अध्याय 5समकालीन विश्व में सुरक्षा

पाठ योजना13 मिनटस्रोत जाँचे गए

कक्षा: 12 · विषय: राजनीति विज्ञान · पुस्तक: समकालीन विश्व राजनीति (पुस्तक 1) पाठ्यपुस्तक पृष्ठ: 63–80 · कुल कालांश: 6 (+1 वैकल्पिक गतिविधि)

अध्याय-स्तरीय अधिगम-प्रतिफल

पाठ पूरा होने पर विद्यार्थी —

  1. ‘सुरक्षा’ की परिभाषा दे सकेंगे और बता सकेंगे कि उसमें ‘केंद्रीय मूल्य’ और ‘गंभीर खतरे’ की शर्तें क्यों जोड़ी जाती हैं।
  2. पारंपरिक और अपारंपरिक सुरक्षा में अंतर कर सकेंगे — संदर्भी, खतरे और तरीके, तीनों स्तरों पर।
  3. युद्ध की स्थिति में तीन विकल्प, शक्ति-संतुलन और गठबंधन की व्याख्या कर सकेंगे।
  4. निरस्त्रीकरण, अस्त्र-नियंत्रण और विश्वास बहाली में भेद कर सकेंगे और BWC, CWC, ABM, NPT को सही खाने में रख सकेंगे।
  5. मानवता की सुरक्षा और विश्व सुरक्षा का अर्थ बता सकेंगे तथा ‘अभाव से मुक्ति’ और ‘भय से मुक्ति’ में अंतर कर सकेंगे।
  6. खतरे के नये स्रोतों — आतंकवाद, मानवाधिकार, वैश्विक निर्धनता, प्रवासन, महामारी — का विश्लेषण कर सकेंगे।
  7. आप्रवासी, शरणार्थी और आंतरिक रूप से विस्थापित जन में भेद कर सकेंगे।
  8. सहयोगमूलक सुरक्षा की आवश्यकता तर्क सहित सिद्ध कर सकेंगे।
  9. भारत की सुरक्षा-नीति के चार घटक बता सकेंगे और यह समझा सकेंगे कि लोकतंत्र स्वयं एक सुरक्षा-साधन कैसे है।

कालांश 1 — ‘सुरक्षा’ क्या है और कौन तय करता है?

पाठ्यपुस्तक: पृ. 63–65 · परिचय + खंड ‘सुरक्षा क्या है?’

समयगतिविधि
0–5 मिनटहुक — बोर्ड पर लिखिए: “यह देश की सुरक्षा का मामला है, इस पर बहस नहीं हो सकती।” पूछिए — “यह वाक्य बहस शुरू करता है या बंद?” दो-तीन उत्तर लीजिए। फिर पाठ्यपुस्तक की पंक्ति पढ़िए — “बहस या चर्चा को रोकना हो तो अक्सर इस जुमले का इस्तेमाल होता है।”
5–12 मिनटपरिभाषा और उसकी सीमा। “सुरक्षा का बुनियादी अर्थ है — खतरे से आजादी।” पर हर खतरा नहीं। पूछिए — “अगर हर खतरा सुरक्षा का मसला हो तो क्या होगा?” उत्तर बोर्ड पर: “हर घड़ी और हर जगह सुरक्षा के ही सवाल नज़र आयेंगे।”
12–22 मिनट★‘केंद्रीय मूल्य’ की कसौटी। दो शर्तें बोर्ड पर — (1) केंद्रीय मूल्यों को खतरा, (2) खतरा इतना गंभीर कि क्षति ‘अपूरणीय’ हो। फिर पाठ का अपना सवाल दागिए — “किसके केंद्रीय मूल्य? सरकार के या नागरिक के?”
22–32 मिनट★‘विवादग्रस्त धारणा’। “करीब 200 मुल्कों के 7 अरब लोग सुरक्षा की एक जैसी धारणा रखते हों?” — तीन उदाहरण कक्षा से निकलवाइए: एक मछुआरा, एक सैनिक, एक किसान — तीनों के लिए ‘सुरक्षा’ क्या है?
32–38 मिनटकार्टून (पृ. 64) — कबूतर पर सवार सैनिक। प्रश्न: “‘शांति-सेना’ स्वयं में विरोधाभास है?” 2 मिनट जोड़ी-चर्चा, फिर 3 उत्तर।
38–40 मिनटसमापन। अगली कक्षा की भूमिका: “अब हम पहला नज़रिया देखेंगे — जिसमें खतरा हमेशा सीमा के पार से आता है।”

गृहकार्य: पाठ्यपुस्तक पृ. 65–67 पढ़कर आइए। तीन विकल्पों को अपने शब्दों में लिखिए।

कालांश 2 — पारंपरिक सुरक्षा : बाहरी

पाठ्यपुस्तक: पृ. 65–67

समयगतिविधि
0–4 मिनटपुनरावृत्ति — दो शर्तें (केंद्रीय मूल्य + गंभीर खतरा) मौखिक रूप से।
4–10 मिनट★पारंपरिक धारणा। बोर्ड पर तीन शब्द: संप्रभुता · स्वतंत्रता · क्षेत्रीय अखंडता। “सैन्य ख़तरे को सबसे ज्यादा ख़तरनाक माना जाता है”; “इस ख़तरे का स्रोत कोई दूसरा मुल्क होता है।”
10–20 मिनट★★तीन विकल्प — बोर्ड पर सारणी बनवाइए। आत्मसमर्पण / अपरोध / रक्षा। फिर वह मार्मिक बात: “कोई सरकार आत्मसमर्पण को अपनी नीति के रूप में कभी नहीं प्रचारित करना चाहेगी।” इसलिए सुरक्षा-नीति = अपरोध + रक्षा।
20–28 मिनट★शक्ति-संतुलन। “कोई देश अपने अड़ोस-पड़ोस में देखने पर पाता है…” — मुख्य बात: इरादा नहीं, क्षमता देखी जाती है। “हमले का कोई प्रकट कारण भी नहीं जान पड़ता। फिर भी…” जोड़िए — आर्थिक और प्रौद्योगिकी ताकत भी, क्योंकि यही सैन्य-शक्ति का आधार है।
28–36 मिनट★गठबंधन। परिभाषा; लिखित संधि; और सबसे बड़ी बात — “राष्ट्रीय हितों के बदलने पर गठबंधन भी बदल जाते हैं।” उदाहरण अवश्य दीजिए: 1980 का दशक बनाम 11 सितंबर 2001।
36–40 मिनट★★‘खतरा बाहर से क्यों’ — अराजकता का तर्क। देश के भीतर सरकार है; विश्व में कोई केंद्रीय सत्ता नहीं; UN “अपने सदस्य देशों का दास है”; इसलिए “हर देश को अपनी सुरक्षा की जिम्मेदारी खुद उठानी होती है।”

गृहकार्य: प्रश्न 6, 7, 8 के उत्तर बिंदुवार लिखिए।

कालांश 3 — आंतरिक सुरक्षा और पारंपरिक तरीके

पाठ्यपुस्तक: पृ. 67–70

समयगतिविधि
0–5 मिनटप्रश्न से शुरू करें: “अगर किसी देश के भीतर रक्तपात हो रहा हो तो वह देश सुरक्षित कैसे हो सकता है?”
5–14 मिनट★1945 के बाद यह पहलू उपेक्षित क्यों रहा। अमरीका-सोवियत संघ “अपनी सीमा के अंदर एकीकृत और शांति संपन्न”; पश्चिमी यूरोप को भीतर से खतरा नहीं। पर उपनिवेशों में था — फ्रांस/वियतनाम (1950 का दशक), ब्रिटेन/केन्या (1950-60 का दशक)।
14–24 मिनट★★नव-स्वतंत्र देशों की दो विशिष्ट चुनौतियाँ। बोर्ड पर: (1) पड़ोसी से हमला, (2) अंदरूनी सैन्य-संघर्ष। और तीसरी परत — जब पड़ोसी अंदरूनी आंदोलन को हवा दे, तो दोनों जुड़ जाते हैं। दो आँकड़े ज़ोर देकर: 95% संघर्ष अब आंतरिक; 1946–1991 में गृहयुद्ध बारहगुने — 200 वर्षों की सबसे लंबी छलांग।
24–32 मिनट★न्याय-युद्ध की परंपरा। दो पक्ष — लक्ष्य (आत्म-रक्षा या जनसंहार रोकना) और साधन (निहत्थे को न मारें; उतना ही बल; बल अंतिम उपाय)।
32–40 मिनट★★तीन तरीके — सारणी बोर्ड पर। निरस्त्रीकरण / अस्त्र-नियंत्रण / विश्वास बहाली। BWC-1972-155+, CWC-1997-193 यहीं। यह ध्यान दिलाइए — महाशक्तियों ने जैविक-रासायनिक तो छोड़ दिए, परमाणु नहीं छोड़ा — इसीलिए अस्त्र-नियंत्रण।

गृहकार्य: प्रश्न 1 का सुमेल कीजिए। BWC, CWC, ABM, NPT की चार-पंक्ति की तालिका बनाइए।

कालांश 4 — अपारंपरिक धारणा : मानवता और विश्व की सुरक्षा

पाठ्यपुस्तक: पृ. 68–72 (NPT से आगे)

समयगतिविधि
0–6 मिनट★★NPT — 1967 की रेखा। बोर्ड पर एक समयरेखा खींचिए: 1967 ⟵ अनुमति
6–12 मिनटCBMs और पारंपरिक धारणा का निष्कर्ष: ★★“सैन्य बल से सुरक्षा को खतरा पहुँचता है और सैन्य बल से ही सुरक्षा को कायम रखा जा सकता है।” — इसे बोर्ड पर लिखवाइए; यही मोड़ है।
12–22 मिनट★★अपारंपरिक धारणा — चार सवाल। सुरक्षा किसकी? किन चीजों की? किन खतरों से? किन तरीकों से? संदर्भी का बदलाव — राज्य से व्यक्ति, समुदाय, समूची मानवता। नाम: ‘मानवता की सुरक्षा’ / ‘विश्व-रक्षा’।
22–30 मिनट★★वह पंक्ति जो कक्षा को चुप कर देती है: “पिछले 100 वर्षों में जितने लोग विदेशी सेना के हाथों मारे गए उससे कहीं ज्यादा लोग खुद अपनी ही सरकारों के हाथों खेत रहे।” इसे पढ़कर 10 सेकंड रुकिए। फिर: “सुरक्षित राज्य का मतलब हमेशा सुरक्षित जनता नहीं होता।”
30–36 मिनट★तीन अर्थ — संकीर्ण / व्यापक / व्यापकतम। कोफ़ी अन्नान का उद्धरण; फिर ‘अभाव से मुक्ति’ और ‘भय से मुक्ति’।
36–40 मिनट★विश्व सुरक्षा। “कोई भी देश इन समस्याओं का समाधान अकेले नहीं कर सकता।” दो मीटर का उदाहरण — बांग्लादेश 20%, मालदीव लगभग पूरा, थाईलैंड की 50% आबादी।

गृहकार्य: प्रश्न 3 और 9 के उत्तर लिखिए।

कालांश 5 — खतरे के नये स्रोत

पाठ्यपुस्तक: पृ. 72–76

समयगतिविधि
0–4 मिनटकार्टून (पृ. 72) से शुरू करें — ‘TRAIN INFORMATION’ बोर्ड: मैड्रिड 3.11, लंदन 7.7, मुंबई 7.11 — Arrived; अगला ट्रैक ’?’ पूछिए — “यह कार्टून क्या कह रहा है?”
4–12 मिनट★आतंकवाद। परिभाषा शब्दश:; ‘अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद’ का अर्थ; तरीके; 11 सितंबर 2001; और यह ईमानदार टिप्पणी — “आतंकवाद कोई नयी परिघटना नहीं है”, पहले भी मध्यपूर्व, यूरोप, लातिनी अमरीका और दक्षिण एशिया में होता रहा है।
12–20 मिनट★मानवाधिकार — तीन कोटियाँ बोर्ड पर। फिर असहमति का बिंदु: वर्गीकरण पर सहमति है, पर किसे सार्वभौम माना जाए और हस्तक्षेप हो या नहीं — इस पर नहीं। रवांडा, कुवैत, पूर्वी तिमूर। दोनों पक्ष रखिए, कोई एक थोपिए नहीं।
20–28 मिनट★वैश्विक निर्धनता। 760 करोड़ → 1000 करोड़; 50% वृद्धि छह देशों में (भारत सहित — यह विद्यार्थियों को चौंकाता है); तंत्र: उच्च आय + कम वृद्धि = और धनी; निम्न आय + तीव्र वृद्धि = और गरीब। उत्तर-दक्षिण और दक्षिण के भीतर असमानता। सहारा-दक्षिणवर्ती अफ्रीका = सबसे ज्यादा संघर्ष + सबसे ज्यादा गरीबी।
28–35 मिनट★★तीन शब्द, तीन खाने — बोर्ड पर। आप्रवासी (मर्जी)
35–40 मिनट★महामारी। 4 करोड़ (2003), दो-तिहाई अफ्रीका; मैड-काऊ, बर्ड फ्लू के आर्थिक असर; निष्कर्ष — “राष्ट्रीय सीमाएँ अब पहले की तुलना में कम सार्थक रह गई हैं।”

गृहकार्य: प्रश्न 2 (छह उपभाग) और प्रश्न 4 के उत्तर लिखिए।

कालांश 6 — सीमा, सहयोग और भारत

पाठ्यपुस्तक: पृ. 76–79

समयगतिविधि
0–8 मिनट★★‘सीमा कहाँ खींचें’ — यह खंड छोड़िए मत। “हर चीज सुरक्षा का मसला हो सकती है” → इसलिए ‘सर्व स्वीकृत न्यूनतम मानक’ चाहिए। कसौटी: “अगर किसी मसले से संदर्भी के अस्तित्व को खतरा हो रहा हो।” तीन उदाहरण: मालदीव, दक्षिणी अफ्रीका (6 में 1; बोस्तवाना 3 में 1), रवांडा 1994 (5 लाख)।
8–18 मिनट★सहयोगमूलक सुरक्षा। वह तर्क जो प्रश्न-पत्र में सीधा काम आता है: “गरीबी मिटाने, तेल की आपूर्ति बढ़ाने, शरणार्थियों के प्रबंधन तथा महामारी के नियंत्रण में सैन्य-बल से क्या मदद मिलेगी?” → “ऐसे अधिकांश मसलों में सैन्य-बल के प्रयोग से मामला और बिगड़ेगा।” कौन-कौन शामिल — सारणी। और फिर भी बल — अंतिम उपाय, सामूहिक स्वीकृति से।
18–34 मिनट★★भारत — चार घटक। बोर्ड पर चार खाने बनाइए और भरवाइए: (1) सैन्य-क्षमता (1947-48/65/71/99, 1962; 1974, 1998) · (2) अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएँ (नेहरू, सार्वभौम-बिना भेदभाव नीति, NIEO, गुटनिरपेक्षता, क्योटो-1997-160 देश, शांतिसेना) · (3) आंतरिक सुरक्षा (नगालैंड, मिजोरम, पंजाब, कश्मीर → लोकतांत्रिक व्यवस्था) · (4) आर्थिक विकास (गरीबी और असमानता; “आंशिक रूप से सफल”)।
34–40 मिनट★★समापन-वाक्य बोर्ड पर लिखवाइए: “लोकतंत्र सिर्फ राजनीतिक आदर्श नहीं है; लोकतांत्रिक शासन जनता को ज्यादा सुरक्षा मुहैया कराने का साधन भी है।” फिर प्रश्न 11 पर 3 मिनट की खुली बहस — भारत के लिए कौन-सी सुरक्षा को वरीयता?

गृहकार्य: प्रश्न 5, 10, 11, 12 के उत्तर लिखिए। प्रश्न 12 का कार्टून ज़रूर देखिए।

वैकल्पिक कालांश 7 — ‘आओ मिलजुल कर करें’ (पृ. 78)

चार गाँवों की गतिविधि — पाठ्यपुस्तक में मुद्रित

चरणविवरण
1कहानी सुनाइए — नदी किनारे चार गाँव: कोटाबाग, गेवली, कंडली, गोप्पा। कोटाबाग सबसे पहले बसा (ऐतिहासिक दावा); कंडली-गेवली की आबादी ज्यादा (जनसंख्या का दावा); गोप्पा रईस (आर्थिक दावा)। संसाधन नहीं बढ़े, आबादी बढ़ी।
2कक्षा को चार समूहों में बाँटिए, हर समूह एक गाँव। हर समूह को उसके गाँव की विशेषता का नोट दीजिए।
315 मिनट — हर समूह अपनी रणनीति तय करे।
420 मिनट — नुमाइंदों की मुक्त चर्चा; समाधान निकालने का प्रयास।
समापन★गाँवों को राष्ट्र के रूप में पढ़िए — सुरक्षा/खतरे को भौगोलिक अखंडता, संसाधनों तक पहुँच, विद्रोह से जोड़िए। बताइए कि राष्ट्र भी ठीक इसी तरह बातचीत करते हैं — और “पूरी बहस बगैर किसी मकसद को साधे खत्म हो जाएगी” होना भी एक वास्तविक परिणाम है।

शिक्षक के लिए त्वरित संकेत

  • पूरे अध्याय की रीढ़ एक ही सारणी है — पारंपरिक बनाम अपारंपरिक, तीन पंक्तियों में: संदर्भी कौन · खतरा क्या · तरीका क्या। हर कालांश के अंत में उसी सारणी में एक पंक्ति और जोड़ते जाइए।
  • आँकड़े दो हैं जो बच्चे भूलते नहीं — 95% और बारहगुनी। इन्हें कालांश 3 में बोर्ड के कोने में लिखकर पूरे अध्याय तक मिटाइए मत।
  • 1967 बनाम 1968 — हर साल की सबसे आम गलती। कालांश 4 की समयरेखा को दोहराइए।
  • ! मानवाधिकार-हस्तक्षेप और आतंकवाद — दोनों संवेदनशील हैं। पाठ्यपुस्तक स्वयं दोनों पक्ष देती है; कक्षा में भी दोनों रखिए और अपनी राय थोपने से बचिए।
  • अंतिम कालांश में समय बचे तो प्रश्न 12 का कार्टून (WAR के पीछे TERRORISM के पिल्ले) कक्षा में खुला छोड़ दीजिए — यह सबसे अच्छा उत्तर-लेखन अभ्यास है।