परीक्षा से एक रात पहले यही पढ़िए।
“संघीय व्यवस्था के कारगर कामकाज के लिए संवैधानिक प्रावधान ज़रूरी हैं पर इतना ही पर्याप्त नहीं है… भारत में संघीय व्यवस्था की सफलता का मुख्य श्रेय यहाँ की लोकतांत्रिक राजनीति के चरित्र को देना होगा।” (पृष्ठ 18)
यानी — “संघवाद सिर्फ़ संविधान में लिखी व्यवस्था नहीं है — वह रोज़ चलाई जाने वाली आदत है।”
2. परिभाषा और संघीय बनाम एकात्मक★
संघवाद — “संघीय शासन व्यवस्था में सर्वोच्च सत्ता केंद्रीय प्राधिकार और उसकी विभिन्न आनुषंगिक इकाइयों के बीच बँट जाती है।” दो स्तर — एक पूरे देश के लिए (राष्ट्रीय महत्व के विषय) और राज्य/प्रांत स्तर पर (दैनंदिन कामकाज); ★“दोनों अपने-अपने स्तर पर स्वतंत्र होकर अपना काम करती हैं।”
| आधार | एकात्मक | संघीय |
|---|---|---|
| स्तर | एक ही; बाक़ी इकाइयाँ अधीन | दो या अधिक, दोनों स्वतंत्र |
| आदेश | केंद्र आदेश दे सकता है | “केंद्रीय सरकार राज्य सरकार को कुछ खास करने का आदेश नहीं दे सकती” |
| शक्तियाँ | नीचे की इकाइयों के पास अपनी नहीं | “राज्य सरकारों के पास अपनी शक्तियाँ होती हैं” |
| जवाबदेही | नीचे वाली ऊपर वाली को | ★“दोनों ही सरकारें अपने-अपने स्तर पर लोगों को जवाबदेह होती हैं” |
| उदाहरण | श्रीलंका (“व्यावहारिक रूप से अभी भी एकात्मक”) | भारत · बेल्जियम (1993 से) |
★एक वाक्य में — “एकात्मक में नीचे वाली सरकार ऊपर वाली को जवाब देती है; संघीय में दोनों सीधे जनता को।”
3. संघीय व्यवस्था की सात विशेषताएँ★★
| # | विशेषता |
|---|---|
| 1 | सरकार दो या अधिक स्तरों वाली |
| 2 | अलग-अलग स्तर की सरकारें एक ही नागरिक समूह पर शासन करती हैं, पर कानून बनाने, कर वसूलने और प्रशासन का अपना-अपना अधिकार-क्षेत्र |
| 3 | अधिकार-क्षेत्र संविधान में स्पष्ट वर्णित; संविधान हर स्तर के अस्तित्व और प्राधिकार की गारंटी देता है |
| 4 | मौलिक प्रावधानों को कोई एक स्तर अकेले नहीं बदल सकता; दोनों की सहमति चाहिए |
| 5 | अदालतों को व्याख्या का अधिकार; विवाद में सर्वोच्च न्यायालय निर्णायक |
| 6 | वित्तीय स्वायत्तता — राजस्व के अलग-अलग स्रोत |
| ★7 | दोहरे उद्देश्य — “देश की एकता की सुरक्षा… तथा क्षेत्रीय विविधताओं का पूरा सम्मान” |
और दो चीज़ें जो लिखी नहीं जा सकतीं — ★“आपसी भरोसा और साथ रहने पर सहमति।”
4. संघ बनने के दो तरीक़े★
| “साथ आकर संघ बनाना” | “बड़े देश द्वारा राज्यों का गठन” | |
|---|---|---|
| कैसे | दो या अधिक स्वतंत्र राष्ट्र साथ आकर बड़ी इकाई | बड़ा देश अपनी आंतरिक विविधता को देखते हुए राज्य बनाता है |
| उदाहरण | अमरीका · स्विट्ज़रलैंड · ऑस्ट्रेलिया | भारत · बेल्जियम · स्पेन |
| कौन ताक़तवर | प्रांत — “केंद्र के बरक्स ज़्यादा ताकतवर” | केंद्र — “राज्यों के बरक्स केंद्र सरकार ज़्यादा ताकतवर” |
| अधिकार | सभी इकाइयों को समान | आमतौर पर समान, पर किसी-किसी प्रांत को विशेष अधिकार |
★सूत्र — “साथ आकर = नीचे से ऊपर · साथ लेकर = ऊपर से नीचे।” आँकड़ा — “193 देशों में से केवल 25 में संघीय शासन व्यवस्था है लेकिन इन देशों में दुनिया की 40 प्रतिशत जनसंख्या रहती है।”
5. भारत में संघीय व्यवस्था — तीन सूचियाँ★★
| सूची | विषय | कौन क़ानून बनाएगा |
|---|---|---|
| संघ सूची | प्रतिरक्षा · विदेशी मामले · बैंकिंग · संचार · मुद्रा | सिर्फ़ केंद्र |
| राज्य सूची | पुलिस · व्यापार · वाणिज्य · कृषि · सिंचाई | सिर्फ़ राज्य |
| समवर्ती सूची | शिक्षा · वन · मज़दूर-संघ · विवाह · गोद लेना · उत्तराधिकार | दोनों — ! टकराव पर केंद्र का क़ानून मान्य |
| अवशिष्ट विषय | जो किसी सूची में नहीं (जैसे कंप्यूटर सॉफ़्टवेयर) | ★केंद्र सरकार |
★सूत्र — “प्र-वि-बैं-सं-मु” · “पु-व्या-वा-कृ-सिं” · “शि-व-म-वि-गो-उ” संघ सूची का तर्क — “पूरे देश के लिए इन मामलों में एक तरह की नीतियों की ज़रूरत है।”
और तीन ज़रूरी बातें
- संविधान ने भारत को “राज्यों का संघ” घोषित किया; ★“इसमें संघ शब्द नहीं आया पर भारतीय संघ का गठन संघीय शासन व्यवस्था के सिद्धांत पर हुआ है।”
- सारे राज्यों को बराबर अधिकार नहीं — असम, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश और मिज़ोरम को अनुच्छेद 371 के तहत विशेष शक्तियाँ (संस्कृति, सरकारी सेवाओं में अधिमान्य रोज़गार, भूमि अधिकारों का संरक्षण); और चंडीगढ़, लक्षद्वीप, दिल्ली जैसे केंद्र शासित प्रदेशों को राज्यों वाले अधिकार नहीं हैं।
- संविधान संशोधन — संसद के दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत + कम से कम आधे राज्यों की विधान सभाओं की मंज़ूरी।
6. संघवाद व्यवहार में कैसे मज़बूत हुआ — तीन कहानियाँ★★
(क) भाषायी राज्य
- 1950 के दशक में सीमाएँ बदलीं ताकि “एक भाषा बोलने वाले लोग एक राज्य में आ जाएँ”; कुछ राज्य संस्कृति, भूगोल या जातीयता के आधार पर — नगालैंड, उत्तराखंड, झारखंड।
- ! डर था कि “इससे देश टूट जाएगा”, इसलिए पुनर्गठन कुछ समय के लिए टाला गया।
- ★पर — “हमारा अनुभव बताता है कि भाषावार राज्य बनाने से देश ज़्यादा एकीकृत और मज़बूत हुआ। इससे प्रशासन भी… कहीं ज़्यादा सुविधाजनक हो गया है।”
- 1 नवंबर 1956 — राज्य पुनर्गठन आयोग की रिपोर्ट लागू।
- ★★रामचंद्र गुहा — “एक व्यक्ति कन्नड़ और भारतीय या बंगाली और भारतीय… जैसी दो-दो पहचानों के साथ आसानी से जीता है”; और “भाषावार राज्यों के गठन ने भारत को एक भयावह स्थिति से बचा लिया… एक भाषा : 14–15 राष्ट्र।”
(ख) भाषा-नीति — और श्रीलंका से तुलना★
- ★“हमारे संविधान में किसी एक भाषा को राष्ट्रभाषा का दर्जा नहीं दिया गया।” हिंदी = राजभाषा, और वह भी सिर्फ़ 40 फ़ीसदी (लगभग) भारतीयों की मातृभाषा है।
- 22 अनुसूचित भाषाएँ; केंद्र की परीक्षा किसी भी अनुसूचित भाषा में; राज्यों की अपनी राजभाषाएँ।
- अंग्रेज़ी — “प्रयोग 1965 में बंद हो जाना चाहिए था पर अनेक ग़ैर-हिंदी भाषी प्रदेशों ने माँग की… तमिलनाडु में तो इस माँग ने उग्र रूप भी ले लिया था।” केंद्र ने “हिंदी के साथ-साथ अंग्रेज़ी को… अनुमति देकर” विवाद सुलझाया।
| श्रीलंका (1956) | भारत (1965) |
|---|---|
| तमिल हटाकर सिंहली एकमात्र राजभाषा | हिंदी के साथ-साथ अंग्रेज़ी भी जारी |
| माँगें नकारी गईं | माँग मानी गई |
| ! गृहयुद्ध | ★देश जुड़ा रहा |
★★किताब का वाक्य — “बढ़ावा देने का मतलब यह नहीं कि केंद्र सरकार उन राज्यों पर भी हिंदी को थोप सकती है जहाँ लोग कोई और भाषा बोलते हैं। भारतीय नेताओं ने इस मामले में जो लचीला रुख अपनाया उसी से हम श्रीलंका जैसी स्थिति में पहुँचने से बच गए।”
(ग) केंद्र-राज्य संबंध★
| दौर | क्या हुआ |
|---|---|
| ! पहले | “एक ही पार्टी का केंद्र और अधिकांश राज्यों में शासन” → “राज्य सरकारों ने स्वायत्त संघीय इकाई के रूप में अपने अधिकारों का प्रयोग नहीं किया” |
| ! और | अलग दल होने पर केंद्र “संवैधानिक प्रावधानों का दुरुपयोग करके विपक्षी दलों की राज्य सरकारों को भंग कर देती थी। यह संघवाद की भावना के प्रतिकूल काम था।” |
| ★1990 के बाद | क्षेत्रीय दलों का उदय + गठबंधन सरकार (क्योंकि “किसी एक दल को लोकसभा में स्पष्ट बहुमत नहीं मिला”) + सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फ़ैसला, जिससे “राज्य सरकार को मनमाने ढंग से भंग करना केंद्र सरकार के लिए मुश्किल हो गया” |
| नतीजा | ★★“इससे सत्ता में साझेदारी और राज्य सरकारों की स्वायत्तता का आदर करने की नई संस्कृति पनपी।” |
★सार — “संविधान 1950 में ही संघीय था। पर संघवाद असल में 1990 के बाद शुरू हुआ — और उसे लाने वाला कोई संशोधन नहीं, चुनावी नतीजे थे।”
7. भारत में विकेंद्रीकरण★★
विकेंद्रीकरण — “जब केंद्र और राज्य सरकार से शक्तियां लेकर स्थानीय सरकारों को दी जाती हैं तो इसे सत्ता का विकेंद्रीकरण कहते हैं।”
क्यों ज़रूरी —
- “भारत के प्रांत यूरोप के स्वतंत्र देशों से भी बड़े हैं… उत्तर प्रदेश रूस से भी बड़ा है और महाराष्ट्र लगभग जर्मनी के बराबर।”
- “अनेक मुद्दों और समस्याओं का निपटारा स्थानीय स्तर पर ही बढ़िया ढंग से हो सकता है।”
- “लोगों को अपने इलाक़े की समस्याओं की बेहतर समझ होती है” और यह भी कि “पैसा कहाँ खर्च किया जाए।”
- ★“स्थानीय सरकारों की स्थापना स्व-शासन के लोकतांत्रिक सिद्धांत को वास्तविक बनाने का सबसे अच्छा तरीक़ा है।”
1992 से पहले और बाद★
| ! 1992 से पहले | ★1992 के बाद |
|---|---|
| “राज्य सरकारों के सीधे नियंत्रण में” | चुनाव नियमित रूप से कराना संवैधानिक बाध्यता |
| “नियमित ढंग से चुनाव भी नहीं कराए जाते थे” | SC/ST/पिछड़ी जातियों के लिए सीटें आरक्षित |
| “न तो अपना कोई अधिकार था न संसाधन” | ★कम से कम एक तिहाई पद महिलाओं के लिए आरक्षित |
| ! “विकेंद्रीकरण नाम मात्र का हुआ था” | हर राज्य में राज्य चुनाव आयोग |
| — | राज्यों को राजस्व और अधिकारों का कुछ हिस्सा देना पड़ता है |
★सूत्र — “चुनाव · आरक्षण · महिला · आयोग · पैसा”
त्रिस्तरीय ढाँचा
ग्राम सभा (गाँव के सभी मतदाता; बजट पास और समीक्षा; साल में कम से कम दो-तीन बैठकें) ↓ ग्राम पंचायत (सदस्य = पंच, वार्डों से चुने; अध्यक्ष = प्रधान/सरपंच) ↓ पंचायत समिति (= मंडल/प्रखंड स्तरीय पंचायत; चुनाव सभी पंचायत सदस्य करते हैं) ↓ ज़िला परिषद (अधिकांश सदस्य चुने जाते हैं; सांसद, विधायक और कुछ अधिकारी भी सदस्य; प्रमुख = राजनीतिक प्रधान)
शहरों में — नगरपालिका (प्रमुख = नगरपालिका प्रमुख) · बड़े शहरों में नगरनिगम (प्रमुख = मेयर)
उपलब्धि और कमी — दोनों ज़रूरी★★
| ✓ उपलब्धि | ! कमी |
|---|---|
| “स्थानीय सरकारों की यह नयी व्यवस्था दुनिया में लोकतंत्र का अब तक का सबसे बड़ा प्रयोग है” | “ग्राम सभाओं की बैठकें नियमित रूप से नहीं होतीं” |
| 36 लाख लोगों का चुनाव — “यह संख्या ही… दुनिया के कई देशों की कुल आबादी से ज़्यादा है” | ★“अधिकांश राज्य सरकारों ने स्थानीय सरकारों को पर्याप्त अधिकार नहीं दिए हैं” |
| “लोकतंत्र की जड़ें और मज़बूत हुई हैं” | “हम स्वशासन की आदर्श स्थिति से काफ़ी दूर हैं” |
| ★“महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाने के साथ ही… उनकी आवाज़ को मज़बूत किया” | — |
ब्राज़ील — पोर्तो एलेग्रे
नगर-परिषद के समांतर एक संगठन; 13 लाख लोग बजट बनाने में भागीदार; हर उप-क्षेत्र की बैठक ग्राम सभा जैसी; हर साल 20,000 लोग हिस्सा लेते हैं। ★नतीजा — “बजट को सिर्फ़ अमीर लोगों की बस्तियों में ही खर्च नहीं किया जाएगा। अब सभी गरीब बस्तियों तक बसें जाती हैं और पुनर्वास का इंतज़ाम किए बगैर भवन-निर्माता झुग्गी वालों को उजाड़ नहीं सकते।” भारत में केरल के कुछ इलाक़ों में ऐसे प्रयोग हुए हैं।
8. अनिवार्य आँकड़े — एक ही जगह
| आँकड़ा | किसका |
|---|---|
| 193 में 25 · 40% | संघीय देश · उनमें रहने वाली विश्व आबादी |
| 1993 | बेल्जियम एकात्मक से संघीय बना |
| अनुच्छेद 371 | असम, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश, मिज़ोरम |
| दो-तिहाई + आधे राज्य | संविधान संशोधन की शर्त |
| ★1 नवंबर 1956 | राज्य पुनर्गठन आयोग की रिपोर्ट लागू |
| 1965 | अंग्रेज़ी बंद होनी थी — जारी रखी गई |
| 22 / 121 / 1300+ | अनुसूचित भाषाएँ / प्रमुख भाषाएँ / दर्ज मातृभाषाएँ |
| हिंदी 43.63% · अंग्रेज़ी 0.02% | मातृभाषा के रूप में |
| ★1992 | विकेंद्रीकरण वाला संविधान संशोधन |
| एक तिहाई | महिलाओं के लिए आरक्षित पद |
| 36 लाख | स्थानीय निकायों के निर्वाचित प्रतिनिधि |
| 13 लाख / 20,000 | पोर्तो एलेग्रे |
9. परीक्षा में जहाँ बच्चे मार खाते हैंध्यान
| ग़लती | सही बात |
|---|---|
| “अवशिष्ट अधिकार स्थानीय सरकार के पास” | ग़लत — केंद्र सरकार के पास (यही प्रश्न 10 का जाल है) |
| “हिंदी राष्ट्रभाषा है” | ग़लत — हिंदी राजभाषा है; “किसी एक भाषा को राष्ट्रभाषा का दर्जा नहीं दिया गया” |
| “श्रीलंका संघीय है” | ग़लत — वहाँ “व्यावहारिक रूप से अभी भी एकात्मक” व्यवस्था है |
| “शिक्षा राज्य सूची में” | ग़लत — समवर्ती सूची में |
| दो तरह के संघ उलट देना | अमरीका = साथ आकर (राज्य ताक़तवर) · भारत = साथ लेकर (केंद्र ताक़तवर) |
| “1992 में पंचायतें बनीं” | पंचायतें पहले भी थीं — 1992 में उन्हें ताक़त, चुनाव, आरक्षण और पैसा मिला |
| विकेंद्रीकरण में केवल उपलब्धियाँ लिखना | दोनों कॉलम चाहिए — कमियाँ किताब ने ख़ुद गिनाई हैं |
| ग्राम सभा और ग्राम पंचायत को एक समझना | पंचायत = चुने हुए लोग · ग्राम सभा = पूरा गाँव |
अंतिम पंक्ति — यही मत भूलिए
★★“संघीय व्यवस्था की सफलता का मुख्य श्रेय यहाँ की लोकतांत्रिक राजनीति के चरित्र को देना होगा।”
और उसका सबसे सरल रूप — “संविधान 1950 में ही संघीय था। पर संघवाद असल में 1990 के बाद शुरू हुआ।”