Chapter 6पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधन

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कैसे इस्तेमाल करें: प्रश्न पढ़िए → उत्तर सोचिए → तब आगे देखिए। ★= अवश्य याद रखने योग्य · ! = सामान्य भूल

समूह 1 — पर्यावरण ‘राजनीति’ कैसे बना (कार्ड 1–11)

1. पर्यावरण के मसले ने कब जोर पकड़ा? → ★1960 के दशक से

2. पर्यावरण-क्षति की पाँच कोटियाँ कौन-सी हैं? → कृषि-भूमि · जल और स्वच्छता · वन और जैव-विविधता · ओज़ोन परत · समुद्रतटीय प्रदूषण

3. कृषि-भूमि के बारे में पाठ क्या कहता है? → “दुनिया भर में कृषि-योग्य भूमि में अब कोई बढ़ोत्तरी नहीं हो रही”; उर्वरता घट रही; चारागाह और मत्स्य-भंडार घट रहे → खाद्य-उत्पादन में कमी

4. ★★UN मानव विकास रिपोर्ट (2016) के तीन आँकड़े? → 66.3 करोड़ को स्वच्छ जल नहीं · 2 अरब 40 करोड़ साफ-सफाई से वंचित · 30 लाख से ज्यादा बच्चे हर साल मौत के शिकार

5. ‘ओज़ोन परत में छेद’ का अर्थ? → “धरती के ऊपरी वायुमंडल में ओज़ोन गैस की मात्रा में लगातार कमी” — पारिस्थितिकी तंत्र और मनुष्य के स्वास्थ्य पर बड़ा खतरा

6. समुद्री प्रदूषण के बारे में पाठ की सटीक बात? → “समुद्र का मध्यवर्ती भाग अब भी अपेक्षाकृत स्वच्छ है लेकिन इसका तटवर्ती जल जमीनी क्रियाकलापों से प्रदूषित हो रहा है।”

7. ★पर्यावरण के मसले राजनीतिक क्यों हैं — पहला स्तर? → सरकारें कदम उठाती हैं; और “किसी एक देश की सरकार इनका पूरा समाधान अकेले दम पर नहीं कर सकती।”

8. ★★पर्यावरण के मसलों के राजनीतिक होने का दूसरा और गहरा स्तर? → “कौन नुकसान पहुँचाता है? रोक की जिम्मेदारी किसकी? संसाधनों पर किसका कितना हक? — इन सवालों के जवाब बहुधा इस बात से निर्धारित होते हैं कि कौन देश कितना ताकतवर है।”

9. ‘क्लब ऑव रोम’ ने क्या और कब प्रकाशित किया? → ★1972 में ‘लिमिट्स टू ग्रोथ’ — “बढ़ती जनसंख्या के आलोक में प्राकृतिक संसाधनों के विनाश का अंदेशा”

10. UNEP का काम? → “पर्यावरण से जुड़ी समस्याओं पर सम्मेलन कराये और इस विषय पर अध्ययन को बढ़ावा देना शुरू किया।”

11. अराल सागर के बारे में पाठ का व्यंग्य? → “लोग एक-दूसरे से कहते हैं कि जितने लोग सागर के अध्ययन के लिए आये वे अगर एक-एक बाल्टी पानी भी लाते तो यह सागर भर गया होता।”

समूह 2 — पृथ्वी सम्मेलन 1992 (कार्ड 12–20)

12. ★पृथ्वी सम्मेलन कब और कहाँ? → 1992, रियो डी जनेरियो (ब्राज़ील) — संयुक्त राष्ट्रसंघ का, पर्यावरण और विकास पर केंद्रित

13. ★★पृथ्वी सम्मेलन में कौन-कौन शामिल हुआ? → 170 देश, हजारों स्वयंसेवी संगठन तथा अनेक बहुराष्ट्रीय निगम

14. ★पृथ्वी सम्मेलन की पृष्ठभूमि क्या थी? → बर्टलैंड रिपोर्ट ‘अवर कॉमन फ्यूचर’ (1987) — “आर्थिक विकास के चालू तौर-तरीके आगे चलकर टिकाऊ साबित नहीं होंगे”

15. ★★पृथ्वी सम्मेलन में उत्तरी देशों की मुख्य चिंता? → “ओज़ोन परत की छेद और वैश्विक तापवृद्धि (ग्लोबल वर्मिंग)”

16. ★★पृथ्वी सम्मेलन में दक्षिणी देशों की मुख्य चिंता? → “आर्थिक विकास और पर्यावरण प्रबंधन के आपसी रिश्ते को सुलझाने” की

17. रियो के चार परिणाम? → (1) जलवायु-परिवर्तन, जैव-विविधता और वानिकी पर नियमाचार (2) ‘अजेंडा-21’ (3) ‘टिकाऊ विकास’ पर सहमति (4) ‘साझी परंतु अलग-अलग जिम्मेदारियाँ’ का सिद्धांत स्वीकृत

18. ★‘टिकाऊ विकास’ की परिभाषा? → “आर्थिक वृद्धि का तरीका ऐसा होना चाहिए कि इससे पर्यावरण को नुकसान न पहुँचे।”

19. ! ‘अजेंडा-21’ पर क्या आलोचना हुई? → “कुछ आलोचकों का कहना है कि ‘अजेंडा-21’ का झुकाव पर्यावरण संरक्षण को सुनिश्चित करने के बजाय आर्थिक वृद्धि की ओर है।”

20. ! ‘टिकाऊ विकास’ के साथ क्या समस्या रही? → “समस्या यह थी कि ‘टिकाऊ विकास’ पर अमल कैसे किया जाएगा।”

समूह 3 — विश्व की साझी विरासत (कार्ड 21–32)

21. ★‘साझी संपदा’ की परिभाषा? → “जिन पर किसी एक का नहीं बल्कि पूरे समुदाय का अधिकार होता है” — उदाहरण: संयुक्त परिवार का चूल्हा, चारागाह, मैदान, कुआँ या नदी

22. ★★‘वैश्विक संपदा / मानवता की साझी विरासत’ की परिभाषा? → “विश्व के कुछ हिस्से और क्षेत्र किसी एक देश के संप्रभु क्षेत्राधिकार से बाहर होते हैं। इसीलिए उनका प्रबंधन साझे तौर पर अंतर्राष्ट्रीय समुदाय द्वारा किया जाता है।”

23. ★★‘वैश्विक संपदा’ में कौन-से चार शामिल हैं? → पृथ्वी का वायुमंडल · अंटार्कटिका · समुद्री सतह · बाहरी अंतरिक्ष

24. ★तीन महत्वपूर्ण समझौते और उनके वर्ष? → अंटार्कटिका संधि — 1959 · मॉन्ट्रियल न्यायाचार — 1987 · अंटार्कटिका पर्यावरणीय न्यायाचार — 1991

25. ! वैश्विक संपदा की सुरक्षा में मूल कठिनाई? → “‘वैश्विक संपदा’ की सुरक्षा के सवाल पर अंतर्राष्ट्रीय सहयोग कायम करना टेढ़ी खीर है”; और “अपुष्ट वैज्ञानिक साक्ष्यों और समय-सीमा को लेकर मतभेद पैदा होते हैं।”

26. ★कौन-सी खोज ‘आँख खोल देने वाली घटना’ कही गई? → 1980 के दशक के मध्य में अंटार्कटिका के ऊपर ओजोन परत में छेद की खोज

27. ★★बाहरी अंतरिक्ष के बारे में पाठ की सबसे तीखी बात? → “बाहरी अंतरिक्ष में जो दोहन-कार्य हो रहे हैं उनके फायदे न तो मौजूदा पीढ़ी में सबके लिए बराबर हैं और न आगे की पीढ़ियों के लिए।”

28. अंटार्कटिका का क्षेत्रफल और निर्जन क्षेत्र में हिस्सा? → 1 करोड़ 40 लाख वर्ग किलोमीटर; विश्व के निर्जन क्षेत्र का 26 प्रतिशत

29. ★★अंटार्कटिका में स्थलीय हिम और स्वच्छ जल का कितना हिस्सा? → स्थलीय हिम का 90 प्रतिशत; धरती के स्वच्छ जल का 70 प्रतिशत

30. ★‘समुद्री आहार शृंखला की धुरी’ कौन है? → क्रिल मछली

31. अंटार्कटिका की हिमानी परत क्यों महत्वपूर्ण है? → “ग्रीन हाऊस गैस के जमाव का महत्त्वपूर्ण सूचना-स्रोत”; और इससे लाखों बरस पहले के वायुमंडलीय तापमान का पता चलता है

32. ★★अंटार्कटिका पर दो दावे कौन-से हैं? → (1) ब्रिटेन, अर्जेन्टीना, चिले, नार्वे, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड — संप्रभु अधिकार का वैधानिक दावा; (2) अन्य अधिकांश देश — “यह विश्व की साझी संपदा है और किसी भी देश के क्षेत्राधिकार में शामिल नहीं है।”

समूह 4 — साझी परंतु अलग-अलग जिम्मेदारियाँ (कार्ड 33–42)

33. ★पर्यावरण-संरक्षण की जिम्मेदारी पर उत्तर के विकसित देशों का रुख? → “पर्यावरण के संरक्षण में हर देश की जिम्मेदारी बराबर हो”

34. ★★पर्यावरण-संरक्षण की जिम्मेदारी पर दक्षिण के विकासशील देशों का तर्क? → “पारिस्थितिकी को नुकसान अधिकांशतया विकसित देशों के औद्योगिक विकास से पहुँचा है” → “उन्हें इस नुकसान की भरपाई की जिम्मेदारी भी ज्यादा उठानी चाहिए”; और “विकासशील देशों पर वे प्रतिबंध न लगें जो विकसित देशों पर लगाये जाते हैं।”

35. ★★‘साझी परंतु अलग-अलग जिम्मेदारियाँ’ का सिद्धांत कब स्वीकार हुआ? → 1992 के पृथ्वी सम्मेलन में — “इस तर्क को मान लिया गया और इसे ‘साझी परंतु अलग-अलग जिम्मेदारियाँ’ का सिद्धांत कहा गया।”

36. ★★रियो-घोषणापत्र का कुंजी-वाक्य? → “पर्यावरण के विश्वव्यापी अपक्षय में विभिन्न राज्यों का योगदान अलग-अलग है। इसे देखते हुए विभिन्न राज्यों की ‘साझी परंतु अलग-अलग जिम्मेदारियाँ’ होंगी।”

37. रियो-घोषणापत्र के कुंजी-वाक्य का दूसरा हिस्सा? → “विकसित देशों के समाजों का वैश्विक पर्यावरण पर दबाव ज्यादा है और इन देशों के पास विपुल प्रौद्योगिक एवं वित्तीय संसाधन हैं। इसे देखते हुए… विकसित देश अपनी ख़ास जिम्मेदारी स्वीकार करते हैं।”

38. ★UNFCCC क्या है और किस वर्ष का? → यूनाइटेड नेशंस फ्रेमवर्क कंवेंशन ऑन क्लाइमेट चेंज, 1992 — जलवायु-परिवर्तन का बुनियादी नियमाचार

39. UNFCCC में कौन-सी दो बातें स्वीकार की गईं? → (1) “ऐतिहासिक रूप से भी और मौजूदा समय में भी ग्रीन हाऊस गैसों के उत्सर्जन में सबसे ज्यादा हिस्सा विकसित देशों का है” (2) “विकासशील देशों का प्रतिव्यक्ति उत्सर्जन अपेक्षाकृत कम है”

40. ★★UNFCCC में विकसित-विकासशील देशों के उत्सर्जन पर बनी सहमति का परिणाम क्या हुआ? → “इस कारण चीन, भारत और अन्य विकासशील देशों को क्योटो-प्रोटोकॉल की बाध्यताओं से अलग रखा गया है।”

41. ★क्योटो प्रोटोकॉल कब और कहाँ? → 1997, जापान के क्योटो में — “औद्योगिक देशों के लिए ग्रीन हाऊस गैसों के उत्सर्जन को कम करने के लक्ष्य निर्धारित”

42. ★क्योटो में कौन-सी तीन गैसें गिनाई गईं? → कार्बन डाइऑक्साइड, मीथेन और हाइड्रो-फ्लोरो कार्बन

समूह 5 — साझी संपदा और देवस्थान (कार्ड 43–50)

43. ★‘साझी संपदा’ का पूरा अर्थ? → “ऐसी संपदा जिस पर किसी समूह के प्रत्येक सदस्य का स्वामित्व हो” — हर सदस्य को समान अधिकार और समान उत्तरदायित्व

44. !★साझी संपदा घटने के चार कारण? → निजीकरण · गहनतर खेती · आबादी की वृद्धि · पारिस्थितिकी तंत्र की गिरावट

45. साझी संपदा घटने का परिणाम? → “साझी संपदा का आकार घट रहा है, उसकी गुणवत्ता और गरीबों को उसकी उपलब्धता कम हो रही है।”

46. ‘पावन वन-प्रांत’ क्या है? → “इस प्रथा में वनों के कुछ हिस्सों को काटा नहीं जाता। इन स्थानों पर देवता अथवा किसी पुण्यात्मा का वास माना जाता है।” — इसे ‘देवस्थान’ भी कहते हैं

47. ★देवस्थान के छह क्षेत्रीय नाम? → राजस्थान — वानी, केंकड़ी, ओरान · झारखंड — जहेरा थान, सरना · मेघालय — लिंगदोह · केरल — काव · उत्तराखंड — थान, देवभूमि · महाराष्ट्र — देव रहतिस

48. ★देवस्थान से क्या-क्या बचता है? → जैव-विविधता, पारिस्थितिकी-संरक्षण और सांस्कृतिक वैविध्य — तीनों

49. ★★देवस्थान के बारे में सबसे महत्वपूर्ण वाक्य? → “संसाधनों की विरलता नहीं, प्रकृति के प्रति गहरी श्रद्धा ही वह आधार थी जिसने इतने युगों से वनों को बचाए रखने की प्रतिबद्धता कायम रखी।”

50. ! आज देवस्थान के प्रबंधन में क्या कठिन समस्या है? → “कानूनी स्वामित्व राज्य का हो और व्यावहारिक नियंत्रण समुदाय के हाथ में। इन दोनों के नीतिगत मानक अलग-अलग हैं।”

समूह 6 — भारत का पक्ष (कार्ड 51–58)

51. ★★भारत ने क्योटो प्रोटोकॉल पर कब हस्ताक्षर किए? → 2002 में — हस्ताक्षर और अनुमोदन दोनों

52. ★★भारत ने पेरिस जलवायु समझौते को कब अनुमोदित किया? → 2 अक्तूबर 2016

53. भारत को क्योटो की बाध्यताओं से छूट क्यों मिली? → “औद्योगीकरण के दौर में ग्रीनहाऊस गैसों के उत्सर्जन के मामले में इनका कुछ ख़ास योगदान नहीं था।”

54. ! क्योटो में भारत और चीन की छूट पर आलोचकों का जवाब क्या है? → “भारत और चीन भी जल्दी ही ग्रीनहाऊस गैसों के उत्सर्जन के मामले में विकसित देशों की भाँति अगली कतार में नज़र आयेंगे।”

55. ★★भारत का मुख्य तर्क क्या कहलाता है? → ‘ऐतिहासिक उत्तरदायित्व’ का तर्क — “ग्रीनहाऊस गैसों के रिसाव की ऐतिहासिक और मौजूदा जवाबदेही ज्यादातर विकसित देशों की है”; और “विकासशील देशों की पहली और अपरिहार्य प्राथमिकता आर्थिक तथा सामाजिक विकास की है।”

56. ★★तीन आँकड़े जो भारत का तर्क सिद्ध करते हैं? → विश्व औसत (2000) — 3.8 टन प्रति व्यक्ति · भारत (2000) — 0.9 टन · भारत (2030 अनुमान) — 1.6 टन यानी “2030 तक भी विश्व के औसत के आधे से भी कम।”

57. ★भारत के सात ठोस कदम? → नेशनल ऑटो-फ्यूल पॉलिसी · ऊर्जा-संरक्षण अधिनियम 2001 · बिजली अधिनियम 2003 · स्वच्छ कोयला व प्राकृतिक गैस · बायोडीजल राष्ट्रीय मिशन (1 करोड़ 10 लाख हेक्टेयर) · पेरिस समझौते का अनुमोदन (2016) · नवीकरणीय ऊर्जा का बड़ा कार्यक्रम

58. ! 1997 के पुनरावलोकन का मुख्य निष्कर्ष? → “विकासशील देशों को रियायती शर्तों पर नये और अतिरिक्त वित्तीय संसाधन तथा बेहतर प्रौद्योगिकी मुहैया कराने की दिशा में कोई सार्थक प्रगति नहीं हुई है।” — और भारत चाहता है कि दक्षेस (SAARC) के देश एक समान राय बनाएँ।

समूह 7 — पर्यावरण आंदोलन (कार्ड 59–66)

59. ★पर्यावरण आंदोलनों की मुख्य विशेषता? → “मौजूदा पर्यावरण आंदोलनों की एक मुख्य विशेषता उनकी विविधता है।”

60. पर्यावरण आंदोलनों की पहलकदमियाँ किसने कीं? → “सरकारों की तरफ से नहीं बल्कि विश्व के विभिन्न भागों में सक्रिय पर्यावरण के प्रति सचेत कार्यकर्ताओं ने।”

61. वन-आंदोलन किन देशों में सक्रिय हैं? → मैक्सिको, चिले, ब्राज़ील, मलेशिया, इंडोनेशिया, महादेशीय अफ्रीका और भारत

62. ! वन-आंदोलनों के बारे में कड़वी सच्चाई? → “तीन दशकों से सक्रियता के बावजूद तीसरी दुनिया में वनों की कटाई खतरनाक गति से जारी है। पिछले दशक में विश्व के विशालतम वनों का विनाश बढ़ा है।”

63. ★खनिज-उद्योग के पाँच नुकसान? → धरती के भीतर के संसाधनों का दोहन · रसायनों का भरपूर उपयोग · भूमि और जलमार्गों का प्रदूषण · स्थानीय वनस्पतियों का विनाश · जन-समुदायों का विस्थापन

64. ★फिलीपीन्स का उदाहरण, और उसकी विडंबना? → ऑस्ट्रेलियाई कंपनी ‘वेस्टर्न माइनिंग कारपोरेशन’ के विरुद्ध अभियान — और “इस कंपनी का विरोध खुद इसके स्वदेश यानी ऑस्ट्रेलिया में हुआ” (परमाण्विक शक्ति की मुख़ालफत और आदिवासी अधिकारों की पैरोकारी के कारण)

65. ★★विश्व का पहला बाँध-विरोधी आंदोलन कहाँ और कब? → 1980 के दशक में ऑस्ट्रेलिया में — फ्रैंकलिन नदी तथा उसके परिवर्ती वन को बचाने का आंदोलन

66. ★★भारत का सबसे प्रसिद्ध बाँध-विरोधी आंदोलन, और उसकी विशेषता? → नर्मदा आंदोलन — और “भारत में बाँध विरोधी तथा पर्यावरण-बचाव के अन्य आंदोलन एक अर्थ में समानधर्मी हैं क्योंकि ये अहिंसा पर आधारित हैं।”

समूह 8 — ‘क्या वन निर्जन होते हैं?’ (कार्ड 67–70)

67. ★★उत्तरी और दक्षिणी देशों के वन-आंदोलनों में मूल अंतर? → “दक्षिणी देशों के वन निर्जन नहीं हैं जबकि उत्तरी गोलार्द्ध के देशों के वन जनविहीन हैं या कहें कि इन देशों में वन को निर्जन प्रांत के रूप में देखा जाता है।”

68. ! उत्तरी दृष्टिकोण की सबसे बड़ी कमी? → “यह दृष्टिकोण मनुष्य को प्रकृति का हिस्सा नहीं मानता… पर्यावरण को एक ऐसी चीज मानता है जिसे बाग-बगीचे या अभयारण्य में तब्दील कर मनुष्यों से बचाया जाना चाहिए।”

69. ★★दक्षिणी दृष्टिकोण की मूल मान्यता? → “लोग वनों में भी रहते हैं।”

70. ‘विजनपन’ का दृष्टिकोण कहाँ हावी है, और दक्षिण में इसके उदाहरण? → हावी — ऑस्ट्रेलिया, स्कैंडिनेविया, उत्तरी अमरीका, न्यूजीलैंड। दक्षिण में — फिलीपीन्स (‘हरित-संगठनों’ का गरुड़-अभियान), भारत (‘बंगाल-टाइगर’), अफ्रीका (हाथीदाँत के व्यापार के विरुद्ध), ब्राजील और इंडोनेशिया। ★कई की शुरुआत और वित्तीय मदद WWF ने की।

समूह 9 — संसाधनों की भू-राजनीति (कार्ड 71–75)

71. ★★‘संसाधनों की भू-राजनीति’ की परिभाषा? → “‘किसे, क्या, कब, कहाँ और कैसे हासिल होता है’ — ‘संसाधनों की भू-राजनीति’ इन्हीं सवालों से जूझती है।”

72. ★ऐतिहासिक क्रम — तीन पड़ाव? → 17वीं सदी से — इमारती लकड़ी (समुद्री नौवहन उसी पर आधारित था) · दोनों विश्वयुद्ध — तेल · शीतयुद्ध — चार कदम (सेना की तैनाती, भंडारण, मनपसंद सरकारों की बहाली, बहुराष्ट्रीय निगमों को समर्थन)

73. ★★तेल के चार आँकड़े? → खाड़ी का उत्पादन में हिस्सा — 30% · ज्ञात भंडार में हिस्सा — 64% · सऊदी अरब — कुल भंडार का एक चौथाई और सबसे बड़ा उत्पादक · इराक — भंडार 112 अरब बैरल से ज्यादा का अनुमान

74. ! खाड़ी के तेल का विरोधाभास? → “अमरीका, यूरोप, जापान तथा चीन और भारत में इस तेल की खपत होती है — लेकिन ये देश इस इलाके से बहुत दूरी पर हैं।” और — “परिवहन की 95 फीसदी ऊर्जा-ज़रूरत पेट्रोलियम से पूरी होती है।”

75. ★★‘जलयुद्ध’ क्या है, और उसके दो उदाहरण? → “साझे जल-संसाधन को लेकर पैदा मतभेद 21वीं सदी में फसाद की जड़ साबित हों” — इसीलिए यह शब्द गढ़ा गया। ढाँचा: उद्गम से दूर बसा देश, उद्गम के नजदीक बसे देश द्वारा बाँध बनाने/अत्यधिक सिंचाई/प्रदूषण पर आपत्ति जताता है। उदाहरण — इज़रायल, सीरिया, जार्डन (1950-60 का दशक; जॉर्डन और यारमुक नदी) और तुर्की, सीरिया, इराक (फरात नदी)

समूह 10 — मूलवासी (कार्ड 76–78)

76. ★★UN की मूलवासी-परिभाषा (1982)? → “ऐसे लोगों का वंशज जो किसी मौजूदा देश में बहुत दिनों से रहते चले आ रहे थे। फिर किसी दूसरी संस्कृति या जातीय मूल के लोग विश्व के दूसरे हिस्से से उस देश में आये और इन लोगों को अधीन बना लिया।”

77. ★मूलवासियों के आँकड़े? → विश्व में लगभग 30 करोड़ · फिलीपीन्स (कोरडिलेरा) 20 लाख · चिले (मापुशे) 10 लाख · बांग्लादेश (चटगांव) 6 लाख · उत्तर अमरीका 35 लाख · पनामा (कुना) 50 हज़ार · उत्तरी सोवियत 10 लाख · ★★भारत — कुल जनसंख्या का 8 प्रतिशत

78. ★★भारत में उनकी स्थिति पर अध्याय का निष्कर्ष? → “राजनीतिक प्रतिनिधित्व के लिहाज से इनको संवैधानिक सुरक्षा हासिल है लेकिन देश के विकास का इन्हें ज्यादा लाभ नहीं मिल सका है… ऐसी परियोजनाओं से विस्थापित होने वालों में यह समुदाय सबसे बड़ा है। दरअसल इन लोगों ने विकास की बहुत बड़ी कीमत चुकायी है।” और उनका जुमला — “हम यहाँ ‘अनंत काल से रहते चले आ रहे हैं’।”; संगठन — ‘वर्ल्ड काउंसिल ऑफ इंडिजिनस पीपल’, 1975।