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प्रारूप: प्रश्न (सामने) | उत्तर (पीछे) — कक्षा-क्विज़ या प्रिंट हेतु
समूह 1 — प्रस्तावना व समालोचनात्मक संस्करण
| सामने | पीछे |
|---|---|
| इस अध्याय का काल-विस्तार? | लगभग 600 ई.पू. से 600 ईसवी |
| आर्थिक परिवर्तनों के तीन सामाजिक प्रभाव? | वन क्षेत्रों में कृषि का विस्तार • शिल्प विशेषज्ञों के समूह का उदय • संपत्ति का असमान वितरण |
| अध्याय की केंद्रीय सावधानी? | प्रत्येक ग्रंथ किसी समुदाय विशेष के दृष्टिकोण से लिखा जाता था — किसने, क्या, किनके लिए लिखा |
| महाभारत में कितने श्लोक हैं? | वर्तमान रूप में एक लाख से अधिक |
| महाभारत की रचना कितने वर्षों तक चली? | लगभग एक हज़ार वर्ष (लगभग 500 ई.पू. से) |
| समालोचनात्मक संस्करण कब आरंभ हुआ? | 1919 में |
| समालोचनात्मक संस्करण का नेतृत्व किसने किया? | वी.एस. सुकथांकर |
| समालोचनात्मक संस्करण को पूरा करने में कितने वर्ष लगे? | सैंतालीस वर्ष |
| समालोचनात्मक संस्करण का प्रकाशन कितने पृष्ठों में हुआ? | 13,000 पृष्ठ |
| परियोजना के दो प्रमुख निष्कर्ष? | (1) कश्मीर-नेपाल से केरल-तमिलनाडु तक व्यापक समानता (2) अनेक क्षेत्रीय प्रभेद |
| 13,000 में से कितना भाग प्रभेदों का ब्योरा देता है? | आधे से भी अधिक |
| महाभारत के क्षेत्रीय प्रभेदों का ऐतिहासिक अर्थ? | प्रभावशाली परंपराओं व लचीले स्थानीय आचरण के बीच संवाद — जो द्वंद्व और मतैक्य दोनों चित्रित करता है |
| ★अध्याय की केंद्रीय सीख? | आदर्शमूलक संस्कृत ग्रंथ आधिकारिक माने जाते थे, किंतु आदर्शों को प्रश्नवाचक दृष्टि से भी देखा जाता था और यदा-कदा अवहेलना भी की जाती थी |
समूह 2 — बंधुता व पितृवंशिकता
| सामने | पीछे |
|---|---|
| ‘कुल’ का अर्थ? | परिवार |
| ‘जाति’ (संस्कृत ग्रंथों में) का अर्थ? | बांधवों का बड़ा समूह |
| ‘वंश’ का अर्थ? | पीढ़ी-दर-पीढ़ी किसी कुल के इकट्ठे पूर्वज |
| संबंधियों को तकनीकी भाषा में क्या कहते हैं? | जाति समूह |
| पितृवंशिकता क्या है? | वंश परंपरा जो पिता → पुत्र → पौत्र → प्रपौत्र से चलती है |
| मातृवंशिकता क्या है? | वह वंश परंपरा जो माँ से जुड़ी होती है |
| महाभारत की मुख्य कथा किन दो दलों की है? | कौरव और पांडव — दोनों कुरु वंश से |
| पितृवंशिकता में विभिन्नताएँ कौन-सी थीं? | भाई का उत्तराधिकार • बंधु-बांधव का दावा • कुछ स्थितियों में स्त्रियाँ (प्रभावती गुप्त) |
| अधिकतर राजवंश कब से पितृवंशिकता का अनुसरण करते थे? | लगभग छठी शताब्दी ई.पू. से |
| स्रोत 1 का मंत्र किस ग्रंथ से है? | ऋग्वेद — संभवतः लगभग 1000 ई.पू. में जोड़ा गया |
| ऋग्वेद के विवाह-मंत्र (स्रोत 1) में किसकी कामना है? | ‘उत्तम पुत्रों’ की और पति के प्रेम के सौभाग्य की |
| इंद्र किस चीज़ के देवता थे? | शौर्य, युद्ध और वर्षा |
समूह 3 — विवाह के नियम व गोत्र
| सामने | पीछे |
|---|---|
| बहिर्विवाह क्या है? | गोत्र से बाहर विवाह करना |
| अंतर्विवाह क्या है? | वैवाहिक संबंध समूह के मध्य ही (गोत्र, कुल, जाति या एक ही स्थान के लोग) |
| बहुपत्नी प्रथा? | एक पुरुष की अनेक पत्नियाँ |
| बहुपति प्रथा? | एक स्त्री के अनेक पति |
| ‘कन्यादान’ को क्या माना गया? | पिता का महत्त्वपूर्ण धार्मिक कर्तव्य |
| ब्राह्मणों ने आचार संहिताएँ क्यों बनाईं? | नए नगरों से सामाजिक जीवन जटिल हुआ; विचारों के आदान-प्रदान से आरंभिक विश्वासों पर प्रश्नचिह्न लगे |
| धर्मसूत्र-धर्मशास्त्र कब से संकलित हुए? | लगभग 500 ई.पू. से |
| मनुस्मृति का संकलन-काल? | लगभग 200 ई.पू. से 200 ईसवी के बीच |
| ब्राह्मणीय प्रभाव की सीमा क्या थी? | क्षेत्रीय विभिन्नता और संचार की बाधाओं की वजह से प्रभाव सार्वभौमिक कदापि नहीं था |
| विवाह के कितने प्रकारों को स्वीकृति दी गई? | आठ — पहले चार ‘उत्तम’, बाकी निंदित |
| गोत्र-पद्धति कब से प्रचलन में आई? | लगभग 1000 ई.पू. के बाद |
| प्रत्येक गोत्र किसके नाम पर होता था? | एक वैदिक ऋषि के; सदस्य उसके वंशज माने जाते |
| गोत्र के दो नियम? | (1) विवाह के बाद स्त्री पति का गोत्र ग्रहण करे (2) एक ही गोत्र में विवाह नहीं |
समूह 4 — सातवाहन (केस-स्टडी)★
| सामने | पीछे |
|---|---|
| सातवाहनों का शासन-काल व क्षेत्र? | लगभग दूसरी श. ई.पू. – दूसरी श. ईसवी; पश्चिमी भारत व दक्कन के कुछ भाग |
| ‘पुत्त’ किस भाषा का शब्द है? | प्राकृत — अर्थ ‘पुत्र’ |
| ‘गोतमी-पुत्त’ का अर्थ? | ‘गोतमी का पुत्र’ |
| गोतमी व वसिथि किनके स्त्रीवाची नाम हैं? | गौतम और वशिष्ठ — दोनों वैदिक ऋषि, जिनके नाम से गोत्र हैं |
| ★सातवाहन-विश्लेषण के तीन निष्कर्ष? | (1) कुछ राजा बहुपत्नी प्रथा मानते थे (2) रानियों ने पिता का गोत्र कायम रखा (3) कुछ रानियाँ एक ही गोत्र से थीं |
| सातवाहन-विश्लेषण का तीसरा निष्कर्ष किस नियम के विरुद्ध था? | बहिर्विवाह पद्धति के |
| रानियों का एक ही गोत्र से होना किस वैकल्पिक प्रथा को दर्शाता है? | अंतर्विवाह पद्धति — बंधुओं में विवाह संबंध |
| अंतर्विवाह का प्रचलन आज भी कहाँ है? | दक्षिण भारत के कई समुदायों में |
| अंतर्विवाह से क्या लाभ होता था? | एक सुगठित समुदाय उभर पाता था |
| ! मातृनाम से मातृवंशिकता क्यों सिद्ध नहीं होती? | सातवाहनों में सिंहासन का उत्तराधिकार पितृवंशिक था |
| मातृनाम का एक और उदाहरण किस ग्रंथ में? | बृहदारण्यक उपनिषद — आचार्यों-शिष्यों की सूची में |
| गांधारी ने दुर्योधन से क्या कहा? | युद्ध न करने की विनती — “युद्ध में कुछ भी शुभ नहीं होता” |
| दुर्योधन का क्या हुआ? | उसने माँ की सलाह नहीं मानी, युद्ध में लड़ा और हार गया |
समूह 5 — वर्ण व्यवस्था व ‘उचित’ जीविका
| सामने | पीछे |
|---|---|
| ब्राह्मण की जीविका? | वेदों-शास्त्रों का अध्ययन-अध्यापन; यज्ञ करना-कराना; दान देना-ग्रहण करना |
| क्षत्रिय की जीविका? | युद्ध, लोगों की रक्षा, न्याय संचालन; + अध्ययन, यज्ञ कराना, दान देना |
| वैश्य की जीविका? | कृषि, पशुपालन और व्यापार; + अध्ययन, यज्ञ करना-कराना, दान देना |
| शूद्र से क्या अपेक्षा थी? | समाज के सुचारु संचालन में अन्य तीन वर्णों की सहायता |
| ★गीता का वैकल्पिक दृष्टिकोण? | व्यवस्था गुण और कर्म पर आधारित थी, न कि जन्म से निर्धारित कोई कठोर सामाजिक व्यवस्था |
| गुण-कर्म पर आधारित वर्ण-व्यवस्था के ऐसे उल्लेख और कहाँ मिलते हैं? | बौद्ध परंपराओं में |
| स्रोत 6 (ऋग्वेद) में परिवार के तीन व्यवसाय? | वक्ता स्वयं कवि; पिता वैद्य; माता अन्न पीसने का कार्य करती हैं |
| एकलव्य किस समुदाय से था? | वनवासी निषाद (शिकारी समुदाय) |
| एकलव्य ने धनुर्विद्या कैसे सीखी? | मिट्टी से द्रोण की प्रतिमा बनाकर, उन्हें गुरु मानकर स्वयं अभ्यास किया |
| द्रोण ने गुरु दक्षिणा में क्या माँगा? | दाहिने हाथ का अँगूठा |
| द्रोण ने एकलव्य से अँगूठा क्यों माँगा? | अर्जुन को दिए वचन को निभाने के लिए — कोई अर्जुन से बेहतर धनुर्धारी न रहे |
समूह 6 — अक्षत्रिय राजा, जाति व श्रेणी★
| सामने | पीछे |
|---|---|
| शास्त्रों के अनुसार राजा कौन हो सकता था? | केवल क्षत्रिय |
| मौर्य वंश के उद्भव पर दो मत? | बौद्ध ग्रंथ क्षत्रिय कहते हैं; ब्राह्मणीय शास्त्र ‘निम्न’ कुल का मानते हैं |
| शुंग और कण्व किस वर्ण के थे? | ब्राह्मण (मौर्यों के उत्तराधिकारी) |
| शकों को ब्राह्मण क्या मानते थे? | म्लेच्छ, बर्बर अथवा अन्यदेशीय |
| रुद्रदामन के अभिलेख से क्या पता चलता है? | शक्तिशाली म्लेच्छ संस्कृतीय परिपाटी से अवगत थे (सुदर्शन सरोवर का जीर्णोद्धार) |
| ★NCERT का निर्णायक वाक्य? | “राजनीतिक सत्ता का उपभोग हर वह व्यक्ति कर सकता था जो समर्थन और संसाधन जुटा सके। राजत्व क्षत्रिय कुल में जन्म लेने पर शायद ही निर्भर करता था।” |
| गोतमी-पुत्त सिरि-सातकनि ने स्वयं को क्या बताया? | ‘अनूठा ब्राह्मण’ और ‘क्षत्रियों के दर्प का हनन करने वाला’ |
| सिरि-सातकनि का विरोधाभास क्या था? | वर्ण-विवाह पर रोक का दावा किया — फिर भी रुद्रदामन के परिवार से विवाह संबंध स्थापित किए |
| वर्ण और जाति में मूल अंतर? | वर्ण मात्र चार थे; जातियों की कोई निश्चित संख्या नहीं थी |
| जातियों की संख्या क्यों बढ़ती रही? | नए सामाजिक समूहों और नए व्यवसायों से संपर्क के कारण |
| मंदसौर अभिलेख का काल? | लगभग पाँचवीं शताब्दी ईसवी |
| मंदसौर अभिलेख में किस श्रेणी का वर्णन है? | रेशम के बुनकरों की श्रेणी |
| रेशम के बुनकर कहाँ से कहाँ गए? | लाट (गुजरात) से मंदसौर — जिसे तब दशपुर कहा जाता था |
| रेशम के बुनकर लाट से दशपुर क्यों गए? | वहाँ के राजा की महानता के बारे में सुना था |
| रेशम के बुनकरों ने अर्जित धन किस पर खर्च किया? | सूर्य देवता के सम्मान में मंदिर बनवाने पर |
| श्रेणी-सदस्यता किस पर निर्भर थी? | शिल्प में विशेषज्ञता पर — पर कुछ सदस्य अन्य जीविका भी अपना लेते थे |
| संस्कृत ग्रंथों में व्यापारी के लिए शब्द? | वणिक |
| मृच्छकटिकम् का नायक कौन व कैसा? | चारुदत्त — ब्राह्मण-वणिक (शूद्रक का नाटक, लगभग चौथी श. ई.) |
| पाँचवीं श. ई. के अभिलेख में दो भाई क्या कहलाए? | क्षत्रिय-वणिक — जिन्होंने मंदिर-निर्माण हेतु धन दिया |
समूह 7 — चार वर्णों के परे
| सामने | पीछे |
|---|---|
| संस्कृत साहित्य में बाहरी समुदायों का चित्रण कैसा? | विचित्र, असभ्य और पशुवत |
| वन-प्रांतर के लोगों का जीवन-निर्वाह? | शिकार और कंद-मूल संग्रह |
| यायावर पशुपालकों को शंका से क्यों देखा जाता था? | उन्हें बसे हुए कृषिकर्मियों के साँचे में नहीं ढाला जा सकता था |
| ‘म्लेच्छ’ किन्हें कहा जाता था? | असंस्कृत भाषी लोगों को |
| ★NCERT के अनुसार ‘राक्षस’ कौन थे? | वे लोग जिनके आचार-व्यवहार ब्राह्मणीय ग्रंथों के मानदंडों से भिन्न थे |
| हिडिम्बा ने भीम से क्या किया? | विवाह का प्रस्ताव — जिसे उन्होंने पहले अस्वीकार किया |
| हिडिम्बा-भीम के पुत्र का नाम? | घटोत्कच |
| हिडिम्बा के विवाह-प्रस्ताव पर युधिष्ठिर की शर्त क्या थी? | भीम दिनभर हिडिम्बा के साथ रहकर रात्रि में उनके पास आ जाएँगे |
| ‘चाण्डाल’ किन्हें कहा जाता था? | शवों की अंत्येष्टि और मृत पशुओं को छूने वालों को |
| मनुस्मृति के अनुसार चाण्डालों के कर्तव्य? | गाँव के बाहर रहना • फेंके बर्तन • मृतकों के वस्त्र व लोहे के आभूषण • रात्रि में न चलना • अंत्येष्टि • वधिक का कार्य |
| फ़ा-शिएन का काल व कथन? | लगभग पाँचवीं श. ई.; अस्पृश्यों को सड़क पर करताल बजाकर सूचना देनी पड़ती थी |
| श्वैन-त्सांग का काल व कथन? | लगभग सातवीं श. ई.; वधिक और सफ़ाई करने वालों को नगर से बाहर रहना पड़ता था |
| मातंग जातक किस भाषा में? | पालि |
| मातंग कौन थे? | बोधिसत्त (पूर्वजन्म में बुद्ध), बनारस के बाहर एक चाण्डाल के पुत्र |
| मातंग जातक में व्यापारी-पुत्री का नाम? | दिथ्थ मांगलिक |
| मातंग-दिथ्थ के पुत्र का नाम? | माण्डव्यकुमार — जो प्रतिदिन 16,000 ब्राह्मणों को भोजन कराता था |
| ★मातंग का प्रसिद्ध उत्तर? | “जिन्हें अपने जन्म पर गर्व है पर अज्ञानी हैं वे भेंट के पात्र नहीं हैं। इसके विपरीत जो लोग दोषमुक्त हैं वे भेंट के योग्य हैं।” |
समूह 8 — संपत्ति, वर्ग व सामाजिक अनुबंध
| सामने | पीछे |
|---|---|
| द्यूत-क्रीड़ा में युधिष्ठिर ने क्या-क्या गँवाया? | स्वर्ण, हस्ति, रथ, दास, सेना, कोष, राज्य, प्रजा की संपत्ति, अनुज, स्वयं — और फिर द्रौपदी |
| स्मृति परंपरा में संपत्ति-विभाजन? | संतानों में समान विभाजन; ज्येष्ठ पुत्र विशेष भाग का अधिकारी |
| ★स्त्रीधन क्या है? | विवाह के समय मिले उपहार, जिन पर स्त्रियों का स्वामित्व; संतान को विरासत में; पति का कोई अधिकार नहीं |
| मनुस्मृति स्त्रियों को क्या चेतावनी देती है? | पति की आज्ञा के विरुद्ध पारिवारिक संपत्ति अथवा धन के गुप्त संचय के विरुद्ध |
| द्रौपदी के प्रश्न के दो उत्तर? | (1) पत्नी पर पति का नियंत्रण सदैव रहता है (2) दासत्व स्वीकार करने वाला पुरुष किसी और को दाँव पर नहीं लगा सकता |
| द्रौपदी के प्रश्न पर विवाद का निष्कर्ष? | कोई निष्कर्ष नहीं निकला; धृतराष्ट्र ने सबको निजी स्वतंत्रता लौटा दी |
| पुरुषों के लिए धन-अर्जन के तरीके? | सात — विरासत, खोज, खरीद, विजित करके, निवेश, कार्य द्वारा, सज्जनों की भेंट |
| स्त्रियों के लिए धन-अर्जन के तरीके? | छह — वैवाहिक अग्नि के सामने भेंट, वधूगमन की भेंट, स्नेह-प्रतीक भेंट, भ्राता-माता-पिता के उपहार, परवर्ती भेंट, ‘अनुरागी’ पति से प्राप्त |
| ★पुरुषों और स्त्रियों के धन-अर्जन के तरीकों में मूल अंतर? | पुरुष = स्वतंत्र आर्थिक क्रियाएँ; स्त्री = लगभग सभी भेंट/उपहार आधारित |
| NCERT का निष्कर्ष (स्त्री-पुरुष)? | सामाजिक हैसियत की भिन्नता संसाधनों पर उनके नियंत्रण की भिन्नता की वजह से अधिक प्रखर हुई |
| ★बौद्धों की वर्ण-आलोचना? | विषमता मौजूद थी किंतु यह भेद न तो नैसर्गिक थे और न ही स्थायी; जन्म के आधार पर सामाजिक प्रतिष्ठा को अस्वीकार किया |
| स्रोत 13 (धनी शूद्र पर राजा अवन्तिपुत्र और कच्चन का संवाद) किस ग्रंथ से है? | मज्झिमनिकाय (पालि) — राजा अवन्तिपुत्र व कच्चन का संवाद |
| कच्चन का मुख्य तर्क? | यदि शूद्र धनी हो तो क्षत्रिय-ब्राह्मण-वैश्य भी उसके आज्ञावाही सेवक बन सकते थे |
| प्राचीन तमिलकम् का आदर्श? | दानशील का सम्मान; कृपण व्यक्ति घृणा का पात्र |
| सरदार किनके आश्रयदाता थे? | अपनी प्रशंसा गाने वाले चारण और कवियों के |
| स्रोत 14 (निर्धन दानी सरदार) किस रचना से है? | पुरनानुरू — तमिल संगम साहित्य (लगभग प्रथम श. ई.) की एक पद्यावली |
| ★सरदार धन कैसे अर्जित करता था? | युद्ध से — इसीलिए वह लोहार से भाला बनवाता है |
| ‘महासम्मत’ किस ग्रंथ का मिथक है? | सुत्तपिटक |
| महासम्मत का अर्थ? | ‘सब लोगों द्वारा चुना गया’ |
| महासम्मत मिथक के चार निष्कर्ष? | (1) राजा का पद चुनाव पर निर्भर (2) ‘कर’ = सेवा का मूल्य (3) मानवीय कर्म का बड़ा हाथ (4) भविष्य में परिवर्तन भी संभव |
समूह 9 — साहित्यिक स्रोत व महाभारत का अध्ययन★
| सामने | पीछे |
|---|---|
| इतिहासकार की पाँच कसौटियाँ? | भाषा • ग्रंथ का प्रकार • लेखक • श्रोता • संकलन-काल व रचनाभूमि |
| ‘मंत्र’ और ‘कथा’ ग्रंथों में अंतर? | मंत्र — अनुष्ठानकर्ताओं द्वारा पढ़े व उच्चरित; कथा — लोग पढ़ और सुन सकते थे |
| महाभारत की संस्कृत की विशेषता? | वेदों/प्रशस्तियों की संस्कृत से कहीं अधिक सरल → व्यापक स्तर पर समझी जाती थी |
| विषयवस्तु के दो शीर्षक? | आख्यान (कहानियों का संग्रह) और उपदेशात्मक (आचार-विचार के मानदंडों का चित्रण) |
| ‘उपदेशात्मक’ का अर्थ? | निर्देश अथवा शिक्षा देना |
| इतिहासकारों का एकमत निष्कर्ष? | महाभारत वस्तुतः नाटकीय कथानक था जिसमें उपदेशात्मक अंश बाद में जोड़े गए |
| महाभारत को किस श्रेणी में रखा गया? | ‘इतिहास’ — अर्थ ‘ऐसा ही था’ |
| सबसे महत्त्वपूर्ण उपदेशात्मक अंश? | भगवद्गीता — कुरुक्षेत्र में श्रीकृष्ण का अर्जुन को उपदेश |
| मूल कथा के रचयिता कौन थे? | भाट सारथी — ‘सूत’ |
| सूत क्या करते थे? | क्षत्रिय योद्धाओं के साथ युद्धक्षेत्र में जाते; विजय व उपलब्धियों की कविताएँ लिखते; प्रेषण मौखिक |
| ब्राह्मणों ने कब अधिकार किया? | पाँचवीं शताब्दी ई.पू. से |
| ब्राह्मणों के अधिकार के समय कुरु-पांचाल क्या बन रहे थे? | सरदारी से राजतंत्र के रूप में उभर रहे थे |
| महाभारत में 200 ई.पू.–200 ई. में क्या जुड़ा? | विष्णु-आराधना प्रभावी; श्रीकृष्ण को विष्णु का रूप बताया जाने लगा |
| महाभारत में 200-400 ई. में क्या जुड़ा? | मनुस्मृति से मिलते-जुलते बृहत उपदेशात्मक प्रकरण |
| श्लोकों की संख्या कैसे बढ़ी? | प्रारंभ में संभवतः 10,000 से भी कम → बढ़कर एक लाख |
| महाभारत के रचयिता कौन माने जाते हैं? | ऋषि व्यास — परंपरा के अनुसार उन्होंने श्रीगणेश को लिखवाया |
समूह 10 — पुरातत्त्व, द्रौपदी व गतिशील ग्रंथ
| सामने | पीछे |
|---|---|
| हस्तिनापुर में उत्खनन किसने व कब किया? | बी.बी. लाल, 1951-52 |
| हस्तिनापुर किस ज़िले में है? | मेरठ ज़िला (उत्तर प्रदेश) |
| कितने स्तर मिले? कौन-से महत्त्वपूर्ण? | पाँच स्तर; दूसरा और तीसरा महत्त्वपूर्ण |
| दूसरे स्तर का काल व विवरण? | 12वीं–7वीं श. ई.पू.; आवास-गृहों की कोई निश्चित परियोजना नहीं; मिट्टी की दीवारें, कच्ची ईंटें, सरकंडे की छाप वाला पलस्तर |
| तीसरे स्तर का काल व विवरण? | 6वीं–3री श. ई.पू.; कच्ची व कुछ पक्की ईंटें; शोषक-घट, ईंटों के नाले, वलय-कूप |
| महाकाव्य में हस्तिनापुर का चित्रण? | “समुद्र की भाँति भरा… सैकड़ों प्रासादों से संकुलित… इंद्र की नगरी के समान शोभायमान” |
| ★NCERT के दो प्रश्न? | क्या यह चित्रण बाद में (छठी श. ई.पू. के बाद) जोड़ा गया? अथवा मात्र कवि-कल्पना थी? |
| द्रौपदी के स्वयंवर की शर्त? | धनुष की चाप चढ़ाकर निशाने पर तीर मारना |
| द्रौपदी के स्वयंवर की प्रतियोगिता किसने जीती? | अर्जुन |
| पांडवों के द्रौपदी को घर लाने पर कुंती ने क्या कहा? | बिना देखे ही लाई गई वस्तु आपस में बाँट लेने को |
| ★द्रौपदी के पाँच पतियों के तीन स्पष्टीकरण कौन-से? | (1) कुंती की आज्ञा की अवहेलना नहीं हो सकती (2) पांडव इंद्र के अवतार, नियति ने साथ निश्चित किया (3) एक स्त्री ने शिव से पाँच बार पति का वर माँगा |
| बहुपति प्रथा पर इतिहासकारों के मत? | शासकों के विशिष्ट वर्ग में मौजूद; समय के साथ अमान्य होती गई; हिमालय क्षेत्र में आज भी; युद्ध-काल में स्त्रियों की कमी |
| ★NCERT का निष्कर्ष (बहुपति पर)? | “सृजनात्मक साहित्य की अपनी कथा संबंधी ज़रूरतें होती हैं जो हमेशा समाज में मौजूद वास्तविकताओं को नहीं दर्शातीं।” |
| महाभारत ‘गतिशील ग्रंथ’ क्यों? | भिन्न भाषाओं में पाठान्तर; क्षेत्रीय कहानियों का समावेश; पुनर्व्याख्याएँ; मूर्तिकला, चित्र, नाटक, नृत्य |
| “कुंती ओ निषादी” किसकी रचना? | महाश्वेता देवी — समसामयिक बांग्ला लेखिका |
| महाश्वेता देवी किसलिए प्रसिद्ध हैं? | शोषण के विरुद्ध अपनी आवाज़ उठाने के लिए |
| लाक्षागृह में कौन मारे गए? | एक निषादी और उसके पाँच पुत्र — कुल छः निर्दोष प्राण |
| ★निषादी का प्रश्न? | “अपने अतीत पर विचार करते समय तुम्हें एक बार भी उन छः निर्दोष प्राणों की याद नहीं आई?” |
| ‘कुंती ओ निषादी’ कथा का अंत? | निषादी अपने प्राण बचाकर निकल गई किन्तु कुंती वहीं रह गई |
| महाश्वेता देवी ने क्या किया? | “उन प्रश्नों की ओर ध्यान खींचा जिन पर संस्कृत पाठ पूर्णतया मूक है” |
समूह 11 — कालरेखा 1 (रैपिड-फायर)★
| सामने | पीछे |
|---|---|
| पाणिनि की अष्टाध्यायी? | लगभग 500 ई.पू. — संस्कृत व्याकरण |
| प्रमुख धर्मसूत्र? | लगभग 500-200 ई.पू. (संस्कृत में) |
| त्रिपिटक सहित आरंभिक बौद्ध ग्रंथ? | लगभग 500-100 ई.पू. (पालि में) |
| रामायण और महाभारत? | लगभग 500 ई.पू. – 400 ईसवी |
| मनुस्मृति व तमिल संगम साहित्य? | लगभग 200 ई.पू. – 200 ईसवी |
| चरक और सुश्रुत संहिता? | लगभग 100 ईसवी — आयुर्वेद के ग्रंथ |
| पुराणों का संकलन? | लगभग 200 ईसवी से |
| भरतमुनि का नाट्यशास्त्र? | लगभग 300 ईसवी |
| अन्य धर्मशास्त्र? | लगभग 300-600 ईसवी |
| कालिदास, आर्यभट्ट, वराहमिहिर? | लगभग 400-500 ईसवी; साथ ही जैन ग्रंथों का संग्रहण (प्राकृत में) |
| समालोचनात्मक संस्करण की परिकल्पना व प्रकाशन? | 1919-66 |
| अंग्रेज़ी अनुवाद किसने व कब आरंभ किया? | जे.ए.बी. वैन बियुटेनेन, 1973 |
| वैन बियुटेनेन की अनुवाद परियोजना क्यों अधूरी रही? | 1978 में उनकी मृत्यु के बाद |
समूह 12 — सोलह स्रोत (मिलान अभ्यास)★
| सामने | पीछे |
|---|---|
| स्रोत 2 — स्वजन के मध्य लड़ाई क्यों हुई? | महाभारत, आदिपर्वन् |
| स्रोत 3 — विवाह के आठ प्रकार | मनुस्मृति |
| स्रोत 4 — सातवाहन राजाओं के नाम | अभिलेख (प्राकृत) |
| स्रोत 5 — माता की सलाह | महाभारत (गांधारी-दुर्योधन) |
| स्रोत 7 — ‘उचित’ सामाजिक कर्तव्य | महाभारत, आदिपर्वन् (एकलव्य) |
| स्रोत 8 — रेशम बुनकरों ने क्या किया? | मंदसौर अभिलेख (संस्कृत) |
| स्रोत 9 — बाघ सदृश पति | महाभारत, आदिपर्वन् (हिडिम्बा) |
| स्रोत 10 — बोधिसत्व की कहानी | मातंग जातक (पालि) |
| स्रोत 11 — द्रौपदी के प्रश्न | महाभारत |
| स्रोत 12 — संपत्ति अर्जन के तरीके | मनुस्मृति |
| स्रोत 15 — हस्तिनापुर | महाभारत, आदिपर्वन् |
| स्रोत 16 — द्रौपदी का विवाह | महाभारत |
प्रयोग-सुझाव (शिक्षक हेतु)
- समूह 12 (सोलह स्रोत) पर विशेष बल दें — इस अध्याय में 16 स्रोत-बॉक्स हैं, स्रोत-आधारित प्रश्नों की संभावना सर्वाधिक।
- समूह 11 (कालरेखा) से वस्तुनिष्ठ प्रश्न प्रायः आते हैं — प्रत्येक कालांश के अंत में 2 मिनट।
- चार कथाएँ (एकलव्य, हिडिम्बा, मातंग, द्रौपदी) कहानी की तरह सुनाएँ — विद्यार्थी इन्हें कभी नहीं भूलते।
- अध्याय 1, 2 व 3 के फ्लैश कार्ड्स मिलाकर तुलनात्मक क्विज़ कराई जा सकती है (साक्ष्य के प्रकार, स्रोत की सीमा)।