व्यवस्था: पहले मूल धारणाएँ, फिर पारंपरिक सुरक्षा, फिर संधियाँ, फिर अपारंपरिक सुरक्षा, फिर खतरे के नये स्रोत, फिर भारत-विशिष्ट पद, और अंत में भ्रम-युग्मों की सूची। ★= अवश्य याद रखने योग्य · ! = यहीं भूल होती है पाठ्यपुस्तक के शब्द उद्धरण-चिह्नों में दिए गए हैं।
भाग 1 — मूल धारणाएँ
| पद | English | अर्थ |
|---|---|---|
| ★★सुरक्षा | Security | पाठ्यपुस्तक: “सुरक्षा का बुनियादी अर्थ है — खतरे से आजादी।” पर हर खतरे से नहीं — केवल ‘केंद्रीय मूल्यों’ को छूने वाले “बड़े गंभीर खतरों” से, जिनसे “अपूरणीय क्षति” पहुँचे |
| ★केंद्रीय मूल्य | Core values | वे मूल्य जिन पर चोट पड़ने से जीवन या राज्य का अस्तित्व ही संकट में आ जाए। पारंपरिक धारणा में — संप्रभुता, स्वतंत्रता और क्षेत्रीय अखंडता। ! पाठ स्वयं पूछता है — “किसके केंद्रीय मूल्य?” |
| ★अपूरणीय क्षति | Irreparable damage | ऐसी क्षति जिसकी भरपाई न हो सके — यही ‘गंभीर खतरे’ की कसौटी है |
| ★विवादग्रस्त धारणा | Contested concept | ऐसी धारणा जिस पर सर्वसम्मत परिभाषा संभव नहीं। पाठ: “करीब 200 मुल्कों के 7 अरब लोग सुरक्षा की एक जैसी धारणा रखते हों?” |
| ★★संदर्भी | Referent | वह इकाई जिसकी सुरक्षा की बात हो रही है। पारंपरिक धारणा में राज्य; अपारंपरिक में व्यक्ति, समुदाय और समूची मानवता |
| ★★न्यूनतम मानक | Minimum standard | वह कसौटी जिससे तय हो कि कोई मसला ‘सुरक्षा का मसला’ है या नहीं — पाठ: “अगर किसी मसले से संदर्भी के अस्तित्व को खतरा हो रहा हो… चाहे इस खतरे की प्रकृति कुछ भी हो” |
भाग 2 — पारंपरिक सुरक्षा
| पद | English | अर्थ |
|---|---|---|
| ★★पारंपरिक सुरक्षा / राष्ट्रीय सुरक्षा | Traditional / National security | सैन्य ख़तरे को सबसे ख़तरनाक मानने वाली धारणा; “इस ख़तरे का स्रोत कोई दूसरा मुल्क होता है” |
| ★बाहरी सुरक्षा | External security | सीमा के बाहर से आने वाले सैन्य खतरों से रक्षा |
| ★आंतरिक सुरक्षा | Internal security | देश के भीतर की शांति और कानून-व्यवस्था; अलगाववाद और गृहयुद्ध |
| ★★आत्मसमर्पण | Surrender | “दूसरे पक्ष की बात को बिना युद्ध किए मान लेना।” ! यह विकल्प तो है, पर ‘नीति’ कभी नहीं बनता |
| ★★अपरोध | Deterrence | “युद्ध से होने वाले नाश को इस हद तक बढ़ाने के संकेत देना कि दूसरा पक्ष सहमकर हमला करने से बाज आये।” — युद्ध होने ही न दो |
| ★★रक्षा | Defence | “युद्ध ठन जाय तो अपनी रक्षा करना”; “युद्ध को सीमित रखना अथवा उसको समाप्त करना।” — युद्ध हो जाए तो जीतो या रोको |
| ★★शक्ति-संतुलन | Balance of power | पड़ोसियों की सापेक्ष ताकत को अपने पक्ष में रखना। ★इरादा नहीं, क्षमता देखी जाती है। साधन — सैन्य, आर्थिक और प्रौद्योगिकीय शक्ति |
| ★★गठबंधन | Alliance | “सैन्य हमले को रोकने अथवा उससे रक्षा करने के लिए समवेत कदम।” प्राय: लिखित संधि; और ! “राष्ट्रीय हितों के बदलने पर गठबंधन भी बदल जाते हैं” |
| ★अराजकता | Anarchy (अंतर्राष्ट्रीय) | विश्व-राजनीति में “ऐसी कोई केंद्रीय सत्ता नहीं जो सबके ऊपर हो” — इसीलिए “हर देश को अपनी सुरक्षा की जिम्मेदारी खुद उठानी होती है” |
| ★न्याय-युद्ध | Just war | यूरोपीय परंपरा — युद्ध केवल आत्म-रक्षा या जनसंहार से बचाने के लिए; और साधनों पर भी सीमा — निहत्थे को न मारें, उतना ही बल, बल अंतिम उपाय |
भाग 3 — सुरक्षा के तरीके और संधियाँ
| पद | English | अर्थ |
|---|---|---|
| ★★निरस्त्रीकरण | Disarmament | “सभी राज्य… कुछ खास किस्म के हथियारों से बाज आयें।” — हथियार त्यागना |
| ★★अस्त्र-नियंत्रण | Arms control | “हथियारों को विकसित करने अथवा उनको हासिल करने के संबंध में कुछ कायदे-कानूनों का पालन।” — नियम के तहत रखना |
| ★★विश्वास बहाली के उपाय | Confidence Building Measures (CBMs) | “सूचनाओं तथा विचारों के नियमित आदान-प्रदान का फैसला।” मकसद — “ग़लतफहमी या गफलत में पड़कर जंग के लिए आमादा न हो जाएँ” |
| ★जैविक हथियार संधि | Biological Weapons Convention (BWC) | 1972; 155 से ज्यादा हस्ताक्षरकर्ता (पाठ्यपुस्तक का आँकड़ा) — निरस्त्रीकरण की श्रेणी में |
| ★रासायनिक हथियार संधि | Chemical Weapons Convention (CWC) | 1997; 193 देश — निरस्त्रीकरण की श्रेणी में |
| ★एंटी बैलेस्टिक मिसाइल संधि | Anti-Ballistic Missile Treaty (ABM) | 1972 — अमरीका और सोवियत संघ को मिसाइलों को रक्षा-कवच के रूप में इस्तेमाल करने से रोका; सीमित संख्या की अनुमति, व्यापक उत्पादन पर रोक |
| सामरिक अस्त्र परिसीमन संधि-2 | SALT II | अस्त्र-नियंत्रण संधि; ‘परिसीमन’ = सीमा बाँधना |
| सामरिक अस्त्र न्यूनीकरण संधि | START | अस्त्र-नियंत्रण संधि; ‘न्यूनीकरण’ = घटाना |
| ★★परमाणु अप्रसार संधि | Non-Proliferation Treaty (NPT) | 1968 की संधि; ! 1967 की रेखा — “जिन देशों ने 1967 से पहले परमाणु हथियार बना लिये थे या उनका परीक्षण कर लिया था उन्हें रखने की अनुमति दी गई। जो 1967 तक ऐसा नहीं कर पाये उन्हें वंचित किया गया।” मूल्यांकन: “समाप्त तो नहीं किया लेकिन… संख्या ज़रूर कम की” |
| ★सामूहिक संहार के हथियार | Weapons of Mass Destruction | परमाणु, जैविक और रासायनिक हथियार |
भाग 4 — अपारंपरिक सुरक्षा
| पद | English | अर्थ |
|---|---|---|
| ★★अपारंपरिक सुरक्षा | Non-traditional security | “सिर्फ सैन्य खतरों से संबद्ध नहीं” — इसमें “मानवीय अस्तित्व पर चोट करने वाले व्यापक खतरे और आशंकाएँ” शामिल |
| ★★मानवता की सुरक्षा | Human security | “जनता-जनार्दन की सुरक्षा को राज्यों की सुरक्षा से बढ़कर” मानने वाला विचार। मूल वाक्य — “सुरक्षित राज्य का मतलब हमेशा सुरक्षित जनता नहीं होता” |
| ★विश्व-रक्षा / विश्व सुरक्षा | Global security | 1990 के दशक में उभरी धारणा — वैश्विक तापवृद्धि, अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद और महामारियों के कारण; “कोई भी देश इन समस्याओं का समाधान अकेले नहीं कर सकता” |
| ★★‘अभाव से मुक्ति’ | Freedom from want | आर्थिक सुरक्षा — भूख, गरीबी और अभाव से रक्षा |
| ★★‘भय से मुक्ति’ | Freedom from fear | हिंसा से सुरक्षा — युद्ध, दमन और खून-खराबे से रक्षा |
| ★सहयोगमूलक सुरक्षा | Cooperative security | “सैन्य-संघर्ष की नहीं बल्कि आपसी सहयोग की ज़रूरत”; ★★“ऐसे अधिकांश मसलों में सैन्य-बल के प्रयोग से मामला और बिगड़ेगा।” बल अंतिम उपाय, और “सामूहिक स्वीकृति से और सामूहिक रूप में” |
भाग 5 — खतरे के नये स्रोत
| पद | English | अर्थ |
|---|---|---|
| ★★आतंकवाद | Terrorism | “राजनीतिक खून-खराबा जो जान-बूझकर और बिना किसी मुरौव्वत के नागरिकों को अपना निशाना बनाता है।” ! “आतंकवाद कोई नयी परिघटना नहीं है” |
| ★अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद | International terrorism | “एक से ज्यादा देशों में व्याप्त… निशाने पर कई देशों के नागरिक” |
| ★मानवाधिकार — तीन कोटियाँ | Human rights | (1) राजनीतिक अधिकार (अभिव्यक्ति, सभा) (2) आर्थिक और सामाजिक अधिकार (3) उपनिवेशीकृत जनता तथा जातीय व मूलवासी अल्पसंख्यकों के अधिकार |
| ★वैश्विक निर्धनता | Global poverty | 760 करोड़ → 1000 करोड़; वृद्धि का 50% छह देशों में; और “सबसे ज्यादा सशस्त्र संघर्ष सहारा मरुस्थल के दक्षिणवर्ती देशों में — यह इलाका दुनिया का सबसे गरीब इलाका है” |
| ★★आप्रवासी | Migrant | “जो अपनी मर्जी से स्वदेश छोड़ते हैं।” ! राज्य को स्वीकारने की बाध्यता नहीं |
| ★★शरणार्थी | Refugee | “जो युद्ध, प्राकृतिक आपदा अथवा राजनीतिक उत्पीड़न के कारण स्वदेश छोड़ने पर मज़बूर होते हैं।” राज्य से स्वीकार करने की उम्मीद |
| ★★आंतरिक रूप से विस्थापित जन | Internally Displaced Persons | “जो अपना घर-बार छोड़ चुके हैं परंतु राष्ट्रीय सीमा के भीतर ही हैं।” ★उदाहरण — 1990 के दशक में कश्मीर घाटी छोड़ने वाले कश्मीरी पंडित |
| ★महामारी | Epidemic / Pandemic | आप्रवास, व्यवसाय, पर्यटन और सैन्य-अभियानों से फैलती है; निष्कर्ष — “राष्ट्रीय सीमाएँ अब पहले की तुलना में कम सार्थक रह गई हैं” |
| ★वैश्विक तापवृद्धि | Global warming | समुद्रतल 2 मीटर उठे तो — बांग्लादेश का 20%, कमोबेश पूरा मालदीव, थाईलैंड की 50% आबादी खतरे में |
| ★क्योटो प्रोटोकॉल | Kyoto Protocol | 1997 — “ग्रीनहाऊस गैसों के उत्सर्जन को कम करने के संबंध में दिशा निर्देश”; भारत उन 160 देशों में शामिल जिन्होंने हस्ताक्षर किए |
भाग 6 — भारत-विशिष्ट पद
| पद | अर्थ |
|---|---|
| ★भारत की सुरक्षा-नीति के चार घटक | (1) सैन्य-क्षमता (2) अंतर्राष्ट्रीय कायदे और संस्थाएँ (3) आंतरिक सुरक्षा (4) आर्थिक विकास |
| ★1974 और 1998 | पहला परमाणु परीक्षण और परीक्षण के फ़ैसले (जिन्हें ‘राष्ट्रीय सुरक्षा’ के तर्क से उचित ठहराया गया) |
| ★सार्वभौम और बिना भेदभाव वाली नीति | भारत की अप्रसार-संबंधी माँग — “हर देश को सामूहिक संहार के हथियारों से संबद्ध बराबर के अधिकार और दायित्व” |
| ★नव-अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक व्यवस्था | New International Economic Order — भारत द्वारा उठाई गई माँग |
| ★गुटनिरपेक्षता | “दो महाशक्तियों की खेमेबाजी से अलग… विश्व-शांति का तीसरा विकल्प” |
| ★विउपनिवेशीकरण | Decolonisation — नेहरू द्वारा समर्थित तीन प्रयासों में एक (एशियाई एकता और निरस्त्रीकरण के साथ) |
| ★शांतिबहाली के मिशन | UN Peacekeeping — “भारत ने अपनी सेना संयुक्त राष्ट्रसंघ के शांतिबहाली के मिशनों में भेजी है” |
| ★अलगाववादी क्षेत्र | नगालैंड, मिजोरम, पंजाब और कश्मीर — जहाँ उग्रवादी समूहों ने अलगाव की कोशिश की |
| ★★लोकतंत्र = सुरक्षा का साधन | अध्याय का अंतिम निष्कर्ष — “लोकतंत्र सिर्फ राजनीतिक आदर्श नहीं है; लोकतांत्रिक शासन जनता को ज्यादा सुरक्षा मुहैया कराने का साधन भी है।” |
भाग 7 — भ्रम-युग्म : यहीं गलती होती हैध्यान
| युग्म | कैसे अलग पहचानें |
|---|---|
| ★★अपरोध बनाम रक्षा | अपरोध = युद्ध होने ही न दो (ताला); रक्षा = हो जाए तो लड़ो (लाठी) |
| ★★निरस्त्रीकरण बनाम अस्त्र-नियंत्रण | त्यागना बनाम नियम के तहत रखना। BWC/CWC पहला; ABM/NPT/SALT/START दूसरा |
| ★★1967 बनाम 1968 | 1968 = NPT का वर्ष; 1967 = वह रेखा जिससे पहले हथियार बना/परख लेने वालों को अनुमति मिली |
| ★BWC बनाम CWC | BWC = जैविक, 1972, 155+; CWC = रासायनिक, 1997, 193 |
| ★SALT बनाम START | SALT = परिसीमन (Limitation — सीमा बाँधना); START = न्यूनीकरण (Reduction — घटाना) |
| ★★आप्रवासी बनाम शरणार्थी | अपनी मर्जी बनाम मज़बूरी; बाध्यता नहीं बनाम स्वीकार करने की उम्मीद |
| ★★शरणार्थी बनाम आंतरिक विस्थापित | सीमा पार की बनाम सीमा के भीतर ही। ! कश्मीरी पंडित = आंतरिक विस्थापित, शरणार्थी नहीं |
| ★★95% बनाम बारहगुना | 95% = आज के सशस्त्र संघर्षों में आंतरिक युद्धों का हिस्सा; बारहगुना = 1946–91 में गृहयुद्धों की वृद्धि |
| ★‘अभाव से मुक्ति’ बनाम ‘भय से मुक्ति’ | आर्थिक सुरक्षा बनाम हिंसा से सुरक्षा |
| ★मानवता की सुरक्षा बनाम विश्व सुरक्षा | संदर्भी व्यक्ति बनाम खतरे वैश्विक — “कोई भी देश अकेले समाधान नहीं कर सकता” |
| ★1962 बनाम 1965/1971/1999 | चीन का हमला बनाम पाकिस्तान के हमले (1947-48 भी पाकिस्तान) |
| ★1974 बनाम 1998 | पहला परमाणु परीक्षण बनाम परीक्षण के ‘फ़ैसले’ |
| ! ‘राष्ट्र बनाने की माँग’ बनाम ‘अधिक स्वायत्तता की माँग’ | पहला अलगाववाद (परंपरागत आंतरिक सुरक्षा का सरोकार); दूसरा सामान्य लोकतांत्रिक राजनीति — ‘खतरे की स्थिति नहीं’ |
| ! ‘पड़ोसी देश से कामगार’ बनाम ‘पड़ोसी राज्य से कामगार’ | ‘देश’ = अंतर्राष्ट्रीय प्रवासन (अपारंपरिक सरोकार); ‘राज्य’ = देश के भीतर आवाजाही — ‘खतरे की स्थिति नहीं’ |
भाग 8 — याद रखने के सूत्र
| सूत्र | क्या याद रहेगा |
|---|---|
| “खतरे से आजादी — पर केंद्रीय, और गंभीर” | सुरक्षा की पूरी परिभाषा |
| “तीन विकल्प, दो नीतियाँ” | आत्मसमर्पण/अपरोध/रक्षा — पर नीति सिर्फ बाद के दो पर |
| “ताला और लाठी” | अपरोध और रक्षा |
| “त्यागो या नियम मानो” | निरस्त्रीकरण और अस्त्र-नियंत्रण |
| “L = सीमा, R = कटौती” | SALT (Limitation) और START (Reduction) |
| “संधि 68, रेखा 67” | NPT का सबसे आम भ्रम |
| “मर्जी–मज़बूरी–सीमा” | आप्रवासी · शरणार्थी · आंतरिक विस्थापित |
| “राज्य पूछता है ‘मैं सुरक्षित हूँ?’ — जनता पूछती है ‘और मैं?’” | पारंपरिक बनाम अपारंपरिक |
| “सेना काम नहीं आती, सहयोग आता है” | सहयोगमूलक सुरक्षा |
| “चार घटक — बंदूक, संधि, लोकतंत्र, रोटी” | भारत की सुरक्षा-नीति |