अध्याय 10आधारभूत लोकतंत्र — भाग 1: शासन

पाठ योजना18 मिनटस्रोत जाँचे गए

कक्षा 6 · सामाजिक विज्ञान · NCERT समाज का अध्ययन : भारत और उसके आगे, पृ. 149–162 प्रत्येक कालांश 40 मिनट का माना गया है। श्रुतलेख के खंड-क्रमांक 13-Dictation-Notes.md से मेल खाते हैं — दोनों साथ ले जाइए।

! यह अध्याय पिछले दो से भारी है। इसमें दो अलग-अलग तीन-तीन के समूह, एक बड़ी तालिका, और तीन नई परिभाषाएँ हैं। चार कालांश में यह नहीं समाता। पाँच लीजिए।

पूरे अध्याय की रीढ़ —तीन और तीन★★

यह अध्याय दो बार ‘तीन’ गिनाता है, और बच्चे उन्हें मिला देते हैं। यही इस अध्याय की सबसे बड़ी कठिनाई है।

बोर्ड के एक कोने में ये दो चित्र बनाइए — कालांश 2 और 3 में, और अंत तक मत मिटाइए

तीन अंग (चित्र 10.3 — पहिया)तीन स्तर (चित्र 10.4 — पिरामिड)
विधायिका — कानून बनाती हैकेंद्र सरकार — राष्ट्रीय स्तर
कार्यपालिका — कानून लागू करती हैराज्य सरकार — राज्य स्तर
न्यायपालिका — तय करती है कि कानून टूटा या नहींस्थानीय सरकार — नगर/ग्राम स्तर

★★और यह एक वाक्य कक्षा में कम से कम तीन बार बोलिए

“अंग = कौन क्या करता है। स्तर = कौन कहाँ तक। और तीनों अंग तीनों स्तरों पर होते हैं।”

पुस्तक ने दोनों के लिए अलग-अलग चित्र दिए हैं — एक पहिया और एक पिरामिड। यही भेद पढ़ाने का सबसे अच्छा तरीक़ा है: दो चित्र, दो आकार, दो अलग बातें।

पढ़ाने से पहले — तीन बातेंध्यान

(1) परिभाषाएँ पहले नहीं, कहानी पहले। पुस्तक स्वयं साइबर अपराध का उदाहरण देकर तीनों अंग एक साथ दिखाती है (पृ. 153)। पहले वह कहानी सुनाइए, फिर परिभाषाएँ लिखवाइए। उल्टा करने पर तीनों नाम आपस में उलझ जाते हैं।

(2) चित्र इस अध्याय का आधा हिस्सा हैं। चित्र 10.1 (दो सड़कें), 10.2 (दस लोक सेवाएँ), 10.3 (पहिया), 10.4 (पिरामिड), 10.5 (बड़ी तालिका)। इनमें से चार बिना किसी तैयारी के पढ़ाए जा सकते हैं और वे स्वयं काम करते हैं।

(3) ! अभ्यास-प्रश्न 4 में एक तिथि-संबंधी बात है। पुस्तक “2019 की कोविड महामारी के दौरान लगा लॉकडाउन” कहती है; भारत में देशव्यापी लॉकडाउन 2020 में लगा था। कक्षा में इसे ‘ग़लती’ कहकर मत उछालिए। प्रश्न का उद्देश्य स्तर और अंग की पहचान है, और वह पूरी तरह ठीक है। सुरक्षित रूप: वर्ष कहे बिना पूछिए। (विवरण 10-Verification-Log.md में।)

कालांश 1 — नियम, शासन, सरकार और कानून (पृ. 149–152)

लक्ष्य: विद्यार्थी बता सके कि नियम क्यों आवश्यक हैं, और शासन, सरकार तथा कानून — तीनों में अंतर कर सके।

समयगतिविधि
0–4 मि.★आवरण-पृष्ठ का शब्द-मेघ दिखाइए (पृ. 149 का निचला आधा भाग), कुछ बताए बिना। पूछिए: “इनमें से कौन-से शब्द तुम पहले से जानते हो?” जो शब्द कक्षा जानती है, उन पर घेरा लगा दीजिए। (यह दो मिनट में बता देता है कि कक्षा कहाँ खड़ी है।)
4–9 मि.दोनों उद्धरण पढ़िए — महाभारत का संस्कृत श्लोक और उसका अर्थ, फिर रिगोबर्टा मेन्चु तुम की चार पंक्तियाँ। ! ‘धर्म’ पर रुकिए: “यहाँ भी इसका मतलब कर्तव्य है — जैसे पिछले अध्याय में था।” फिर तीन महत्वपूर्ण प्रश्न बोर्ड पर लिखकर छोड़ दीजिए।
9–16 मि.परिचय पढ़िए (पृ. 150)। ★नियमों की सूची कक्षा से बनवाइए, पढ़कर मत सुनाइए: “घर में कौन-से नियम हैं? विद्यालय में? परीक्षा में? सड़क पर?” सब बोर्ड पर। फिर पुस्तक की आख़िरी पंक्ति पढ़िए — कि नियोक्ता भी उन्हीं नियमों से बँधा है जो उसने बनाए। ★पूछिए: “तो क्या नियम बनाने वाला भी नियम मानता है?”
16–24 मि.★★तीन परिभाषाएँ लिखवाइए — शासन, सरकार, कानून (शब्दश:, पृ. 150)। फिर तीनों का अंतर एक वाक्य में: “शासन एक प्रक्रिया है। सरकार एक तंत्र है। कानून एक अधिक महत्वपूर्ण नियम है।” पूछिए: “क्या शासन और सरकार एक ही चीज़ हैं?” (उत्तर: नहीं।)
24–30 मि.नियम बदले जा सकते हैं (पृ. 150–151) — घर में माता-पिता से चर्चा; विद्यालय में विद्यार्थी संघ या प्रबंधन से; और समाज में — “नागरिक भी अपनी बात रख सकते हैं।” ★यह वादा बोर्ड पर लिख दीजिए और घेर दीजिए: “हम जानेंगे कि ऐसा किस प्रकार होता है।” कालांश 5 में हम इसी पर लौटेंगे।
30–36 मि.★★चित्र 10.1 दिखाइए (पृ. 151) — दोनों सड़कें, बिना कुछ कहे। पूछिए: “इनमें क्या अंतर है?” उत्तर बोर्ड पर। फिर दूसरा प्रश्न, जो असली है: “दूसरे चित्र में लोग नियम तोड़ रहे हैं, या वहाँ नियम हैं ही नहीं?” चर्चा होने दीजिए।
36–40 मि.चित्र 10.2 दिखाइए (पृ. 152) — दस चित्र। कक्षा से पहचनवाइए, बताइए मत: सड़क निर्माण · रेल · सेना · अस्पताल · अग्निशमन/बचाव · यातायात पुलिस · सर्वोच्च न्यायालय · विद्यालय · डाक · सरकारी कार्यालय। ★फिर कहिए: “ये सब सरकार करती है। अब समझ आया कि हमें सरकार क्यों चाहिए?”

गृहकार्य: आइए पता लगाएँ (पृ. 153) — “अपने दैनिक जीवन के ऐसे अन्य पहलुओं पर विचार कीजिए जहाँ सरकार महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।” कम से कम पाँच लिखिए।

कालांश 2 — सरकार के तीन अंग (पृ. 153–154)

यह अध्याय का सबसे महत्वपूर्ण कालांश है। जल्दी मत कीजिए।

लक्ष्य: विद्यार्थी तीनों अंगों की भूमिकाएँ बता सके, और ‘शक्तियों का पृथक्करण’ का उद्देश्य समझा सके।

समयगतिविधि
0–4 मि.गृहकार्य सुनिए — सरकार कहाँ-कहाँ दिखती है। बोर्ड पर जोड़ते जाइए।
4–10 मि.★पहले पुराने ज़माने की बात सुनाइए (पृ. 153) — मनी ऑर्डर और डिमांड ड्राफ्ट, डाकघर और बैंक की पंक्तियाँ, 30 वर्ष पहले तक। पूछिए: “तुमने ये शब्द सुने हैं?” (अधिकतर नहीं सुने होंगे — पुस्तक ने भी यही कहा है।) फिर आज: “अब पैसे कैसे भेजे जाते हैं?”
10–16 मि.★★अब साइबर अपराध की कहानी सुनाइए, तीन चरणों में — और हर चरण पर रुकिए: (1) “सरकारों ने नए कानून बनाए।” (2) “साइबर पुलिस ने अपराधियों को गिरफ़्तार किया।” (3) “न्यायालय ने उन्हें दोषी ठहराया — आर्थिक दंड और जेल की सजा।” ★अब पूछिए: “इन तीन कामों को किसने किया? क्या तीनों एक ही ने किए?” यहीं से तीनों अंग निकलते हैं।
16–26 मि.अब तीनों परिभाषाएँ लिखवाइए (शब्दश:)। ! विधायिका में तीनों क्रियाएँ लिखवाइए — बनाना, संशोधन करना, निरस्त करना। ! और न्यायपालिका का दूसरा हिस्सा मत छोड़िए: ”…कभी-कभी यह इस बात की भी जाँच करती है कि क्या कार्यपालिका द्वारा लिया गया कोई निर्णय ठीक है या नहीं; अथवा विधायिका द्वारा पारित किया गया कोई कानून… सभी के हित में है या नहीं।” ★इस वाक्य के नीचे लकीर खिंचवाइए।
26–34 मि.★★शक्तियों का पृथक्करण (पृ. 154)। चित्र 10.3 बोर्ड पर बनाइए — बीच में गोला (शासन), चारों ओर तीन खंड, और बीच में दोनों दिशाओं वाले तीर। ★पूछिए: “तीर एक तरफ़ क्यों नहीं हैं?” (उत्तर: क्योंकि हर अंग दूसरे की निगरानी करता है — कोई ऊपर नहीं है।) फिर उद्देश्य लिखवाइए — “नियंत्रित करना एवं संतुलन बनाए रखना।”
34–40 मि.★पृष्ठ 155 की गतिविधि यहीं करा लीजिए: “यदि तीनों अंगों की शक्तियाँ किसी एक ही समूह के नियंत्रण में आ जाएँ, तो क्या होगा?” ★यह उपमा दीजिए: “अगर एक ही खिलाड़ी नियम बनाए, स्वयं खेले, और स्वयं ही अंपायर हो जाए — तो खेल कैसा होगा?” कक्षा से उत्तर आने दीजिए। यह उपमा पूरा विचार तीस सेकंड में बैठा देती है।

गृहकार्य: आइए पता लगाएँ (पृ. 154) — “साइबर अपराधियों के मामले में सरकार के तीनों अंग किस प्रकार कार्य करते हैं, वर्णन कीजिए।” (लिखित, तीन अनुच्छेदों में।)

कालांश 3 — सरकार के तीन स्तर (पृ. 155–156)

लक्ष्य: विद्यार्थी तीनों स्तर गिना सके और बता सके कि कौन-सी समस्या किस स्तर पर हल होती है।

समयगतिविधि
0–5 मि.गृहकार्य सुनिए। फिर बोर्ड पर पहिया वाला चित्र फिर से बना दीजिए और कहिए: “आज एक और ‘तीन’ आ रही है। ध्यान से देखिए कि वह इससे अलग कैसे है।”
5–11 मि.★बल्ब वाली उपमा (पृ. 155)। कक्षा से चलवाइए: “घर का बल्ब नहीं जल रहा — पहले क्या करोगे?” → बल्ब, स्विच, फ्यूज़ → बिजली मिस्त्री → बिजली विभाग में शिकायत। फिर कहिए: “देखा? समस्या के तीन स्तर।”
11–18 मि.तीनों स्तर लिखवाइए — स्थानीय स्तर · राज्य या प्रादेशिक स्तर · राष्ट्रीय स्तर। चित्र 10.4 का पिरामिड बोर्ड पर बनाइए, नीचे से ऊपर: स्थानीय → राज्य → केंद्र। ! यहीं वह वाक्य कहिए जो पूरे अध्याय की कुंजी है: “अंग = कौन क्या करता है। स्तर = कौन कहाँ तक। और तीनों अंग तीनों स्तरों पर होते हैं।”
18–28 मि.★★बाढ़ वाली तालिका बनवाइए (पृ. 155–156) — बोर्ड पर तीन पंक्तियाँ, कक्षा से भरवाइए: छोटी बाढ़ → स्थानीय प्राधिकारी · अनेक नगर और गाँव → राज्य सरकार, बचाव दल · भयानक और विशाल क्षेत्र → केंद्र सरकार, राहत सामग्री और सेना। ★फिर एक और स्थिति देकर वही तालिका दोबारा भरवाइए — जैसे “मोहल्ले की सड़क टूटी है” या “पूरे राज्य में सूखा है”।
28–34 मि.★ध्यान रखें वाला बॉक्स (पृ. 156) — ‘सत्यमेव जयते’ (भारत सरकार) और ‘यतो धर्मस्ततो जय:’ (सर्वोच्च न्यायालय), दोनों अर्थ सहित लिखवाइए। ★फिर अध्याय के पहले उद्धरण पर लौटिए: “याद है, पहले दिन महाभारत का श्लोक पढ़ा था? वहाँ भी ‘धर्म’ था, और यहाँ भी।”
34–40 मि.! पुस्तक की वह सूचना पढ़िए जो प्राय: छूट जाती है (पृ. 156): चित्र 10.5 की तालिका में स्थानीय सरकार जान-बूझकर नहीं है, क्योंकि वह अगले दो अध्यायों में आएगी; और विधान सभाओं की भूमिका कक्षा 7 में। ★यह कहना ज़रूरी है — वरना अगले कालांश में यह प्रश्न ज़रूर उठेगा। फिर चित्र 10.5 का पृष्ठ खुलवाकर छोड़ दीजिए — कल उसी से शुरू होगा।

गृहकार्य: आइए पता लगाएँ (पृ. 156) — “दो अथवा तीन वयस्क लोगों से सरकार के साथ उनके कार्य संबंधित संपर्कों अथवा अनुभवों के बारे में पूछिए — यह संपर्क किन स्तरों पर और किन उद्देश्यों से हुए?”

★यह गृहकार्य इस अध्याय का सबसे अच्छा गृहकार्य है — क्योंकि राशन कार्ड, आधार, बिजली का बिल, जन्म प्रमाणपत्र जैसे उत्तर आते हैं, और तीनों स्तर अपने आप कक्षा में आ जाते हैं।

कालांश 4 — चित्र 10.5 की तालिका, और डॉ. कलाम (पृ. 157–158)

यह सबसे सघन कालांश है। तालिका पूरी मत उतरवाइए — नीचे बताया गया तरीक़ा अपनाइए।

लक्ष्य: विद्यार्थी बता सके कि तीनों अंग राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर किन नामों से काम करते हैं।

समयगतिविधि
0–5 मि.गृहकार्य सुनिए — वयस्कों के अनुभव। हर उत्तर के आगे स्तर लिखवाइए — स्थानीय / राज्य / केंद्र।
5–13 मि.★तालिका पूरी मत उतरवाइए। तीन पंक्तियों में तोड़िए। पहले न्यायपालिका (सबसे सरल): अखिल भारत → भारत का सर्वोच्च न्यायालय · राज्य स्तर → उच्च न्यायालय। फिर विधायिका: राष्ट्रीय → दो सदन: लोकसभा और राज्य सभा · राज्य → विधान सभा (और कुछ राज्यों में विधान परिषद भी)। ★हाशिये की परिभाषा लिखवाइए — ‘सदन’।
13–22 मि.★★अब कार्यपालिका — और यही सबसे अधिक ग़लत होती है। तालिका बनवाइए: राष्ट्रपति = औपचारिक प्रमुख + तीनों सशस्त्र सेनाओं के सर्वोच्च कमांडर · प्रधानमंत्री = कार्यपालिका के प्रमुख · राज्यपाल = औपचारिक प्रधान · मुख्यमंत्री = कार्यपालिका के प्रमुख। फिर ‘औपचारिक’ की परिभाषा लिखवाइए (हाशिये से, शब्दश:)। ! हेज मत गिराइए — “विशेष परिस्थितियों में विशेषाधिकार” और “सामान्यत:”।
22–28 मि.कार्यों की दोनों सूचियाँ बोर्ड से उतरवाइए (बुलवाइए मत)। ★फिर यह प्रश्न पूछिए: “तालिका में कोई एक शब्द दोनों तरफ़ है — कौन-सा?” उत्तर: शिक्षा। जो बच्चा खोज ले, उसे अतिरिक्त मान्यता दीजिए। “कुछ विषयों पर केंद्र और राज्य, दोनों काम करते हैं।” ! इससे आगे मत बढ़िए — ‘समवर्ती सूची’ शब्द पुस्तक में नहीं है।
28–36 मि.★★डॉ. कलाम का बॉक्स (पृ. 158)। तथ्य लिखवाइए: 1931 · रामेश्वरम, तमिलनाडु · सामान्य परिवार · ‘मिसाइल मैन’ · 11वें राष्ट्रपति · 2002–2007। ★★और अब वह जोड़ बनाइए जो पूरे कालांश की कुंजी है: “अभी हमने पढ़ा कि राष्ट्रपति ‘औपचारिक’ प्रमुख होते हैं। और अगले ही पन्ने पर किताब कलाम साहब का उदाहरण देती है। क्यों?” उत्तर पुस्तक में है — “भले ही राष्ट्रपति के रूप में उनकी स्थिति सांकेतिक है, फिर भी वे असंख्य लोगों के जीवन को प्रभावित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।”
36–40 मि.★FAIL · END · NO वाला उद्धरण पढ़िए और बोर्ड पर लिखिए — FAIL = फर्स्ट एटेम्प्ट इन लर्निंग · END = एफर्ट नेवर डाइज़ · NO = नेक्स्ट अपॉरचुनिटी। यह कक्षा का सबसे यादगार क्षण होता है। इसके लिए समय बचाकर रखिए।

गृहकार्य: आइए पता लगाएँ (पृ. 156) — “चित्र 10.5 की सारणी में उन कार्यों और दायित्वों पर प्रकाश डालिए जो आपके जीवन को सबसे अधिक प्रभावित करते हैं।” कम से कम तीन, कारण सहित।

कालांश 5 — लोकतंत्र, और अध्याय का समापन (पृ. 159–162)

लक्ष्य: विद्यार्थी ‘लोकतंत्र’ शब्द की जड़ बता सके, प्रत्यक्ष और प्रतिनिधि लोकतंत्र में अंतर कर सके, और ‘आधारभूत लोकतंत्र’ की परिभाषा दे सके।

समयगतिविधि
0–4 मि.गृहकार्य सुनिए — कौन-से कार्य जीवन को सबसे अधिक प्रभावित करते हैं। (शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पुलिस — प्राय: यही आते हैं।)
4–9 मि.★शब्द की जड़ बोर्ड पर बड़े अक्षरों में: डेमोस = लोग · क्रेटोस = शासन प्रणाली या तंत्र या शक्ति → डेमोक्रेसी = लोक-शासन / गणतंत्र। ! दोनों शब्द अलग-अलग लिखवाइए — ये परीक्षा में उलटते हैं।
9–17 मि.★★पुस्तक का प्रश्न कक्षा से पुछवाइए: “क्या सभी लोग एक साथ शासन कर सकते हैं?” फिर कक्षा वाला उदाहरण चलाइए: “मान लो हमें प्रधानाचार्य जी से कुछ कहना है — क्या पूरी कक्षा जाएगी?” उत्तर से ‘प्रतिनिधि’ निकलवाइए। फिर लिखवाइए: राज्य स्तर पर विधायक · राष्ट्र स्तर पर सांसद। और वे क्या करते हैं — “कानूनों पर चर्चा… मतभेद की स्थिति में संवाद और तर्क-वितर्क द्वारा समस्या का हल।”
17–23 मि.भारत के आँकड़े लिखवाइए — 2024 के परिप्रेक्ष्य में लगभग 97 करोड़ मतदाता · विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र · मतदान की आयु 18 वर्ष। ★पृष्ठ 159 का मतदान वाला चित्र दिखाइए — उँगली पर स्याही। पूछिए: “यह स्याही क्यों लगाई जाती है?”
23–31 मि.★★पिकनिक वाला उदाहरण — इसे कक्षा में करके दिखाइए, पढ़कर नहीं। दो काल्पनिक स्थान लीजिए, दो मिनट लाभ-हानि पर बात कराइए, फिर सचमुच हाथ उठवाकर मतदान कराइए। फिर कहिए: “यह जो अभी हुआ, उसे प्रत्यक्ष लोकतंत्र कहते हैं — हर एक की राय ली गई।” और तालिका बनवाइए: प्रत्यक्ष ↔ प्रतिनिधि।
31–37 मि.★★‘आधारभूत/धरातलीय लोकतंत्र’ की परिभाषा लिखवाइए (शब्दश:)। फिर पिरामिड की ओर लौटिए: “किताब कहती है कि यह पिरामिड का आधार है — यानी स्थानीय स्तर।” ★और अब वह वादा पूरा कीजिए जो कालांश 1 में बोर्ड पर लिखा था: “नागरिक भी अपनी बात रख सकते हैं — हम जानेंगे कि ऐसा किस प्रकार होता है।” “अब हम जान गए।”
37–40 मि.‘आगे बढ़ने से पहले’ के चारों बिंदु पढ़िए। ★बिंदु 2 और 3 पर रुककर बोर्ड के दोनों चित्र — पहिया और पिरामिड — फिर से दिखाइए। अंत में कहिए: “अगले दो अध्यायों में हम पिरामिड के सबसे नीचे वाले हिस्से को पढ़ेंगे — स्थानीय सरकार।”

गृहकार्य: प्रश्न, क्रियाकलाप और परियोजनाएँ (पृ. 161) के चारों प्रश्न। और पृष्ठ 162 का ‘नूडल्स’ पृष्ठ: “‘शासन’ का अपना चित्र बनाइए — तीन अंग, या तीन स्तर, या दोनों।”

★जो बच्चा पहिया और पिरामिड दोनों बना ले, उसने अध्याय पकड़ लिया है।

मूल्यांकन का क्रम

कबक्या
कालांश 2 के बाद06-Flashcards.md के समूह 1–6 से मौखिक प्रश्नोत्तरी
कालांश 3 के बाद15-Student-Worksheet.md का भाग क और ख
कालांश 4 के बाद15-Student-Worksheet.md का भाग ङ (जाल वाले सवाल)
कालांश 5 के बाद05-Question-Bank.md से लिखित परीक्षा
अलग से08-PARAKH-Question-Bank.md — योग्यता-आधारित, नए प्रकरणों पर

पूर्व-ज्ञान — किन अध्यायों से जुड़ता है

अध्यायकड़ी
अध्याय 9 — परिवार और समुदाय‘अलिखित नियम’ → लिखे हुए कानून; और “नियमों के निर्माण में भागीदार होते हैं” → आधारभूत लोकतंत्र
अध्याय 7 — भारत की सांस्कृतिक जड़ेंप्राचीन ग्रंथों से आदर्श वाक्य; ‘धर्म’ शब्द की सावधानी
आगे — अध्याय 11 और 12स्थानीय सरकार — पिरामिड का आधार
आगे — कक्षा 7विधान सभाओं की निश्चित भूमिका (पुस्तक ने स्वयं कहा है)

आवश्यक सामग्री

  • बोर्ड का एक कोना या चार्ट पेपर — पहिया (तीन अंग) और पिरामिड (तीन स्तर), दोनों चित्र पाँचों कालांश टँगे रहें
  • पृष्ठ 151 के दोनों चित्र — कालांश 1 के लिए, कैप्शन ढँके हुए
  • पृष्ठ 152 के दस चित्र — कालांश 1 के लिए
  • पृष्ठ 157 की तालिका का बड़ा प्रिंट या प्रक्षेपण — कालांश 4 के लिए अनिवार्य
  • पृष्ठ 158 का डॉ. कलाम वाला पृष्ठ — कालांश 4 के लिए
  • पृष्ठ 159 का मतदान वाला चित्र — कालांश 5 के लिए