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प्रयोग: कक्षा-क्विज़, त्वरित पुनरावृत्ति, जोड़ी-कार्य प्रारूप: प्रश्न → उत्तर | कुल 16 समूह, 170+ कार्ड
समूह 1 — अध्याय की पद्धति व प्रस्तावना (10 कार्ड)
| # | प्रश्न | उत्तर |
|---|---|---|
| 1 | अध्याय की कालावधि? | लगभग आठवीं से अठारहवीं सदी तक |
| 2 | आठवीं से अठारहवीं सदी के नूतन साहित्यिक स्रोत? | संत कवियों की रचनाएँ — जनसाधारण की क्षेत्रीय भाषाओं में, मौखिक रूप से |
| 3 | संत कवियों की रचनाएँ कैसी थीं? | “अधिकतर संगीतबद्ध” |
| 4 | ★संत कवियों की रचनाओं का संकलन कब हुआ? | “संतों के अनुयायियों द्वारा उनकी मृत्यु के उपरांत” |
| 5 | ★★संतों की मृत्यु के बाद रचनाओं के संकलन से क्या समस्या पैदा होती है? | अनुयायियों ने विचारों को “परिवर्तित कर दिया अथवा त्याग दिया”; “इन स्रोतों का मूल्यांकन इतिहासकारों के लिए एक चुनौती है” |
| 6 | जीवनियों की सीमा? | “अक्षरश: सत्य नहीं” |
| 7 | ★अक्षरश: सत्य न होने पर भी संतों की जीवनियों का मूल्य? | “इनसे यह ज्ञात होता है कि अनुयायी इन पथ-प्रदर्शक स्त्री पुरुषों के जीवन को किस तरह से देखते थे” |
| 8 | अध्याय की दो धुरियाँ? | समन्वय व असहमति |
| 9 | ★★अध्याय का अंतिम निष्कर्ष? | “धार्मिक परंपराएँ भी अन्य परंपराओं की तरह परिवर्तनशील हैं” |
| 10 | इतिहासकार के लिए ‘निरंतरता’ का लाभ व चुनौती? | लाभ: आज से तुलना संभव • चुनौती: “लोगों के लिए यह मानना आसान नहीं होता कि… बदलाव आया होगा” |
समूह 2 — समन्वय व संघर्ष (§1) (11 कार्ड)
| # | प्रश्न | उत्तर |
|---|---|---|
| 1 | ★समन्वय की पहली प्रक्रिया? | ब्राह्मणीय विचारधारा का प्रचार — पौराणिक ग्रंथों की रचना, संकलन व परिरक्षण |
| 2 | पौराणिक ग्रंथ किनके लिए ग्राह्य थे? | “सरल संस्कृत छंदों में… वैदिक विद्या से विहीन स्त्रियों और शूद्रों द्वारा भी” |
| 3 | ★समन्वय की दूसरी प्रक्रिया? | “स्त्री, शूद्रों व अन्य सामाजिक वर्गों की आस्थाओं और आचरणों को ब्राह्मणों द्वारा स्वीकृत किया जाना और उसे एक नया रूप प्रदान करना” |
| 4 | ★समन्वय की दोनों प्रक्रियाओं पर NCERT का निष्कर्ष? | ""महान” संस्कृत-पौराणिक परिपाटी तथा “लघु” परंपरा के बीच हुए अविरल संवाद का परिणाम” |
| 5 | समन्वय का सबसे विशिष्ट उदाहरण? | पुरी (उड़ीसा) के जगन्नाथ |
| 6 | ‘जगन्नाथ’ का अर्थ? | संपूर्ण विश्व का स्वामी |
| 7 | ★जगन्नाथ की प्रतिमा किससे व किसके द्वारा बनती है? | लकड़ी से, स्थानीय जनजाति के विशेषज्ञों द्वारा — “पहले और आज भी” |
| 8 | देवी की उपासना का रूप? | “अधिकतर सिंदूर से पोते गए पत्थर के रूप में” |
| 9 | स्थानीय देवियों को क्या स्थान मिला? | लक्ष्मी (विष्णु की पत्नी) या पार्वती (शिव की पत्नी) के रूप में |
| 10 | तांत्रिक पूजा-पद्धति की दो विशेषताएँ? | स्त्री व पुरुष दोनों शामिल • वर्ग व वर्ण के भेद की अवहेलना |
| 11 | ★कौन-से वैदिक देवता गौण हो गए? | अग्नि, इंद्र और सोम — “पर वेदों को प्रामाणिक माना जाता रहा” |
समूह 3 — “महान” और “लघु” परंपराएँ (7 कार्ड)★★
| # | प्रश्न | उत्तर |
|---|---|---|
| 1 | ‘महान’ और ‘लघु’ परंपरा शब्द किसने गढ़े? | रॉबर्ट रेडफील्ड — बीसवीं शताब्दी के समाजशास्त्री |
| 2 | रेडफील्ड ने ‘महान’ और ‘लघु’ परंपरा शब्द किस समाज के लिए गढ़े? | एक कृषक समाज के सांस्कृतिक आचरणों का |
| 3 | “महान” परंपरा क्या? | प्रभुत्वशाली वर्ग (पुरोहित व राजा) द्वारा पालन किए जाने वाले कर्मकांड |
| 4 | “लघु” परंपरा क्या? | कृषक समुदाय के अन्य लोकाचार जो “इस महान परिपाटी से सर्वथा भिन्न” थे |
| 5 | ★रेडफील्ड ने और क्या देखा? | “दोनों ही परंपराओं में समय के साथ हुए पारस्परिक आदान-प्रदान के कारण परिवर्तन हुए” |
| 6 | ★★विद्वान ‘महान’-‘लघु’ शब्दों की आलोचना क्यों करते हैं? | “इन शब्दों में जो पदसोपानात्मक स्वर उभर कर आता है उसकी अवमानना करते हैं” |
| 7 | ★‘महान’-‘लघु’ शब्दों की आलोचना का समाधान क्या सुझाया गया? | इन्हें उद्धरण-चिह्नों के साथ प्रस्तुत करना — “लघु” और “महान” |
समूह 4 — भक्ति परंपरा : सामान्य (10 कार्ड)
| # | प्रश्न | उत्तर |
|---|---|---|
| 1 | भक्ति परंपरा की पहली विशेषता? | संत कवि नेता के रूप में उभरे; उनके आस-पास भक्तजनों का समुदाय |
| 2 | ! भक्ति परंपरा की दूसरी (सूक्ष्म) विशेषता? | “ब्राह्मण, देवताओं और भक्तजन के बीच महत्त्वपूर्ण बिचौलिए बने रहे” |
| 3 | भक्ति परंपरा की तीसरी विशेषता? | “इन परंपराओं ने स्त्रियों और “निम्न वर्णों” को भी स्वीकृति व स्थान दिया” |
| 4 | ★भक्ति परंपरा की चौथी विशेषता? | “भक्ति परंपरा की एक और विशेषता इसकी विविधता है” |
| 5 | ★★इतिहासकार भक्ति को किन दो वर्गों में बाँटते हैं? | सगुण और निर्गुण |
| 6 | ‘सगुण’ का अर्थ? | विशेषण सहित — शिव, विष्णु, अवतार व देवियाँ; मूर्त रूप में |
| 7 | ‘निर्गुण’ का अर्थ? | विशेषण विहीन — अमूर्त, निराकार ईश्वर |
| 8 | निर्गुण के दो उदाहरण? | कबीर, बाबा गुरु नानक |
| 9 | सगुण के दो उदाहरण? | अलवार-नयनार, मीराबाई |
| 10 | भक्तिपूर्ण उपासना कितनी पुरानी थी? | “लगभग एक हज़ार वर्ष पुरानी” |
समूह 5 — अलवार और नयनार (12 कार्ड)
| # | प्रश्न | उत्तर |
|---|---|---|
| 1 | अलवार किसके भक्त? | विष्णु — “विष्णु भक्ति में तन्मय” |
| 2 | नयनार किसके भक्त? | शिव |
| 3 | प्रारंभिक भक्ति आंदोलन कब? | लगभग छठी शताब्दी |
| 4 | अलवार-नयनार रचनाओं की भाषा? | तमिल |
| 5 | ★अलवार-नयनारों ने पावन स्थलों के साथ क्या किया? | “कुछ पावन स्थलों को अपने इष्ट का निवासस्थल घोषित किया” |
| 6 | ★अलवार-नयनारों के पावन स्थलों पर बाद में क्या हुआ? | “इन्हीं स्थलों पर बाद में विशाल मंदिरों का निर्माण हुआ और वे तीर्थस्थल माने गए” |
| 7 | ★अलवार-नयनार संतों के साथ और क्या होता था? | “इन संतों की प्रतिमा की भी पूजा की जाती थी” |
| 8 | अलवारों का प्रमुख संकलन? | नलयिरादिव्यप्रबंधम् — “चार हज़ार पावन रचनाएँ” |
| 9 | कितने अलवारों की रचनाएँ? कब संकलित? | बारह; दसवीं शताब्दी तक |
| 10 | ★नलयिरादिव्यप्रबंधम् को क्या कहा जाता था? | तमिल वेद — “महत्व संस्कृत के चारों वेदों जितना” |
| 11 | नयनारों का संकलन? | तेवरम — अप्पार, संबंदर व सुंदरार की कविताएँ |
| 12 | ★तेवरम में वर्गीकरण किस आधार पर? | संगीत के आधार पर |
समूह 6 — जाति, स्त्री भक्त व राज्य (§2.2-2.4) (14 कार्ड)
| # | प्रश्न | उत्तर |
|---|---|---|
| 1 | ! जाति-आलोचना पर NCERT की भाषा? | “कुछ इतिहासकारों का मानना है… कुछ हद तक यह बात सत्य प्रतीत होती है” |
| 2 | भक्ति संत किन समुदायों से थे? | ब्राह्मण, शिल्पकार, किसान, और कुछ उन जातियों से जिन्हें “अस्पृश्य” माना जाता था |
| 3 | स्रोत 1 (वर्ण-व्यवस्था के परे भक्तों पर पद) के लेखक? | तोंदराडिप्पोडी — एक ब्राह्मण अलवार |
| 4 | स्रोत 1 (वर्ण-व्यवस्था के परे भक्तों पर पद) की मुख्य पंक्ति? | “आप उन “दासों” को पसंद करते हैं… चाहे वे वर्ण-व्यवस्था के परे हों” |
| 5 | स्रोत 2 (जाति-गोत्र की निरर्थकता पर पद) के लेखक व मुख्य पंक्ति? | अप्पार (नयनार) — “हे धूर्तजन… तुम्हारा गोत्र और कुल भला किस काम का?” |
| 6 | ★अलवार-नयनार परंपरा की सबसे बड़ी विशिष्टता? | “इसमें स्त्रियों की उपस्थिति थी” |
| 7 | अंडाल कौन थीं? | अलवार स्त्री — “स्वयं को विष्णु की प्रेयसी मानकर”; गीत आज भी गाए जाते हैं |
| 8 | कराइक्काल अम्मइयार का मार्ग? | घोर तपस्या का मार्ग (शिवभक्त, नयनार परंपरा) |
| 9 | ★★स्त्री भक्तों का NCERT का तीन-भागीय मूल्यांकन? | सामाजिक कर्तव्यों का परित्याग • “वैकल्पिक व्यवस्था अथवा भिक्षुणी समुदाय की सदस्या नहीं बनीं” • पितृसत्तात्मक आदर्शों को चुनौती |
| 10 | तमिल भक्ति रचनाओं की एक मुख्य विषयवस्तु? | बौद्ध व जैन धर्म के प्रति विरोध (विशेषत: नयनार रचनाओं में) |
| 11 | ★बौद्ध-जैन विरोध पर इतिहासकारों की व्याख्या? | “परस्पर विरोधी धार्मिक समुदायों में राजकीय अनुदान को लेकर प्रतिस्पर्धा थी” |
| 12 | चोल-निर्मित तीन शिव मंदिर? | चिदम्बरम, तंजावुर, गंगैकोंडचोलपुरम |
| 13 | ★★945 ईसवी के अभिलेख में क्या? | परांतक प्रथम ने अप्पार, संबंदर व सुंदरार की धातु प्रतिमाएँ शिव मंदिर में स्थापित करवाईं; जुलूस में निकाली जाती थीं |
| 14 | ★शासकों को संत क्यों चाहिए थे? | संत वेल्लाल कृषकों द्वारा सम्मानित थे; शासकों ने दैवीय समर्थन का दावा किया व सत्ता-प्रदर्शन के लिए मंदिर बनवाए |
समूह 7 — वीरशैव / लिंगायत (10 कार्ड)
| # | प्रश्न | उत्तर |
|---|---|---|
| 1 | वीरशैव/लिंगायत आंदोलन कब व कहाँ? | बारहवीं शताब्दी, कर्नाटक |
| 2 | वीरशैव आंदोलन के नेता कौन? | बासवन्ना (1106-68) |
| 3 | ★बासवन्ना की पृष्ठभूमि? | ब्राह्मण; कलाचुरी राजा के दरबार में मंत्री |
| 4 | दो नामों के अर्थ? | वीरशैव = शिव के वीर • लिंगायत = लिंग धारण करने वाले |
| 5 | लिंगायत पुरुष क्या धारण करते हैं? | वाम स्कंध पर चाँदी के पिटारे में एक लघु लिंग |
| 6 | ‘जंगम’ कौन हैं? | यायावर भिक्षु |
| 7 | ★लिंगायतों के मृत्यु संबंधी विश्वास? | “मृत्योपरांत भक्त शिव में लीन हो जाएँगे तथा इस संसार में पुन: नहीं लौटेंगे” |
| 8 | ★मृत्यु के बाद शिव में लीन होने के विश्वास का लिंगायतों के आचार पर प्रभाव? | श्राद्ध संस्कार का पालन नहीं; मृतकों को विधिपूर्वक दफ़नाते हैं |
| 9 | ★★लिंगायतों के चार विरोध/स्वीकृतियाँ? | जाति की अवधारणा • “दूषित” होने की धारणा • पुनर्जन्म का सिद्धांत • वयस्क विवाह व विधवा पुनर्विवाह को मान्यता |
| 10 | ‘वचन’ क्या हैं? | कन्नड़ भाषा में स्त्री-पुरुष दोनों द्वारा रची गई रचनाएँ |
समूह 8 — स्रोत 4 : बसवन्ना का वचन (6 कार्ड)★★
| # | प्रश्न | उत्तर |
|---|---|---|
| 1 | स्रोत 4 में बसवन्ना के वचन का पहला विरोधाभास? | पत्थर के साँप को दूध चढ़ाते हैं; असली साँप आ जाए तो “मारो-मारो” |
| 2 | स्रोत 4 में बसवन्ना के वचन का दूसरा विरोधाभास? | जीवित सेवक को “चले जाओ”; प्रतिमा को, जो खा नहीं सकती, व्यंजन परोसते हैं |
| 3 | ★बसवन्ना का रवैया? | अनुष्ठान मात्र का नहीं — उस पाखंड का विरोध जिसमें प्रतीक की पूजा, जीवित प्राणी की उपेक्षा |
| 4 | बसवन्ना के लिए क्या बड़ा है? | आचरण, अनुष्ठान से |
| 5 | ★बसवन्ना की समझाने की विधि? | रोज़मर्रा की छवियाँ • कोई शास्त्रीय शब्दावली नहीं • उपदेश नहीं, दृश्य • सरल कन्नड़ |
| 6 | बसवन्ना पर कक्षा-सूत्र? | “उन्होंने तर्क नहीं दिया — उन्होंने आईना दिखाया।” |
समूह 9 — उत्तरी भारत में उफ़ान (§4) (8 कार्ड)
| # | प्रश्न | उत्तर |
|---|---|---|
| 1 | ★NCERT का अपना प्रश्न? | “अलवार-नयनार जैसा कोई ग्रंथ चौदहवीं शताब्दी तक उत्तरी भारत से प्राप्त नहीं हुआ। इस भिन्नता की क्या वजह हो सकती है?” |
| 2 | उत्तरी भारत में ग्रंथ न मिलने पर NCERT का सुझाव? | राजपूत राज्यों का उद्भव; ब्राह्मणों का महत्त्वपूर्ण स्थान; “प्रभुसत्ता को सीधे चुनौती देने का प्रयास शायद ही किसी ने किया” |
| 3 | कौन-से नए धार्मिक नेता उभरे? | नाथ, जोगी और सिद्ध — “रूढ़िवादी ब्राह्मणीय साँचे के बाहर” |
| 4 | नाथ, जोगी और सिद्धों का सामाजिक आधार? | शिल्पी समुदाय, जिनमें जुलाहे शामिल थे |
| 5 | ★★नाथ, जोगी और सिद्धों का महत्त्व क्यों बढ़ा? | नगरीय केंद्रों का विस्तार + मध्य व पश्चिमी एशिया से व्यापार → दस्तकारी की माँग बढ़ी |
| 6 | नाथ, जोगी और सिद्धों ने किसे चुनौती दी? | वेदों की सत्ता को; विचार आम लोगों की भाषा में रखे |
| 7 | ★नाथ, जोगी और सिद्धों की आम बोलचाल की भाषाओं का क्या हुआ? | “समय के साथ यह भाषाएँ उस रूप में विकसित हुईं जिस तरह आज भी प्रयोग में लाई जाती हैं” |
| 8 | ! नाथ, जोगी और सिद्धों की सीमा? | “विशिष्ट शासक वर्ग का प्रश्रय हासिल करने की स्थिति में नहीं थे” |
समूह 10 — इस्लामी परंपराएँ (§5) (13 कार्ड)
| # | प्रश्न | उत्तर |
|---|---|---|
| 1 | 711 ई. में क्या हुआ? | मुहम्मद बिन कासिम ने सिंध विजित किया; ख़लीफ़ा के क्षेत्र में शामिल |
| 2 | ‘उलमा’ कौन थे? | इस्लाम धर्म के ज्ञाता; धार्मिक, कानूनी व अध्यापन संबंधी ज़िम्मेदारी |
| 3 | शरिया किस पर आधारित है? | कुरान शरीफ़ और हदीस |
| 4 | ‘हदीस’ का अर्थ? | पैग़म्बर साहब से जुड़ी परंपराएँ — “उनके स्मृत शब्द और क्रियाकलाप” |
| 5 | ★बाद में जुड़े दो स्रोत? | क़ियास (सदृशता के आधार पर तर्क) व इजमा (समुदाय की सहमति) |
| 6 | ★★क़ियास और इजमा क्यों जुड़े? | “जब अरब क्षेत्र से बाहर इस्लाम का प्रसार हुआ जहाँ के आचार-व्यवहार भिन्न थे” |
| 7 | ‘ज़िम्मी’ का अर्थ? | संरक्षित श्रेणी (अरबी ‘ज़िम्मा’ से) |
| 8 | ‘जज़िया’ क्या था? | वह कर जिसे चुकाकर मुसलमान शासकों द्वारा संरक्षण मिलता था |
| 9 | ★भारत में ज़िम्मी में कौन शामिल हुए? | हिंदू भी |
| 10 | ★★शासकों की व्यावहारिक नीति? | “काफ़ी लचीली नीति” — भूमि अनुदान व कर की छूट हिंदू, जैन, पारसी, ईसाई व यहूदी धर्मसंस्थाओं को |
| 11 | किन मुगल बादशाहों ने ऐसे अनुदान दिए? | “अनेक मुगल बादशाहों जिनमें अकबर और औरंगज़ेब शामिल थे” |
| 12 | इस्लाम की पाँच ‘बातें’? | अल्लाह एकमात्र ईश्वर • पैगम्बर उनके दूत (शाहद) • पाँच बार नमाज़ • ज़कात • रोज़ा व हज |
| 13 | ★इस्लाम की पाँच बातें एक होने पर भी व्यवहार में भिन्नता क्यों? | सांप्रदायिक (शिया-सुन्नी) वजहों से तथा स्थानीय लोकाचारों के प्रभाव से |
समूह 11 — लोक-इस्लाम, मस्जिद व समुदायों के नाम (12 कार्ड)
| # | प्रश्न | उत्तर |
|---|---|---|
| 1 | खोजा इस्माइली समुदाय ने क्या किया? | कुरान के विचारों की अभिव्यक्ति के लिए देशी साहित्यिक विधा — जीनन |
| 2 | ‘जीनन’ शब्द किससे? | संस्कृत शब्द ‘ज्ञान’ से |
| 3 | जीनन किन भाषाओं में? | पंजाबी, मुल्तानी, सिंधी, कच्छी, हिंदी, गुजराती |
| 4 | ★मालाबार के अरब व्यापारियों ने क्या अपनाया? | मलयालम भाषा + मातृकुलीयता व मातृगृहता |
| 5 | ‘मातृगृहता’ क्या है? | “स्त्रियाँ विवाह के बाद अपने मायके में ही अपनी संतान के साथ रहती हैं” |
| 6 | ★मस्जिद के सार्वभौमिक तत्व? | मक्का की तरफ़ अनुस्थापन — मेहराब व मिम्बर से लक्षित |
| 7 | ‘मेहराब’ व ‘मिम्बर’ क्या? | प्रार्थना का आला व व्यासपीठ |
| 8 | ★मस्जिदों के भिन्न (स्थानीय) तत्व? | छत और निर्माण का सामान |
| 9 | स्थानीय तत्वों वाली मस्जिदों के तीन उदाहरण? | केरल (13वीं सदी, शिखर जैसी छत) • अतिया मस्जिद (1609, ईंट, बांग्लादेश) • शाह हमदान (1395, लकड़ी, श्रीनगर) |
| 10 | ★8वीं-14वीं सदी के ग्रंथों में ‘मुसलमान’ शब्द? | “शायद ही कहीं प्रयोग हुआ हो” |
| 11 | ★8वीं-14वीं सदी के ग्रंथों में लोगों का वर्गीकरण किस आधार पर होता था? | जन्मस्थान के आधार पर — तुरुष्क, ताजिक, पारसीक, शक, यवन |
| 12 | ★‘म्लेच्छ’ का आशय? | “वर्ण नियमों का पालन नहीं करते थे और ऐसी भाषाएँ बोलते थे जो संस्कृत से नहीं उपजी थीं” |
समूह 12 — सूफ़ीमत : विश्वास व संस्थाएँ (16 कार्ड)
| # | प्रश्न | उत्तर |
|---|---|---|
| 1 | सूफ़ीमत किसके विरुद्ध उभरा? | खिलाफ़त की बढ़ती विषयशक्ति के विरुद्ध |
| 2 | सूफ़ियों का झुकाव किस ओर? | रहस्यवाद और वैराग्य |
| 3 | सूफ़ीमत की पहली मूल स्थापना? | रूढ़िवादी बौद्धिक व्याख्या की आलोचना |
| 4 | सूफ़ीमत की दूसरी मूल स्थापना? | मुक्ति के लिए ईश्वर की भक्ति व आदेशों का पालन |
| 5 | सूफ़ीमत की तीसरी मूल स्थापना? | पैगम्बर मोहम्मद = इंसान-ए-कामिल; उनका अनुसरण |
| 6 | ★सूफ़ीमत की चौथी मूल स्थापना? | “कुरान की व्याख्या अपने निजी अनुभवों के आधार पर” |
| 7 | ★‘सूफ़ीवाद’ शब्द कब का? | उन्नीसवीं शताब्दी में मुद्रित एक अंग्रेज़ी शब्द |
| 8 | सूफ़ी परंपरा का अपना शब्द? | तसव्वुफ़ |
| 9 | ‘सूफ़ी’ शब्द की व्युत्पत्ति के तीन मत? | सूफ़ (ऊन) • सफ़ा (साफ़) • सुफ़्फ़ा (पैगम्बर की मस्जिद के बाहर का चबूतरा) |
| 10 | ‘ख़ानक़ाह’ क्या? | संगठित सूफ़ी समुदाय का केंद्र (फ़ारसी) |
| 11 | ख़ानक़ाह का नियंत्रण किसके हाथ? | शेख़ (अरबी), पीर अथवा मुर्शीद (फ़ारसी) |
| 12 | ‘मुरीद’ व ‘खलीफ़ा’ कौन? | अनुयायी व वारिस/उत्तराधिकारी |
| 13 | ★★‘सिलसिला’ का शाब्दिक अर्थ? | ज़ंजीर — “पहली अटूट कड़ी पैगम्बर मोहम्मद से जुड़ी है” |
| 14 | सूफ़ी सिलसिले में दीक्षा के अनुष्ठान? | निष्ठा का वचन • सिर मुँड़ाना • थेगड़ी लगे वस्त्र |
| 15 | सिलसिलों के नाम कैसे पड़े? | संस्थापक पर (कादरी — अब्दुल कादिर जिलानी) या जन्मस्थान पर (चिश्ती — अफ़गानिस्तान का चिश्ती शहर) |
| 16 | ★‘वली’ कौन? | ईश्वर का मित्र — जो बरकत से करामात करने की शक्ति रखता था |
समूह 13 — दरगाह, उर्स व बा/बे-शरिया (10 कार्ड)
| # | प्रश्न | उत्तर |
|---|---|---|
| 1 | ‘दरगाह’ का फ़ारसी अर्थ? | दरबार |
| 2 | ‘ज़ियारत’ क्या? | दरगाह की तीर्थयात्रा |
| 3 | ★‘उर्स’ का अर्थ? | विवाह — “पीर की आत्मा का ईश्वर से मिलन” |
| 4 | ★★उर्स क्यों मनाया जाता है? | “मृत्यु के बाद पीर ईश्वर से एकीभूत हो जाते हैं और पहले के बजाय उनके अधिक करीब हो जाते हैं” |
| 5 | लोग दरगाह क्यों जाते थे? | आध्यात्मिक और ऐहिक कामनाओं की पूर्ति के लिए आशीर्वाद लेने |
| 6 | ★बे-शरिया कौन थे? | जिन्होंने ख़ानक़ाह का तिरस्कार किया; फकीर की ज़िंदगी बिताते थे |
| 7 | बे-शरिया ने किसे गौरव दिया? | निर्धनता और ब्रह्मचर्य को |
| 8 | बे-शरिया सूफ़ियों के नाम? | कलंदर, मदारी, मलंग, हैदरी |
| 9 | बा-शरिया कौन? | शरिया का पालन करने वाले सूफ़ी |
| 10 | ★बा-शरिया और बे-शरिया में समानता? | दोनों रहस्यवादी हैं; दोनों सूफ़ी हैं; दोनों ईश्वर से निकटता चाहते हैं |
समूह 14 — चिश्ती सिलसिला (16 कार्ड)
| # | प्रश्न | उत्तर |
|---|---|---|
| 1 | ★चिश्ती सबसे प्रभावशाली क्यों? | “स्थानीय परिवेश में अच्छी तरह ढाला अपितु भारतीय भक्ति परंपरा की कई विशिष्टताओं को भी अपनाया” |
| 2 | शेख़ मुइनुद्दीन चिश्ती — मृत्यु व दरगाह? | 1235; अजमेर (राजस्थान) |
| 3 | ख़्वाजा कुतुबुद्दीन बख़्तियार काकी? | 1235; दिल्ली |
| 4 | शेख़ फरीदुद्दीन गंज-ए-शकर? | 1265; अजोधन (पाकिस्तान) |
| 5 | शेख़ निज़ामुद्दीन औलिया? | 1325; दिल्ली |
| 6 | शेख़ नसीरुद्दीन चिराग-ए-देहली? | 1356; दिल्ली |
| 7 | निज़ामुद्दीन औलिया की ख़ानक़ाह कहाँ? | दिल्ली की बाहरी सीमा पर यमुना किनारे ग़ियासपुर |
| 8 | निज़ामुद्दीन औलिया की ख़ानक़ाह में बड़ा हाल क्या कहलाता था? | जमातख़ाना |
| 9 | ★निज़ामुद्दीन औलिया की ख़ानक़ाह की एक असाधारण घटना? | “मंगोल आक्रमण के समय पड़ोसी क्षेत्र के लोगों ने ख़ानक़ाह में शरण ली” |
| 10 | ख़ानक़ाह का लंगर किस पर चलता था? | फ़ुतूह — बिना माँगी खैर |
| 11 | ★★ख़ानक़ाह के आगंतुक कौन-कौन? | सिपाही, गुलाम, गायक, व्यापारी, कवि, राहगीर, धनी, निर्धन, हिंदू जोगी, कलंदर |
| 12 | आगंतुक ख़ानक़ाह में क्यों आते थे? | अनुयायी बनने • इबादत करने • ताबीज़ लेने • शेख़ की मध्यस्थता के लिए |
| 13 | ख़ानक़ाह के तीन प्रसिद्ध आगंतुक? | अमीर हसन सिजज़ी, अमीर खुसरो, ज़ियाउद्दीन बरनी |
| 14 | ★★स्थानीय परंपराओं के आत्मसातीकरण के चार व्यवहार? | शेख़ के सामने झुकना • पानी पिलाना • सिर मुंडन • यौगिक व्यायाम |
| 15 | ख़्वाजा मुइनुद्दीन को क्या कहा जाता है? | ‘ग़रीब नवाज़’ |
| 16 | ★अकबर व अजमेर? | चौदह बार आया; 1580 तक परंपरा; 1568 में विशाल देग़ भेंट; अहाते में मस्जिद बनवाई |
समूह 15 — भाषा, समा व सूफ़ी-राज्य (12 कार्ड)
| # | प्रश्न | उत्तर |
|---|---|---|
| 1 | ‘ज़िक्र’ व ‘समा’ क्या? | ईश्वर का नाम-जाप व श्रवण/आध्यात्मिक संगीत की महफ़िल |
| 2 | ★समा का महत्त्व क्या सिद्ध करता है? | “चिश्ती स्थानीय भक्ति परंपरा से जुड़े” |
| 3 | अमीर खुसरो का काल व पहचान? | 1253-1325; कवि, संगीतज्ञ, निज़ामुद्दीन औलिया के अनुयायी |
| 4 | ★अमीर खुसरो ने क्या प्रचलित किया? | कौल (अरबी — ‘कहावत’) — कव्वाली के शुरू और आखिर में गाया जाता |
| 5 | कौल के बाद क्या होता था? | सूफ़ी कविता का पाठ — फारसी, हिंदवी अथवा उर्दू में; “कभी-कभी तीनों ही भाषाओं के शब्द” |
| 6 | दिल्ली में चिश्ती किस भाषा में बात करते थे? | हिंदवी |
| 7 | ★बाबा फरीद की रचनाएँ कहाँ संकलित? | गुरु ग्रंथ साहिब में |
| 8 | ‘मसनवी’ क्या? | लंबी कविताएँ — “ईश्वर के प्रति प्रेम को मानवीय प्रेम के रूपक द्वारा” |
| 9 | ★★‘पद्मावत’ किसकी रचना? विषय? | मलिक मोहम्मद जायसी; पद्मिनी व चित्तौड़ के राजा रतनसेन की प्रेम कथा — “प्रतीक है आत्मा की परमात्मा तक पहुँचने की यात्रा का” |
| 10 | ★दक्खनी कविताएँ कहाँ व किसने रचीं? | बीजापुर, कर्नाटक के आसपास; 17वीं-18वीं सदी के चिश्ती संतों ने |
| 11 | ★★दक्खनी कविताएँ कब गाई जाती थीं? | “औरतों द्वारा घर का काम जैसे चक्की पीसते और चरखा कातते हुए” |
| 12 | ★★सुल्तानों ने सूफ़ियों का सहारा क्यों लिया? | “सुल्तान जानते थे कि उनकी अधिकांश प्रजा इस्लाम धर्म मानने वाली नहीं है”; सूफ़ी की सत्ता अल्लाह से उद्भूत थी, उलमा की व्याख्या पर निर्भर नहीं |
समूह 16 — कबीर, नानक व मीराबाई (16 कार्ड)
| # | प्रश्न | उत्तर |
|---|---|---|
| 1 | कबीर का काल? | लगभग चौदहवीं-पंद्रहवीं शताब्दी |
| 2 | ★तीन संकलन? | कबीर बीजक (वाराणसी) • कबीर ग्रंथावली (राजस्थान, दादू पंथी) • आदि ग्रंथ साहिब |
| 3 | ! कबीर की रचनाओं के संकलन कब हुए? | “कबीर की मृत्यु के बहुत बाद”; उन्नीसवीं शताब्दी में मुद्रण |
| 4 | ‘उलटबाँसी’ क्या? | उलटी कही उक्तियाँ — “परम सत्य के स्वरूप को समझने की मुश्किल दर्शाता है” |
| 5 | ★★कबीर ने किन तीन परंपराओं की शब्दावली ली? | इस्लामी (अल्लाह, खुदा, हजरत, पीर) • वेदांत (अलख, निराकार, ब्रह्मन्, आत्मन्) • योगी (शब्द, शून्य) |
| 6 | ★स्रोत 10 (कबीर के पद) की निर्णायक पंक्ति? | “विभिन्नताएँ तो केवल शब्दों में हैं जिनका आविष्कार हम स्वयं करते हैं” |
| 7 | ★NCERT की स्रोत-आलोचना (रामानंद)? | “कबीर और रामानंद का समकालीन होना मुश्किल प्रतीत होता है… अत: वे परंपराएँ स्वीकार नहीं की जा सकतीं” |
| 8 | ★कबीर-रामानंद संबंध की परंपराओं का फिर भी क्या मूल्य है? | “उनसे यह अवश्य पता चलता है कि कबीर की विरासत बाद की पीढ़ी के लिए कितनी महत्त्वपूर्ण थी” |
| 9 | बाबा गुरु नानक का काल व जन्मस्थल? | 1469-1539; ननकाना (पंजाब), रावी नदी के पास |
| 10 | बाबा गुरु नानक ने किसका प्रचार किया? | निर्गुण भक्ति |
| 11 | ★बाबा गुरु नानक ने क्या अस्वीकार किया? | यज्ञ, आनुष्ठानिक स्नान, मूर्ति पूजा, कठोर तप; तथा हिन्दू व मुसलमानों के धर्मग्रंथ |
| 12 | गुरु नानक का सेवक कौन व क्या बजाता था? | मरदाना; रबाब |
| 13 | ★‘संगत’ क्या? | सामुदायिक उपासना — “जहाँ सामूहिक रूप से पाठ होता था” |
| 14 | ★★आदि ग्रंथ साहिब में किनकी बानी? | बाबा गुरु नानक + चार उत्तराधिकारी + बाबा फरीद + रविदास + कबीर |
| 15 | मीराबाई कहाँ की थीं? | मारवाड़ के मेड़ता जिले की राजपूत राजकुमारी; विवाह मेवाड़ के सिसोदिया कुल में |
| 16 | ★★मीराबाई की विशिष्टता? | कोई मंडली/पंथ नहीं बना, फिर भी “शताब्दियों से प्रेरणा का स्रोत”; पद आज भी गुजरात व राजस्थान के ग़रीबों द्वारा गाए जाते हैं |
बोनस समूह — पुनर्निर्माण के स्रोत (§9) (8 कार्ड)★★
| # | प्रश्न | उत्तर |
|---|---|---|
| 1 | कश्फ-उल-महजूब किसने लिखी? | अली बिन उस्मान हुजविरी (मृत्यु 1071) — सूफ़ी विचारों व आचारों पर प्रबंध पुस्तिका |
| 2 | ★कश्फ-उल-महजूब का महत्त्व? | “यह जानने में मदद करता है कि उपमहाद्वीप के बाहर की परंपराओं ने भारत में सूफ़ी चिंतन को किस तरह प्रभावित किया” |
| 3 | मलफ़ुज़ात क्या? | सूफ़ी संतों की बातचीत |
| 4 | मलफ़ुज़ात का आरंभिक ग्रंथ? | फवाइद-अल-फुआद — अमीर हसन सिजज़ी देहलवी द्वारा संकलित; निज़ामुद्दीन औलिया पर आधारित |
| 5 | मक्तूबात क्या? | लिखे हुए पत्रों का संकलन — उदा. मक्तूबात-ए-इमाम रब्बानी, शेख़ अहमद सरहिंदी (मृत्यु 1624) |
| 6 | तज़्किरा क्या? | सूफ़ी संतों की जीवनियों का स्मरण |
| 7 | ★तज़्किरा लेखकों का उद्देश्य? | “अपने सिलसिले की प्रधानता स्थापित करना और… अपनी आध्यात्मिक वंशावली की महिमा का बखान करना” |
| 8 | ★★स्रोतों की तीन नियति? | सुरक्षित • संशोधित • विस्मृत — “कुछ संदेश ऐसे भी थे जो हमेशा के लिए विस्मृत हो गए” |