अध्याय 6लोकतांत्रिक व्यवस्था का संकट

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सेट 1 · अध्याय का ढाँचा(3 कार्ड)

#प्रश्नउत्तर
1★★आपातकाल के समय सत्ताधारी पार्टी के पास कितना बहुमत था, और फिर भी उसके नेतृत्व ने क्या फ़ैसला किया?“सत्ताधारी पार्टी के पास पूर्ण बहुमत था। फिर भी, इसके नेतृत्व ने लोकतंत्र को ठप्प करने का फ़ैसला किया।” (पृ. 109)
2★आपातकाल में अख़बार संपादकीय की जगह खाली क्यों छोड़ते थे, और फिर क्या हुआ?“कई दफे ऐसा आपातकाल के प्रति विरोध जताने के लिए किया जाता था। बाद में खाली जगह छोड़ने पर भी पाबंदी लगा दी गई।”
3★आमतौर पर ‘आपातकाल’ से क्या समझा जाता है, और यहाँ क्या था?आमतौर पर युद्ध, आक्रमण या प्राकृतिक आपदा; पर यह “अंदरूनी गड़बड़ियों की आशंका” के मद्देनजर था

सेट 2 · आर्थिक पृष्ठभूमि(8 कार्ड)

#प्रश्नउत्तर
4★1973 और 1974 में कीमतें कितनी बढ़ीं?1973 में 23 फीसदी, 1974 में 30 फीसदी
5बांग्लादेश संकट का आर्थिक बोझ?“लगभग 80 लाख लोग पूर्वी पाकिस्तान की सीमा पार करके भारत आ गए थे”
6! 1971 के युद्ध के बाद अमरीका ने क्या किया?“अमरीका ने भारत को हर तरह की सहायता देना बंद कर दिया”
71972–73 में मानसून का क्या असर?“खाद्यान्न का उत्पादन 8 प्रतिशत कम हो गया”
8★सरकार ने खर्च घटाने के लिए क्या किया?“अपने कर्मचारियों के वेतन को रोक लिया” — इससे सरकारी कर्मचारियों में बहुत असंतोष पनपा
9सत्तर के दशक के आर्थिक संकट में अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में क्या हुआ?“तेल की कीमतों में कई गुना बढ़ोतरी हुई”
10उद्योग और रोज़गार की दशा?“औद्योगिक विकास की दर बहुत कम थी और बेरोजगारी बहुत बढ़ गई थी। ग्रामीण इलाकों में बेरोज़गारी बेतहाशा बढ़ी थी”
11★आर्थिक असंतोष का राजनीतिक फ़ायदा किसे मिला?“गैर-कांग्रेसी पार्टियों ने बड़े कारगर तरीके से जन-विरोध की अगुवाई की”; और छात्रों के विरोध के स्वर “और ज्यादा प्रबल हो उठे”

सेट 3 · जन-आंदोलन(10 कार्ड)

#प्रश्नउत्तर
12★नक्सलवादी समूह किस नाम से जाने गए और कहाँ सक्रिय थे?“मार्क्सवादी-लेनिनवादी (अब माओवादी) अथवा नक्सलवादी”; पश्चिम बंगाल में सबसे ज्यादा सक्रिय
13गुजरात आंदोलन — कब और किन मुद्दों पर?जनवरी 1974; खाद्यान्न, खाद्य तेल और आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमत तथा उच्च पदों पर भ्रष्टाचार
14★गुजरात में सरकार का क्या हुआ?“गुजरात में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया”; जून 1975 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस हार गई
15गुजरात में मोरारजी देसाई ने क्या धमकी दी?“अगर राज्य में नए सिरे से चुनाव नहीं करवाए गए तो मैं अनिश्चितकालीन भूख-हड़ताल पर बैठ जाऊँगा”
16बिहार आंदोलन — कब और किन मुद्दों पर?मार्च 1974; बढ़ती कीमतें, खाद्यान्न का अभाव, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार
17★★जेपी ने बिहार आंदोलन का नेतृत्व किन दो शर्तों पर स्वीकार किया?“आंदोलन अहिंसक रहेगा और अपने को सिर्फ़ बिहार तक सीमित नहीं रखेगा”
18★★जेपी ने किसका आह्वान किया और क्यों?“सम्पूर्ण क्रांति” — सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक दायरे में — ताकि “सच्चे लोकतंत्र” की स्थापना की जा सके
19★1974 की रेल हड़ताल — नेतृत्व, संगठन, अवधि?जॉर्ज फर्नान्डिस; रेलवे कर्मचारियों के संघर्ष से संबंधित राष्ट्रीय समन्वय समिति; 20 दिन, “बगैर किसी समझौते के वापस”
20★★रेल हड़ताल ने कौन-सा बड़ा सवाल उठाया?“क्या आवश्यक सेवाओं से जुड़े हुए कर्मचारी अपनी माँगों को लेकर हड़ताल कर सकते हैं या नहीं”
21★★जेपी आंदोलन और कांग्रेस के दो चर्चित नारे?आंदोलन का: “सम्पूर्ण क्रांति अब नारा है, भावी इतिहास हमारा है!”; सत्ता का: “इंदिरा इज़ इंडिया, इंडिया इज़ इंदिरा” (डी.के. बरुआ, 1974)

सेट 4 · न्यायपालिका से संघर्ष(8 कार्ड)

#प्रश्नउत्तर
22★★तीन संवैधानिक मसले कौन-से थे?(1) क्या संसद मौलिक अधिकारों में कटौती कर सकती है? (2) क्या संशोधन से संपत्ति के अधिकार में काट-छाँट हो सकती है? (3) क्या नीति-निर्देशक सिद्धांतों के लिए मौलिक अधिकारों में कमी हो सकती है?
23संसद बनाम न्यायपालिका के तीनों संवैधानिक मसलों पर सर्वोच्च न्यायालय का उत्तर?! तीनों पर ‘नहीं’ — तीसरे मामले में तो प्रावधान ही निरस्त कर दिया
24★★केशवानंद भारती का फ़ैसला?“संविधान का एक बुनियादी ढाँचा है और संसद इन ढाँचागत विशेषताओं में संशोधन नहीं कर सकती है।” (1973)
25! 1973 में मुख्य न्यायाधीश कौन बने और कैसे?न्यायमूर्ति ए.एन. रे — “सरकार ने तीन वरिष्ठ न्यायाधीशों की अनदेखी करके”
26उन तीन न्यायाधीशों ने क्या किया था?“उन्होंने सरकार के इस कदम के विरुद्ध फ़ैसला दिया” (केशवानंद भारती के मामले में)
27★★‘प्रतिबद्ध न्यायपालिका’ का क्या अर्थ?ऐसी न्यायपालिका और नौकरशाही “जो विधायिका और कार्यपालिका की सोच के अनुकूल आचरण करे”; हाशिया-प्रश्न पूछता है — “क्या न्यायाधीश और सरकारी अधिकारी शासक दल के प्रति निष्ठावान हों?”
28★सरकार और न्यायपालिका के संघर्ष का चरमबिंदु कब आया?“तब आया जब एक उच्च न्यायालय ने इंदिरा गाँधी के निर्वाचन को अवैध घोषित कर दिया”
29कांग्रेस का अदालत पर क्या आरोप था?“अदालत एक यथास्थितिवादी संस्था है और यह गरीबों को लाभ पहुँचाने वाले कल्याण-कार्यक्रमों को लागू करने की राह में रोड़े अटका रही है”

सेट 5 · घोषणा — 12 जून से 26 जून तक(10 कार्ड)

#प्रश्नउत्तर
30★★12 जून 1975 को क्या हुआ?इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश जगमोहन लाल सिन्हा ने इंदिरा गाँधी के निर्वाचन को अवैधानिक करार दिया
31याचिका किसने दायर की थी और आरोप क्या था?समाजवादी नेता राजनारायण, जो 1971 में उनके विरुद्ध उम्मीदवार थे; आरोप — “चुनाव-प्रचार में सरकारी कर्मचारियों की सेवाओं का इस्तेमाल”
32★इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फ़ैसले का व्यावहारिक अर्थ?“कानूनन अब इंदिरा गाँधी सांसद नहीं रहीं” — और छह महीने में दोबारा निर्वाचित न होने पर प्रधानमंत्री नहीं रह सकतीं
33★24 जून 1975 को सर्वोच्च न्यायालय ने क्या किया?आंशिक स्थगनादेश — सांसद बनी रहेंगी, पर “लोकसभा की कार्रवाई में भाग नहीं ले सकती हैं”
34★★25 जून 1975 को दिन में क्या हुआ?दिल्ली के रामलीला मैदान में विशाल प्रदर्शन; जेपी ने इस्तीफ़े की माँग करते हुए राष्ट्रव्यापी सत्याग्रह की घोषणा की
35!★रामलीला मैदान में जेपी ने और क्या आह्वान किया?“सेना, पुलिस और सरकारी कर्मचारियों का आह्वान किया कि वे सरकार के अनैतिक और अवैधानिक आदेशों का पालन न करें”
36★★आपातकाल किस अनुच्छेद के तहत?अनुच्छेद 352 — “बाहरी अथवा अंदरूनी गड़बड़ी की आशंका होने पर”
37★सरकार ने आपातकाल का क्या कारण बताया?“देश में गड़बड़ी की आशंका है”; और “गंभीर संकट की घड़ी आन पड़ी है”
38★★25 जून की रात कौन-कौन-सी बातें हुईं?प्रधानमंत्री की सिफ़ारिश → राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद की तुरंत उद्घोषणा → अखबारों के दफ्तर की बिजली काटी गई → तड़के बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियाँ
39!★आपातकाल की घोषणा का मंत्रिमंडल को कब पता चला?“26 जून की सुबह 6 बजे एक विशेष बैठक में… लेकिन तब तक बहुत कुछ हो चुका था”

सेट 6 · आपातकाल का अर्थ और परिणाम(10 कार्ड)

#प्रश्नउत्तर
40★★आपातकाल का पहला बड़ा संवैधानिक अर्थ?“शक्तियों के बँटवारे का संघीय ढाँचा व्यावहारिक तौर पर निष्प्रभावी हो जाता है और सारी शक्तियाँ केंद्र सरकार के हाथ में चली आती हैं”
41★★आपातकाल का दूसरा बड़ा संवैधानिक अर्थ?“सरकार चाहे तो किसी एक अथवा सभी मौलिक अधिकारों पर रोक लगा सकती है अथवा उनमें कटौती कर सकती है”
42★आपातकाल में प्रेस पर क्या हुआ?“समाचारपत्रों को कहा गया कि कुछ भी छापने से पहले अनुमति लेना जरूरी है। इसे प्रेस सेंसरशिप कहा जाता है”
43! किन दो संगठनों पर प्रतिबंध लगा?राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और जमात-ए-इस्लामी
44★★आपातकाल में सबसे बड़ी बात क्या हुई?“मौलिक अधिकार निष्प्रभावी हो गए। उनके पास अब यह अधिकार भी नहीं रहा कि मौलिक अधिकारों की बहाली के लिए अदालत का दरवाज़ा खटखटाएँ”
45★★‘निवारक नज़रबंदी’ की परिभाषा?“लोगों को गिरफ्तार इसलिए नहीं किया जाता कि उन्होंने कोई अपराध किया है बल्कि… इस आशंका से गिरफ्तार किया जाता है कि वे कोई अपराध कर सकते हैं”
46!★★आपातकाल के दौरान अप्रैल 1976 में क्या हुआ?“सर्वोच्च न्यायालय की संवैधानिक पीठ ने उच्च न्यायालयों के फ़ैसले को उलट दिया और सरकार की दलील मान ली”
47अप्रैल 1976 के फ़ैसले का आशय?“सरकार आपातकाल के दौरान नागरिक से जीवन और आज़ादी का अधिकार वापस ले सकती है”; ★“सर्वोच्च न्यायालय के सर्वाधिक विवादास्पद फ़ैसलों में एक”
48★★प्रतिरोध के पाँच रूप?भूमिगत कार्यकर्ता · ‘इंडियन एक्सप्रेस’ और ‘स्टेट्समैन’ का खाली जगह छोड़ना · ‘सेमिनार’ और ‘मेनस्ट्रीम’ का बंद हो जाना · गुपचुप न्यूज़लेटर · शिवराम कारंत और फणीश्वरनाथ ‘रेणु’ का पदवी लौटाना
49! पर पाठ ने प्रतिरोध के बारे में क्या ईमानदार बात कही?“बहरहाल, मुखालफत और प्रतिरोध के इतने प्रकट कदम कुछ ही लोगों ने उठाए”

सेट 7 · संशोधन और सबक(8 कार्ड)

#प्रश्नउत्तर
50इलाहाबाद फ़ैसले के बाद संविधान में क्या बदला?“प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति पद के निर्वाचन को अदालत में चुनौती नहीं दी जा सकती”
51★★42वें संशोधन का सबसे चर्चित बदलाव?“देश की विधायिका के कार्यकाल को 5 से बढ़ाकर 6 साल करना” — ! “यह व्यवस्था मात्र आपातकाल की अवधि भर के लिए नहीं की गई थी”
52! 42वें संशोधन में चुनावों के बारे में क्या बदला?“अब आपातकाल के दौरान चुनाव को एक साल के लिए स्थगित किया जा सकता था” — यानी “1971 के बाद अब चुनाव 1976 के बदले 1978 में”
53★★आपातकाल से मिला पहला सबक?“थोड़े ही दिनों के अंदर कामकाज फिर से लोकतांत्रिक ढर्रे पर लौट आया… भारत से लोकतंत्र को विदा कर पाना बहुत कठिन है”
54★★आपातकाल से मिला दूसरा सबक — कौन-सी दो खामियाँ सुधारी गईं?(1) “अब ‘अंदरूनी’ आपातकाल सिर्फ़ ‘सशस्त्र विद्रोह’ की स्थिति में लगाया जा सकता है”; (2) “आपातकाल की घोषणा की सलाह मंत्रिमंडल राष्ट्रपति को लिखित में दे”
55★आपातकाल से मिला तीसरा सबक?“हर कोई नागरिक अधिकारों के प्रति ज्यादा सचेत हुआ”; अदालतें सक्रिय हुईं; “नागरिक अधिकारों के कई संगठन वजूद में आए”
56★★शाह आयोग का मुख्य निष्कर्ष?“पुलिस और प्रशासन राजनीतिक दबाव की चपेट में आ गए थे।” ! “यह समस्या आपातकाल के बाद भी खत्म नहीं हुई।”
57शाह आयोग के अनुसार शासक दल ने पुलिस और प्रशासन का क्या किया?“इन्हें शासक दल ने अपना राजनीतिक औज़ार बनाकर इस्तेमाल किया”

सेट 8 · 1977 का जनादेश(10 कार्ड)

#प्रश्नउत्तर
58आपातकाल कितने महीने चला?18 महीने — “18 महीने के आपातकाल के बाद 1977 के जनवरी माह में सरकार ने चुनाव कराने का फ़ैसला किया”
59★★1977 के चुनाव क्या थे?“एक तरह से आपातकाल के अनुभवों के बारे में जनमत-संग्रह”
601977 के चुनाव में विपक्ष का नारा?‘लोकतंत्र बचाओ’
61★जनता पार्टी कैसे बनी और नेतृत्व किसका?“चुनाव के ऐन पहले इन पार्टियों ने एकजुट होकर जनता पार्टी नाम से एक नया दल बनाया”; जयप्रकाश नारायण का नेतृत्व स्वीकार किया
62जगजीवन राम ने कौन-सी पार्टी बनाई?‘कांग्रेस फॉर डेमोक्रेसी’ — “बाद में यह पार्टी भी जनता पार्टी में शामिल हो गई”
63★★जनता पार्टी के गठन का असली फ़ायदा?“यह भी सुनिश्चित हो गया कि गैर-कांग्रेसी वोट एक ही जगह पड़ेंगे”
64★★कांग्रेस को कितनी सीटें और वोट?मात्र 154 सीटें; 35 प्रतिशत से भी कम वोट
65★★1977 में जनता पार्टी और साथियों को कितनी सीटें मिलीं?कुल 542 सीटों में से 330; अकेले जनता पार्टी 295 — स्पष्ट बहुमत
66! किन पाँच राज्यों में कांग्रेस शून्य रही?बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब (राजस्थान और म.प्र. में एक-एक सीट)
67!★1977 में कौन-से दो बड़े नाम हारे और कहाँ से?इंदिरा गाँधी — रायबरेली; संजय गाँधी — अमेठी

सेट 9 · जनता सरकार और 1980(8 कार्ड)

#प्रश्नउत्तर
68★1977 में कांग्रेस कहाँ नहीं हारी?“महाराष्ट्र, गुजरात और उड़ीसा में कई सीटों पर कब्ज़ा बरकरार; और दक्षिण भारत में “उसकी चुनावी विजय का चक्का बेरोक-टोक चला था""
69★★1977 में उत्तर और दक्षिण भारत के नतीजों में अंतर के दो कारण?(1) “आपातकाल का प्रभाव हर राज्य पर एकसमान नहीं पड़ा था” — ज़बरन विस्थापन और नसबंदी ज्यादातर उत्तर भारत में; (2) “उत्तर भारत का मध्यवर्ग कांग्रेस से दूर जाने लगा था”
70प्रधानमंत्री-पद के तीन दावेदार?मोरारजी देसाई · चरण सिंह · जगजीवन राम
71! जनता पार्टी की मुख्य आलोचना?“जनता पार्टी के पास किसी दिशा, नेतृत्व अथवा एक साझे कार्यक्रम का अभाव था”
72★मोरारजी सरकार कितने माह चली?28 माह — “जनता पार्टी बिखर गई और… सरकार ने 28 माह में ही अपना बहुमत खो दिया”
73★चरण सिंह की सरकार?कांग्रेस के समर्थन से बनी; समर्थन वापस लेने पर मात्र 4 महीने चली
74★★1980 में कांग्रेस को कितनी सीटें?353 सीटें — “और वह सत्ता में आई”
75★★1977–79 के चुनावों का सबक?“सरकार अगर अस्थिर हो और उसके भीतर कलह हो, तो मतदाता ऐसी सरकार को कड़ा दंड देते हैं।”

सेट 10 · विरासत और निष्कर्ष(7 कार्ड)

#प्रश्नउत्तर
76★1969 से पहले कांग्रेस कैसी थी?“विविध विचारधारात्मक गति-मति के नेताओं और कार्यकर्ताओं को एक में समेटकर चलती थी”
77★★1969 के बाद कांग्रेस कैसी हो गई?“उसने अपने को देश की एकमात्र समाजवादी और ग़रीबों की हिमायती पार्टी बताना शुरू किया”; और “एक नेता यानी इंदिरा गाँधी की लोकप्रियता पर भी निर्भर हुई”
78★★1977 के बाद कौन-सा मुद्दा हावी हुआ?“पिछड़े वर्गों की भलाई का मुद्दा भारतीय राजनीति पर हावी होना शुरू हुआ”
79★मंडल आयोग किसने नियुक्त किया और क्यों?“बिहार में ‘अन्य पिछड़ी जातियों’ के आरक्षण के सवाल पर बहुत शोर मचा। इसके बाद केंद्र की जनता पार्टी की सरकार ने मंडल आयोग नियुक्त किया”
80★★आपातकाल — संवैधानिक संकट या राजनीतिक?दोनों — पर पाठ का निर्णय: “यह राजनीतिक संकट तत्कालीन संवैधानिक संकट से कहीं ज्यादा संगीन था।”
81★संविधान-निर्माताओं की कौन-सी दो अपेक्षाएँ टूटीं?(1) “सभी राजनीतिक दल लोकतांत्रिक मानकों का पालन करेंगे”; (2) “सरकार अपनी असाधारण शक्तियों का इस्तेमाल विधि के शासन के दायरे में रहते हुए ही करेगी”
82★आपातकाल के बाद विरोध की आज़ादी को लेकर कौन-सा सवाल अनुत्तरित रहा?“क्या नागरिकों को विरोध की कार्रवाई में शामिल होने की पूरी आज़ादी होनी चाहिए…? ऐसे विरोध की सीमा क्या मानी जाए?”

🔁 अंतिम दोहराव — दस जोड़ियाँ जो सबसे ज़्यादा गड्डमड्ड होती हैं

! जोड़ी✓ अंतर
अनुच्छेद 352 / 356352 = राष्ट्रीय आपातकाल (25 जून 1975); 356 = राष्ट्रपति शासन (गुजरात, 1974)
12 जून / 24 जून 197512 जून = इलाहाबाद उच्च न्यायालय का फ़ैसला; 24 जून = सर्वोच्च न्यायालय का आंशिक स्थगनादेश
इंदिरा गाँधी / फखरुद्दीन अली अहमदसिफ़ारिश प्रधानमंत्री की; उद्घोषणा राष्ट्रपति की
गुजरात / बिहारगुजरात = जनवरी 1974, राष्ट्रपति शासन; बिहार = मार्च 1974, जेपी और ‘सम्पूर्ण क्रांति’
42वाँ / 44वाँ संशोधन42वाँ = आपातकाल के दौरान, कार्यकाल 5→6; सुधार बाद में हुए (सशस्त्र विद्रोह, लिखित सलाह)
शाह आयोग / मंडल आयोगशाह = आपातकाल की ज्यादतियों की जाँच; मंडल = पिछड़े वर्गों के लिए — दोनों 1977 में जनता पार्टी ने बनाए
सीपीआई / माकपा★सीपीआई ने आपातकाल का समर्थन किया (प्रश्न 1ङ); वह 1971 से कांग्रेस की सहयोगी थी
154 / 330 / 295 / 353कांग्रेस 1977 / जनता+साथी 1977 / अकेले जनता 1977 / कांग्रेस 1980
28 माह / 4 महीनेमोरारजी देसाई की सरकार / चरण सिंह की सरकार
1977 का सबक / 1980 का सबक1977 = अलोकतांत्रिक सरकार को दंड; 1980 = अस्थिर सरकार को दंड