अध्याय 10आधारभूत लोकतंत्र — भाग 1: शासन

श्रुतलेख22 मिनटस्रोत जाँचे गए

श्रुतलेख नोट्स — शिक्षक बोलेंगे, विद्यार्थी लिखेंगे

यह दस्तावेज़ सुना जाता है, पढ़ा नहीं जाता

यह फ़ाइल शिक्षक के हाथ में रहती है। विद्यार्थी के पास केवल कॉपी और क़लम।

सबसे बड़ी बाध्यता: एक विद्यार्थी देवनागरी में प्रति मिनट 15–20 शब्द लिख पाता है। 40 मिनट के कालांश में 20 मिनट का श्रुतलेख = 300–400 शब्द। यही पूरा बजट है।

! इस अध्याय के लिए दो विशेष चेतावनियाँ

(1) चित्र 10.5 की तालिका कभी मत बुलवाइए। उसमें बीस से अधिक कार्य गिनाए गए हैं। वे सब उतारिए में हैं। सूची बुलवाने में पूरा कालांश निकल जाता है और कॉपी में आधे शब्द ग़लत लिखे जाते हैं।

(2) परिभाषाएँ शब्दश: लिखवाइए, बाक़ी सब सारांश में। इस अध्याय की पाँच परिभाषाएँ — शासन, सरकार, कानून, सदन, औपचारिक — पुस्तक के अपने शब्दों में जानी चाहिए। बाक़ी हर चीज़ छोटी की जा सकती है।

चार संकेत — इनका अर्थ

संकेतक्या करना है
कहिएबोलिए, लिखवाइए नहीं। यह ढाँचा और संदर्भ देता है
लिखवाइएयही वाक्य कॉपी में जाता है। ⏸ = ठहरिए · 🔁 = दोहराइए
✓ बोर्ड परये शब्द कान से नहीं लिखे जा सकते — खंड शुरू करने से पहले बोर्ड पर लिख दीजिए
उतारिएतालिकाएँ और सूचियाँ बोर्ड से उतारी जाती हैं, बोली नहीं जातीं

संख्याएँ हमेशा दो बार: पहले शब्दों में, फिर अंकों में — जैसे “लगभग सत्तानवे करोड़ ⟨97⟩”।

खंड-क्रमांक 01-Lesson-Plan.md के कालांशों से मेल खाते हैं।

खंड 1 — नियम, और तीन परिभाषाएँ

कालांश 1 · समय 11 मिनट · लगभग 150 शब्द · CORE

✓ बोर्ड पर (खंड से पहले): महाभारत · रिगोबर्टा मेन्चु तुम · असहमति · अव्यवस्था · सद्भाव · नियोक्ता · शासन · अनुपालन

कहिए: “इस अध्याय के आरंभ में दो उद्धरण हैं — एक महाभारत का संस्कृत श्लोक, और एक ग्वाटेमाला की एक महिला का। दोनों एक ही बात कहते हैं — शासन तभी टिकता है जब वह किसी बड़े मूल्य की रक्षा करता हो।”

लिखवाइए:

महाभारत का श्लोक कहता है कि शासक धर्म की रक्षा करता है और जो धर्म की रक्षा करते हैं, धर्म उनकी रक्षा करता है। 🔁 ⏸

रिगोबर्टा मेन्चु तुम कहती हैं — न्याय के बिना शांति नहीं; समानता के बिना न्याय नहीं; विकास के बिना समानता नहीं; संस्कृति और लोगों की पहचान और सम्मान के बिना लोकतंत्र नहीं। 🔁 ⏸

पुस्तक कहती है कि जब बहुत से लोग एक साथ रहते हैं, तब असहमति और अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। ⏸

ऐसे में, समाज में व्यवस्था और सद्भाव बनाए रखने के लिए नियम अनिवार्य हो जाते हैं। 🔁 ⏸

लिखवाइए — ★★तीनों परिभाषाएँ, शब्दश:

निर्णयों को लेने की प्रक्रिया, नियमों के विभिन्न समूहों से सामाजिक जीवन को व्यवस्थित करना और उनका पालन सुनिश्चित करना ही शासन कहलाता है। 🔁 🔁 ⏸

सरकार उन व्यक्तियों के समूह या तंत्र को कहते हैं जो नियम बनाते और इन नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करते हैं। 🔁 🔁 ⏸

कुछ अधिक महत्वपूर्ण नियमों को कानून कहा जाता है। 🔁 ⏸

कहिए — ★यह अवश्य: “हाशिये में तीन शब्द लिख लीजिए — शासन = प्रक्रिया। सरकार = तंत्र। कानून = अधिक महत्वपूर्ण नियम।”

“अब एक प्रश्न — क्या शासन और सरकार एक ही चीज़ हैं?” उत्तर कक्षा से आने दीजिए: “नहीं। सरकार शासन करती है; शासन वह काम है जो वह करती है।”

खंड 2 — नियम बदले जा सकते हैं

कालांश 1 · समय 8 मिनट · लगभग 110 शब्द · CORE

✓ बोर्ड पर: विद्यार्थी संघ · नागरिक · कदापि

लिखवाइए:

नियम घर में भी होते हैं और विद्यालय में भी — कुछ विद्यार्थियों के लिए, तो कुछ शिक्षकों के लिए। ⏸

सभी प्रकार की नौकरियों में कार्यरत लोगों को भी नियोक्ता द्वारा बनाए गए नियमों का पालन करना पड़ता है, जबकि नियोक्ता को भी उन सभी नियमों का पालन करना पड़ता है जो उन्होंने अपने अधीन काम करने वाले लोगों के लिए बनाए हैं। 🔁 🔁 ⏸

यदि कोई व्यक्ति नियम का पालन नहीं करता है, तो समाज अपनी व्यवस्था बनाए रखने में सक्षम नहीं हो पाएगा। 🔁 ⏸

इसका यह तात्पर्य कदापि नहीं है कि जो नियम और कानून एक बार बन गए, वे सदा के लिए बन गए। 🔁 ⏸

कानूनों और नियमों में नागरिक भी अपनी बात रख सकते हैं। 🔁 🔁 ⏸

कहिए — ★★यह अवश्य कीजिए: “आख़िरी वाक्य पर घेरा लगा लीजिए। और उसके आगे किताब लिखती है — ‘हम जानेंगे कि ऐसा किस प्रकार होता है।’ यह एक वादा है। हम आख़िरी दिन इस पर लौटेंगे।”

“और उससे पहले वाला वाक्य भी देखिए — नियम बनाने वाला भी नियम मानता है। यह बात आगे बहुत काम आएगी।”

खंड 3 — सरकार के तीन अंग

कालांश 2 · समय 12 मिनट · लगभग 165 शब्द · CORE

✓ बोर्ड पर: मनी ऑर्डर · डिमांड ड्राफ्ट · साइबर क्राइम · विधायिका · कार्यपालिका · न्यायपालिका · संशोधन · निरस्त · अभिकरण (एजेंसी)

कहिए — पहले कहानी, फिर परिभाषाएँ: “तीस साल पहले लोग डाकघर की पंक्ति में लगकर मनी ऑर्डर भेजते थे… अब डिजिटल संसाधन हैं… पर उसी तकनीक ने साइबर अपराध भी पैदा किया… सरकारों ने नए कानून बनाए… साइबर पुलिस ने पकड़ा… न्यायालय ने दोषी ठहराया।” फिर पूछिए: “इन तीन कामों को किसने किया? क्या तीनों एक ही ने किए?”

लिखवाइए:

डिजिटल तकनीक ने विशेष प्रकार के अपराधियों को भी जन्म दिया है जो अपने स्थान पर बैठे-बैठे डिजिटल माध्यमों से लोगों की धनराशि चुराने के तरीके ढूँढ़ते हैं। ⏸

विधायिका वह अंग है जो नए कानून बनाती है और कभी-कभी पुराने कानूनों में संशोधन तथा वर्तमान कानून को निरस्त भी करती है। 🔁 🔁 ⏸

यह कार्य जनता के प्रतिनिधियों की सभा द्वारा किया जाता है। 🔁 ⏸

कार्यपालिका वह अंग है जो कानूनों को लागू करती है। 🔁 ⏸

इसके अंतर्गत राष्ट्र-राज्य के प्रमुख, मंत्रीगण और ऐसे अभिकरण आते हैं जिनका दायित्व कानून को लागू करवाना होता है। ⏸

न्यायपालिका न्यायालयों की प्रणाली है जो इस बात का निर्णय करती है कि क्या किसी ने कानून तोड़ा है और यदि तोड़ा है, तो उस पर क्या कार्रवाई की जाए। 🔁 ⏸

लिखवाइए — ★★यह वाक्य सबसे महत्वपूर्ण है, धीरे बोलिए:

कभी-कभी यह इस बात की भी जाँच करती है कि क्या कार्यपालिका द्वारा लिया गया कोई निर्णय ठीक है या नहीं; अथवा विधायिका द्वारा पारित किया गया कोई कानून भली-भाँति परखा गया है और सभी के हित में है या नहीं। 🔁 🔁 🔁 ⏸

कहिए — ★यह अवश्य: “इस आख़िरी वाक्य के नीचे लकीर खींच लीजिए। इसका मतलब यह है कि न्यायपालिका सिर्फ़ नागरिकों को नहीं परखती — वह बाक़ी दो अंगों को भी परखती है।”

“और विधायिका के तीन काम हाशिये में लिख लीजिए — बनाना, संशोधन करना, निरस्त करना।”

खंड 4 — शक्तियों का पृथक्करण

कालांश 2 · समय 8 मिनट · लगभग 110 शब्द · CORE

✓ बोर्ड पर: सुशासन · पृथक · पृथक्करण · निगरानी · संतुलन

लिखवाइए:

सुशासन के किसी भी तंत्र में इन तीनों अंगों को निश्चित रूप से पृथक रखा जाता है, जबकि ये तीनों एक-दूसरे को प्रभावित करते हैं और कार्य भी एक साथ करते हैं। 🔁 ⏸

यह विभाजन ‘शक्तियों का पृथक्करण’ कहलाता है। 🔁 🔁 ⏸

इसका उद्देश्य पूरी प्रणाली को नियंत्रित करना एवं संतुलन बनाए रखना है। 🔁 🔁 ⏸

अर्थात सरकार का प्रत्येक अंग दूसरे अंग के कार्यों की निगरानी कर सकता है तथा यदि कोई अंग अपनी अपेक्षित भूमिका से परे जाकर कार्य कर रहा है, तो उसे नियंत्रित कर पुन: संतुलन स्थापित कर सकता है। 🔁 ⏸

उतारिए — चित्र 10.3 का ढाँचा (बोर्ड पर बनाइए, विद्यार्थी बनाएँ) बीच में एक गोला — शासन। चारों ओर तीन खंड — विधायिका · कार्यपालिका · न्यायपालिका। और तीनों के बीच दोनों दिशाओं वाले तीर।

कहिए — ★दो प्रश्न पूछिए: “तीर एक तरफ़ क्यों नहीं हैं?” — उत्तर: क्योंकि हर अंग दूसरे की निगरानी करता है; कोई ऊपर नहीं है। “और अगर एक ही खिलाड़ी नियम बनाए, स्वयं खेले और स्वयं ही अंपायर हो जाए — तो खेल कैसा होगा?”

खंड 5 — सरकार के तीन स्तर

कालांश 3 · समय 11 मिनट · लगभग 150 शब्द · CORE

✓ बोर्ड पर: प्रादेशिक · प्राधिकारी · बचाव दल · राहत सामग्री

कहिए — ! यह वाक्य पहले बोलिए: “अब एक और ‘तीन’ आ रही है। ध्यान से देखिए कि वह पिछली वाली से अलग कैसे है।” “अंग बताते हैं कि कौन क्या करता है। स्तर बताते हैं कि कौन कहाँ तक।”

लिखवाइए:

भारत सहित अनेक देशों में सरकार तीन स्तरों पर कार्य करती है — स्थानीय स्तर, राज्य या प्रादेशिक स्तर और राष्ट्रीय स्तर। 🔁 🔁 ⏸

प्रत्येक स्तर भिन्न विषयों पर कार्य करता है। 🔁 ⏸

यदि घर का बल्ब नहीं जल रहा है, तो पहले बल्ब, स्विच और फ्यूज़ जाँचे जाते हैं; फिर बिजली मिस्त्री को बुलाया जाता है; और यदि समस्या घर पर नहीं है, तो बिजली विभाग जाकर शिकायत दर्ज कराई जाती है। ⏸

यहाँ भी समस्या के समाधान के तीन स्तर हैं। 🔁 ⏸

लिखवाइए — ★★बाढ़ वाला उदाहरण, तीन वाक्यों में:

यदि बाढ़ ज्यादा भीषण नहीं है, तो स्थानीय प्राधिकारी उस स्थिति को संभाल सकते हैं। 🔁 ⏸

यदि बाढ़ अनेक नगरों और बहुत से गाँवों को प्रभावित करती है, तो राज्य सरकार आगे आती है और प्रभावित लोगों को बचाने के लिए बचाव दल भेजती है। 🔁 ⏸

किंतु यदि बाढ़ भयानक रूप ले लेती है और विशाल क्षेत्र को प्रभावित करती है, तो केंद्र सरकार मदद के लिए आगे आती है और राहत सामग्री और सेना इत्यादि भेजती है। 🔁 🔁 ⏸

उतारिए — चित्र 10.4 का पिरामिड (बोर्ड से)

परतकौनकहाँ
ऊपरकेंद्र सरकारराष्ट्रीय स्तर पर
बीचराज्य सरकारराज्य स्तर पर
नीचे (आधार)स्थानीय सरकारनगर अथवा ग्राम स्तर पर

कहिए — ★यह अवश्य: “हाशिये में एक वाक्य लिख लीजिए — ऊपर का स्तर तभी आता है जब नीचे का स्तर सँभाल न सके।”

खंड 6 — आदर्श वाक्य, और चित्र 10.5

कालांश 3 और 4 · समय 12 मिनट · लगभग 145 शब्द · CORE

✓ बोर्ड पर: सत्यमेव जयते · यतो धर्मस्ततो जय: · सदन · औपचारिक · विशेषाधिकार · हस्तक्षेप · सर्वोच्च कमांडर

लिखवाइए:

हमारे अनेक संस्थानों के आदर्श वाक्य हमारे प्राचीन ग्रंथों के ज्ञान से प्रेरित हैं। ⏸

भारत सरकार का आदर्श वाक्य ‘सत्यमेव जयते’ है, अर्थात “सत्य की ही विजय होती है”। 🔁 ⏸

सर्वोच्च न्यायालय का आदर्श वाक्य ‘यतो धर्मस्ततो जय:’ है, जिसका अर्थ है “जहाँ धर्म है, वहाँ विजय है”। 🔁 ⏸

उतारिए — चित्र 10.5, भाग 1 (बोर्ड से)

अखिल भारत / राष्ट्रीयराज्य स्तर
न्यायपालिकाभारत का सर्वोच्च न्यायालयउच्च न्यायालय
विधायिकादो सदन — लोकसभा और राज्य सभाविधान सभा (कुछ राज्यों में विधान परिषद भी)

लिखवाइए:

सदन ऐसी सभा है जहाँ कानूनों पर चर्चा की जाती है अथवा उन्हें पारित किया जाता है। 🔁 🔁 ⏸

उतारिए — चित्र 10.5, भाग 2 (बोर्ड से)

संघ सरकारराज्य सरकार
औपचारिक प्रमुखराष्ट्रपति — और तीनों सशस्त्र सेनाओं के सर्वोच्च कमांडरराज्यपाल
कार्यपालिका के प्रमुखप्रधानमंत्रीमुख्यमंत्री

लिखवाइए — ★★‘औपचारिक’ की परिभाषा, शब्दश::

हमारे यहाँ राष्ट्रपति और राज्यपाल वास्तविक कार्यपालिका प्रमुख नहीं होते हैं। 🔁 ⏸

विशेष परिस्थितियों में उन्हें विशेषाधिकार प्राप्त होते हैं, पर वे सामान्यत: केंद्र या राज्य सरकार के कार्यों में हस्तक्षेप नहीं करते हैं। 🔁 🔁 ⏸

उतारिए — कार्यों की दोनों सूचियाँ (बोर्ड से; बुलवाइए मत)

संघ सरकारराज्य सरकार
रक्षा · विदेशी मामले · परमाणु ऊर्जापुलिस, कानून व्यवस्था
संचार · मुद्रा · अंतर्राज्यीय वाणिज्यकेंद्र के कानूनों का कार्यान्वयन
शिक्षा · राष्ट्रीय नीतियों का प्रतिपादनजन-स्वास्थ्य · शिक्षा · कृषि · सिंचाई · स्थानीय सरकार

कहिए — ★यह प्रश्न पूछिए: “तालिका में कोई एक शब्द दोनों तरफ़ है — कौन-सा?” — उत्तर: शिक्षा। “इसका मतलब यह है कि कुछ विषयों पर केंद्र और राज्य, दोनों काम करते हैं।”

खंड 7 — डॉ. अब्दुल कलाम

कालांश 4 · समय 8 मिनट · लगभग 110 शब्द · CORE

✓ बोर्ड पर: रामेश्वरम · मिसाइल मैन · सांकेतिक · FAIL · END · NO

लिखवाइए:

तमिलनाडु के रामेश्वरम में एक सामान्य परिवार में उन्नीस सौ इकतीस ⟨1931⟩ में ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का जन्म हुआ। 🔁 ⏸

सुप्रसिद्ध वैज्ञानिक डॉ. कलाम को भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम, मिसाइल कार्यक्रम और परमाणु क्षमताओं के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका के कारण ‘मिसाइल मैन’ के नाम से भी जाना जाता है। 🔁 ⏸

डॉ. अब्दुल कलाम दो हज़ार दो ⟨2002⟩ से दो हज़ार सात ⟨2007⟩ तक भारत के ग्यारहवें ⟨11वें⟩ राष्ट्रपति के रूप में कार्यरत रहे। 🔁 🔁 ⏸

लिखवाइए — ★★यह वाक्य तीन बार दोहराइए:

डॉ. कलाम ने यह दिखाया कि भले ही राष्ट्रपति के रूप में उनकी स्थिति सांकेतिक है, फिर भी वे असंख्य लोगों के जीवन को प्रभावित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। 🔁 🔁 🔁 ⏸

कहिए — ★★यह जोड़ अवश्य बनाइए: “अभी पिछले खंड में हमने पढ़ा था कि राष्ट्रपति ‘औपचारिक’ प्रमुख होते हैं। और अगले ही पन्ने पर किताब कलाम साहब का पूरा पन्ना दे देती है। क्यों?” उत्तर आने दीजिए। “क्योंकि ‘औपचारिक’ का मतलब ‘प्रभावहीन’ नहीं होता।”

उतारिए — तीन संक्षेप (बोर्ड पर अंग्रेज़ी वर्तनी सहित लिखिए)

संक्षेपअर्थ
F-A-I-Lफर्स्ट एटेम्प्ट इन लर्निंग — सीखने की दिशा में पहला प्रयास
E-N-Dएफर्ट नेवर डाइज़ — प्रयास कभी निरर्थक नहीं होते
N-Oनेक्स्ट अपॉरचुनिटी — अगले अवसर के लिए तैयार रहें

! अंग्रेज़ी वर्तनी बोर्ड पर लिखना ज़रूरी है — केवल हिंदी में बोलने पर यह जोड़ बच्चों को दिखता ही नहीं।

खंड 8 — लोकतंत्र

कालांश 5 · समय 11 मिनट · लगभग 150 शब्द · CORE

✓ बोर्ड पर: डेमोस · क्रेटोस · डेमोक्रेसी · गणतंत्र · विधायक · सांसद · तर्क-वितर्क

लिखवाइए:

लोकतंत्र का अंग्रेजी शब्द ‘डेमोक्रेसी’ है, जो ग्रीक भाषा के दो शब्दों ‘डेमोस’ अर्थात ‘लोग’ और ‘क्रेटोस’ अर्थात ‘शासन प्रणाली या तंत्र या शक्ति’ से बना है। 🔁 🔁 ⏸

अत: डेमोक्रेसी का शाब्दिक अर्थ हुआ लोक-शासन या गणतंत्र, अर्थात लोगों का शासन। 🔁 ⏸

परंतु क्या सभी लोग एक साथ शासन कर सकते हैं? स्पष्ट है कि यह संभव नहीं है। 🔁 ⏸

इसीलिए बहुत से विद्यालयों में पूरी कक्षा मिलकर कक्षा के मॉनीटर या कक्षा के प्रतिनिधि का चयन करती है, और यही सिद्धांत राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर भी लागू होता है। ⏸

चुनावों के माध्यम से जनता अपने प्रतिनिधियों को वोट देकर चयन करती है; उन्हें प्राय: राज्य के स्तर पर विधायक तथा राष्ट्र के स्तर पर सांसद कहा जाता है। 🔁 🔁 ⏸

मतभेद की स्थिति में वे एक-दूसरे से संवाद और तर्क-वितर्क द्वारा समस्या का हल करने का प्रयास करते हैं। 🔁 ⏸

दो हज़ार चौबीस ⟨2024⟩ के परिप्रेक्ष्य में देखें, तो लगभग सत्तानवे करोड़ ⟨97⟩ मतदाताओं के साथ भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र भी है। 🔁 🔁 ⏸

भारत में कानून के अनुसार अठारह ⟨18⟩ वर्ष से ऊपर की आयु के सभी भारतीय नागरिकों को चुनावों में मतदान करने का अधिकार है। 🔁 ⏸

खंड 9 — दो प्रकार, और समापन

कालांश 5 · समय 10 मिनट · लगभग 135 शब्द · CORE

✓ बोर्ड पर: प्रत्यक्ष लोकतंत्र · आधारभूत / धरातलीय लोकतंत्र · रूपरेखा

कहिए — ★पहले कक्षा में मतदान कराइए, फिर लिखवाइए: “मान लो हमें कहीं भ्रमण पर जाना है, और दो जगहें हैं — ‘क’ और ‘ख’। दो मिनट सोचिए — दूरी, समय, खर्च। अब हाथ उठाइए।” मतदान कराइए। “जो अभी हुआ, उसे प्रत्यक्ष लोकतंत्र कहते हैं।”

लिखवाइए:

जिस विकल्प के लिए सबसे ज्यादा विद्यार्थियों ने हाथ उठाए, उसे चुन लिया जाता है; यह प्रक्रिया मतदान कहलाती है। ⏸

यह प्रत्यक्ष लोकतंत्र का उदाहरण है, जहाँ स्थान निश्चित करने में प्रत्येक विद्यार्थी की राय ली गई। 🔁 🔁 ⏸

लिखवाइए — ★★अध्याय के शीर्षक की परिभाषा:

आधारभूत या धरातलीय लोकतंत्र उस तंत्र की ओर इशारा करता है, जिसमें सामान्य नागरिकों की भागीदारी को प्रोत्साहित और सुनिश्चित किया जाता है, जैसे कि चित्र दस दशमलव चार ⟨10.4⟩ में दिखाए गए पिरामिड का आधार है। 🔁 🔁 ⏸

इस प्रकार के तंत्र में नागरिक स्वयं को प्रभावित करने वाले निर्णयों पर अपनी बात रख सकते हैं। 🔁 🔁 ⏸

कहिए — ★★अब कालांश 1 के घेरे की ओर लौटिए: “याद है, पहले दिन हमने बोर्ड पर एक वाक्य घेरा था — ‘नागरिक भी अपनी बात रख सकते हैं। हम जानेंगे कि ऐसा किस प्रकार होता है।’ — अब हम जान गए।”

लिखवाइए — समापन के चार बिंदु:

सरकार और शासन के बिना कोई भी देश नहीं चल सकता। ⏸

आधुनिक सरकार के तीन अंग हैं — विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका — जिन्हें एक साथ कार्य करने की आवश्यकता होती है। 🔁 ⏸

भारत सरकार तीन स्तरों पर कार्य करती है — संघीय अथवा राष्ट्रीय स्तर, राज्य स्तर और स्थानीय स्तर। 🔁 ⏸

लोकतंत्र इस प्रणाली की पूरी रूपरेखा है; यह राज्य और राष्ट्रीय दोनों स्तर पर चयनित प्रतिनिधियों के माध्यम से कार्य करती है। 🔁 🔁 🔁

कहिए — अध्याय यहीं समाप्त कीजिए: “बोर्ड पर देखिए — एक पहिया और एक पिरामिड। पहिया बताता है कि कौन क्या करता है। पिरामिड बताता है कि कौन कहाँ तक। और दोनों के चारों ओर जो घेरा है, उसका नाम लोकतंत्र है।”

“और अगले दो अध्यायों में हम पिरामिड के सबसे नीचे वाले हिस्से को पढ़ेंगे — स्थानीय सरकार।”

समय और शब्द का पूरा बजट

खंडकालांशसमयशब्दस्तर
1 · नियम और तीन परिभाषाएँ111 मि.~150CORE
2 · नियम बदले जा सकते हैं18 मि.~110CORE
3 · सरकार के तीन अंग212 मि.~165CORE
4 · शक्तियों का पृथक्करण28 मि.~110CORE
5 · सरकार के तीन स्तर311 मि.~150CORE
6 · आदर्श वाक्य और चित्र 10.53–412 मि.~145CORE
7 · डॉ. अब्दुल कलाम48 मि.~110CORE
8 · लोकतंत्र511 मि.~150CORE
9 · दो प्रकार और समापन510 मि.~135CORE

कुल = लगभग 1,225 शब्द, पाँच कालांशों में फैले हुए। खंड 6 दो कालांशों में बँटा है — तालिका का पहला भाग कालांश 3 के अंत में, दूसरा भाग कालांश 4 के आरंभ में।

शिक्षक हेतु चार अंतिम बातें

1. ! चित्र 10.5 की कार्य-सूचियाँ कभी मत बुलवाइए। बीस से अधिक शब्द हैं। वे केवल उतारिए में हैं। और पुस्तक स्वयं कहती है कि “यह विस्तृत सूची नहीं है”।

2. छह वाक्य तीन-तीन बार दोहराइए। (क) ”…निर्णयों को लेने की प्रक्रिया… ही शासन कहलाता है।” (ख) ”…जबकि नियोक्ता को भी उन सभी नियमों का पालन करना पड़ता है…” (ग) ”…कभी-कभी यह इस बात की भी जाँच करती है कि क्या कार्यपालिका द्वारा लिया गया कोई निर्णय ठीक है या नहीं…” (घ) “इसका उद्देश्य पूरी प्रणाली को नियंत्रित करना एवं संतुलन बनाए रखना है।” (ङ) ”…भले ही राष्ट्रपति के रूप में उनकी स्थिति सांकेतिक है…” (च) “लोकतंत्र इस प्रणाली की पूरी रूपरेखा है।”

3. चार हाशिया-नोट लिखवाइए। (क) शासन = प्रक्रिया · सरकार = तंत्र · कानून = अधिक महत्वपूर्ण नियम। (ख) विधायिका के तीन काम — बनाना · संशोधन · निरस्त। (ग) ऊपर का स्तर तभी आता है जब नीचे का स्तर सँभाल न सके। (घ) ★★अंग = कौन क्या करता है · स्तर = कौन कहाँ तक।

4. ★★बोर्ड के कोने में दो चित्र — पहिया और पिरामिड — पाँचों कालांश टँगे रहने दीजिए। यह इस अध्याय की सबसे बड़ी भूल — ‘अंग’ और ‘स्तर’ को मिला देना — अकेले ही रोक देता है।