अध्याय 2एक दल के प्रभुत्व का दौर

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NCERT स्वतंत्र भारत में राजनीति, कक्षा 12, पृ. 26–43.

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कक्षा-प्रश्नोत्तरी और तीव्र अभ्यास। विषय के अनुसार समूहबद्ध; हर सेट अपने आप में पूरा है।

कैसे इस्तेमाल करें: उत्तर वाले कॉलम को ढँक दीजिए। एक राउंड में एक सेट। ★वाले सेट परीक्षा में सबसे अधिक भार रखते हैं।

सेट 1 — लोकतंत्र स्थापित करने की चुनौती★

#प्रश्नउत्तर
1उपनिवेश-मुक्त कई देशों के नेताओं ने लोकतंत्र क्यों टाला?उनका तर्क था कि राष्ट्रीय एकता पहली प्राथमिकता है और लोकतंत्र से मतभेद और संघर्ष को बढ़ावा मिलेगा
2अलोकतांत्रिक शासन के तीन रूप कौन-से थे?(i) नियंत्रण एक नेता के हाथ (ii) एक दल का शासन (iii) सेना ने सत्ता सँभाली
3भारत ने अलग रास्ता क्यों चुना?क्योंकि स्वतंत्रता-संग्राम की गहरी प्रतिबद्धता लोकतंत्र से थी
4हमारे नेता राजनीति को किस रूप में देखते थे?समस्या के रूप में नहीं — समस्या के समाधान का उपाय
5संविधान कब अंगीकृत हुआ?26 नवम्बर 1949
6संविधान पर हस्ताक्षर कब हुए?24 जनवरी 1950
7संविधान कब लागू हुआ?26 जनवरी 1950
8भारत के चुनाव आयोग का गठन कब हुआ?1950 के जनवरी में
9पहले चुनाव आयुक्त कौन थे?सुकुमार सेन
10अंबेडकर ने किस प्रवृत्ति के प्रति चेताया?नायक-पूजा — “सीधे पतन की ओर… तानाशाही की तरफ़” (संविधान सभा, 25 नवंबर 1949)

सेट 2 — पहला आम चुनाव: तैयारी और आँकड़े★★

#प्रश्नउत्तर
1मतदाता-सूची के पहले प्रारूप में कितनी महिलाओं के नाम छूट गए?40 लाख
2छूटी हुई महिलाओं को मतदाता-सूची में किस रूप में दर्ज किया गया था?‘अलां की बेटी’, ‘फलां की बीवी’ के रूप में
3महिलाओं के नाम ‘अलां की बेटी’, ‘फलां की बीवी’ के रूप में दर्ज होने पर चुनाव आयोग ने क्या किया?ऐसी प्रविष्टियों को मानने से इनकार कर दिया
4पहले आम चुनाव में कुल मतदाता कितने थे?17 करोड़
5पहले आम चुनाव में कितने विधायक चुने जाने थे?3,200
6पहले आम चुनाव में कितने लोकसभा सांसद चुने जाने थे?489
7पहले आम चुनाव में मतदाताओं में कितने साक्षर थे?महज 15 फीसदी
8पहले आम चुनाव के लिए कितने अधिकारी और चुनावकर्मी प्रशिक्षित किए गए?3 लाख से ज्यादा
9पहले आम चुनाव में कितनी मतपेटियाँ इस्तेमाल हुईं?तकरीबन 20 लाख स्टील के बक्से
10पहले आम चुनाव में औसतन हर सीट पर कितने उम्मीदवार थे?चार
11पहले आम चुनाव में कितने मतदाताओं ने वोट डाला?कुल मतदाताओं में आधे से अधिक
12पहले आम चुनाव के समय तक लोकतंत्र कहाँ कायम था?सिर्फ धनी देशों में; यूरोप के बहुतेरे देशों में महिलाओं को मताधिकार तक नहीं था

सेट 3 — पहला आम चुनाव: आलोचना और परिणाम★★

#प्रश्नउत्तर
1पहले आम चुनाव को एक हिंदुस्तानी संपादक ने क्या कहा?“इतिहास का सबसे बड़ा जुआ”
2‘आर्गनाइजर’ पत्रिका ने क्या लिखा?नेहरू “अपने जीवित रहते ही यह देख लेंगे और पछताएँगे कि भारत में सार्वभौम मताधिकार असफल रहा”
3पहले आम चुनाव को कितनी बार स्थगित करना पड़ा?दो बार
4पहले आम चुनाव वास्तव में कब हुए?1951 के अक्तूबर से 1952 के फरवरी तक
5फिर इसे ‘1952 का चुनाव’ क्यों कहते हैं?क्योंकि देश के अधिकांश हिस्सों में मतदान 1952 में ही हुआ
6पहले आम चुनाव की पूरी प्रक्रिया में कितना समय लगा?छह महीने (अभियान, मतदान और मतगणना)
7पहले आम चुनाव में हारने वाले उम्मीदवारों की प्रतिक्रिया?उन्होंने भी परिणामों को निष्पक्ष बताया
8हिंदुस्तान टाइम्स ने क्या लिखा?“भारतीय जनता ने विश्व के इतिहास में लोकतंत्र के सबसे बड़े प्रयोग को बखूबी अंजाम दिया”
91952 के चुनाव का ऐतिहासिक महत्व?“पूरी दुनिया में लोकतंत्र के इतिहास के लिए मील का पत्थर”
101952 के चुनाव के बाद कौन-सी दलील अब संभव नहीं रही?कि लोकतांत्रिक चुनाव गरीबी अथवा अशिक्षा के माहौल में नहीं कराए जा सकते

सेट 4 — मतदान के बदलते तरीके

#प्रश्नउत्तर
1पहले आम चुनाव में मतदान कैसे होता था?हर उम्मीदवार के लिए अलग मतपेटी, उस पर उसका चुनाव-चिह्न; मतदाता को खाली मतपत्र
2मतदान का तरीका कब बदला?शुरुआती दो चुनावों के बाद
3मतदान का नया तरीका क्या था?मतपत्र पर हर उम्मीदवार का नाम और चुनाव-चिह्न; मतदाता मुहर लगाता
4मतपत्र पर मुहर लगाने का तरीका कितने समय चला?अगले चालीस सालों तक
5ईवीएम कब शुरू हुई?1990 के दशक के अंत में
6पूरे देश में ईवीएम कब से?2004

सेट 5 — कांग्रेस का प्रभुत्व: परिणाम★★

#प्रश्नउत्तर
11952 — कुल सीटें और कांग्रेस की सीटें?489 में से 364
21957 — कुल सीटें और कांग्रेस की सीटें?494 में से 371
31962 — कुल सीटें और कांग्रेस की सीटें?494 में से 361
41952 में सीटों के लिहाज़ से दूसरे नंबर पर कौन?भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी — 16 सीट
5किन तीन राज्यों में कांग्रेस को अधिकतर सीटें नहीं मिलीं?त्रावणकोर-कोचीन, मद्रास और उड़ीसा — पर आखिरकार वहाँ भी कांग्रेस की ही सरकार बनी
6पहले आम चुनाव के बाद प्रधानमंत्री कौन बने?जवाहरलाल नेहरू
71952 में विपक्ष की स्थिति क्या थी?कांग्रेस ने जितनी सीटें जीतीं उसका दशांश भी कोई विपक्षी पार्टी नहीं जीत सकी
8कांग्रेस को 1952 में कितने प्रतिशत वोट मिले?मात्र 45 प्रतिशत
9कांग्रेस को 1952 में कितने प्रतिशत सीटें मिलीं?74 फीसदी
10सोशलिस्ट पार्टी को 1952 में कितने वोट और सीटें?10 प्रतिशत वोट, पर 3 प्रतिशत सीटें भी नहीं
11वोट-प्रतिशत से बहुत कम सीटें मिलने का कारण कौन-सी प्रणाली है?‘सर्वाधिक वोट पाने वाले की जीत’ (First Past The Post)
12गैर-कांग्रेसी वोटों का क्या हुआ?वे विभिन्न प्रतिस्पर्धी पार्टियों और उम्मीदवारों में बँट गए

सेट 6 — केरल 1957★★

#प्रश्नउत्तर
1केरल विधानसभा चुनाव कब हुए?1957 के मार्च में
2केरल में कम्युनिस्ट पार्टी को कितनी सीटें मिलीं?कुल 126 में से 60, और पाँच स्वतंत्र उम्मीदवारों का समर्थन
3केरल में सरकार बनाने का न्यौता किसे मिला?ई.एम.एस. नम्बूदरीपाद को
4केरल में कम्युनिस्ट सरकार बनने का विश्व-महत्व क्या था?दुनिया में यह पहला अवसर था जब एक कम्युनिस्ट पार्टी की सरकार लोकतांत्रिक चुनावों के जरिए बनी
5केरल में कम्युनिस्ट सरकार बनने पर कांग्रेस ने क्या किया?निर्वाचित सरकार के खिलाफ़ ‘मुक्ति संघर्ष’ छेड़ दिया
6‘मुक्ति संघर्ष’ पर कम्युनिस्टों का आरोप क्या था?इस संघर्ष की अगुआई निहित स्वार्थ और धार्मिक संगठन कर रहे हैं
7केंद्र सरकार ने केरल की सरकार कब और कैसे गिराई?1959 में, संविधान के अनुच्छेद 356 के अंतर्गत
8केरल की सरकार गिराने के फ़ैसले को किस रूप में याद किया जाता है?संविधान-प्रदत्त आपात्कालीन शक्तियों के दुरुपयोग के प्रमुख उदाहरण के रूप में

सेट 7 — प्रभुत्व की प्रकृति★★

#प्रश्नउत्तर
1किन देशों के संविधान में ही एक पार्टी को शासन की अनुमति थी?चीन, क्यूबा और सीरिया
2किन देशों में कानूनी और सैन्य उपायों से एक-दलीय प्रभुत्व कायम हुआ?म्यांमार, बेलारूस और इरीट्रिया
3कौन-से तीन देश कुछ साल पहले तक एक-दलीय प्रभुत्व वाले थे?मैक्सिको, दक्षिण कोरिया और ताईवान
4भारत में कांग्रेस का प्रभुत्व मैक्सिको, दक्षिण कोरिया और ताईवान से कैसे अलग था?यहाँ यह लोकतांत्रिक स्थितियों में कायम हुआ — मुक्त और निष्पक्ष चुनाव के माहौल में
5दूसरे देशों में एक-दलीय प्रभुत्व किस कीमत पर कायम हुआ?लोकतंत्र की कीमत पर
6भारत से सबसे मिलता-जुलता उदाहरण कौन-सा है?दक्षिण अफ्रीका — रंगभेद की समाप्ति के बाद अफ्रीकन नेशनल कांग्रेस का दबदबा
7कांग्रेस का जन्म कब हुआ?1885 में
81885 में कांग्रेस क्या थी?नवशिक्षित, कामकाजी और व्यापारिक वर्गों का एक हित-समूह भर
9कांग्रेस ने जनआंदोलन का रूप कब लिया?20वीं सदी में
10कांग्रेस का सामाजिक आधार किससे बढ़ा?सविनय अवज्ञा जैसे आंदोलनों से
11आज़ादी के समय तक कांग्रेस क्या बन चुकी थी?एक सतरंगे सामाजिक गठबंधन की शक्ल
12विचारधारात्मक रूप से कांग्रेस में कौन-कौन थे?क्रांतिकारी और शांतिवादी, कंजरवेटिव और रेडिकल, गरमपंथी और नरमपंथी, दक्षिणपंथी, वामपंथी और मध्यमार्गी

सेट 8 — गुट और ‘कांग्रेस-प्रणाली’★★

#प्रश्नउत्तर
1पार्टी के भीतर मौजूद समूहों को क्या कहते हैं?गुट (faction)
2गुट किन कारणों से बनते थे?कुछ विचारधारात्मक सरोकारों से, पर अकसर व्यक्तिगत महत्त्वाकांक्षा और प्रतिस्पर्धा से
3गुटबाजी का कांग्रेस पर क्या असर पड़ा?वह कमज़ोरी बनने की बजाय ताकत साबित हुई
4गुटबाजी कांग्रेस के लिए ताकत क्यों साबित हुई?क्योंकि भीतर होड़ की गुंजाइश थी, इसलिए विभिन्न हित और विचारधाराओं के नेता कांग्रेस के भीतर ही बने रहे
5कांग्रेस में नाखुश समूह क्या करता था?पार्टी छोड़ने की जगह पार्टी के भीतर किसी दूसरे गुट से लड़ना बेहतर समझता था
6गठबंधनी स्वभाव का पहला फायदा?जो भी आए, गठबंधन उसे शामिल कर लेता है → अतिवाद से बचाव, सुलह-समझौता और सर्व-समावेश
7कांग्रेस के गठबंधनी स्वभाव से विपक्ष पर क्या असर पड़ा?विपक्ष कठिनाई में पड़ा — उसकी बात को कांग्रेस के कार्यक्रम में तुरंत जगह मिल जाती थी
8दूसरी पार्टियाँ नीतियों को कैसे प्रभावित करती थीं?हाशिए पर रहकर, अप्रत्यक्ष रीति से — कांग्रेस के किसी गुट को प्रभावित करके
9गुटों की प्रणाली किस काम आती थी?शासक-दल के भीतर संतुलन साधने के एक औजार की तरह
10कांग्रेस के प्रभुत्व के कालखंड को क्या कहा जाता है?‘कांग्रेस-प्रणाली’
11कांग्रेस के प्रभुत्व वाले कालखंड को ‘कांग्रेस-प्रणाली’ क्यों कहा जाता है?क्योंकि कांग्रेस ने शासक-दल की भूमिका निभायी और विपक्ष की भी
12कांग्रेस का प्रभुत्व कब घटा?जब हर हित-समूह को समाहित करने की उसकी क्षमता घटी — प्रभुत्व सिर्फ़ एक दौर का रहा

सेट 9 — विपक्षी दल: सोशलिस्ट पार्टी और CPI★

#प्रश्नउत्तर
1कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी कब और कहाँ बनी?1934 में, खुद कांग्रेस के भीतर
2कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी के नेता क्या चाहते थे?कांग्रेस को ज्यादा-से-ज्यादा परिवर्तनकामी और समतावादी बनाना
3सोशलिस्ट पार्टी अलग कब बनी और क्यों?1948 में — कांग्रेस ने संविधान बदलकर दोहरी सदस्यता समाप्त कर दी
4सोशलिस्ट पार्टी की विचारधारा क्या थी?लोकतांत्रिक समाजवाद — इसी से वे कांग्रेस और कम्युनिस्ट दोनों से अलग थे
5कांग्रेस पर सोशलिस्ट पार्टी का क्या आरोप था?वह पूँजीपतियों और जमींदारों का पक्ष ले रही है और मज़दूरों-किसानों की उपेक्षा कर रही है
61955 में क्या दुविधा आई?कांग्रेस ने ‘समाजवादी बनावट वाले समाज’ का लक्ष्य घोषित कर दिया → विकल्प बनना मुश्किल
7कांग्रेस के ‘समाजवादी बनावट वाले समाज’ का लक्ष्य अपनाने पर लोहिया और अशोक मेहता का रुख?लोहिया ने दूरी बढ़ायी और आलोचना की; अशोक मेहता ने हल्के-फुल्के सहयोग की तरफ़दारी की
8सोशलिस्ट धारा से बने आज के दल?समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल, जनता दल (यूनाइटेड), जनता दल (सेक्युलर)
9भारत में साम्यवादी समूह कब उभरे?1920 के दशक के शुरुआती सालों में, रूस की बोल्शेविक क्रांति से प्रेरित
10साम्यवादी कांग्रेस से कब अलग हुए?1941 के दिसंबर में — नाजी जर्मनी के खिलाफ ब्रिटेन को समर्थन देने के फ़ैसले पर
11आज़ादी के बाद CPI का विचार क्या था?1947 का सत्ता-हस्तांतरण सच्ची आज़ादी नहीं थी; इसी विचार से तेलंगाना में हिंसक विद्रोह को बढ़ावा
12CPI ने हिंसक रास्ता कब छोड़ा?1951 में — और चुनावों में भाग लेने का फ़ैसला किया
13CPI को समर्थन कहाँ मिला?आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार और केरल में
141964 में CPI क्यों टूटी?चीन और सोवियत संघ के बीच वैचारिक अंतर आने के बाद → CPI(M) बनी

सेट 10 — भारतीय जनसंघ★

#प्रश्नउत्तर
1जनसंघ का गठन कब हुआ?1951 में
2संस्थापक-अध्यक्ष कौन थे?श्यामा प्रसाद मुखर्जी
3जनसंघ की जड़ें कहाँ थीं?राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और हिंदू महासभा में
4जनसंघ का केंद्रीय विचार क्या था?‘एक देश, एक संस्कृति और एक राष्ट्र’
5‘अखंड भारत’ से क्या आशय था?भारत और पाकिस्तान को एक करना
6भाषा को लेकर जनसंघ का रुख?अंग्रेजी हटाकर हिंदी को राजभाषा बनाने के आंदोलन में सबसे आगे
7अल्पसंख्यकों को लेकर जनसंघ का रुख?धार्मिक और सांस्कृतिक अल्पसंख्यकों को रियायत देने का विरोध
8आण्विक हथियार पर जनसंघ का रुख कब बना?चीन के 1964 के आण्विक-परीक्षण के बाद
9जनसंघ को 1952 और 1957 में कितनी सीटें मिलीं?3 और 4
10जनसंघ को समर्थन कहाँ मिला?राजस्थान, मध्य प्रदेश, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के शहरी इलाकों में
11जनसंघ के प्रमुख नेता कौन थे?श्यामा प्रसाद मुखर्जी, दीनदयाल उपाध्याय और बलराज मधोक
12किस पार्टी की जड़ें जनसंघ में हैं?भारतीय जनता पार्टी
13‘समग्र मानवतावाद’ के प्रणेता कौन?दीनदयाल उपाध्याय

सेट 11 — विपक्ष की भूमिका★

#प्रश्नउत्तर
1क्या इस दौर में विपक्ष था?हाँ — “बहुदलीय लोकतंत्र वाले अन्य अनेक देशों की तुलना में उस वक्त भी भारत में बहुविध और जीवन्त विपक्षी पार्टियाँ थीं”
2आज की गैर-कांग्रेसी पार्टियों की जड़ें कहाँ हैं?1950 के दशक की किसी न किसी विपक्षी पार्टी में
3विपक्ष की पहली भूमिका?कांग्रेस की नीतियों की सुचिन्तित आलोचना — “इस आलोचना में सिद्धांतों का बल होता था”
4विपक्ष की दूसरी भूमिका?शासक-दल पर अंकुश; कांग्रेस के भीतर शक्ति-संतुलन बदला
5विपक्ष की तीसरी भूमिका?लोकतांत्रिक विकल्प की संभावना जीवित रखी → व्यवस्थाजन्य रोष को लोकतंत्र-विरोधी बनने से रोका
6विपक्ष की चौथी भूमिका?ऐसे नेता तैयार किए जिन्होंने आगे देश की तस्वीर संवारी
7अंतरिम सरकार में कौन-से विपक्षी नेता शामिल थे?डॉ. अंबेडकर और श्यामा प्रसाद मुखर्जी
8नेहरू ने किसे सरकार में आने का न्यौता दिया?जयप्रकाश नारायण को
9नेहरू और विपक्षी नेताओं के बीच पारस्परिक सम्मान का भाव कब घटा?दलगत प्रतिस्पर्धा तेज होने के बाद

सेट 12 — व्यक्ति-पहचान★

#व्यक्तिपहचान
1मौलाना अबुल कलाम आज़ादपहले मंत्रिमंडल में शिक्षामंत्री; विभाजन के विरोधी; मूल नाम अबुल कलाम मोहियुद्दीन अहमद
2राजकुमारी अमृतकौरपहले मंत्रिमंडल में स्वास्थ्य मंत्री, 1957 तक; कपूरथला के राजपरिवार से
3रफी अहमद किदवईपहले मंत्रिमंडल में संचार मंत्री; खाद्य एवं कृषि मंत्री (1952–54)
4डॉ. अंबेडकरप्रारूप समिति के अध्यक्ष; 1951 में हिंदू कोड बिल पर इस्तीफा; 1956 में बौद्ध धर्म
5श्यामा प्रसाद मुखर्जीजनसंघ के संस्थापक; 1950 में पाकिस्तान नीति पर इस्तीफा; हिरासत में मौत
6आचार्य नरेन्द्र देवकांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी के संस्थापक; बौद्ध धर्म के विद्वान
7ए.के. गोपालनकेरल के कम्युनिस्ट नेता; 1952 से सांसद; 1964 के बाद CPI(M) में
8दीनदयाल उपाध्याय‘समग्र मानवतावाद’ के प्रणेता; 1942 से RSS के पूर्णकालिक कार्यकर्ता

सेट 13 — भ्रमित करने वाले युग्म★★

#प्रश्नउत्तर
11952 में दूसरा स्थान — सीट में या वोट में?सीट में CPI (16); वोट में सोशलिस्ट पार्टी (10%) — दोनों अलग
2कांग्रेस 1952 — 45% क्या और 74% क्या?45% वोट, 74% सीट
3कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी और सोशलिस्ट पार्टी में अंतर?पहली 1934, कांग्रेस के भीतर; दूसरी 1948, अलग होकर
4CPI कांग्रेस से कब अलग हुई, और चुनाव में कब आई?अलग 1941, चुनावी रास्ता 1951
5CPI की 1964 की टूट का कारण?चीन–सोवियत वैचारिक अंतर — कोई भारतीय आंतरिक मुद्दा नहीं
6केरल 1957 — भारत की पहली या दुनिया की पहली?दुनिया की पहली निर्वाचित कम्युनिस्ट सरकार
7अनुच्छेद 356 का प्रयोग कब?1959, केरल में
8अंबेडकर और मुखर्जी के इस्तीफ़े का कारण?अंबेडकर — हिंदू कोड बिल (1951); मुखर्जी — पाकिस्तान नीति (1950)
9गुटबाजी — कमज़ोरी या ताकत?पाठ्यपुस्तक के अनुसार ताकत
10‘1952 का चुनाव’ कब शुरू हुआ?अक्तूबर 1951 में
11चुनाव आयोग बना कब, पहला चुनाव हुआ कब?आयोग जनवरी 1950, चुनाव 1951–52
12भारत बनाम चीन का एक-दलीय प्रभुत्व?भारत — लोकतांत्रिक स्थितियों में; चीन — संविधान द्वारा ही