मृत्यु कहाँ हुई?

    6शक्तिशाली मौर्य

    एलेक्जेंडर के लौटने के कुछ वर्ष बाद, लगभग 321 सा.सं.पू. में, नया वंश और नया साम्राज्य उभरा — चंद्रगुप्त मौर्य का मौर्य साम्राज्य। इसने जल्दी ही नंद साम्राज्य के क्षेत्र अपने अधीन किए और आगे बढ़ता गया (पृ. 98)।

    कौटिल्य की कहानी (पृ. 99–100)

    कौटिल्य का सप्तांग सिद्धांत (चित्र 5.15, पृ. 102)

    अर्थशास्त्र (शाब्दिक अर्थ: शासन और अर्थ का विज्ञान) में कौटिल्य के अनुसार राज्य सात अंगों से बनता है। हर अंग पर टैप कीजिए।

    स्वामीअमात्यजनपददुर्गकोषदंडमित्र0/7

    अंगों का क्रम पहिए पर हमारा है; नाम और अर्थ पुस्तक के।

    कौटिल्य के दो कथन (पृ. 103)

    "प्रजा की प्रसन्नता में राजा की प्रसन्नता है, प्रजा की भलाई में उसकी भलाई।" और: राजा को ग्रामीण क्षेत्र का विशेष ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि शक्ति वहीं से आती है — जो तटबंध या सड़क-पुल बनाएँ, गाँवों को सुंदर बनाएँ या उनकी रक्षा करें, उन पर राजा विशेष अनुग्रह करे।

    पता लगाइए (पृ. 103): कक्षा में चर्चा कीजिए — कौटिल्य के साम्राज्य के विचारों की तुलना आज के राष्ट्र से कीजिए।

    जाँच पड़ाव

    1. 1मौर्य साम्राज्य की स्थापना लगभग कब हुई?

    2. 2सप्तांग में "कोष" का अर्थ?

    7शांति का चयन करने वाला राजा

    मौर्य वंश के एक और राजा — अशोक (268–232 सा.सं.पू.), चंद्रगुप्त के पौत्र। शुरुआत में अशोक बहुत महत्वाकांक्षी थे; विरासत में मिले साम्राज्य को उन्होंने उपमहाद्वीप के सबसे दक्षिणी भाग को छोड़कर लगभग पूरे भूभाग तक फैलाया (पृ. 104)।

    कलिंग: एक मोड़ (पृ. 104)

    अशोक के एक शिलालेख के अनुसार उन्होंने कलिंग (आज का ओडिशा) पर आक्रमण कर भयंकर युद्ध लड़ा। आगे क्या हुआ? बटन दबाइए।

    सोचिए (पृ. 104): अशोक चाहते तो कलिंग युद्ध का ज़िक्र न करते और शांत राजा की छवि बनाए रखते। उन्होंने शिलालेखों में इसे क्यों माना?

    देवानंपिय पियदसि (पृ. 106)

    भाषा और लिपि (पृ. 105)

    अशोक के ज़्यादातर शिलालेख प्राकृत में हैं — जो भारत के कई भागों में लोकप्रिय भाषा थी — और ब्राह्मी लिपि में लिखे गए (ब्राह्मी भारत की सभी क्षेत्रीय लिपियों की जननी मानी जाती है)। इतिहासकार अशोक को "महान संचारक" भी कहते हैं।

    भाषा वह है जो हम बोलते हैं; लिपि वह जिसमें लिखते हैं। प्राकृत क्या थी?

    और ब्राह्मी?

    अपने रोज़ के जीवन से भाषा और लिपि के उदाहरण सोचिए (पृ. 105)।

    अशोक के अभिलेखों के दावे (पृ. 106)

    अपने अभिलेखों में अशोक ने कहा कि मुख्य सड़कों के किनारे नियमित दूरी पर ये सुविधाएँ बनवाईं। सड़क पर जोड़िए।

    चित्र हमारा है।

    अधिकारियों के लिए आदेश (पृ. 107)

    "सब मनुष्य मेरी संतान के समान हैं… तुम्हें निष्पक्षता से न्याय करना चाहिए… नगर के न्याय-शासक सावधान रहें कि किसी को अकारण क़ैद या यातना न दी जाए।" इसके लिए अशोक हर पाँच वर्ष में एक नम्र और दयालु अधिकारी दौरे पर भेजने वाले थे।

    पता लगाइए (पृ. 107): क्या ये उपाय साम्राज्य चलाने में मददगार रहे होंगे? कैसे?

    धर्म (प्राकृत में "धम्म") (पृ. 107)

    सरल शब्दों में: नैतिक नियम, या परिवार, समुदाय या राष्ट्र के प्रति किसी का नैतिक या धार्मिक कर्तव्य। गहरे अर्थ में: ब्रह्मांड की व्यवस्था — "ऋतम्" — के अनुसार जीना। यानी धर्म में कर्तव्य, नियम, सत्य, व्यवस्था और नैतिकता — सब शामिल।

    सारनाथ स्तंभ का शीर्ष (चित्र 5.20, पृ. 109)

    अशोक के बाद (पृ. 108)

    अशोक की मृत्यु के बाद मौर्य साम्राज्य लगभग आधी शताब्दी चला; उत्तराधिकारी उसे एकजुट न रख सके और कई छोटे राज्य स्वतंत्र हो गए। लगभग 185 सा.सं.पू. से भारत की यात्रा का अगला चरण शुरू हुआ।

    जाँच पड़ाव

    1. 1अशोक के ज़्यादातर शिलालेख किस लिपि में हैं?

    2. 2"देवानंपिय" का अर्थ?

    8मौर्य काल में जीवन

    पाटलिपुत्र जैसे नगर शासन और व्यापार के बड़े केंद्र थे — महल, सार्वजनिक भवन, सुनियोजित सड़कें। अच्छी कर-व्यवस्था और व्यापार से राजकोष मज़बूत रहा (पृ. 108)।

    इसे अनदेखा न करें: सोहगौरा ताम्रपत्र (पृ. 108)

    चौथी-तीसरी शताब्दी सा.सं.पू. का यह अभिलेख भारत के सबसे पुराने प्रशासनिक अभिलेखों में है। उत्तर प्रदेश के सोहगौरा में मिला, प्राकृत भाषा और ब्राह्मी लिपि में; माना जाता है कि चंद्रगुप्त मौर्य के समय जारी हुआ। इसमें अकाल से बचाव के लिए अन्नागार बनाने का उल्लेख है — खाद्य सुरक्षा का प्रयास।

    मेगस्थनीज और बाद के विवरण: सही या ग़लत? (पृ. 108–109)

    1. साल में दो फ़सलें बोई जाती थीं, क्योंकि गर्मी और सर्दी दोनों में वर्षा होती थी।

    2. अकाल बार-बार पड़ते थे।

    3. पास में युद्ध हो तब भी किसानों को बचाया जाता था और खेती नहीं रुकती थी।

    4. घर पत्थर के बने होते थे।

    5. आग से बचाव के लिए सड़कों पर नियमित दूरी पर पानी के बर्तन रखे जाते थे।

    6. संदेश पहुँचाने के लिए संदेशवाहक थे और सड़कों पर पहचान-सूचक लगे होते थे।

    पहनावा (बाद के विवरण, पृ. 109)

    सूती कपड़े — निचला वस्त्र घुटनों से नीचे, टखनों की ओर आधे रास्ते तक; ऊपरी वस्त्र कंधों पर डाला जाता। कुछ लोग अलंकृत चमड़े के जूते पहनते, जिनके मोटे तलवे उन्हें लंबा दिखाते।

    नगरों में रहने वाले कारीगर (पृ. 109)

    लोहारकुम्हारबढ़ईजौहरी

    कला और वास्तुकला (पृ. 110–112)

    पता लगाइए (पृ. 109): इतिहासकार बनकर पुस्तक के पृ. 110–111 की कलाकृतियाँ देखिए — मौर्य युग के लोगों के बारे में क्या निष्कर्ष निकाल सकते हैं?

    जाँच पड़ाव

    1. 1सोहगौरा ताम्रपत्र में किसकी स्थापना का उल्लेख है?

    2. 2मौर्य काल के नगरों में घर किससे बने होते थे?

    9साम्राज्यों की दुर्बलताएँ और सार

    रोमन, फ़ारसी, ऑटोमन, स्पैनिश, रूसी, ब्रिटिश — सब बड़े साम्राज्य ख़त्म हो चुके हैं, और इतिहासकार उनके पतन के कारणों पर बहस करते रहते हैं (पृ. 112)।

    साम्राज्य क्यों टूटते हैं? (पृ. 113)

    हर स्थिति को सही खाने में रखिए — वह साम्राज्य को कमज़ोर करती है या जोड़े रखती है?

    समय-रेखा (चित्र 5.30 और पाठ)

    सबसे पहले वाला ऊपर।

    ▲ सबसे पहले

    1. 1चंद्रगुप्त मौर्य — मौर्य साम्राज्य (लगभग 321 सा.सं.पू.)
    2. 2अजातशत्रु — मगध को शक्ति-केंद्र बनाते हैं
    3. 3नया चरण (लगभग 185 सा.सं.पू.)
    4. 4एलेक्जेंडर पंजाब में (327–325 सा.सं.पू.)
    5. 5अशोक (268–232 सा.सं.पू.)
    6. 6महापद्मनंद — नंद वंश (लगभग 5वीं शताब्दी सा.सं.पू.)

    ▼ सबसे बाद

    सोचिए (प्र. 9, पृ. 115): तीसरी शताब्दी सा.सं.पू. में कौशांबी से कावेरीपट्टनम जाना हो तो कैसे जाएँगे, कहाँ रुकेंगे, कितना समय लगेगा?

    पुस्तक का अपना सार — "आगे बढ़ने से पहले…" (पृ. 114)

    पहले खुद याद कीजिए, फिर कार्ड पलटिए।

    आख़िरी जाँच

    1. 1अशोक का शासनकाल?

    2. 2पुस्तक के अनुसार साम्राज्य "विरोधाभास" क्यों हैं?