पाठ्यपुस्तक — समकालीन भारत–2, कक्षा 10 भूगोल · NCERT · परिशिष्ट-क, परिशिष्ट-ख तथा शब्दावली (3 पृष्ठ)
शून्य — यह हिस्सा क्यों पढ़ाया जाना चाहिए
पुस्तक के अंत में तीन छोटे हिस्से हैं जिन्हें लगभग हर विद्यार्थी छोड़ देता है —
| हिस्सा | क्या है | क्यों ज़रूरी |
|---|---|---|
| परिशिष्ट-क | दस उपयोगी वेबसाइटों की सूची | प्रोजेक्ट कार्य के लिए |
| परिशिष्ट-ख | इस्पात संयंत्रों की पूरी तालिका | ★अध्याय 6 का सीधा पूरक — और परीक्षा में काम आता है |
| शब्दावली | चौदह पारिभाषिक शब्द | ★इनमें से आधे शब्द अध्याय 5 और 6 के हैं |
★परिशिष्ट-ख को अध्याय 6 (विनिर्माण उद्योग) पढ़ाते समय ही खुलवा लीजिए — क्योंकि पाठ्यपुस्तक का मुख्य पाठ इस्पात संयंत्रों के स्थापना वर्ष और स्वामित्व के बारे में कुछ नहीं बताता, जबकि यह तालिका सब कुछ बता देती है।
भाग 1 — परिशिष्ट-ख भारत के इस्पात संयंत्र (यह सबसे काम की तालिका है)★
| इस्पात संयंत्र | स्थापना वर्ष | सहयोगी देश / स्वामित्व | अवस्थिति |
|---|---|---|---|
| इस्को (IISCO) | 1870-1913 (प्रारंभ में निजी स्वामित्व में) | 1972 में राष्ट्रीयकरण | कुल्टी तथा बर्नपुर (पश्चिम बंगाल) |
| टिस्को (TISCO) | 1907 (निजी स्वामित्व) | जमशेदजी टाटा | जमशेदपुर (झारखंड) |
| वी.आई.एस.एल. (VISL) | 1923 (निजी स्वामित्व में; जब तक MISCO थी) | बाद में राष्ट्रीयकरण | भद्रावती (कर्नाटक) |
| भिलाई | 1959 (सार्वजनिक क्षेत्र) | सोवियत यूनियन | भिलाई (मध्य प्रदेश) |
| बोकारो | 1972 (सार्वजनिक क्षेत्र) | सोवियत यूनियन | बोकारो (झारखंड) |
| दुर्गापुर | 1959 (सार्वजनिक क्षेत्र) | इंग्लैंड (यू.के.) | दुर्गापुर (पश्चिम बंगाल) |
| राउरकेला | — (सार्वजनिक क्षेत्र) | जर्मनी | राउरकेला (ओडिशा) |
| विशाखापट्नम | — (सार्वजनिक क्षेत्र) | — | विशाखापट्नम (आंध्र प्रदेश) |
| सेलम | — (सार्वजनिक क्षेत्र) | — | सेलम (तमिलनाडु) |
| विजय नगर | — (सार्वजनिक क्षेत्र) | — | कर्नाटक |
पाठ्यपुस्तक भिलाई को ‘मध्य प्रदेश’ में दिखाती है क्योंकि यह तालिका छत्तीसगढ़ बनने (सन् 2000) से पहले की है। आज भिलाई छत्तीसगढ़ में है — और मुख्य पाठ (पृष्ठ 71 की वर्ग-पहेली) भी उसे छत्तीसगढ़ ही बताता है। बोर्ड में छत्तीसगढ़ लिखिए।
इस तालिका से निकलने वाली पाँच बातें (यही परीक्षा में पूछी जाती हैं)
| # | बात |
|---|---|
| 1 | सबसे पुराना संयंत्र इस्को (IISCO) है — 1870 से; और टिस्को (1907) भारत का पहला बड़ा निजी इस्पात संयंत्र है, जिसे जमशेदजी टाटा ने स्थापित किया। |
| 2 | तीनों पुराने संयंत्र (इस्को, टिस्को, VISL) निजी स्वामित्व में शुरू हुए; इनमें से इस्को और VISL बाद में राष्ट्रीयकृत हुए — केवल टिस्को आज भी निजी क्षेत्र में है। |
| 3 | स्वतंत्रता के बाद बने सभी बड़े संयंत्र सार्वजनिक क्षेत्र के हैं — यह अध्याय 6 की उस बात से मेल खाता है कि सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योग बेरोज़गारी व क्षेत्रीय असमानता कम करने के विचार पर आधारित थे। |
| 4 | ★तीन संयंत्र तीन अलग देशों की मदद से बने — भिलाई व बोकारो (सोवियत यूनियन), दुर्गापुर (इंग्लैंड), राउरकेला (जर्मनी)। यह 1950-60 के दशक की भारतीय विदेश नीति को दिखाता है। |
| 5 | दस में से सात संयंत्र पूर्वी-मध्य भारत में हैं — जो अध्याय 6 की उस बात का प्रमाण है कि “भारत में छोटानागपुर के पठारी क्षेत्र में अधिकांश लोहा तथा इस्पात उद्योग संकेंद्रित हैं।” |
कक्षा में पूछने योग्य प्रश्न — “भिलाई और बोकारो — दोनों सोवियत यूनियन ने बनवाए। दुर्गापुर इंग्लैंड ने, राउरकेला जर्मनी ने। इससे क्या पता चलता है?” उत्तर की दिशा — कि आज़ादी के बाद भारत के पास इतने बड़े कारख़ाने बनाने की तकनीक नहीं थी, इसलिए उसने अलग-अलग देशों से मदद ली — और जान-बूझकर किसी एक देश पर निर्भर नहीं रहा।
याद रखने का सूत्र
“भि-बो सोवियत · दु इंग्लैंड · रा जर्मनी” भिलाई + बोकारो = सोवियत यूनियन · दुर्गापुर = इंग्लैंड · राउरकेला = जर्मनी
भाग 2 — शब्दावली (चौदह शब्द)
ध्यान दीजिए — इनमें से आधे से ज़्यादा शब्द अध्याय 5 (खनिज तथा ऊर्जा) के हैं। इसीलिए इन्हें अध्याय 5 पढ़ाते समय ही करा लेना चाहिए।
| शब्द | पाठ्यपुस्तक की परिभाषा | किस अध्याय से जुड़ा |
|---|---|---|
| अपनति | अवसादी चट्टानों में संपीडन बल से उत्पन्न एक मेहराबदार मोड़। | अध्याय 5 — पेट्रोलियम इसी में इकट्ठा होता है |
| अवसादी चट्टानें | वे चट्टानें जो संस्तरों या तलछटों की परतों के रूप में निक्षेपित हैं। | अध्याय 5 |
| आग्नेय चट्टानें | वह चट्टानें जो तरल मैग्मा के जमने या ठोस होने से बनती हैं। | अध्याय 5 |
| आर्द्र भूमि | भूमि जो समय-समय पर जलमग्न हो जाती है। इसमें लवण कच्छ, ज्वारनदमुख, कच्छ व दलदल सम्मिलित हैं। | अध्याय 2 और 3 |
| कायांतरित चट्टानें | वे चट्टानें जो मूल रूप से आग्नेय या अवसादी थीं लेकिन जिनका लक्षण व रूप परिवर्तन हो गया है। | अध्याय 5 |
| गिरिपद मैदान | वह मैदान जो पहाड़ों के पद में निर्मित हैं या स्थित हैं। | अध्याय 1 |
| चट्टान | खनिजों का संगठित योग। | ★अध्याय 5 — यह परिभाषा ‘खनिज’ की परिभाषा के साथ पढ़ाइए |
| तेल प्रग्रहण | एक भूवैज्ञानिक संरचना जिसमें पर्याप्त मात्रा में तेल व गैस का संचयन संभव है। | अध्याय 5 |
| भूतापीय | भूपर्पटी में गहराई के साथ तापमान का बढ़ना। ऊपरी परत में यह दर औसतन 30° सेल्सियस प्रति किलोमीटर है। | ★अध्याय 5 — भू-तापीय ऊर्जा |
| मैंगनीज़ ग्रंथियाँ | महासागरीय तली पर बिखरे हुए वे तलछट, मुख्यत: लोहा व मैंगनीज़ सम्मिलित हैं तथा इनमें आमतौर पर कुछ मात्रा में ताँबा, निकल व कोबाल्ट भी होता है। | अध्याय 5 |
| सकल घरेलू उत्पाद | यह एक समय विशेष पर अर्थव्यवस्था में उत्पादित वस्तुओं और सेवाओं के मूल्य का माप है। सामान्यत: यह एक वर्ष के लिए होता है। | ★अध्याय 6 — और अर्थशास्त्र की पुस्तक से भी |
| सकल मूल्य वर्धित (GVA) | उत्पादन पर सब्सिडी जोड़कर और अप्रत्यक्ष करों को घटाकर सकल घरेलू उत्पाद से सकल मूल्य वर्धित (GVA) का अनुमान लगाया जाता है। | अध्याय 6 |
| ह्यूमस | मृत व अपघटित जैविक पदार्थ जो मिट्टी की ऊपरी परत की उर्वरकता बढ़ाते हैं। | अध्याय 1 — मृदा |
इन तीन जोड़ियों पर ख़ास ध्यान दीजिए★
| जोड़ी | अंतर एक वाक्य में |
|---|---|
| खनिज बनाम चट्टान | “खनिज एक तत्त्व है; चट्टान कई खनिजों का संगठित योग है।” — यानी चट्टान डिब्बा है, खनिज उसके अंदर की चीज़। |
| तीन प्रकार की चट्टानें | “आग्नेय = मैग्मा जमने से; अवसादी = परतें जमने से; कायांतरित = इन्हीं दोनों का रूप बदल जाने से।” |
| GDP बनाम GVA | “GDP कुल उत्पादन का मूल्य है; GVA वही है — पर सब्सिडी जोड़कर और अप्रत्यक्ष कर घटाकर।” |
कक्षा में करने योग्य — ये चौदह शब्द कॉपी के आख़िरी पन्ने पर लिखवा दीजिए और कहिए: “जब भी कोई शब्द समझ न आए, यहीं देख लेना।” एक बार लिख लेने से बच्चे इन्हें बार-बार देखते हैं।
भाग 3 — परिशिष्ट-क: दस उपयोगी वेबसाइट
यह सूची प्रोजेक्ट कार्य के लिए है — विशेषकर अध्याय 2 (वन एवं वन्य जीव) और अध्याय 6 (उद्योग) के प्रोजेक्ट के लिए।
| संस्था / पत्रिका | किस अध्याय के काम की |
|---|---|
| Bombay Natural History Society | अध्याय 2 — वन्य जीव |
| Birding in India and South Asia | अध्याय 2 — पक्षी |
| Website of Project Tiger | ★अध्याय 2 — बाघ परियोजना |
| Nature Conservation Foundation | अध्याय 2 |
| Wildlife Conservation Society of India | अध्याय 2 |
| Wildlife Trust of India | अध्याय 2 |
| Kalpavriksh Environment Action Group | अध्याय 1, 2 और 6 — पर्यावरण |
| Down to Earth Magazine | ★सभी अध्यायों के लिए — भारत की सबसे उपयोगी पर्यावरण पत्रिका |
| Centre for Environment Education, India | अध्याय 1 और 6 |
| World Steel Association | ★अध्याय 6 — लोहा-इस्पात उद्योग |
! शिक्षक के लिए सावधानी — पाठ्यपुस्तक में दिए गए कुछ वेब-पते पुराने हो चुके हैं और अब नहीं खुलते। बच्चों को संस्था का नाम याद रखने को कहिए, पता नहीं — “नाम याद रखो, पता तो खोज लोगे।”
भाग 4 — कक्षा में इस हिस्से का उपयोग कैसे करें
| कब | क्या |
|---|---|
| अध्याय 5 पढ़ाते समय | शब्दावली के आठ भूवैज्ञानिक शब्द (अपनति, चट्टान, तीनों प्रकार की चट्टानें, तेल प्रग्रहण, भूतापीय, मैंगनीज़ ग्रंथियाँ) यहीं करा दीजिए |
| अध्याय 6 पढ़ाते समय | ★परिशिष्ट-ख की पूरी तालिका खुलवाइए — यह इस्पात संयंत्रों पर मुख्य पाठ से ज़्यादा जानकारी देती है |
| अध्याय 1 पढ़ाते समय | ह्यूमस और गिरिपद मैदान |
| प्रोजेक्ट देते समय | परिशिष्ट-क की वेबसाइट-सूची |
| पुस्तक ख़त्म होने पर | पूरी शब्दावली एक बार दोहरा लीजिए — चौदह शब्द, पंद्रह मिनट |
भाग 5 — परीक्षा की दृष्टि से इस हिस्से से क्या आ सकता है
| संभावित प्रश्न | अंक |
|---|---|
| टिस्को की स्थापना कब और किसने की? | 1 |
| भिलाई और बोकारो इस्पात संयंत्र किस देश के सहयोग से बने? | 1 |
| दुर्गापुर और राउरकेला संयंत्र किन देशों के सहयोग से बने? | 1 |
| कौन-सा इस्पात संयंत्र आज भी निजी क्षेत्र में है? | 1 |
| चट्टान किसे कहते हैं? | 1 |
| आग्नेय, अवसादी और कायांतरित चट्टानों में अंतर बताइए। | 3 |
| ह्यूमस क्या है? | 1 |
| सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की परिभाषा दीजिए। | 1 |
| भूतापीय दर क्या है? | 1 |
शिक्षक के लिए अंतिम टिप्पणी। यह तीन पन्नों का हिस्सा पूरी पुस्तक में सबसे ज़्यादा छोड़ा जाने वाला हिस्सा है — और यही सबसे कम मेहनत में सबसे ज़्यादा अंक देता है। परिशिष्ट-ख की तालिका दस पंक्तियों की है, और शब्दावली चौदह शब्दों की। दोनों मिलाकर एक कालांश में हो जाते हैं। इसे ‘बचा हुआ हिस्सा’ मत मानिए — इसे पूरी पुस्तक की चाबी मानिए।