Chapter 7आधुनिकीकरण के रास्ते · त्वरित पुनरावृत्ति

PARAKH questions18 min

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भार-विभाजन: जागरूकता (Awareness) 50% · संवेदनशीलता (Sensitivity) 20% · सृजनात्मकता (Creativity) 30%


भाग क — जागरूकता (50%)

1निम्नलिखित तालिका पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए। 5 अंक

उत्तर देखिए
डिग्रीधारक (1850 से पहले)संख्या
सिविल प्रांतीय डिग्री526,869
सैन्य प्रांतीय डिग्री212,330
देश में कुल राजकीय पद27,000

(क) इन आँकड़ों से कौन-सी सामाजिक समस्या पैदा हुई होगी? (2) (ख) चीनी परीक्षा प्रणाली 1905 में क्यों खत्म की गई? (2) (ग) यह प्रणाली अपने समय में प्रगतिशील क्यों मानी जा सकती है? (1)

अपेक्षित उत्तर की दिशा: (क) शिक्षित बेरोज़गारों की विशाल संख्या — लगभग 7.4 लाख डिग्रीधारक और केवल 27,000 पद; NCERT स्वयं कहती है “कई निचले दर्ज़ों के डिग्रीधारकों के पास नौकरी नहीं होती थी।” ऐसे लोग असंतोष और बाद में क्रांतिकारी आंदोलनों का आधार बने। (ख) क्योंकि इसमें सिर्फ़ साहित्यिक कौशल की माँग होती थी और यह विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी के विकास में बाधक थी; क्लासिक चीनी की आधुनिक विश्व में प्रासंगिकता नहीं दिखती थी। (ग) क्योंकि इसमें प्रवेश जन्म या संरक्षण से नहीं, परीक्षा (योग्यता) से होता था।


2त्रिकोणीय व्यापार का आरेख बनाइए और नीचे के प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
(क) ब्रिटेन को चीन से खरीदी वस्तुओं का भुगतान चाँदी में क्यों करना पड़ता था? (1)
(ख) ईस्ट इंडिया कंपनी ने इस समस्या का क्या हल निकाला? (2)
(ग) इस व्यवस्था में भारत की भूमिका को एक वाक्य में लिखिए। (2) 5 अंक

उत्तर देखिए

अपेक्षित उत्तर की दिशा: (क) चीनी उत्पादों (चाय, रेशम, चीनी मिट्टी के बर्तन) की भारी माँग थी, पर पश्चिमी उत्पादों को चीन में बाज़ार नहीं मिला — इसलिए व्यापार असंतुलित था। (ख) अफ़ीम, जो हिंदुस्तान के कई हिस्सों में आराम से उगती थी; उसे चीन में बेचकर चाँदी कमाई और केंटन में उधार पत्रों के बदले कंपनी को दी गई; उसी चाँदी से ब्रिटेन के लिए चीनी वस्तुएँ खरीदी गईं। (ग) उच्च स्तर का उत्तर: भारत इस त्रिकोण का उत्पादन-केंद्र था — उसने अफ़ीम भी दी और (लियांग किचाउ के अनुसार) युद्ध में सैनिक भी — जबकि वह स्वयं उपनिवेश था।


3निम्नलिखित कथन पढ़िए: 4 अंक

उत्तर देखिए

“सेना और नौकरशाही को सीधा सम्राट के निर्देश में रखा गया। यानि कि संविधान बनने के बावजूद यह दो गुट सरकारी नियंत्रण के बाहर रहे।”

(क) यह किस संविधान की बात है और वह कब लागू हुआ? (1) (ख) इस व्यवस्था के दो दूरगामी परिणाम बताइए। (2) (ग) 1899 का कौन-सा आदेश इस समस्या को और गंभीर बनाता है? (1)

अपेक्षित उत्तर: (क) मेजी संविधान, 1889। (ख) सेना ने मज़बूत विदेश नीति के लिए दबाव डाला → चीन और रूस के साथ जंग; और अपने देश में लोकतंत्र के प्रसार को कुचला गया। (ग) केवल सेवारत जनरल और एडमिरल ही मंत्री बन सकते हैं — जिससे सेना जब चाहे सरकार गिरा सकती थी।


4नीचे दी गई घटनाओं को कालक्रमानुसार लगाइए और प्रत्येक के आगे देश लिखिए। 4 अंक

उत्तर देखिए

लाँग मार्च · मेजी पुनर्स्थापना · यूसिन संविधान · पहला अफ़ीम युद्ध · तियानममेन · ताइवान में फ़ौजी कानून हटा

उत्तर: 1839–42 पहला अफ़ीम युद्ध (चीन) → 1867–68 मेजी पुनर्स्थापना (जापान) → 1934–35 लाँग मार्च (चीन) → 1972 यूसिन संविधान (दक्षिण कोरिया) → 1987 ताइवान में फ़ौजी कानून हटा (ताइवान) → 1989 तियानममेन (चीन)


5‘कोमिंटर्न की परंपरागत मार्क्सवादी समझ’ और ‘माओ के रास्ते’ में क्या अंतर था? यह अंतर निर्णायक क्यों सिद्ध हुआ? 4 अंक

उत्तर देखिए

अपेक्षित उत्तर की दिशा: कोमिंटर्न की समझ थी कि क्रांति शहरी इलाकों में मज़दूर वर्गों के ज़रिये आयेगी; माओ ने किसानों पर आधारित रास्ता चुना। यह निर्णायक इसलिए रहा क्योंकि कुओमीनतांग का आधार शहरी था और उसने किसानों की अनदेखी की — शंघाई में 1919 में मज़दूर केवल 500,000 थे और उनमें भी अधिकतर ‘नगण्य शहरी’। माओ ने जियांग्सी में किसान परिषद और भूमि-पुनर्वितरण से, और लाँग मार्च के बाद येनान के कार्यक्रम से मज़बूत सामाजिक आधार बनाया।


6नीचे दिए गए कारण-चक्र को पूरा कीजिए और बताइए कि यह किस देश का है। 4 अंक

उत्तर देखिए

आर्थिक विकास → ______ + ______ + ______ → नागरिकों में ______ → ______ की माँग → 1987 का संविधान संशोधन

उत्तर: शहरीकरण + शिक्षा के स्तर में सुधार + मीडिया की प्रगति → राजनीतिक अधिकारों की आत्म-जागरूकता → राष्ट्रपति के प्रत्यक्ष चुनाव की माँग → 1987 का संविधान संशोधन। यह दक्षिण कोरिया का चक्र है।


7पाठ्यपुस्तक कहती है कि जापान में युद्धोत्तर पुनर्निर्माण को ‘चमत्कार’ कहा गया, “लेकिन यह चमत्कार से कहीं अधिक था।” तोकुगावा काल से तीन प्रमाण देकर इसे सिद्ध कीजिए। 4 अंक

उत्तर देखिए

अपेक्षित उत्तर की दिशा: (1) शहरीकरण — 17वीं सदी के मध्य तक एदो दुनिया का सबसे अधिक जनसंख्या वाला शहर; छह शहर 50,000+। (2) वाणिज्यिक अर्थव्यवस्था — वित्त और ऋण की प्रणालियाँ; चावल का शेयर बाज़ार; निशिजिन का रेशम उद्योग और नया उद्यमी वर्ग। (3) साक्षरता और पढ़ने की संस्कृति — लेखकों का केवल लेखन से जीविका चलाना; “एदो में लोग नूडल की कटोरी की कीमत पर किताब किराये पर ले सकते थे।” (4) मूल्य-परिवर्तन — “व्यक्ति के गुण उसके पद से अधिक मूल्यवान समझे जाने लगे।”


8‘4 मई का आंदोलन’ अध्याय में तीन बार आता है। तीनों अवसर बताइए और यह भी कि हर बार क्या हुआ। 4 अंक

उत्तर देखिए

उत्तर: 1919 — मूल आंदोलन; शांति सम्मेलन के विरोध में; परंपरा पर हमला और विज्ञान-लोकतंत्र-राष्ट्रवाद की माँग। 1978 — “जैसे कि 60 साल पहले 4 मई के आंदोलन के समय था, नये विचारों का रोमांचकारी भंडार फूट पड़ा”; ‘पाँचवीं आधुनिकता’ का पोस्टर। 1989 — आंदोलन की 70वीं सालगिरह पर बुद्धिजीवियों ने खुलेपन की माँग की; तियानममेन चौक पर छात्रों के प्रदर्शन का क्रूर दमन।


9निम्नलिखित में से कौन-सा कथन ताइवान के अनुभव का सही वर्णन करता है? कारण सहित उत्तर दीजिए। 3 अंक

उत्तर और व्याख्या देखिए

उत्तर: (स)। कारण — कुओमीनतांग ने बोलने और राजनीतिक विरोध की आज़ादी छीनी और 1947 में नेताओं की पूरी पीढ़ी की हत्या करवाई, फिर भी भूमि सुधार लागू किया जिससे खेती की उत्पादकता बढ़ी, और “अमीर और गरीब के बीच का भी अंतराल लगातार घटता गया है।” लोकतंत्र बहुत बाद में (1987 के बाद) आया।


10अध्याय के आधार पर नीचे की तालिका पूरी कीजिए। 5 अंक

कसौटीजापानचीन
परंपरा के प्रति रुख
आधुनिकीकरण का नेतृत्व
आज की मुख्य समस्या
उत्तर देखिए
कसौटीजापानचीन
परंपरा के प्रति रुख??
आधुनिकीकरण का नेतृत्व??
आज की मुख्य समस्या??

उत्तर: परंपरा — जापान ने “नए और अलग रचनात्मक तरीके से इस्तेमाल” किया; चीन में “परंपराओं को ठुकराया गया” और साम्यवादी दल ने “परंपरा को खत्म करने की लड़ाई लड़ी”। नेतृत्व — जापान में कुलीन वर्ग और सम्राट-व्यवस्था; चीन में साम्यवादी दल। आज — जापान अग्रगामी विश्व-शक्ति की हैसियत बनाए रखने की चुनौती का सामना कर रहा है; चीन बढ़ती असमानताओं और इस प्रश्न का कि “किस तरह अपनी धरोहर को बरकरार रखते हुए अपना विकास कर सकता है।”

भाग ख — संवेदनशीलता (20%)

11बक क्लेटन के बॉक्स (पृ. 169) के आधार पर उत्तर दीजिए।
(क) क्लेटन एक साथ ‘विशेषाधिकारप्राप्त’ और ‘भेदभाव-पीड़ित’ कैसे थे? (2)
(ख) चीनी तमाशबीनों ने उनका अभिनंदन ‘विजेता फुटबॉल टीम’ की तरह क्यों किया? (2)
(ग) क्रियाकलाप 4 — भेदभाव का अहसास लोगों को कैसे एकताबद्ध करता है? (1) 5 अंक

उत्तर देखिए

मूल्यांकन-संकेत: (क) शंघाई में वे विदेशी थे, इसलिए विशेषाधिकारप्राप्त प्रवासी की ज़िंदगी जी रहे थे; पर वे काले थे और गोरे अमरीकियों ने उन्हें मारपीट कर होटल से निकाल दिया था। (ख) क्योंकि यह गोरों पर जीत थी, और चीनी उसे अपनी जीत की तरह देख रहे थे। (ग) उत्तर में यह पहचान होनी चाहिए कि भेदभाव का साझा अनुभव राष्ट्रीयता और भाषा की सीमाओं के पार एक साझी पहचान बना देता है — क्लेटन स्वयं लिखते हैं कि इसी कारण “चीनियों के दुख-दर्द के साथ उनकी बहुत सहानुभूति थी।”


12तानाका शोज़ो का सिद्धांत था — “औद्योगिक प्रगति के लिए आम लोगों की बलि नहीं दी जानी चाहिए।”
(क) उनके आंदोलन के आँकड़े बताइए। (1)
(ख) वे ‘विकास-विरोधी’ नहीं थे — इसके दो प्रमाण दीजिए। (2)
(ग) आज के भारत से इससे मिलता-जुलता एक उदाहरण दीजिए और एक वाक्य में समझाइए। (1) 4 अंक

उत्तर देखिए

मूल्यांकन-संकेत: (क) 1897; 800 गाँववासी; आशियो खान से वातारासे नदी में प्रदूषण; 100 वर्ग मील कृषिभूमि और 1000 परिवार प्रभावित; 1904 तक फ़सल सामान्य। (ख) वे 1880 के दशक के जनवादी हकों के आंदोलन में शामिल थे और संवैधानिक सरकार की माँग करते थे; वे पहली संसद-डायट के सदस्य चुने गए — यानी वे आधुनिक संस्थाओं के भीतर काम कर रहे थे। (ग) भोपाल (1984) या कोई स्थानीय उदाहरण स्वीकार्य; उत्तर में ‘मुआवज़ा’ और ‘ज़िम्मेदारी’ का प्रश्न आना चाहिए।


13सांस्कृतिक क्रांति के बारे में NCERT लिखती है — “दोषारोपण और नारेबाज़ी ने तर्कसंगत बहस की जगह ले ली।”
(क) यह किस दौर की बात है और इसमें किनका इस्तेमाल किया गया? (1)
(ख) इसी अध्याय में जापान से एक मिलता-जुलता उदाहरण खोजिए। (1)
(ग) जब किसी समाज में बहस की जगह नारे ले लेते हैं, तो उसका सबसे बड़ा नुकसान क्या होता है? 60–80 शब्दों में लिखिए। (2) 4 अंक

उत्तर देखिए

मूल्यांकन-संकेत: (क) 1965–78 की सांस्कृतिक क्रांति; रेड गार्ड्स — मुख्यतः छात्र और सेना। (ख) 1930–40 के जापान में “असहमति प्रकट करने वालों पर जुल्म ढाये गए और उन्हें जेल भेजा गया।” (ग) उन्नत उत्तर वह होगा जो पहचाने कि यह किसी एक विचारधारा की समस्या नहीं है — दो अलग-अलग विचारधाराओं वाले देशों में एक ही चीज़ हुई; और यह कि इसका नुकसान केवल राजनीतिक नहीं, बौद्धिक होता है (अर्थव्यवस्था और शिक्षा व्यवस्था में भारी रुकावट)।


14जापान की एक ही अवधि के ये तीन तथ्य पढ़िए: 4 अंक

उत्तर देखिए

(i) आधुनिक कारखानों में काम करने वालों में आधे से ज़्यादा महिलाएँ थीं।

(ii) 1886 में पहली आधुनिक हड़ताल का आयोजन महिलाओं ने ही किया।

(iii) 1930–40 में युद्ध का समर्थन करने वाली देशभक्तों की संस्थाओं में महिलाओं के कई संगठन थे।

इन तीनों को एक साथ रखने से महिलाओं की ऐतिहासिक भूमिका के बारे में क्या समझ बनती है? 80–100 शब्दों में लिखिए।

मूल्यांकन-संकेत: प्रारंभिक — केवल एक पक्ष लिखता है (या तो शोषण या तो सक्रियता)। दक्ष — दोनों पक्ष पहचानता है। उन्नत — यह पहचानता है कि महिलाएँ इतिहास में केवल ‘शिकार’ नहीं थीं, वे श्रमिक भी थीं, आंदोलनकारी भी, और राष्ट्रवादी सक्रियता की भागीदार भी — यानी इतिहास में किसी भी समूह को एकरंगी बनाकर देखना भूल है।


15दक्षिण कोरिया में यूसिन संविधान (1972) के तहत “लोकतंत्र एक तरह से अस्थायी रूप में निलंबित हो गया।”
(क) यह ‘अस्थायी’ निलंबन कितने वर्ष चला? (1)
(ख) क्या तेज़ आर्थिक विकास के लिए लोकतंत्र को कुछ समय के लिए स्थगित करना उचित है? अपने विचार 60–80 शब्दों में दीजिए। (2) 3 अंक

उत्तर देखिए

मूल्यांकन-संकेत: (क) 1972 से 1987 तक — लगभग पंद्रह वर्ष। (ख) यह खुला प्रश्न है; उत्तर में तर्क और प्रमाण चाहिए, केवल राय नहीं। उच्च स्तर का उत्तर वह होगा जो अध्याय के भीतर से ही दोनों पक्ष निकाले — पार्क के दौर की तेज़ वृद्धि, और ग्वांगजू का दमन; और NCERT का अपना निष्कर्ष उद्धृत करे कि “कोरियाई लोकतंत्र आर्थिक विकास का कर्ज़दार है, लेकिन… नागरिकों की राजनीतिक जागरूकता ही है जिसने आज इस देश को आगे बढ़ाने में प्रमुख भूमिका निभाई है।”

भाग ग — सृजनात्मकता (30%)

16आप 1878 के एदो/तोक्यो में रहने वाले एक विद्यार्थी हैं। आपके दादाजी सामुराई परिवार से थे और आपके पिता अब एक नए कारखाने में काम करते हैं। आप अपने गाँव में रहने वाले चचेरे भाई को एक पत्र लिखिए जिसमें बताइए कि शहर में क्या-क्या बदल गया है। 8 अंक

उत्तर देखिए

लेखन-निर्देश:

  • कम-से-कम चार ऐतिहासिक विवरण पाठ से आने चाहिए (जैसे — नया स्कूल, रेल, बिजली की ट्रामें, जनता के लिए बाग़, पश्चिमी कपड़े पहनने वाला सम्राट, अख़बार/किताबें)
  • पत्र में एक चीज़ ऐसी हो जो आपको अच्छी लगी और एक जो खटकी
  • भाषा 1878 के एक किशोर की हो, इतिहासकार की नहीं

रूब्रिक: प्रारंभिक — तथ्य हैं पर पत्र का रूप नहीं। दक्ष — चार ऐतिहासिक विवरण सही ढंग से गुँथे हैं। उन्नत — पीढ़ियों का तनाव दिखता है (दादाजी की दुनिया बनाम पिता की दुनिया) और लेखक कोई सरल निर्णय नहीं थोपता।


171978 की दीवार पर एक और पोस्टर। 6 अंक

उत्तर देखिए

5 दिसंबर 1978 के पोस्टर ने ‘पाँचवीं आधुनिकता’ — लोकतंत्र — का दावा किया था। कल्पना कीजिए कि उसी दीवार पर किसी और ने जवाबी पोस्टर लगाया, जो पार्टी के चार सूत्री लक्ष्य का बचाव करता है।

दोनों पोस्टर लिखिए — प्रत्येक 60–80 शब्द का।

यह प्रश्न क्यों: यह विद्यार्थी को दोनों पक्षों की सबसे मज़बूत दलील गढ़ना सिखाता है। उन्नत उत्तर वह है जिसमें दूसरा पोस्टर भी ईमानदारी से मज़बूत हो — न कि जानबूझकर कमज़ोर बनाया गया हो। (यही अकादमिक बहस का नियम है: विरोधी पक्ष को उसके सबसे अच्छे रूप में रखो।)


18एक अख़बार का पहला पन्ना। 7 अंक

उत्तर देखिए

आप 1919 में शंघाई के एक अख़बार के संपादक हैं। 4 मई के आंदोलन के अगले दिन का पहला पन्ना डिज़ाइन कीजिए, जिसमें हों —

(क) एक मुख्य शीर्षक (10 शब्दों से कम) (1) (ख) एक समाचार-रिपोर्ट (80–100 शब्द) — केवल तथ्य (3) (ग) एक संपादकीय (60–80 शब्द) — जिसमें राय हो (2) (घ) एक वाक्य में बताइए कि (ख) और (ग) की भाषा में क्या फ़र्क़ है (1)

यह प्रश्न क्यों: यह तथ्य और राय के अंतर को सिखाने का सबसे व्यावहारिक तरीका है — और यही पुस्तक के निष्कर्ष का केंद्रीय पाठ है (“ऐतिहासिक तथ्यों और इतिहासकार के तर्कों के बीच जटिल संबंध”)।


19चार देश, एक गोलमेज़। 6 अंक

उत्तर देखिए

कल्पना कीजिए कि 1990 में एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में चार प्रतिनिधि बैठे हैं — जापान, चीन, ताइवान और दक्षिण कोरिया से। विषय है: “विकास और लोकतंत्र — पहले क्या?”

हर प्रतिनिधि का 60 शब्दों का वक्तव्य लिखिए, जिसमें उसके देश का अपना अनुभव झलके।

मूल्यांकन-संकेत: उत्तर तभी ‘उन्नत’ है जब चारों वक्तव्य अलग-अलग हों और हर एक में उस देश का विशिष्ट इतिहास दिखे — जापान (आज़ादी बची, पर सेना संविधान से बाहर थी), चीन (असमानताएँ हटीं, पर केंद्रीकृत राज्य), ताइवान (दमन के साथ भूमि सुधार और घटती असमानता), कोरिया (यूसिन के बाद 1987 की जीत)। सामान्य नारेबाज़ी वाले वक्तव्य ‘प्रारंभिक’ माने जाएँगे।


20(दीर्घ प्रोजेक्ट — समूह कार्य) 10 अंक

शीर्षक:“मेरे ज़िले से चीन तक”

अध्याय बताता है कि अफ़ीम “हिंदुस्तान के कई हिस्सों में बहुत आराम से उगती थी” और उसी से त्रिकोणीय व्यापार चला।

कार्य अपने ज़िले या राज्य से जुड़ी एक ऐसी वस्तु चुनिए जो कभी बाहर भेजी जाती थी या आज भेजी जाती है — जैसे कपास, अफ़ीम, नील, ऊन, संगमरमर, मसाले, हस्तशिल्प, खनिज।

प्रस्तुति में शामिल हो

  1. वस्तु का नाम और वह कहाँ पैदा/बनाई जाती है (100 शब्द)
  2. वह कहाँ जाती है — और किन रास्तों से
  3. उसे उगाने/बनाने वाले को कितना मिलता है और बेचने वाले को कितना (अनुमान भी चलेगा, पर स्रोत बताएँ)
  4. एक मानचित्र या आरेख — त्रिकोणीय व्यापार वाले आरेख की तरह
  5. एक निष्कर्ष-पैराग्राफ़: “जो वस्तु यहाँ बनती है, उसका मुनाफ़ा कहाँ जाता है?”

रूब्रिक:

कसौटीअंक
मौलिक जानकारी (स्थानीय स्रोत, साक्षात्कार या सरकारी आँकड़े)3
आरेख/मानचित्र की स्पष्टता2
अध्याय की अवधारणा से जोड़ (उत्पादक और लाभार्थी अलग-अलग होना)3
निष्कर्ष की विचारशीलता2

शिक्षक-निर्देश इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य किसी व्यापार को ‘बुरा’ सिद्ध करना नहीं है। उद्देश्य यह दिखाना है कि हर वस्तु के पीछे एक भूगोल और एक श्रम-शृंखला होती है — और इतिहासकार का काम उसे दिखाई देने लायक बनाना है। अफ़ीम वाला उदाहरण इसीलिए दिया गया है, नक़ल के लिए नहीं।

अंक-विभाजन का सारांश

भागप्रश्नकुल अंकभार
क — जागरूकता1–1042~50%
ख — संवेदनशीलता11–1520~20%
ग — सृजनात्मकता16–2037~30%

समग्र मूल्यांकन रूब्रिक

कसौटीप्रारंभिकदक्षउन्नत
तथ्यात्मक ज्ञानकुछ तिथियाँ याद हैंप्रमुख तिथियाँ और आँकड़े सही ढंग से जोड़ता हैआँकड़ों से निष्कर्ष निकाल पाता है (जैसे 7.4 लाख डिग्री बनाम 27,000 पद)
कारण-परिणामघटनाओं की सूची देता हैएक शृंखला बना पाता हैशृंखला में संस्थागत कारण पहचानता है (जैसे मेजी संविधान का दोष)
तुलनात्मक सोचदो देशों के तथ्य अलग-अलग लिखता हैसमानताएँ और अंतर दोनों बताता हैबताता है कि तुलना कहाँ तक वैध है
संवेदनशीलता‘अच्छा-बुरा’ के ढाँचे में सोचता हैदोनों पक्ष समझता है‘तथापि’ वाला संतुलन बना पाता है, जैसा NCERT स्वयं करती है
सृजनात्मकताकल्पना है पर ऐतिहासिक आधार कमकल्पना तथ्यों पर टिकी हैकल्पना से एक नया दृष्टिकोण उभरता है