अध्याय 4विचारक, विश्वास और इमारतें

प्रश्न बैंक26 मिनट

सांस्कृतिक विकास (ईसा पूर्व 600 – ईसा संवत् 600) | कक्षा XII (RBSE)

उत्तर-संकेत प्रत्येक खंड के अंत में


खंड क — बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) [1 अंक]

1शाहजहाँ बेगम की आत्मकथा का नाम है

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सही उत्तर: (ब) ताज-उल-इक़बाल तारीख़ भोपाल

2साँची के पूर्वी तोरणद्वार को अपने संग्रहालय में ले जाने की इजाज़त सबसे पहले किसने माँगी?

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सही उत्तर: (ब) फ़्रांसीसियों ने

3जॉन मार्शल ने साँची पर लिखे अपने ग्रंथ किसे समर्पित किए?

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सही उत्तर: (ब) सुल्तानजहाँ बेगम

4ऋग्वेद का संकलन किस काल में हुआ?

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सही उत्तर: (अ) 1500-1000 ई.पू.

5बौद्ध ग्रंथों में कितने संप्रदायों या चिंतन परंपराओं का उल्लेख मिलता है?

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सही उत्तर: (स) 64

6‘कुटागारशाला’ का शाब्दिक अर्थ है

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सही उत्तर: (ब) नुकीली छत वाली झोपड़ी

7मक्खलि गोसाल किस परंपरा के थे?

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सही उत्तर: (ब) आजीविक

8अजित केसकंबलिन् को किस नाम से जाना जाता है?

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सही उत्तर: (ब) भौतिकवादी

9‘त्रिपिटक’ का शाब्दिक अर्थ है

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सही उत्तर: (ब) तीन टोकरियाँ

10संघ या बौद्ध मठों में रहने वालों के नियम किस पिटक में हैं?

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सही उत्तर: (ब) विनय पिटक

11बुद्ध की शिक्षाएँ किस पिटक में संग्रहित हैं?

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सही उत्तर: (ब) सुत्त पिटक

12श्रीलंका के बौद्ध इतिहास से संबंधित ग्रंथ हैं

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सही उत्तर: (अ) दीपवंश और महावंश

13महावीर से पहले कितने तीर्थंकर हो चुके थे?

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सही उत्तर: (ब) 23

14जैन साधु-साध्वी कितने व्रत करते थे?

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सही उत्तर: (स) पाँच

15‘महल के बाहर की दुनिया’ (स्रोत 4) किस ग्रंथ से लिया गया है?

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सही उत्तर: (ब) उत्तराध्ययन सूत्र

16बुद्ध के बचपन का नाम क्या था?

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सही उत्तर: (ब) सिद्धार्थ

17संघ में आने वाली पहली भिक्खुनी कौन थीं?

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सही उत्तर: (ब) महाप्रजापति गोतमी

18महिलाओं को संघ में आने की अनुमति दिलवाने में किसकी भूमिका थी?

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सही उत्तर: (ब) आनंद

19‘थेरी’ का अर्थ है

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सही उत्तर: (ब) ऐसी महिलाएँ जिन्होंने निर्वाण प्राप्त कर लिया हो

20‘थेरीगाथा’ किस पिटक का हिस्सा है?

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सही उत्तर: (ब) सुत्त पिटक

21बुद्ध ने प्रथम उपदेश कहाँ दिया?

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सही उत्तर: (स) सारनाथ

22बुद्ध ने निब्बान कहाँ प्राप्त किया?

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सही उत्तर: (ब) कुशीनगर

23किस ग्रंथ के अनुसार असोक ने बुद्ध के अवशेषों को बाँटकर स्तूप बनाने का आदेश दिया?

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सही उत्तर: (ब) असोकावदान

24स्तूप का मूल गोलार्ध टीला किस नाम से जाना जाता है?

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सही उत्तर: (ब) अंड

25‘देवताओं के घर का प्रतीक’ माना जाने वाला छज्जे जैसा ढाँचा है

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सही उत्तर: (ब) हर्मिका

26अमरावती के स्तूप के अवशेष किस वर्ष एक स्थानीय राजा को मिले?

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सही उत्तर: (अ) 1796

27‘एलियट संगमरमर’ किससे संबंधित है?

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सही उत्तर: (ब) अमरावती

28साँची की खोज किस वर्ष हुई?

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सही उत्तर: (ब) 1818

29“इस देश की प्राचीन कलाकृतियों की लूट होने देना मुझे आत्मघाती और असमर्थनीय नीति लगती है” — यह कथन किसका है?

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सही उत्तर: (ब) एच.एच. कोल

30चित्र 4.13 की मूर्तिकला किस जातक से ली गई है?

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सही उत्तर: (ब) वेसान्तर जातक

31आरंभिक मूर्तिकला में ‘चक्र’ किसका प्रतीक था?

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सही उत्तर: (स) सारनाथ का प्रथम उपदेश

32तोरणद्वार पर पेड़ पकड़कर झूलती स्त्री की मूर्ति क्या कहलाती है?

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सही उत्तर: (ब) शालभंजिका

33साँची को ‘वृक्ष और सर्प पूजा का केंद्र’ किसने माना?

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सही उत्तर: (ब) जेम्स फ़र्गुसन

34गुफाओं की चित्रकारी के लिए कौन-सा स्थल सबसे प्रसिद्ध है?

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सही उत्तर: (ब) अजंता

35पुरानी बौद्ध परंपरा के अनुयायी स्वयं को क्या कहते थे?

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सही उत्तर: (ब) थेरवादी

36सबसे प्राचीन कृत्रिम गुफाएँ किसके लिए बनाई गई थीं?

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सही उत्तर: (स) आजीविक संप्रदाय के संतों

37कैलाशनाथ मंदिर किस सदी का है?

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सही उत्तर: (स) आठवीं

38‘हे भगवान यह मैंने कैसे बनाया!’ — यह किस अभिलेख में दर्ज है?

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सही उत्तर: (ब) एलोरा के ताम्रपत्र अभिलेख में

39साँची को विश्व कला दाय स्थान कब घोषित किया गया?

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सही उत्तर: (स) 1989

40‘भिलसा टोप्स’ पुस्तक के लेखक कौन हैं?

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सही उत्तर: (ब) अलेक्ज़ैंडर कनिंघम

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उत्तरमाला: 1-ब, 2-ब, 3-ब, 4-अ, 5-स, 6-ब, 7-ब, 8-ब, 9-ब, 10-ब, 11-ब, 12-अ, 13-ब, 14-स, 15-ब, 16-ब, 17-ब, 18-ब, 19-ब, 20-ब, 21-स, 22-ब, 23-ब, 24-ब, 25-ब, 26-अ, 27-ब, 28-ब, 29-ब, 30-ब, 31-स, 32-ब, 33-ब, 34-ब, 35-ब, 36-स, 37-स, 38-ब, 39-स, 40-ब

खंड ख — रिक्त स्थान पूर्ति [1 अंक]

1शाहजहाँ बेगम की आत्मकथा का अनुवाद ______ में ________ ने किया।

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शाहजहाँ बेगम की आत्मकथा का अनुवाद 1876 में ________ ने किया।

2यज्ञों के छंद ________ नामक एक ख़ास तरह की संस्कृत में रचे गए थे।

3________ जैसे जटिल यज्ञ सरदार और राजा किया करते थे।

4आजीविक परंपरा के लोगों को अक्सर ________ कहा जाता है।

5लोकायत परंपरा के लोगों को सामान्यतः ________ कहा जाता है।

6बुद्ध की मृत्यु के बाद उनके शिष्यों ने ________ में एक सभा बुलाई।

7दर्शन से जुड़े विषय ________ पिटक में आए।

8तीर्थंकर वे महापुरुष हैं जो पुरुषों और महिलाओं को ________ के पार पहुँचाते हैं।

9बुद्ध का अंतिम निर्देश था — “तुम सब अपने लिए ख़ुद ही ________ बनो।”

10स्तूप का संस्कृत अर्थ ________ है।

11हर्मिका से निकलने वाले मस्तूल को ________ कहते हैं।

12उपासक ________ तोरणद्वार से प्रवेश करके दक्षिणावर्त परिक्रमा करते थे।

13बोधिसत्तों को ________ जीव माना गया।

14आरंभिक मंदिर एक चौकोर कमरे के रूप में थे जिन्हें ________ कहा जाता था।

15गर्भगृह के ऊपर बनने वाले ऊँचे ढाँचे को ________ कहा जाता था।

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उत्तर: 1. एच.डी. बार्स्टो 2. वैदिक संस्कृत 3. राजसूय और अश्वमेध 4. नियतिवादी 5. भौतिकवादी 6. वेसली (वैशाली) 7. अभिधम्म 8. जीवन की नदी 9. ज्योति 10. टीला 11. यष्टि 12. पूर्वी 13. परम करुणामय 14. गर्भगृह 15. शिखर

खंड ग — एक पंक्ति में उत्तर (One-liners) [1 अंक]

1साँची भोपाल से कितनी दूर है?

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लगभग बीस मील उत्तर-पूर्व

2साँची के अवशेषों का निरीक्षण करने वाले अंग्रेज़ अधिकारी कौन थे?

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मेजर अलेक्ज़ैंडर कनिंघम

3फ़्रांसीसी और अंग्रेज़ किससे संतुष्ट हो गए?

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बड़ी सावधानी से बनाई प्लास्टर प्रतिकृतियों से

4सुल्तानजहाँ बेगम ने साँची में क्या बनवाया?

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एक संग्रहालय और अतिथिशाला

5ईसा पूर्व प्रथम सहस्राब्दि में ईरान का प्रमुख चिंतक कौन था?

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ज़रथुस्त्र

6चीन का प्रमुख चिंतक कौन था?

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खुंगत्सी

7ऋग्वेद किन देवताओं की स्तुति का संग्रह है?

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अग्नि, इंद्र, सोम आदि

8उपनिषदों में कौन-से नए प्रश्न उठे?

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जीवन का अर्थ, मृत्यु के बाद जीवन की संभावना और पुनर्जन्म

9‘सच्चा यज्ञ’ किसे बताया गया है?

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पवन को — “बहते-बहते यह सबको पवित्र करता है”

10वैदिक परंपरा से बाहर के दार्शनिक कौन-सा सवाल उठा रहे थे?

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सत्य एक होता है या अनेक

11नियतिवादियों का मुख्य विश्वास क्या था?

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सब कुछ पूर्व निर्धारित है

12भौतिकवादियों के अनुसार मनुष्य किन तत्वों से बना है?

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चार तत्वों से

13नियतिवादी और भौतिकवादी परंपराओं के ग्रंथों का क्या हुआ?

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नष्ट हो गए

14बुद्ध के संभाषण उनके जीवनकाल में लिखे गए थे या नहीं?

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नहीं लिखे गए

15कौन-से चीनी यात्री बौद्ध ग्रंथों की खोज में भारत आए?

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फ़ा-शिएन और श्वैन त्सांग

16जैन दर्शन की सबसे महत्त्वपूर्ण अवधारणा क्या है?

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संपूर्ण विश्व प्राणवान है

17जैन दर्शन का केंद्र बिंदु क्या है?

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अहिंसा

18जैन विद्वानों ने किन भाषाओं में साहित्य रचा?

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प्राकृत, संस्कृत, तमिल

19सिद्धार्थ ने बाहरी दुनिया की पहली यात्रा में क्या देखा?

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एक वृद्ध, एक बीमार और एक लाश; साथ ही एक संन्यासी

20बौद्ध दर्शन के अनुसार विश्व कैसा है?

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अनित्य और आत्माविहीन (अनात्मा)

21दुखों से मुक्ति का मार्ग क्या है?

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घोर तपस्या और विषयासक्ति के बीच मध्यम मार्ग

22बुद्ध के अनुसार समाज का निर्माण किसने किया?

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इनसानों ने, न कि ईश्वर ने

23भिक्खु शब्द क्यों प्रयुक्त हुआ?

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क्योंकि वे दान पर निर्भर थे

24संघ की संचालन पद्धति किस परंपरा पर आधारित थी?

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गणों और संघों की परंपरा पर

25संघ में निर्णय कैसे लिए जाते थे?

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बातचीत से एकमत; संभव न होने पर मतदान द्वारा

26थेरीगाथा में किसकी रचनाओं का संकलन है?

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भिक्खुनियों द्वारा रचित छंदों का

27पुन्ना कौन थी?

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एक दासी जो मालिक के घर के लिए नदी से पानी लाती थी

28चैत्य क्या है?

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अंतिम संस्कार से जुड़े टीले

29असोक ने लुम्बिनी में क्या बनवाया?

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अपनी यात्रा की याद में एक स्तंभ

30ईसा पूर्व दूसरी सदी तक किन जगहों पर स्तूप बन चुके थे?

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भरहुत, साँची और सारनाथ

31साँची के एक तोरणद्वार का हिस्सा किनके दान से बना?

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हाथी दाँत का काम करने वाले शिल्पकारों के

32स्तूप की रेलिंग को क्या कहते हैं?

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वेदिका

33एलियट संगमरमर कहाँ ले जाए गए?

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मद्रास

34अमरावती के पत्थर किन-किन जगहों तक पहुँचे?

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कलकत्ता, मद्रास और लंदन

351818 में साँची की खोज के समय कितने तोरणद्वार खड़े थे?

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तीन

36जेम्स फ़र्गुसन ने ग़लत निष्कर्ष क्यों निकाला?

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वे बौद्ध साहित्य से अनभिज्ञ थे

37गजलक्ष्मी किसकी देवी थीं?

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सौभाग्य लाने वाली

38अजंता के चित्रों में किस तकनीक का प्रयोग हुआ?

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आभाभेद तकनीक

39‘हीनयान’ नाम किसने दिया?

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महायान के अनुयायियों ने

40महाबलीपुरम् की चट्टान की दो व्याख्याएँ क्या हैं?

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गंगावतरण अथवा अर्जुन की तपस्या

खंड घ — अति लघूत्तरात्मक प्रश्न [2 अंक] (उत्तर-संकेत सहित)

1यज्ञों की परंपरा में क्या परिवर्तन आए?

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शुरू में सामूहिक रूप से; बाद में (1000-500 ई.पू.) घरों के मालिकों द्वारा; राजसूय-अश्वमेध जैसे जटिल यज्ञ सरदार-राजा द्वारा, ब्राह्मण पुरोहितों पर निर्भरता के साथ।

2‘कुटागारशाला’ क्या थी और उसका क्या महत्त्व है?

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शब्दार्थ ‘नुकीली छत वाली झोपड़ी’; यहाँ या उपवनों में घुमक्कड़ मनीषी ठहरते और दार्शनिक चर्चाएँ करते थे।

3नियतिवाद और भौतिकवाद में अंतर स्पष्ट कीजिए।

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नियतिवाद (आजीविक/मक्खलि गोसाल) — सब कुछ पूर्व निर्धारित, बदला नहीं जा सकता। भौतिकवाद (लोकायत/अजित केसकंबलिन्) — दान-यज्ञ का कोई अस्तित्व नहीं; मनुष्य चार तत्वों से बना; मृत्यु के बाद कुछ नहीं बचता।

4त्रिपिटक के तीन भाग और उनकी विषय-वस्तु लिखिए।

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विनय पिटक (संघ/मठों के नियम); सुत्त पिटक (बुद्ध की शिक्षाएँ); अभिधम्म पिटक (दर्शन से जुड़े विषय)।

5तीर्थंकर किसे कहते हैं?

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वे महापुरुष जो पुरुषों और महिलाओं को जीवन की नदी के पार पहुँचाते हैं; महावीर से पहले 23 तीर्थंकर हो चुके थे।

6जैन साधु-साध्वी के पाँच व्रत लिखिए।

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हत्या न करना; चोरी नहीं करना; झूठ न बोलना; ब्रह्मचर्य (अमृषा); धन संग्रह न करना।

7‘संतचरित’ क्या है और इतिहासकार के लिए इसका क्या महत्त्व है?

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किसी संत/धार्मिक नेता की जीवनी; संत की उपलब्धियों का गुणगान करती है जो तथ्यात्मक रूप से पूरी तरह सही नहीं होते; महत्त्व — यह उस परंपरा के अनुयायियों के विश्वासों के बारे में बताती है।

8‘निर्वाण’ से बुद्ध का क्या तात्पर्य था?

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अहं और इच्छा का ख़त्म हो जाना, जिससे गृहत्याग करने वालों के दुख के चक्र का अंत हो सके।

9‘भिक्खु’ शब्द क्यों प्रयुक्त हुआ?

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क्योंकि वे दान पर निर्भर थे; दिन में एक बार उपासकों से भोजन दान पाने के लिए वे एक कटोरा रखते थे।

10‘थेरी’ किसे कहते हैं?

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ऐसी महिलाएँ जिन्होंने निर्वाण प्राप्त कर लिया हो; कई स्त्रियाँ संघ में आकर धम्म की उपदेशिकाएँ बनीं और आगे चलकर थेरी बनीं।

11‘चैत्य’ क्या है?

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शवदाह के बाद शरीर के कुछ अवशेष टीलों पर सुरक्षित रख दिए जाते थे; अंतिम संस्कार से जुड़े ये टीले चैत्य कहलाए।

12स्तूप की संरचना के पाँच भाग लिखिए।

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अंड (गोलार्ध टीला); हर्मिका (देवताओं के घर का प्रतीक); यष्टि (मस्तूल, छत्री सहित); वेदिका (रेलिंग); तोरणद्वार (प्रवेश-द्वार)।

13स्तूप की प्रदक्षिणा किस प्रकार की जाती थी?

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उपासक पूर्वी तोरणद्वार से प्रवेश करके टीले को दाईं तरफ़ रखते हुए दक्षिणावर्त परिक्रमा करते थे — मानो आकाश में सूर्य के पथ का अनुकरण कर रहे हों।

14आरंभिक मूर्तिकला में बुद्ध की उपस्थिति के तीन प्रतीक बताइए।

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रिक्त स्थान (ध्यान की दशा); स्तूप (महापरिनिब्बान); चक्र (सारनाथ का प्रथम उपदेश)।

15‘शालभंजिका’ कौन थी?

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संस्कृत में वर्णित एक स्त्री-मूर्ति; लोक परंपरा में माना जाता था कि इसके छूने से वृक्षों में फूल खिलते और फल होने लगते थे; शुभ प्रतीक मानकर स्तूप के अलंकरण में प्रयुक्त।

16‘बोधिसत्त’ की अवधारणा समझाइए।

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परम करुणामय जीव जो अपने सत्कार्यों से पुण्य कमाते थे; किंतु वे इस पुण्य का प्रयोग निब्बान प्राप्ति के लिए नहीं, बल्कि दूसरों की सहायता के लिए करते थे।

17‘हीनयान’ और ‘थेरवाद’ में क्या अंतर है?

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‘हीनयान’ महायान के अनुयायियों द्वारा दूसरी परंपराओं को दिया गया नाम; पुरातन परंपरा के अनुयायी स्वयं को थेरवादी कहते थे — पुराने, प्रतिष्ठित शिक्षकों (थेर) के बताए रास्ते पर चलने वाले।

18‘भक्ति’ से क्या तात्पर्य है?

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वैष्णव व शैव परंपराओं में विशेष देवता की पूजा, जहाँ उपासना और ईश्वर के बीच का रिश्ता प्रेम और समर्पण का माना जाता था।

खंड ङ — लघूत्तरात्मक प्रश्न [3–4 अंक] (मुख्य बिंदु-संकेत)

1साँची के स्तूप के संरक्षण में भोपाल की बेगमों की भूमिका की चर्चा कीजिए। (NCERT प्र. 3) — फ़्रांसीसी-अंग्रेज़ों की माँग व प्लास्टर प्रतिकृतियों से संतुष्टि; शाहजहाँ व सुल्तानजहाँ का रख-रखाव हेतु अनुदान; मार्शल का समर्पण; संग्रहालय व अतिथिशाला; प्रकाशन में अनुदान।

2क्या उपनिषदों के दार्शनिकों के विचार नियतिवादियों और भौतिकवादियों से भिन्न थे? (NCERT प्र. 1) — उपनिषद: आत्मा की प्रकृति, पुनर्जन्म, परम यथार्थ की खोज; नियतिवाद: सब पूर्व निर्धारित; भौतिकवाद: आत्मा-परलोक का निषेध, चार तत्व, मृत्यु के बाद कुछ नहीं। निष्कर्ष — हाँ, भिन्न थे।

3जैन धर्म की महत्त्वपूर्ण शिक्षाओं को संक्षेप में लिखिए। (NCERT प्र. 2) — 23 तीर्थंकर; संपूर्ण विश्व प्राणवान; अहिंसा केंद्र-बिंदु व उसका व्यापक प्रभाव; कर्म से जन्म-पुनर्जन्म; त्याग-तपस्या व विहार-निवास; पाँच व्रत।

4बौद्ध ग्रंथ किस प्रकार तैयार और संरक्षित किए जाते थे? — मौखिक शिक्षा; जीवनकाल में कुछ नहीं लिखा गया; वेसली की सभा; त्रिपिटक व तीनों पिटक; टीकाएँ; दीपवंश-महावंश; पालि से संस्कृत; चीनी यात्री; एशिया के विहारों में संरक्षण।

5बुद्ध की शिक्षाओं के मूल सिद्धांत लिखिए। — विश्व अनित्य व अनात्मा; दुख अंतर्निहित; मध्यम मार्ग; भगवान का होना-न होना अप्रासंगिक; विवेक व तर्क पर बल; समाज मानव-निर्मित; अंतिम निर्देश।

6संघ की संरचना व उसकी सामाजिक विशेषताएँ बताइए। — भिक्खु व सादा जीवन; महिलाओं का प्रवेश (आनंद, महाप्रजापति गोतमी, थेरी); सभी सामाजिक वर्गों से अनुयायी; संघ में सभी बराबर, पुरानी पहचान का त्याग; गणों-संघों की परंपरा पर संचालन; मतदान।

7बौद्ध धर्म तेज़ी से क्यों फैला? — समकालीन धार्मिक प्रथाओं से असंतोष; तेज़ सामाजिक बदलावों की उलझनें; जन्म की बजाय अच्छे आचरण व मूल्यों को महत्त्व; मित्रता व करुणा के आदर्श।

8थेरीगाथा का ऐतिहासिक महत्त्व बताइए। — सुत्त पिटक का हिस्सा; भिक्खुनियों द्वारा रचित छंद; महिलाओं के सामाजिक व आध्यात्मिक अनुभवों की अंतर्दृष्टि; पुन्ना का उदाहरण — दासी की स्थिति व तर्कशीलता।

9स्तूप क्यों बनाए जाते थे? (NCERT प्र. 9 का पहला भाग) — बुद्ध से जुड़े अवशेष गाड़े गए; परंपरा बुद्ध से पहले की, पर बौद्ध धर्म से जुड़ गई; समूचा स्तूप बुद्ध व धर्म का प्रतीक; असोकावदान का उल्लेख; महापरिनिब्बान सुत्त का साक्ष्य।

10स्तूपों का निर्माण कैसे हुआ? (NCERT प्र. 9 का दूसरा भाग) — वेदिकाओं-स्तंभों के अभिलेखों से दान का पता; राजा (सातवाहन); शिल्पकारों-व्यापारियों की श्रेणियाँ; हाथी दाँत के शिल्पकार; सैकड़ों स्त्री-पुरुषों के नाम, गाँव, पेशा, रिश्तेदार; भिक्खु-भिक्खुनियों का दान।

11साँची और अमरावती की भिन्न नियति के कारण बताइए। — अमरावती की खोज पहले (1796/1854) — तब स्थल-संरक्षण का महत्त्व नहीं समझा गया; पत्थर बिखरे; कोल राज़ी नहीं करा पाए। साँची 1818 में खोजा — तीन तोरणद्वार खड़े, टीला अच्छी हालत में; स्थल-संरक्षण की बात मानी गई; बेगमों का अनुदान।

12आरंभिक मूर्तिकला में प्रतीकों का प्रयोग क्यों हुआ और उन्हें कैसे समझा जाए? — बुद्ध को मानव रूप में न दिखाकर प्रतीकों से; रिक्त स्थान/स्तूप/चक्र; “अक्षरशः नहीं समझा जा सकता”; इतिहासकार को निर्माताओं की परंपराओं को जानना ज़रूरी।

13साँची की मूर्तिकला में लोक परंपराओं का योगदान बताइए। — शालभंजिका; जानवर (हाथी = शक्ति व ज्ञान); गजलक्ष्मी (माया या गजलक्ष्मी — दोनों व्याख्याएँ); सर्प; निष्कर्ष — बौद्ध धर्म में आए लोगों ने बुद्ध-पूर्व व इतर विश्वासों से इसे समृद्ध किया।

14महायान बौद्ध मत की विशेषताएँ लिखिए। — ईसा की प्रथम सदी के बाद; मुक्तिदाता की कल्पना; बोधिसत्त की अवधारणा व उनका पुण्य दूसरों के लिए; मूर्ति-पूजा; हीनयान-थेरवाद का नामकरण।

15पुराणों की विशेषताएँ तथा उनका सामाजिक महत्त्व बताइए। — प्रथम सहस्राब्दि के मध्य से ब्राह्मणों द्वारा रचित; संस्कृत श्लोकों में; ऊँची आवाज़ में पढ़े जाते थे; महिलाएँ व शूद्र जिन्हें वैदिक साहित्य की अनुमति नहीं थी, पुराण सुन सकते थे; कहानियाँ आपसी मेल-मिलाप से विकसित; वासुदेव-कृष्ण का उदाहरण।

16मंदिर-स्थापत्य के क्रमिक विकास का वर्णन कीजिए। — गर्भगृह (चौकोर कमरा, एक दरवाज़ा)

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शिखर → भित्ति चित्र → विशाल सभास्थल, ऊँची दीवारें, तोरण, जल आपूर्ति; कृत्रिम गुफाएँ — असोक के आदेश से आजीविक संतों के लिए; कैलाशनाथ मंदिर (एलोरा, आठवीं सदी)।

17उन्नीसवीं सदी के यूरोपीय विद्वानों ने भारतीय मूर्तिकला को कैसे समझने का प्रयास किया? — पृष्ठभूमि व महत्त्व नहीं समझ पाए; कई सिरों-हाथों वाली मूर्तियाँ विकृत लगीं; यूनानी कला परंपरा से तुलना; गांधार की मूर्तियों से उत्साह; परिचित के आधार पर अपरिचित को समझने का पैमाना।

खंड च — निबंधात्मक/विश्लेषणात्मक प्रश्न [6–8 अंक]

(UPSC-शैली मूल-शब्द: परीक्षण • विश्लेषण • मूल्यांकन • विवेचना)

1साँची की मूर्तिकला को समझने में बौद्ध साहित्य के ज्ञान से कहाँ तक सहायता मिलती है? (NCERT प्र. 6)

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(संकेत: सहायक — वेसान्तर जातक से चित्र 4.13 की पहचान; प्रतीकों (रिक्त स्थान, स्तूप, चक्र) का अर्थ बौद्धचरित से; अपर्याप्त — शालभंजिका संस्कृत साहित्य से समझी गई, बौद्ध ग्रंथों से नहीं; गजलक्ष्मी व सर्प लोक परंपराओं से, “जिनका ग्रंथों में हमेशा ज़िक्र नहीं होता था”; जेम्स फ़र्गुसन का उलटा उदाहरण — बौद्ध साहित्य से अनभिज्ञता से ग़लत निष्कर्ष। संतुलित निष्कर्ष: साहित्य आवश्यक है पर पर्याप्त नहीं — लोक परंपराओं का ज्ञान भी चाहिए)

2स्तूप क्यों और कैसे बनाए जाते थे? चर्चा कीजिए। (NCERT प्र. 9)

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(संकेत: क्यों — अवशेषों का गाड़ा जाना; परंपरा बुद्ध-पूर्व की; समूचा स्तूप प्रतीक; असोकावदान; महापरिनिब्बान सुत्त का उद्धरण। कैसे — दान के अभिलेख; राजा/श्रेणियाँ/शिल्पकार/भिक्खु-भिक्खुनियाँ; संरचना के पाँच भाग; प्रदक्षिणा की विधि; भरहुत-साँची के अनलंकृत स्तूप बनाम अमरावती की उत्कीर्णन-कला)

3वैष्णववाद और शैववाद के उदय से जुड़ी वास्तुकला और मूर्तिकला के विकास की चर्चा कीजिए। (NCERT प्र. 8)

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(संकेत: मुक्तिदाता की कल्पना; भक्ति; दस अवतार व “स्थानीय देवताओं को विष्णु का रूप मान लेना एकीकृत धार्मिक परंपरा के निर्माण का महत्त्वपूर्ण तरीका”; शिव — लिंग व मनुष्य रूप; पहचान के तत्व (शिरोवस्त्र, आभूषण, आयुध, बैठने की शैली); पुराणों की भूमिका; मंदिर — गर्भगृह से शिखर तक; कृत्रिम गुफाएँ व कैलाशनाथ)

4“बौद्ध परंपरा अकेली विकसित नहीं हुई।” इस कथन का परीक्षण कीजिए।

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(संकेत: 64 संप्रदाय व वाद-विवाद की परंपरा; कुटागारशालाएँ; उपनिषद, जैन, आजीविक, लोकायत — सबका सह-अस्तित्व; शालभंजिका, गजलक्ष्मी, सर्प, जानवर — लोक परंपराओं का योगदान; “बौद्ध आदर्श और व्यवहार ब्राह्मण, जैन तथा कई अन्य परंपराओं के साथ संवाद और तर्क-वितर्क की प्रक्रिया से उभरे”; महायान में मुक्तिदाता की कल्पना — जो वैष्णव-शैव में भी समानांतर विकसित हुई)

5“क्या हम सब कुछ देख-समझ सकते हैं?” — दृश्य साक्ष्य की व्याख्या की समस्याओं की विवेचना कीजिए।

उत्तर देखिए

(संकेत: §11.1 — यूरोपीय विद्वानों की घृणा व असमंजस; यूनानी तुलना का पूर्वाग्रह; “परिचित चीज़ों के आधार पर अपरिचित को समझने का पैमाना”। §11.2 — महाबलीपुरम् पर मतभेद (गंगावतरण बनाम अर्जुन की तपस्या)। अन्य उदाहरण — फ़र्गुसन की भूल; शालभंजिका पर आरंभिक असमंजस; प्रतीकों को अक्षरशः न पढ़ पाना। निष्कर्ष-अनुच्छेद: “वे एक विशाल ज्ञान राशि की मात्र ऊपरी परत हैं”)

6साँची और अमरावती की नियति की तुलना करते हुए पुरातात्त्विक संरक्षण के सिद्धांतों का विश्लेषण कीजिए।

उत्तर देखिए

(संकेत: अमरावती की कालक्रमिक कथा (1796 → मेकेंज़ी → 1854 → 1850 का दशक); साँची (1818, तीन तोरणद्वार); एच.एच. कोल का सिद्धांत — प्लास्टर प्रतिकृति बनाम स्थल-संरक्षण; बेगमों का योगदान; फ़्रांसीसी-अंग्रेज़ों का समाधान; निष्कर्ष — “खोज की जगह पर ही संरक्षण” का सिद्धांत ही निर्णायक सिद्ध हुआ)

7बुद्ध के सामाजिक दृष्टिकोण तथा संघ की संरचना में उसकी अभिव्यक्ति का विश्लेषण कीजिए।

उत्तर देखिए

(संकेत: “समाज का निर्माण इनसानों ने किया था न कि ईश्वर ने”; “व्यक्तिगत प्रयास से सामाजिक परिवेश को बदला जा सकता था”; सिगल को सलाह (स्रोत 5) — नौकरों की देखभाल; संघ में सभी सामाजिक वर्ग व पुरानी पहचान का त्याग; महिलाओं का प्रवेश; गणों-संघों की परंपरा पर संचालन व मतदान; थेरीगाथा में दासी पुन्ना की आवाज़)

8“आरंभिक मूर्तिकला को अक्षरशः नहीं समझा जा सकता।” उदाहरण सहित इस कथन की विवेचना कीजिए।

उत्तर देखिए

(संकेत: प्रतीक — रिक्त स्थान, स्तूप, चक्र; “पेड़ का तात्पर्य केवल एक पेड़ नहीं था”; वेसान्तर जातक का दृश्य (पहली नज़र में ग्रामीण दृश्य); शालभंजिका (त्याग-तपस्या से रिश्ता नहीं दिखता); गजलक्ष्मी की दोहरी व्याख्या; निष्कर्ष — “इतिहासकार कलाकृतियों के निर्माताओं की परंपराओं को जानें”)

9ईसा पूर्व प्रथम सहस्राब्दि को ‘विश्व इतिहास का महत्त्वपूर्ण मोड़’ क्यों कहा जाता है?

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(संकेत: ज़रथुस्त्र, खुंगत्सी, सुकरात-प्लेटो-अरस्तु, महावीर-बुद्ध; जीवन के रहस्य व इनसानों और विश्व व्यवस्था के रिश्ते को समझने का प्रयास; गंगा घाटी में नए राज्य व शहर (अध्याय 2-3 से जोड़); यज्ञ-परंपरा पर प्रश्न; उपनिषदों के नए प्रश्न; 64 संप्रदाय; निष्कर्ष — यह केवल भारतीय नहीं, वैश्विक परिघटना थी)

10“साक्ष्य का प्रकार बदल गया — भौतिक, अभिलेखीय, साहित्यिक और अब दृश्य — पर इतिहासकार की समस्या नहीं बदली।” चारों अध्यायों से उदाहरण लेकर इस कथन का विश्लेषण कीजिए।

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(संकेत: अ.1 — लिपि अपठित, साक्ष्य मौन; अ.2 — अभिलेख बनवाने वाले का दृष्टिकोण; अ.3 — ग्रंथ आदर्श बताते हैं, व्यवहार नहीं; अ.4 — दृश्य प्रतीकात्मक है, अक्षरशः नहीं पढ़ा जा सकता; साझा सूत्र — नामकरण-जाल (‘पुरोहित-राजा’, ‘राक्षस’, ‘हीनयान’); मौन का साक्ष्य; निष्कर्ष अस्थायी)

खंड छ — स्रोत-आधारित प्रश्न [4–5 अंक]

स्रोत 3 — “नियतिवादी और भौतिकवादी”

1यह उद्धरण किस ग्रंथ से लिया गया है और इसमें किनकी बातचीत है?

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(सुत्त पिटक; मगध के राजा अजातसत्तु और बुद्ध)

2मक्खलि गोसाल किस परंपरा के थे और उनका मुख्य विचार क्या था?

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(आजीविक/नियतिवादी; सब कुछ पूर्व निर्धारित है, बदला नहीं जा सकता)

3अजित केसकंबलिन् के अनुसार मनुष्य किन तत्वों से बना है और मृत्यु पर क्या होता है?

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(चार तत्व; मिट्टी→पृथ्वी, जल→जल, गर्मी→आग, साँस→वायु; “मृत्यु के बाद कोई नहीं बचता”)

4इन परंपराओं के बारे में हमारी जानकारी की मुख्य सीमा क्या है?

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(उनके ग्रंथ नष्ट हो गए; हमें अन्य परंपराओं से ही जानकारी मिलती है)

स्रोत 6 — “थेरीगाथा”

1यह ग्रंथ किसका हिस्सा है और इसमें किसकी रचनाएँ हैं?

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(सुत्त पिटक; भिक्खुनियों द्वारा रचित छंद)

2पुन्ना कौन थी और वह नदी पर क्यों जाती थी?

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(एक दासी; मालिक के घर के लिए प्रतिदिन सुबह पानी लाने)

3पुन्ना किन दो कारणों से ठंड में भी पानी में उतरती थी?

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(सज़ा के डर से; ऊँचे घरानों की स्त्रियों के कटु वाक्यों के डर से)

4पुन्ना ने ब्राह्मण के तर्क का खंडन किस प्रकार किया?

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(“वैसा हो तो सारे मेंढक और कछुए स्वर्ग जाएँगे, साथ में पानी के साँप और मगरमच्छ भी!”)

5इस रचना में बुद्ध की कौन-सी शिक्षाएँ नज़र आती हैं?

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(विवेक व तर्क पर बल; कर्मकांड की आलोचना; जन्म के आधार पर श्रेष्ठता का निषेध)

स्रोत 8 — “स्तूप क्यों बनाए जाते थे?”

1यह उद्धरण किस ग्रंथ से है?

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(महापरिनिब्बान सुत्त — सुत्त पिटक का हिस्सा)

2आनंद ने क्या प्रश्न पूछा?

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(“भगवान हम तथागत के अवशेषों का क्या करेंगे?”)

3बुद्ध का पहला उत्तर क्या था?

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(“तथागत के अवशेषों को विशेष आदर देकर ख़ुद को मत रोको। धर्मोत्साही बनो, अपनी भलाई के लिए प्रयास करो।”)

4विशेष आग्रह पर उन्होंने क्या कहा?

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(चार महापथों के चौक पर थूप बनाना चाहिए; जो धूप या माला चढ़ाएगा, सिर नवाएगा या हृदय में शांति लाएगा — उन सबके लिए यह चिर काल तक सुख और आनंद का कारण बनेगा)

खंड 1 व 8 — साँची और अमरावती

1शाहजहाँ बेगम की आत्मकथा का नाम, अनुवादक तथा वर्ष लिखिए।

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(ताज-उल-इक़बाल तारीख़ भोपाल; एच.डी. बार्स्टो; 1876)

2फ़्रांसीसियों और अंग्रेज़ों ने क्या माँगा और मामला कैसे सुलझा?

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(पूर्वी तोरणद्वार; दोनों प्लास्टर प्रतिकृतियों से संतुष्ट हो गए; मूल कृति भोपाल में ही रही)

3एच.एच. कोल का कथन तथा उनका सिद्धांत लिखिए।

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(“इस देश की प्राचीन कलाकृतियों की लूट होने देना मुझे आत्मघाती और असमर्थनीय नीति लगती है”; संग्रहालयों में प्लास्टर प्रतिकृतियाँ, असली कृतियाँ खोज की जगह पर)

4साँची क्यों बच गया जबकि अमरावती नष्ट हो गया?

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(अमरावती की खोज पहले हुई — तब स्थल-संरक्षण का महत्त्व नहीं समझा गया; 1818 में साँची की खोज के समय तीन तोरणद्वार खड़े व टीला अच्छी हालत में; खोज की जगह पर संरक्षण की बात मान ली गई; बेगमों का अनुदान)