Practise with cards
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कक्षा-प्रश्नोत्तरी और तीव्र अभ्यास। विषय के अनुसार समूहबद्ध; हर सेट अपने आप में पूरा है।
कैसे इस्तेमाल करें: उत्तर वाले कॉलम को ढँक दीजिए। एक राउंड में एक सेट। ★वाले सेट परीक्षा में सबसे अधिक भार रखते हैं।
सेट 1 — लोकतंत्र स्थापित करने की चुनौती★
| # | प्रश्न | उत्तर |
|---|---|---|
| 1 | उपनिवेश-मुक्त कई देशों के नेताओं ने लोकतंत्र क्यों टाला? | उनका तर्क था कि राष्ट्रीय एकता पहली प्राथमिकता है और लोकतंत्र से मतभेद और संघर्ष को बढ़ावा मिलेगा |
| 2 | अलोकतांत्रिक शासन के तीन रूप कौन-से थे? | (i) नियंत्रण एक नेता के हाथ (ii) एक दल का शासन (iii) सेना ने सत्ता सँभाली |
| 3 | भारत ने अलग रास्ता क्यों चुना? | क्योंकि स्वतंत्रता-संग्राम की गहरी प्रतिबद्धता लोकतंत्र से थी |
| 4 | हमारे नेता राजनीति को किस रूप में देखते थे? | समस्या के रूप में नहीं — समस्या के समाधान का उपाय |
| 5 | संविधान कब अंगीकृत हुआ? | 26 नवम्बर 1949 |
| 6 | संविधान पर हस्ताक्षर कब हुए? | 24 जनवरी 1950 |
| 7 | संविधान कब लागू हुआ? | 26 जनवरी 1950 |
| 8 | भारत के चुनाव आयोग का गठन कब हुआ? | 1950 के जनवरी में |
| 9 | पहले चुनाव आयुक्त कौन थे? | सुकुमार सेन |
| 10 | अंबेडकर ने किस प्रवृत्ति के प्रति चेताया? | नायक-पूजा — “सीधे पतन की ओर… तानाशाही की तरफ़” (संविधान सभा, 25 नवंबर 1949) |
सेट 2 — पहला आम चुनाव: तैयारी और आँकड़े★★
| # | प्रश्न | उत्तर |
|---|---|---|
| 1 | मतदाता-सूची के पहले प्रारूप में कितनी महिलाओं के नाम छूट गए? | 40 लाख |
| 2 | छूटी हुई महिलाओं को मतदाता-सूची में किस रूप में दर्ज किया गया था? | ‘अलां की बेटी’, ‘फलां की बीवी’ के रूप में |
| 3 | महिलाओं के नाम ‘अलां की बेटी’, ‘फलां की बीवी’ के रूप में दर्ज होने पर चुनाव आयोग ने क्या किया? | ऐसी प्रविष्टियों को मानने से इनकार कर दिया |
| 4 | पहले आम चुनाव में कुल मतदाता कितने थे? | 17 करोड़ |
| 5 | पहले आम चुनाव में कितने विधायक चुने जाने थे? | 3,200 |
| 6 | पहले आम चुनाव में कितने लोकसभा सांसद चुने जाने थे? | 489 |
| 7 | पहले आम चुनाव में मतदाताओं में कितने साक्षर थे? | महज 15 फीसदी |
| 8 | पहले आम चुनाव के लिए कितने अधिकारी और चुनावकर्मी प्रशिक्षित किए गए? | 3 लाख से ज्यादा |
| 9 | पहले आम चुनाव में कितनी मतपेटियाँ इस्तेमाल हुईं? | तकरीबन 20 लाख स्टील के बक्से |
| 10 | पहले आम चुनाव में औसतन हर सीट पर कितने उम्मीदवार थे? | चार |
| 11 | पहले आम चुनाव में कितने मतदाताओं ने वोट डाला? | कुल मतदाताओं में आधे से अधिक |
| 12 | पहले आम चुनाव के समय तक लोकतंत्र कहाँ कायम था? | सिर्फ धनी देशों में; यूरोप के बहुतेरे देशों में महिलाओं को मताधिकार तक नहीं था |
सेट 3 — पहला आम चुनाव: आलोचना और परिणाम★★
| # | प्रश्न | उत्तर |
|---|---|---|
| 1 | पहले आम चुनाव को एक हिंदुस्तानी संपादक ने क्या कहा? | “इतिहास का सबसे बड़ा जुआ” |
| 2 | ‘आर्गनाइजर’ पत्रिका ने क्या लिखा? | नेहरू “अपने जीवित रहते ही यह देख लेंगे और पछताएँगे कि भारत में सार्वभौम मताधिकार असफल रहा” |
| 3 | पहले आम चुनाव को कितनी बार स्थगित करना पड़ा? | दो बार |
| 4 | पहले आम चुनाव वास्तव में कब हुए? | 1951 के अक्तूबर से 1952 के फरवरी तक |
| 5 | फिर इसे ‘1952 का चुनाव’ क्यों कहते हैं? | क्योंकि देश के अधिकांश हिस्सों में मतदान 1952 में ही हुआ |
| 6 | पहले आम चुनाव की पूरी प्रक्रिया में कितना समय लगा? | छह महीने (अभियान, मतदान और मतगणना) |
| 7 | पहले आम चुनाव में हारने वाले उम्मीदवारों की प्रतिक्रिया? | उन्होंने भी परिणामों को निष्पक्ष बताया |
| 8 | हिंदुस्तान टाइम्स ने क्या लिखा? | “भारतीय जनता ने विश्व के इतिहास में लोकतंत्र के सबसे बड़े प्रयोग को बखूबी अंजाम दिया” |
| 9 | 1952 के चुनाव का ऐतिहासिक महत्व? | “पूरी दुनिया में लोकतंत्र के इतिहास के लिए मील का पत्थर” |
| 10 | 1952 के चुनाव के बाद कौन-सी दलील अब संभव नहीं रही? | कि लोकतांत्रिक चुनाव गरीबी अथवा अशिक्षा के माहौल में नहीं कराए जा सकते |
सेट 4 — मतदान के बदलते तरीके
| # | प्रश्न | उत्तर |
|---|---|---|
| 1 | पहले आम चुनाव में मतदान कैसे होता था? | हर उम्मीदवार के लिए अलग मतपेटी, उस पर उसका चुनाव-चिह्न; मतदाता को खाली मतपत्र |
| 2 | मतदान का तरीका कब बदला? | शुरुआती दो चुनावों के बाद |
| 3 | मतदान का नया तरीका क्या था? | मतपत्र पर हर उम्मीदवार का नाम और चुनाव-चिह्न; मतदाता मुहर लगाता |
| 4 | मतपत्र पर मुहर लगाने का तरीका कितने समय चला? | अगले चालीस सालों तक |
| 5 | ईवीएम कब शुरू हुई? | 1990 के दशक के अंत में |
| 6 | पूरे देश में ईवीएम कब से? | 2004 |
सेट 5 — कांग्रेस का प्रभुत्व: परिणाम★★
| # | प्रश्न | उत्तर |
|---|---|---|
| 1 | 1952 — कुल सीटें और कांग्रेस की सीटें? | 489 में से 364 |
| 2 | 1957 — कुल सीटें और कांग्रेस की सीटें? | 494 में से 371 |
| 3 | 1962 — कुल सीटें और कांग्रेस की सीटें? | 494 में से 361 |
| 4 | 1952 में सीटों के लिहाज़ से दूसरे नंबर पर कौन? | भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी — 16 सीट |
| 5 | किन तीन राज्यों में कांग्रेस को अधिकतर सीटें नहीं मिलीं? | त्रावणकोर-कोचीन, मद्रास और उड़ीसा — पर आखिरकार वहाँ भी कांग्रेस की ही सरकार बनी |
| 6 | पहले आम चुनाव के बाद प्रधानमंत्री कौन बने? | जवाहरलाल नेहरू |
| 7 | 1952 में विपक्ष की स्थिति क्या थी? | कांग्रेस ने जितनी सीटें जीतीं उसका दशांश भी कोई विपक्षी पार्टी नहीं जीत सकी |
| 8 | कांग्रेस को 1952 में कितने प्रतिशत वोट मिले? | मात्र 45 प्रतिशत |
| 9 | कांग्रेस को 1952 में कितने प्रतिशत सीटें मिलीं? | 74 फीसदी |
| 10 | सोशलिस्ट पार्टी को 1952 में कितने वोट और सीटें? | 10 प्रतिशत वोट, पर 3 प्रतिशत सीटें भी नहीं |
| 11 | वोट-प्रतिशत से बहुत कम सीटें मिलने का कारण कौन-सी प्रणाली है? | ‘सर्वाधिक वोट पाने वाले की जीत’ (First Past The Post) |
| 12 | गैर-कांग्रेसी वोटों का क्या हुआ? | वे विभिन्न प्रतिस्पर्धी पार्टियों और उम्मीदवारों में बँट गए |
सेट 6 — केरल 1957★★
| # | प्रश्न | उत्तर |
|---|---|---|
| 1 | केरल विधानसभा चुनाव कब हुए? | 1957 के मार्च में |
| 2 | केरल में कम्युनिस्ट पार्टी को कितनी सीटें मिलीं? | कुल 126 में से 60, और पाँच स्वतंत्र उम्मीदवारों का समर्थन |
| 3 | केरल में सरकार बनाने का न्यौता किसे मिला? | ई.एम.एस. नम्बूदरीपाद को |
| 4 | केरल में कम्युनिस्ट सरकार बनने का विश्व-महत्व क्या था? | दुनिया में यह पहला अवसर था जब एक कम्युनिस्ट पार्टी की सरकार लोकतांत्रिक चुनावों के जरिए बनी |
| 5 | केरल में कम्युनिस्ट सरकार बनने पर कांग्रेस ने क्या किया? | निर्वाचित सरकार के खिलाफ़ ‘मुक्ति संघर्ष’ छेड़ दिया |
| 6 | ‘मुक्ति संघर्ष’ पर कम्युनिस्टों का आरोप क्या था? | इस संघर्ष की अगुआई निहित स्वार्थ और धार्मिक संगठन कर रहे हैं |
| 7 | केंद्र सरकार ने केरल की सरकार कब और कैसे गिराई? | 1959 में, संविधान के अनुच्छेद 356 के अंतर्गत |
| 8 | केरल की सरकार गिराने के फ़ैसले को किस रूप में याद किया जाता है? | संविधान-प्रदत्त आपात्कालीन शक्तियों के दुरुपयोग के प्रमुख उदाहरण के रूप में |
सेट 7 — प्रभुत्व की प्रकृति★★
| # | प्रश्न | उत्तर |
|---|---|---|
| 1 | किन देशों के संविधान में ही एक पार्टी को शासन की अनुमति थी? | चीन, क्यूबा और सीरिया |
| 2 | किन देशों में कानूनी और सैन्य उपायों से एक-दलीय प्रभुत्व कायम हुआ? | म्यांमार, बेलारूस और इरीट्रिया |
| 3 | कौन-से तीन देश कुछ साल पहले तक एक-दलीय प्रभुत्व वाले थे? | मैक्सिको, दक्षिण कोरिया और ताईवान |
| 4 | भारत में कांग्रेस का प्रभुत्व मैक्सिको, दक्षिण कोरिया और ताईवान से कैसे अलग था? | यहाँ यह लोकतांत्रिक स्थितियों में कायम हुआ — मुक्त और निष्पक्ष चुनाव के माहौल में |
| 5 | दूसरे देशों में एक-दलीय प्रभुत्व किस कीमत पर कायम हुआ? | लोकतंत्र की कीमत पर |
| 6 | भारत से सबसे मिलता-जुलता उदाहरण कौन-सा है? | दक्षिण अफ्रीका — रंगभेद की समाप्ति के बाद अफ्रीकन नेशनल कांग्रेस का दबदबा |
| 7 | कांग्रेस का जन्म कब हुआ? | 1885 में |
| 8 | 1885 में कांग्रेस क्या थी? | नवशिक्षित, कामकाजी और व्यापारिक वर्गों का एक हित-समूह भर |
| 9 | कांग्रेस ने जनआंदोलन का रूप कब लिया? | 20वीं सदी में |
| 10 | कांग्रेस का सामाजिक आधार किससे बढ़ा? | सविनय अवज्ञा जैसे आंदोलनों से |
| 11 | आज़ादी के समय तक कांग्रेस क्या बन चुकी थी? | एक सतरंगे सामाजिक गठबंधन की शक्ल |
| 12 | विचारधारात्मक रूप से कांग्रेस में कौन-कौन थे? | क्रांतिकारी और शांतिवादी, कंजरवेटिव और रेडिकल, गरमपंथी और नरमपंथी, दक्षिणपंथी, वामपंथी और मध्यमार्गी |
सेट 8 — गुट और ‘कांग्रेस-प्रणाली’★★
| # | प्रश्न | उत्तर |
|---|---|---|
| 1 | पार्टी के भीतर मौजूद समूहों को क्या कहते हैं? | गुट (faction) |
| 2 | गुट किन कारणों से बनते थे? | कुछ विचारधारात्मक सरोकारों से, पर अकसर व्यक्तिगत महत्त्वाकांक्षा और प्रतिस्पर्धा से |
| 3 | गुटबाजी का कांग्रेस पर क्या असर पड़ा? | वह कमज़ोरी बनने की बजाय ताकत साबित हुई |
| 4 | गुटबाजी कांग्रेस के लिए ताकत क्यों साबित हुई? | क्योंकि भीतर होड़ की गुंजाइश थी, इसलिए विभिन्न हित और विचारधाराओं के नेता कांग्रेस के भीतर ही बने रहे |
| 5 | कांग्रेस में नाखुश समूह क्या करता था? | पार्टी छोड़ने की जगह पार्टी के भीतर किसी दूसरे गुट से लड़ना बेहतर समझता था |
| 6 | गठबंधनी स्वभाव का पहला फायदा? | जो भी आए, गठबंधन उसे शामिल कर लेता है → अतिवाद से बचाव, सुलह-समझौता और सर्व-समावेश |
| 7 | कांग्रेस के गठबंधनी स्वभाव से विपक्ष पर क्या असर पड़ा? | विपक्ष कठिनाई में पड़ा — उसकी बात को कांग्रेस के कार्यक्रम में तुरंत जगह मिल जाती थी |
| 8 | दूसरी पार्टियाँ नीतियों को कैसे प्रभावित करती थीं? | हाशिए पर रहकर, अप्रत्यक्ष रीति से — कांग्रेस के किसी गुट को प्रभावित करके |
| 9 | गुटों की प्रणाली किस काम आती थी? | शासक-दल के भीतर संतुलन साधने के एक औजार की तरह |
| 10 | कांग्रेस के प्रभुत्व के कालखंड को क्या कहा जाता है? | ‘कांग्रेस-प्रणाली’ |
| 11 | कांग्रेस के प्रभुत्व वाले कालखंड को ‘कांग्रेस-प्रणाली’ क्यों कहा जाता है? | क्योंकि कांग्रेस ने शासक-दल की भूमिका निभायी और विपक्ष की भी |
| 12 | कांग्रेस का प्रभुत्व कब घटा? | जब हर हित-समूह को समाहित करने की उसकी क्षमता घटी — प्रभुत्व सिर्फ़ एक दौर का रहा |
सेट 9 — विपक्षी दल: सोशलिस्ट पार्टी और CPI★
| # | प्रश्न | उत्तर |
|---|---|---|
| 1 | कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी कब और कहाँ बनी? | 1934 में, खुद कांग्रेस के भीतर |
| 2 | कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी के नेता क्या चाहते थे? | कांग्रेस को ज्यादा-से-ज्यादा परिवर्तनकामी और समतावादी बनाना |
| 3 | सोशलिस्ट पार्टी अलग कब बनी और क्यों? | 1948 में — कांग्रेस ने संविधान बदलकर दोहरी सदस्यता समाप्त कर दी |
| 4 | सोशलिस्ट पार्टी की विचारधारा क्या थी? | लोकतांत्रिक समाजवाद — इसी से वे कांग्रेस और कम्युनिस्ट दोनों से अलग थे |
| 5 | कांग्रेस पर सोशलिस्ट पार्टी का क्या आरोप था? | वह पूँजीपतियों और जमींदारों का पक्ष ले रही है और मज़दूरों-किसानों की उपेक्षा कर रही है |
| 6 | 1955 में क्या दुविधा आई? | कांग्रेस ने ‘समाजवादी बनावट वाले समाज’ का लक्ष्य घोषित कर दिया → विकल्प बनना मुश्किल |
| 7 | कांग्रेस के ‘समाजवादी बनावट वाले समाज’ का लक्ष्य अपनाने पर लोहिया और अशोक मेहता का रुख? | लोहिया ने दूरी बढ़ायी और आलोचना की; अशोक मेहता ने हल्के-फुल्के सहयोग की तरफ़दारी की |
| 8 | सोशलिस्ट धारा से बने आज के दल? | समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल, जनता दल (यूनाइटेड), जनता दल (सेक्युलर) |
| 9 | भारत में साम्यवादी समूह कब उभरे? | 1920 के दशक के शुरुआती सालों में, रूस की बोल्शेविक क्रांति से प्रेरित |
| 10 | साम्यवादी कांग्रेस से कब अलग हुए? | 1941 के दिसंबर में — नाजी जर्मनी के खिलाफ ब्रिटेन को समर्थन देने के फ़ैसले पर |
| 11 | आज़ादी के बाद CPI का विचार क्या था? | 1947 का सत्ता-हस्तांतरण सच्ची आज़ादी नहीं थी; इसी विचार से तेलंगाना में हिंसक विद्रोह को बढ़ावा |
| 12 | CPI ने हिंसक रास्ता कब छोड़ा? | 1951 में — और चुनावों में भाग लेने का फ़ैसला किया |
| 13 | CPI को समर्थन कहाँ मिला? | आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार और केरल में |
| 14 | 1964 में CPI क्यों टूटी? | चीन और सोवियत संघ के बीच वैचारिक अंतर आने के बाद → CPI(M) बनी |
सेट 10 — भारतीय जनसंघ★
| # | प्रश्न | उत्तर |
|---|---|---|
| 1 | जनसंघ का गठन कब हुआ? | 1951 में |
| 2 | संस्थापक-अध्यक्ष कौन थे? | श्यामा प्रसाद मुखर्जी |
| 3 | जनसंघ की जड़ें कहाँ थीं? | राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और हिंदू महासभा में |
| 4 | जनसंघ का केंद्रीय विचार क्या था? | ‘एक देश, एक संस्कृति और एक राष्ट्र’ |
| 5 | ‘अखंड भारत’ से क्या आशय था? | भारत और पाकिस्तान को एक करना |
| 6 | भाषा को लेकर जनसंघ का रुख? | अंग्रेजी हटाकर हिंदी को राजभाषा बनाने के आंदोलन में सबसे आगे |
| 7 | अल्पसंख्यकों को लेकर जनसंघ का रुख? | धार्मिक और सांस्कृतिक अल्पसंख्यकों को रियायत देने का विरोध |
| 8 | आण्विक हथियार पर जनसंघ का रुख कब बना? | चीन के 1964 के आण्विक-परीक्षण के बाद |
| 9 | जनसंघ को 1952 और 1957 में कितनी सीटें मिलीं? | 3 और 4 |
| 10 | जनसंघ को समर्थन कहाँ मिला? | राजस्थान, मध्य प्रदेश, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के शहरी इलाकों में |
| 11 | जनसंघ के प्रमुख नेता कौन थे? | श्यामा प्रसाद मुखर्जी, दीनदयाल उपाध्याय और बलराज मधोक |
| 12 | किस पार्टी की जड़ें जनसंघ में हैं? | भारतीय जनता पार्टी |
| 13 | ‘समग्र मानवतावाद’ के प्रणेता कौन? | दीनदयाल उपाध्याय |
सेट 11 — विपक्ष की भूमिका★
| # | प्रश्न | उत्तर |
|---|---|---|
| 1 | क्या इस दौर में विपक्ष था? | हाँ — “बहुदलीय लोकतंत्र वाले अन्य अनेक देशों की तुलना में उस वक्त भी भारत में बहुविध और जीवन्त विपक्षी पार्टियाँ थीं” |
| 2 | आज की गैर-कांग्रेसी पार्टियों की जड़ें कहाँ हैं? | 1950 के दशक की किसी न किसी विपक्षी पार्टी में |
| 3 | विपक्ष की पहली भूमिका? | कांग्रेस की नीतियों की सुचिन्तित आलोचना — “इस आलोचना में सिद्धांतों का बल होता था” |
| 4 | विपक्ष की दूसरी भूमिका? | शासक-दल पर अंकुश; कांग्रेस के भीतर शक्ति-संतुलन बदला |
| 5 | विपक्ष की तीसरी भूमिका? | लोकतांत्रिक विकल्प की संभावना जीवित रखी → व्यवस्थाजन्य रोष को लोकतंत्र-विरोधी बनने से रोका |
| 6 | विपक्ष की चौथी भूमिका? | ऐसे नेता तैयार किए जिन्होंने आगे देश की तस्वीर संवारी |
| 7 | अंतरिम सरकार में कौन-से विपक्षी नेता शामिल थे? | डॉ. अंबेडकर और श्यामा प्रसाद मुखर्जी |
| 8 | नेहरू ने किसे सरकार में आने का न्यौता दिया? | जयप्रकाश नारायण को |
| 9 | नेहरू और विपक्षी नेताओं के बीच पारस्परिक सम्मान का भाव कब घटा? | दलगत प्रतिस्पर्धा तेज होने के बाद |
सेट 12 — व्यक्ति-पहचान★
| # | व्यक्ति | पहचान |
|---|---|---|
| 1 | मौलाना अबुल कलाम आज़ाद | पहले मंत्रिमंडल में शिक्षामंत्री; विभाजन के विरोधी; मूल नाम अबुल कलाम मोहियुद्दीन अहमद |
| 2 | राजकुमारी अमृतकौर | पहले मंत्रिमंडल में स्वास्थ्य मंत्री, 1957 तक; कपूरथला के राजपरिवार से |
| 3 | रफी अहमद किदवई | पहले मंत्रिमंडल में संचार मंत्री; खाद्य एवं कृषि मंत्री (1952–54) |
| 4 | डॉ. अंबेडकर | प्रारूप समिति के अध्यक्ष; 1951 में हिंदू कोड बिल पर इस्तीफा; 1956 में बौद्ध धर्म |
| 5 | श्यामा प्रसाद मुखर्जी | जनसंघ के संस्थापक; 1950 में पाकिस्तान नीति पर इस्तीफा; हिरासत में मौत |
| 6 | आचार्य नरेन्द्र देव | कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी के संस्थापक; बौद्ध धर्म के विद्वान |
| 7 | ए.के. गोपालन | केरल के कम्युनिस्ट नेता; 1952 से सांसद; 1964 के बाद CPI(M) में |
| 8 | दीनदयाल उपाध्याय | ‘समग्र मानवतावाद’ के प्रणेता; 1942 से RSS के पूर्णकालिक कार्यकर्ता |
सेट 13 — भ्रमित करने वाले युग्म★★
| # | प्रश्न | उत्तर |
|---|---|---|
| 1 | 1952 में दूसरा स्थान — सीट में या वोट में? | सीट में CPI (16); वोट में सोशलिस्ट पार्टी (10%) — दोनों अलग |
| 2 | कांग्रेस 1952 — 45% क्या और 74% क्या? | 45% वोट, 74% सीट |
| 3 | कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी और सोशलिस्ट पार्टी में अंतर? | पहली 1934, कांग्रेस के भीतर; दूसरी 1948, अलग होकर |
| 4 | CPI कांग्रेस से कब अलग हुई, और चुनाव में कब आई? | अलग 1941, चुनावी रास्ता 1951 |
| 5 | CPI की 1964 की टूट का कारण? | चीन–सोवियत वैचारिक अंतर — कोई भारतीय आंतरिक मुद्दा नहीं |
| 6 | केरल 1957 — भारत की पहली या दुनिया की पहली? | दुनिया की पहली निर्वाचित कम्युनिस्ट सरकार |
| 7 | अनुच्छेद 356 का प्रयोग कब? | 1959, केरल में |
| 8 | अंबेडकर और मुखर्जी के इस्तीफ़े का कारण? | अंबेडकर — हिंदू कोड बिल (1951); मुखर्जी — पाकिस्तान नीति (1950) |
| 9 | गुटबाजी — कमज़ोरी या ताकत? | पाठ्यपुस्तक के अनुसार ताकत |
| 10 | ‘1952 का चुनाव’ कब शुरू हुआ? | अक्तूबर 1951 में |
| 11 | चुनाव आयोग बना कब, पहला चुनाव हुआ कब? | आयोग जनवरी 1950, चुनाव 1951–52 |
| 12 | भारत बनाम चीन का एक-दलीय प्रभुत्व? | भारत — लोकतांत्रिक स्थितियों में; चीन — संविधान द्वारा ही |