ये प्रश्न रटने से हल नहीं होते। इनमें आपको सोचना, आँकड़े पढ़ना, नक़्शे से जोड़ना और अपने आसपास देखना पड़ता है। PARAKH (राष्ट्रीय मूल्यांकन केंद्र) इसी तरह के प्रश्न पूछता है।
तीन आयाम —
| आयाम | क्या जाँचा जाता है | भार |
|---|---|---|
| जागरूकता | तथ्य को समझकर नयी स्थिति में लगाना, आँकड़े पढ़ना | 50% |
| संवेदनशीलता | दूसरों के नज़रिये और पर्यावरण के प्रति ज़िम्मेदारी समझना | 20% |
| सृजनात्मकता | योजना बनाना, समाधान सोचना, ‘यदि…तो’ सोच | 30% |
उत्तर देखिए
उत्तर लिखने का तरीक़ा: इन प्रश्नों में ‘सही उत्तर’ एक नहीं होता। जो भी लिखें, उसके साथ कारण ज़रूर लिखें। भूगोल में सबसे अच्छा उत्तर वह है जो एक आँकड़ा या एक जगह का नाम भी दे।
भाग क — जागरूकता (50%)
1केस-आधारित 4 अंक
नीचे दी गई स्थिति पढ़िए —
एक गाँव के पास पहाड़ी पर लोहे का बड़ा भंडार मिला है। पर वह पहाड़ी बहुत दूर है, वहाँ तक सड़क नहीं है, और लोहा निकालने की मशीनें बहुत महँगी हैं। गाँव वाले उसे ‘हमारी दौलत’ कहते हैं।
(क) क्या यह लोहा अभी ‘संसाधन’ है? परिभाषा की शर्तों के आधार पर उत्तर दीजिए। (2 अंक)
(ख) यह किस श्रेणी में आएगा — संभावी, भंडार या संचित कोष? कारण सहित बताइए। (2 अंक)
उत्तर देखिए
- (क) अभी यह पूरी तरह संसाधन नहीं है, क्योंकि परिभाषा की तीसरी शर्त — आर्थिक रूप से संभाव्य होना — पूरी नहीं हो रही। सड़क न होने और मशीनों के महँगे होने से उसे निकालने का ख़र्च फ़ायदे से ज़्यादा है।
- (ख) यह संभावी संसाधन है, क्योंकि वह प्रदेश में मौजूद है पर उसका उपयोग अभी नहीं हुआ। (यदि कोई विद्यार्थी ‘भंडार’ लिखकर यह तर्क दे कि उपयुक्त प्रौद्योगिकी वहाँ उपलब्ध नहीं है, तो वह भी स्वीकार्य है — बशर्ते कारण लिखा हो।)
2आँकड़ा-व्याख्या 4 अंक
चित्र 1.4 के आधार पर नीचे की तालिका दी गई है —
| भू-उपयोग संवर्ग | 1960–61 | 2014–15 |
|---|---|---|
| वन | 18.11% | 23.3% |
| गैर-कृषि प्रयोजनों के अंतर्गत क्षेत्र | 4.95% | 8.7% |
| बंजर तथा कृषि अयोग्य भूमि | 12.01% | 5.5% |
| शुद्ध (निवल) बोया गया क्षेत्र | 45.26% | 45.5% |
(क) इनमें से किस संवर्ग में सबसे तेज़ बढ़ोतरी हुई और लगभग कितने गुना? (1 अंक)
(ख) शुद्ध बोया गया क्षेत्र लगभग स्थिर क्यों रहा? (2 अंक)
(ग) बंजर भूमि घटने का क्या मतलब हो सकता है — अच्छा या बुरा? कारण सहित लिखिए। (1 अंक)
उत्तर देखिए
- (क) गैर-कृषि प्रयोजनों के अंतर्गत क्षेत्र में — 4.95% से 8.7%, यानी लगभग दोगुना।
- (ख) क्योंकि भारत में खेती योग्य भूमि लगभग पूरी इस्तेमाल हो चुकी है; कुल सूचित क्षेत्र के लगभग 54 प्रतिशत हिस्से पर ही खेती संभव है। साथ ही जो नयी भूमि खेती में आई, उतनी ही भूमि बस्तियों, सड़कों और उद्योगों में चली गई।
- (ग) दोनों उत्तर स्वीकार्य हैं — अच्छा, क्योंकि बंजर भूमि सुधारकर उपयोग में लाई गई; या बुरा, क्योंकि हो सकता है वह भूमि गैर-कृषि प्रयोजनों (इमारत, सड़क) में चली गई हो। कारण लिखने पर पूरे अंक।
3दावा-कारण 4 अंक
हर जोड़े के लिए बताइए कि (i) दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है, (ii) दोनों सही हैं पर R व्याख्या नहीं है, (iii) A सही है पर R ग़लत, या (iv) A ग़लत है पर R सही।
| # | दावा (A) | कारण (R) |
|---|---|---|
| 1 | काली मृदा की जुताई मानसून की पहली बौछार से ही शुरू कर दी जाती है। | गीली होने पर यह मृदा चिपचिपी हो जाती है और उसे जोतना मुश्किल हो जाता है। |
| 2 | लेटराइट मृदा में पोषक तत्त्वों की कमी होती है। | इस मृदा में लोहे की मात्रा बहुत अधिक होती है। |
| 3 | पंजाब में भूमि निम्नीकरण होता है। | वहाँ अधिक सिंचाई से जलाक्रांतता पैदा होती है, जिससे लवणीयता और क्षारीयता बढ़ती है। |
| 4 | भारत के केवल 93 प्रतिशत भाग के भू-उपयोग आँकड़े उपलब्ध हैं। | भारत का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल 32.8 लाख वर्ग किमी. है। |
उत्तर देखिए
- 1 → (i)। यही पाठ्यपुस्तक का दिया हुआ कारण है।
- 2 → (iii)। दावा सही है, पर कारण ग़लत है। असली कारण भारी वर्षा से होने वाला निक्षालन (leaching) है, जिससे पोषक तत्त्व घुलकर बह जाते हैं।
- 3 → (i)।
- 4 → (ii)। दोनों कथन सही हैं, पर कुल क्षेत्रफल आँकड़ों की कमी का कारण नहीं है। असली कारण यह है कि असम को छोड़कर पूर्वोत्तर प्रांतों की जानकारी नहीं है और जम्मू-कश्मीर में पाक-चीन अधिकृत क्षेत्रों का सर्वेक्षण नहीं हुआ।
4वर्गीकरण 4 अंक
नीचे बारह चीज़ें दी गई हैं। इन्हें चार ख़ानों में बाँटिए — (अ) नवीकरण योग्य, (ब) अनवीकरण योग्य–पुन: चक्रीय, (स) अनवीकरण योग्य–अचक्रीय, (द) मानवीय संसाधन।
पवन · कोयला · ताँबा · वन · शिक्षक · सौर ऊर्जा · पेट्रोल · लोहा · वन्य जीव · डीज़ल · जल · कुशल कारीगर
उत्तर देखिए
- (अ) नवीकरण योग्य — पवन, वन, सौर ऊर्जा, वन्य जीव, जल
- (ब) पुन: चक्रीय — ताँबा, लोहा
- (स) अचक्रीय — कोयला, पेट्रोल, डीज़ल
- (द) मानवीय — शिक्षक, कुशल कारीगर
इसके बाद यह पूछिए“शिक्षक को संसाधन क्यों माना जाए?” उत्तर: क्योंकि चित्र 1.2 के अनुसार मानवीय संसाधन में ‘मात्रा एवं गुणवत्ता’ आती है — यानी लोगों की संख्या और उनका कौशल।
5तुलना 4 अंक
नीचे दो प्रदेशों का विवरण दिया गया है —
प्रदेश A: यहाँ खनिजों और कोयले के प्रचुर भंडार हैं, पर लोगों की आमदनी कम है और उद्योग बहुत कम हैं। प्रदेश B: यहाँ कोई बड़ा खनिज भंडार नहीं है, पर लोग शिक्षित हैं, बिजली और सड़कें अच्छी हैं और उद्योग चल रहे हैं।
(क) पाठ्यपुस्तक के अनुसार ऐसा क्यों होता है? (2 अंक)
(ख) प्रदेश A को विकसित बनाने के लिए आप क्या तीन क़दम सुझाएँगे? (2 अंक)
उत्तर देखिए
- (क) पाठ्यपुस्तक कहती है — “प्रौद्योगिकी और संस्थाओं में तदनुरूपी परिवर्तनों के अभाव में मात्र संसाधनों की उपलब्धता से ही विकास संभव नहीं है।” देश में बहुत से क्षेत्र संसाधन समृद्ध होते हुए भी आर्थिक रूप से पिछड़े हैं, और कुछ संसाधनों की कमी होते हुए भी विकसित हैं।
- (ख) संसाधन नियोजन के तीन सोपान ही उत्तर हैं — पहचान और सर्वेक्षण; उपयुक्त प्रौद्योगिकी, कौशल तथा संस्थागत ढाँचा; और राष्ट्रीय विकास योजना से समन्वय।
6मानचित्र-सोच 4 अंक
नीचे तीन मृदाओं के नाम दिए गए हैं। बिना नक़्शा देखे बताइए कि हर एक भारत की किस दिशा में मिलेगी और क्यों —
| मृदा | दिशा | कारण |
|---|---|---|
| काली मृदा | ||
| लेटराइट मृदा | ||
| मरुस्थली मृदा |
उत्तर देखिए
- काली — पश्चिम-मध्य भारत (महाराष्ट्र, म.प्र., गुजरात), क्योंकि वहाँ दक्कन पठार का बेसाल्ट (लावा) क्षेत्र है।
- लेटराइट — दक्षिण-पश्चिमी किनारा और उत्तर-पूर्व (केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र के प. घाट, ओडिशा, प. बंगाल), क्योंकि वहाँ भारी वर्षा होती है जिससे निक्षालन होता है।
- मरुस्थली — पश्चिमी राजस्थान, क्योंकि वहाँ शुष्क जलवायु और उच्च तापमान है जिससे वाष्पीकरण अधिक और ह्यूमस कम होता है।
★इस प्रश्न का असली मक़सद यह सिखाना है कि मृदा का प्रकार जलवायु और चट्टान से तय होता है, संयोग से नहीं।
7कारण-परिणाम शृंखला 4 अंक
नीचे की शृंखला में तीन कड़ियाँ ग़ायब हैं। उन्हें भरिए —
| क्रम | कड़ी |
|---|---|
| 1 | किसान अपने खेत में ज़रूरत से ज़्यादा सिंचाई करता है। |
| 2 | __________ |
| 3 | मृदा में लवणीयता और क्षारीयता बढ़ जाती है। |
| 4 | __________ |
| 5 | किसान की आमदनी घटती है और वह और ज़्यादा ज़मीन जोतने लगता है। |
| 6 | __________ |
उत्तर देखिए
- 2 — खेत में पानी भर जाता है और जलाक्रांतता पैदा होती है।
- 4 — भूमि की उपजाऊ शक्ति घट जाती है और फ़सल की पैदावार गिरती है।
- 6 — इससे और अधिक भूमि निम्नीकरण होता है और यह एक चक्र बन जाता है।
इस प्रश्न के बाद पूछिए“यह चक्र कहाँ से तोड़ा जा सकता है?” यही ‘सतत् पोषणीय विकास’ की व्यावहारिक समझ है।
8स्थानीय अनुप्रयोग 4 अंक
अपने ज़िले या गाँव के बारे में सोचकर उत्तर दीजिए —
(क) आपके क्षेत्र में कौन-सी मृदा पाई जाती है? आप यह कैसे पहचानेंगे? (2 अंक)
(ख) आपके क्षेत्र में भूमि निम्नीकरण का कौन-सा कारण सबसे ज़्यादा दिखता है? (2 अंक)
उत्तर देखिए
- (क) राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में मरुस्थली (शुष्क) मृदा, पूर्वी राजस्थान में जलोढ़, और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान (हाड़ौती) में काली मृदा मिलती है। पहचान के तरीक़े — मिट्टी का रंग, उसमें उगने वाली मुख्य फ़सल, और बारिश के बाद उसका बर्ताव (काली मिट्टी चिपचिपी होती है)।
- (ख) राजस्थान के लिए सबसे सटीक उत्तर अति पशुचारण है, क्योंकि पाठ्यपुस्तक ने राजस्थान को इसी सूची में रखा है; नहर वाले ज़िलों में अधिक सिंचाई भी सही उत्तर है।
मूल्यांकन-नियमजो विद्यार्थी अपने आसपास से सही उदाहरण दे, उसे पूरे अंक दीजिए — भले ही वह पाठ्यपुस्तक के शब्दों में न हो।
भाग ख — संवेदनशीलता (20%)
9दृष्टिकोण-विविधता 4 अंक
एक गाँव के पास खदान खोलने का प्रस्ताव है। नीचे तीन लोग हैं। हर एक की तरफ़ से दो-दो वाक्य लिखिए —
| व्यक्ति | उसका पक्ष |
|---|---|
| एक बेरोज़गार नौजवान | |
| एक किसान जिसका खेत खदान के पास है | |
| गाँव की एक बुज़ुर्ग महिला |
उत्तर देखिए
- नौजवान — रोज़गार मिलेगा, गाँव में सड़क और बिजली आएगी।
- किसान — खदान की धूल खेत पर जमेगी, मिट्टी की जल सोखने की प्रक्रिया अवरुद्ध होगी, और खनन के बाद गहरी खाइयाँ तथा मलबा छूट जाएगा।
- बुज़ुर्ग महिला — चारागाह और पेड़ ख़त्म होंगे, पानी का स्रोत बिगड़ेगा; उसने अपने जीवन में गाँव को बदलते देखा है।
मूल्यांकन-नियमसबसे ज़्यादा अंक उस उत्तर को दीजिए जो किसी को ‘ग़लत’ न बताए, बल्कि तीनों का कारण समझाए। विकास और पर्यावरण का टकराव इसी तरह पढ़ाया जाना चाहिए।
10नैतिक विवेक 4 अंक
गांधी जी ने कहा था — “हमारे पास हर व्यक्ति की आवश्यकता पूर्ति के लिए बहुत कुछ है, लेकिन किसी के लालच की संतुष्टि के लिए नहीं।”
(क) ‘आवश्यकता’ और ‘लालच’ में फ़र्क़ बताने वाले दो उदाहरण अपने जीवन से दीजिए। (2 अंक)
(ख) पाठ्यपुस्तक कहती है कि गांधी जी “अधिक बड़े जनसमुदाय द्वारा उत्पादन” के पक्षधर थे। इसका क्या अर्थ है? (2 अंक)
उत्तर देखिए
- (क) कोई भी ईमानदार उदाहरण स्वीकार्य — जैसे प्यास बुझाने के लिए पानी लेना आवश्यकता है, पर नल खुला छोड़ देना लालच; एक ज़रूरी कपड़ा ख़रीदना आवश्यकता है, हर महीने नया ख़रीदना लालच।
- (ख) इसका अर्थ है कि कुछ बड़े कारख़ानों में मशीनों से भारी उत्पादन करने की जगह, बहुत सारे लोगों के हाथ में छोटा-छोटा काम हो — ताकि रोज़गार भी मिले और संसाधनों का दोहन भी कम हो।
11भावी पीढ़ी के प्रति ज़िम्मेदारी 4 अंक
पाठ्यपुस्तक कहती है कि “कुछ सेंटीमीटर गहरी मृदा बनने में लाखों वर्ष लग जाते हैं।”
(क) यह वाक्य पढ़कर आपको क्या महसूस होता है? दो वाक्यों में लिखिए। (1 अंक)
(ख) सतत् पोषणीय विकास की परिभाषा में “भविष्य की पीढ़ियों की आवश्यकता” वाला हिस्सा क्यों जोड़ा गया होगा? (3 अंक)
उत्तर देखिए
- (क) कोई भी ईमानदार उत्तर स्वीकार्य।
- (ख) क्योंकि आने वाली पीढ़ियाँ आज के फ़ैसलों में शामिल नहीं हो सकतीं — वे विरोध नहीं कर सकतीं, वोट नहीं दे सकतीं। इसलिए उनका हिस्सा बचाने की ज़िम्मेदारी आज के लोगों पर ही है। और मिट्टी जैसे संसाधन एक बार बिगड़ जाएँ तो हमारे जीवनकाल में वापस नहीं बनते।
12सहयोगात्मक बहस 4 अंक
कक्षा को दो दलों में बाँटिए और यह विषय दीजिए —
“किसी क्षेत्र का विकास वहाँ के संसाधनों पर निर्भर करता है।”
दल अ — पक्ष में। दल ब — विपक्ष में। हर दल को पाठ्यपुस्तक से कम से कम दो प्रमाण देने होंगे।
उत्तर देखिए
| दल अ (पक्ष में) | दल ब (विपक्ष में) |
|---|---|
| “किसी क्षेत्र के विकास के लिए संसाधनों की उपलब्धता एक आवश्यक शर्त है।” | “मात्र संसाधनों की उपलब्धता से ही विकास संभव नहीं है।” |
| उपनिवेशकारी देश संसाधन संपन्न प्रदेशों की ओर ही आकर्षित हुए। | “देश में बहुत से क्षेत्र संसाधन समृद्ध होते हुए भी आर्थिक रूप से पिछड़े प्रदेशों की गिनती में आते हैं।” |
| झारखंड, म.प्र. और छत्तीसगढ़ में खनिज और कोयला होने से वहाँ उद्योग लगे। | अरुणाचल प्रदेश में जल प्रचुर है, फिर भी वहाँ मूल विकास की कमी है। |
शिक्षक के लिएबहस के अंत में विजेता घोषित मत कीजिए। बोर्ड पर पाठ्यपुस्तक की वह पंक्ति लिखिए — “संसाधन किसी प्रदेश के विकास में तभी योगदान दे सकते हैं, जब वहाँ उपयुक्त प्रौद्योगिकी विकास और संस्थागत परिवर्तन किए जाएँ।” यही संतुलित निष्कर्ष है।
भाग ग — सृजनात्मकता (30%)
13अपने गाँव का एजेंडा 21 5 अंक
पाठ्यपुस्तक कहती है कि “एजेंडा 21 का मुख्य उद्देश्य यह है कि प्रत्येक स्थानीय निकाय अपना स्थानीय एजेंडा 21 तैयार करे।”
अपने गाँव / वार्ड के लिए एक ‘स्थानीय एजेंडा 21’ बनाइए, जिसमें पाँच बिंदु हों। हर बिंदु के आगे लिखिए कि वह किस समस्या को हल करेगा।
उत्तर देखिए
मूल्यांकन-संकेतसबसे अच्छा उत्तर वह है जिसमें बिंदु अपने क्षेत्र की असली समस्या से जुड़े हों — जैसे “गाँव के तालाब की सफ़ाई”, “स्कूल के आसपास पेड़ लगाना”, “खेतों के किनारे रक्षक मेखला”, “पानी की टंकी से रिसाव रोकना”, “कचरे को अलग-अलग करना”। सामान्य नारे (जैसे “पर्यावरण बचाओ”) पर कम अंक दीजिए।
14डिज़ाइन-चुनौती 5 अंक
मान लीजिए आपको एक ढाल वाली पहाड़ी ज़मीन पर खेती करनी है, जहाँ हर बारिश में मिट्टी बह जाती है।
(क) आप कौन-कौन से तीन तरीक़े अपनाएँगे? हर एक का नाम और काम बताइए। (3 अंक)
(ख) अपनी योजना का एक साधारण चित्र बनाइए — जिसमें ढाल, खेत और पेड़ दिखें। (2 अंक)
उत्तर देखिए
- समोच्च जुताई — समोच्च रेखाओं के समानांतर हल चलाना, जिससे जल बहाव की गति घटे।
- सोपान कृषि — ढाल पर सीढ़ीनुमा खेत बनाना, जैसा पश्चिमी और मध्य हिमालय में होता है।
- रक्षक मेखला / वनारोपण — पेड़ों को कतारों में लगाना।
15प्रति-तथ्यात्मक (‘यदि… तो’) 5 अंक
नीचे तीन ‘यदि’ दिए गए हैं। हर एक के लिए दो-दो परिणाम कारण सहित लिखिए —
| # | यदि… | तो क्या होता? |
|---|---|---|
| 1 | यदि भारत में वन क्षेत्र सचमुच 33 प्रतिशत हो जाता | |
| 2 | यदि काली मृदा में फास्फोरस की मात्रा भी अधिक होती | |
| 3 | यदि सौर पैनल की तकनीक कभी विकसित ही न होती |
उत्तर देखिए
- 1 — पारिस्थितिकी संतुलन बेहतर होता, मृदा अपरदन घटता, और वन क्षेत्रों के आसपास रहने वाले लाखों लोगों की आजीविका मज़बूत होती। पर इसके लिए कहीं न कहीं से भूमि लेनी पड़ती — शायद कृषि या बस्तियों से।
- 2 — वह और भी उपजाऊ होती और उस पर कपास के अलावा और भी फ़सलें आसानी से उगतीं; किसानों को कम खाद डालनी पड़ती।
- 3 — राजस्थान की धूप आज भी सिर्फ़ ‘संभावी संसाधन’ रहती, ‘विकसित संसाधन’ न बनती। यह उत्तर अध्याय की मूल बात सिद्ध करता है कि संसाधन प्रौद्योगिकी से बनते हैं।
16विचार-संयोजन 5 अंक
कक्षा 10 की विज्ञान की पुस्तक में आपने ‘तीन R’ पढ़े हैं — Reduce (कम करना), Reuse (दोबारा इस्तेमाल), Recycle (पुन: चक्रण)।
इन तीनों को इस अध्याय की अवधारणाओं से जोड़िए और एक तालिका बनाइए।
उत्तर देखिए
संकेत — तालिका इस तरह बन सकती है
| तीन R | इस अध्याय से जोड़ | उदाहरण |
|---|---|---|
| Reduce | सतत् पोषणीय विकास — “भविष्य की पीढ़ियों की आवश्यकता की अवहेलना न करे” | पानी और बिजली कम ख़र्च करना |
| Reuse | संसाधनों का न्यायसंगत उपयोग; गांधी जी का “लालच नहीं” वाला विचार | पुरानी चीज़ों की मरम्मत करके चलाना |
| Recycle | ‘पुन: चक्रीय’ अनवीकरण योग्य संसाधन (चित्र 1.2) | धातु को गलाकर दोबारा इस्तेमाल करना |
इसके बाद यह पूछिए“जीवाश्म ईंधन के लिए इनमें से कौन-सा R काम नहीं करेगा?” उत्तर: Recycle — क्योंकि वह अचक्रीय है।
17मृदा-अन्वेषण (व्यावहारिक कार्य) 5 अंक
अपने आसपास से तीन अलग-अलग जगहों की मिट्टी के नमूने लाइए — जैसे खेत की, सड़क किनारे की, और किसी पेड़ के नीचे की।
हर नमूने के लिए यह तालिका भरिए —
| जाँच | नमूना 1 | नमूना 2 | नमूना 3 |
|---|---|---|---|
| रंग कैसा है? | |||
| छूने पर कैसा लगता है — रेतीला, चिकना या दानेदार? | |||
| पानी डालने पर पानी कितनी जल्दी सोखता है? | |||
| इसमें पत्ते/कचरा (ह्यूमस) कितना दिखता है? | |||
| आपके अनुसार यह कौन-सी मृदा है? |
फिर चार-पाँच वाक्य लिखिए कि तीनों में सबसे उपजाऊ कौन-सी लगी और क्यों।
उत्तर देखिए
शिक्षक के लिएयह इस अध्याय की सबसे असरदार गतिविधि है। जब बच्चा अपने हाथ से मिट्टी छूकर ‘ह्यूमस’ शब्द बोलता है, तो वह शब्द उसे कभी नहीं भूलता।
18इतिहास और भूगोल को जोड़िए 5 अंक
पाठ्यपुस्तक कहती है — “उपनिवेशकारी देशों ने बेहतर प्रौद्योगिकी के सहारे उपनिवेशों के संसाधनों का शोषण किया तथा उन पर अपना आधिपत्य स्थापित किया।”
(क) कक्षा 10 के इतिहास से एक ऐसा उदाहरण दीजिए जो इस वाक्य को सिद्ध करता हो। (3 अंक)
(ख) क्या आज भी संसाधनों को लेकर देशों के बीच खींचतान होती है? एक उदाहरण सोचकर लिखिए। (2 अंक)
उत्तर देखिए
- (क) इतिहास के अध्याय ‘औद्योगीकरण का युग’ और ‘भूमंडलीकृत विश्व का बनना’ से — अंग्रेज़ भारत से कच्चा कपास ले जाते थे और मैनचेस्टर का बना कपड़ा यहाँ बेचते थे; भारत के निर्यात में सूती कपड़े का हिस्सा 1800 में 30 प्रतिशत से घटकर 1870 तक 3 प्रतिशत रह गया।
- (ख) कोई भी उचित उदाहरण स्वीकार्य — जैसे तेल, पानी या दुर्लभ खनिजों को लेकर देशों के बीच विवाद।
यह प्रश्न बच्चों को दिखाता है कि भूगोल और इतिहास दो अलग विषय नहीं, एक ही कहानी के दो पहलू हैं।
अंक-विभाजन
| भाग | प्रश्न | कुल अंक |
|---|---|---|
| क — जागरूकता | 1 से 8 | 32 |
| ख — संवेदनशीलता | 9 से 12 | 16 |
| ग — सृजनात्मकता | 13 से 18 | 30 |
(यह वितरण सुझावात्मक है; परीक्षा में कुछ ही प्रश्न चुनकर पूछे जाएँगे।)
मूल्यांकन रूब्रिक
| स्तर | जागरूकता | संवेदनशीलता | सृजनात्मकता |
|---|---|---|---|
| प्रारंभिक | तथ्य और आँकड़े बता पाता है, पर नयी स्थिति पर लागू नहीं कर पाता। | केवल एक पक्ष देख पाता है। | पाठ्यपुस्तक की बात ज्यों-की-त्यों दोहरा देता है। |
| विकासशील | तथ्य को नयी स्थिति पर लागू कर पाता है, पर कारण अधूरा होता है। | दूसरे पक्ष को पहचानता है, पर उसका कारण नहीं समझा पाता। | कुछ नया जोड़ता है, पर अपने क्षेत्र से नहीं जोड़ पाता। |
| दक्ष | तथ्य, कारण और आँकड़ा — तीनों जोड़कर लिख पाता है। | दोनों पक्षों के कारण बता पाता है, बिना किसी को ‘ग़लत’ कहे। | अपने गाँव या ज़िले का असली उदाहरण देकर योजना बनाता है। |
| उन्नत | आँकड़ों से ख़ुद निष्कर्ष निकालता है और उनकी सीमा भी पहचानता है। | भावी पीढ़ी और पर्यावरण दोनों के नज़रिये से सोच पाता है। | दूसरे विषयों (विज्ञान, इतिहास) से जोड़कर मौलिक निष्कर्ष निकालता है। |
शिक्षक के लिए तीन सुझाव
- भूगोल के PARAKH प्रश्नों में नक़्शा और अपना इलाक़ा सबसे बड़े औज़ार हैं। जब भी कोई प्रश्न कठिन लगे, उसे बच्चों के अपने गाँव पर लगाकर पूछिए — जवाब अपने आप आ जाएगा।
- आँकड़ा-व्याख्या वाले प्रश्नों (2 और 3) को गृहकार्य मत बनाइए — कक्षा में करवाइए। बच्चे तालिका पढ़ना तभी सीखते हैं जब कोई उनसे पूछे कि “इस संख्या का मतलब क्या है?”
- हर प्रश्न के बाद एक ही सवाल दोहराइए — “इससे किसे फ़ायदा हुआ और किसे नुक़सान?” यह एक सवाल संसाधन, विकास और पर्यावरण — तीनों को एक साथ खोल देता है।