अध्याय 5कांग्रेस प्रणाली : चुनौतियाँ और पुनर्स्थापना

पाठ योजना11 मिनटस्रोत जाँचे गए

कक्षा: 12 · विषय: राजनीति विज्ञान — स्वतंत्र भारत में राजनीति · पृष्ठ: 72–91 कुल कालांश: 5 (प्रत्येक 40 मिनट)

🎯 अधिगम-प्रतिफल

पाठ पूरा होने पर विद्यार्थी —

  1. बता सकेगा कि भारत ने नेहरू के बाद उत्तराधिकार का सवाल दो बार लोकतांत्रिक ढंग से हल किया;
  2. 1967 के ‘राजनीतिक भूकंप’ के कारण, परिणाम और उससे उपजी गठबंधन तथा दल-बदल की राजनीति समझा सकेगा;
  3. ‘गैर-कांग्रेसवाद’ की परिभाषा और लोहिया का तर्क बता सकेगा;
  4. 1969 की टूट का क्रम — दस-सूत्री कार्यक्रम → राष्ट्रपति चुनाव → निष्कासन → कांग्रेस (ओ)/(आर) — बता सकेगा;
  5. ★यह सिद्ध कर सकेगा कि 1971 में कांग्रेस लौटी ज़रूर, पर एक अलग पार्टी बनकर — और यही अध्याय का उत्तर है।

कालांश 1 · नेहरू के बाद — उत्तराधिकार की दो परीक्षाएँ

पृष्ठ 72–75

समयगतिविधि
6 मिनट★★कार्टून से आरंभ (पृ. 72) — लक्ष्मण का चार-खाने वाला कार्टून दिखाइए: 1 YEAR · 9 YEARS · 17 YEARS · 22 YEARS। पूछिए: “कांग्रेस का पुराना चुनाव-चिह्न क्या था?” → दो बैलों की जोड़ी। फिर: “22 साल बाद यानी कौन-सा वर्ष?” → 1969। यही पूरा अध्याय है।
6 मिनट📰 पृ. 73 का अख़बार: “PRIME MINISTER NEHRU IS DEAD” (28 मई 1964) और साथ का कार्टून “The Void”। पूछिए: “यह शून्य कौन भरेगा?”
8 मिनट! तीन अंतर्राष्ट्रीय आशंकाएँ बोर्ड पर — लोकतंत्र टिकेगा? · उत्तराधिकार लोकतांत्रिक ढंग से हल होगा? · सेना उतर आएगी? और ‘खतरनाक दशक’ के चार कारण: गरीबी · गैर-बराबरी · सांप्रदायिक विभाजन · क्षेत्रीय विभाजन।
5 मिनट★हाशिये का प्रश्न पढ़िए (पृ. 73): “फ्रांस और कनाडा में ऐसी सूरत हो तो कोई लोकतंत्र के असफल होने की बात नहीं कहता। हम ही आखिर इतने शक में क्यों पड़े रहते हैं?” — दो मिनट की चर्चा।
8 मिनट★★पहली परीक्षा — 1964: कामराज का सलाह-मशविरा → सभी शास्त्री के पक्ष में → निर्विरोध चुने गए। शास्त्री का परिचय: उ.प्र. के, विवादरहित, सादगी, और ★रेल दुर्घटना पर नैतिक जिम्मेवारी लेकर इस्तीफ़ा।
5 मिनट★★दूसरी परीक्षा — 1966: इंदिरा गाँधी बनाम मोरारजी देसाई → सर्वसम्मति नहीं बनी → गुप्त मतदान → दो-तिहाई से अधिक मत। निष्कर्ष: “सत्ता का हस्तांतरण शांतिपूर्ण ढंग से हुआ — इसे भारतीय लोकतंत्र की परिपक्वता के रूप में देखा गया।”
2 मिनटमौखिक जाँच: “‘खतरनाक दशक’ क्यों? 1964 और 1966 में उत्तराधिकार कैसे तय हुआ?”

गृहकार्य: पृ. 74–75 से शास्त्री और इंदिरा गाँधी के जीवनी-बॉक्स अपनी कॉपी में उतारिए।

कालांश 2 · 1967 — ‘राजनीतिक भूकंप’

पृष्ठ 76–79

समयगतिविधि
7 मिनट★★आर्थिक संकट के आठ कारक बोर्ड पर — मानसून की असफलता · व्यापक सूखा · पैदावार में गिरावट · खाद्य संकट · विदेशी मुद्रा-भंडार में कमी · औद्योगिक उत्पादन में गिरावट · निर्यात में गिरावट · सैन्य खर्च में भारी बढ़ोतरी। ★अंतिम को अध्याय 3 और 4 से जोड़िए।
4 मिनट! रुपये का अवमूल्यन — 1 डॉलर = 5 रुपये → 7 रुपये; “माना गया कि यह अमरीका के दबाव में किया गया।”
6 मिनट★★वह वाक्य रेखांकित करवाइए: “सरकार ने इसे कानून और व्यवस्था की समस्या माना न कि जनता की बदहाली की अभिव्यक्ति।” पूछिए: “इसका नतीजा क्या हुआ?” → जन विरोध और उग्र हुआ।
8 मिनट★★गैर-कांग्रेसवाद। लोहिया का नामकरण और उनका सैद्धांतिक तर्क: “कांग्रेस का शासन अलोकतांत्रिक और गरीबों के हितों के खिलाफ़ है, इसलिए गैर-कांग्रेसी दलों का एक साथ आना जरूरी है, ताकि गरीबों के हक में लोकतंत्र को वापस लाया जा सके।” साथ में अन्नादुरई और लोहिया के बॉक्स।
4 मिनट! नेविए मैक्सवेल का अवतरण पढ़िए — “भारत को लोकतांत्रिक ढाँचे के भीतर विकसित करने का महान प्रयोग असफल हो चुका है…” पूछिए: “यह भविष्यवाणी सही निकली या गलत?”
9 मिनट★★जनादेश: फरवरी 1967, चौथे आम चुनाव; कांग्रेस पहली बार नेहरू के बिना। ‘राजनीतिक भूकंप’। लोकसभा में जैसे-तैसे बहुमत, पर वोट-प्रतिशत और सीटें रिकॉर्ड न्यूनतम; आधे मंत्री हारे; ★चार दिग्गज हारे — कामराज, एस.के. पाटिल, अतुल्य घोष, के.बी. सहाय।
2 मिनट🗺️ पृ. 79 का मानचित्र दिखाइए — लाल और पीले राज्य; राजस्थान का विशेष मामला।

गृहकार्य: प्रश्न 1 और प्रश्न 6 — कारण सहित।

कालांश 3 · गठबंधन, दल-बदल और सिंडिकेट

पृष्ठ 80–82

समयगतिविधि
8 मिनट★★राज्यों का हिसाब बोर्ड पर: 7 राज्यों में बहुमत नहीं + 2 राज्यों में दलबदल = कुल 9 राज्यों में सत्ता गई। नौ नाम लिखवाइए: पंजाब, हरियाणा, उ.प्र., म.प्र., बिहार, प. बंगाल, उड़ीसा, मद्रास, केरल।
6 मिनट★★मद्रास और डीएमके — हिंदी-विरोधी आंदोलन का नेतृत्व; पूर्ण बहुमत। “चुनावी इतिहास में यह पहली घटना थी जब किसी गैर-कांग्रेसी दल को किसी राज्य में पूर्ण बहुमत मिला।” और ★वह प्रसिद्ध पंक्ति: “दिल्ली से हावड़ा जाने वाली ट्रेन एक भी कांग्रेस-शासित राज्य से नहीं गुज़रेगी।”
8 मिनट★गठबंधन: संयुक्त विधायक दल की सरकारें। बिहार का उदाहरण ज़रूर दीजिए — एसएसपी, पीएसपी, वामपंथी सीपीआई और दक्षिणपंथी जनसंघ — एक ही सरकार में। पंजाब का ‘पॉपुलर यूनाइटेड फ्रंट’।
7 मिनट★★दल-बदल की परिभाषा लिखवाइए, फिर ‘आया राम-गया राम’ का पूरा किस्सा — गया लाल, एक पखवाड़े में तीन बार, कांग्रेस में लौटने के 9 घंटे बाद फिर पलटना, और राव वीरेन्द्र सिंह की घोषणा। ★अंत में: “बाद में दल-बदल रोकने के लिए संविधान में संशोधन किया गया।”
9 मिनट★★सिंडिकेट का बॉक्स — पाँच नाम और उनके प्रांत: कामराज (मद्रास) · एस.के. पाटिल (बंबई) · निजलिंगप्पा (मैसूर) · संजीव रेड्डी (आं.प्र.) · अतुल्य घोष (प. बंगाल)। ★और वह गणना: “वरिष्ठ नेताओं ने संभवतया यह सोचकर समर्थन किया होगा कि… इंदिरा गाँधी उन पर निर्भर रहेंगी।”
2 मिनटमौखिक जाँच: “नौ राज्य? डीएमके क्यों जीती? ‘आया राम-गया राम’ किससे जुड़ा है? सिंडिकेट के पाँच नाम?”

गृहकार्य: प्रश्न 8 — सिंडिकेट का अर्थ और उसकी भूमिका।

कालांश 4 · 1969 — कांग्रेस में विभाजन

पृष्ठ 82–85

समयगतिविधि
8 मिनट★★इंदिरा गाँधी की दो चुनौतियाँ और उनकी रणनीति। यह वाक्य बोर्ड पर घेर दीजिए: “उन्होंने एक साधारण से सत्ता-संघर्ष को विचारधारात्मक संघर्ष में बदल दिया।” पूछिए: “अगर लड़ाई ‘कौन प्रधानमंत्री बने’ की हो तो जनता को क्या लेना-देना? और अगर वह ‘अमीर बनाम गरीब’ की हो जाए?”
6 मिनट★दस-सूत्री कार्यक्रम (मई 1967) के छह प्रावधान लिखवाइए। ! और यह भी: “सिंडिकेट ने औपचारिक स्वीकृति दी, पर मन में गहरे संदेह थे।”
10 मिनट★★राष्ट्रपति चुनाव, 1969 — पूरा क्रम बोर्ड पर: ज़ाकिर हुसैन की मृत्यु → सिंडिकेट ने संजीव रेड्डी को आधिकारिक उम्मीदवार बनाया → इंदिरा गाँधी ने वी.वी. गिरि को स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में बढ़ावा दिया → निजलिंगप्पा का ‘व्हिप’ → इंदिरा गाँधी का ‘अंतरात्मा की आवाज़ पर वोट’ → गिरि की जीत।
5 मिनट🎨 पृ. 83 का लक्ष्मण-कार्टून — गिरि विजयी मुक्केबाज़, निजलिंगप्पा घुटनों पर। पाठ का प्रश्न पूछिए: “इंदिरा गाँधी को मुक्केबाज़ी का दस्ताना पहने क्यों दिखाया गया है?”
7 मिनट★★विभाजन: निष्कासन → “मेरी पार्टी ही असली कांग्रेस है” → नवंबर 1969 तक कांग्रेस (ओ) ‘पुरानी’ और कांग्रेस (आर) ‘नयी’। ! निजलिंगप्पा का 11 नवंबर 1969 का पत्र पढ़िए — ”…राजनीतिक आत्ममोह का शिकार हो जाता है…”
4 मिनट📦 ‘प्रिवी पर्स’ का बॉक्स — आश्वासन → संविधान के समानता-सिद्धांत से टकराव → नेहरू का असंतोष → 1970 में राज्यसभा में विफल → अध्यादेश सर्वोच्च न्यायालय से निरस्त → 1971 की जीत के बाद संशोधन। ★और मोरारजी देसाई का विरोध — “रियासतों के साथ विश्वासघात”।

गृहकार्य: प्रश्न 9 — कांग्रेस 1969 में किन मसलों पर टूटी?

कालांश 5 · 1971 का चुनाव और पुनर्स्थापन

पृष्ठ 86–91

समयगतिविधि
6 मिनटअल्पमत सरकार; डीएमके और सीपीआई का मुद्दा-आधारित समर्थन; छवि को समाजवादी रंग; भूमि-सुधार अभियान। ★दिसंबर 1970 में लोकसभा भंग — तीन कारण।
8 मिनट★★‘ग्रैंड अलायंस’ के पाँच घटक लिखवाइए — एसएसपी, पीएसपी, जनसंघ, स्वतंत्र पार्टी, भारतीय क्रांतिदल। और शासक दल का गठजोड़ — कांग्रेस (आर) + सीपीआई।
8 मिनट★★वह जोड़ी बोर्ड पर लिखिए और घेरिए: “इंदिरा हटाओ” बनाम “गरीबी हटाओ”। एक नकारात्मक, एक सकारात्मक; एक व्यक्ति के बारे में, दूसरा जनता के बारे में। फिर ‘गरीबी हटाओ’ के लक्ष्य-वर्ग: भूमिहीन किसान, दलित-आदिवासी, अल्पसंख्यक, महिलाएँ, बेरोज़गार नौजवान।
6 मिनट★★1971 के आँकड़े लिखवाइए: कांग्रेस (आर)+सीपीआई = 375 सीटें, 48.4% वोट; अकेले कांग्रेस (आर) = 352 सीटें, 44%; कांग्रेस (ओ) = 16 सीटें; ग्रैंड अलायंस = 60 से कम।
4 मिनट1971 का युद्ध और 1972 के राज्य चुनाव — “दो लगातार जीतों के साथ कांग्रेस का दबदबा एक बार फिर कायम हुआ”; “महज चार साल की अवधि में…”। 🎨 कुट्टी का कार्टून दिखाइए — मुख्यमंत्री चुनने की शैली।
6 मिनट★★अध्याय का निष्कर्ष — नयी कांग्रेस की चार विशेषताएँ, और वह वाक्य: “इंदिरा गाँधी ने कांग्रेस प्रणाली को पुनर्स्थापित ज़रूर किया, लेकिन कांग्रेस-प्रणाली की प्रकृति को बदलकर।”
2 मिनट★हाशिये का प्रश्न पूछिए: “मकान की बुनियाद और छत बदल दे फिर भी कहे कि मकान वही है — पुरानी और नयी कांग्रेस में कौन-सी चीज़ समान थी?” और 🎬 ‘ज़ंजीर’ (1973) का उल्लेख।

गृहकार्य / मूल्यांकन: प्रश्न 10 पूरा (सुदीप्त कविराज का अवतरण, तीनों उपप्रश्न) — ★यह अध्याय का सर्वश्रेष्ठ लेखन-अभ्यास है।

📌 कालांश-वार ‘कभी मत छोड़िए’ सूची

कालांशअनिवार्य
1★★लक्ष्मण का 22-वर्ष वाला कार्टून · ‘खतरनाक दशक’ · दोनों उत्तराधिकार (1964 निर्विरोध, 1966 गुप्त मतदान)
2★★‘राजनीतिक भूकंप’ · गैर-कांग्रेसवाद और लोहिया · चार दिग्गजों की हार
3★★नौ राज्य · डीएमके की पहली पूर्ण-बहुमत जीत · ‘आया राम-गया राम’ · सिंडिकेट के पाँच नाम
4★★“सत्ता-संघर्ष को विचारधारात्मक संघर्ष में बदल दिया” · राष्ट्रपति चुनाव 1969 का पूरा क्रम · कांग्रेस (ओ)/(आर)
5★★“इंदिरा हटाओ” बनाम “गरीबी हटाओ” · 375/352/16 के आँकड़े · अंतिम निष्कर्ष-वाक्य