यह पन्ना उनके लिए है जो घर पर दसवीं के बच्चे के साथ बैठते हैं। विषय आपको आता हो, यह ज़रूरी नहीं: हर सवाल के आगे लिखा है कि जवाब में क्या आना चाहिए, और किताब के किस पृष्ठ पर है।
दसवीं का बच्चा पंद्रह-सोलह साल का होता है। इस उम्र में उससे सवाल-जवाब करके परखने से ज़्यादा काम आता है उससे समझवाना। उससे कहिए, “मुझे यह अध्याय समझाओ, मैंने नहीं पढ़ा।” समझाते समय बच्चे को ख़ुद पता चल जाता है कि कौन-सी बात पक्की है और कौन-सी कच्ची।
किताब की अपनी पंक्तियाँ उद्धरण-चिह्नों में, पृष्ठ संख्या के साथ दी हैं। पृष्ठ संख्याएँ NCERT आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10) के 2026-27 में छपे संस्करण की हैं।
1. इस अध्याय में क्या है
आज बाज़ार में फ़ोन, कपड़ों, जूतों और खिलौनों के इतने ब्रांड मिलते हैं कि चुनना मुश्किल हो जाता है। किताब कहती है कि दो दशक पहले भारत के बाज़ारों में वस्तुओं की ऐसी विविधता नहीं थी। यह अध्याय बताता है कि दुनिया के देश व्यापार और निवेश से आपस में कैसे जुड़ते जा रहे हैं, यह जुड़ाव किसने तेज़ किया, और इससे किसे फ़ायदा हुआ, किसे नहीं। अध्याय पूरा होने तक बच्चे को यह बताना आना चाहिए कि वैश्वीकरण से किसे लाभ मिला, किस पर मार पड़ी, और इसे सबके लिए न्यायसंगत कैसे बनाया जा सकता है।
किताब यह बात आठ क़दमों में समझाती है:
| किताब का सवाल | किताब क्या बताती है | पृष्ठ |
|---|---|---|
| बहुराष्ट्रीय कंपनी क्या है, और वह कहाँ उत्पादन करती है? | जो कंपनी एक से अधिक देशों में उत्पादन पर नियंत्रण या स्वामित्व रखे। किताब की एक कंपनी अमेरिका में डिज़ाइन, चीन में पुर्ज़े, मेक्सिको और पूर्वी यूरोप में संयोजन, और भारत से ग्राहक सेवा करवाती है। जगह वहाँ चुनी जाती है जहाँ बाज़ार पास हो और श्रम सस्ता मिले। | 56–57 |
| ये कंपनियाँ दूसरे देशों में कैसे फैलती हैं? | कार्यालय और कारखाने लगाकर (फोर्ड मोटर्स ने 1995 में चेन्नई के निकट महिन्द्रा एंड महिन्द्रा के सहयोग से 1,700 करोड़ रुपए लगाकर संयंत्र लगाया); स्थानीय कंपनी के साथ मिलकर उत्पादन करके; स्थानीय कंपनी खरीदकर (कारगिल ने परख फूड्स जैसी कंपनियाँ खरीदीं); और छोटे उत्पादकों को ऑर्डर देकर। | 56–59 |
| विदेश व्यापार बाज़ारों को कैसे जोड़ता है? | चीन के खिलौने सस्ते दाम और नये डिज़ाइनों के कारण एक वर्ष में ही खिलौने की 70–80 प्रतिशत दुकानों में पहुँच गए। खरीदारों को विकल्प मिले, और दोनों देशों के उत्पादक आपस में प्रतिस्पर्धा करने लगे। | 59–61 |
| वैश्वीकरण किसे कहते हैं? | देशों के बीच परस्पर संबंध और तेज़ एकीकरण। देशों के बीच वस्तुएँ, सेवाएँ, निवेश और प्रौद्योगिकी तेज़ी से आ-जा रहे हैं; लोगों का आवागमन प्रतिबंधों के कारण ज़्यादा नहीं बढ़ा। | 61–62 |
| यह जुड़ाव किसने तेज़ किया? | प्रौद्योगिकी ने: कंटेनरों से माल ढोना सस्ता हुआ, और सूचना और संचार प्रौद्योगिकी से सेवाएँ दूर बैठकर दी जाने लगीं। किताब का उदाहरण लंदन की एक पत्रिका है, जिसका डिज़ाइन और छपाई दिल्ली में होती है। | 62–63 |
| सरकार ने व्यापार पर रोकें क्यों लगाईं, और फिर क्यों हटाईं? | स्वतंत्रता के बाद सरकार ने विदेश व्यापार और विदेशी निवेश पर रोकें लगाईं, ताकि देश के उत्पादकों को विदेशी प्रतिस्पर्धा से बचाया जा सके; 1950 और 1960 के दशकों में उद्योग अभी उभर रहे थे। करीब सन् 1991 से सरकार ने ये रोकें काफ़ी हद तक हटाईं; इसे उदारीकरण कहते हैं। | 64 |
| विश्व व्यापार संगठन क्या करता है? | इसका ध्येय अंतरराष्ट्रीय व्यापार को उदार बनाना है; यह विकसित देशों की पहल पर शुरू हुआ और लगभग 160 देश इसके सदस्य हैं। पर विकसित देशों ने अपने अवरोधक अनुचित ढंग से बनाए रखे; अमेरिका अपने किसानों को भारी सहायता देता है। | 65 |
| इससे किसे क्या मिला, और आगे क्या? | शहरों के धनी उपभोक्ताओं और बड़ी भारतीय कंपनियों को लाभ मिला; होसुर के रवि जैसे छोटे उत्पादकों और दिल्ली की सुशीला जैसे श्रमिकों पर मार पड़ी। किताब का रास्ता वैश्वीकरण को न्यायसंगत बनाना है: सरकार श्रम कानून लागू कराए और छोटे उत्पादकों की मदद करे, और जनता भी आवाज़ उठाए। | 66–71 |
2. बच्चे से समझिए: दस सवाल
एक दिन में दो-तीन सवाल काफ़ी हैं। बच्चा अपने शब्दों में बताए, तो भी ठीक है; बस नीचे लिखी बातें उसके जवाब में आ जाएँ।
| सवाल | जवाब में यह आना चाहिए | पृष्ठ |
|---|---|---|
| बहुराष्ट्रीय कंपनी किसे कहते हैं? एक उदाहरण बताओ। | एक से अधिक देशों में उत्पादन पर नियंत्रण या स्वामित्व रखने वाली कंपनी; उदाहरण फोर्ड मोटर्स या कारगिल। | 56, 58–59 |
| ऐसी कंपनी उत्पादन के लिए जगह कैसे चुनती है? | बाज़ार पास हो, कम लागत पर कुशल और अकुशल श्रम मिले, उत्पादन के दूसरे कारक हों, और सरकारी नीतियाँ उसके हित में हों। | 56 |
| विदेश व्यापार और विदेशी निवेश में क्या फ़र्क़ है? | व्यापार में वस्तुएँ देशों के बीच ख़रीदी-बेची जाती हैं; निवेश में बहुराष्ट्रीय कंपनी भूमि, भवन, मशीन जैसी परिसंपत्तियों में पैसा लगाती है। | 57, 59 |
| चीन के खिलौनों से किसे फ़ायदा हुआ, किसे नुकसान? | खरीदारों और चीनी निर्माताओं को फ़ायदा; भारतीय खिलौना निर्माताओं को नुकसान, क्योंकि एक वर्ष में ही 70–80 प्रतिशत दुकानों में चीनी खिलौने आ गए। | 60 |
| वैश्वीकरण किसे कहते हैं? | देशों के बीच परस्पर संबंध और तेज़ एकीकरण; वस्तुओं, सेवाओं, निवेश और प्रौद्योगिकी का तेज़ आवागमन। | 62 |
| इसमें प्रौद्योगिकी ने क्या किया? | परिवहन सस्ता और तेज़ हुआ, जैसे कंटेनरों से; सूचना और संचार प्रौद्योगिकी से सेवाएँ दूर से दी जाने लगीं, जैसे कॉल सेंटर। | 62–63 |
| आयात पर कर और कोटा क्या हैं? उदारीकरण क्या है? | दोनों व्यापार अवरोधक हैं; कोटा आयात होने वाली वस्तुओं की संख्या की सीमा है। सरकार का ये अवरोध हटाना उदारीकरण है; भारत में करीब सन् 1991 से। | 64 |
| विश्व व्यापार संगठन का ध्येय क्या है, और उस पर क्या सवाल उठता है? | अंतरराष्ट्रीय व्यापार को उदार बनाना। सवाल यह कि विकसित देशों ने अपने अवरोधक अनुचित ढंग से बनाए रखे, जैसे अमेरिका की अपने किसानों को भारी सहायता। | 65 |
| रवि की कंपनी क्यों सिकुड़ी? | सन् 2001 में संधारित्रों के आयात से प्रतिबंध हटे; आयातित माल आधी कीमत पर था; कर्मचारी 20 से घटकर सात रह गए। | 68 |
| न्यायसंगत वैश्वीकरण के लिए सरकार क्या कर सकती है? | श्रम कानून ठीक से लागू कराए, छोटे उत्पादकों की तब तक मदद करे जब तक वे प्रतिस्पर्धा में टिकने लायक न हों, ज़रूरत हो तो व्यापार और निवेश अवरोधक लगाए, और विश्व व्यापार संगठन में न्यायसंगत नियमों के लिए बात करे। | 70 |
3. छह बातें जिनमें बच्चे अक्सर उलझते हैं
| बच्चा लिख देता है | सही बात | पृष्ठ |
|---|---|---|
| वैश्वीकरण में लोगों का आवागमन सबसे ज़्यादा बढ़ा। | प्रतिबंधों के कारण लोगों का आवागमन ज़्यादा नहीं बढ़ा। तेज़ आवागमन वस्तुओं, सेवाओं, निवेश और प्रौद्योगिकी का है। | 62 |
| विदेश व्यापार और विदेशी निवेश एक ही बात है। | व्यापार वस्तुओं की ख़रीद-बिक्री है; निवेश परिसंपत्तियों में लगाया पैसा है। फोर्ड का संयंत्र निवेश है, उसकी कारों का निर्यात व्यापार। | 57, 59 |
| कोटा का मतलब आयात पर कर है। | कोटा आयात होने वाली वस्तुओं की संख्या की सीमा है। आयात पर कर एक अलग व्यापार अवरोधक है। | 64 |
| बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ ज़्यादातर नये कारखाने लगाकर आती हैं। | किताब के अनुसार उनके निवेश का सबसे आम रास्ता स्थानीय कंपनियों को खरीदना और फिर उत्पादन फैलाना है, जैसे कारगिल ने किया। | 58 |
| सरकार ने विदेशी निवेश के लिए तीन कदम उठाए, और सेज़ में कभी कर नहीं लगता। | किताब के बॉक्स में दो कदम हैं: विशेष आर्थिक क्षेत्र, और श्रम कानूनों में लचीलापन। कर की छूट सेज़ का हिस्सा है, और केवल आरंभिक पाँच वर्षों तक। | 67 |
| वैश्वीकरण से सबका जीवन स्तर सुधरा। | लाभ ज़्यादातर शिक्षित, कुशल और संपन्न लोगों को मिला; अनेक लोगों को लाभ में हिस्सा नहीं मिला। | 66–70 |
4. किताब के शब्द, आसान भाषा में
| किताब का शब्द | आसान मतलब | पृष्ठ |
|---|---|---|
| बहुराष्ट्रीय कंपनी | एक से अधिक देशों में उत्पादन पर नियंत्रण या स्वामित्व रखने वाली कंपनी | 56 |
| निवेश | भूमि, भवन, मशीन जैसी परिसंपत्तियाँ खरीदने में लगाया पैसा | 57 |
| विदेशी निवेश | बहुराष्ट्रीय कंपनियों का किया निवेश | 57 |
| संयुक्त उत्पादन | बहुराष्ट्रीय कंपनी का किसी स्थानीय कंपनी के साथ मिलकर उत्पादन करना | 57 |
| विदेश व्यापार | अपने देश से बाहर के बाज़ारों में बेचना, और दूसरे देशों में बनी वस्तुएँ ख़रीदना | 59 |
| बाज़ारों का एकीकरण | व्यापार से अलग-अलग देशों के बाज़ारों का आपस में जुड़ जाना | 61 |
| वैश्वीकरण | देशों के बीच परस्पर संबंध और तेज़ एकीकरण की प्रक्रिया | 62 |
| सूचना और संचार प्रौद्योगिकी | कंप्यूटर, इंटरनेट और दूरसंचार, जिनसे जानकारी और सेवाएँ दूर तक तुरंत पहुँचती हैं | 63 |
| व्यापार अवरोधक | विदेश व्यापार पर सरकार की रोक, जैसे आयात पर कर | 64 |
| कोटा | आयात होने वाली वस्तुओं की संख्या की सीमा | 64 |
| उदारीकरण | सरकार का व्यापार और निवेश पर लगे अवरोध या प्रतिबंध हटाना | 64 |
| विश्व व्यापार संगठन | अंतरराष्ट्रीय व्यापार को उदार बनाने के लिए बना संगठन | 65 |
| विशेष आर्थिक क्षेत्र (सेज़) | विश्व स्तरीय सुविधाओं वाले औद्योगिक क्षेत्र, जहाँ इकाई लगाने वाली कंपनियों को आरंभिक पाँच वर्षों तक कर नहीं देना पड़ता | 67 |
| श्रम कानूनों में लचीलापन | कंपनी को यह छूट कि काम का दबाव हो तभी श्रमिकों को छोटी अवधि के लिए रखे | 67 |
| न्यायसंगत वैश्वीकरण | ऐसा वैश्वीकरण जिसमें सबको अवसर मिले और लाभ में सबकी बेहतर हिस्सेदारी हो | 70 |
5. लिखे हुए जवाब कैसे जाँचें
किताब के 13 प्रश्न पृष्ठ 72–73 पर हैं। प्रश्न 11 में खाली जगह भरनी है, प्रश्न 12 में जोड़ी मिलानी है और प्रश्न 13 में सही विकल्प चुनना है; बाकी में बच्चे को लिखकर जवाब देना है। आपको पूरा जवाब नहीं जाँचना; बस देखिए कि ये हिस्से हैं या नहीं।
प्रश्न 1: वैश्वीकरण का अर्थ
- मुख्य बात: अलग-अलग देशों का आपस में तेज़ी से जुड़ना और एक होते जाना।
- यह जुड़ाव किन रास्तों से होता है: बहुराष्ट्रीय कंपनियों का कई देशों में फैला उत्पादन, विदेश व्यापार और विदेशी निवेश।
- प्रश्न अपने शब्दों में माँगता है, इसलिए परिभाषा रटी हुई न हो तो भी ठीक है। फोर्ड या चीनी खिलौनों जैसा कोई उदाहरण हो तो और अच्छा।
प्रश्न 2: व्यापार पर रोकें क्यों लगीं और क्यों हटीं
- लगाने का कारण: स्वतंत्रता के बाद देश के उत्पादकों को विदेशी प्रतिस्पर्धा से संरक्षण देना। 1950 और 1960 के दशकों में उद्योग उभर ही रहे थे, और केवल ज़रूरी चीज़ों, जैसे मशीनरी, उर्वरक और पेट्रोलियम, का आयात होता था।
- हटाने का कारण: करीब सन् 1991 से सरकार ने माना कि अब भारतीय उत्पादक विश्व के उत्पादकों से प्रतिस्पर्धा करें, क्योंकि प्रतिस्पर्धा से उनका प्रदर्शन और गुणवत्ता सुधरेगी।
प्रश्न 3: श्रम कानूनों में लचीलापन
- मुख्य बात: कंपनियाँ श्रमिकों को नियमित रखने के बजाय, काम का दबाव होने पर छोटी अवधि के लिए रख सकती हैं।
- इससे पूरे वर्ष वेतन नहीं देना पड़ता, श्रम लागत घटती है, और कंपनी प्रतिस्पर्धा में टिक पाती है।
- दूसरा पहलू लिखा हो तो और अच्छा: इससे श्रमिकों का रोज़गार सुनिश्चित नहीं रहा।
प्रश्न 4: बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ उत्पादन पर नियंत्रण कैसे जमाती हैं
- जगह चुनने की बातें: बाज़ार पास, कम लागत पर श्रम, उत्पादन के दूसरे कारक, और अनुकूल सरकारी नीतियाँ।
- तरीके: कार्यालय और कारखाने लगाकर (फोर्ड ने महिन्द्रा एंड महिन्द्रा के सहयोग से संयंत्र लगाया); स्थानीय कंपनी के साथ संयुक्त उत्पादन; स्थानीय कंपनी खरीदकर (कारगिल); छोटे उत्पादकों को ऑर्डर देकर (वस्त्र, जूते-चप्पल, खेल के सामान)।
- स्थानीय कंपनी खरीदने वाला तरीका ज़रूर आए, क्योंकि किताब इसे सबसे आम रास्ता कहती है।
प्रश्न 5: विकसित देश उदारीकरण क्यों चाहते हैं
- पहला हिस्सा: उनकी बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ सस्ता उत्पादन और बड़े बाज़ार चाहती हैं; अवरोध हटें तो वे विकासशील देशों में आसानी से निवेश कर सकती हैं और अपना माल बेच सकती हैं।
- दूसरे हिस्से में बच्चे की अपनी राय हो, कारण के साथ। जैसे: हाँ, विकासशील देश भी माँग करें कि नियम सब पर बराबर लागू हों, क्योंकि विकसित देशों ने अपने अवरोधक अनुचित ढंग से बनाए रखे।
- अमेरिका की अपने किसानों को भारी सहायता का उदाहरण हो तो और अच्छा।
प्रश्न 6: वैश्वीकरण का प्रभाव एक समान नहीं
- लाभ वाले लोग हों: शहरों के धनी उपभोक्ता, बहुराष्ट्रीय कंपनियों को माल देने वाली स्थानीय कंपनियाँ, और बड़ी भारतीय कंपनियाँ।
- दबाव वाले लोग हों: छोटे उत्पादक, जैसे रवि, और श्रमिक, जैसे सुशीला।
- अंत में यह बात: शिक्षित, कुशल और संपन्न लोगों को ज़्यादा लाभ मिला, अनेक लोगों को लाभ में हिस्सा नहीं मिला।
प्रश्न 7: उदारीकरण वैश्वीकरण में कैसे मदद करता है
- मुख्य बात: अवरोध हटने से आयात-निर्यात आसान होता है, और विदेशी कंपनियाँ देश में कार्यालय और कारखाने लगा सकती हैं।
- यानी विदेश व्यापार और विदेशी निवेश दोनों बढ़ते हैं, और यही दोनों देशों को आपस में जोड़ते हैं।
प्रश्न 8: बाज़ारों का एकीकरण, अलग उदाहरण से
- प्रश्न किताब से अलग उदाहरण माँगता है, इसलिए चीनी खिलौनों की जगह कोई दूसरा उदाहरण हो। किताब ख़ुद एक दूसरा उदाहरण देती है: हाल के वर्षों में चीन भारत से इस्पात आयात कर रहा है।
- उदाहरण में ये बातें आएँ: खरीदारों के विकल्प बढ़े, दोनों देशों के उत्पादकों में प्रतिस्पर्धा हुई, और दोनों बाज़ारों में दाम एक जैसा होने लगा।
प्रश्न 9: बीस वर्ष बाद की दुनिया
यह बच्चे की कल्पना का प्रश्न है, इसलिए कोई एक जवाब सही नहीं। देखिए कि कल्पना के पीछे अध्याय का कोई कारण हो: प्रौद्योगिकी की तेज़ उन्नति, व्यापार और निवेश का उदारीकरण, या विश्व व्यापार संगठन के नियम। जवाब यह भी सोचे कि तब लाभ किसे मिलेगा और किसे नहीं, तो और अच्छा।
प्रश्न 10: दो लोगों की बहस
- मुख्य बात: दोनों की बात आधी सही है, क्योंकि वैश्वीकरण का असर सब पर एक समान नहीं पड़ा।
- दोनों तरफ़ के उदाहरण हों: एक ओर उपभोक्ताओं को विकल्प, नये रोज़गार और आगे बढ़ती भारतीय कंपनियाँ; दूसरी ओर रवि जैसे छोटे उत्पादक और सुशीला जैसे श्रमिक।
- अंत में बच्चे का अपना जवाब हो, जैसे वैश्वीकरण को रोकने के बजाय न्यायसंगत बनाना।
प्रश्न 11: खाली जगह भरिए
| हिस्सा | सही शब्द |
|---|---|
| पहली खाली जगह | वैश्वीकरण |
| दूसरी | विदेश व्यापार |
| तीसरी | भारत में निवेश करना उनके लिए लाभप्रद रहा है |
| चौथी | विदेश व्यापार |
| पाँचवीं | विदेशी निवेश |
| छठी | प्रतिस्पर्धा |
प्रश्न 12: जोड़ी मिलाइए
| हिस्सा | सही जोड़ी |
|---|---|
| (क) छोटे उत्पादकों से सस्ते दरों पर ख़रीद | (ब) कपड़ा, जूते-चप्पल, खेल के सामान |
| (ख) आयात पर कर और कोटा | (य) व्यापार अवरोधक |
| (ग) विदेशों में निवेश करने वाली भारतीय कंपनियाँ | (द) टाटा मोटर्स, इंफोसिस, रैनबैक्सी |
| (घ) आई.टी. से सेवाओं के उत्पादन का प्रसार | (स) कॉल सेंटर |
| (ङ) बहुराष्ट्रीय कंपनियों का उत्पादन के लिए निवेश | (अ) मोटर गाड़ियाँ |
प्रश्न 13: सही विकल्प चुनिए
| हिस्सा | सही विकल्प |
|---|---|
| (अ) द्रुत आवागमन किसका | (ख) देशों के बीच वस्तुओं, सेवाओं और निवेशों का |
| (आ) निवेश का सबसे सामान्य मार्ग | (ख) स्थानीय कंपनियों को खरीद लेना |
| (इ) जीवन-स्तर के सुधार में सहायता किसके | (घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं |
सभी 13 प्रश्नों के पूरे उत्तर रिवीजन नोट्स के “अपने को जाँचिए” वाले हिस्से में हैं। बच्चे का जवाब उनसे शब्द-शब्द न मिले, तो भी ठीक है, अगर ज़रूरी बातें आ गई हों।
6. घर पर दस मिनट की बातचीत
दसवीं के बच्चे से पूछताछ कम, बातचीत ज़्यादा कीजिए। खाने के समय या कहीं आते-जाते इनमें से कोई एक बात छेड़िए।
घर का कोई ब्रांडेड सामान उठाइए, जैसे टूथपेस्ट या साबुन। बच्चे से पूछिए कि इसे बनाने वाली कंपनी कौन-सी है, और क्या वह बहुराष्ट्रीय कंपनी है। फिर पूछिए कि ऐसी कंपनी भारत में कारखाना क्यों लगाती है। पृष्ठ 59 पर किताब फोर्ड का उदाहरण देकर बताती है कि ऐसी कंपनियाँ भारत के विशाल बाज़ार और कम उत्पादन लागत, दोनों का लाभ उठाती हैं। बच्चा ये दो बातें बता दे, तो बात पकड़ में आ गई।
या किसी खिलौने, कपड़े या बिजली के सामान के लेबल पर देखिए कि वह किस देश में बना है। बच्चे से पूछिए कि दूर देश में बनी चीज़ हमारे शहर की दुकान तक कैसे पहुँची, और इससे यहाँ के बनाने वालों पर क्या असर पड़ता है। पृष्ठ 60 पर किताब का चीनी खिलौनों वाला उदाहरण यही बात समझाता है: खरीदार को सस्ता और नया माल मिला, पर भारतीय खिलौना निर्माताओं पर मार पड़ी।
या काम की बात कीजिए। पृष्ठ 69 पर किताब सुशीला की कहानी सुनाती है, जो पहले स्थायी श्रमिक थी और अब अस्थायी है, पहले से आधे से भी कम कमाई पर। बच्चे से पूछिए कि हमारे आसपास कौन-से काम पक्की नौकरी वाले हैं और कौन-से दिहाड़ी या ठेके वाले, और दोनों में क्या फ़र्क़ है। किसी का नाम लेने की ज़रूरत नहीं; बात काम की शर्तों की है।
7. अगर रवि आपके शहर में हो: एक सवाल जिसका एक जवाब नहीं
पृष्ठ 68 पर किताब होसुर के रवि की कहानी सुनाती है। उसकी संधारित्र बनाने वाली कंपनी में कभी 20 कर्मचारी थे; आयात खुलने और आधी कीमत के विदेशी माल के बाद केवल सात रह गए। फिर किताब पूछती है: “दूसरे देशों के उत्पादकों की तुलना में उत्पादन लागत अधिक होने के कारण क्या रवि जैसे उत्पादकों को उत्पादन रोक देना चाहिए? आप क्या सोचते हैं?” (पृष्ठ 68)
इस सवाल का कोई एक सही जवाब नहीं है, और आपको भी नहीं देना है। बच्चा हाँ कहे या ना, उससे दो बातें पूछिए: ऐसी इकाइयाँ बंद हों तो उनमें काम करने वालों का क्या होगा, और रवि को टिके रहने के लिए किन चीज़ों की ज़रूरत है। पहले सवाल के जवाब में यह आए कि भारत में कृषि के बाद सबसे अधिक श्रमिक, 11 करोड़, लघु और मध्यम उद्योगों में काम करते हैं। दूसरे में किताब की तीन बातें: सड़क, बिजली, पानी जैसी सुविधाएँ; बेहतर प्रौद्योगिकी; और उचित ब्याज दर पर समय पर साख (ऋण)।
इस बातचीत से अध्याय की बड़ी बात अपने-आप निकलती है: वैश्वीकरण से कुछ को बहुत मिला और कुछ पर मार पड़ी, और किताब इसे रोकने के बजाय न्यायसंगत बनाने की बात करती है: “न्यायसंगत वैश्वीकरण सभी के लिए अवसर प्रदान करेगा और यह सुनिश्चित भी करेगा कि वैश्वीकरण के लाभों में सबकी बेहतर हिस्सेदारी हो।” (पृष्ठ 70)
अगर सिर्फ़ पाँच मिनट हों
ये चार सवाल पूछ लीजिए। चारों ठीक हों, तो अध्याय की मुख्य बातें आ गई हैं।
| सवाल | जवाब |
|---|---|
| वैश्वीकरण क्या है? | देशों के बीच परस्पर संबंध और तेज़ एकीकरण, जो व्यापार, निवेश और प्रौद्योगिकी से होता है। |
| बहुराष्ट्रीय कंपनी किसे कहते हैं? | जो एक से अधिक देशों में उत्पादन पर नियंत्रण या स्वामित्व रखे, जैसे फोर्ड मोटर्स या कारगिल। |
| उदारीकरण क्या है? | सरकार का व्यापार और निवेश पर लगे अवरोध हटाना; भारत में करीब सन् 1991 से। |
| क्या वैश्वीकरण से सबको फ़ायदा हुआ? | नहीं। शहरों के धनी उपभोक्ताओं और बड़ी कंपनियों को लाभ मिला; रवि जैसे छोटे उत्पादकों और सुशीला जैसे श्रमिकों पर मार पड़ी। |
बच्चे के लिए इसी अध्याय के और पन्ने
- रिवीजन नोट्स: पूरा अध्याय छोटे में, किताब के सभी प्रश्नों के उत्तर के साथ।
- प्रश्न बैंक: परीक्षा जैसे प्रश्न, उत्तर के साथ। बच्चा पहले ख़ुद लिखे, फिर मिलाए।
- फ़्लैशकार्ड: बाईं ओर सवाल, दाईं ओर जवाब। जवाब ढककर बोलिए, फिर मिलाइए; रोज़ पाँच मिनट दोहराने के लिए।
- परख प्रश्न: सोचकर जवाब देने वाले प्रश्न, किताब के उदाहरणों और आँकड़ों पर, हर प्रश्न का उत्तर साथ में।
- इंटरैक्टिव अध्याय: पूरा अध्याय स्क्रीन पर, हिस्सा-दर-हिस्सा; आख़िर में अभ्यास और परियोजना।