अध्याय 1 — विकास · आर्थिक विकास की समझ · कक्षा 10
कक्षा — 10 · विषय — अर्थशास्त्र (आर्थिक विकास की समझ) · पृष्ठ — 3 से 17
यह पन्ना किसलिए — स्लाइड शो कक्षा में चलाने से पहले एक बार पढ़ लेने के लिए। यहाँ सारी स्लाइड एक के नीचे एक हैं। उद्धरण-चिह्नों के भीतर सिर्फ़ किताब के शब्द हैं, और स्लाइड के ऊपर किताब का पृष्ठ लिखा है। जो बात हमारी है, उसके आगे “हमारी ओर से” लिखा है।
बच्चों की आम भूलें शिक्षक संदर्शिका में हैं, और अध्याय की सारी तालिकाएँ रिवीजन नोट्स में। बच्चे ख़ुद पढ़ें, तो उन्हें इंटरैक्टिव अध्याय दीजिए।
कौन-सी स्लाइड किस कालांश में — पाठ योजना के हिसाब से:
- कालांश 1 — शुरू की तीन स्लाइड, फिर अलग-अलग लोग, अलग-अलग लक्ष्य
- कालांश 2 — आय और अन्य लक्ष्य
- कालांश 3 — राष्ट्रीय विकास (आइवरी कोस्ट की ख़बर समेत)
- कालांश 4 — देशों की तुलना: औसत आय और उसकी कमज़ोरी
- कालांश 5 — आय और अन्य मापदंड: हरियाणा, केरल, बिहार
- कालांश 6 — सार्वजनिक सुविधाएँ (पृष्ठ 12 और 13 के दोनों कार्यकलाप समेत)
- कालांश 7 — मानव विकास रिपोर्ट
- कालांश 8 — विकास की धारणीयता, प्रश्नावली और समापन
पहले यह पढ़िए — किताब की पहली पंक्ति
पृष्ठ 3
“विकास अथवा प्रगति की धारणा हमेशा से हमारे साथ है।”
किताब आगे पूछती है: कोई देश कैसा होना चाहिए? क्या सभी का जीवन बेहतर हो सकता है? क्या और अधिक समानता हो सकती है?
अपने गाँव या मोहल्ले में आप सिर्फ़ एक चीज़ बदल सकें, तो क्या बदलेंगे? पर्ची पर लिखिए, नाम मत लिखिए।
अध्याय का नक्शा
अध्याय का परिचय, पृष्ठ 3
- अलग-अलग लोग विकास से अलग-अलग चीज़ें चाहते हैं
- फिर पूरे देश का विकास: किसके लिए, किस तरीक़े से
- देशों और राज्यों की तुलना: पहले आय से, फिर स्वास्थ्य और शिक्षा से
- आख़िर में: क्या आज का विकास आने वाली पीढ़ियों तक टिकेगा
हमारी ओर से: पहले दिन की पर्चियाँ सँभालकर रखिए। आख़िरी कालांश में वे फिर काम आएँगी।
1 | अलग-अलग लोग, अलग-अलग लक्ष्य
तालिका 1.1: तीन भरी हुई पंक्तियाँ
पृष्ठ 4
| व्यक्ति की श्रेणी | विकास के लक्ष्य |
|---|---|
| भूमिहीन ग्रामीण मज़दूर | काम करने के ज़्यादा दिन और बेहतर मज़दूरी; बच्चों के लिए अच्छा स्थानीय स्कूल; कोई सामाजिक भेदभाव नहीं, गाँव में वे भी नेता बन सकें |
| पंजाब के समृद्ध किसान | उपज के ज़्यादा समर्थन मूल्य; मेहनती और सस्ते मज़दूरों से ऊँची पारिवारिक आय, ताकि बच्चों को विदेश में बसा सकें |
| शहर के अमीर परिवार की एक लड़की | भाई जैसी आज़ादी; अपने फ़ैसले ख़ुद; विदेश में पढ़ाई |
तालिका 1.1 की खाली पंक्तियाँ
पृष्ठ 4 · किताब कहती है: तालिका पूरी कीजिए, चाहें तो और लोग जोड़िए
- किसान जो खेती के लिए केवल वर्षा पर निर्भर हैं
- भूस्वामी परिवार की एक ग्रामीण महिला
- शहरी बेरोज़गार युवक
- शहर के अमीर परिवार का एक लड़का
- नर्मदा घाटी का एक आदिवासी
हमारी ओर से: हर समूह एक पंक्ति ले, और उस व्यक्ति की जगह खड़े होकर लिखे।
अब तालिका देखिए। क्या इन सब लोगों के लिए विकास का मतलब एक ही है?
जब एक का विकास दूसरे से टकराए
पृष्ठ 4–5
घर में
- लड़की चाहती है कि उसे भाई के बराबर आज़ादी और अवसर मिलें
- और भाई भी घर के कामकाज में हाथ बँटाए
- हो सकता है भाई को यह पसंद न हो
नदी पर
- अधिक बिजली के लिए उद्योगपति ज़्यादा बाँध चाहते हैं
- पर ज़मीन जलमग्न हो सकती है, लोग बेघर हो सकते हैं, जैसे कि आदिवासी
- वे विरोध कर सकते हैं, और सिंचाई के लिए छोटे चैक बाँध या तालाब पसंद कर सकते हैं
हमारी ओर से: तालिका 1.1 में भी यही है। मज़दूर बेहतर मज़दूरी चाहता है, किसान सस्ते मज़दूर।
किताब के दो निष्कर्ष
पृष्ठ 5
- पहला: अलग-अलग “लोगों के विकास के लक्ष्य भिन्न हो सकते हैं”
- दूसरा: “एक के लिए जो विकास है वह दूसरे के लिए विकास न हो। यहाँ तक कि वह दूसरे के लिए विनाशकारी भी हो सकता है।”
हमारी ओर से: अगले सारे कालांश इन्हीं दो बातों पर खड़े हैं।
2 | आय और अन्य लक्ष्य
तालिका 1.1 में एक बात सबमें समान
पृष्ठ 5
- नियमित काम
- बेहतर मज़दूरी
- अपनी उपज या दूसरी चीज़ों की अच्छी कीमत
दूसरे शब्दों में, सब ज़्यादा आय चाहते हैं।
आय के अलावा लोग क्या चाहते हैं
पृष्ठ 5
भौतिक चीज़ें
- ज़्यादा आय
- ज़्यादा उपभोग
- पैसे से ख़रीदी जा सकने वाली वस्तुएँ
अभौतिक चीज़ें
- बराबरी का व्यवहार
- स्वतंत्रता
- सुरक्षा
- दूसरों से आदर
किताब कहती है कि कुछ मामलों में ये ज़्यादा आय से भी ज़्यादा महत्त्वपूर्ण हो सकते हैं, “क्योंकि जीने के लिए केवल भौतिक वस्तुएँ ही पर्याप्त नहीं होती।”
दोस्ती को कैसे मापेंगे?
पृष्ठ 5
किताब कहती है कि यह निष्कर्ष ग़लत होगा कि “जिसे मापा नहीं जा सकता, वह महत्त्व नहीं रखता।”
दोस्ती जैसी बहुत सी चीज़ें आसानी से मापी नहीं जा सकतीं, फिर भी जीवन में बहुत मायने रखती हैं।
दो नौकरियाँ: एक में वेतन ज़्यादा, पर नौकरी पक्की नहीं और परिवार के लिए समय भी नहीं। दूसरी में वेतन कम, पर काम नियमित। आप कौन-सी लेंगे?
दूर की नौकरी लेने से पहले
पृष्ठ 6
| आय के अलावा | क्या सोचेंगे |
|---|---|
| परिवार | परिवार के लिए वहाँ क्या सुविधाएँ होंगी |
| काम की जगह | काम करने का वातावरण कैसा होगा |
| आगे बढ़ना | सीखने के क्या अवसर हैं |
| सुरक्षा | कम वेतन वाला नियमित रोज़गार सुरक्षा की भावना बढ़ाता है |
महिलाएँ, आदर और काम
पृष्ठ 6
- महिलाएँ वेतन वाला काम करें, तो घर और समाज में उनका आदर बढ़ता है
- आदर हो, तो घर के काम-काज में उनका ज़्यादा हाथ बँटाया जाता है
- सुरक्षित और संरक्षित वातावरण हो, तो ज़्यादा महिलाएँ तरह-तरह की नौकरियाँ या व्यापार कर सकती हैं
हमारी ओर से: यहाँ आय, आदर और सुरक्षा एक-दूसरे को आगे बढ़ाते हैं।
किताब की बात
“इसी तरह, विकास के लिए, लोग मिले-जुले लक्ष्यों को देखते हैं।”
पाठ्यपुस्तक, पृष्ठ 6
3 | राष्ट्रीय विकास
भारत को विकास के लिए क्या करना चाहिए? हर समूह एक जवाब बोर्ड पर लिखे।
जवाब अलग-अलग होंगे
पृष्ठ 6
हमारी ओर से: अगर लोगों के लक्ष्य अलग हैं, तो देश के विकास के बारे में उनकी धारणाएँ भी अलग होंगी, कभी आपस में विरोधी भी।
किताब इसे बहुत ज़रूरी बात मानती है, और फिर पाँच सवाल पूछती है।
राष्ट्रीय विकास: पाँच सवाल
पृष्ठ 6
- क्या सभी विचारों को बराबर महत्त्व दिया जा सकता है?
- विचार आपस में विरोधी हों, तो निर्णय कैसे हो?
- सभी के लिए न्यायपूर्ण और सही राह क्या होगी?
- क्या काम करने का कोई बेहतर तरीक़ा है?
- इससे बहुत से लोगों को फ़ायदा होगा या कुछ को ही?
“राष्ट्रीय विकास का अभिप्राय इन सब प्रश्नों पर विचार करना है।”
अख़बार की एक रिपोर्ट: आइवरी कोस्ट
पृष्ठ 7
| क्या | किताब क्या बताती है |
|---|---|
| कहाँ | अफ़्रीका का देश आइवरी कोस्ट, शहर अबिदजान |
| क्या हुआ | एक जहाज़ ने 500 टन तरल ज़हरीले अवशेष शहर के खुले कूड़े घर और आसपास के समुद्र में डाल दिए |
| लोगों पर असर | जी मिचलाना, चमड़ी पर ददोरे, बेहोशी, दस्त |
| एक महीने बाद | 7 लोग मारे गए, 20 अस्पताल में भरती हुए, 26,000 लोगों का इलाज हुआ |
| किसने करवाया | पेट्रोल और धातुओं से जुड़ी एक बहुराष्ट्रीय कंपनी ने एक स्थानीय कंपनी को ज़हरीले पदार्थ फेंकने का ठेका दिया |
किताब पूछती है: किन लोगों को लाभ हुआ और किन को नहीं? इस देश के विकास के लक्ष्य क्या होने चाहिए?
हमारी ओर से: लाभ किसे, नुकसान किसे
पृष्ठ 7 की ख़बर से
लाभ
- बहुराष्ट्रीय कंपनी: उसका ज़हरीला कचरा उसके जहाज़ से हट गया
- स्थानीय कंपनी: ठेके का पैसा मिला
नुकसान
- अबिदजान के लोग: बीमारी, अस्पताल, मौतें
- शहर और आसपास का समुद्र
देश के लक्ष्य: साफ़ पर्यावरण, लोगों का स्वास्थ्य, और ऐसे नियम कि कोई कंपनी ज़हर न फेंक सके।
4 | देशों की तुलना: औसत आय और उसकी कमज़ोरी
कक्षा के दो विद्यार्थियों की तुलना कैसे करेंगे? ऊँचाई से, अंकों से, या दोस्ताना व्यवहार से?
देशों की तुलना का आधार
पृष्ठ 8
“देशों की तुलना करने के लिए उनकी आय सबसे महत्त्वपूर्ण विशिष्टता समझी जाती है।”
जिन देशों की आय ज़्यादा है, उन्हें कम आय वाले देशों से ज़्यादा विकसित समझा जाता है।
कुल आय नहीं, औसत आय
पृष्ठ 8
- देश की कुल आय: उसके सभी निवासियों की आय
- देशों की आबादी अलग-अलग है, इसलिए कुल आय से यह पता नहीं चलता कि औसत व्यक्ति क्या कमाता है
- औसत आय = देश की कुल आय ÷ कुल जनसंख्या
- औसत आय को प्रतिव्यक्ति आय भी कहते हैं
विश्व बैंक का वर्गीकरण, 2024
पृष्ठ 8 · विश्व विकास रिपोर्ट
| वर्ग | प्रतिव्यक्ति आय, प्रति वर्ष |
|---|---|
| समृद्ध या उच्च आय वाले देश | US $66,500 या उससे ज़्यादा |
| निम्न आय वाले देश | लगभग US $2,300 या उससे कम |
| भारत: मध्य आय वर्ग | लगभग US $11,000 |
तालिका 1.2: दो देश, पाँच-पाँच नागरिक
पृष्ठ 9 · नागरिकों की मासिक आय, रुपये में
| देश | 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | औसत |
|---|---|---|---|---|---|---|
| देश क | 9,500 | 10,500 | 9,800 | 10,000 | 10,200 | ? |
| देश ख | 500 | 500 | 500 | 500 | 48,000 | ? |
दोनों का औसत
पृष्ठ 9
देश क: 50,000 ÷ 5 = 10,000 · देश ख: 50,000 ÷ 5 = 10,000
हमारी ओर से: औसत एक जैसा, पर देश ख में चार लोग 500 रुपये पर जी रहे हैं।
आपकी नागरिकता संख्या लॉटरी से तय होगी। अब आप किस देश में रहना चाहेंगे?
किताब के दो कार्टून
पृष्ठ 9
देश क जैसा
- सबकी आय 9,500 से 10,500 के बीच
- कार्टून का नाम: “गरीब विहीन तथा अमीर विहीन व्यक्तियों का देश”
देश ख जैसा
- चार लोग 500 पर, एक 48,000 पर
- कार्टून का नाम: “गरीब तथा अमीर व्यक्तियों का देश”
किताब कहती है: लॉटरी से नागरिकता तय हो, तो शायद ज़्यादातर लोग देश क में रहना पसंद करेंगे।
औसत की कमज़ोरी
“इसलिए यद्यपि औसत आय तुलना के लिए उपयोगी है, लेकिन इससे यह पता नहीं चलता कि यह आय लोगों में किस प्रकार वितरित है।”
पाठ्यपुस्तक, पृष्ठ 9
5 | आय और अन्य मापदंड: हरियाणा, केरल, बिहार
तालिका 1.3: तीन राज्यों की प्रतिव्यक्ति आय
पृष्ठ 10 · 2023-24, रुपयों में
| राज्य | प्रतिव्यक्ति आय |
|---|---|
| हरियाणा | 3,25,759 |
| केरल | 2,81,001 |
| बिहार | 60,337 |
सिर्फ़ इस तालिका से बताइए: तीनों में सबसे विकसित राज्य कौन-सा है?
तालिका 1.4: आय के अलावा तीन बातें
पृष्ठ 10
| राज्य | शिशु मृत्यु दर (2020) | साक्षरता दर %, 2017-18 | निवल उपस्थिति अनुपात, माध्यमिक स्तर (15–17 वर्ष), 2019-21 |
|---|---|---|---|
| हरियाणा | 28 | 80 | 67 |
| केरल | 6 | 96 | 77 |
| बिहार | 27 | 71 | 55 |
तीन शब्द
पृष्ठ 10
| शब्द | मतलब |
|---|---|
| शिशु मृत्यु दर | “किसी वर्ष में पैदा हुए 1,000 जीवित बच्चों में से एक वर्ष की आयु से पहले मर जाने वाले बच्चों का अनुपात दिखाती है।” |
| साक्षरता दर | “7 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों में साक्षर जनसंख्या का अनुपात।” |
| निवल उपस्थिति अनुपात | किसी आयु-वर्ग के कुल बच्चों में से कितने प्रतिशत स्कूल जा रहे हैं |
तालिका क्या दिखाती है
पृष्ठ 11
- केरल में 1,000 जीवित पैदा हुए बच्चों में से 6 एक साल का होने से पहले मर जाते हैं; हरियाणा में 28
- फिर भी हरियाणा की प्रतिव्यक्ति आय केरल से ज़्यादा है
- बिहार का निवल उपस्थिति अनुपात 55 है, यानी माध्यमिक कक्षाओं में 15–17 वर्ष के 100 में से लगभग 45 बच्चे स्कूल नहीं जा रहे
किताब के पाठ में यहाँ “लगभग एक-तिहाई” छपा है, पर तालिका का 55 लगभग 45 प्रतिशत बताता है। तालिका 1.4 के ऊपर आयु 15–17 वर्ष छपी है, पर नीचे की परिभाषा में “14 तथा 15 वर्ष” छपा है; तालिका के आँकड़े 15–17 वर्ष के बच्चों के पढ़िए।
हरियाणा की आय ज़्यादा है। फिर केरल में बच्चे कम क्यों मरते हैं, और ज़्यादा क्यों पढ़ते हैं?
6 | सार्वजनिक सुविधाएँ
जेब का रुपया
“यह आवश्यक नहीं कि जेब में रखा रुपया वे सब वस्तुएँ और सेवाएँ खरीद सके, जिनकी आपको एक बेहतर जीवन के लिए आवश्यकता हो सकती है।”
पाठ्यपुस्तक, पृष्ठ 11
पैसा क्या नहीं दिला पाता
पृष्ठ 11
अकेले पैसे से मुश्किल
- प्रदूषण-मुक्त वातावरण
- बिना मिलावट की दवाएँ
- संक्रामक बीमारियों से बचाव
तब मिलती हैं जब
- आप ऐसे समुदाय में रहें जहाँ ये सुविधाएँ पहले से हों
- या पूरा समुदाय मिलकर बचाव के कदम उठाए
हमारी ओर से: यानी कुछ चीज़ें अकेले नहीं, सबके साथ मिलकर मिलती हैं।
सबसे अच्छा और सस्ता तरीका
पृष्ठ 11
“वास्तव में जीवन में बहुत सी महत्त्वपूर्ण चीज़ों के लिए सबसे अच्छा और सस्ता तरीका इन वस्तुओं और सेवाओं को सामूहिक रूप से उपलब्ध कराना है।”
किताब का सवाल: किसी इलाके के लिए सामूहिक सुरक्षा सस्ती पड़ेगी, या हर घर के लिए अलग सुरक्षा गार्ड?
केरल आगे क्यों
पृष्ठ 12
- केरल में शिशु मृत्यु दर कम है, क्योंकि वहाँ स्वास्थ्य और शिक्षा की मौलिक सुविधाएँ पर्याप्त मात्रा में हैं
- कुछ राज्यों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (सा.वि.प्र.), यानी राशन की दुकानें, ठीक से काम करती है
- ऐसे राज्यों में लोगों का स्वास्थ्य और पोषण बेहतर होने की संभावना है
तमिलनाडु के गाँवों में 90 प्रतिशत लोग राशन की दुकान का प्रयोग करते हैं, पश्चिम बंगाल के गाँवों में केवल 35 प्रतिशत। कहाँ के लोगों का जीवन बेहतर होगा, और क्यों?
कार्यकलाप 2: तालिका 1.5, उत्तर प्रदेश की ग्रामीण जनसंख्या
पृष्ठ 12
| श्रेणी | पुरुष | महिला |
|---|---|---|
| ग्रामीण जनसंख्या की साक्षरता दर | 76% | 54% |
| 10–14 वर्ष के ग्रामीण बच्चों में साक्षरता दर | 90% | 87% |
| 10–14 वर्ष के स्कूल जाने वाले ग्रामीण बच्चे | 85% | 82% |
कार्यकलाप 2: खाली जगहें
पृष्ठ 12
- स्कूल नहीं जा रहे: 18 प्रतिशत लड़कियाँ, 15 प्रतिशत लड़के
- 10 से 14 वर्ष के बच्चों में निरक्षर: 13 प्रतिशत लड़कियाँ, 10 प्रतिशत लड़के
- 14 वर्ष तक के सभी बच्चों को निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का संवैधानिक लक्ष्य 1960 तक पूरा होना था
हमारी ओर से: हर संख्या 100 में से घटाकर निकलती है। 100 − 82 = 18, 100 − 85 = 15, 100 − 87 = 13, 100 − 90 = 10।
कार्यकलाप 3: बी.एम.आई.
पृष्ठ 13
- भार किलोग्राम में लीजिए; ऊँचाई दीवार पर पैमाना बनाकर, सिर सीधा रखकर नापिए
- भार को ऊँचाई के वर्ग से भाग दीजिए; ऊँचाई सेंटीमीटर में नापी हो, तो पहले मीटर में बदलिए
- उदाहरण: 45 किलोग्राम, 1.5 मीटर। 1.5 × 1.5 = 2.25; 45 ÷ 2.25 = 20
किताब कहती है कि यह चर्चा बिना किसी को लज्जित किए हो। हमारी ओर से: किसी का अंक ज़ोर से मत पढ़वाइए।
7 | मानव विकास रिपोर्ट
आय ज़रूरी है, पर काफ़ी नहीं
पृष्ठ 13
“यद्यपि आय का स्तर महत्त्वपूर्ण है, पर यह विकास के स्तर को मापने का अपर्याप्त मापदंड है”
तब दूसरे मापदंड सोचने पड़ते हैं: लंबी सूची नहीं, कम संख्या में ज़्यादा ज़रूरी चीज़ें।
मानव विकास रिपोर्ट
पृष्ठ 13
- यू.एन.डी.पी. की यह रिपोर्ट देशों की तुलना तीन आधारों पर करती है
- लोगों का शैक्षिक स्तर
- उनकी स्वास्थ्य स्थिति
- प्रति व्यक्ति आय
अंदाज़ा लगाइए: हमारे पड़ोसी देशों में किसकी स्थिति भारत से अच्छी होगी?
तालिका 1.6: भारत और पड़ोसी देश, 2023
पृष्ठ 13 · मानव विकास रिपोर्ट 2025
| देश | प्रति व्यक्ति सकल राष्ट्रीय आय (डॉलर) | जन्म के समय संभावित आयु (वर्ष) | स्कूली पढ़ाई के औसत वर्ष (25 वर्ष या ज़्यादा उम्र) | मानव विकास सूचकांक क्रमांक |
|---|---|---|---|---|
| श्रीलंका | 12,616 | 77.5 | 10.8 | 89 |
| भारत | 9,047 | 72 | 6.9 | 130 |
| म्यांमार | 4,919 | 66.9 | 6.4 | 150 |
| पाकिस्तान | 5,501 | 67.6 | 4.3 | 168 |
| नेपाल | 4,726 | 70.4 | 4.5 | 145 |
| बंगलादेश | 8,498 | 74.7 | 6.8 | 130 |
तालिका 1.6 कैसे पढ़ें
पृष्ठ 13
- क्रमांक कुल 193 देशों में से है; हमारी ओर से: क्रमांक जितना छोटा, स्थिति उतनी अच्छी
- आय डॉलर में इस तरह गिनी गई है कि एक डॉलर हर देश में बराबर मात्रा में वस्तुएँ और सेवाएँ ख़रीद सके
- स्कूली पढ़ाई के औसत वर्ष 25 वर्ष या उससे बड़े लोगों के हैं
तालिका 1.6 में इस कॉलम का नाम “विद्यालयी औसत आयु 25 वर्ष या उसके अधिक” छपा है।
भारत और बंगलादेश
पृष्ठ 13–14
भारत
- आय 9,047 डॉलर
- संभावित आयु 72 वर्ष
- क्रमांक 130
बंगलादेश
- आय 8,498 डॉलर, भारत से कम
- संभावित आयु 74.7 वर्ष, भारत से ज़्यादा
- क्रमांक 130, भारत के बराबर
किताब यही बात नेपाल के लिए भी लिखती है, पर तालिका में नेपाल (70.4) भारत (72) से थोड़ा पीछे है।
विश्व बैंक और यू.एन.डी.पी.
पृष्ठ 8 और 13
विश्व बैंक
- आधार: प्रतिव्यक्ति आय
- देशों को आय के वर्गों में बाँटता है
यू.एन.डी.पी.
- आधार: शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रति व्यक्ति आय
- मानव विकास सूचकांक में देशों का क्रमांक देता है
किताब का निष्कर्ष
“लोगों का स्वास्थ्य, उनका कल्याण सबसे अधिक ज़रूरी है।”
पाठ्यपुस्तक, पृष्ठ 14
8 | विकास की धारणीयता, प्रश्नावली और समापन
किताब के बॉक्स में
“हमने विश्व को अपने पूर्वजों से उत्तराधिकार में प्राप्त नहीं किया है– हमने इसे अपने बच्चों से उधार लिया है।”
पाठ्यपुस्तक, पृष्ठ 14
विरासत में मिली चीज़ और किसी से उधार ली चीज़: किसे आप ज़्यादा सँभालकर बरतेंगे?
वैज्ञानिकों की चेतावनी
पृष्ठ 14
- हम चाहेंगे कि विकास का स्तर और ऊँचा हो, या कम से कम आने वाली पीढ़ी के लिए बना रहे
- पर बीसवीं सदी के उत्तरार्द्ध से बहुत से वैज्ञानिक चेतावनी दे रहे हैं कि विकास का मौजूदा प्रकार और स्तर धारणीय नहीं है
किताब यह बात दो उदाहरणों से समझाती है: भूमिगत जल और कच्चा तेल।
उदाहरण 1: भारत में भूमिगत जल
पृष्ठ 14
| आँकड़ा | किताब क्या बताती है |
|---|---|
| 300 ज़िले | पिछले 20 साल में पानी का स्तर 4 मीटर से ज़्यादा गिरा |
| लगभग एक तिहाई भाग | देश का इतना हिस्सा भूमिगत जल भण्डारों का अति-उपयोग कर रहा है |
| अगले 25 वर्ष | यही ढंग चला, तो देश का 60 प्रतिशत भाग अति-उपयोग कर रहा होगा |
नवीकरणीय और गैर नवीकरणीय
पृष्ठ 15
नवीकरणीय
- प्रकृति पुनः पूर्ति करती है, फसल और पौधों की तरह
- उदाहरण: भूमिगत जल
- बरसात की पुनः पूर्ति से ज़्यादा निकालें, तो अति-उपयोग
गैर नवीकरणीय
- धरती पर निश्चित भण्डार, पुनः पूर्ति नहीं
- उदाहरण: ज़मीन से निकाला जाने वाला कच्चा तेल
- नए स्रोत मिलें, तो भी समय के साथ ख़त्म होंगे
उदाहरण 2: तालिका 1.7, कच्चे तेल के भण्डार
पृष्ठ 15
| क्षेत्र या देश | भण्डार (2020), हज़ार मिलियन बैरल | भण्डार कितने वर्ष चलेंगे (2017-20) |
|---|---|---|
| मध्य-पूर्व | 836 | 70 |
| संयुक्त राज्य अमरीका | 69 | 10.5 |
| विश्व | 1732 | 47 |
पूरे विश्व के लिए
पृष्ठ 15 · तेल का प्रयोग मौजूदा दर पर चलता रहा, तो
“यह भण्डार केवल 47 वर्षों में समाप्त हो जाएँगे।”
भारत जैसे देश, जिनके पास तेल के पर्याप्त भण्डार नहीं हैं, आयात पर निर्भर हैं; तेल की कीमतें बढ़ें, तो हर किसी पर भार पड़ता है।
पर्यावरण सीमाएँ नहीं मानता
“हम सब का भविष्य परस्पर जुड़ा हुआ है।”
पाठ्यपुस्तक, पृष्ठ 16
पूरा अध्याय, आठ पंक्तियों में
हमारी ओर से
| कालांश | एक बात |
|---|---|
| 1 | अलग-अलग लोगों के विकास के लक्ष्य अलग होते हैं, और कभी आपस में टकराते भी हैं |
| 2 | लोग आय के साथ बराबरी, आज़ादी, सुरक्षा और आदर भी चाहते हैं |
| 3 | राष्ट्रीय विकास: किसके लिए, किस तरीक़े से, किसकी क़ीमत पर |
| 4 | देशों की तुलना औसत आय से होती है, पर औसत असमानता छिपा लेता है |
| 5 | आय में हरियाणा आगे, स्वास्थ्य और शिक्षा में केरल |
| 6 | कुछ चीज़ें सामूहिक रूप से ही सबसे अच्छी और सस्ती मिलती हैं |
| 7 | मानव विकास रिपोर्ट: शिक्षा, स्वास्थ्य और आय, तीनों साथ |
| 8 | विकास ऐसा हो जो आने वाली पीढ़ियों के लिए भी बचा रहे |
किताब का प्रश्न 3: चार परिवार, प्रतिव्यक्ति आय 5,000 रुपये। तीन परिवारों की आय 4,000, 7,000 और 3,000 रुपये। चौथे परिवार की आय कितनी?
हल
पृष्ठ 16
5,000 × 4 = 20,000 · 4,000 + 7,000 + 3,000 = 14,000 · चौथा परिवार: 20,000 − 14,000 = 6,000 रुपये
सही विकल्प (घ)।
और अब पहले दिन की पर्चियाँ
पहले कालांश की पर्चियाँ, अध्याय के बाद
हमारी ओर से: पर्चियाँ फिर पढ़िए। किसकी इच्छा से किसी और का नुकसान हो सकता है? कौन-सी इच्छा सबके साथ मिलकर ही पूरी होगी?
हर पर्ची को अध्याय के किसी एक विचार से जोड़िए।
अध्याय की आख़िरी बात
“इसलिए विकास पर बहस जारी है।”
पाठ्यपुस्तक, पृष्ठ 16