अध्याय 8परिशिष्ट एवं शब्दावली — समकालीन भारत–2

शिक्षण नोट्स11 मिनट

पाठ्यपुस्तक — समकालीन भारत–2, कक्षा 10 भूगोल · NCERT · परिशिष्ट-क, परिशिष्ट-ख तथा शब्दावली (3 पृष्ठ)


शून्य — यह हिस्सा क्यों पढ़ाया जाना चाहिए

पुस्तक के अंत में तीन छोटे हिस्से हैं जिन्हें लगभग हर विद्यार्थी छोड़ देता है —

हिस्साक्या हैक्यों ज़रूरी
परिशिष्ट-कदस उपयोगी वेबसाइटों की सूचीप्रोजेक्ट कार्य के लिए
परिशिष्ट-खइस्पात संयंत्रों की पूरी तालिका★अध्याय 6 का सीधा पूरक — और परीक्षा में काम आता है
शब्दावलीचौदह पारिभाषिक शब्द★इनमें से आधे शब्द अध्याय 5 और 6 के हैं

★परिशिष्ट-ख को अध्याय 6 (विनिर्माण उद्योग) पढ़ाते समय ही खुलवा लीजिए — क्योंकि पाठ्यपुस्तक का मुख्य पाठ इस्पात संयंत्रों के स्थापना वर्ष और स्वामित्व के बारे में कुछ नहीं बताता, जबकि यह तालिका सब कुछ बता देती है।

भाग 1 — परिशिष्ट-ख भारत के इस्पात संयंत्र (यह सबसे काम की तालिका है)★

इस्पात संयंत्रस्थापना वर्षसहयोगी देश / स्वामित्वअवस्थिति
इस्को (IISCO)1870-1913 (प्रारंभ में निजी स्वामित्व में)1972 में राष्ट्रीयकरणकुल्टी तथा बर्नपुर (पश्चिम बंगाल)
टिस्को (TISCO)1907 (निजी स्वामित्व)जमशेदजी टाटाजमशेदपुर (झारखंड)
वी.आई.एस.एल. (VISL)1923 (निजी स्वामित्व में; जब तक MISCO थी)बाद में राष्ट्रीयकरणभद्रावती (कर्नाटक)
भिलाई1959 (सार्वजनिक क्षेत्र)सोवियत यूनियनभिलाई (मध्य प्रदेश)
बोकारो1972 (सार्वजनिक क्षेत्र)सोवियत यूनियनबोकारो (झारखंड)
दुर्गापुर1959 (सार्वजनिक क्षेत्र)इंग्लैंड (यू.के.)दुर्गापुर (पश्चिम बंगाल)
राउरकेला— (सार्वजनिक क्षेत्र)जर्मनीराउरकेला (ओडिशा)
विशाखापट्नम— (सार्वजनिक क्षेत्र)—विशाखापट्नम (आंध्र प्रदेश)
सेलम— (सार्वजनिक क्षेत्र)—सेलम (तमिलनाडु)
विजय नगर— (सार्वजनिक क्षेत्र)—कर्नाटक

पाठ्यपुस्तक भिलाई को ‘मध्य प्रदेश’ में दिखाती है क्योंकि यह तालिका छत्तीसगढ़ बनने (सन् 2000) से पहले की है। आज भिलाई छत्तीसगढ़ में है — और मुख्य पाठ (पृष्ठ 71 की वर्ग-पहेली) भी उसे छत्तीसगढ़ ही बताता है। बोर्ड में छत्तीसगढ़ लिखिए।

इस तालिका से निकलने वाली पाँच बातें (यही परीक्षा में पूछी जाती हैं)

#बात
1सबसे पुराना संयंत्र इस्को (IISCO) है — 1870 से; और टिस्को (1907) भारत का पहला बड़ा निजी इस्पात संयंत्र है, जिसे जमशेदजी टाटा ने स्थापित किया।
2तीनों पुराने संयंत्र (इस्को, टिस्को, VISL) निजी स्वामित्व में शुरू हुए; इनमें से इस्को और VISL बाद में राष्ट्रीयकृत हुए — केवल टिस्को आज भी निजी क्षेत्र में है।
3स्वतंत्रता के बाद बने सभी बड़े संयंत्र सार्वजनिक क्षेत्र के हैं — यह अध्याय 6 की उस बात से मेल खाता है कि सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योग बेरोज़गारी व क्षेत्रीय असमानता कम करने के विचार पर आधारित थे।
4★तीन संयंत्र तीन अलग देशों की मदद से बने — भिलाई व बोकारो (सोवियत यूनियन), दुर्गापुर (इंग्लैंड), राउरकेला (जर्मनी)। यह 1950-60 के दशक की भारतीय विदेश नीति को दिखाता है।
5दस में से सात संयंत्र पूर्वी-मध्य भारत में हैं — जो अध्याय 6 की उस बात का प्रमाण है कि “भारत में छोटानागपुर के पठारी क्षेत्र में अधिकांश लोहा तथा इस्पात उद्योग संकेंद्रित हैं।”

कक्षा में पूछने योग्य प्रश्न — “भिलाई और बोकारो — दोनों सोवियत यूनियन ने बनवाए। दुर्गापुर इंग्लैंड ने, राउरकेला जर्मनी ने। इससे क्या पता चलता है?” उत्तर की दिशा — कि आज़ादी के बाद भारत के पास इतने बड़े कारख़ाने बनाने की तकनीक नहीं थी, इसलिए उसने अलग-अलग देशों से मदद ली — और जान-बूझकर किसी एक देश पर निर्भर नहीं रहा।

याद रखने का सूत्र

“भि-बो सोवियत · दु इंग्लैंड · रा जर्मनी” भिलाई + बोकारो = सोवियत यूनियन · दुर्गापुर = इंग्लैंड · राउरकेला = जर्मनी

भाग 2 — शब्दावली (चौदह शब्द)

ध्यान दीजिए — इनमें से आधे से ज़्यादा शब्द अध्याय 5 (खनिज तथा ऊर्जा) के हैं। इसीलिए इन्हें अध्याय 5 पढ़ाते समय ही करा लेना चाहिए।

शब्दपाठ्यपुस्तक की परिभाषाकिस अध्याय से जुड़ा
अपनतिअवसादी चट्टानों में संपीडन बल से उत्पन्न एक मेहराबदार मोड़।अध्याय 5 — पेट्रोलियम इसी में इकट्ठा होता है
अवसादी चट्टानेंवे चट्टानें जो संस्तरों या तलछटों की परतों के रूप में निक्षेपित हैं।अध्याय 5
आग्नेय चट्टानेंवह चट्टानें जो तरल मैग्मा के जमने या ठोस होने से बनती हैं।अध्याय 5
आर्द्र भूमिभूमि जो समय-समय पर जलमग्न हो जाती है। इसमें लवण कच्छ, ज्वारनदमुख, कच्छ व दलदल सम्मिलित हैं।अध्याय 2 और 3
कायांतरित चट्टानेंवे चट्टानें जो मूल रूप से आग्नेय या अवसादी थीं लेकिन जिनका लक्षण व रूप परिवर्तन हो गया है।अध्याय 5
गिरिपद मैदानवह मैदान जो पहाड़ों के पद में निर्मित हैं या स्थित हैं।अध्याय 1
चट्टानखनिजों का संगठित योग।★अध्याय 5 — यह परिभाषा ‘खनिज’ की परिभाषा के साथ पढ़ाइए
तेल प्रग्रहणएक भूवैज्ञानिक संरचना जिसमें पर्याप्त मात्रा में तेल व गैस का संचयन संभव है।अध्याय 5
भूतापीयभूपर्पटी में गहराई के साथ तापमान का बढ़ना। ऊपरी परत में यह दर औसतन 30° सेल्सियस प्रति किलोमीटर है।★अध्याय 5 — भू-तापीय ऊर्जा
मैंगनीज़ ग्रंथियाँमहासागरीय तली पर बिखरे हुए वे तलछट, मुख्यत: लोहा व मैंगनीज़ सम्मिलित हैं तथा इनमें आमतौर पर कुछ मात्रा में ताँबा, निकल व कोबाल्ट भी होता है।अध्याय 5
सकल घरेलू उत्पादयह एक समय विशेष पर अर्थव्यवस्था में उत्पादित वस्तुओं और सेवाओं के मूल्य का माप है। सामान्यत: यह एक वर्ष के लिए होता है।★अध्याय 6 — और अर्थशास्त्र की पुस्तक से भी
सकल मूल्य वर्धित (GVA)उत्पादन पर सब्सिडी जोड़कर और अप्रत्यक्ष करों को घटाकर सकल घरेलू उत्पाद से सकल मूल्य वर्धित (GVA) का अनुमान लगाया जाता है।अध्याय 6
ह्यूमसमृत व अपघटित जैविक पदार्थ जो मिट्टी की ऊपरी परत की उर्वरकता बढ़ाते हैं।अध्याय 1 — मृदा

इन तीन जोड़ियों पर ख़ास ध्यान दीजिए★

जोड़ीअंतर एक वाक्य में
खनिज बनाम चट्टान“खनिज एक तत्त्व है; चट्टान कई खनिजों का संगठित योग है।” — यानी चट्टान डिब्बा है, खनिज उसके अंदर की चीज़।
तीन प्रकार की चट्टानें“आग्नेय = मैग्मा जमने से; अवसादी = परतें जमने से; कायांतरित = इन्हीं दोनों का रूप बदल जाने से।”
GDP बनाम GVA“GDP कुल उत्पादन का मूल्य है; GVA वही है — पर सब्सिडी जोड़कर और अप्रत्यक्ष कर घटाकर।”

कक्षा में करने योग्य — ये चौदह शब्द कॉपी के आख़िरी पन्ने पर लिखवा दीजिए और कहिए: “जब भी कोई शब्द समझ न आए, यहीं देख लेना।” एक बार लिख लेने से बच्चे इन्हें बार-बार देखते हैं।

भाग 3 — परिशिष्ट-क: दस उपयोगी वेबसाइट

यह सूची प्रोजेक्ट कार्य के लिए है — विशेषकर अध्याय 2 (वन एवं वन्य जीव) और अध्याय 6 (उद्योग) के प्रोजेक्ट के लिए।

संस्था / पत्रिकाकिस अध्याय के काम की
Bombay Natural History Societyअध्याय 2 — वन्य जीव
Birding in India and South Asiaअध्याय 2 — पक्षी
Website of Project Tiger★अध्याय 2 — बाघ परियोजना
Nature Conservation Foundationअध्याय 2
Wildlife Conservation Society of Indiaअध्याय 2
Wildlife Trust of Indiaअध्याय 2
Kalpavriksh Environment Action Groupअध्याय 1, 2 और 6 — पर्यावरण
Down to Earth Magazine★सभी अध्यायों के लिए — भारत की सबसे उपयोगी पर्यावरण पत्रिका
Centre for Environment Education, Indiaअध्याय 1 और 6
World Steel Association★अध्याय 6 — लोहा-इस्पात उद्योग

! शिक्षक के लिए सावधानी — पाठ्यपुस्तक में दिए गए कुछ वेब-पते पुराने हो चुके हैं और अब नहीं खुलते। बच्चों को संस्था का नाम याद रखने को कहिए, पता नहीं — “नाम याद रखो, पता तो खोज लोगे।”

भाग 4 — कक्षा में इस हिस्से का उपयोग कैसे करें

कबक्या
अध्याय 5 पढ़ाते समयशब्दावली के आठ भूवैज्ञानिक शब्द (अपनति, चट्टान, तीनों प्रकार की चट्टानें, तेल प्रग्रहण, भूतापीय, मैंगनीज़ ग्रंथियाँ) यहीं करा दीजिए
अध्याय 6 पढ़ाते समय★परिशिष्ट-ख की पूरी तालिका खुलवाइए — यह इस्पात संयंत्रों पर मुख्य पाठ से ज़्यादा जानकारी देती है
अध्याय 1 पढ़ाते समयह्यूमस और गिरिपद मैदान
प्रोजेक्ट देते समयपरिशिष्ट-क की वेबसाइट-सूची
पुस्तक ख़त्म होने परपूरी शब्दावली एक बार दोहरा लीजिए — चौदह शब्द, पंद्रह मिनट

भाग 5 — परीक्षा की दृष्टि से इस हिस्से से क्या आ सकता है

संभावित प्रश्नअंक
टिस्को की स्थापना कब और किसने की?1
भिलाई और बोकारो इस्पात संयंत्र किस देश के सहयोग से बने?1
दुर्गापुर और राउरकेला संयंत्र किन देशों के सहयोग से बने?1
कौन-सा इस्पात संयंत्र आज भी निजी क्षेत्र में है?1
चट्टान किसे कहते हैं?1
आग्नेय, अवसादी और कायांतरित चट्टानों में अंतर बताइए।3
ह्यूमस क्या है?1
सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की परिभाषा दीजिए।1
भूतापीय दर क्या है?1

शिक्षक के लिए अंतिम टिप्पणी। यह तीन पन्नों का हिस्सा पूरी पुस्तक में सबसे ज़्यादा छोड़ा जाने वाला हिस्सा है — और यही सबसे कम मेहनत में सबसे ज़्यादा अंक देता है। परिशिष्ट-ख की तालिका दस पंक्तियों की है, और शब्दावली चौदह शब्दों की। दोनों मिलाकर एक कालांश में हो जाते हैं। इसे ‘बचा हुआ हिस्सा’ मत मानिए — इसे पूरी पुस्तक की चाबी मानिए।