श्रुतलेख नोट्स — शिक्षक बोलेंगे, विद्यार्थी लिखेंगे
यह दस्तावेज़ सुना जाता है, पढ़ा नहीं जाता
यह फ़ाइल शिक्षक के हाथ में रहती है। विद्यार्थी के पास केवल कॉपी और क़लम।
सबसे बड़ी बाध्यता: एक विद्यार्थी देवनागरी में प्रति मिनट 15–20 शब्द लिख पाता है। 40 मिनट के कालांश में 20 मिनट का श्रुतलेख = 300–400 शब्द। यही पूरा बजट है।
! इस अध्याय के लिए दो विशेष चेतावनियाँ
(1) संस्थाओं के नाम कभी मत बुलवाइए। हर स्तर के दो-तीन नाम हैं — ग्राम परिषद, ग्राम पंचायत, खंड पंचायत, पंचायत समिति, मंडल परिषद, जिला पंचायत, जिला परिषद। ये सब
उतारिएमें हैं। बुलवाने पर कॉपी में आधे नाम ग़लत लिखे जाते हैं, और पूरा कालांश निकल जाता है।(2) तीनों सरपंच की कहानियाँ भी मत बुलवाइए। वे
कहिएमें हैं। उनसे केवल नाम, स्थान और वर्ष उतरवाइए — तालिका के रूप में।
चार संकेत — इनका अर्थ
| संकेत | क्या करना है |
|---|---|
| कहिए | बोलिए, लिखवाइए नहीं। यह ढाँचा और संदर्भ देता है |
| लिखवाइए | यही वाक्य कॉपी में जाता है। ⏸ = ठहरिए · 🔁 = दोहराइए |
| ✓ बोर्ड पर | ये शब्द कान से नहीं लिखे जा सकते — खंड शुरू करने से पहले बोर्ड पर लिख दीजिए |
| उतारिए | तालिकाएँ और सूचियाँ बोर्ड से उतारी जाती हैं, बोली नहीं जातीं |
संख्याएँ हमेशा दो बार: पहले शब्दों में, फिर अंकों में — जैसे “लगभग छह लाख ⟨6,00,000⟩”।
खंड-क्रमांक 01-Lesson-Plan.md के कालांशों से मेल खाते हैं।
खंड 1 — अध्याय का आरंभ और आँकड़े
कालांश 1 · समय 9 मिनट · लगभग 125 शब्द · CORE
✓ बोर्ड पर (खंड से पहले): मोहनदास करमचंद गाँधी · कस्बे · नगर · अरब · दो-तिहाई · ग्रामीण · नगरीय
कहिए — पहले पिछले अध्याय का पिरामिड बोर्ड पर बनाइए: “याद है, पिछले अध्याय में एक पिरामिड था — केंद्र, राज्य और स्थानीय सरकार? और किताब ने कहा था कि स्थानीय सरकार उसका आधार है, और उसे आगे के दो अध्यायों में समझाएँगे?” उस पिरामिड के सबसे नीचे वाले हिस्से पर घेरा लगाइए। “आज हम उसी में उतर रहे हैं — और आज केवल गाँवों की बात होगी। शहरों की बात अगले अध्याय में।”
लिखवाइए:
इस अध्याय में हमारा ध्यान ग्रामीण क्षेत्रों की स्थानीय सरकार पर होगा; अगले अध्याय में नगरीय क्षेत्रों पर चर्चा होगी। 🔁 ⏸
मोहनदास करमचंद गाँधी ने कहा था — “असली भारत, गाँवों में बसता है।” 🔁 ⏸
हमारे देश में लगभग छह लाख ⟨6,00,000⟩ गाँव, आठ हज़ार ⟨8,000⟩ कस्बे और चार हज़ार ⟨4,000⟩ से अधिक नगर हैं। 🔁 🔁 ⏸
हमारी जनसंख्या लगभग एक दशमलव चार ⟨1.4⟩ अरब पार कर चुकी है, जिसका दो-तिहाई भाग ग्रामीण क्षेत्रों में रहता है। 🔁 🔁 ⏸
उतारिए — तीन महत्वपूर्ण प्रश्न (बोर्ड से) पंचायती राज संस्थाएँ क्या हैं? · उनके क्या कार्य हैं? · शासन और लोकतंत्र में ये क्यों महत्वपूर्ण हैं?
कहिए — ! यह अवश्य: “आँकड़ों में दो संख्याएँ हैं — आठ हज़ार कस्बे और चार हज़ार से अधिक नगर। इन्हें जोड़िए मत। ये दो अलग-अलग गिनतियाँ नहीं हैं।”
खंड 2 — लक्ष्मणपुर
कालांश 1 · समय 9 मिनट · लगभग 125 शब्द · CORE
✓ बोर्ड पर: तराई · कृषक · आजीविका · रख-रखाव · विवाद · कृषि उपज
कहिए — गाँव का चित्र सुनाइए: “हिमालय की तराई में एक छोटा-सा गाँव है — लक्ष्मणपुर। दो सौ घर, लगभग सात सौ लोग। अधिकांश किसान। कुछ के संबंधी सेना में हैं, और कुछ युवा काम की खोज में शहर चले गए।” फिर पूछिए: “ऐसे गाँव को क्या-क्या चाहिए होगा?” — उत्तर आने दीजिए, फिर लिखवाइए।
लिखवाइए:
लक्ष्मणपुर हिमालय की तराई में बसा एक छोटा-सा गाँव है, जिसमें दो सौ ⟨200⟩ घर हैं और जिसकी जनसंख्या लगभग सात सौ ⟨700⟩ है। 🔁 ⏸
इनमें से अधिकांश कृषक हैं; लोग अपनी भूमि पर कृषि करते हैं और गाय या बकरियाँ पालते हैं। ⏸
इस गाँव की आवश्यकताएँ हैं — खेतों के लिए पानी, भारी वर्षा से खराब हुई मुख्य सड़क का रख-रखाव, और गाँव के प्राथमिक विद्यालय का रख-रखाव। 🔁 🔁 ⏸
लिखवाइए — ★★यह प्रश्न तीन बार दोहराइए:
क्या ऐसी प्रत्येक समस्याओं के लिए गाँव के लोग राज्य या राष्ट्र की राजधानी जा सकते हैं? 🔁 🔁 🔁 ⏸
कहिए — ★यह अवश्य: “उत्तर क्या है?” — कक्षा से आने दीजिए: “नहीं।” “और इसीलिए शासन को गाँव के पास आना पड़ता है।” “याद है पिछले अध्याय की बल्ब वाली बात? — पहले घर, फिर मिस्त्री, फिर बिजली विभाग। यही सिद्धांत है।”
खंड 3 — पंचायती राज व्यवस्था
कालांश 1 · समय 10 मिनट · लगभग 140 शब्द · CORE
✓ बोर्ड पर: पंचायत · ग्रामीण परिषद · स्व-शासन · त्रिस्तरीय · खंड · जिला परिषद
लिखवाइए:
भारत के प्रत्येक गाँव की भाँति लक्ष्मणपुर के लोगों के पास भी ‘पंचायत’ नामक स्थानीय शासन व्यवस्था है, जिसे एक ग्रामीण परिषद कह सकते हैं। 🔁 ⏸
पंचायत, शासन को लोगों के समीप लाती है और निर्णय लेने की प्रक्रिया में ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी संभव बनाती है। 🔁 🔁 ⏸
यही कारण है कि पंचायती व्यवस्था, जिसे पंचायती राज के नाम से भी जाना जाता है, स्व-शासन का एक रूप है। 🔁 🔁 🔁 ⏸
स्थानीय समस्याओं को हल करने, विकास कार्यों को आगे बढ़ाने और सरकारी योजनाओं के लाभ को जनसाधारण तक पहुँचाने में पंचायत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। 🔁 ⏸
पंचायती राज व्यवस्था तीन स्तरों — ग्राम, खंड और जिला स्तर — पर निम्न से उच्च स्तर तक कार्य करती है; यह ‘त्रिस्तरीय’ प्रणाली कहलाती है। 🔁 🔁 ⏸
उतारिए — चित्र 11.1 का पिरामिड (बोर्ड पर बनाइए; नाम बुलवाइए मत)
| स्तर | संस्था के नाम |
|---|---|
| जिला स्तर | जिला पंचायत / जिला परिषद |
| खंड स्तर | खंड पंचायत / पंचायत समिति / मंडल परिषद |
| ग्राम स्तर | ग्राम परिषद / ग्राम पंचायत |
उतारिए — आठ कार्य (बोर्ड से) कृषि · आवास · सड़कों का रख-रखाव · जल संसाधनों का प्रबंधन · शिक्षा · स्वास्थ्य · सामाजिक कल्याण · सांस्कृतिक गतिविधियाँ
कहिए — ★★यह अवश्य, और दो बार: “अब बोर्ड पर दो पिरामिड हैं। बाईं ओर वाला पूरे देश का है — केंद्र, राज्य, स्थानीय। दाईं ओर वाला केवल पंचायती राज का है — जिला, खंड, ग्राम।” “पिछला पिरामिड पूरे देश का था। यह पिरामिड उसके सबसे नीचे वाले हिस्से का है।”
“और अब आठ कार्यों की सूची देखिए — पानी, सड़क, शिक्षा। ये वही तीन चीज़ें हैं जो लक्ष्मणपुर को चाहिए थीं।”
खंड 4 — ग्राम सभा और ग्राम पंचायत
कालांश 2 · समय 10 मिनट · लगभग 135 शब्द · CORE
✓ बोर्ड पर: ग्राम सभा · नामांकित · वयस्क · सरपंच · प्रधान · प्रत्यक्ष · प्रतिनिधि
कहिए — पहले चित्र दिखाइए: पृष्ठ 165 का चित्र दिखाइए (ग्राम सभा की बैठक) और पूछिए: “कुर्सी पर कौन बैठे हैं और ज़मीन पर कौन?” फिर कहिए: “ज़मीन पर बैठे ये सब लोग मिलकर ग्राम सभा हैं।”
लिखवाइए:
ग्राम पंचायत, जो ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के सबसे निकट है, के सदस्य ग्राम सभा द्वारा सीधे चुने जाते हैं। 🔁 🔁 ⏸
ग्राम सभा वह है, जो मतदाता के रूप में नामांकित गाँव या आस-पास के गाँवों के वयस्कों का समूह होता है। 🔁 🔁 ⏸
ग्राम सभा में स्त्री एवं पुरुष अपने क्षेत्र से जुड़े सभी मामलों पर विचार-विमर्श करते हैं और निर्णय लेते हैं। 🔁 ⏸
प्रत्येक ग्राम पंचायत, एक प्रमुख या अध्यक्ष जिसे ‘सरपंच’ या ‘प्रधान’ कहा जाता है, का चयन करती है। 🔁 ⏸
गत वर्षों में अधिक से अधिक महिलाएँ सरपंच बनी हैं। 🔁 ⏸
उतारिए — दोनों का अंतर (बोर्ड से; यह तालिका अंत तक मत मिटाइए)
| ग्राम सभा | ग्राम पंचायत | |
|---|---|---|
| कौन है | गाँव के सभी वयस्क मतदाता | चुने हुए सदस्य |
| क्या करती है | चुनती है | चुनी जाती है |
| कौन-सा लोकतंत्र | प्रत्यक्ष | प्रतिनिधि |
कहिए — ★★यह जोड़ अवश्य बनाइए: “पिछले अध्याय में दो तरह का लोकतंत्र पढ़ा था — प्रत्यक्ष और प्रतिनिधि। वहाँ वे दो अलग प्रकार थे। यहाँ वे एक ही गाँव में, एक साथ चल रहे हैं।”
“और हाशिये में यह लिख लीजिए — ग्राम सभा चुनती है; ग्राम पंचायत चुनी जाती है।”
खंड 5 — तीन सरपंच
कालांश 2 · समय 9 मिनट · लगभग 120 शब्द · CORE
✓ बोर्ड पर: दयानेश्वर कांबले · तरंगफल · सोलापुर · किन्नर · वंदना बहादुर मैदा · खानखांडवी · भील · पोपटराव बागुजी पवार · हिवरे बाजार · अन्ना हजारे · पद्मश्री
कहिए — तीनों कहानियाँ सुनाइए, लिखवाइए मत। पृष्ठ 166 का पूरा पृष्ठ दिखाइए और हर कहानी के बाद रुकिए।
उतारिए — तीनों की तालिका (बोर्ड से)
| कौन | कहाँ | क्या ख़ास |
|---|---|---|
| दयानेश्वर कांबले | तरंगफल, सोलापुर, महाराष्ट्र | 2017 · किन्नर समुदाय से · छह उम्मीदवारों को हराया |
| वंदना बहादुर मैदा | खानखांडवी, मध्य प्रदेश | भील समुदाय · गाँव की पहली महिला सरपंच |
| पोपटराव बागुजी पवार | हिवरे बाजार, अहमदनगर, महाराष्ट्र | अन्ना हजारे का मॉडल · पद्मश्री 2020 |
लिखवाइए — केवल ये तीन वाक्य:
दयानेश्वर कांबले का आदर्श वाक्य है — ‘लोक सेवा, ग्राम सेवा’, यानी गाँव की सेवा, जनता की सेवा है। 🔁 ⏸
वंदना बहादुर मैदा की यह यात्रा दर्शाती है कि किस प्रकार महिलाएँ ग्रामीण भारत को बदलने में नेतृत्वकारी भूमिका निभा सकती हैं। 🔁 🔁 ⏸
पोपटराव बागुजी पवार के प्रयास और ग्रामवासियों के सहयोग से हिवरे बाजार कुछ ही वर्षों में हरा-भरा और समृद्ध गाँव बन गया। 🔁 ⏸
कहिए — ★यह प्रश्न पूछिए: “इन तीनों में क्या समान है?” — उत्तर आने दीजिए। “और याद है अध्याय 9 का हलमा? वहाँ भी जल-संचयन था, और वहाँ भी पद्मश्री मिला — 2019 में। यहाँ 2020 में।”
खंड 6 — सचिव, पटवारी और बाल पंचायत
कालांश 3 · समय 10 मिनट · लगभग 140 शब्द · CORE
✓ बोर्ड पर: पंचायत सचिव · अभिलेख · पटवारी · भू-अभिलेख · बाल सभा · बाल पंचायत · मध्याह्न भोजन
लिखवाइए:
ग्राम पंचायत की सहायता के लिए एक पंचायत सचिव होता है, जो बैठकों के आयोजन और अभिलेखों के रख-रखाव जैसे प्रशासनिक कार्य करता है। 🔁 ⏸
अधिकांश ग्राम पंचायतों में एक प्रशासनिक अधिकारी भी होता है जिसे ‘पटवारी’ कहा जाता है, और जो गाँव के भू-अभिलेखों का रख-रखाव करता है। 🔁 ⏸
कई जगह तो उसके पास पीढ़ियों पुराने मानचित्र भी रखे होते हैं। ⏸
कहिए: “ध्यान दीजिए — सरपंच चुना जाता है, पर सचिव और पटवारी नियुक्त होते हैं।” “और पुराने मानचित्र भी इतिहास का एक स्रोत हैं — जैसा हमने अध्याय 4 में पढ़ा था।”
लिखवाइए — ★★यह पंक्ति दो बार:
पंचायतों को सभी ग्रामवासियों की बात सुननी होती है — जिसमें बच्चे भी सम्मिलित हैं। 🔁 🔁 ⏸
कहिए — ★यह प्रश्न अवश्य पूछिए: “ग्राम सभा में केवल वयस्क मतदाता होते हैं। तो फिर बच्चों की बात कौन सुनेगा?” उत्तर आने दीजिए — और फिर आगे बढ़िए।
लिखवाइए:
बाल हितैषी पंचायत की पहल से बच्चों की भलाई से जुड़े मामलों पर स्वयं बच्चों को अपने विचार और राय रखने का अवसर मिलता है। 🔁 ⏸
महाराष्ट्र में कुछ बाल पंचायतों ने बाल-श्रम और बाल-विवाह को समाप्त करने पर कार्य किया है। ⏸
पश्चिमी सिक्किम में सांगखू राधू खांडू ग्राम पंचायत ने विद्यालयों के परिसर की दीवारें बनवाईं और विद्यालयों में रसोईघर बनवाए, ताकि बच्चों को विद्यालय में ही सफाई से बना मध्याह्न भोजन मिल सके। 🔁 ⏸
इन प्रयासों के कारण उस गाँव को बाल हितैषी ग्राम पंचायत घोषित किया गया। ⏸
खंड 7 — बाल संसद
कालांश 3 · समय 8 मिनट · लगभग 110 शब्द · CORE
✓ बोर्ड पर: बंकर रॉय · बेयरफुट कॉलेज · बाल संसद · रात्रि विद्यालय · मंत्रिमंडल
लिखवाइए:
कुछ दशक पूर्व बंकर रॉय द्वारा आरंभ की गई ‘बेयरफुट कॉलेज’ की शाखा ‘बाल संसद’ ने राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों के वंचित वर्ग के बच्चों को शिक्षा और लोकतांत्रिक भागीदारी के माध्यम से सशक्त बनाया। 🔁 ⏸
आठ से चौदह ⟨8–14⟩ वर्ष तक की आयु के बच्चे, रात्रि विद्यालय और संसद की तरह के चुनावों के माध्यम से शासन की प्रक्रियाओं, लोकतंत्र और सामाजिक दायित्व के बारे में जानते-सीखते हैं। 🔁 ⏸
उनकी ‘संसद’ मतदाता के पहचान-पत्र और इसके प्रचार-प्रसार सहित सभी औपचारिक प्रक्रियाओं का पालन करती है। 🔁 ⏸
निर्वाचित प्रतिनिधि ‘मंत्रिमंडल’ का गठन करते हैं, जो विद्यालय प्रबंधन का निरीक्षण और सामुदायिक आवश्यकताओं का समर्थन करते हैं। 🔁 ⏸
बाल संसद के इन कार्यों के कारण उन्हें वर्ष दो हज़ार एक ⟨2001⟩ में वर्ल्ड चिल्ड्रन ऑनरेरी अवार्ड सहित कई पुरस्कार मिले हैं। 🔁 🔁 ⏸
लिखवाइए — ★और यह अंतिम वाक्य:
ये पहल बच्चों में नेतृत्व के गुण और सामाजिक जागरूकता को विकसित करती है, जिससे बच्चे सामाजिक मानदंडों को चुनौती देने में समर्थ होते हैं और परिवर्तन की पैरोकारी कर सकते हैं। 🔁 🔁 ⏸
कहिए: “रात्रि विद्यालय इसलिए थे क्योंकि वे बच्चे दिन में काम करते थे।” “और अब हम अगले कालांश में स्वयं एक बाल पंचायत बनाएँगे।”
खंड 8 — पंचायत समिति, आरक्षण और अर्थशास्त्र
कालांश 4 · समय 11 मिनट · लगभग 150 शब्द · CORE
✓ बोर्ड पर: पंचायत समिति · कड़ी · जिला परिषद · प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना · बारहमासी · अनुसूचित जाति · अनुसूचित जनजाति · एक-तिहाई · कौटिल्य · चाणक्य · संग्रहण · करवाटिका · द्रोणमुख
लिखवाइए:
खंड स्तर पर पंचायत समिति, ग्राम पंचायत और जिला परिषद के बीच की कड़ी है। 🔁 🔁 ⏸
इन संस्थाओं के सदस्य स्थानीय लोगों द्वारा चुने जाते हैं, परंतु उसमें क्षेत्र के गाँवों के सरपंच और राज्य विधान सभा के स्थानीय सदस्य जैसे अन्य सदस्य भी हो सकते हैं। 🔁 ⏸
ये सभी ग्राम पंचायतों की विकास योजनाएँ एकत्रित करके उन्हें क्रमश: जिला या राज्य स्तर पर प्रस्तुत करती हैं। 🔁 ⏸
यह ग्रामीण इलाकों में बारहमासी सड़कों के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना जैसी सरकारी योजनाओं के लिए धनराशि के आवंटन में मदद करती है। 🔁 ⏸
कहिए — ★यहाँ लक्ष्मणपुर की ओर लौटिए: “याद है, पहले दिन उस गाँव की एक आवश्यकता थी — ‘भारी वर्षा से खराब हुई मुख्य सड़क का रख-रखाव’? ‘बारहमासी सड़क’ का मतलब है ऐसी सड़क जो बरसात में भी चले। यही उसका उत्तर है।”
लिखवाइए — ★★आरक्षण:
सभी तीनों स्तरों पर विशेष नियम बनाए गए हैं ताकि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति जैसे वंचित वर्ग के लोगों की आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके और उनकी समस्याएँ सुनी जा सकें। 🔁 ⏸
इन संस्थाओं में एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित रखने का भी प्रावधान है। 🔁 🔁 🔁 ⏸
कहिए: “‘सभी तीनों स्तरों पर’ — यह मत छोड़िए। यह केवल ग्राम पंचायत की बात नहीं है।” “और अब तीन बातें एक साथ जोड़िए — ‘अधिक से अधिक महिलाएँ सरपंच बनी हैं’, वंदना बहादुर मैदा की कहानी, और यह एक-तिहाई वाला नियम। ये एक ही कहानी के तीन हिस्से हैं।”
लिखवाइए — अर्थशास्त्र:
शासन पर ‘अर्थशास्त्र’ एक प्राचीन ग्रंथ है, जिसे लगभग दो हज़ार तीन सौ ⟨2300⟩ वर्ष पहले ‘कौटिल्य’ ने लिखा था, जिन्हें बाद में ‘चाणक्य’ नाम से भी जाना गया। 🔁 ⏸
उतारिए — चार प्रवर्ग (बोर्ड से)
| इकाई | कितने गाँवों पर |
|---|---|
| संग्रहण | 10 |
| करवाटिका | 100 |
| द्रोणमुख | 400 |
| स्थानीय | 800 |
कहिए — ! यह सावधानी अवश्य: “किताब यह नहीं कह रही कि आज की पंचायत इसी से निकली है। वह बस पूछ रही है — ‘क्या यह आश्चर्य की बात नहीं है कि बहुत पहले इसी प्रकार की संरचना के बारे में सोचा गया था?’”
खंड 9 — समापन
कालांश 4 · समय 7 मिनट · लगभग 95 शब्द · CORE
✓ बोर्ड पर: त्रिस्तरीय व्यवस्था · स्वशासन · विकासात्मक कार्य
लिखवाइए:
ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय सरकार को एक त्रिस्तरीय व्यवस्था के अंतर्गत गठित किया जाता है। 🔁 ⏸
लिखवाइए — ★★यह वाक्य तीन बार दोहराइए:
पंचायती राज व्यवस्था में लोकतंत्र जनता द्वारा प्रत्यक्ष भागीदारी और उनके निर्वाचित प्रतिनिधियों, दोनों द्वारा कार्य करता है। 🔁 🔁 🔁 ⏸
लिखवाइए:
पंचायती राज संस्थाएँ ग्रामीण क्षेत्रों में स्वशासन का अधिकार देती हैं ताकि वे अपने मामले स्वयं सुलझा सकें और विकासात्मक कार्यों में सहयोग दें। 🔁 ⏸
कहिए — अध्याय यहीं समाप्त कीजिए: “बीच वाले वाक्य पर घेरा लगा लीजिए। यह वही बात है जो हमने दूसरे दिन तालिका में लिखी थी — ग्राम सभा प्रत्यक्ष, ग्राम पंचायत प्रतिनिधि। किताब ने वही बात यहाँ एक वाक्य में लिख दी है।”
“और पूरा अध्याय एक पंक्ति में — गाँव के लोग हर छोटी बात के लिए राजधानी नहीं जा सकते, इसलिए शासन उनके पास आ जाता है, तीन स्तरों पर। और उसे चलाने वाले वे स्वयं होते हैं।”
“अगले अध्याय में यही सवाल शहरों के लिए पूछा जाएगा।”
समय और शब्द का पूरा बजट
| खंड | कालांश | समय | शब्द | स्तर |
|---|---|---|---|---|
| 1 · आरंभ और आँकड़े | 1 | 9 मि. | ~125 | CORE |
| 2 · लक्ष्मणपुर | 1 | 9 मि. | ~125 | CORE |
| 3 · पंचायती राज व्यवस्था | 1 | 10 मि. | ~140 | CORE |
| 4 · ग्राम सभा और ग्राम पंचायत | 2 | 10 मि. | ~135 | CORE |
| 5 · तीन सरपंच | 2 | 9 मि. | ~120 | CORE |
| 6 · सचिव, पटवारी, बाल पंचायत | 3 | 10 मि. | ~140 | CORE |
| 7 · बाल संसद | 3 | 8 मि. | ~110 | CORE |
| 8 · समिति, आरक्षण, अर्थशास्त्र | 4 | 11 मि. | ~150 | CORE |
| 9 · समापन | 4 | 7 मि. | ~95 | CORE |
कुल = लगभग 1,140 शब्द, चार कालांशों में फैले हुए। कालांश 1 सबसे भारा है — 28 मिनट का श्रुतलेख। यदि समय कम पड़े तो खंड 3 के आठ कार्य केवल बोर्ड से उतरवाइए और अगले दिन दोहराइए। कालांश 3 में केवल 18 मिनट का श्रुतलेख है, और यह जान-बूझकर है — उस कालांश का असली काम बाल पंचायत वाली गतिविधि है।
शिक्षक हेतु चार अंतिम बातें
1. ! संस्थाओं के नाम और तीनों सरपंच की कहानियाँ कभी मत बुलवाइए।
वे सब उतारिए में हैं। हर स्तर के दो-तीन नाम हैं, और बुलवाने पर कॉपी में आधे ग़लत लिखे
जाते हैं।
2. पाँच वाक्य तीन-तीन बार दोहराइए। (क) ”…पंचायती राज… स्व-शासन का एक रूप है।” (ख) “क्या ऐसी प्रत्येक समस्याओं के लिए गाँव के लोग राज्य या राष्ट्र की राजधानी जा सकते हैं?” (ग) ”…के सदस्य ग्राम सभा द्वारा सीधे चुने जाते हैं…” (घ) “इन संस्थाओं में एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित रखने का भी प्रावधान है।” (ङ) ”…लोकतंत्र जनता द्वारा प्रत्यक्ष भागीदारी और उनके निर्वाचित प्रतिनिधियों, दोनों द्वारा कार्य करता है।”
3. तीन हाशिया-नोट लिखवाइए। (क) ★★ग्राम सभा चुनती है; ग्राम पंचायत चुनी जाती है। (ख) ★★पिछला पिरामिड पूरे देश का था; यह उसके सबसे नीचे वाले हिस्से का है। (ग) सरपंच चुना जाता है; सचिव और पटवारी नियुक्त होते हैं।
4. ★★बोर्ड के कोने में दो चीज़ें चारों कालांश टँगी रहने दीजिए — दोनों पिरामिड साथ-साथ, और ग्राम सभा ↔ ग्राम पंचायत वाली तालिका। ये दो चीज़ें ही इस अध्याय की दोनों बड़ी भूलें अकेले रोक देती हैं।