परीक्षा से एक रात पहले यही पढ़िए।
चार परिभाषाएँ — इनसे बचा नहीं जा सकता★★
| शब्द | परिभाषा (शब्दश:) |
|---|---|
| बहुराष्ट्रीय कंपनी | “एक बहुराष्ट्रीय कंपनी वह है, जो एक से अधिक देशों में उत्पादन पर नियंत्रण अथवा स्वामित्व रखती है।” |
| वैश्वीकरण | “विभिन्न देशों के बीच परस्पर संबंध और तीव्र एकीकरण की प्रक्रिया ही वैश्वीकरण है।” |
| व्यापार अवरोधक | “आयात पर कर, व्यापार अवरोधक का एक उदाहरण है। इसे अवरोधक इसलिए कहा गया है, क्योंकि यह कुछ प्रतिबंध लगाता है।” |
| उदारीकरण | “सरकार द्वारा अवरोधों अथवा प्रतिबंधों को हटाने की प्रक्रिया उदारीकरण के नाम से जानी जाती है।” |
और तीन छोटी —
- निवेश — “परिसंपत्तियों जैसे — भूमि, भवन, मशीन और अन्य उपकरणों की ख़रीद में व्यय की गई मुद्रा।”
- विदेशी निवेश — “बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा किया गया निवेश।”
- कोटा — “सरकार आयात होने वाली वस्तुओं की संख्या भी सीमित कर सकती है।”
1. अन्तरदेशीय उत्पादन★
पहले — “बीसवी शताब्दी के मध्य तक उत्पादन मुख्यत: देशों की सीमाओं के अंदर ही सीमित था।” सीमा पार केवल कच्चा माल, खाद्य पदार्थ और तैयार उत्पाद जाते थे। “व्यापार ही दूरस्थ देशों को आपस में जोड़ने का मुख्य ज़रिया था।”
अब — उत्पादन का विश्व-स्तरीय बँटवारा
अमेरिका (डिज़ाइन) → चीन (पुर्ज़े) → मेक्सिको व पूर्वी यूरोप (जोड़ाई) → विश्व भर में बिक्री → भारत (कॉल सेंटर)
हर देश क्यों चुना गया
| देश | कारण |
|---|---|
| चीन | “सस्ता विनिर्माण केन्द्र” |
| मेक्सिको, पूर्वी यूरोप | “अमेरिका और यूरोप के बाज़ारों से निकटता” |
| भारत | “अत्यंत कुशल इंजीनियर” + “अंग्रेज़ी बोलने वाले शिक्षित युवक” |
★कुल बचत — “लागत का लगभग 50-60 प्रतिशत”
2. बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ उत्पादन कैसे नियंत्रित करती हैं — चार तरीक़े★★
| # | तरीक़ा | उदाहरण / ख़ास बात |
|---|---|---|
| 1 | स्वयं कार्यालय व कारख़ाने | जहाँ बाज़ार नज़दीक, सस्ता कुशल-अकुशल श्रम और अनुकूल सरकारी नीतियाँ हों — जैसे फोर्ड मोटर्स |
| 2 | संयुक्त उत्पादन | स्थानीय कंपनी को दोहरा लाभ — (क) अतिरिक्त निवेश के लिए धन, (ख) नवीनतम प्रौद्योगिकी |
| 3 | ★स्थानीय कंपनी ख़रीदना | “सबसे आम रास्ता” — कारगिल फ़ूड्स ने परख फ़ूड्स (4 तेल शोधक केन्द्र) ख़रीदी; अब 50 लाख पैकेट प्रतिदिन, भारत में खाद्य तेलों की सबसे बड़ी उत्पादक |
| 4 | छोटे उत्पादकों को ऑर्डर | वस्त्र, जूते-चप्पल, खेल का सामान; फिर अपने ब्राण्ड नाम से बेचती हैं; उनमें “मूल्य, गुणवत्ता, आपूर्ति और श्रम-शर्तों का निर्धारण करने की प्रचण्ड क्षमता” |
★शक्ति का पैमाना — “कई शीर्षस्थ बहुराष्ट्रीय कंपनियों की संपत्ति विकासशील देशों की सरकारों के सम्पूर्ण बजट से भी अधिक है।”
3. फोर्ड मोटर्स — एक पंक्ति में★
विश्व की सबसे बड़ी मोटरगाड़ी निर्माता, 26 देशों में; 1995 में भारत आई; चेन्नई के निकट 1,700 करोड़ का निवेश; महिन्द्रा एंड महिन्द्रा के सहयोग से; 2017 तक भारत में 88,000 कारें बेचीं और 1,81,000 कारें दक्षिण अफ़्रीका, मेक्सिको, ब्राज़ील व अमेरिका को निर्यात कीं; अब भारत को पुर्ज़ा-आपूर्ति केन्द्र बनाना चाहती है।
4. विदेश व्यापार और बाज़ारों का एकीकरण★
चीनी खिलौने — सस्ते दाम और नवीन डिज़ाइन के कारण “एक वर्ष में ही खिलौने की 70-80 प्रतिशत दुकानों में भारतीय खिलौनों का स्थान चीनी खिलौनों ने ले लिया।”
| कौन | असर |
|---|---|
| भारतीय ख़रीददार | लाभ — कम क़ीमत, अधिक विकल्प |
| चीनी निर्माता | लाभ — व्यवसाय फैलाने का अवसर |
| भारतीय खिलौना निर्माता | हानि — “उनके खिलौने कम बिकते हैं” |
★तीन नतीजे —
- “वस्तुओं का एक बाज़ार से दूसरे बाज़ार में आवागमन”
- “बाज़ार में वस्तुओं के विकल्प बढ़ जाते हैं”
- ★“दो बाज़ारों में एक ही वस्तु का मूल्य एक समान होने लगता है”
“इस प्रकार, विदेश व्यापार विभिन्न देशों के बाज़ारों को जोड़ने या एकीकरण में सहायक होता है।”
5. वैश्वीकरण और उसे संभव बनाने वाले कारक★★
दो बातें साथ याद रखिए —
- “बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ वैश्वीकरण की प्रक्रिया में मुख्य भूमिका निभा रही हैं।”
- ! “विगत कुछ दशकों में अनेक प्रतिबंधों के कारण विभिन्न देशों के बीच लोगों के आवागमन में अधिक वृद्धि नहीं हुई है।”
| कारक | विवरण |
|---|---|
| परिवहन प्रौद्योगिकी | विगत पचास वर्षों में उन्नति; ★कंटेनर — “ढुलाई-लागत में भारी बचत” और “माल पहुँचाने की गति में वृद्धि”; वायु यातायात की लागत में गिरावट |
| ★सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी | दूरसंचार (टेलीग्राफ़, टेलीफोन, मोबाइल, फैक्स — संचार उपग्रहों से), कंप्यूटर और इंटरनेट (ई-मेल, वॉयस मेल) |
पत्रिका वाला उदाहरण — लंदन से पाठ्य-विषय इंटरनेट से दिल्ली → दिल्ली में डिज़ाइन व छपाई → वायुमार्ग से लंदन → भुगतान ई-बैंकिंग से तत्काल।
6. उदारीकरण — तीन चरण★★
| चरण | क्या |
|---|---|
| पहले (1950-60 का दशक) | अवरोधक लगाए — “देश के उत्पादकों को विदेशी प्रतिस्पर्धा से संरक्षण प्रदान करने के लिए”; केवल अनिवार्य चीज़ों — मशीनरी, उर्वरक और पेट्रोलियम — के आयात की अनुमति |
| ★1991 | “भारत में करीब सन् 1991 के प्रारंभ से नीतियों में कुछ दूरगामी परिवर्तन किए गए” — “प्रतिस्पर्धा करने का समय आ गया है”; “प्रतिस्पर्धा से देश में उत्पादकों के प्रदर्शन में सुधार होगा” |
| परिणाम | अवरोधों को काफ़ी हद तक हटा दिया गया = उदारीकरण |
★यह पंक्ति याद रखिए — “सभी विकसित देशों ने विकास के प्रारंभिक चरणों में घरेलू उत्पादकों को विभिन्न तरीक़ों से संरक्षण दिया है।”
7. विश्व व्यापार संगठन★
- ध्येय — “अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार को उदार बनाना”
- शुरुआत — “विकसित देशों की पहल पर”
- सदस्य — लगभग 160 देश
- काम — “अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार से संबंधित नियमों को निर्धारित करता है और यह देखता है कि इन नियमों का पालन हो।”
! असली शिकायत — “विकसित देशों ने अनुचित ढंग से व्यापार अवरोधकों को बरकरार रखा है। दूसरी ओर, विश्व व्यापार संगठन के नियमों ने विकासशील देशों के व्यापार अवरोधों को हटाने के लिए विवश किया है।”
★कृषि वाला उदाहरण — अमेरिका में कृषि का जी.डी.पी. में मात्र 1 प्रतिशत और रोज़गार में केवल 0.5 प्रतिशत हिस्सा है, फिर भी वहाँ के किसान सरकार से भारी धन राशि पाते हैं और “अधिशेष कृषि उत्पादों को दूसरे देशों के बाज़ारों में कम क़ीमत पर” बेचते हैं — “क्या यह मुक्त और न्यायसंगत व्यापार है?”
8. भारत में प्रभाव — दो कॉलम में पूरा★★
| ✓ जिन्हें लाभ हुआ | ❌ जिन्हें हानि हुई |
|---|---|
| शहरी धनी उपभोक्ता — अधिक विकल्प, उत्कृष्ट गुणवत्ता, कम क़ीमत; “उच्चतर जीवन स्तर का आनन्द” | छोटे उत्पादक — बैटरी, संधारित्र, प्लास्टिक, खिलौने, टायर, डेयरी उत्पाद, खाद्य तेल; “कई इकाइयाँ बंद हो गईं” |
| MNC का निवेश — सेलफोन, मोटर गाड़ी, इलेक्ट्रॉनिक, ठंडे पेय, जंक फ़ूड, बैंकिंग; नये रोज़गार; कच्चा माल देने वाली स्थानीय कंपनियाँ समृद्ध | श्रमिक — “श्रमिकों का रोज़गार अब सुनिश्चित नहीं है”; अस्थायी रोज़गार, लम्बे घंटे, रात की पाली, कम मज़दूरी |
| शीर्ष भारतीय कंपनियाँ — नवीनतम प्रौद्योगिकी में निवेश, उत्पादन-मानक ऊँचे | रवि — 2001 में आयात प्रतिबंध हटे; आज आधे से भी कम उत्पादन, केवल सात श्रमिक |
| ★भारतीय बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ — टाटा मोटर्स, इंफोसिस, रैनबैक्सी, एशियन पेंट्स, सुंदरम फास्नर्स | सुशीला — अस्थायी श्रमिक, आधे से भी कम कमाई, सातों दिन सुबह 7.30 से रात 10 बजे |
| आई.टी. सेवाएँ — कॉल सेंटर, डाटा एन्ट्री, लेखाकरण, प्रशासनिक कार्य, इंजीनियरिंग | ! “संगठित क्षेत्र में क्रमश: कार्य-परिस्थितियाँ असंगठित क्षेत्र के समान होती जा रही हैं” |
★★निष्कर्ष वाक्य — “शिक्षित, कुशल और संपन्न लोगों ने वैश्वीकरण से मिले नये अवसरों का सर्वोत्तम उपयोग किया है। दूसरी ओर, अनेक लोगों को लाभ में हिस्सा नहीं मिला है।”
9. रवि और सुशीला — दो कहानियाँ, एक पंक्ति में★
रवि — 1992 में होसुर (तमिलनाडु) में बैंक-ऋण से संधारित्र बनाने लगा; तीन वर्ष में 20 कर्मचारी; 2001 में सरकार ने WTO समझौते के अनुसार संधारित्रों के आयात पर से प्रतिबंध हटाए; आयातित सामान की क़ीमत उसकी क़ीमत से आधी; आज 2000 से आधे से भी कम बनाता है और केवल सात श्रमिक बचे हैं।
सुशीला — दिल्ली की 35 वर्षीया वस्त्र-श्रमिक; स्थायी थी तब स्वास्थ्य बीमा, भविष्य निधि और ओवरटाइम की दुगुनी मज़दूरी की हकदार थी; 1990 के दशक के अंतिम वर्षों में फैक्ट्री बंद; छह माह बाद 30 किमी दूर काम मिला; आज भी अस्थायी, आधे से भी कम कमाई, सातों दिन सुबह 7.30 से रात 10 बजे; “एक दिन काम नहीं करने का अर्थ है, उस दिन की मज़दूरी नहीं मिलना।”
★आँकड़ा — “भारत में लघु और मध्यम उद्योगों में कृषि के बाद सबसे अधिक श्रमिक (11 करोड़) नियोजित हैं।”
10. विशेष आर्थिक क्षेत्र (सेज़)★
- “विश्व स्तरीय सुविधाएँ — बिजली, पानी, सड़क, परिवहन, भण्डारण, मनोरंजन और शैक्षिक सुविधाएँ”
- ★“आरंभिक पाँच वर्षों तक कोई कर नहीं देना पड़ता है”
- ! श्रम-क़ानूनों में लचीलापन — “नियमित आधार पर श्रमिकों को रोज़गार देने के बजाय… लोचदार ढंग से छोटी अवधि के लिए श्रमिकों को कार्य पर रखती हैं। कंपनी की श्रम लागत में कटौती करने के लिए ऐसा किया जाता है।”
- और फिर भी — “विदेशी कंपनियाँ अभी भी संतुष्ट नहीं हैं और श्रम क़ानूनों में और अधिक लचीलेपन की माँग कर रही हैं।”
11. न्यायसंगत वैश्वीकरण — पाँच + दो★★
“न्यायसंगत वैश्वीकरण सभी के लिए अवसर प्रदान करेगा और यह सुनिश्चित भी करेगा कि वैश्वीकरण के लाभों में सबकी बेहतर हिस्सेदारी हो।”
सरकार के पाँच काम —
- नीतियाँ “केवल धनी और प्रभावशाली लोगों को ही नहीं बल्कि देश के सभी लोगों के हितों का संरक्षण” करें
- श्रमिक क़ानूनों का उचित कार्यान्वयन और श्रमिकों को अधिकार
- छोटे उत्पादकों की मदद — “जब तक वे प्रतिस्पर्धा के लिए सक्षम न हो जायें”
- ज़रूरत हो तो व्यापार और निवेश अवरोधकों का उपयोग
- विश्व व्यापार संगठन से ‘न्यायसंगत नियमों’ के लिए समझौते
और दो और ताक़तें — 6. “विश्व व्यापार संगठन में विकसित देशों के वर्चस्व के विरुद्ध समान हितों वाले विकासशील देशों को मिलकर लड़ना होगा।” 7. ★“बड़े अभियानों और जनसंगठनों के प्रतिनिधियों ने विश्व व्यापार संगठन के… महत्त्वपूर्ण निर्णयों को प्रभावित किया है।” — जनता की भूमिका (हांगकांग, 2005)
अंतिम पंक्ति — यही मत भूलिए
★★“वैश्वीकरण का प्रभाव एक समान नहीं है।” हर पाँच अंक के उत्तर में दोनों पक्ष लिखिए — किसे लाभ, किसे हानि। एक-तरफ़ा उत्तर आधा उत्तर है।