Chapter 5कांग्रेस प्रणाली : चुनौतियाँ और पुनर्स्थापना

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सेट 1 · अध्याय का ढाँचा(2 कार्ड)

#प्रश्नउत्तर
1★★इंदिरा गाँधी ने कांग्रेस प्रणाली का क्या किया?“इंदिरा गाँधी ने कांग्रेस प्रणाली को पुनर्स्थापित ज़रूर किया, लेकिन कांग्रेस-प्रणाली की प्रकृति को बदलकर।”
2★कांग्रेस प्रणाली के सामने चुनौती किन दो तरफ़ से थी?बाहर से — ज्यादा ताकतवर और कम विभाजित विपक्ष; भीतर से — “अब यह पार्टी अपने अंदर की विभिन्नता को एक साथ थामकर नहीं चल पा रही थी”

सेट 2 · नेहरू के बाद उत्तराधिकार(8 कार्ड)

#प्रश्नउत्तर
3नेहरू की मृत्यु कब?मई 1964
4★तीन अंतर्राष्ट्रीय आशंकाएँ?लोकतंत्र टिकेगा? · उत्तराधिकार लोकतांत्रिक ढंग से हल होगा? · असफल हुआ तो सेना राजनीतिक भूमिका में उतर आएगी
5★★1960 का दशक क्यों ‘खतरनाक दशक’?क्योंकि गरीबी, गैर-बराबरी, सांप्रदायिक और क्षेत्रीय विभाजन के सवाल अनसुलझे थे
6★★1964 में उत्तराधिकार कैसे तय हुआ?कांग्रेस अध्यक्ष के. कामराज ने सलाह-मशविरा किया; सभी शास्त्री के पक्ष में थे; शास्त्री निर्विरोध चुने गए
7★शास्त्री की सबसे प्रसिद्ध बात?एक बड़ी रेल दुर्घटना की नैतिक जिम्मेवारी लेकर रेलमंत्री पद से इस्तीफ़ा
8शास्त्री-काल की दो चुनौतियाँ?चीन-युद्ध से उपजी आर्थिक कठिनाइयाँ + मानसून की असफलता से सूखा और खाद्यान्न का गंभीर संकट; फिर 1965 का पाक-युद्ध
9! शास्त्री का निधन?11 जनवरी 1966, ताशकंद (तब सोवियत संघ में; आज उज्बेकिस्तान की राजधानी)
10★★1966 में उत्तराधिकार कैसे तय हुआ?इंदिरा गाँधी बनाम मोरारजी देसाई; सर्वसम्मति नहीं बनी; गुप्त मतदान; इंदिरा गाँधी को दो-तिहाई से अधिक सांसदों का मत

सेट 3 · 1967 का संदर्भ(8 कार्ड)

#प्रश्नउत्तर
11★‘गार्जियन’ के संपादकीय (3 जून 1964) ने क्या कहा?“तमाम अंदेशों के बावजूद इंग्लैंड की तुलना में भारत में प्रधानमंत्री का सवाल ज्यादा शालीनता और तेज़ी के साथ हल कर लिया गया”
12★★सिंडिकेट ने इंदिरा गाँधी का समर्थन क्यों किया?“संभवतया यह सोचकर… कि अनुभव न होने के कारण समर्थन और दिशा-निर्देशन के लिए इंदिरा गाँधी उन पर निर्भर रहेंगी”
13आर्थिक संकट के आठ कारक?मानसून की असफलता · व्यापक सूखा · पैदावार में गिरावट · गंभीर खाद्य संकट · विदेशी मुद्रा-भंडार में कमी · औद्योगिक उत्पादन में गिरावट · निर्यात में गिरावट · सैन्य खर्च में भारी बढ़ोतरी
14★अवमूल्यन के बाद डॉलर की कीमत?5 रुपये से बढ़कर 7 रुपये; “माना गया कि यह अमरीका के दबाव में किया गया”
15★★1967 के संकट में सरकार की सबसे बड़ी भूल?“सरकार ने इसे कानून और व्यवस्था की समस्या माना न कि जनता की बदहाली की अभिव्यक्ति” — इससे जन विरोध और उग्र हुआ
161967 के दौर की सांप्रदायिक स्थिति?“गंभीर किस्म के हिन्दू-मुस्लिम दंगे भी हुए। आज़ादी के बाद से अब तक इतने गंभीर सांप्रदायिक दंगे नहीं हुए थे।”
17★देवीसर गाँव की चुनाव-कथा का सार?शेर सिंह बनाम भतीजा भीम सिंह; भीम सिंह ने गैर-राजपूत समुदायों को जोड़कर नया समीकरण बनाया; “विधानसभा चुनाव चाचा-भतीजे की खेमेबाजी में बदल गया था”
18देवीसर गाँव में भीम सिंह का असली हिसाब क्या था?“अगर कांग्रेसी उम्मीदवार जीत जाता है, तो उसका मंत्री बनना तय है और… भीम सिंह मंत्री से सीधे संपर्क स्थापित कर सकता है”

सेट 4 · गैर-कांग्रेसवाद और 1967 का जनादेश(10 कार्ड)

#प्रश्नउत्तर
19★★‘गैर-कांग्रेसवाद’ नाम किसने दिया?राममनोहर लोहिया
20★गैर-कांग्रेसवाद पर लोहिया का सैद्धांतिक तर्क?“कांग्रेस का शासन अलोकतांत्रिक और गरीब लोगों के हितों के खिलाफ़ है, इसलिए गैर-कांग्रेसी दलों का एक साथ आना जरूरी है, ताकि गरीबों के हक में लोकतंत्र को वापस लाया जा सके”
21गैर-कांग्रेसवाद के पीछे विपक्ष का व्यावहारिक हिसाब क्या था?“कांग्रेस के वोट बँट जाने के कारण ही वह सत्तासीन है” — इसलिए कुछ राज्यों में मोर्चा, अन्य में सीटों का तालमेल
22लोहिया के बारे में तीन बातें?‘मैनकाइंड’ और ‘जन’ के संस्थापक संपादक · पिछड़े वर्गों को आरक्षण की वकालत · अंग्रेजी का विरोध; नेहरू के खिलाफ़ मोर्चा खोलने वाले नेता
23अन्नादुरई के बारे में?1967 से मद्रास के मुख्यमंत्री; 1949 में द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम का गठन; हिंदी विरोधी आंदोलन का नेतृत्व; राज्यों की व्यापक स्वायत्तता के समर्थक
24! नेविए मैक्सवेल ने 1967 में क्या लिखा?“भारत को लोकतांत्रिक ढाँचे के भीतर विकसित करने का महान प्रयोग असफल हो चुका है” — लंदन टाइम्स, ‘इंडियाज़ डिसइंटीग्रेटिंग डेमोक्रेसी’
25★★1967 के परिणामों को क्या संज्ञा दी गई?‘राजनीतिक भूकंप’
26★कांग्रेस पर 1967 के परिणामों का असर?लोकसभा में “जैसे-तैसे बहुमत”; पर वोट-प्रतिशत और सीटें दोनों रिकॉर्ड न्यूनतम; आधे मंत्री हार गए
27★★हारने वाले चार दिग्गज?कामराज (तमिलनाडु) · एस.के. पाटिल (महाराष्ट्र) · अतुल्य घोष (प. बंगाल) · के.बी. सहाय (बिहार)
28★1967 में कांग्रेस पहली बार क्या कर रही थी?“कांग्रेस पहली बार नेहरू के बिना मतदाताओं का सामना कर रही थी”

सेट 5 · राज्यों में उलटफेर(8 कार्ड)

#प्रश्नउत्तर
29★★कांग्रेस कितने राज्यों में सत्ता से बाहर हुई?नौ — सात में बहुमत नहीं मिला + दो में दलबदल के कारण सरकार नहीं बना सकी
30★कांग्रेस जिन नौ राज्यों में सत्ता से बाहर हुई, वे कौन-से?पंजाब · हरियाणा · उत्तर प्रदेश · मध्य प्रदेश · बिहार · पश्चिम बंगाल · उड़ीसा · मद्रास · केरल
31राजस्थान का विशेष मामला?“कांग्रेस को बहुमत नहीं मिला लेकिन कुछ अन्य की सहायता से सरकार बनाई”
32★★मद्रास में क्या हुआ?द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) को पूर्ण बहुमत — “चुनावी इतिहास में यह पहली घटना थी जब किसी गैर-कांग्रेसी दल को किसी राज्य में पूर्ण बहुमत मिला”
33डीएमके सत्ता में कैसे आई?“हिंदी-विरोधी आंदोलन का नेतृत्व करके” — छात्र हिंदी को राजभाषा के रूप में थोपे जाने का विरोध कर रहे थे
34★1967 में कांग्रेस की हार पर प्रसिद्ध पंक्ति?“दिल्ली से हावड़ा जाने के लिए ट्रेन पर बैठो, तो यह ट्रेन अपने पूरे रास्ते में एक भी कांग्रेस-शासित राज्य से होकर नहीं गुज़रेगी”
35★‘संयुक्त विधायक दल’ क्या था?अनेक गैर-कांग्रेसी पार्टियों ने एकजुट होकर बनाया; इसीलिए इन सरकारों को ‘संयुक्त विधायक दल की सरकार’ कहा गया
36★★बिहार के गठबंधन की खासियत?एक ही सरकार में एसएसपी और पीएसपी (समाजवादी) + वामपंथी सीपीआई + दक्षिणपंथी जनसंघ

सेट 6 · दल-बदल(5 कार्ड)

#प्रश्नउत्तर
37★★दल-बदल की परिभाषा?“कोई जनप्रतिनिधि किसी खास दल के चुनाव चिह्न को लेकर चुनाव लड़े और जीत जाए और जीतने के बाद इस दल को छोड़कर किसी दूसरे दल में शामिल हो जाए”
381967 के बाद किन तीन राज्यों में दल-बदल निर्णायक रहा?हरियाणा · मध्य प्रदेश · उत्तर प्रदेश
39★★‘आया राम-गया राम’ किससे जुड़ा है?हरियाणा के विधायक गया लाल — “एक पखवाड़े के अंदर तीन दफा” पार्टी बदली
40★गया लाल के दल-बदल का क्रम क्या था?कांग्रेस → यूनाइटेड फ्रंट → कांग्रेस → और लौटने के 9 घंटों के अंदर फिर यूनाइटेड फ्रंट
41★★‘आया राम-गया राम’ जुमला किसने गढ़ा और आगे क्या हुआ?कांग्रेस नेता राव वीरेन्द्र सिंह ने चंडीगढ़ में कहा — “गया राम था अब आया राम है।” ★“बाद के समय में दल-बदल रोकने के लिए संविधान में संशोधन किया गया”

सेट 7 · सिंडिकेट और 1969 की टूट(12 कार्ड)

#प्रश्नउत्तर
42★★इंदिरा गाँधी को असली चुनौती कहाँ से मिली?“विपक्ष से नहीं बल्कि खुद अपनी पार्टी के भीतर से” — ‘सिंडिकेट’ से
43★★सिंडिकेट के पाँच नेता?के. कामराज (मद्रास, अगुवा) · एस.के. पाटिल (बंबई) · एस. निजलिंगप्पा (मैसूर) · एन. संजीव रेड्डी (आं.प्र.) · अतुल्य घोष (प. बंगाल)
44★सिंडिकेट की ताक़त?“इस समूह के नेताओं का पार्टी के संगठन पर नियंत्रण था”; शास्त्री और इंदिरा गाँधी, दोनों उसी की सहायता से प्रधानमंत्री बने
45★‘कामराज योजना’ क्या थी?1963 का प्रस्ताव — सभी वरिष्ठ कांग्रेसी नेता इस्तीफ़ा दें ताकि युवा कार्यकर्ता कमान सँभालें
46कामराज किस योजना के लिए प्रसिद्ध थे?मद्रास में शिक्षा का प्रसार और स्कूली बच्चों को ‘दोपहर का भोजन’ देने की योजना
47★इंदिरा गाँधी की दो चुनौतियाँ?सिंडिकेट के प्रभाव से स्वतंत्र अपना मुकाम बनाना; और 1967 में खोई ज़मीन वापस पाना
48★★इंदिरा गाँधी की रणनीति एक वाक्य में?“उन्होंने एक साधारण से सत्ता-संघर्ष को विचारधारात्मक संघर्ष में बदल दिया”
49★दस-सूत्री कार्यक्रम कब और उसमें क्या?मई 1967, कांग्रेस कार्यसमिति — बैंकों पर सामाजिक नियंत्रण · आम बीमा का राष्ट्रीयकरण · शहरी संपदा और आय का परिसीमन · खाद्यान्न का सरकारी वितरण · भूमि सुधार · ग्रामीण गरीबों को आवासीय भूखंड
50★★1969 का राष्ट्रपति चुनाव क्यों हुआ और किसके बीच?राष्ट्रपति ज़ाकिर हुसैन की मृत्यु से; एन. संजीव रेड्डी (आधिकारिक) बनाम वी.वी. गिरि (स्वतंत्र)
51★★1969 के राष्ट्रपति चुनाव में निर्णायक टकराव क्या था?अध्यक्ष निजलिंगप्पा का ‘व्हिप’ बनाम इंदिरा गाँधी का “अंतरात्मा की आवाज़ पर वोट”
52★1969 के राष्ट्रपति चुनाव का परिणाम?वी.वी. गिरि विजयी — आधिकारिक उम्मीदवार की हार से “पार्टी का टूटना तय हो गया”
53वी.वी. गिरि के बारे में?आंध्र प्रदेश के मज़दूर नेता; सिलोन में भारतीय उच्चायुक्त; केंद्रीय श्रम मंत्री; उपराष्ट्रपति 1967–69; राष्ट्रपति 1969–74

सेट 8 · विभाजन और प्रिवी पर्स(8 कार्ड)

#प्रश्नउत्तर
54★★दोनों कांग्रेस के नाम?कांग्रेस (ऑर्गनाइजेशन) = कांग्रेस (ओ) = ‘पुरानी कांग्रेस’ (सिंडिकेट); कांग्रेस (रिक्विजिनिस्ट) = कांग्रेस (आर) = ‘नयी कांग्रेस’ (इंदिरा गाँधी)
55कांग्रेस का विभाजन कब पूरा हुआ?नवंबर 1969 तक
56★निजलिंगप्पा के पत्र की तिथि और पंक्ति?11 नवंबर 1969 — ”…राजनीतिक आत्ममोह का शिकार हो जाता है और चरित्रहीन चाटुकार दरबारियों की बातों में जीने लगता है…”
57★★इंदिरा गाँधी ने कांग्रेस की टूट को क्या नाम दिया?“‘समाजवादी’ और ‘पुरातनपंथी’ तथा गरीबों के हिमायती और अमीरों के तरफ़दार के बीच की लड़ाई”
58★1969 की दो जनप्रिय घोषणाएँ?चौदह अग्रणी बैंकों का राष्ट्रीयकरण; और ‘प्रिवी पर्स’ की समाप्ति
59! बैंक राष्ट्रीयकरण और प्रिवी पर्स की घोषणाओं पर किसने विरोध किया?उपप्रधानमंत्री एवं वित्तमंत्री मोरारजी देसाई — “गहरे मतभेद उभरे” और उन्होंने सरकार से किनारा कर लिया
60★‘प्रिवी पर्स’ क्या था?रियासतों के विलय से पहले शासक परिवारों को निजी संपदा रखने का अधिकार और विशेष भत्ते का आश्वासन — जो राज्य के विस्तार, राजस्व और क्षमता के आधार पर तय होते
61★★प्रिवी पर्स समाप्त कैसे हुआ?1970 में संविधान संशोधन राज्यसभा में विफल → अध्यादेश सर्वोच्च न्यायालय ने निरस्त किया → 1971 की भारी जीत के बाद संविधान संशोधन से रास्ता खुला

सेट 9 · 1971 और पुनर्स्थापन(10 कार्ड)

#प्रश्नउत्तर
62कांग्रेस की टूट के बाद इंदिरा गाँधी की सरकार कैसे टिकी?अल्पमत में आ गई; डीएमके और सीपीआई समेत कुछ दलों के मुद्दा-आधारित समर्थन से
63★लोकसभा भंग करने के तीन कारण?दूसरे दलों पर निर्भरता समाप्त करना · संसद में पार्टी की स्थिति मज़बूत करना · अपने कार्यक्रमों के पक्ष में जनादेश हासिल करना
64लोकसभा कब भंग हुई और चुनाव कब हुए?दिसंबर 1970 में सिफ़ारिश; फ़रवरी 1971 में पाँचवें आम चुनाव
65★‘ग्रैंड अलायंस’ के पाँच घटक?एसएसपी · पीएसपी · भारतीय जनसंघ · स्वतंत्र पार्टी · भारतीय क्रांतिदल
661971 के चुनाव में शासक दल का गठजोड़ किसके साथ?कांग्रेस (आर) + भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई)
67★★इंदिरा गाँधी के पास क्या था जो विपक्ष के पास नहीं?“नयी कांग्रेस के पास एक मुद्दा था; एक अजेंडा और कार्यक्रम था। ‘ग्रैंड अलायंस’ के पास कोई सुसंगत राजनीतिक कार्यक्रम नहीं था।”
68★★दो नारे?विपक्ष: ‘इंदिरा हटाओ’; इंदिरा गाँधी: ‘गरीबी हटाओ’
69★‘गरीबी हटाओ’ का लक्ष्य-वर्ग?भूमिहीन किसान · दलित और आदिवासी · अल्पसंख्यक · महिलाएँ · बेरोज़गार नौजवान
70★★1971 के चार आँकड़े?कांग्रेस (आर)+सीपीआई = 375 सीटें, 48.4% · अकेले कांग्रेस (आर) = 352 सीटें, 44% · कांग्रेस (ओ) = 16 सीटें · ग्रैंड अलायंस = 60 से कम
71★1971 के चुनाव के बाद क्या हुआ?1971 का बांग्लादेश युद्ध — “लोकप्रियता में चार चाँद लग गए”; 1972 के राज्य चुनावों में व्यापक सफलता; “कांग्रेस अब लगभग सभी राज्यों में सत्ता में थी”

सेट 10 · निष्कर्ष(3 कार्ड)

#प्रश्नउत्तर
72★★नयी कांग्रेस की पाँच विशेषताएँ?लोकप्रियता वही पर पार्टी अलग · सर्वोच्च नेता की लोकप्रियता पर पूर्णतया आश्रित · सांगठनिक ढाँचा कमज़ोर · भीतर कई गुट नहीं · गरीब, महिला, दलित, आदिवासी और अल्पसंख्यकों पर निर्भर
73★★पुरानी कांग्रेस की सबसे बड़ी खूबी क्या थी जो खो गई?“हर तनाव और संघर्ष को पचा लेने की क्षमता” — “नयी कांग्रेस ज्यादा लोकप्रिय होने के बावजूद इस क्षमता से हीन थी”
74★कांग्रेस के हर तनाव को पचा लेने की क्षमता खो देने का परिणाम?“जनता की आकांक्षाओं की अभिव्यक्ति की लोकतांत्रिक ज़मीन छोटी पड़ती गई”; “जनाक्रोश तथा लामबंदी लगातार बढ़ती रही”

🔁 अंतिम दोहराव — दस जोड़ियाँ जो सबसे ज़्यादा गड्डमड्ड होती हैं

! जोड़ी✓ अंतर
कांग्रेस (ओ) / कांग्रेस (आर)(ओ) = ऑर्गनाइजेशन = सिंडिकेट = पुरानी; (आर) = रिक्विजिनिस्ट = इंदिरा = नयी
1967 / 19691967 = चुनावी हार (‘राजनीतिक भूकंप’); 1969 = पार्टी की टूट
संजीव रेड्डी / वी.वी. गिरिरेड्डी = आधिकारिक उम्मीदवार (हारे); गिरि = स्वतंत्र उम्मीदवार (जीते)
‘व्हिप’ / ‘अंतरात्मा की आवाज़’व्हिप = निजलिंगप्पा; अंतरात्मा की आवाज़ = इंदिरा गाँधी
‘इंदिरा हटाओ’ / ‘गरीबी हटाओ’विपक्ष का नारा / इंदिरा गाँधी का नारा
ग्रैंड अलायंस / संयुक्त विधायक दलग्रैंड अलायंस = 1971 का चुनावी गठबंधन; संयुक्त विधायक दल = 1967 के बाद की राज्य-सरकारें
दस-सूत्री कार्यक्रम / प्रिवी पर्सदस-सूत्री = मई 1967; प्रिवी पर्स की समाप्ति = 1969 की घोषणा, 1971 के बाद पूरी
1964 / 1966 का उत्तराधिकार1964 = निर्विरोध; 1966 = गुप्त मतदान
लोहिया / अन्नादुरईलोहिया = गैर-कांग्रेसवाद के रणनीतिकार; अन्नादुरई = डीएमके और हिंदी-विरोधी आंदोलन
375 / 352 / 16गठबंधन / अकेले कांग्रेस (आर) / कांग्रेस (ओ)