Chapter 4विचारक, विश्वास और इमारतें

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प्रारूप: प्रश्न (सामने) | उत्तर (पीछे) — कक्षा-क्विज़ या प्रिंट हेतु


समूह 1 — प्रस्तावना और साँची

सामनेपीछे
इस अध्याय का काल-विस्तार?ईसा पूर्व 600 से ईसा संवत् 600 तक — एक हज़ार साल लंबी यात्रा
अध्याय की केंद्रीय सावधानी?“बौद्ध परंपरा अकेली विकसित नहीं हुई। दूसरी कई परंपराएँ लगातार वाद-विवाद और संवाद चला रही थीं”
इस अध्याय का प्रमुख केंद्र-बिंदु?साँची का स्तूप — “उस युग की बची हुई इमारतों में सबसे सुरक्षित”
साँची भोपाल से कितनी दूर है?लगभग बीस मील उत्तर-पूर्व
शाहजहाँ बेगम की आत्मकथा का नाम?ताज-उल-इक़बाल तारीख़ भोपाल (भोपाल का इतिहास)
शाहजहाँ बेगम का शासनकाल?1868-1901
ताज-उल-इक़बाल तारीख़ भोपाल का अनुवाद किसने, कब किया?एच.डी. बार्स्टो, 1876 में
साँची में कई हफ़्ते रुककर निरीक्षण किसने किया?मेजर अलेक्ज़ैंडर कनिंघम — चित्र बनाए, अभिलेख पढ़े, गुंबद के बीचोंबीच खुदाई की
★साँची के बारे में फ़्रांसीसियों ने क्या माँगा?पूर्वी तोरणद्वार — फ़्रांस के संग्रहालय में प्रदर्शित करने के लिए
पूर्वी तोरणद्वार का मामला कैसे सुलझा?फ़्रांसिसी और अंग्रेज़ दोनों प्लास्टर प्रतिकृतियों से संतुष्ट हो गए → मूल कृति भोपाल में ही रही
★बेगमों की भूमिका (चार बिंदु)?(1) रख-रखाव हेतु अनुदान (2) मार्शल ने ग्रंथ सुल्तानजहाँ को समर्पित किए (3) संग्रहालय व अतिथिशाला के लिए अनुदान (4) प्रकाशन में अनुदान
जॉन मार्शल ने पुस्तकें कहाँ रहकर लिखीं?सुल्तानजहाँ बेगम द्वारा बनवाई अतिथिशाला में रहते हुए
साँची क्यों बचा रहा?किसी रेल ठेकेदार या निर्माता की नज़र नहीं पड़ी; यूरोप ले जाने वालों से भी बचा
आज साँची किसका उदाहरण है?भारतीय पुरातात्त्विक सर्वेक्षण के सफल मरम्मत और संरक्षण का जीता जागता उदाहरण

समूह 2 — पृष्ठभूमि : यज्ञ और नए प्रश्न

सामनेपीछे
★ईसा पूर्व प्रथम सहस्राब्दि के चार क्षेत्र-चिंतक?ईरान — ज़रथुस्त्र • चीन — खुंगत्सी • यूनान — सुकरात, प्लेटो, अरस्तु • भारत — महावीर, बुद्ध
ईसा पूर्व प्रथम सहस्राब्दि को विश्व इतिहास में क्या माना जाता है?विश्व इतिहास में एक महत्त्वपूर्ण मोड़
उस समय गंगा घाटी में क्या हो रहा था?नए राज्य और शहर उभर रहे थे; सामाजिक-आर्थिक जीवन में बदलाव (अध्याय 2 व 3)
ऋग्वेद का संकलन-काल?1500 से 1000 ईसा पूर्व
ऋग्वेद किसका संग्रह है?अग्नि, इंद्र, सोम आदि कई देवताओं की स्तुति का
ऋग्वैदिक काल में लोग किन चीज़ों के लिए प्रार्थना करते थे?मवेशी, बेटे, स्वास्थ्य, लंबी आयु
★यज्ञों में क्रमिक परिवर्तन?शुरू में सामूहिक → 1000-500 ई.पू. में घरों के मालिकों द्वारा → राजसूय व अश्वमेध सरदार-राजा द्वारा
जटिल यज्ञों के लिए किन पर निर्भरता?ब्राह्मण पुरोहितों पर
यज्ञ के छंद किस भाषा में थे?वैदिक संस्कृत; पुरोहित परिवारों को मौखिक रूप में सिखाए जाते थे
उपनिषदों में कौन-से नए प्रश्न?जीवन का अर्थ, मृत्यु के बाद जीवन की संभावना, पुनर्जन्म
स्रोत 2 किस उपनिषद से है?छांदोग्य उपनिषद (संस्कृत, लगभग छठी सदी ई.पू.)
‘आत्मा की प्रकृति’ में क्या कहा गया?“बीज की गिरी से भी छोटी… पृथ्वी से भी विशाल, क्षितिज से भी विस्तृत, स्वर्ग से भी बड़ी”
★‘सच्चा यज्ञ’ किसे बताया गया?पवन — “बहते-बहते यह सबको पवित्र करता है; इसलिए यह वास्तव में यज्ञ है”
वैदिक परंपरा से बाहर के दार्शनिक क्या पूछते थे?“सत्य एक होता है या अनेक?”

समूह 3 — वाद-विवाद, नियतिवाद और भौतिकवाद★

सामनेपीछे
बौद्ध ग्रंथों में कितने संप्रदायों का उल्लेख?64 संप्रदाय या चिंतन परंपराएँ
‘कुटागारशाला’ का शाब्दिक अर्थ?नुकीली छत वाली झोपड़ी
★तर्क-वितर्क का नियम क्या था?“यदि एक शिक्षक अपने प्रतिद्वंद्वी को तर्कों से समझा लेता था तो वह अपने अनुयायियों के साथ उसका शिष्य बन जाता था”
महावीर व बुद्ध ने किस पर प्रश्न उठाए?वेदों के प्रभुत्व पर
महावीर व बुद्ध की मुख्य मान्यता?“जीवन के दुःखों से मुक्ति का प्रयास हर व्यक्ति स्वयं कर सकता था”
दुःखों से मुक्ति वाली महावीर-बुद्ध की मान्यता किससे भिन्न थी?ब्राह्मणवाद से — जो मानता था कि अस्तित्व जाति और लिंग से निर्धारित होता है
स्रोत 3 किस ग्रंथ से है?सुत्त पिटक — राजा अजातसत्तु और बुद्ध की बातचीत
मक्खलि गोसाल किस परंपरा के?आजीविक — नियतिवादी
नियतिवाद का मूल विचार?सब कुछ पूर्व निर्धारित है; “सुख और दुख मानो पूर्व निर्धारित मात्रा में माप कर दिए गए हैं… बदला नहीं जा सकता”
नियतिवाद की प्रसिद्ध उपमा?धागे का गोला — फेंकने पर लुढ़कते-लुढ़कते अपनी पूरी लंबाई तक खुलता जाता है
अजित केसकंबलिन् किस परंपरा के?लोकायत — भौतिकवादी
भौतिकवाद का मूल विचार?“दान, यज्ञ या चढ़ावा जैसी कोई चीज़ नहीं होती… इस दुनिया या दूसरी दुनिया जैसी कोई चीज़ नहीं होती”
मनुष्य किससे बना है (भौतिकवाद)?चार तत्वों से — मृत्यु पर मिट्टी→पृथ्वी, जल→जल, गर्मी→आग, साँस→वायु
भौतिकवाद का निष्कर्ष?“मृत्यु के बाद कोई नहीं बचता”
! आजीविक और लोकायत परंपराओं की जानकारी की सीमा?उनके ग्रंथ नष्ट हो गए हैं — हमें अन्य परंपराओं से ही उनके बारे में जानकारी मिलती है

समूह 4 — बौद्ध ग्रंथ : त्रिपिटक★

सामनेपीछे
★क्या बुद्ध के संभाषण उनके जीवनकाल में लिखे गए?नहीं — “बुद्ध के किसी भी संभाषण को उनके जीवन काल में लिखा नहीं गया”
संकलन कब और कहाँ हुआ?मृत्यु के बाद (पाँचवीं-चौथी सदी ई.पू.), वेसली (वैशाली का पालि रूप) में ‘ज्येष्ठों’ की सभा में
‘त्रिपिटक’ का शाब्दिक अर्थ?तीन टोकरियाँ — भिन्न प्रकार के ग्रंथों को रखने के लिए
विनय पिटक में क्या है?संघ या बौद्ध मठों में रहने वालों के लिए नियमों का संग्रह
सुत्त पिटक में क्या है?बुद्ध की शिक्षाएँ
अभिधम्म पिटक में क्या है?दर्शन से जुड़े विषय
श्रीलंका के बौद्ध इतिहास के दो ग्रंथ?दीपवंश (द्वीप का इतिहास) और महावंश (महान इतिहास)
पुराने ग्रंथ किस भाषा में?ज़्यादातर पालि में; बाद के युगों में संस्कृत में
कौन-से चीनी यात्री ग्रंथों की खोज में आए?फ़ा-शिएन और श्वैन त्सांग
पांडुलिपियाँ किन भाषाओं में संरक्षित?पालि, संस्कृत, चीनी और तिब्बती

समूह 5 — जैन धर्म★

सामनेपीछे
क्या जैन सिद्धांत महावीर से पहले थे?हाँ — “जैनों के मूल सिद्धांत छठी सदी ई.पू. में महावीर के जन्म से पहले ही उत्तर भारत में प्रचलित थे”
महावीर से पहले कितने तीर्थंकर?23
★‘तीर्थंकर’ का अर्थ?“वे महापुरुष जो पुरुषों और महिलाओं को जीवन की नदी के पार पहुँचाते हैं”
★जैन दर्शन की सबसे महत्त्वपूर्ण अवधारणा?संपूर्ण विश्व प्राणवान है — “पत्थर, चट्टान और जल में भी जीवन होता है”
जैन दर्शन का केंद्र बिंदु?अहिंसा — इनसानों, जानवरों, पेड़-पौधों और कीड़े-मकोड़ों को न मारना
अहिंसा का व्यापक प्रभाव?“जैन अहिंसा के सिद्धांत ने संपूर्ण भारतीय चिंतन परंपरा को प्रभावित किया है”
जैन दर्शन में जन्म-पुनर्जन्म का चक्र किससे निर्धारित?कर्म से
जैन दर्शन में मुक्ति के लिए क्या ज़रूरी?त्याग और तपस्या; संसार के त्याग से ही संभव
जैन दर्शन में संसार के त्याग के कारण क्या अनिवार्य नियम बना?मुक्ति के लिए विहारों में निवास करना
★जैन के पाँच व्रत?हत्या न करना • चोरी नहीं करना • झूठ न बोलना • ब्रह्मचर्य (अमृषा) • धन संग्रह न करना
स्रोत 4 किस ग्रंथ से है?उत्तराध्ययन सूत्र — महारानी कमलावती अपने पति को संन्यास के लिए समझा रही हैं
जैन साहित्य किन भाषाओं में?प्राकृत, संस्कृत, तमिल
जैन पांडुलिपियाँ कहाँ संरक्षित हैं?मंदिरों से जुड़े पुस्तकालयों में
★सबसे प्राचीन धार्मिक मूर्तियों में कौन-सी?जैन तीर्थंकरों के उपासकों द्वारा बनवाई गई मूर्तियाँ

समूह 6 — बुद्ध और उनकी शिक्षाएँ★

सामनेपीछे
बौद्ध धर्म किन देशों तक फैला?मध्य एशिया होते हुए चीन, कोरिया, जापान; श्रीलंका से समुद्र पार म्याँमार, थाइलैंड, इंडोनेशिया
! चरित ग्रंथों की सीमा?बुद्ध के जीवन काल से लगभग सौ वर्षों बाद लिखे गए
★‘संतचरित’ क्या है?संत की जीवनी; “संत की उपलब्धियों का गुणगान करते हैं, जो तथ्यात्मक रूप से पूरी तरह सही नहीं होते”
फिर संतचरित क्यों महत्त्वपूर्ण हैं?“ये हमें उस परंपरा के अनुयायियों के विश्वासों के बारे में बताते हैं”
बुद्ध के बचपन का नाम?सिद्धार्थ
सिद्धार्थ किसके बेटे थे?शाक्य कबीले के सरदार के
★पहली यात्रा में सिद्धार्थ ने क्या देखा?एक वृद्ध व्यक्ति, एक बीमार, एक लाश — और एक गृहत्याग किया संन्यासी
पहली यात्रा के दृश्य देखकर सिद्धार्थ को क्या अनुभूति हुई?“मनुष्य के शरीर का क्षय और अंत निश्चित है”
सिद्धार्थ का एक साधना-मार्ग क्या था?शरीर को अधिक से अधिक कष्ट देना — जिससे वे मरते-मरते बचे
सिद्धार्थ को ज्ञान कैसे प्राप्त हुआ?अतिवादी तरीकों को त्यागकर, कई दिन ध्यान करते हुए
★बौद्ध दर्शन के चार सिद्धांत?विश्व अनित्य है • आत्माविहीन (अनात्मा) • दुख अंतर्निहित तत्व • मध्यम मार्ग
‘मध्यम मार्ग’ किसके बीच?घोर तपस्या और विषयासक्ति के बीच
★प्रारंभिक बौद्ध परंपराओं में भगवान?“भगवान का होना या न होना अप्रासंगिक था”
बुद्ध ने कैसे समझाया — अलौकिक शक्ति या तर्क?विवेक और तर्क — मरे बच्चे की माँ को मृत्यु के अवश्यभावी होने की बात समझायी
★समाज के बारे में बुद्ध का मत?“समाज का निर्माण इनसानों ने किया था न कि ईश्वर ने”
समाज के बारे में बुद्ध के मत से क्या निष्कर्ष निकलता है?“व्यक्तिगत प्रयास से सामाजिक परिवेश को बदला जा सकता था”
‘निर्वाण’ का अर्थ?अहं और इच्छा का ख़त्म हो जाना
★बुद्ध का अंतिम निर्देश?“तुम सब अपने लिए ख़ुद ही ज्योति बनो क्योंकि तुम्हें ख़ुद ही अपनी मुक्ति का रास्ता ढूँढ़ना है।”
स्रोत 5 में बुद्ध किसे सलाह दे रहे हैं?सिगल — एक अमीर गृहपति

समूह 7 — संघ और थेरीगाथा★

सामनेपीछे
‘संघ’ क्या था?धम्म के शिक्षक बने भिक्षुओं की संस्था
★‘भिक्खु’ शब्द क्यों?“चूँकि वे दान पर निर्भर थे इसलिए उन्हें भिक्खु कहा जाता था”
भिक्खुओं के पास क्या होता था?अत्यावश्यक चीज़ों के अलावा कुछ नहीं; भोजन दान हेतु एक कटोरा
★महिलाओं को अनुमति किसने दिलवाई?बुद्ध के प्रिय शिष्य आनंद ने
पहली भिक्खुनी कौन थीं?महाप्रजापति गोतमी — बुद्ध की उपमाता
‘थेरी’ का अर्थ?ऐसी महिलाएँ जिन्होंने निर्वाण प्राप्त कर लिया हो
संघ में कौन-कौन आए?राजा, धनवान, गृहपति, कर्मकार, दास, शिल्पी — सभी
★संघ की सबसे बड़ी विशेषता?“एक बार संघ में आ जाने पर सभी को बराबर माना जाता था क्योंकि… उन्हें अपनी पुरानी पहचान को त्याग देना पड़ता था”
संघ की संचालन पद्धति किस पर आधारित?गणों और संघों की परंपरा पर
संघ में निर्णय कैसे लिए जाते थे?बातचीत से एकमत; संभव न होने पर मतदान
★‘थेरीगाथा’ क्या है?सुत्त पिटक का हिस्सा; भिक्खुनियों द्वारा रचित छंदों का संकलन
थेरीगाथा का ऐतिहासिक महत्त्व?“इससे महिलाओं के सामाजिक और आध्यात्मिक अनुभवों के बारे में अंतर्दृष्टि मिलती है”
पुन्ना कौन थी?एक दासी जो मालिक के घर के लिए प्रतिदिन नदी का पानी लाती थी
पुन्ना ठंड में भी पानी में क्यों उतरती थी?सज़ा के डर से या ऊँचे घरानों की स्त्रियों के कटु वाक्यों के डर से
★पुन्ना का प्रसिद्ध तर्क?“वैसा हो तो सारे मेंढक और कछुए स्वर्ग जाएँगे, साथ में पानी के साँप और मगरमच्छ भी!”
स्रोत 7 के नियम किस पिटक से?विनय पिटक
कंबल/गलीचे का नियम?कम से कम छ: वर्षों तक प्रयोग करना पड़ेगा
★बौद्ध धर्म तेज़ी से क्यों फैला (4 कारण)?(1) समकालीन धार्मिक प्रथाओं से असंतोष (2) तेज़ सामाजिक बदलावों की उलझनें (3) जन्म की बजाय अच्छे आचरण व मूल्यों को महत्त्व (4) मित्रता और करुणा के आदर्श

समूह 8 — स्तूप★★

सामनेपीछे
पवित्र स्थल कहाँ बनते थे?जहाँ ख़ास वनस्पति, अनूठी चट्टानें या विस्मयकारी प्राकृतिक सौंदर्य था
‘चैत्य’ क्या है?“शवदाह के बाद शरीर के कुछ अवशेष टीलों पर सुरक्षित रख दिए जाते थे। अंतिम संस्कार से जुड़े ये टीले चैत्य के रूप में जाने गए”
★बुद्ध से जुड़े चार स्थल?लुम्बिनी (जन्म) • बोधगया (ज्ञान) • सारनाथ (प्रथम उपदेश) • कुशीनगर (निब्बान)
असोक ने लुम्बिनी में क्या बनवाया?अपनी यात्रा की याद में एक स्तंभ — बुद्ध के समय से लगभग दो सौ वर्षों बाद
स्तूप में क्या गाड़ा जाता था?बुद्ध से जुड़े अवशेष — उनकी अस्थियाँ या उनके द्वारा प्रयुक्त सामान
★क्या स्तूप-परंपरा बुद्ध से पहले की थी?हाँ — “स्तूप बनाने की परंपरा बुद्ध से पहले की रही होगी, लेकिन वह बौद्ध धर्म से जुड़ गई”
समूचे स्तूप को क्या प्रतिष्ठा मिली?बुद्ध और बौद्ध धर्म के प्रतीक के रूप में
★असोकावदान क्या बताता है?असोक ने बुद्ध के अवशेषों के हिस्से हर महत्त्वपूर्ण शहर में बाँट कर उनके ऊपर स्तूप बनाने का आदेश दिया
ईसा पूर्व दूसरी सदी तक कहाँ स्तूप बन चुके थे?भरहुत, साँची और सारनाथ
स्रोत 8 किस ग्रंथ से है?महापरिनिब्बान सुत्त (सुत्त पिटक का हिस्सा)
स्रोत 8 में बुद्ध का पहला उत्तर क्या था?“अवशेषों को विशेष आदर देकर ख़ुद को मत रोको। धर्मोत्साही बनो, अपनी भलाई के लिए प्रयास करो”
‘थूप’ किसका पालि रूप है?स्तूप का
★स्तूप किनके दान से बने?राजा (सातवाहन वंश) • शिल्पकारों व व्यापारियों की श्रेणियाँ • हाथी दाँत का काम करने वाले शिल्पकार • भिक्खु और भिक्खुनियाँ
दान के अभिलेखों में लोग क्या बताते थे?अपना नाम; कभी गाँव या शहर, कभी पेशा और रिश्तेदारों के नाम
‘स्तूप’ का संस्कृत अर्थ?टीला
★अंड क्या है?गोलार्ध लिए हुए मिट्टी का टीला — स्तूप की मूल संरचना
★हर्मिका क्या है?अंड के ऊपर छज्जे जैसा ढाँचा — देवताओं के घर का प्रतीक
★यष्टि क्या है?हर्मिका से निकलने वाला मस्तूल — अक्सर उस पर छत्री
★वेदिका क्या है?टीले के चारों ओर की रेलिंग जो पवित्र स्थल को सामान्य दुनिया से अलग करती थी
★प्रदक्षिणा की विधि?पूर्वी तोरणद्वार से प्रवेश → टीले को दाईं तरफ़ रखते हुए दक्षिणावर्त परिक्रमा — मानो आकाश में सूर्य के पथ का अनुकरण
साँची व भरहुत के प्रारंभिक स्तूप कैसे थे?बिना अलंकरण के — सिवाए पत्थर की वेदिकाओं और तोरणद्वारों के
उत्कीर्णन-कला के उदाहरण कहाँ?अमरावती और पेशावर (पाकिस्तान) में शाह जी की ढेरी

समूह 9 — स्तूपों की ‘खोज’★

सामनेपीछे
अमरावती के अवशेष कब मिले?1796 — एक स्थानीय राजा को, जो मंदिर बनाना चाहते थे
अमरावती के अवशेष मिलने पर स्थानीय राजा ने क्या निश्चय किया?पत्थरों के इस्तेमाल का; लगा कि कोई ख़ज़ाना छुपा हो
कॉलिन मेकेंज़ी ने क्या किया?मूर्तियाँ पाईं व विस्तृत चित्रांकन किया — किंतु उनकी रिपोर्ट कभी छपी नहीं
1854 में क्या हुआ?गुंटूर के कमिश्नर ने मूर्तियाँ मद्रास भेजीं; पश्चिमी तोरणद्वार खोजा
‘एलियट संगमरमर’ नाम क्यों?उन कमिश्नर के नाम पर
गुंटूर के कमिश्नर का निष्कर्ष क्या था?अमरावती का स्तूप बौद्धों का सबसे विशाल और शानदार स्तूप था
1850 के दशक में पत्थर कहाँ-कहाँ गए?कलकत्ता (एशियाटिक सोसायटी), मद्रास (इंडिया ऑफिस), लंदन
! अधिकारियों की प्रवृत्ति?“हर नया अधिकारी यह कहकर कुछ मूर्तियाँ उठा ले जाता था कि उसके पहले के अधिकारियों ने भी ऐसा किया”
★एच.एच. कोल का कथन?“इस देश की प्राचीन कलाकृतियों की लूट होने देना मुझे आत्मघाती और असमर्थनीय नीति लगती है”
कोल का सिद्धांत क्या था?संग्रहालयों में प्लास्टर प्रतिकृतियाँ; असली कृतियाँ खोज की जगह पर
! कोल का परिणाम?अमरावती पर अधिकारियों को राज़ी नहीं कर पाए — लेकिन साँची के लिए यह बात मान ली गई
साँची की खोज कब हुई?1818
1818 में साँची की हालत?तीन तोरणद्वार खड़े थे, चौथा वहीं गिरा हुआ, टीला भी अच्छी हालत में
★साँची क्यों बचा, अमरावती क्यों नहीं?अमरावती की खोज थोड़ी पहले हो गई थी — तब विद्वान खोज की जगह पर ही संरक्षण के महत्त्व को नहीं समझ पाए थे
आज अमरावती की स्थिति?“अब सिर्फ़ एक छोटा सा टीला है जिसका सारा गौरव नष्ट हो चुका है”

समूह 10 — मूर्तिकला★★

सामनेपीछे
‘चारणचित्र’ क्या हैं?घुमक्कड़ कथावाचकों के कपड़ों या काग़ज़ पर बने चित्र
साँची के एक उत्कीर्णन में पहली नज़र में क्या दिखता है?फूस की झोंपड़ी और पेड़ों वाला ग्रामीण दृश्य
वस्तुतः वह किस जातक का दृश्य है?वेसान्तर जातक
वेसान्तर जातक की कथा?एक दानी राजकुमार जिसने अपना सब कुछ एक ब्राह्मण को सौंप दिया और पत्नी-बच्चों संग जंगल में रहने चला गया
★इससे कौन-सी विधि स्पष्ट होती है?“अक्सर इतिहासकार किसी मूर्तिकला की व्याख्या लिखित साक्ष्यों के साथ तुलना के द्वारा करते हैं”
★प्रारंभिक मूर्तिकारों ने बुद्ध को कैसे दिखाया?मानव रूप में नहीं — उनकी उपस्थिति प्रतीकों के माध्यम से
रिक्त स्थान किसका प्रतीक?बुद्ध के ध्यान की दशा
स्तूप किसका प्रतीक?महापरिनिब्बान
चक्र किसका प्रतीक?सारनाथ में दिया गया पहला उपदेश (धर्मचक्र प्रवर्तन)
★प्रतीकों के बारे में मुख्य चेतावनी?“पेड़ का तात्पर्य केवल एक पेड़ नहीं था वरन् वह बुद्ध के जीवन की एक घटना का प्रतीक था”
प्रतीक समझने के लिए क्या ज़रूरी?इतिहासकार कलाकृतियों के निर्माताओं की परंपराओं को जानें
शालभंजिका क्या है?तोरणद्वार के किनारे पेड़ पकड़कर झूलती स्त्री की मूर्ति
शालभंजिका की मूर्ति देखकर विद्वान पहले असमंजस में क्यों थे?“इस मूर्ति का त्याग और तपस्या से कोई रिश्ता नज़र नहीं आता था”
विद्वानों ने शालभंजिका को कैसे समझा?साहित्यिक परंपराओं के अध्ययन से — यह संस्कृत में वर्णित शालभंजिका है
शालभंजिका की लोक-मान्यता?“इस स्त्री द्वारा छुए जाने से वृक्षों में फूल खिल उठते थे और फल होने लगते थे” — शुभ प्रतीक
★शालभंजिका से क्या निष्कर्ष?“जो लोग बौद्ध धर्म में आए उन्होंने बुद्ध-पूर्व और बौद्ध धर्म से इतर दूसरे विश्वासों, प्रथाओं और धारणाओं से बौद्ध धर्म को समृद्ध किया”
साँची में कौन-से जानवर उत्कीर्ण हैं?हाथी, घोड़े, बंदर और गाय-बैल
हाथी किसका प्रतीक?शक्ति और ज्ञान
गजलक्ष्मी कौन थीं?सौभाग्य लाने वाली देवी जिन्हें प्रायः हाथियों के साथ जोड़ा जाता है
गजलक्ष्मी की मूर्ति पर दो मत?कुछ इतिहासकार बुद्ध की माँ माया से जोड़ते हैं; दूसरे देवी गजलक्ष्मी मानते हैं
सर्प प्रतीक कहाँ से आया?लोक परंपराओं से — “जिनका ग्रंथों में हमेशा ज़िक्र नहीं होता था”
! जेम्स फ़र्गुसन की भूल?उन्होंने साँची को वृक्ष और सर्प पूजा का केंद्र माना — क्योंकि वे बौद्ध साहित्य से अनभिज्ञ थे
गुफा-चित्रकारी का सबसे प्रसिद्ध स्थल?अजंता (महाराष्ट्र)
अजंता के चित्र क्या दिखाते हैं?जातकों की कथाएँ; राज दरबार, शोभा यात्राएँ, काम करते स्त्री-पुरुष, त्यौहार
कलाकारों ने त्रिविम रूप कैसे दिया?आभाभेद तकनीक से

समूह 11 — नयी धार्मिक परंपराएँ★

सामनेपीछे
बौद्ध अवधारणाओं में बदलाव कब?ईसा की प्रथम सदी के बाद
प्रारंभिक बौद्ध मत में किस पर बल?निब्बान के लिए व्यक्तिगत प्रयास; बुद्ध को भी एक मनुष्य समझा जाता था
★कौन-सी नयी कल्पना उभरी?मुक्तिदाता की — “यह विश्वास किया जाने लगा कि वे मुक्ति दिलवा सकते थे”
बोधिसत्त कौन थे?परम करुणामय जीव जो अपने सत्कार्यों से पुण्य कमाते थे
★बोधिसत्त पुण्य का क्या करते थे?“वे इस पुण्य का प्रयोग निब्बान प्राप्ति के लिए नहीं करते थे। बल्कि वे इससे दूसरों की सहायता करते थे”
बोधिसत्त की कल्पना वाली नयी बौद्ध परंपरा का नाम?महायान
महायान वालों ने पुरानी परंपरा को क्या कहा?हीनयान
★पुरातन परंपरा वाले स्वयं को क्या कहते थे?थेरवादी
‘थेरवाद’ का अर्थ?“वे लोग जिन्होंने पुराने, प्रतिष्ठित शिक्षकों (जिन्हें थेर कहते थे) के बताए रास्ते पर चलने वाले”
वैष्णव परंपरा क्या है?वह हिंदू परंपरा जिसमें विष्णु को सबसे महत्त्वपूर्ण देवता माना जाता है
शैव परंपरा क्या है?वह संकल्पना जिसमें शिव परमेश्वर हैं
★‘भक्ति’ क्या है?“उपासना और ईश्वर के बीच का रिश्ता प्रेम और समर्पण का रिश्ता”
वैष्णववाद में कितने अवतारों की कल्पना?दस
अवतार क्यों लिए जाते थे?“पापियों के बढ़ते प्रभाव के चलते जब अव्यवस्था और नाश की स्थिति आती थी तब विश्व की रक्षा के लिए”
★स्थानीय देवताओं को विष्णु का रूप मानने का महत्त्व?“एकीकृत धार्मिक परंपरा के निर्माण का एक महत्त्वपूर्ण तरीका था”
शिव को किस रूप में बनाया जाता था?उनके प्रतीक लिंग के रूप में; कई बार मनुष्य के रूप में भी
देवताओं की पहचान किससे होती थी?शिरोवस्त्र, आभूषण, आयुध (हथियार व शुभ अस्त्र) और बैठने की शैली से
पुराण किसने और कब रचे?प्रथम सहस्राब्दि के मध्य से ब्राह्मणों द्वारा
पुराण किस भाषा में लिखे गए?सामान्यतः संस्कृत श्लोकों में
★पुराणों की सबसे महत्त्वपूर्ण सामाजिक बात?“इन्हें ऊँची आवाज़ में पढ़ा जाता था… महिलाएँ और शूद्र जिन्हें वैदिक साहित्य पढ़ने-सुनने की अनुमति नहीं थी, पुराणों को सुन सकते थे”
पुराणों की कहानियाँ कैसे विकसित हुईं?लोगों के आपसी मेल-मिलाप से — पुजारी, व्यापारी व सामान्य स्त्री-पुरुष विश्वासों का आदान-प्रदान करते थे
वासुदेव-कृष्ण किस इलाके के देवता थे?मथुरा — कई शताब्दियों में पूजा देश के दूसरे इलाकों में भी फैली

समूह 12 — मंदिर और व्याख्या की सीमाएँ★

सामनेपीछे
आरंभिक मंदिर कैसे थे?एक चौकोर कमरे के रूप में — गर्भगृह; एक दरवाज़ा
गर्भगृह के ऊपर क्या बनाया जाने लगा?शिखर
मंदिरों में बाद के युगों में क्या जुड़ा?विशाल सभास्थल, ऊँची दीवारें और तोरण; जल आपूर्ति का इंतज़ाम
★सबसे प्राचीन कृत्रिम गुफाएँ किसने, किसके लिए बनवाईं?ईसा पूर्व तीसरी सदी में असोक के आदेश से — आजीविक संप्रदाय के संतों के लिए
कृत्रिम गुफाओं का सबसे विकसित रूप?आठवीं सदी का कैलाशनाथ मंदिर (एलोरा) — पूरी पहाड़ी काटकर
★एलोरा के ताम्रपत्र अभिलेख में क्या लिखा है?प्रमुख तक्षक का आश्चर्य — “हे भगवान यह मैंने कैसे बनाया!”
! यूरोपीय विद्वानों को मूर्तियाँ कैसी लगीं?“कई सिरों, हाथों वाली या मनुष्य और जानवर के रूपों को मिलाकर बनाई गई मूर्तियाँ उन्हें विकृत लगती थीं और कई बार वे घृणा से भर जाते थे”
यूरोपीय विद्वानों ने भारतीय मूर्तियों की तुलना किससे की?प्राचीन यूनान की कला परंपरा से
गांधार की मूर्तियाँ कहाँ मिलीं?तक्षशिला और पेशावर जैसे उत्तर-पश्चिम के नगरों में
गांधार की मूर्तियों वाले इलाकों में किसने राज्य बनाए थे?भारतीय-यूनानी शासकों ने, ईसा से दो सौ साल पहले
★विद्वानों ने कौन-सा तरीका अपनाया?“परिचित चीज़ों के आधार पर अपरिचित चीज़ों को समझने का पैमाना तैयार करना” — जो “हम सब अक्सर अपनाते हैं”
महाबलीपुरम् की चट्टान पर दो व्याख्याएँ?(1) गंगा नदी का स्वर्ग से अवतरण — प्राकृतिक दरार = नदी (2) अर्जुन की तपस्या — केंद्र में साधु
★अध्याय का निष्कर्ष क्या है?“बहुत से रीति-रिवाज… स्थायी दृश्य माध्यमों के रूप में दर्ज नहीं किए गए… हमने जिन शानदार उदाहरणों को चुना है वे एक विशाल ज्ञान राशि की मात्र ऊपरी परत हैं”

समूह 13 — कालरेखा 1 (रैपिड-फायर)★

सामनेपीछे
प्रारंभिक वैदिक परंपराएँ?लगभग 1500-1000 ई.पू.
उत्तर वैदिक परंपराएँ?लगभग 1000-500 ई.पू.
प्रारंभिक उपनिषद, जैन धर्म, बौद्ध धर्म?लगभग छठी सदी ई.पू.
आरंभिक स्तूप?लगभग तीसरी सदी ई.पू.
महायान, वैष्णववाद, शैववाद, देवी पूजन?लगभग दूसरी सदी ई.पू. से आगे
सबसे पुराने मंदिर?लगभग तीसरी सदी ईसवी

समूह 14 — कालरेखा 2 (रैपिड-फायर)★

सामनेपीछे
1814इंडियन म्यूज़ियम, कलकत्ता की स्थापना
1834रामराजा — एसेज़ ऑन द आर्किटेक्चर ऑफ़ द हिंदूज़; कनिंघम — सारनाथ के स्तूप की छानबीन
1835-1842जेम्स फ़र्गुसन — पुरातात्त्विक स्थलों का सर्वेक्षण
1851गवर्नमेंट म्यूज़ियम, मद्रास की स्थापना
1854अलेक्ज़ैंडर कनिंघम — भिलसा टोप्स (साँची पर सबसे प्रारंभिक पुस्तकों में से एक)
1878राजेंद्र लाल मित्र — बुद्ध गया : द हेरिटेज ऑफ़ शाक्य मुनि
1880एच.एच. कोल — प्राचीन इमारतों का संग्रहाध्यक्ष बनाए गए
1888ट्रेज़र-ट्रोव एक्ट — सरकार पुरातात्त्विक महत्त्व की चीज़ हस्तगत कर सकती थी
1914जॉन मार्शल व अल्फ़्रेड फूसे — द मॉन्युमेंट्स ऑफ़ साँची
1923जॉन मार्शल — कंज़र्वेशन मैनुअल
1955जवाहरलाल नेहरू — राष्ट्रीय संग्रहालय, नयी दिल्ली की नींव
1989साँची को विश्व कला दाय स्थान घोषित किया गया

समूह 15 — स्रोतों का मिलान★

सामनेपीछे
स्रोत 1 — अग्नि की प्रार्थनाऋग्वेद (वैदिक संस्कृत)
स्रोत 5 — व्यवहार में बौद्ध धर्मसुत्त पिटक
स्रोत 6 — थेरीगाथासुत्त पिटक का हिस्सा (पालि)

प्रयोग-सुझाव (शिक्षक हेतु)

  • समूह 8 (स्तूप की संरचना) और समूह 13-14 (कालरेखाएँ) पर विशेष बल — RBSE में वस्तुनिष्ठ प्रश्न प्रायः यहीं से।
  • समूह 15 (आठ स्रोत) — स्रोत-आधारित प्रश्नों के लिए अनिवार्य अभ्यास।
  • यह अध्याय चित्र-प्रधान है — फ्लैश कार्ड के साथ NCERT के चित्र दिखाकर क्विज़ कराएँ (जैसे “यह कौन-सा प्रतीक है?”)।
  • चारों अध्यायों के फ्लैश कार्ड्स मिलाकर तुलनात्मक क्विज़ कराई जा सकती है — साक्ष्य के चार प्रकार व नामकरण-जाल पर।