Chapter 3बंधुत्व, जाति तथा वर्ग

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प्रारूप: प्रश्न (सामने) | उत्तर (पीछे) — कक्षा-क्विज़ या प्रिंट हेतु


समूह 1 — प्रस्तावना व समालोचनात्मक संस्करण

सामनेपीछे
इस अध्याय का काल-विस्तार?लगभग 600 ई.पू. से 600 ईसवी
आर्थिक परिवर्तनों के तीन सामाजिक प्रभाव?वन क्षेत्रों में कृषि का विस्तार • शिल्प विशेषज्ञों के समूह का उदय • संपत्ति का असमान वितरण
अध्याय की केंद्रीय सावधानी?प्रत्येक ग्रंथ किसी समुदाय विशेष के दृष्टिकोण से लिखा जाता था — किसने, क्या, किनके लिए लिखा
महाभारत में कितने श्लोक हैं?वर्तमान रूप में एक लाख से अधिक
महाभारत की रचना कितने वर्षों तक चली?लगभग एक हज़ार वर्ष (लगभग 500 ई.पू. से)
समालोचनात्मक संस्करण कब आरंभ हुआ?1919 में
समालोचनात्मक संस्करण का नेतृत्व किसने किया?वी.एस. सुकथांकर
समालोचनात्मक संस्करण को पूरा करने में कितने वर्ष लगे?सैंतालीस वर्ष
समालोचनात्मक संस्करण का प्रकाशन कितने पृष्ठों में हुआ?13,000 पृष्ठ
परियोजना के दो प्रमुख निष्कर्ष?(1) कश्मीर-नेपाल से केरल-तमिलनाडु तक व्यापक समानता (2) अनेक क्षेत्रीय प्रभेद
13,000 में से कितना भाग प्रभेदों का ब्योरा देता है?आधे से भी अधिक
महाभारत के क्षेत्रीय प्रभेदों का ऐतिहासिक अर्थ?प्रभावशाली परंपराओं व लचीले स्थानीय आचरण के बीच संवाद — जो द्वंद्व और मतैक्य दोनों चित्रित करता है
★अध्याय की केंद्रीय सीख?आदर्शमूलक संस्कृत ग्रंथ आधिकारिक माने जाते थे, किंतु आदर्शों को प्रश्नवाचक दृष्टि से भी देखा जाता था और यदा-कदा अवहेलना भी की जाती थी

समूह 2 — बंधुता व पितृवंशिकता

सामनेपीछे
‘कुल’ का अर्थ?परिवार
‘जाति’ (संस्कृत ग्रंथों में) का अर्थ?बांधवों का बड़ा समूह
‘वंश’ का अर्थ?पीढ़ी-दर-पीढ़ी किसी कुल के इकट्ठे पूर्वज
संबंधियों को तकनीकी भाषा में क्या कहते हैं?जाति समूह
पितृवंशिकता क्या है?वंश परंपरा जो पिता → पुत्र → पौत्र → प्रपौत्र से चलती है
मातृवंशिकता क्या है?वह वंश परंपरा जो माँ से जुड़ी होती है
महाभारत की मुख्य कथा किन दो दलों की है?कौरव और पांडव — दोनों कुरु वंश से
पितृवंशिकता में विभिन्नताएँ कौन-सी थीं?भाई का उत्तराधिकार • बंधु-बांधव का दावा • कुछ स्थितियों में स्त्रियाँ (प्रभावती गुप्त)
अधिकतर राजवंश कब से पितृवंशिकता का अनुसरण करते थे?लगभग छठी शताब्दी ई.पू. से
स्रोत 1 का मंत्र किस ग्रंथ से है?ऋग्वेद — संभवतः लगभग 1000 ई.पू. में जोड़ा गया
ऋग्वेद के विवाह-मंत्र (स्रोत 1) में किसकी कामना है?‘उत्तम पुत्रों’ की और पति के प्रेम के सौभाग्य की
इंद्र किस चीज़ के देवता थे?शौर्य, युद्ध और वर्षा

समूह 3 — विवाह के नियम व गोत्र

सामनेपीछे
बहिर्विवाह क्या है?गोत्र से बाहर विवाह करना
अंतर्विवाह क्या है?वैवाहिक संबंध समूह के मध्य ही (गोत्र, कुल, जाति या एक ही स्थान के लोग)
बहुपत्नी प्रथा?एक पुरुष की अनेक पत्नियाँ
बहुपति प्रथा?एक स्त्री के अनेक पति
‘कन्यादान’ को क्या माना गया?पिता का महत्त्वपूर्ण धार्मिक कर्तव्य
ब्राह्मणों ने आचार संहिताएँ क्यों बनाईं?नए नगरों से सामाजिक जीवन जटिल हुआ; विचारों के आदान-प्रदान से आरंभिक विश्वासों पर प्रश्नचिह्न लगे
धर्मसूत्र-धर्मशास्त्र कब से संकलित हुए?लगभग 500 ई.पू. से
मनुस्मृति का संकलन-काल?लगभग 200 ई.पू. से 200 ईसवी के बीच
ब्राह्मणीय प्रभाव की सीमा क्या थी?क्षेत्रीय विभिन्नता और संचार की बाधाओं की वजह से प्रभाव सार्वभौमिक कदापि नहीं था
विवाह के कितने प्रकारों को स्वीकृति दी गई?आठ — पहले चार ‘उत्तम’, बाकी निंदित
गोत्र-पद्धति कब से प्रचलन में आई?लगभग 1000 ई.पू. के बाद
प्रत्येक गोत्र किसके नाम पर होता था?एक वैदिक ऋषि के; सदस्य उसके वंशज माने जाते
गोत्र के दो नियम?(1) विवाह के बाद स्त्री पति का गोत्र ग्रहण करे (2) एक ही गोत्र में विवाह नहीं

समूह 4 — सातवाहन (केस-स्टडी)★

सामनेपीछे
सातवाहनों का शासन-काल व क्षेत्र?लगभग दूसरी श. ई.पू. – दूसरी श. ईसवी; पश्चिमी भारत व दक्कन के कुछ भाग
‘पुत्त’ किस भाषा का शब्द है?प्राकृत — अर्थ ‘पुत्र’
‘गोतमी-पुत्त’ का अर्थ?‘गोतमी का पुत्र’
गोतमी व वसिथि किनके स्त्रीवाची नाम हैं?गौतम और वशिष्ठ — दोनों वैदिक ऋषि, जिनके नाम से गोत्र हैं
★सातवाहन-विश्लेषण के तीन निष्कर्ष?(1) कुछ राजा बहुपत्नी प्रथा मानते थे (2) रानियों ने पिता का गोत्र कायम रखा (3) कुछ रानियाँ एक ही गोत्र से थीं
सातवाहन-विश्लेषण का तीसरा निष्कर्ष किस नियम के विरुद्ध था?बहिर्विवाह पद्धति के
रानियों का एक ही गोत्र से होना किस वैकल्पिक प्रथा को दर्शाता है?अंतर्विवाह पद्धति — बंधुओं में विवाह संबंध
अंतर्विवाह का प्रचलन आज भी कहाँ है?दक्षिण भारत के कई समुदायों में
अंतर्विवाह से क्या लाभ होता था?एक सुगठित समुदाय उभर पाता था
! मातृनाम से मातृवंशिकता क्यों सिद्ध नहीं होती?सातवाहनों में सिंहासन का उत्तराधिकार पितृवंशिक था
मातृनाम का एक और उदाहरण किस ग्रंथ में?बृहदारण्यक उपनिषद — आचार्यों-शिष्यों की सूची में
गांधारी ने दुर्योधन से क्या कहा?युद्ध न करने की विनती — “युद्ध में कुछ भी शुभ नहीं होता”
दुर्योधन का क्या हुआ?उसने माँ की सलाह नहीं मानी, युद्ध में लड़ा और हार गया

समूह 5 — वर्ण व्यवस्था व ‘उचित’ जीविका

सामनेपीछे
ब्राह्मण की जीविका?वेदों-शास्त्रों का अध्ययन-अध्यापन; यज्ञ करना-कराना; दान देना-ग्रहण करना
क्षत्रिय की जीविका?युद्ध, लोगों की रक्षा, न्याय संचालन; + अध्ययन, यज्ञ कराना, दान देना
वैश्य की जीविका?कृषि, पशुपालन और व्यापार; + अध्ययन, यज्ञ करना-कराना, दान देना
शूद्र से क्या अपेक्षा थी?समाज के सुचारु संचालन में अन्य तीन वर्णों की सहायता
★गीता का वैकल्पिक दृष्टिकोण?व्यवस्था गुण और कर्म पर आधारित थी, न कि जन्म से निर्धारित कोई कठोर सामाजिक व्यवस्था
गुण-कर्म पर आधारित वर्ण-व्यवस्था के ऐसे उल्लेख और कहाँ मिलते हैं?बौद्ध परंपराओं में
स्रोत 6 (ऋग्वेद) में परिवार के तीन व्यवसाय?वक्ता स्वयं कवि; पिता वैद्य; माता अन्न पीसने का कार्य करती हैं
एकलव्य किस समुदाय से था?वनवासी निषाद (शिकारी समुदाय)
एकलव्य ने धनुर्विद्या कैसे सीखी?मिट्टी से द्रोण की प्रतिमा बनाकर, उन्हें गुरु मानकर स्वयं अभ्यास किया
द्रोण ने गुरु दक्षिणा में क्या माँगा?दाहिने हाथ का अँगूठा
द्रोण ने एकलव्य से अँगूठा क्यों माँगा?अर्जुन को दिए वचन को निभाने के लिए — कोई अर्जुन से बेहतर धनुर्धारी न रहे

समूह 6 — अक्षत्रिय राजा, जाति व श्रेणी★

सामनेपीछे
शास्त्रों के अनुसार राजा कौन हो सकता था?केवल क्षत्रिय
मौर्य वंश के उद्भव पर दो मत?बौद्ध ग्रंथ क्षत्रिय कहते हैं; ब्राह्मणीय शास्त्र ‘निम्न’ कुल का मानते हैं
शुंग और कण्व किस वर्ण के थे?ब्राह्मण (मौर्यों के उत्तराधिकारी)
शकों को ब्राह्मण क्या मानते थे?म्लेच्छ, बर्बर अथवा अन्यदेशीय
रुद्रदामन के अभिलेख से क्या पता चलता है?शक्तिशाली म्लेच्छ संस्कृतीय परिपाटी से अवगत थे (सुदर्शन सरोवर का जीर्णोद्धार)
★NCERT का निर्णायक वाक्य?“राजनीतिक सत्ता का उपभोग हर वह व्यक्ति कर सकता था जो समर्थन और संसाधन जुटा सके। राजत्व क्षत्रिय कुल में जन्म लेने पर शायद ही निर्भर करता था।”
गोतमी-पुत्त सिरि-सातकनि ने स्वयं को क्या बताया?‘अनूठा ब्राह्मण’ और ‘क्षत्रियों के दर्प का हनन करने वाला’
सिरि-सातकनि का विरोधाभास क्या था?वर्ण-विवाह पर रोक का दावा किया — फिर भी रुद्रदामन के परिवार से विवाह संबंध स्थापित किए
वर्ण और जाति में मूल अंतर?वर्ण मात्र चार थे; जातियों की कोई निश्चित संख्या नहीं थी
जातियों की संख्या क्यों बढ़ती रही?नए सामाजिक समूहों और नए व्यवसायों से संपर्क के कारण
मंदसौर अभिलेख का काल?लगभग पाँचवीं शताब्दी ईसवी
मंदसौर अभिलेख में किस श्रेणी का वर्णन है?रेशम के बुनकरों की श्रेणी
रेशम के बुनकर कहाँ से कहाँ गए?लाट (गुजरात) से मंदसौर — जिसे तब दशपुर कहा जाता था
रेशम के बुनकर लाट से दशपुर क्यों गए?वहाँ के राजा की महानता के बारे में सुना था
रेशम के बुनकरों ने अर्जित धन किस पर खर्च किया?सूर्य देवता के सम्मान में मंदिर बनवाने पर
श्रेणी-सदस्यता किस पर निर्भर थी?शिल्प में विशेषज्ञता पर — पर कुछ सदस्य अन्य जीविका भी अपना लेते थे
संस्कृत ग्रंथों में व्यापारी के लिए शब्द?वणिक
मृच्छकटिकम् का नायक कौन व कैसा?चारुदत्त — ब्राह्मण-वणिक (शूद्रक का नाटक, लगभग चौथी श. ई.)
पाँचवीं श. ई. के अभिलेख में दो भाई क्या कहलाए?क्षत्रिय-वणिक — जिन्होंने मंदिर-निर्माण हेतु धन दिया

समूह 7 — चार वर्णों के परे

सामनेपीछे
संस्कृत साहित्य में बाहरी समुदायों का चित्रण कैसा?विचित्र, असभ्य और पशुवत
वन-प्रांतर के लोगों का जीवन-निर्वाह?शिकार और कंद-मूल संग्रह
यायावर पशुपालकों को शंका से क्यों देखा जाता था?उन्हें बसे हुए कृषिकर्मियों के साँचे में नहीं ढाला जा सकता था
‘म्लेच्छ’ किन्हें कहा जाता था?असंस्कृत भाषी लोगों को
★NCERT के अनुसार ‘राक्षस’ कौन थे?वे लोग जिनके आचार-व्यवहार ब्राह्मणीय ग्रंथों के मानदंडों से भिन्न थे
हिडिम्बा ने भीम से क्या किया?विवाह का प्रस्ताव — जिसे उन्होंने पहले अस्वीकार किया
हिडिम्बा-भीम के पुत्र का नाम?घटोत्कच
हिडिम्बा के विवाह-प्रस्ताव पर युधिष्ठिर की शर्त क्या थी?भीम दिनभर हिडिम्बा के साथ रहकर रात्रि में उनके पास आ जाएँगे
‘चाण्डाल’ किन्हें कहा जाता था?शवों की अंत्येष्टि और मृत पशुओं को छूने वालों को
मनुस्मृति के अनुसार चाण्डालों के कर्तव्य?गाँव के बाहर रहना • फेंके बर्तन • मृतकों के वस्त्र व लोहे के आभूषण • रात्रि में न चलना • अंत्येष्टि • वधिक का कार्य
फ़ा-शिएन का काल व कथन?लगभग पाँचवीं श. ई.; अस्पृश्यों को सड़क पर करताल बजाकर सूचना देनी पड़ती थी
श्वैन-त्सांग का काल व कथन?लगभग सातवीं श. ई.; वधिक और सफ़ाई करने वालों को नगर से बाहर रहना पड़ता था
मातंग जातक किस भाषा में?पालि
मातंग कौन थे?बोधिसत्त (पूर्वजन्म में बुद्ध), बनारस के बाहर एक चाण्डाल के पुत्र
मातंग जातक में व्यापारी-पुत्री का नाम?दिथ्थ मांगलिक
मातंग-दिथ्थ के पुत्र का नाम?माण्डव्यकुमार — जो प्रतिदिन 16,000 ब्राह्मणों को भोजन कराता था
★मातंग का प्रसिद्ध उत्तर?“जिन्हें अपने जन्म पर गर्व है पर अज्ञानी हैं वे भेंट के पात्र नहीं हैं। इसके विपरीत जो लोग दोषमुक्त हैं वे भेंट के योग्य हैं।”

समूह 8 — संपत्ति, वर्ग व सामाजिक अनुबंध

सामनेपीछे
द्यूत-क्रीड़ा में युधिष्ठिर ने क्या-क्या गँवाया?स्वर्ण, हस्ति, रथ, दास, सेना, कोष, राज्य, प्रजा की संपत्ति, अनुज, स्वयं — और फिर द्रौपदी
स्मृति परंपरा में संपत्ति-विभाजन?संतानों में समान विभाजन; ज्येष्ठ पुत्र विशेष भाग का अधिकारी
★स्त्रीधन क्या है?विवाह के समय मिले उपहार, जिन पर स्त्रियों का स्वामित्व; संतान को विरासत में; पति का कोई अधिकार नहीं
मनुस्मृति स्त्रियों को क्या चेतावनी देती है?पति की आज्ञा के विरुद्ध पारिवारिक संपत्ति अथवा धन के गुप्त संचय के विरुद्ध
द्रौपदी के प्रश्न के दो उत्तर?(1) पत्नी पर पति का नियंत्रण सदैव रहता है (2) दासत्व स्वीकार करने वाला पुरुष किसी और को दाँव पर नहीं लगा सकता
द्रौपदी के प्रश्न पर विवाद का निष्कर्ष?कोई निष्कर्ष नहीं निकला; धृतराष्ट्र ने सबको निजी स्वतंत्रता लौटा दी
पुरुषों के लिए धन-अर्जन के तरीके?सात — विरासत, खोज, खरीद, विजित करके, निवेश, कार्य द्वारा, सज्जनों की भेंट
स्त्रियों के लिए धन-अर्जन के तरीके?छह — वैवाहिक अग्नि के सामने भेंट, वधूगमन की भेंट, स्नेह-प्रतीक भेंट, भ्राता-माता-पिता के उपहार, परवर्ती भेंट, ‘अनुरागी’ पति से प्राप्त
★पुरुषों और स्त्रियों के धन-अर्जन के तरीकों में मूल अंतर?पुरुष = स्वतंत्र आर्थिक क्रियाएँ; स्त्री = लगभग सभी भेंट/उपहार आधारित
NCERT का निष्कर्ष (स्त्री-पुरुष)?सामाजिक हैसियत की भिन्नता संसाधनों पर उनके नियंत्रण की भिन्नता की वजह से अधिक प्रखर हुई
★बौद्धों की वर्ण-आलोचना?विषमता मौजूद थी किंतु यह भेद न तो नैसर्गिक थे और न ही स्थायी; जन्म के आधार पर सामाजिक प्रतिष्ठा को अस्वीकार किया
स्रोत 13 (धनी शूद्र पर राजा अवन्तिपुत्र और कच्चन का संवाद) किस ग्रंथ से है?मज्झिमनिकाय (पालि) — राजा अवन्तिपुत्र व कच्चन का संवाद
कच्चन का मुख्य तर्क?यदि शूद्र धनी हो तो क्षत्रिय-ब्राह्मण-वैश्य भी उसके आज्ञावाही सेवक बन सकते थे
प्राचीन तमिलकम् का आदर्श?दानशील का सम्मान; कृपण व्यक्ति घृणा का पात्र
सरदार किनके आश्रयदाता थे?अपनी प्रशंसा गाने वाले चारण और कवियों के
स्रोत 14 (निर्धन दानी सरदार) किस रचना से है?पुरनानुरू — तमिल संगम साहित्य (लगभग प्रथम श. ई.) की एक पद्यावली
★सरदार धन कैसे अर्जित करता था?युद्ध से — इसीलिए वह लोहार से भाला बनवाता है
‘महासम्मत’ किस ग्रंथ का मिथक है?सुत्तपिटक
महासम्मत का अर्थ?‘सब लोगों द्वारा चुना गया’
महासम्मत मिथक के चार निष्कर्ष?(1) राजा का पद चुनाव पर निर्भर (2) ‘कर’ = सेवा का मूल्य (3) मानवीय कर्म का बड़ा हाथ (4) भविष्य में परिवर्तन भी संभव

समूह 9 — साहित्यिक स्रोत व महाभारत का अध्ययन★

सामनेपीछे
इतिहासकार की पाँच कसौटियाँ?भाषा • ग्रंथ का प्रकार • लेखक • श्रोता • संकलन-काल व रचनाभूमि
‘मंत्र’ और ‘कथा’ ग्रंथों में अंतर?मंत्र — अनुष्ठानकर्ताओं द्वारा पढ़े व उच्चरित; कथा — लोग पढ़ और सुन सकते थे
महाभारत की संस्कृत की विशेषता?वेदों/प्रशस्तियों की संस्कृत से कहीं अधिक सरल → व्यापक स्तर पर समझी जाती थी
विषयवस्तु के दो शीर्षक?आख्यान (कहानियों का संग्रह) और उपदेशात्मक (आचार-विचार के मानदंडों का चित्रण)
‘उपदेशात्मक’ का अर्थ?निर्देश अथवा शिक्षा देना
इतिहासकारों का एकमत निष्कर्ष?महाभारत वस्तुतः नाटकीय कथानक था जिसमें उपदेशात्मक अंश बाद में जोड़े गए
महाभारत को किस श्रेणी में रखा गया?‘इतिहास’ — अर्थ ‘ऐसा ही था’
सबसे महत्त्वपूर्ण उपदेशात्मक अंश?भगवद्गीता — कुरुक्षेत्र में श्रीकृष्ण का अर्जुन को उपदेश
मूल कथा के रचयिता कौन थे?भाट सारथी — ‘सूत’
सूत क्या करते थे?क्षत्रिय योद्धाओं के साथ युद्धक्षेत्र में जाते; विजय व उपलब्धियों की कविताएँ लिखते; प्रेषण मौखिक
ब्राह्मणों ने कब अधिकार किया?पाँचवीं शताब्दी ई.पू. से
ब्राह्मणों के अधिकार के समय कुरु-पांचाल क्या बन रहे थे?सरदारी से राजतंत्र के रूप में उभर रहे थे
महाभारत में 200 ई.पू.–200 ई. में क्या जुड़ा?विष्णु-आराधना प्रभावी; श्रीकृष्ण को विष्णु का रूप बताया जाने लगा
महाभारत में 200-400 ई. में क्या जुड़ा?मनुस्मृति से मिलते-जुलते बृहत उपदेशात्मक प्रकरण
श्लोकों की संख्या कैसे बढ़ी?प्रारंभ में संभवतः 10,000 से भी कम → बढ़कर एक लाख
महाभारत के रचयिता कौन माने जाते हैं?ऋषि व्यास — परंपरा के अनुसार उन्होंने श्रीगणेश को लिखवाया

समूह 10 — पुरातत्त्व, द्रौपदी व गतिशील ग्रंथ

सामनेपीछे
हस्तिनापुर में उत्खनन किसने व कब किया?बी.बी. लाल, 1951-52
हस्तिनापुर किस ज़िले में है?मेरठ ज़िला (उत्तर प्रदेश)
कितने स्तर मिले? कौन-से महत्त्वपूर्ण?पाँच स्तर; दूसरा और तीसरा महत्त्वपूर्ण
दूसरे स्तर का काल व विवरण?12वीं–7वीं श. ई.पू.; आवास-गृहों की कोई निश्चित परियोजना नहीं; मिट्टी की दीवारें, कच्ची ईंटें, सरकंडे की छाप वाला पलस्तर
तीसरे स्तर का काल व विवरण?6वीं–3री श. ई.पू.; कच्ची व कुछ पक्की ईंटें; शोषक-घट, ईंटों के नाले, वलय-कूप
महाकाव्य में हस्तिनापुर का चित्रण?“समुद्र की भाँति भरा… सैकड़ों प्रासादों से संकुलित… इंद्र की नगरी के समान शोभायमान”
★NCERT के दो प्रश्न?क्या यह चित्रण बाद में (छठी श. ई.पू. के बाद) जोड़ा गया? अथवा मात्र कवि-कल्पना थी?
द्रौपदी के स्वयंवर की शर्त?धनुष की चाप चढ़ाकर निशाने पर तीर मारना
द्रौपदी के स्वयंवर की प्रतियोगिता किसने जीती?अर्जुन
पांडवों के द्रौपदी को घर लाने पर कुंती ने क्या कहा?बिना देखे ही लाई गई वस्तु आपस में बाँट लेने को
★द्रौपदी के पाँच पतियों के तीन स्पष्टीकरण कौन-से?(1) कुंती की आज्ञा की अवहेलना नहीं हो सकती (2) पांडव इंद्र के अवतार, नियति ने साथ निश्चित किया (3) एक स्त्री ने शिव से पाँच बार पति का वर माँगा
बहुपति प्रथा पर इतिहासकारों के मत?शासकों के विशिष्ट वर्ग में मौजूद; समय के साथ अमान्य होती गई; हिमालय क्षेत्र में आज भी; युद्ध-काल में स्त्रियों की कमी
★NCERT का निष्कर्ष (बहुपति पर)?“सृजनात्मक साहित्य की अपनी कथा संबंधी ज़रूरतें होती हैं जो हमेशा समाज में मौजूद वास्तविकताओं को नहीं दर्शातीं।”
महाभारत ‘गतिशील ग्रंथ’ क्यों?भिन्न भाषाओं में पाठान्तर; क्षेत्रीय कहानियों का समावेश; पुनर्व्याख्याएँ; मूर्तिकला, चित्र, नाटक, नृत्य
“कुंती ओ निषादी” किसकी रचना?महाश्वेता देवी — समसामयिक बांग्ला लेखिका
महाश्वेता देवी किसलिए प्रसिद्ध हैं?शोषण के विरुद्ध अपनी आवाज़ उठाने के लिए
लाक्षागृह में कौन मारे गए?एक निषादी और उसके पाँच पुत्र — कुल छः निर्दोष प्राण
★निषादी का प्रश्न?“अपने अतीत पर विचार करते समय तुम्हें एक बार भी उन छः निर्दोष प्राणों की याद नहीं आई?”
‘कुंती ओ निषादी’ कथा का अंत?निषादी अपने प्राण बचाकर निकल गई किन्तु कुंती वहीं रह गई
महाश्वेता देवी ने क्या किया?“उन प्रश्नों की ओर ध्यान खींचा जिन पर संस्कृत पाठ पूर्णतया मूक है”

समूह 11 — कालरेखा 1 (रैपिड-फायर)★

सामनेपीछे
पाणिनि की अष्टाध्यायी?लगभग 500 ई.पू. — संस्कृत व्याकरण
प्रमुख धर्मसूत्र?लगभग 500-200 ई.पू. (संस्कृत में)
त्रिपिटक सहित आरंभिक बौद्ध ग्रंथ?लगभग 500-100 ई.पू. (पालि में)
रामायण और महाभारत?लगभग 500 ई.पू. – 400 ईसवी
मनुस्मृति व तमिल संगम साहित्य?लगभग 200 ई.पू. – 200 ईसवी
चरक और सुश्रुत संहिता?लगभग 100 ईसवी — आयुर्वेद के ग्रंथ
पुराणों का संकलन?लगभग 200 ईसवी से
भरतमुनि का नाट्यशास्त्र?लगभग 300 ईसवी
अन्य धर्मशास्त्र?लगभग 300-600 ईसवी
कालिदास, आर्यभट्ट, वराहमिहिर?लगभग 400-500 ईसवी; साथ ही जैन ग्रंथों का संग्रहण (प्राकृत में)
समालोचनात्मक संस्करण की परिकल्पना व प्रकाशन?1919-66
अंग्रेज़ी अनुवाद किसने व कब आरंभ किया?जे.ए.बी. वैन बियुटेनेन, 1973
वैन बियुटेनेन की अनुवाद परियोजना क्यों अधूरी रही?1978 में उनकी मृत्यु के बाद

समूह 12 — सोलह स्रोत (मिलान अभ्यास)★

सामनेपीछे
स्रोत 2 — स्वजन के मध्य लड़ाई क्यों हुई?महाभारत, आदिपर्वन्
स्रोत 3 — विवाह के आठ प्रकारमनुस्मृति
स्रोत 4 — सातवाहन राजाओं के नामअभिलेख (प्राकृत)
स्रोत 5 — माता की सलाहमहाभारत (गांधारी-दुर्योधन)
स्रोत 7 — ‘उचित’ सामाजिक कर्तव्यमहाभारत, आदिपर्वन् (एकलव्य)
स्रोत 8 — रेशम बुनकरों ने क्या किया?मंदसौर अभिलेख (संस्कृत)
स्रोत 9 — बाघ सदृश पतिमहाभारत, आदिपर्वन् (हिडिम्बा)
स्रोत 10 — बोधिसत्व की कहानीमातंग जातक (पालि)
स्रोत 11 — द्रौपदी के प्रश्नमहाभारत
स्रोत 12 — संपत्ति अर्जन के तरीकेमनुस्मृति
स्रोत 15 — हस्तिनापुरमहाभारत, आदिपर्वन्
स्रोत 16 — द्रौपदी का विवाहमहाभारत

प्रयोग-सुझाव (शिक्षक हेतु)

  • समूह 12 (सोलह स्रोत) पर विशेष बल दें — इस अध्याय में 16 स्रोत-बॉक्स हैं, स्रोत-आधारित प्रश्नों की संभावना सर्वाधिक।
  • समूह 11 (कालरेखा) से वस्तुनिष्ठ प्रश्न प्रायः आते हैं — प्रत्येक कालांश के अंत में 2 मिनट।
  • चार कथाएँ (एकलव्य, हिडिम्बा, मातंग, द्रौपदी) कहानी की तरह सुनाएँ — विद्यार्थी इन्हें कभी नहीं भूलते।
  • अध्याय 1, 2 व 3 के फ्लैश कार्ड्स मिलाकर तुलनात्मक क्विज़ कराई जा सकती है (साक्ष्य के प्रकार, स्रोत की सीमा)।