RBSE/CBSE बोर्ड पैटर्न पर आधारित | उत्तर-संकेत सहित
खंड क — बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ) [1 अंक]
1महात्मा गाँधी दक्षिण अफ्रीका से भारत कब लौटे?
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सही उत्तर: (ब) जनवरी 1915
2“दक्षिण अफ्रीका ने ही गाँधी जी को ‘महात्मा’ बनाया” — यह टिप्पणी किस इतिहासकार की है?
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सही उत्तर: (ब) चंद्रन देवनेसन
3‘लाल, बाल और पाल’ में ‘पाल’ कौन थे?
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सही उत्तर: (स) विपिन चंद्र पाल
4गाँधी जी के मान्य राजनीतिक परामर्शदाता कौन थे?
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सही उत्तर: (ब) गोपाल कृष्ण गोखले
5गाँधी जी की पहली महत्त्वपूर्ण सार्वजनिक उपस्थिति कहाँ हुई?
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सही उत्तर: (ब) बनारस हिंदू विश्वविद्यालय का उद्घाटन समारोह, फरवरी 1916
6चंपारन में गाँधी जी ने किसानों के लिए क्या माँगा?
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सही उत्तर: (ब) काश्तकारी की सुरक्षा तथा अपनी पसंद की फ़सल उपजाने की आज़ादी
7जलियाँवाला बाग हत्याकांड में कितने से अधिक लोग मारे गए?
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सही उत्तर: (स) चार सौ
8खिलाफ़त आंदोलन का नेतृत्व किसने किया?
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सही उत्तर: (ब) मुहम्मद अली और शौकत अली
9सरकारी आँकड़ों के अनुसार 1921 में कितनी हड़तालें हुईं?
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सही उत्तर: (ब) 396
10चौरी-चौरा की घटना कब हुई?
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सही उत्तर: (ब) फरवरी 1922
11मार्च 1922 में गाँधी जी को सज़ा सुनाने वाले जज कौन थे?
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सही उत्तर: (ब) जस्टिस सी.एन. ब्रूमफील्ड
12किसानों के मन में गाँधी की छवि का अध्ययन किस इतिहासकार ने किया?
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सही उत्तर: (ब) शाहिद अमीन
13‘पूर्ण स्वराज’ की उद्घोषणा किस अधिवेशन में हुई?
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सही उत्तर: (ब) लाहौर, दिसंबर 1929
14दांडी यात्रा कब शुरू हुई?
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सही उत्तर: (ब) 12 मार्च 1930
15गाँधी जी को आंदोलनों में महिलाओं को शामिल करने के लिए किसने समझाया?
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सही उत्तर: (ब) कमलादेवी चट्टोपाध्याय
16दूसरे गोल मेज सम्मेलन में कांग्रेस के दावे को चुनौती देने वाली तीन पार्टियों में कौन शामिल नहीं था?
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सही उत्तर: (द) हिंदू महासभा
171937 के चुनावों में कांग्रेस कितने प्रांतों में सत्ता में आई?
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सही उत्तर: (स) 11 में से 8
18भारत छोड़ो आंदोलन कब शुरू हुआ?
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सही उत्तर: (स) अगस्त 1942
19‘प्रत्यक्ष कार्यवाही दिवस’ के लिए कौन-सा दिन तय किया गया?
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सही उत्तर: (ब) 16 अगस्त 1946
20नेहरू द्वारा प्रकाशित पत्र-संकलन का नाम?
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सही उत्तर: (ब) ए बंच ऑफ़ ओल्ड लेटर्स
खंड ख — रिक्त स्थान [1 अंक]
1गोखले ने गाँधी जी को ________ तक ब्रिटिश भारत की यात्रा करने की सलाह दी।
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[एक वर्ष]
2दिसम्बर 1916 में ________ में हुई वार्षिक कांग्रेस में चंपारन के एक किसान ने गाँधी जी से भेंट की।
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[लखनऊ]
3रॉलेट एक्ट ________ की अध्यक्षता वाली समिति की संस्तुतियों पर आधारित था।
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[सर सिडनी रॉलेट]
4खिलाफ़त आंदोलन ________ द्वारा समाप्त किए गए ख़लीफ़ा-पद की पुनर्स्थापना चाहता था।
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[तुर्की शासक कमाल अतातुर्क]
5असहयोग “शांति की दृष्टि से नकारात्मक किंतु प्रभाव की दृष्टि से बहुत सकारात्मक था” — यह कथन ________ का है।
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[लुई फिशर]
6सूत कताई ने ________ श्रम और शारीरिक श्रम की दीवार तोड़ने में मदद दी।
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[मानसिक]
7रजवाड़ों में राष्ट्रवादी सिद्धांत को बढ़ावा देने के लिए ________ की शृंखला स्थापित की गई।
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[प्रजा मंडलों]
8________ जैसे कुछ उद्यमियों ने राष्ट्रीय आंदोलन का खुला समर्थन किया।
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[जी.डी. बिड़ला]
9नमक कर कभी-कभी नमक के मूल्य का ________ गुना तक होता था।
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[चौदह]
10गाँधी जी अपने अख़बार ________ में उन्हें लिखे गए पत्र प्रकाशित करते थे।
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[हरिजन]
खंड ग — एक पंक्ति में उत्तर [1 अंक]
1प्रस्तावना में किन तीन विदेशी राष्ट्र-निर्माताओं के नाम हैं?
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गैरीबाल्डी (इटली), जॉर्ज वाशिंगटन (अमेरिका), हो ची मिन्ह (वियतनाम)
2“वह न केवल इतिहास बनाता है बल्कि…” — वाक्य पूरा कीजिए।
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”…स्वयं भी इतिहास द्वारा बनाया जाता है।”
3जिन्ना की गाँधी से दो समानताएँ?
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गुजराती मूल; लंदन में प्रशिक्षित वकील
4BHU-भाषण के अनुसार मुक्ति किनके माध्यम से हो सकती है?
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केवल किसानों के माध्यम से
51918 के गुजरात के दो अभियान?
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अहमदाबाद (मिल-मज़दूर) और खेड़ा (लगान माफ़ी)
6असहयोग ठीक ढंग से पालन हो तो स्वराज कब तक?
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एक वर्ष के भीतर
7जज़ीरात-उल-अरब में कौन-से क्षेत्र?
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अरब, सीरिया, इराक, फिलिस्तीन
8असहयोग में देहात की तीन कार्रवाइयाँ?
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आंध्र की पहाड़ी जनजातियों द्वारा वन-क़ानूनों की अवहेलना; अवध में कर-बंदी; कुमाऊँ में अधिकारियों का सामान ढोने से इनकार
9चौरी-चौरा के बाद गाँधी का तर्क?
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“निहत्थे… व्यक्तियों की घृणित हत्या” को किसी उत्तेजना से उचित नहीं ठहराया जा सकता
10किसान गाँधी को किन नामों से जानते थे?
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‘गाँधी बाबा’, ‘गाँधी महाराज’, ‘महात्मा’
1126 जनवरी 1930 को संगोष्ठी के समय की घोषणा कैसे होनी थी?
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नगाड़े पीटकर (पारंपरिक तरीके से)
12दांडी पहुँचकर गाँधी ने स्वयं को अपराधी कैसे बनाया?
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मुट्ठी भर नमक बनाकर
13नमक सत्याग्रह में लगभग कितने लोग गिरफ़्तार हुए?
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लगभग 60,000
14वसना गाँव में गाँधी ने ‘स्वराज की सीढ़ियाँ’ किन्हें कहा?
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अछूतों की सेवा (प्रायश्चित) और हिंदू-मुसलमान-पारसी-सिख की एकजुटता को
15गाँधी-हत्या के शोक-संदेश भेजने वाले दो विख्यात गैर-भारतीय?
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जॉर्ज ऑरवेल तथा एलबर्ट आइंस्टीन
खंड घ — अति लघूत्तरात्मक [2 अंक]
1दक्षिण अफ्रीका में गाँधी जी ने कौन-कौन से कार्य किए?
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पहली बार सत्याग्रह के रूप में जानी गई अहिंसात्मक विरोध की विशिष्ट तकनीक का इस्तेमाल; विभिन्न धर्मों के बीच सौहार्द; उच्च जातीय भारतीयों को निम्न जातियों व महिलाओं के प्रति भेदभाव के लिए चेतावनी।
2BHU-भाषण को “मंशा की उद्घोषणा” क्यों कहा गया है?
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भाषण केवल तथ्य-कथन नहीं था (कि राष्ट्रवाद विशिष्ट वर्गों — वकीलों-डॉक्टरों-ज़मींदारों — द्वारा निर्मित है); वह भारतीय राष्ट्रवाद को सम्पूर्ण भारतीय जनता का बेहतर प्रतिनिधि बनाने की गाँधी की स्वयं की इच्छा की प्रथम सार्वजनिक उद्घोषणा भी था।
3पंजाब में रॉलेट एक्ट का विरोध विशेष रूप से कड़ा क्यों था?
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वहाँ के बहुत से लोगों ने युद्ध (1914-18) में अंग्रेज़ों के पक्ष में सेवा की थी और बदले में ईनाम की अपेक्षा कर रहे थे — लेकिन इसकी जगह उन्हें रॉलेट एक्ट दिया गया।
4गाँधी जी ने असहयोग को खिलाफ़त से क्यों जोड़ा?
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आशा थी कि दोनों को मिलाने से भारत के दो प्रमुख धार्मिक समुदाय — हिंदू और मुसलमान — मिलकर औपनिवेशिक शासन का अंत कर देंगे।
5“किसानों-श्रमिकों ने असहयोग की अपने ढंग से व्याख्या की” — उदाहरण सहित समझाइए।
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उन्होंने “ऊपर से प्राप्त निर्देशों पर टिके रहने के बजाय अपने हितों से मेल खाते तरीकों” से कार्रवाई की — आंध्र की पहाड़ी जनजातियों ने वन-क़ानून तोड़े, अवध के किसानों ने कर नहीं चुकाए, कुमाऊँ के किसानों ने सामान ढोने से इनकार किया; कभी-कभी स्थानीय राष्ट्रवादी नेतृत्व की अवज्ञा करते हुए भी।
6सूत कताई का सामाजिक अर्थ क्या था?
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इसने गाँधी को पारंपरिक जाति व्यवस्था में प्रचलित मानसिक श्रम और शारीरिक श्रम की दीवार को तोड़ने में मदद दी; चरखा मशीन-महिमा रहित समाज का प्रतीक और ग़रीबों की पूरक आमदनी-स्वावलंबन का साधन था।
7शाहिद अमीन ने किन स्रोतों से क्या खोजा?
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स्थानीय प्रेस की रिपोर्टों और अफ़वाहों के ज़रिये पूर्वी उत्तर प्रदेश के किसानों के मन में गाँधी की कल्पना — चामत्कारिक शक्तियों की कहानियाँ, ‘गाँधी बाबा-महाराज-महात्मा’ की उद्धारक-छवि।
8लाहौर अधिवेशन (दिसंबर 1929) दो दृष्टियों से महत्त्वपूर्ण क्यों था?
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(1) जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता — युवा पीढ़ी को नेतृत्व की छड़ी सौंपने का प्रतीक; (2) ‘पूर्ण स्वराज’/पूर्ण स्वतंत्रता की उद्घोषणा।
9नमक को निशाना बनाना “कुशल समझदारी” क्यों था?
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प्रत्येक भारतीय घर में नमक अपरिहार्य, पर घरेलू प्रयोग तक के लिए बनाना वर्जित — ऊँचे दाम पर खरीदने की बाध्यता; राज्य का एकाधिपत्य बहुत अलोकप्रिय — इसे निशाना बनाकर गाँधी व्यापक असंतोष को अंग्रेज़ी शासन के विरुद्ध संगठित कर सकते थे।
10गाँधी-इर्विन समझौते की शर्तें और उसकी आलोचना लिखिए।
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शर्तें — सविनय अवज्ञा वापस; सारे क़ैदी रिहा; तटीय इलाकों में नमक-उत्पादन की अनुमति; आलोचना (रैडिकल राष्ट्रवादी) — गाँधी वाइसराय से राजनीतिक स्वतंत्रता का आश्वासन नहीं ले पाए — केवल वार्ताओं का आश्वासन मिला।
11क्रिप्स-वार्ता किस मुद्दे पर टूटी?
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कांग्रेस की ज़िद — धुरी शक्तियों से भारत की रक्षा में सहायता चाहिए तो वाइसराय पहले अपनी कार्यकारी परिषद में किसी भारतीय को रक्षा सदस्य नियुक्त करे — इसी बात पर वार्ता टूट गई।
12आत्मकथाओं को पढ़ते समय क्या सावधानी रखनी चाहिए?
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वे स्मृति के आधार पर लिखी जाती हैं — बताती हैं लेखक को क्या याद रहा, क्या महत्त्वपूर्ण लगा, वह क्या याद रखना चाहता था; “आत्मकथा लिखना अपनी तस्वीर गढ़ने का एक तरीक़ा है” — इसलिए वह देखने का प्रयास करें जो लेखक नहीं दिखाना चाहता; चुप्पियों के कारण समझें।
खंड ङ — लघूत्तरात्मक [3–4 अंक]
1महात्मा गाँधी ने खुद को आम लोगों जैसा दिखाने के लिए क्या किया?
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(NCERT अभ्यास 1 — धोती; उनकी तरह जीवन; उनकी भाषा; रोज़ चरखा; सामान्य जनसमूह से अलग नहीं; समानुभूति-घनिष्ठता; सूत-कताई से श्रम-दीवार तोड़ना)
2किसान महात्मा गाँधी को किस तरह देखते थे?
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(NCERT अभ्यास 2 — शाहिद अमीन का अध्ययन; ‘गाँधी बाबा-महाराज-महात्मा’; उद्धारक — करों-अधिकारियों से रक्षा, मान-मर्यादा-स्वायत्तता; चामत्कारिक शक्तियों की अफ़वाहें — कड़ाहा, गेहूँ-तिल, विरोधियों की त्रासदी; राजा द्वारा भेजे जाने की धारणा; दर्शन-भेनी)
3नमक क़ानून स्वतंत्रता संघर्ष का महत्त्वपूर्ण मुद्दा क्यों बन गया?
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(NCERT अभ्यास 3 — अपरिहार्य आवश्यकता; घरेलू निर्माण-निषेध; ऊँचे दाम; 14-गुना कर; सरकार का विनाश-तंत्र; चौतरफा अभिशाप; व्यापक असंतोष के संगठन का सूत्र; हर वर्ग की समझ में आने वाला मुद्दा)
4राष्ट्रीय आंदोलन के अध्ययन के लिए अख़बार महत्त्वपूर्ण स्रोत क्यों हैं?
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(NCERT अभ्यास 4 — गतिविधियों पर नज़र-ख़बरें; आम भारतीयों की सोच का संकेत; पर पूर्वाग्रह — प्रकाशकों की राजनीतिक सोच; लंदन बनाम राष्ट्रवादी रिपोर्टिंग का अंतर; एहतियात — हर वक्तव्य यथार्थ नहीं; अफ़सरों की आशंकाओं की झलक)
5चरखे को राष्ट्रवाद का प्रतीक क्यों चुना गया?
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(NCERT अभ्यास 5 — मशीन-युग की आलोचना; मशीन-महिमा रहित समाज का प्रतीक; ग़रीबों की पूरक आमदनी-स्वावलंबन; सभी के लिए समय-श्रम, धन का विकेंद्रीकरण; श्रम-गरिमा — मानसिक/शारीरिक दीवार; ‘पहिया स्वयं उत्कृष्ट मशीनरी’)
6असहयोग आंदोलन में विभिन्न सामाजिक वर्गों की भागीदारी का विवरण दीजिए।
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(विद्यार्थी; वकील; 396 हड़तालें-6 लाख श्रमिक; आंध्र-जनजातियाँ; अवध-किसान; कुमाऊँ; अपने-अपने ढंग की व्याख्या; अभूतपूर्व लोकप्रिय कार्रवाई)
7दांडी यात्रा का घटनाक्रम और परिणाम लिखिए।
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(पूर्व-सूचना, इर्विन की नासमझी; 12 मार्च साबरमती से; तीन हफ़्ते; मुट्ठी भर नमक — अपराधी; समानांतर यात्राएँ; वन-क़ानून उल्लंघन-हड़तालें-बहिष्कार; 60,000 गिरफ़्तारियाँ; वसना-भाषण; निगरानी-रिपोर्टें; टाइम का बदला रुख़)
8नमक यात्रा किन तीन कारणों से उल्लेखनीय थी?
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(विश्व की नज़र — यूरोपीय-अमेरिकी प्रेस; महिलाओं की बड़ी भागीदारी वाली पहली गतिविधि — कमलादेवी चट्टोपाध्याय; अंग्रेज़ों को राज की नश्वरता व सत्ता-हिस्सेदारी का अहसास)
9पृथक निर्वाचिका पर गाँधी और अम्बेडकर के तर्क प्रस्तुत कीजिए।
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(गाँधी — दासता स्थायी; कलंक मज़बूत; अस्पृश्यता का विनाश ही समाधान; अम्बेडकर — धर्म कोढ़ियों की तरह देखता; आर्थिक आश्रितता; इतिहास ने संभावनाएँ बंद कीं; एकमात्र रास्ता — राजनीतिक सत्ता में हिस्सा)
10भारत छोड़ो आंदोलन की मुख्य विशेषताएँ बताइए।
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(अगस्त 1942; गाँधी की फ़ौरन गिरफ़्तारी; युवाओं की हड़तालें-तोड़फोड़; जयप्रकाश नारायण-समाजवादी भूमिगत; सतारा-मेदिनीपुर प्रतिसरकारें; सख़्त दमन — साल से ज़्यादा; सही मायने में जनांदोलन; लीग का पंजाब-सिंध विस्तार)
111946 से विभाजन तक के घटनाक्रम का संक्षिप्त विवरण दीजिए।
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(1946-चुनाव — ध्रुवीकरण पूरा; कैबिनेट मिशन विफल; 16 अगस्त प्रत्यक्ष कार्यवाही — कलकत्ता से फैली हिंसा; फरवरी 1947 माउंटबेटन; अंतिम वार्ता विफल; स्वतंत्रता+विभाजन; 15 अगस्त; ‘राष्ट्रपिता’ उपाधि)
12गृह विभाग की पाक्षिक रिपोर्टों की प्रकृति और सीमाएँ लिखिए।
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(हर 15 दिन; पुलिस-सूचनाओं पर आधारित; पर ‘आला अधिकारी क्या मानना चाहते थे’ भी झलकता; आशंकाओं को निराधार बताने की स्व-आश्वस्ति; नमक-यात्रा को ‘नाटक-करतब-हताश कोशिश’ कहना बनाम वास्तविक जनसमर्थन; अब अभिलेखागारों में उपलब्ध)
खंड च — निबंधात्मक/विश्लेषणात्मक [6–8 अंक]
1असहयोग आंदोलन एक तरह का प्रतिरोध कैसे था? (NCERT अभ्यास 6)
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(संकेत: ऐच्छिक संबंधों का परित्याग — स्कूल-कॉलेज-अदालत-कर; फिशर-उद्धरण — प्रतिवाद, परित्याग, स्व-अनुशासन, स्वशासन का प्रशिक्षण; खिलाफ़त-संयोजन; अभूतपूर्व भागीदारी व अपने-अपने तरीक़े; 1857 के बाद पहली बार नींव हिली; चौरी-चौरा व अहिंसा की कसौटी)
2गोल मेज सम्मेलन में हुई वार्ता से कोई नतीजा क्यों नहीं निकल पाया? (NCERT अभ्यास 7)
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(संकेत: RTC-1 — प्रमुख नेता अनुपस्थित → निरर्थक; RTC-2 — कांग्रेस के ‘पूरे भारत के प्रतिनिधित्व’ के दावे को तीन चुनौतियाँ — लीग, रजवाड़े, अम्बेडकर; पृथक-निर्वाचिका विवाद (स्रोत 5-6); ब्रिटिश रणनीति — विभाजित दावेदार; गाँधी खाली हाथ; विलिंग्डन-रवैया; परिणाम — आंदोलन पुन:, 1935 का एकतरफ़ा एक्ट)
3महात्मा गाँधी ने राष्ट्रीय आंदोलन के स्वरूप को किस तरह बदल डाला? (NCERT अभ्यास 8)
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(संकेत: BHU-मंशा से 1922 तक; विशिष्ट-वर्गीय से जन-आंदोलन; तीन स्थानिक संघर्षों से भरोसा; धोती-चरखा-मातृभाषा; महात्मा-छवि व किसान-कल्पना; संगठन — शाखाएँ, प्रजा मंडल, भाषाई समितियाँ; महिला-भागीदारी; व्यापारी-उद्योगपति; समाज-सुधार का समावेश — खादी, छुआछूत, हिंदू-मुस्लिम एकता)
4निजी पत्रों और आत्मकथाओं से किसी व्यक्ति के बारे में क्या पता चलता है? ये स्रोत सरकारी ब्योरों से किस तरह भिन्न होते हैं? (NCERT अभ्यास 9)
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(संकेत: पत्र — निजी भाव: गुस्सा-पीड़ा-हताशाएँ (नेहरू का 5 जुलाई 1936); पर निजी-सार्वजनिक की टूटती सीमा, प्रकाशन-आशंका; आत्मकथा — मानवीय समृद्धि पर स्मृति-निर्भर, ‘तस्वीर गढ़ना’, चुप्पियाँ; सरकारी ब्योरे — पाक्षिक रिपोर्टें: संस्थागत दृष्टि, ‘क्या मानना चाहते थे’, आशंकाओं का दमन; भिन्नता — भावनात्मक आंतरिकता बनाम निगरानी-दृष्टि; इतिहासकार को मिलान चाहिए)
5“गाँधीवादी राष्ट्रवाद का विकास बहुत हद तक उनके अनुयायियों और संगठन पर निर्भर करता था।” — विवेचना कीजिए।
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(संकेत: 1917-22 का प्रतिभाशाली वर्ग — नौ नाम, विविध क्षेत्र-धर्म; कांग्रेस-शाखाएँ; प्रजा मंडल; मातृभाषा-नीति; भाषाई प्रांतीय समितियाँ; बिड़ला-जैसे समर्थक; किसान-कल्पना का स्वतंत्र योगदान (अमीन); निष्कर्ष — करिश्मा + संगठन + जन-व्याख्या तीनों का योग)
6नमक सत्याग्रह से गाँधी-इर्विन समझौते तक के घटनाक्रम का मूल्यांकन कीजिए।
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(संकेत: लाहौर-पूर्ण स्वराज; 26 जनवरी; नमक-चयन; दांडी; 60,000; तीन महत्त्व; RTC-1 की निरर्थकता; समझौते की शर्तें व आलोचना; RTC-2 की चुनौतियाँ; प्राप्ति बनाम सीमा का संतुलित निर्णय)
71939-1947 के दशक में कांग्रेस, मुस्लिम लीग और ब्रिटिश शासन के ‘तीन धुरियों के संघर्ष’ की विवेचना कीजिए।
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(संकेत: 1939 इस्तीफ़े; 1940 लीग-प्रस्ताव; चर्चिल-क्रिप्स; भारत छोड़ो बनाम लीग-विस्तार; 1944 जिन्ना-वार्ता; 1945 लेबर-वावेल; 1946 चुनाव-ध्रुवीकरण; कैबिनेट मिशन; प्रत्यक्ष कार्यवाही व हिंसा; माउंटबेटन — स्वतंत्रता+विभाजन)
8गाँधी जी के अंतिम महीनों को उनके जीवन का “श्रेष्ठतम क्षण” क्यों कहा गया है?
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(संकेत: 15 अगस्त कलकत्ता-उपवास; अस्पताल-शिविरों के चक्कर; भाईचारे का आह्वान; अल्पसंख्यक-अधिकार प्रस्ताव; धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र का संकल्प; दिल्ली की कठिन सभाएँ — क़ुरान-आपत्तियाँ; पाकिस्तान के अल्पसंख्यकों की समान चिंता; 20 व 26 जनवरी; शहादत; लिंकन-तुलना का अर्थ)
खंड छ — स्रोत-आधारित प्रश्न [4–5 अंक]
स्रोत 1 पर आधारित — “चरखा” (पृ. 292)
“मेरी आपत्ति मशीन के प्रति सनक से है। यह सनक श्रम बचाने वाली मशीनरी के लिए है। ये तब तक ‘श्रम बचाते’ रहेंगे जब तक कि हज़ारों लोग बिना काम के और भूख से मरने के लिए सड़कों पर न फेंक दिए जाएँ। मैं… सभी के लिए समय और श्रम बचाना चाहता हूँ: मैं धन का केंद्रीकरण कुछ ही लोगों के हाथों में नहीं बल्कि सभी के हाथों में करना चाहता हूँ।” (यंग इंडिया, 13 नवंबर 1924)
1गाँधी जी की आपत्ति किससे थी — मशीन से या किसी और चीज़ से? (2)
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मशीन से नहीं, “मशीन के प्रति सनक” से — विशेषकर ‘श्रम बचाने वाली’ मशीनरी की उस दौड़ से जो हज़ारों को बेरोज़गार-भूखा कर दे; (17-3-1927 का अंश — खद्दर मशीनरी को नष्ट नहीं करना चाहता, प्रयोग को नियमित व विकास को नियंत्रित करता है; “पहिया अपने आप में मशीनरी का उत्कृष्ट नमूना”)।
2वे धन का केंद्रीकरण किनके हाथों में चाहते थे? (1)
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कुछ ही लोगों के नहीं — सभी के हाथों में।
3चरखा किन दो व्यावहारिक-सामाजिक उद्देश्यों की पूर्ति करता था? (2)
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ग़रीबों को पूरक आमदनी व स्वावलंबन; तथा (कताई से) मानसिक-शारीरिक श्रम की जाति-आधारित दीवार तोड़ना।
स्रोत 2 पर आधारित — “चामत्कारिक व अविश्वसनीय” (पृ. 293-294)
1ये अफ़वाहें किसने, कहाँ से संकलित कीं? (1)
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इतिहासकार शाहिद अमीन ने; संयुक्त प्रांत के स्थानीय समाचार-पत्रों से (‘गाँधी जी एज़ महात्मा’, सबाल्टर्न स्टडीज़ III)।
2सिकंदर साहू और आज़मगढ़ के किसान की कसौटियाँ क्या थीं? (2)
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साहू — कारख़ाने का उबलता कड़ाहा दो भाग में टूट जाए तो विश्वास; किसान — खेत का गेहूँ तिल में बदल जाए तो प्रामाणिकता मानूँ — दोनों ‘घटित’ बताई गईं।
3अध्याय 10 की अफ़वाह-विधि से इन कहानियों का क्या अर्थ निकलता है? (2)
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अफ़वाहें सच-झूठ से नहीं, मानने वालों की मानसिकता से पढ़ी जाती हैं — किसान गाँधी में उद्धारक (करों-अधिकारियों से रक्षक, मर्यादा लौटाने वाला) देखना चाहते थे; उनकी शक्ति की कहानियाँ किसानों की आशाओं-आकांक्षाओं का दस्तावेज़ हैं।
स्रोत 4 पर आधारित — “कल हम नमक कर क़ानून तोड़ेंगे” (पृ. 298)
1यह भाषण कब-कहाँ दिया गया? (1)
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5 अप्रैल 1930 को दाण्डी में (नमक बनाने से एक दिन पहले)।
2गाँधी सरकार को ‘बधाई’ किस बात के लिए और किस व्यंग्य के साथ देते हैं? (2)
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गिरफ़्तार न करने के लिए — भले ही उसने “विश्व जनमत का ख़याल करके ही यह फ़ैसला” किया हो; ‘शांति की सेना’ को गिरफ़्तार करने का साहस न होने की स्वीकारोक्ति सरकार की प्रशंसा-योग्य ‘शर्म’ है।
3“उसे नेता की ज़रूरत नहीं रह जाती” — इस वाक्य से आंदोलन के किस सिद्धांत का पता चलता है? (2)
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आंदोलन जन-शक्ति पर आधारित है, व्यक्ति-केंद्रित नहीं — “जब एक पूरा राष्ट्र उठ खड़ा होता है और आगे बढ़ने लगता है” तो नेताओं की गिरफ़्तारी उसे रोक नहीं सकती; यही गाँधी की औपनिवेशिक राज्य के प्रति दृष्टि (नैतिक रूप से खोखली, जन-सहमति-विहीन सत्ता) भी दिखाता है।
स्रोत 5-6 पर आधारित — पृथक निर्वाचिका बहस (पृ. 300-301)
1गाँधी के अनुसार पृथक निर्वाचिका का ‘अस्पृश्यों’ पर क्या असर होगा? (2)
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उनकी “दासता स्थायी” रूप ले लेगी; उनके प्रति कलंक का भाव और मज़बूत होगा; ज़रूरत ‘अस्पृश्यता’ के विनाश की है।
2अम्बेडकर दमित वर्गों की स्थिति के कौन-से तीन आयाम गिनाते हैं? (2)
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धार्मिक — धर्म “सम्माननीय स्थान देने की बजाय कोढ़ियों की तरह” देखता है; आर्थिक — “दो वक़्त की रोटी के लिए सवर्ण हिंदुओं पर पूरी तरह आश्रित”, आजीविका का स्वतंत्र साधन नहीं; ऐतिहासिक-सामाजिक — “समग्र इतिहास में हिंदू समाज ने… हर संभावना को बंद” किया।
3दोनों के समाधान किस बिंदु पर टकराते हैं? (1)
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गाँधी — सामाजिक सुधार (अस्पृश्यता-विनाश) से एकीकरण; अम्बेडकर — “राजनीतिक सत्ता में हिस्सा” ही “संगठित निरंकुशता के विरुद्ध जीवन के संघर्ष का एकमात्र रास्ता” — सुधार की प्रतीक्षा बनाम सत्ता-सुरक्षा का टकराव।
स्रोत 7 पर आधारित — “एक घटना पत्रों के आइने में” (पृ. 307-309)
11936 का संकट क्या था? (2)
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कांग्रेस-अध्यक्ष नेहरू के समाजवादी वक्तव्यों (फ़ासीवाद-विरोध; मज़दूर-किसान समर्थन) से चिंतित राजेंद्र प्रसाद-सरदार पटेल के नेतृत्व में वर्किंग कमेटी ने इस्तीफ़े की धमकी दी; बम्बई के उद्योगपतियों का आलोचना-बयान; वर्धा में गाँधी की मध्यस्थता से संकट टला।
2नेहरू के पत्र (5 जुलाई) से उनके किन निजी भावों का पता चलता है? (2)
उत्तर देखिए
शारीरिक दुर्बलता-मानसिक अशांति; बैठकों की थकान — “हर नए अनुभव के बाद और ज़्यादा बूढ़ा”; आहत-भाव — “मैं एक असहनीय मुसीबत बन चुका हूँ”; पर दृढ़ता — “मेरे विचार आकस्मिक नहीं… वे मेरा हिस्सा हैं।”
3बापू के पत्र (15 जुलाई) की मध्यस्थता-शैली की दो विशेषताएँ लिखिए। (1)
उत्तर देखिए
दोनों पक्षों को आईना — साथियों में “साहस-बेबाकी नहीं”, पर नेहरू के “फटकार-साहबी अंदाज” व “श्रेष्ठतर ज्ञान के भाव” पर भी टिप्पणी; स्नेह-हास्य से भारी बात हलकी — “काँटों का ताज… उतारना मत”, लाहौर-नृत्य की याद, “कंठ को थोड़ा आराम दो।”
स्रोत 8 पर आधारित — “गृह विभाग की पाक्षिक रिपोर्टें” (पृ. 311-312)
1मार्च 1930 के पहले पखवाड़े में गुजरात के बारे में रिपोर्ट क्या कहती है? (1)
उत्तर देखिए
तेज़ राजनीतिक बदलावों पर नज़र; असर का अंदाज़ा मुश्किल; रबी अच्छी होने से किसान कटाई में व्यस्त; विद्यार्थी परीक्षा-तैयारी में — (यानी ‘सामान्य जीवन’ की तसवीर)।
2बंगाल-रिपोर्ट का कौन-सा वाक्य अनजाने में आंदोलन की एक बड़ी विशेषता दर्ज कर देता है? (2)
उत्तर देखिए
“गौरतलब बात यह है कि इन बैठकों में महिलाओं की संख्या बढ़ती जा रही है” — ‘उत्साह नहीं’ की रट के बीच नमक सत्याग्रह की ऐतिहासिक महिला-भागीदारी का प्रमाण।
3इन रिपोर्टों में ‘उत्साह नहीं’ की बार-बार की टिप्पणी को इतिहासकार कैसे पढ़ते हैं? (2)
उत्तर देखिए
रिपोर्टें वही दिखातीं जो “आला अधिकारी… मानना चाहते थे” — राजद्रोह की आशंका मानते हुए भी स्वयं को आश्वस्त करना कि आशंका निराधार है; 60,000 गिरफ़्तारियाँ, केसरी-स्वर व नेहरू-गिरफ़्तारी जैसे तथ्यों से मिलान करने पर रिपोर्टों की ‘चयनित अंधता’ उजागर होती है।