Chapter 4तीन वर्ग

PARAKH questions12 min

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आयाम: जागरूकता (50%) • संवेदनशीलता (20%) • सृजनात्मकता (30%)

भाग अ — जागरूकता (Awareness)

अ-1. केस/परिस्थिति-आधारित प्रश्न

1एक इतिहासकार को तेरहवीं सदी के एक फ्रांसीसी गाँव के चर्च से जन्म, मृत्यु और विवाह के अभिलेख, एक भू-स्वामित्व का विवरण और कुछ स्थानीय गीत मिलते हैं।
(क) इन तीनों स्रोतों से क्रमश: क्या-क्या जाना जा सकता है?
(ख) इनमें से कौन-सा स्रोत ‘दीर्घकालीन परिवर्तन’ और कौन-सा ‘अल्पकालीन परिवर्तन’ दिखाने में अधिक उपयोगी है?
(ग) मार्क ब्लॉक ऐसे स्रोतों का उपयोग किस प्रकार करते?
चर्च-अभिलेख

उत्तर देखिए

परिवार व जनसंख्या की संरचना; भू-स्वामित्व → भूमि-प्रबंधन व श्रेणियाँ; गीत → त्योहार व सामुदायिक गतिविधियाँ। जनसंख्या-वृद्धि (दीर्घ) बनाम कृषक विद्रोह (अल्प)। ब्लॉक — भूगोल व लोगों के समूहों के व्यवहार को समझने हेतु; ‘सामंती समाज’ की पद्धति।

उत्तर-संकेत:

2एक सर्फ़ अपने लॉर्ड की जागीर से भागकर पास के नगर में चला जाता है और वहाँ एक वर्ष और एक दिन तक छिपा रहता है।
(क) उसकी कानूनी स्थिति में क्या परिवर्तन आएगा?
(ख) वह नगर में किस प्रकार का काम पा सकता था?
(ग) यह प्रथा सामंती व्यवस्था के लिए किस प्रकार चुनौती थी?
वह स्वाधीन नागरिक बन जाता; अकुशल श्रमिक/दुकान-कार्य; ‘नगर की हवा स्वतंत्र बनाती है’ — लॉर्ड के श्रम-आधार का क्षरण, वैतनिक कार्य का विकल्प।

उत्तर देखिए

उत्तर-संकेत:

31350 के दशक में इंग्लैंड के एक लॉर्ड की डायरी: “इस वर्ष खेत जोतने वाले नहीं मिल रहे; जो मिलते हैं वे दुगुनी मज़दूरी माँगते हैं। मैंने पुराने श्रम-नियम फिर लागू करने का निर्णय लिया है।”
(क) मज़दूरों की कमी का तात्कालिक कारण क्या था?
(ख) ‘पुराने श्रम-नियम फिर लागू करने’ का परिणाम क्या हुआ?
(ग) इस पूरे प्रकरण से कृषक-लॉर्ड संबंधों में क्या स्थायी परिवर्तन आया?
ब्लैक डेथ (1347–50) से जनसंख्या-ह्रास; इंग्लैंड में मज़दूरी 250% तक बढ़ी; अनुबंध-भंग

उत्तर देखिए

1381 का कृषक विद्रोह; दमन के बावजूद दासता के पुराने दिन वापस नहीं लौटे क्योंकि धन-अर्थव्यवस्था अपरिवर्तनीय थी।

उत्तर-संकेत:

4एक ग्यारहवीं सदी के गाँव में कृषक लोहे की नोक वाला हल और कंधे पर बँधा जुआ अपनाते हैं, और खेत को तीन भागों में बाँटते हैं।
(क) इन तीन बदलावों में से प्रत्येक का एक-एक लाभ लिखिए।
(ख) इससे कृषक की जोत के आकार पर क्या असर पड़ा और क्यों?
(ग) ‘कृषकों को अन्य गतिविधियों के लिए समय मिला’ — इसका दीर्घकालीन परिणाम क्या हुआ?
गहरी खुदाई व मृदा-पलटाव; पशुओं को अधिक शक्ति; उत्पादन-वृद्धि व अधिक प्रोटीन। जोत 100 → 20–30 एकड़ (छोटी जोतों पर अधिक कुशल कृषि, कम श्रम)। समय मिलने से शिल्प-व्यापार, नगरों का विकास, चौथे वर्ग का उदय।

उत्तर देखिए

उत्तर-संकेत:

अ-2. दावा-कारण (Assertion–Reason)

निर्देश:

  1. अदोनों सही, कारण सही व्याख्या
  2. बदोनों सही, कारण सही व्याख्या नहीं
  3. सदावा सही, कारण गलत
  4. ददावा गलत, कारण सही।

5दावा (A): मध्यकालीन यूरोप में चर्च एक शक्तिशाली संस्था थी जो राजा पर निर्भर नहीं थी।
कारण (R): चर्च के अपने नियम थे और उसके पास राजा द्वारा दी गई भूमियाँ थीं जिनसे वह कर उगाह सकती थी।

उत्तर देखिए

उत्तर: (अ)

6दावा (A): मेनर की जागीर पूरी तरह आत्मनिर्भर इकाई थी।
कारण (R): जागीर पर अनाज उगाया जाता था और लोहार, बढ़ई तथा राजमिस्त्री वहीं काम करते थे।

उत्तर देखिए

उत्तर: (द) — दावा गलत: NCERT स्पष्ट कहती है कि मेनर कभी आत्मनिर्भर नहीं हो सकते थे (नमक, चक्की का पाट, धातु के बर्तन बाहर से); कारण सही तथ्य है।

7दावा (A): ग्यारहवीं सदी से सामंतवाद का आधार रहे व्यक्तिगत संबंध कमज़ोर पड़ने लगे।
कारण (R): आर्थिक लेन-देन अधिकाधिक मुद्रा पर आधारित होने लगा।

उत्तर देखिए

उत्तर: (अ)

8दावा (A): चौदहवीं सदी के कृषक विद्रोह सबसे गरीब और पिछड़े क्षेत्रों में हुए।
कारण (R): ब्लैक डेथ के बाद मज़दूरी की दरें बढ़ गई थीं और कृषि-मूल्य गिर गए थे।

उत्तर देखिए

उत्तर: (द) — दावा गलत: विद्रोह सर्वाधिक हिंसक रूप से उन स्थानों पर हुए जहाँ आर्थिक विस्तार से समृद्धि हुई थी; कारण सही तथ्य है।

9दावा (A): ‘नए शासक’ नाइटों की सामंती सेना पर निर्भर नहीं रहे।
कारण (R): उन्होंने बंदूकों और बड़ी तोपों से सुसज्जित प्रशिक्षित सेना बनाई जो पूर्ण रूप से उनके अधीन थी।

उत्तर देखिए

उत्तर: (अ)

10दावा (A): शाही निरंकुशता को सामंतवाद का परिष्कृत रूप माना जाता है।
कारण (R): अभिजात वर्ग ने नई शासन-व्यवस्था का विरोधी रहने के बजाय स्वयं को राजभक्तों में बदल लिया और उन्हें प्रशासनिक सेवाओं में स्थायी स्थान मिला।

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उत्तर: (अ)

अ-3. आँकड़ा-व्याख्या

11निम्न आँकड़ों का ऐतिहासिक अर्थ एक-एक वाक्य में लिखिए

उत्तर देखिए
आँकड़ासंदर्भ
420 → 620 → 730 लाख1000, 1200, 1300 में यूरोप की जनसंख्या
730 → 450 लाख1300 से 1400 के बीच का ह्रास (ब्लैक डेथ)
20% (कहीं 40%)ब्लैक डेथ से मृत आबादी का अनुपात
250%प्लेग के बाद इंग्लैंड में मज़दूरी-वृद्धि
दसवाँ भागटीथ — चर्च का कर
40 दिनस्वतंत्र किसान की वार्षिक सैनिक सेवा
1000–2000 एकड़फ़ीफ़ का आकार
100 → 20–30 एकड़13वीं सदी तक कृषक की औसत जोत
180विलियम प्रथम द्वारा भूमि पाने वाले नॉर्मन अभिजात
73बेनेडिक्टीन नियम-पुस्तक के अध्याय
~30,000बड़े नगरों की जनसंख्या
11 वर्षचार्ल्स प्रथम का बिना पार्लियामेंट शासन

12(ग्राफ़-कार्य) ऊपर दिए जनसंख्या-आँकड़ों (1000, 1200, 1300, 1400) का रेखा-ग्राफ़ बनाइए। फिर लिखिए:
(क) कौन-से दो कालखंडों में प्रवृत्ति उलट गई?
(ख) प्रत्येक प्रवृत्ति के दो-दो कारण।
(ग) ग्राफ़ के अंतिम खंड का समाज पर क्या प्रभाव पड़ा?

13(मानचित्र-कार्य) पश्चिमी यूरोप के रेखा-मानचित्र पर अंकित कीजिए — इंग्लैंड, स्कॉटलैंड, इंग्लिश चैनल, गॉल/फ्रांस, नारमंडी, पेरिस, बरगंडी, जर्मन राज्य, आस्ट्रिया-विएना, स्पेन, पुर्तगाल, इटली के राज्य-रोम, सिसली, भूमध्यसागर, उत्तर सागर। फिर बताइए

उत्तर देखिए

1066 में विलियम ने किस मार्ग से इंग्लैंड पर आक्रमण किया?

अ-4. वर्गीकरण

14निम्न को ‘प्रथम वर्ग’, ‘दूसरा वर्ग’, ‘तीसरा वर्ग’ और ‘चौथा वर्ग’ में छाँटिए: बिशप • नाइट • सर्फ़ • व्यापारी • मोंक • लॉर्ड • स्वतंत्र किसान • फ़्रायर • शिल्पकार (गिल्ड-सदस्य) • साहूकार • नन।
प्रथम — बिशप, मोंक, नन, फ़्रायर; दूसरा — लॉर्ड, नाइट; तीसरा — स्वतंत्र किसान, सर्फ़; चौथा — व्यापारी, शिल्पकार, साहूकार।

उत्तर देखिए

उत्तर-संकेत:

15निम्न को ‘कर/भुगतान’ और ‘संस्था/स्थान’ में छाँटिए: टीथ • मेनर • टैली • फ़ीफ़ • श्रम-अधिशेष • पैरिश • आँबे • श्रेणी सभागार • विवाह-शुल्क।
कर/भुगतान — टीथ, टैली, श्रम-अधिशेष, विवाह-शुल्क; संस्था/स्थान — मेनर, फ़ीफ़, पैरिश, आँबे, श्रेणी सभागार।

उत्तर देखिए

उत्तर-संकेत:

भाग आ — संवेदनशीलता (Sensitivity)

16(दृष्टिकोण-विविधता) ‘लॉर्ड की जागीर पर कटाई का दिन’ — इस एक दृश्य को चार दृष्टिकोणों से 3–4 वाक्य में लिखिए:
(क) लॉर्ड; (ख) एक सर्फ़; (ग) सर्फ़ की पत्नी (जो सूत भी कातती है); (घ) गाँव का पादरी (जो टीथ लेता है)।
अंत में एक वाक्य — किस दृष्टिकोण के स्रोत सबसे कम बचे हैं और क्यों?

17(असमानता का तर्क) आबेस हिल्डेगार्ड ने चरवाहे के दृष्टांत से सामाजिक असमानता को ईश्वरीय बताया।
(क) उनके तर्क की संरचना को अपने शब्दों में समझाइए।
(ख) यह तर्क किन वर्गों के हित में काम करता था?
(ग) आज के संविधान की समानता की अवधारणा से इसकी तुलना कीजिए (4–5 वाक्य)।

18(लैंगिक दृष्टि) पाठ से स्त्रियों से जुड़े तथ्य जुटाइए — पादरी बनने पर प्रतिबंध, नन बनने की अनुमति, आबेस हिल्डेगार्ड का संगीत-योगदान, मेनर में कातना-बुनना-मोमबत्ती-मदिरा, सर्फ़ के विवाह पर लॉर्ड का नियंत्रण, और “स्त्रियों तथा बालिकाओं की जीवन-अवधि छोटी होती थी क्योंकि पुरुष बेहतर भोजन करते थे”।
(क) इन बिखरे तथ्यों से मध्यकालीन यूरोपीय स्त्री की स्थिति का चित्र बनाइए।
(ख) अंतिम तथ्य किस प्रकार की असमानता को उजागर करता है और वह आज कहाँ-कहाँ दिखती है?

19(महामारी का मानवीय पक्ष) बोकाचियो का विवरण पढ़िए — “वे हज़ारों की संख्या में प्रतिदिन बीमार होते थे, और बिना किसी मदद के मर जाते थे।”
(क) महामारी में सबसे अधिक असुरक्षित कौन-से समूह थे और क्यों? (पाठ से तीन बिंदु)
(ख) ‘बंद समुदायों’ (मठ-आश्रम) में मृत्यु-दर अधिक क्यों थी?
(ग) आधुनिक महामारी-अनुभव से इसकी तुलना करते हुए 4–5 वाक्य लिखिए — क्या समान रहा, क्या बदला?

20(सहयोगात्मक बहस) दो दल —
पक्ष: “मध्यकालीन चर्च समाज के लिए वरदान थी” (शिक्षा-अस्पताल, कला-संगीत, तीर्थ-त्योहार, अनाथ-निर्धन को सहारा, ज्ञान-संरक्षण)।
विपक्ष: “चर्च शोषण की संस्था थी” (टीथ, बिशपों की जागीरें व महल, पादरी-प्रतिबंध, विलासिता की आलोचना — लैंग्लैंड व चॉसर, ग़ैर-ईसाइयों पर हमलों को बढ़ावा)।
प्रत्येक दल पाठ से 4-4 साक्ष्य दे; मध्यस्थ कालक्रम-आधारित निष्कर्ष लिखे।

भाग इ — सृजनात्मकता (Creativity)

21(कल्पनाशील पुनर्रचना — अभ्यास प्र. 5 का विस्तार) आप तेरहवीं सदी के फ्रांस के एक नगर में शिल्पकार हैं। अपने एक दिन का वर्णन 150 शब्दों में लिखिए। कम-से-कम पाँच प्रामाणिक विवरण अनिवार्य: श्रेणी (Guild) के नियम, श्रेणी सभागार, नगर चौक व चर्च, कथीड्रल-निर्माण में सहयोग, लॉर्ड को कर, हाट-मेला, पहरेदार/सरायवाले।

22(तुलनात्मक लेखन — अभ्यास प्र. 6 का विस्तार) दो-स्तंभ तालिका बनाइए: फ्रांस का सर्फ़ बनाम रोम का दास — आयाम: कानूनी स्थिति, भूमि/जोत, परिवार व विवाह, गतिशीलता, श्रम का स्वरूप, मुक्ति की संभावना। फिर 5 वाक्य का निष्कर्ष लिखिए।

23(डिज़ाइन-चुनौती) एक कथीड्रल की अभिरंजित काँच की खिड़की का रेखाचित्र बनाइए जिसमें कोई एक बाईबल-कथा या स्थानीय जीवन का दृश्य चित्रित हो। नीचे तीन वाक्य लिखिए — (क) आपने यही दृश्य क्यों चुना; (ख) एक अनपढ़ व्यक्ति इसे कैसे ‘पढ़ेगा’; (ग) दिन और रात में यह खिड़की किसे दिखाई देगी?

24(प्रति-तथ्यात्मक) निम्न तीन ‘यदि’ परिस्थितियों पर 4–5 वाक्य लिखिए —
(क) “यदि ग्यारहवीं सदी में गर्माहट का दौर न आया होता…”
(ख) “यदि ब्लैक डेथ न फैली होती, तो क्या सामंतवाद अधिक समय तक टिकता?”
(ग) “यदि फ्रांस में एस्टेट्स जनरल 1614 के बाद नियमित बुलाई जाती…”

25(विचार-संयोजन) “नगर की हवा स्वतंत्र बनाती है” — इस मध्यकालीन कहावत को लेकर 120 शब्दों का अनुच्छेद लिखिए: नगर आज भी लोगों को किन बंधनों से मुक्ति का अवसर देते हैं और किन नए बंधनों में बाँधते हैं? भारत के संदर्भ से एक उदाहरण दीजिए।

26(रचनात्मक प्रस्तुति) कक्षा-गतिविधि — ‘मेनर का एक वर्ष’ (समूह-कार्य, चार्ट-प्रदर्शनी):
समूह 1 — मेनर का नक्शा (खेत, चरागाह, वन, चर्च, दुर्ग, चक्की, मेनर-भवन);
समूह 2 — त्रि-क्षेत्रीय फसल-चक्र का पहिया-चित्र (तीन वर्ष का घुमाव);
समूह 3 — तीन वर्गों का ‘सामाजिक पिरामिड’ (कार्य, कर, अधिकार);
समूह 4 — कैलेंडर-पट्टी: कटाई, पवित्र दिन/छुट्टियाँ, तीर्थयात्रा, हाट-मेला, सैनिक सेवा के 40 दिन।

भाग ई — मूल्यांकन-रूब्रिक

स्तरजागरूकतासंवेदनशीलतासृजनात्मकता
प्रारंभिकतिथियाँ-शब्दावली अधूरी; टीथ/टैली, मेनर/फ़ीफ़ का घालमेल; आँकड़े बिना संदर्भएक ही दृष्टिकोण; सर्फ़/स्त्री/श्रमिक पक्ष की उपेक्षापुनर्कथन मात्र; प्रामाणिक विवरण अनुपस्थित
दक्षप्रमुख तथ्य व कालक्रम सही; केस में 2–3 साक्ष्य; वर्गीकरण अधिकांशत: ठीकदो दृष्टिकोण; चर्च/सामंतवाद के दोनों पक्षों का उल्लेख3–4 प्रामाणिक विवरणों सहित मौलिक रचना
उन्नतप्रक्रिया-समझ (पर्यावरण → प्रौद्योगिकी → मुद्रा → नगर → संकट → नए शासक की शृंखला); दावा-कारण में सूक्ष्म विवेक; स्रोत-सीमा की पहचान (किसके स्रोत नहीं बचे)बहु-दृष्टिकोण संतुलन; लैंगिक व वर्गीय असमानता की समझ; अतीत-वर्तमान का विवेकपूर्ण सेतुबहु-आयामी कल्पना; प्रति-तथ्यात्मक तर्क-शृंखला; ऐतिहासिक तर्कसंगति व शब्दावली का सही प्रयोग

सुझाया भार: जागरूकता 50% • संवेदनशीलता 20% • सृजनात्मकता 30%