Practise with cards
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प्रयोग: प्रश्न पढ़िए → उत्तर छिपाइए → कक्षा/स्वयं से पूछिए।
समूह 1 — स्रोत और शब्दावली
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| गाँवों में कितनी आबादी रहती थी? | करीब-करीब 85 फ़ीसदी |
| कृषि-इतिहास का सबसे महत्त्वपूर्ण ग्रंथ? | आइन-ए-अकबरी (संक्षेप में आइन) |
| आइन के लेखक? | अबुल फ़ज़्ल — अकबर का दरबारी इतिहासकार |
| आइन की जानकारी किसका नज़रिया है? | “सत्ता के ऊँचे गलियारों का नज़रिया” |
| पूरक स्रोत किन प्रांतों से? | गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान (17वीं-18वीं सदी) + ईस्ट इंडिया कंपनी के दस्तावेज़ |
| किसान के लिए भारतीय-फ़ारसी शब्द? | रैयत (बहु. रिआया), मुज़रियान; साथ ही किसान, आसामी |
| खुद-काश्त? | अपने ही गाँव में ज़मीन वाले किसान |
| पाहि-काश्त? | दूसरे गाँवों से ठेके पर खेती करने वाले (मर्ज़ी से — बेहतर कर-शर्तें; मजबूरन — अकाल) |
समूह 2 — ज़मीन और खेती
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| उत्तर भारत के औसत किसान के पास? | जोड़ी बैल और दो हल से ज़्यादा शायद ही |
| गुजरात में समृद्ध किसान? | ~6 एकड़ वाला |
| बंगाल में औसत/अमीर सीमा? | औसत की ऊपरी सीमा 5 एकड़; 10 एकड़ = अमीर आसामी |
| खेती किस सिद्धांत पर आधारित थी? | व्यक्तिगत मिल्कियत — ज़मीन खरीदी-बेची जाती |
| कृषि-विस्तार के तीन कारण? | ज़मीन की बहुतायत, मज़दूरों की मौजूदगी, किसानों की गतिशीलता |
| 40 इंच+ बारिश वाले इलाकों की फ़सल? | चावल (कम → गेहूँ; कमतर → ज्वार-बाजरा) |
| भारतीय कृषि की रीढ़? | मानसून — “जैसा कि आज भी है” |
| शाह नहर? | पंजाब; शाहजहाँ के काल में मरम्मत |
| रहट से सिंचाई कहाँ? | लाहौर, दीपालपुर (बाबरनामा) |
| बालटी-विधि कहाँ? | आगरा, चाँदवार, बयाना |
| हल गहरा क्यों नहीं खोदता था? | लकड़ी का हलका हल — गर्मी में नमी बची रहती थी |
| बीज बोने का यंत्र व प्रचलित तरीक़ा? | बरमा (बैल-चालित); पर हाथ से छिड़ककर बोना ज़्यादा प्रचलित |
समूह 3 — फ़सलें
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| दो फ़सल-चक्र? | खरीफ़ (पतझड़) व रबी (वसंत) |
| आगरा-दिल्ली-बंगाल के फ़सल-आँकड़े? | आगरा 39, दिल्ली 43 फ़सलें; बंगाल — चावल की 50 किस्में |
| जिन्स-ए-कामिल? | सर्वोत्तम फ़सलें — राज्य बढ़ावा देता था क्योंकि ज़्यादा कर मिलता |
| बेहतरीन जिन्स-ए-कामिल? | कपास (मध्य भारत-दक्कनी पठार) और गन्ना (बंगाल — चीनी) |
| जिन्स-ए-कामिल के अलावा नकदी फ़सलों में और क्या? | तिलहन (सरसों), दलहन |
| तम्बाकू कहाँ से, कब उत्तर भारत आया? | दक्कन से; 17वीं सदी के शुरुआती वर्षों में |
| अकबर ने तम्बाकू कब देखा? | 1604 ई. में पहली बार |
| तम्बाकू पर पाबंदी किसने लगाई, नतीजा? | जहाँगीर ने; पूरी तरह बेअसर |
| मक्का किस रास्ते आया? | अफ्रीका और स्पेन के रास्ते; पश्चिम भारत की मुख्य फ़सल बना |
| नयी दुनिया की सब्ज़ियाँ/फल? | टमाटर, आलू, मिर्च; अनानास, पपीता |
| 1600–1700 में आबादी-वृद्धि? | ~5 करोड़ (~33%) |
समूह 4 — जाति और ग्रामीण समाज
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| ग्रामीण समुदाय के तीन घटक? | खेतिहर किसान, पंचायत, मुखिया (मुक़द्दम/मंडल) |
| ग़रीबी की मजबूरी क्यों? | ज़मीन की कमी नहीं थी, पर कुछ जातियों को सिर्फ़ नीच समझे जाने वाले काम दिए जाते |
| हलालख़ोरान कहाँ रह सकते थे? | गाँव की हदों के बाहर |
| मल्लाहज़ादे कौन, तुलना किनसे? | बिहार के नाविकों के पुत्र; तुलना दासों से |
| मारवाड़ की 17वीं सदी की किताब क्या कहती है? | राजपूतों की चर्चा किसानों के रूप में; जाट किसान पर राजपूतों से नीचे |
| राजपूत होने का दावा किस समुदाय ने किया? | गौरव समुदाय (वृंदावन, उ.प्र.) |
| पशुपालन-बागवानी के मुनाफ़े से कौन ऊपर उठे? | अहीर, गुज्जर, माली |
| पूर्व में किसानों-सी स्थिति पाने वाली जातियाँ? | सदगोप और कैवर्त |
समूह 5 — पंचायत और मुखिया
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| पंचायत किनका जमावड़ा थी? | बुज़ुर्गों का — पुश्तैनी संपत्ति-अधिकार वाले महत्त्वपूर्ण लोग |
| पंचायत किस तरह का तंत्र थी? | अल्पतंत्र — विविध जातियों की नुमाइंदगी, पर “नीच” मज़दूरों की जगह नहीं |
| मुखिया का चुनाव और मंज़ूरी? | बुज़ुर्गों की आम सहमति से; मंज़ूरी ज़मींदार से |
| मुखिया कब तक पद पर? | जब तक बुज़ुर्गों को भरोसा — वर्ना बर्खास्त |
| मुखिया का मुख्य काम? किसकी मदद? | आमदनी-ख़र्चे का हिसाब-किताब अपनी निगरानी में; पटवारी की मदद |
| पंचायत के ख़ज़ाने के तीन उपयोग? | कर-अधिकारियों की ख़ातिरदारी; बाढ़ से निपटना; बाँध-नहर जैसे सामुदायिक कार्य |
| पूर्वी भारत में शादियाँ किसकी मौजूदगी में? | मंडल की |
| जाति-पंचायत द्वारा निष्कासन का परिणाम? | सीमित समय के लिए गाँव छोड़ना; जाति व पेशे से हाथ धो बैठना |
| राज्य जाति-पंचायत के फ़ैसले कब नहीं मानता था? | फ़ौजदारी न्याय के मामलों में |
| दरख़्वास्तों की सबसे बड़ी शिकायत? | बहुत ज़्यादा कर की माँग (ज़बरन उगाही, बेगार) |
| किसानों का “बड़ा प्रभावी हथियार”? | गाँव छोड़कर भाग जाना |
| भ्रष्ट मंडल के दो आरोप? | पटवारी संग हेरा-फेरी; अपना कर कम कर बोझ छोटे किसानों पर डालना |
समूह 6 — दस्तकार और मुद्रा
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| कहीं-कहीं कितने घर दस्तकारों के? | कुल घरों के 25 फ़ीसदी |
| सेवाओं के बदले दस्तकारों को क्या मिलता? | फ़सल का हिस्सा या ज़मीन का टुकड़ा |
| महाराष्ट्र में दस्तकारों की पुश्तैनी ज़मीन? | मीरास या वतन |
| जजमानी क्या थी? | 18वीं सदी के बंगाल में ज़मींदारों द्वारा लोहार-बढ़ई-सुनार को “रोज़ का भत्ता और खाने के लिए नकदी”; ! शब्द 16-17वीं सदी में अप्रचलित |
| “छोटा गणराज्य” किसने कहा? | 19वीं सदी के कुछ अंग्रेज़ अफ़सरों ने |
| “छोटा गणराज्य” पर NCERT का खंडन — तीन कारण? | व्यक्तिगत मिल्कियत; जाति-जेंडर विषमताएँ; ताकतवरों का शोषण व न्याय-अधिकार |
| सराफ़ कौन? किसने बताया? | गाँव का मुद्रा-परिवर्तक/बैंकर; फ्रांसीसी यात्री तैवर्नियर |
| नकद भुगतान किन्हें मिलता था? | निर्यात-दस्तकारों को मज़दूरी/पूर्व भुगतान; कपास-रेशम-नील उत्पादकों को |
समूह 7 — महिलाएँ
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| खेती में श्रम-विभाजन? | मर्द — जुताई, हल; महिलाएँ — बुआई, निराई, कटाई, दाना निकालना |
| राजस्वला महिलाओं पर पश्चिमी भारत की पाबंदी? | हल या कुम्हार का चाक नहीं छू सकती थीं |
| राजस्वला महिलाओं पर बंगाल की पाबंदी? | मासिक-धर्म में पान के बगान में प्रवेश नहीं |
| वाणिज्यीकरण का महिला-श्रम से संबंध? | “जितना वाणिज्यीकरण, उतनी महिला-श्रम की माँग” |
| महिलाएँ ‘संसाधन’ क्यों मानी जाती थीं? | बच्चे पैदा करने की क़ाबिलियत — श्रम-निर्भर समाज |
| शादीशुदा महिलाओं की कमी क्यों? | कुपोषण, बार-बार माँ बनना, प्रसव के वक्त मौत — ऊँची मृत्युदर |
| विवाह में क्या अदा होता था? | “दुल्हन की क़ीमत” — दहेज नहीं |
| पुनर्विवाह की स्थिति? | तलाकशुदा और विधवा दोनों कानूनी शादी कर सकती थीं |
| बेवफ़ाई पर दंड? | शक पर ही भयानक दंड; मर्दों की बेवफ़ाई हमेशा दंडित नहीं |
| दरख़्वास्तों में महिलाओं का नाम? | दर्ज नहीं — “मर्द की माँ, बहन या पत्नी” लिखा जाता |
| पंजाब में महिलाएँ ज़मीन-बाज़ार में? | हाँ — विधवाएँ भी पुश्तैनी संपत्ति की विक्रेता रूप में सक्रिय |
| राजशाही ज़मींदारी? | बंगाल; 18वीं सदी की सबसे बड़ी-मशहूर में से; कर्ता-धर्ता एक स्त्री |
समूह 8 — जंगल और कबीले
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| जंगल-झाड़ी वाली ज़मीन का शब्द? | खरबंदी |
| भारत के कुल क्षेत्र में जंगलों का औसत? | करीब-करीब 40 फ़ीसदी |
| ‘जंगली’ का सही अर्थ? | जिनका गुज़ारा जंगल-उत्पाद, शिकार, स्थानांतरीय खेती से — “सभ्यता का न होना बिलकुल नहीं” |
| भीलों का ऋतु-चक्र? | बसंत — जंगल-उत्पाद; गर्मी — मछली; मानसून — खेती; शरद-जाड़ा — शिकार |
| मवास? | राज्य की नज़र में जंगल — बदमाशों को शरण देने वाला अड्डा |
| बाबर के अनुसार जंगल? | रक्षाकवच — पीछे परगना के लोग “कड़े विद्रोही” |
| पेशकश? | मुग़ल राज्य द्वारा ली जाने वाली एक तरह की भेंट (जंगलवासियों से — अक्सर हाथी) |
| शिकार अभियान का राजनीतिक अर्थ? | सद्भावनापूर्ण शासन — बादशाह कोने-कोने का दौरा, शिकायतों पर गौर |
| 17वीं सदी का मुख्य जंगल-निर्यात? | लाक (साथ में शहद, मधुमोम की माँग) |
| भारत-अफ़ग़ानिस्तान व्यापार वाला कबीला? | लोहानी (पंजाब) — पंजाब के गाँव-शहर व्यापार में भी |
| सिंध की कबीलाई सेनाएँ? | 6000 घुड़सवार, 7000 पैदल |
| अहोम पायक? | ज़मीन के बदले सैनिक सेवा देने वाले; अहोम राजाओं का जंगली हाथी पकड़ने पर एकाधिकार |
| कोच राजाओं ने क्या किया? | पड़ोसी कबीलों से एक के बाद एक युद्ध कर कब्ज़ा (16वीं-17वीं सदी) |
| जंगलवासियों के इस्लाम अपनाने में किनकी भूमिका? | सूफ़ी संतों (पीर) की |
| चंडीमंगल — भाषा, सदी, कवि, नायक? | बंगाली; 16वीं सदी; मुकुंदराम चक्रवर्ती; कालकेतु |
| चंडीमंगल कविता में पश्चिम से कौन आया? | ज़फ़र मियाँ — साथ में बाईस हज़ार लोग |
समूह 9 — ज़मींदार
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| ज़मींदार की परिभाषा-कुंजी? | कमाई खेती से, पर उत्पादन में सीधी हिस्सेदारी नहीं |
| ज़मींदार की हैसियत के दो कारण? | जाति + ख़िदमत (राज्य-सेवाएँ) |
| ज़मींदारों की ताक़त के तीन आधार? | मिल्कियत; राज्य की ओर से कर-वसूली; किले व सैनिक टुकड़ियाँ |
| ज़मींदारों का सामाजिक पिरामिड में स्थान? | संकरा शीर्ष |
| अबुल फ़ज़्ल के अनुसार ग्रामीण नियंत्रण किसका? | “ऊँची जाति” के ब्राह्मण-राजपूत गठबंधन का (+ मध्यम जातियाँ, मुसलमान ज़मींदार) |
| बेदखली के लिए क्या ज़रूरी था? | राज्यादेश (सनद) से पुष्टि |
| ज़मींदारी पुख़्ता करने के 4 तरीक़े? | जंगल-बारी (नयी ज़मीनें बसाना), हस्तांतरण, राज्यादेश, ख़रीद |
| ज़मींदारी पुख़्ता करने की ये रणनीतियाँ किन वंशों की थीं? | राजपूत-जाट (उत्तर); सदगोप (मध्य व द.-प. बंगाल) |
| ज़मींदारों की विकास-भूमिका? | बसावट की अगुआई, साजो-सामान व उधार, हाट स्थापित करना, फ़सल-बिक्री |
| ज़मींदार-किसान रिश्ते का पुट? | पारस्परिकता, पैतृकवाद और संरक्षण |
| भक्ति-संतों का निशाना कौन? | राज्य का राजस्व अधिकारी (ज़मींदार/साहूकार नहीं) |
| 17वीं सदी के कृषि-विद्रोहों में क्या हुआ? | राज्य के ख़िलाफ़ ज़मींदारों को किसानों का समर्थन |
| ज़मींदारों की मिली-जुली सेना (आइन)? | 384,558 घुड़सवार; 42,77,057 पैदल; 1863 हाथी; 4260 तोप; 4500 नाव |
समूह 10 — भू-राजस्व
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| मुग़ल साम्राज्य की आर्थिक बुनियाद? | ज़मीन से मिलने वाला राजस्व |
| वित्तीय व्यवस्था की देख-रेख किसके दफ़्तर पर? | दीवान |
| जमा / हासिल? | निर्धारित रक़म / सचमुच वसूली गई रक़म |
| अमील-गुज़ार? | राजस्व वसूली करने वाला — नक़द की कोशिश, फ़सल का विकल्प खुला |
| अमीन? | प्रांतों में राजकीय नियम-कानूनों के पालन को सुनिश्चित करने वाला मुलाज़िम |
| नपाई किसकी होती थी? | जुती हुई + जोतने लायक दोनों ज़मीनें |
| 1665 का हुक्म? | औरंगज़ेब — हर गाँव, हर किसान (आसामीवार) की खेती की मौजूदा हालात (मौजूदात) का सालाना हिसाब |
| कौन-से इलाके नपाई से छूटे? | जंगलों से घिरे इलाके |
| चार भूमि-वर्ग? | पोलज, परौती, चचर (3-4 वर्ष खाली), बंजर (5+ वर्ष) |
| राजस्व में शाही शुल्क कितना था? | तीन किस्मों के औसत (मध्यम उत्पाद) का एक-तिहाई |
| फ़सल-वसूली के चार तरीक़े? | कणकुत, बटाई/भाओली, खेत बटाई, लाँग बटाई |
| मनसबदारों का भुगतान? | कुछ को नक़दी; ज़्यादातर को जागीर (राजस्व-आबंटन); समय-समय पर तबादला |
| मुग़ल साम्राज्य के विस्तार के तीन पड़ाव? | बाबर 1530 → अकबर 1605 → औरंगज़ेब 1707 |
समूह 11 — चाँदी और आइन
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| 16वीं-17वीं सदी के चार बड़े एशियाई साम्राज्य? | मुग़ल, मिंग (चीन), सफ़ावी (ईरान), ऑटोमन (तुर्की) |
| चाँदी भारत क्यों खिंची? | निर्यात-वस्तुओं के भुगतान में; भारत में चाँदी के प्राकृतिक संसाधन नहीं थे |
| चाँदी के भारत खिंचने का परिणाम? | 16-18वीं सदी चाँदी के रुपयों की स्थिर उपलब्धि; मुद्रा-संचार व ढलाई का अभूतपूर्व विस्तार; नकदी कर में आसानी |
| जोवान्नी कारेरी? | इटली का मुसाफ़िर; ~1690 में भारत से गुज़रा; लेख बर्नियर पर आधारित |
| चाँदी के दो प्रवेश-बंदरगाह (पश्चिम एशिया)? | मोचा (लाल सागर), बसरा (फ़ारस की खाड़ी) |
| जापान की चाँदी किनके ज़रिये? | डच लोगों के |
| अकबरनामा की कितनी जिल्दें? आइन कौन-सी? | तीन; आइन = तीसरी (शाही नियम-कानून का सारांश + राजपत्र) |
| आइन कब, कितने संशोधन? | 1598 ई. (42वाँ शासन-वर्ष); पाँच संशोधन |
| आइन के पाँच दफ़्तर? | मंज़िल-आबादी, सिपह-आबादी, मुल्क-आबादी, + चौथी-पाँचवीं (रिवाज + “शुभ वचन”) |
| मुल्क-आबादी की पहचान-पंक्ति? | “बारह प्रांतों का बयान” |
| सरकार-तालिकाओं के आठ खाने? | परगनात/महल; क़िला; अराज़ी व ज़मीन-ए-पाईमूद; नकदी; सुयूरग़ल; ज़मींदार; (7-8) जातियाँ + फ़ौज (घुड़सवार, प्यादा, फ़ील) |
| फ़ील का अर्थ? | हाथी |
| आइन में आँकड़े शब्दों में भी क्यों लिखे गए? | बाद की प्रतियों में नकल की ग़लतियाँ कम करने हेतु |
| किन सूबों की ज़मींदार-जाति सूचनाएँ नहीं? | बंगाल और उड़ीसा |
| कीमतों-मज़दूरी की सूची कहाँ की? | आगरा या उसके इर्द-गिर्द की — शेष देश के लिए सीमित प्रासंगिकता |
| संपादक व अनुवादक? | संपादन — हेनरी ब्लॉकमेन (एशियाटिक सोसाइटी, कलकत्ता); अंग्रेज़ी खंड 1 — ब्लॉकमेन 1873; खंड 2-3 — जैरेट 1891, 1894 |
⚡ बिजली-राउंड
- पानीपत-1 / पानीपत-3? → 1526 / 1761
- दीवानी कंपनी को? → 1765