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1अध्याय के आरंभ का पहला उद्धरण किसका है?
व्याख्या: पहला उद्धरण रवींद्रनाथ टैगोर का है, जो प्रार्थना करते हैं कि वे अनेकता में एकता के स्पर्श का आनंद कभी न गवाँ सकें।
2अध्याय के आरंभ का दूसरा उद्धरण किसका है?
व्याख्या: दूसरा उद्धरण श्री अरविंद का है, जो कहते हैं कि विविधता में एकता का सिद्धांत सदैव से भारत के लिए स्वाभाविक रहा है।
3'एक में अनेक' पद किसका है?
व्याख्या: यह पद श्री अरविंद का है, और अध्याय का शीर्षक — 'विविधता में एकता या एक में अनेक' — भी इसी से आया है।
4पुस्तक के अनुसार भारत में कितने निवासी हैं?
व्याख्या: भारत में 1.4 अरब से भी अधिक निवासी हैं।
5भारत की जनसंख्या विश्व की जनसंख्या का लगभग कितना भाग है?
व्याख्या: भारत की जनसंख्या विश्व की जनसंख्या का लगभग 18 प्रतिशत भाग है।
6'भारत के लोग' परियोजना किस संगठन ने चलाई?
व्याख्या: 20वीं शताब्दी के अंत में भारत के एक राष्ट्रीय संगठन, भारतीय मानव विज्ञान सर्वेक्षण ने 'भारत के लोग' परियोजना के अंतर्गत यह सर्वेक्षण किया।
7'भारत के लोग' परियोजना का सर्वेक्षण कब हुआ?
व्याख्या: यह सर्वेक्षण 20वीं शताब्दी के अंत में हुआ।
8इस सर्वेक्षण में कितने समुदायों का अध्ययन किया गया?
व्याख्या: देश के सभी राज्यों में 4,635 समुदायों का एक व्यापक सर्वेक्षण किया गया।
9इस सर्वेक्षण में कितनी भाषाओं की गणना की गई?
व्याख्या: इसमें 25 लिपियों का उपयोग करने वाली 325 भाषाओं की गणना की गई।
10इस सर्वेक्षण के अनुसार ये भाषाएँ कितनी लिपियों का उपयोग करती हैं?
व्याख्या: 25 लिपियों का। ⚠ ध्यान दीजिए — भाषाएँ 325 और लिपियाँ 25; भाषाएँ अधिक हैं क्योंकि एक ही लिपि अनेक भाषाएँ लिख सकती है।
11निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
व्याख्या: 25 लिपियों का उपयोग करने वाली 325 भाषाओं की गणना की गई — भाषाएँ अधिक, लिपियाँ कम।
12पुस्तक के अनुसार किन्हें 'प्रवासी' कहा जा सकता है?
व्याख्या: सर्वेक्षण में पाया गया कि अपने जन्म स्थान के निकट या अपने मूल समुदाय के साथ न रहने के कारण अनेक भारतीयों को प्रवासी भी कहा जा सकता है।
13विंसेंट स्मिथ कौन थे?
व्याख्या: पुस्तक के अनुसार वे एक ब्रिटिश इतिहासकार थे, जिन्होंने एक शताब्दी से भी अधिक पहले यह कथन कहा।
14विंसेंट स्मिथ ने अपने प्रश्न का क्या उत्तर दिया?
व्याख्या: उन्होंने कहा कि इस प्रश्न का उत्तर इस तथ्य में निहित है कि भारत 'विविधता में एकता' प्रदर्शित करता है।
15पुस्तक के अनुसार रेल-यात्रा में आपको क्या-क्या अनुभव होगा?
व्याख्या: पुस्तक कहती है कि आप न केवल बदलते भूदृश्यों को देखेंगे, बल्कि विभिन्न परिधान और भोजन का अनुभव करेंगे, तथा परिचित एवं अपरिचित भाषाएँ सुनेंगे और विभिन्न लिपियों को देखेंगे।
16पुस्तक के अनुसार भारत आने वाले पर्यटकों को सामान्यत: सबसे पहले क्या प्रभावित करता है?
व्याख्या: पुस्तक कहती है कि भारत की समृद्ध विविधता ही वह पहला पक्ष है जो हमारे देश में आने वाले पर्यटकों को प्रभावित करता है।
17'मुख्य अनाज' में क्या-क्या आते हैं?
व्याख्या: चावल, जौ और गेहूँ, बाजरा, ज्वार और रागी तथा विभिन्न प्रकार की दालों का लगभग पूरे भारत में उपयोग होता है, और ये अधिकांश भारतीयों का प्रमुख भोजन हैं।
18इन्हें 'मुख्य अनाज' क्यों कहा जाता है?
व्याख्या: पुस्तक कहती है — "ये सभी अधिकांश भारतीयों का प्रमुख भोजन है, इसलिए इन्हें 'मुख्य अनाज' भी कहा जाता है।"
19पूरे देश में उपयोग होने वाले सामान्य मसाले कौन-से बताए गए हैं?
व्याख्या: पुस्तक हल्दी, जीरा, इलायची और अदरक का उल्लेख करती है, और कहती है कि इस सूची को साग-सब्जियों और तेलों के साथ आगे बढ़ाया जा सकता है।
20भोजन के उदाहरण से पुस्तक क्या सिद्ध करती है?
व्याख्या: यही अध्याय का सूत्र-वाक्य है, और पुस्तक ने कोष्ठक में ही 'एकता' और 'विविधता' लिख दिए हैं।
21चित्र 8.1 क्या दर्शाता है?
व्याख्या: चित्र 8.1 भारत के विभिन्न क्षेत्रों से अनाजों और दालों के कुछ उदाहरण दर्शाता है, और उस पर लिखा है कि वह पैमाने पर आधारित नहीं है।
22चित्र 8.1 में चावल के कौन-से नाम अंकित हैं?
व्याख्या: मानचित्र पर चावल कई बार आता है, पर हर बार अलग नाम से — बासमती, सोना मसूरी, पोन्नी चावल और कोलम चावल। यही 'एक में अनेक' है।
23निम्नलिखित में से कौन चित्र 8.1 पर अंकित नहीं है?
व्याख्या: मानचित्र पर राजमा, लोबिया, मूंग दाल, मसूर दाल, चना दाल, अरहर दाल और छोले/चना अंकित हैं। सोयाबीन नहीं है।
24वस्त्रों के बारे में पुस्तक क्या कहती है?
व्याख्या: पुस्तक कहती है कि प्रत्येक क्षेत्र के लोगों ने अपनी स्वयं की शैली विकसित की है, फिर भी हम कुछ पारंपरिक भारतीय परिधानों में एक समानता पाते हैं।
25पुस्तक साड़ी को कैसे परिभाषित करती है?
व्याख्या: साड़ी भारत के अधिकांश भागों में पहना जाने वाला और विभिन्न प्रकार के सूत या धागे से बना एक लंबा परिधान है — और वह बिना सिला होता है।
26साड़ी किन धागों से बनती है?
व्याख्या: ये मुख्यत: कपास अथवा रेशम के धागे से बनती हैं, परंतु आजकल कृत्रिम (सिंथेटिक) कपड़ों से भी बनाई जाती हैं।
27निम्नलिखित में से कौन रेशमी साड़ियों के प्रकार बताए गए हैं?
व्याख्या: पुस्तक बनारसी, कांजीवरम, पैठनी, पाटन पटोला, मूगा या मैसूर को रेशमी साड़ियों के कुछ प्रसिद्ध प्रकार बताती है।
28इस बिना सिले वस्त्र के कितने प्रकार के रूप होते हैं?
व्याख्या: पुस्तक कहती है कि कुल मिलाकर इस बिना सिले वस्त्र (साड़ी) के सैकड़ों प्रकार के रूप होते हैं।
29साड़ियों में विविधता कहाँ से आती है?
व्याख्या: इन्हें बुनाई एवं डिजाइन की विभिन्न विधियों से तैयार किया जाता है, और अंतत: रंगों में अनेक विविधताएँ होती हैं।
30साड़ी के डिजाइन के बारे में क्या सही है?
व्याख्या: कुछ डिजाइन कपड़े का ही हिस्सा होते हैं, जबकि कुछ को कपड़े की बुनाई के उपरांत उस पर छापा जाता है।
31चित्र 8.2 कहाँ से प्राप्त है और वह कितनी पुरानी है?
व्याख्या: चित्र 8.2 वैशाली (वर्तमान बिहार में) से प्राप्त साड़ी पहने हुए एक स्त्री की पत्थर पर उकेरी गई आकृति है, जो कुछ शताब्दी सा.सं.पू. की है।
32'उकेरी गई आकृति' किसे कहते हैं?
व्याख्या: उकेरी गई आकृति का अर्थ है एक डिजाइन जो समतल सतह के ऊपर उकेरी गई हो; यह पत्थर, लकड़ी, मृत्तिका (सेरेमिक) या अन्य सामग्री की बनी हो सकती है।
33'ध्यान रखें' बॉक्स के अनुसार भारत किस चीज़ का उत्पादन करता रहा?
व्याख्या: बहुत लंबे समय तक भारत, विश्व में सर्वाधिक महीन सूत का उत्पादन करता रहा और उन कपड़ों का यूरोप जैसे सुदूर स्थानों तक निर्यात करता रहा।
34'छींट' क्या है?
व्याख्या: 'छींट' एक सूती कपड़े पर छपा हुआ डिजाइन है, जो 17वीं शताब्दी में यूरोप में बहुत लोकप्रिय हुआ।
35'छींट' किस शताब्दी में यूरोप में लोकप्रिय हुआ?
व्याख्या: 17वीं शताब्दी में 'छींट' यूरोप में इतना अधिक लोकप्रिय हुआ कि यूरोपीय परिधानों की कीमतों में बहुत बड़ी गिरावट आई।
36'छींट' के आयात पर प्रतिबंध किन देशों ने लगाया?
व्याख्या: अपने स्वयं के उत्पादों के संरक्षण के लिए इंग्लैंड और फ्रांस को भारत से 'छींट' के आयात पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लेना पड़ा।
37उन्होंने प्रतिबंध क्यों लगाया?
व्याख्या: पुस्तक कहती है — "अंतत: अपने स्वयं के उत्पादों के संरक्षण के लिए इंग्लैंड और फ्रांस को… प्रतिबंध लगाने का निर्णय लेना पड़ा।"
38चित्र 8.4 में कितने चित्र हैं और वे क्या दिखाते हैं?
व्याख्या: चित्र 8.4 में छह चित्रों के माध्यम से साड़ी के रचनात्मक उपयोगों को दर्शाया गया है — जैसे झूला, मछली का जाल, अनाज ओसाना, सिर की गद्दी, वर्षा से बचाव और बिछौना।
39विदेशी यात्री साड़ी की किन बातों को देखकर अभिभूत हुए?
व्याख्या: विगत शताब्दियों में भारत आने वाले विभिन्न विदेशी यात्री इसकी सादगी, सुलभता और पहनने के विविध तरीकों को देखकर अभिभूत हुए।
40साड़ी के अनेक रूपों और तरीकों के बावजूद पुस्तक क्या निष्कर्ष देती है?
व्याख्या: पुस्तक कहती है — "इसे बाँधने व पहनने के नए-नए तरीके अभी भी खोजे जा रहे हैं, लेकिन अंततोगत्वा यह एक ही प्रकार का परिधान — 'साड़ी' है।"
41पुस्तक त्योहारों के बारे में क्या कहती है?
व्याख्या: पुस्तक कहती है कि कुछ त्योहार एक ही समय पर पूरे भारत में मनाए जाते हैं, हालाँकि उनके नाम अलग-अलग होते हैं।
42मकर संक्रांति कब मनाई जाती है?
व्याख्या: मकर संक्रांति का पर्व 14 जनवरी के आस-पास मनाया जाता है।
43मकर संक्रांति भारत के विभिन्न भागों में किसका सूचक है?
व्याख्या: पुस्तक कहती है कि यह पर्व भारत के विभिन्न भागों में फसलों की कटाई का सूचक है।
44चित्र 8.5 क्या दर्शाता है?
व्याख्या: चित्र 8.5 का कैप्शन कहता है कि यह मानचित्र लगभग एक ही तिथि पर एक ही त्योहार के विभिन्न नामों को प्रदर्शित करता है।
45निम्नलिखित में से कौन मकर संक्रांति का ही एक नाम है?
व्याख्या: चित्र 8.5 के अनुसार पोंगल भी मकर संक्रांति का ही एक नाम है, जो दक्षिण में प्रयुक्त होता है।
46असम में मकर संक्रांति को किस नाम से जाना जाता है?
व्याख्या: चित्र 8.5 में पूर्वोत्तर के क्षेत्र में माघ बिहू अंकित है।
47गुजरात के क्षेत्र में यह त्योहार किस नाम से अंकित है?
व्याख्या: चित्र 8.5 में पश्चिम के गुजरात क्षेत्र में उत्तरायण अंकित है।
48निम्नलिखित में से कौन-सा नाम चित्र 8.5 में नहीं है?
व्याख्या: चित्र 8.5 में शिशुर सेंक्रात, माघी/लोहड़ी, खिचड़ी पर्व, माघ बिहू, मकर संक्रांत, उत्तरायण, मकर संक्रांति, पौष साँग क्रान्ति, पेड्डा पंडुगा, मकर संक्रमण, पोंगल और मकर विलांक्कु हैं। बैसाखी नहीं है।
49चित्र 8.5 के कई नामों में कौन-सा शब्द किसी न किसी रूप में मिलता है?
व्याख्या: मकर संक्रांत, मकर संक्रांति, मकर संक्रमण, मकर विलांक्कु, शिशुर सेंक्रात और पौष साँग क्रान्ति — इन सब में वह साझी जड़ दिखती है। अर्थात नाम भी पूरी तरह अलग नहीं हैं।
50पुस्तक भारतीय साहित्य के बारे में क्या कहती है?
व्याख्या: पुस्तक कहती है कि भारतीय साहित्य बहुत विविध है एवं विश्व के सबसे धनी साहित्यों में से एक है।
51पंचतंत्र क्या है?
व्याख्या: पंचतंत्र मुख्य पात्रों के रूप में पशुओं के माध्यम से मनोरंजक कथाओं का संग्रह है, जो हमें महत्वपूर्ण जीवन-कौशल सिखाता है।
52पंचतंत्र का मूल संस्कृत पाठ कितना पुराना है?
व्याख्या: पुस्तक के अनुसार पंचतंत्र का मूल संस्कृत पाठ लगभग 2,200 वर्ष पुराना है।
53पंचतंत्र के कितने रूपांतरण और कितनी भाषाओं में उपलब्ध हैं?
व्याख्या: ऐसा अनुमान है कि पंचतंत्र के 50 से अधिक भाषाओं में 200 से अधिक रूपांतरण उपलब्ध हैं।
54पंचतंत्र भारत से बाहर कहाँ-कहाँ पढ़ा जाता है?
व्याख्या: पुस्तक कहती है कि यह भारत से बाहर दक्षिण-पूर्वी एशिया, अरब देशों तथा यूरोप में भी पढ़ा जाता है।
55पंचतंत्र का उदाहरण क्या प्रदर्शित करता है?
व्याख्या: पुस्तक कहती है — "यह प्रदर्शित करता है कि 'एक' कहानियों का संग्रह किस प्रकार 'अनेक' में परिवर्तित हो गया।"
56'महाकाव्य' किसे कहते हैं?
व्याख्या: महाकाव्य सामान्यत: एक लंबी कविता है जो अतीत के महान नायकों एवं योद्धाओं की कथाओं का व्याख्यान करती है।
57भारत के सबसे प्रभावशाली दो महाकाव्य कौन-से हैं?
व्याख्या: पुस्तक कहती है कि भारत के सबसे प्रभावशाली दो महाकाव्य रामायण एवं महाभारत हैं।
58अपने मूल संस्करण में ये दोनों महाकाव्य कितने पृष्ठों में समाहित हैं?
व्याख्या: अपने मूल संस्करण में लगभग 7,000 पृष्ठों में समाहित ये दोनों संस्कृत के महाकाव्य हैं।
59महाभारत में पांडव किसकी सहायता से और किससे युद्ध करते हैं?
व्याख्या: महाभारत में पांडव, श्री कृष्ण की सहायता से अपने चचेरे भाइयों 'कौरवों' से अपने राज्य की प्राप्ति के लिए युद्ध करते हैं।
60रामायण में श्री राम किसकी सहायता से रावण को पराजित करते हैं?
व्याख्या: रामायण में श्री राम अपने भाई लक्ष्मण एवं हनुमान की सहायता से उस राक्षस रावण को पराजित करते हैं, जिसने उनकी पत्नी सीता का अपहरण किया था।
61इन महाकाव्यों की छोटी कथाएँ/उपकथाएँ किस पर केंद्रित हैं?
व्याख्या: इन कथाओं में कई और छोटी कथाएँ/उपकथाएँ भी हैं, जो नैतिक मूल्यों पर केंद्रित हैं और लगातार प्रश्न पूछती हैं कि क्या सत्य और क्या असत्य।
62चित्र 8.6 के चित्रकार कौन हैं?
व्याख्या: चित्र 8.6 का कैप्शन है — रामायण का युद्धकांड, साहिबदीन, मेवाड़, 1652, इंडिया ऑफिस लाइब्रेरी, लंदन।
63चित्र 8.6 किस वर्ष का है?
व्याख्या: चित्र 8.6 वर्ष 1652 का है, और वह मेवाड़ में साहिबदीन द्वारा बनाया गया।
64चित्र 8.6 आज कहाँ है?
व्याख्या: कैप्शन के अनुसार वह इंडिया ऑफिस लाइब्रेरी, लंदन में है।
65चित्र 8.6 रामायण के किस कांड से है?
व्याख्या: चित्र 8.6 रामायण के युद्धकांड से है।
66इन महाकाव्यों का अनुवाद व रूपांतरण कब से होता रहा है?
व्याख्या: दो सहस्राब्दियों से अधिक समय से इन दो महाकाव्यों का भारत एवं भारत से बाहर अनुवाद व रूपांतरण किया जाता रहा है।
67केवल तमिलनाडु में महाभारत के कितने लोक स्वरूप पाए गए?
व्याख्या: कुछ वर्ष पूर्व एक विद्वान ने केवल तमिलनाडु में किए गए अपने सर्वेक्षण में लोक कथाओं के रूप में महाभारत के 100 से अधिक स्वरूपों को पाया।
68अपने संस्करणों के संदर्भ में किन जनजाति समुदायों का नाम आया है?
व्याख्या: भील, गोंड, मुंडा जैसे भारत के कई अन्य जनजाति समुदायों के संदर्भ में ये विशेष रूप से सत्य है।
69ये जनजातीय रूपांतरण कैसे प्रसारित हुए?
व्याख्या: पुस्तक कहती है — "ये जनजातीय रूपांतरण मौखिक रूप से प्रसारित हुए।"
70जनजातीय किंवदंतियों में कौन-से पात्र उनके क्षेत्रों में आए बताए जाते हैं?
व्याख्या: पुस्तक कहती है कि सामान्यत: पांडव, उनकी पत्नी द्रौपदी, कभी-कभी उनके शत्रु दुर्योधन एवं चचेरे भाई उनकी जनजातियों से संबंधित क्षेत्रों में आए।
71के.एस. सिंह कौन थे?
व्याख्या: के.एस. सिंह एक मानवविज्ञानी थे, जिन्होंने उसी 'भारत के लोग' परियोजना का निर्देशन किया जिसका उल्लेख पृष्ठ 126 पर हुआ था।
72के.एस. सिंह ने महाभारत के बारे में क्या कहा?
व्याख्या: उन्होंने कहा — "लोककथाओं के अनुसार इस देश में शायद ही ऐसा कोई स्थान हो जहाँ महानायक पांडव न गए हों।" और पुस्तक जोड़ती है कि यही बात रामायण के संदर्भ में भी कही जा सकती है।
73चित्र 8.7 किस जनजाति से संबंधित है और कहाँ का है?
व्याख्या: चित्र 8.7 तमिलनाडु के नीलगिरि के जंगलों में पाँच पांडवों को दर्शाता नक्काशीदार पत्थर है, जिसे इरूला जनजाति द्वारा मंदिर में सुरक्षित रखा गया है।
74पुस्तक के अनुसार इन दो महाकाव्यों ने क्या विकसित किया?
व्याख्या: पुस्तक कहती है कि सदियों से, किसी अन्य साहित्य की अपेक्षा इन दो महाकाव्यों ने भारत एवं एशिया के विभिन्न भागों के मध्य एक सांस्कृतिक सूत्र के गहन तंत्र को विकसित किया।
75अध्याय की अंतिम पंक्ति क्या कहती है?
व्याख्या: यही अध्याय की अंतिम पंक्ति है, और वह पूरे अध्याय का निचोड़ है।
76पुस्तक के सार का तीसरा बिंदु क्या कहता है?
व्याख्या: पुस्तक का तीसरा बिंदु यही कहता है — विविधता विभाजित नहीं, अपितु समृद्ध करती है।
77'विविधता में एकता' का अर्थ क्या है?
व्याख्या: अध्याय एकरूपता की बात नहीं करता। वह कहता है कि अलग-अलग होते हुए भी एक साझा सूत्र है — और विविधता विभाजित नहीं, अपितु समृद्ध करती है।
78पुस्तक के अनुसार शास्त्रीय कलाओं और वास्तुकला का अध्ययन कहाँ होगा?
व्याख्या: पुस्तक कहती है कि भारतीय शास्त्रीय कलाओं में विविधता एवं एकता को सरलता से देखा जा सकता है, और आप इन क्षेत्रों का अध्ययन कला पाठ्यचर्या के दौरान करेंगे।
79निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
व्याख्या: 2,200 वर्ष पंचतंत्र के मूल पाठ की आयु है, जबकि 7,000 पृष्ठ रामायण और महाभारत के मूल संस्करण का आकार है — एक आयु है, दूसरा आकार।
80विंसेंट स्मिथ और के.एस. सिंह में क्या अंतर है?
व्याख्या: विंसेंट स्मिथ ने 'विविधता में एकता' वाला उत्तर दिया (पृ. 126), जबकि के.एस. सिंह ने 'भारत के लोग' परियोजना का निर्देशन किया (पृ. 135)।
81इस अध्याय में वैशाली किस संदर्भ में आया है?
व्याख्या: इस अध्याय में वैशाली चित्र 8.2 के संदर्भ में आया है। अध्याय 7 में वह महावीर के जन्मस्थान के रूप में आया था — दोनों सही हैं।
82इस अध्याय में नीलगिरि किस जनजाति के संदर्भ में आया है?
व्याख्या: इस अध्याय में नीलगिरि इरूला जनजाति और 'पंच पांडव' के पत्थर के संदर्भ में आया है। अध्याय 7 में वही पर्वत टोडा जनजाति के संदर्भ में आया था।

