अध्याय 9परिवार और समुदाय

श्रुतलेख19 मिनटस्रोत जाँचे गए

श्रुतलेख नोट्स — शिक्षक बोलेंगे, विद्यार्थी लिखेंगे

यह दस्तावेज़ सुना जाता है, पढ़ा नहीं जाता

यह फ़ाइल शिक्षक के हाथ में रहती है। विद्यार्थी के पास केवल कॉपी और क़लम।

सबसे बड़ी बाध्यता: एक विद्यार्थी देवनागरी में प्रति मिनट 15–20 शब्द लिख पाता है। 40 मिनट के कालांश में 20 मिनट का श्रुतलेख = 300–400 शब्द। यही पूरा बजट है।

! इस अध्याय के लिए एक विशेष चेतावनी

इस अध्याय में तीन लंबी कहानियाँ हैं — शालिनी, तेनजिंग और कमल परमार।

कहानियाँ श्रुतलेख में नहीं जातीं। वे सुनाई जाती हैं, और उनसे केवल निष्कर्ष और उद्धरण लिखवाए जाते हैं।

कहानी बुलवाने में पूरा कालांश निकल जाता है, और कॉपी में वह किताब की नक़ल बनकर रह जाती है। नीचे हर कहानी के लिए केवल तीन-चार वाक्य ही श्रुतलेख में हैं — बाक़ी कहिए में।

चार संकेत — इनका अर्थ

संकेतक्या करना है
कहिएबोलिए, लिखवाइए नहीं। यह ढाँचा और संदर्भ देता है
लिखवाइएयही वाक्य कॉपी में जाता है। ⏸ = ठहरिए · 🔁 = दोहराइए
✓ बोर्ड परये शब्द कान से नहीं लिखे जा सकते — खंड शुरू करने से पहले बोर्ड पर लिख दीजिए
उतारिएतालिकाएँ और सूचियाँ बोर्ड से उतारी जाती हैं, बोली नहीं जातीं

संख्याएँ हमेशा दो बार: पहले शब्दों में, फिर अंकों में — जैसे “एक सौ पचास ⟨150⟩”।

खंड-क्रमांक 01-Lesson-Plan.md के कालांशों से मेल खाते हैं।

खंड 1 — परिवार और उसके प्रकार

कालांश 1 · समय 9 मिनट · लगभग 125 शब्द · CORE

✓ बोर्ड पर (खंड से पहले): तिरुवल्लुवर · मूलभूत · संयुक्त परिवार · एकल परिवार · दंपत्ति · चचेरे

कहिए: “इस अध्याय से किताब का विषय बदल जाता है। पन्ने के किनारे देखिए — अब वहाँ लिखा है ‘शासन और लोकतंत्र’। और उस खंड का पहला अध्याय परिवार पर है, संसद पर नहीं। क्यों — यह हम आख़िरी दिन समझेंगे।”

लिखवाइए:

अध्याय के आरंभ में तिरुवल्लुवर का उद्धरण है — “प्रेम और धर्म पारिवारिक जीवन के पुष्प और फल हैं।” 🔁 ⏸

पुस्तक कहती है कि हम सभी अधिकांशत: एक परिवार में रहते हैं। ⏸

परिवार किसी भी समाज की मूलभूत और सबसे प्राचीन इकाई है। 🔁 🔁 ⏸

आज भारतीय समाज में कई प्रकार के परिवार हैं — संयुक्त परिवार से लेकर एकल परिवार तक। ⏸

संयुक्त परिवार में अनेक पीढ़ियाँ एक साथ रहती हैं। 🔁 ⏸

दूसरी ओर, एकल परिवार में एक दंपत्ति और उनकी संतान होती है, तथा कई बार यह अकेली माता या पिता और उनके बच्चों तक सीमित होता है। 🔁 🔁 ⏸

उतारिए — संयुक्त परिवार में कौन-कौन (बोर्ड से) दादा-दादी · माता-पिता · चाचा-चाची · भाई-बहन · चचेरे भाई और बहन

कहिए — ! यह अवश्य: “आख़िरी वाक्य को दोबारा पढ़िए। किताब कह रही है कि अगर घर में माता या पिता में से एक ही हैं, तो वह भी एकल परिवार ही है। यह वाक्य किताब ने जान-बूझकर लिखा है।”

“और यह भी ध्यान दीजिए — किताब कहीं यह नहीं कहती कि कौन-सा परिवार बेहतर है।”

खंड 2 — संबंध-शब्द

कालांश 1 · समय 9 मिनट · लगभग 125 शब्द · CORE

✓ बोर्ड पर: बुआ · ताऊ · ताई · चाचा · मौसी · नाना · नानी · कजिन · मातृभाषा

कहिए — ★पहले पूछिए, फिर लिखवाइए: “बुआ कौन होती है? मौसी कौन? ताई कौन?” — उत्तर आने दीजिए। “अब बताइए — इन सबको अंग्रेज़ी में क्या कहते हैं?” — उत्तर आएगा: aunt। “अपने चाचा के बेटे को आप क्या कहते हैं?” — उत्तर आएगा: भाई। “तो ‘कजिन’ के लिए हिंदी में एक शब्द क्या है?” — कोई नहीं मिलेगा। अब लिखिए।

लिखवाइए:

अंग्रेजी भाषा में पारिवारिक संबंधों का वर्णन करने के लिए बहुत अधिक शब्द नहीं हैं। 🔁 ⏸

भारतीय भाषाओं में इनके अनेक नाम हैं। ⏸

कुछ भाषाओं जैसे तमिल में बड़े भाई-बहन अथवा छोटे भाई-बहन के लिए भी अलग-अलग शब्द हैं। 🔁 ⏸

अधिकांश भारतीय भाषाओं में आपको ‘कजिन’ के लिए ऐसा कोई एक शब्द नहीं मिलेगा। 🔁 ⏸

ऐसा इसलिए क्योंकि कजिन का अर्थ केवल ‘भाई’ और ‘बहन’ होता है। 🔁 🔁 ⏸

इससे परिवार में सभी बच्चों के बीच गहरे संबंध का पता चलता है। 🔁 🔁 ⏸

आप देखेंगे कि अधिकांशत: आपकी मातृभाषा या क्षेत्रीय भाषा में एक शब्द को अंग्रेजी भाषा में स्पष्टतापूर्वक समझने के लिए कई शब्दों की आवश्यकता होती है। ⏸

उतारिए — पुस्तक की तालिका (बोर्ड से)

नामहिंदी में शब्दअंग्रेजी में विवरण
रानीबहनमाँ के भाई की बेटी (कजिन)
समीरचाचापिता के छोटे भाई (अंकल)

खंड 3 — भूमिकाएँ, दायित्व और मूल्य

कालांश 2 · समय 9 मिनट · लगभग 125 शब्द · CORE

✓ बोर्ड पर: अंतर्निर्भरता · सहयोग · दायित्व · अहिंसा · दान · सेवा · त्याग

लिखवाइए:

परिवार के सदस्यों के बीच संबंध आपसी प्रेम, देखभाल, सहयोग और अंतर्निर्भरता पर आधारित होते हैं। 🔁 🔁 ⏸

‘सहयोग’ का अर्थ है — ‘एक साथ काम करना’। 🔁 🔁 🔁 ⏸

परिवार के प्रत्येक सदस्य की अन्य सदस्यों के प्रति एक भूमिका और दायित्व होता है। ⏸

माता-पिता अपने बच्चों को खुशहाल व्यक्ति और समाज के जिम्मेदार सदस्य बनाने के लिए उत्तरदायी होते हैं। 🔁 ⏸

किंतु जब बच्चे बड़े होते हैं तो वे परिवार के अन्य सदस्यों की सहायता के लिए और अधिक दायित्वों का निर्वहन करते हैं। 🔁 ⏸

अपने धर्म या कर्तव्यों का पालन करना भारतीय संस्कृति का एक महत्वपूर्ण सिद्धांत रहा है। ⏸

परिवार एक ‘विद्यालय’ भी है, जहाँ बच्चे अहिंसा, दान, सेवा और त्याग जैसे महत्वपूर्ण मूल्य सीखते हैं। 🔁 🔁 ⏸

कहिए — ! यह अवश्य कहिए: “यहाँ ‘धर्म’ शब्द पर घेरा लगा लीजिए। किताब ने ख़ुद लिखा है ‘धर्म या कर्तव्यों’ — यानी यहाँ इसका मतलब कर्तव्य है। अध्याय 7 में यह शब्द अलग अर्थ में था। दोनों को मत मिलाइए।”

“और ‘सहयोग’ की परिभाषा के नीचे लकीर खींच लीजिए। आगे की तीनों कहानियाँ इसी के उदाहरण हैं।”

खंड 4 — शालिनी और तेनजिंग

कालांश 2 · समय 10 मिनट · लगभग 140 शब्द · CORE

✓ बोर्ड पर: अच्चम्मा · चित्तप्पा · चित्ती · चिन्नी · ओणम · केरल · मेघालय · सहकारी संगठन

कहिए — कहानी सुनाइए, लिखवाइए मत: “शालिनी केरल के एक नगर में रहती है… चाचा की नौकरी छूट गई थी… ओणम की तैयारी थी… माता-पिता सबके लिए कपड़े लाए… इसलिए शालिनी को रेशमी नहीं, सादे सूती कपड़े मिले।” पूरी कहानी सुनाइए। फिर केवल नीचे के वाक्य लिखवाइए।

उतारिए — मलयालम संबोधन (बोर्ड से)

संबोधनअर्थ
अच्चम्मापिता की माँ (दादी)
चित्तप्पापिता के भाई या चाचा
चित्तीचाची या चाचा की पत्नी
चिन्नीउनकी बेटी — शालिनी की चचेरी बहन

लिखवाइए:

अच्चम्मा ने शालिनी को समझाया कि परिवार में सभी एक-दूसरे की सहायता करते हैं और उनके पास जो कुछ भी है, उसे आपस में साझा करते हैं। 🔁 🔁 ⏸

यह जानकर शालिनी को अपने मनपसंद कपड़े न मिलने के लिए बुरा नहीं लगा; उसे इस बात की खुशी थी कि सभी सदस्यों को नए कपड़े मिले। ⏸

कहिए — तेनजिंग की कहानी सुनाइए, फिर: “अब ध्यान दीजिए। तेनजिंग की माँ काम पर जाती हैं। इसलिए उसके पिता ने घर के काम सँभाल लिए।”

लिखवाइए:

तेनजिंग की माँ एक स्थानीय हस्तशिल्प सहकारी संगठन में कार्यरत हैं, जिसके कारण उसके पिताजी ने घर की सफाई, सब्जियों के बगीचे की देखभाल और घर के अन्य कामों में हाथ बँटाना शुरू किया। 🔁 🔁 ⏸

तेनजिंग के दादा कॉलोनी के सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय रूप से सम्मिलित होते हैं। ⏸

तूफान आने पर पास के घर को नुकसान हुआ तो उन्होंने आस-पास के सब परिवारों से धनराशि एकत्रित की और मरम्मत कराने के लिए उन्हें दी। 🔁 ⏸

कहिए — ★यह प्रश्न अवश्य पूछिए: “दादा ने दो काम किए — एक, बिजली की शिकायत दर्ज कराई; दो, पड़ोस के लिए पैसे इकट्ठे किए। इन दोनों में क्या फ़र्क़ है?” उत्तर कक्षा से आने दीजिए: “पहला अपने घर के लिए, दूसरा दूसरों के लिए।” “बस — यहीं से अगला भाग शुरू होता है। समुदाय।”

खंड 5 — समुदाय और अलिखित नियम

कालांश 3 · समय 10 मिनट · लगभग 145 शब्द · CORE

✓ बोर्ड पर: समुदाय · चरागाह · वन-उत्पाद · प्राकृतिक संपदा · अलिखित · विशिष्ट कर्तव्य

लिखवाइए:

परिवार न केवल अपने अंदर बल्कि अन्य परिवारों से और आस-पास के लोगों से भी जुड़े होते हैं। ⏸

आपस में जुड़े लोगों के इस समूह को ‘समुदाय’ कहते हैं। 🔁 🔁 ⏸

समुदाय के सदस्य विभिन्न कारणों से एक साथ आते हैं, जैसे त्योहार मनाने और मेले, विवाह तथा अन्य अवसरों के आयोजन पर। ⏸

कुछ गाँवों में लोग फसल कटाई और बुआई के लिए भूमि तैयार करने जैसे कृषि कार्यों में एक-दूसरे को सहायता देने के लिए भी एक साथ आते हैं। ⏸

समय बीतने के साथ समुदाय प्राकृतिक संपदा और पानी, चरागाहों तथा वन-उत्पाद जैसे संसाधनों के साझा उपयोग पर सहमत हुए। 🔁 ⏸

लिखवाइए — ★★यह अध्याय का सबसे बड़ा वाक्य है, धीरे बोलिए:

इस तरह के अभ्यास — जिन्हें अलिखित ‘नियम’ कह सकते हैं — से समुदायों को संसाधनों तक सुरक्षित पहुँच प्रदान होती है। 🔁 🔁 ⏸

परंतु इसका यह अर्थ भी है कि समुदाय के अंदर सभी परिवारों तथा व्यक्तियों के विशिष्ट कर्तव्य हैं, अन्यथा समुदाय सुचारु रूप से कार्य नहीं कर पाएँगे। 🔁 🔁 🔁 ⏸

कहिए — ★यह अवश्य: “इन दो वाक्यों के नीचे लकीर खींच लीजिए। इनमें दो बातें हैं — नियम कुछ देते हैं, और नियम कुछ माँगते भी हैं। हाशिये में लिख लीजिए: देते हैं = पहुँच। माँगते हैं = कर्तव्य।”

“और यह भी ध्यान रखिए — ये नियम कहीं लिखे हुए नहीं हैं। कोई दंड तय नहीं है। फिर भी सब मानते हैं।”

खंड 6 — हलमा और चेन्नई

कालांश 3 · समय 10 मिनट · लगभग 140 शब्द · CORE

✓ बोर्ड पर: हलमा · भील · झाबुआ · वर्षा जल संचय · पारिश्रमिक · पद्मश्री · शिवगंगा

कहिए — ★पहले चित्र दिखाइए: पृष्ठ 145 का ऊपर वाला चित्र दिखाइए (सूखी पहाड़ी, पंक्तियों में गड्ढे)। कुछ मत कहिए। फिर नीचे दाएँ का चित्र दिखाइए (भरा तालाब, हरे खेत)। अब पूछिए: “इन दोनों के बीच क्या हुआ होगा?” — उत्तर आने के बाद लिखवाइए।

लिखवाइए:

विगत वर्षों के दौरान मध्य प्रदेश के झाबुआ कस्बे के आस-पास के क्षेत्र विकट जल संकट का सामना कर रहे हैं। ⏸

‘हलमा’ संकट के समय किसी व्यक्ति या परिवार को समर्थन देने के लिए साथ मिलकर काम करने की प्रथा है। 🔁 🔁 ⏸

इस प्रथा का पालन करते हुए भील समुदाय ने सैकड़ों गाँवों में हजारों पेड़ लगाने का निर्णय लिया। 🔁 ⏸

भीलों ने बारिश के पानी को संरक्षित करने के लिए अनेक तालाब भी खोदे और वर्षा जल संचय की अनेक संरचनाएँ बनाईं। ⏸

उन्हें इस काम के लिए कोई पारिश्रमिक नहीं मिला, बल्कि समुदाय और पर्यावरण के प्रति अपने कर्तव्य के रूप में उन्होंने यह कार्य किया। 🔁 🔁 🔁 ⏸

इस ‘हलमा’ परंपरा का उद्देश्य धरती माँ की सेवा करना है। 🔁 ⏸

दो हज़ार उन्नीस ⟨2019⟩ में शिवगंगा आंदोलन के महेश शर्मा को भील समुदाय के लिए किए गए परिवर्तनकारी कार्यों हेतु पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया गया। 🔁 ⏸

कहिए — ★यह प्रश्न पूछिए: “अगर उन्हें इस काम के पैसे मिलते, तो क्या यह ‘हलमा’ होता?” उत्तर: “नहीं — क्योंकि उन्होंने यह कर्तव्य के रूप में किया।”

लिखवाइए — चेन्नई:

चेन्नई में दो हज़ार पंद्रह ⟨2015⟩ के दौरान आई बाढ़ के समय सड़कें मानों नदियाँ बन गईं और लोग आने-जाने में असमर्थ हो गए। 🔁 ⏸

अनेक निजी समूहों, विशेष रूप से आध्यात्मिक और धार्मिक संगठनों ने बड़ी मात्रा में भोजन तैयार किया तथा अभावग्रस्त लोगों के बीच बाँटा। ⏸

खंड 7 — कमल परमार

कालांश 4 · समय 8 मिनट · लगभग 110 शब्द · CORE

✓ बोर्ड पर: अहमदाबाद · ऑटो फेब्रिकेशन वर्कशॉप · वंचित · स्वेच्छा से

कहिए — कहानी सुनाइए, फिर लिखवाइए।

लिखवाइए:

बीस साल से अधिक समय पहले अहमदाबाद के एक क्षेत्र में एक छोटी-सी ऑटो फेब्रिकेशन वर्कशॉप के मालिक, कमल परमार ने देखा कि सड़क पर वंचित बच्चों का एक समूह है। 🔁 ⏸

इनमें से कुछ बच्चों ने पढ़ाई छोड़ दी थी, जबकि अन्य तो कभी विद्यालय गए ही नहीं थे। ⏸

कमल ने अपने नियमित काम के बाद उन्हें हर दिन शाम साढ़े पाँच ⟨5.30⟩ बजे से रात साढ़े नौ ⟨9.30⟩ बजे तक पढ़ाना शुरू किया। 🔁 ⏸

उन्होंने बच्चों को रात में मुफ्त भोजन भी कराया। ⏸

जल्दी ही उनकी कक्षा में एक सौ पचास ⟨150⟩ बच्चे नियमित रूप से आने लगे। 🔁 ⏸

एक स्थानीय विद्यालय के कुछ अध्यापकों ने भी वहाँ पढ़ाना शुरू किया, और फिर नियमित रूप से विद्यालय जाने वाले कुछ बड़े बच्चों ने भी स्वेच्छा से पढ़ाना शुरू कर दिया। ⏸

लिखवाइए — ★★यह वाक्य तीन बार दोहराइए:

उनमें से एक ने बताया — “हम वहाँ पढ़ाने गए थे, किंतु हमने उनसे बहुत कुछ सीखा।” 🔁 🔁 🔁

कहिए: “इस वाक्य पर घेरा लगा लीजिए। किताब ने कहा था कि सहयोग का मतलब है ‘एक साथ काम करना’। यह वाक्य उसमें एक बात और जोड़ देता है — उस काम में देने वाला और लेने वाला अलग नहीं रहते।”

खंड 8 — नए समुदाय और समापन

कालांश 4 · समय 10 मिनट · लगभग 140 शब्द · CORE

✓ बोर्ड पर: आवासीय कल्याण समिति · अपशिष्ट प्रबंधन · नगर निगम · लचीली संकल्पना · अंतर्निर्भरता

लिखवाइए:

पिछले तीस या चालीस ⟨30–40⟩ वर्षों में नए प्रकार के समुदाय उभरे हैं। ⏸

अनेक नगरीय क्षेत्रों में आवासीय कल्याण समितियाँ ऐसे समुदायों के उदाहरण हैं जो अपने नियम और व्यवस्था बनाते हैं। 🔁 ⏸

यह नियम अपशिष्ट प्रबंधन, सामान्य क्षेत्रों की सफाई, पालतू पशुओं की देखभाल और अन्य चीजों को लेकर हो सकते हैं। ⏸

लिखवाइए — ★★यह वाक्य पूरे शासन-खंड का बीज है:

इन समुदायों में रहने वाले लोग इन नियमों और कानूनों के निर्माण में भागीदार होते हैं। 🔁 🔁 🔁 ⏸

कहिए — ★यहीं पहले दिन वाले प्रश्न पर लौटिए: “याद है, पहले दिन मैंने पूछा था कि शासन वाला खंड परिवार से क्यों शुरू होता है? यही उत्तर है। जो लोग नियम से बँधे हैं, वही लोग नियम बनाते हैं। और यह पहले घर में होता है, फिर मोहल्ले में, फिर देश में।”

लिखवाइए:

अंतत: समुदाय आपस में एक-दूसरे पर निर्भर होते हैं। 🔁 ⏸

उदाहरण के लिए, आवासीय कल्याण समितियाँ किराने की आपूर्ति के लिए व्यापारी समुदाय और कूड़े के निपटान के लिए नगर निगम के कामगारों पर निर्भर होती हैं। ⏸

हमारे जटिल समाजों में प्रत्येक व्यक्ति कई अन्य व्यक्तियों और समुदायों पर निर्भर होता है। 🔁 ⏸

‘समुदाय’ एक लचीली संकल्पना है, और समुदाय अनेक प्रकार के होते हैं। ⏸

उतारिए — ‘समुदाय’ के चार आधार (बोर्ड से; नामों की पूरी सूची मत बुलवाइए)

आधारउदाहरण
धर्म‘मुंबई का पारसी समुदाय’
क्षेत्र‘अमेरिका का भारतीय समुदाय’
कार्य‘गाँव का किसान समुदाय’
रुचि / विद्यालयखेल समुदाय · नाट्य समूह

लिखवाइए — ★अध्याय का समापन:

परिवार मानव समाज का आधार है; आदर्श रूप में परिवार के सदस्य अपने अनेक कर्तव्यों और कार्यों में एक-दूसरे को सहयोग प्रदान करते हैं। 🔁 ⏸

समुदाय अपेक्षाकृत बड़ी इकाई है। ⏸

अंतत: समुदाय एक-दूसरे पर निर्भर करते हैं। 🔁 🔁 🔁

कहिए — अध्याय यहीं समाप्त कीजिए: “पहले वाक्य में तीन शब्द हैं जो सबसे ज़्यादा छूट जाते हैं — ‘आदर्श रूप में’। किताब यह नहीं कह रही कि हर घर में ऐसा होता ही है। वह कह रही है कि ऐसा होना चाहिए। इन तीन शब्दों पर घेरा लगा लीजिए।”

“और आख़िरी वाक्य पर भी। यही पूरा अध्याय है — छोटी इकाई में जो सच है, बड़ी इकाई में भी वही सच है।”

समय और शब्द का पूरा बजट

खंडकालांशसमयशब्दस्तर
1 · परिवार और उसके प्रकार19 मि.~125CORE
2 · संबंध-शब्द19 मि.~125CORE
3 · भूमिकाएँ और मूल्य29 मि.~125CORE
4 · शालिनी और तेनजिंग210 मि.~140CORE
5 · समुदाय और अलिखित नियम310 मि.~145CORE
6 · हलमा और चेन्नई310 मि.~140CORE
7 · कमल परमार48 मि.~110CORE
8 · नए समुदाय और समापन410 मि.~140CORE

कुल = लगभग 1,050 शब्द, चार कालांशों में फैले हुए। हर कालांश में लगभग 18–20 मिनट का श्रुतलेख है — यही सीमा है। कालांश 3 सबसे भारी है, और वही अध्याय का वैचारिक केंद्र भी है।

शिक्षक हेतु तीन अंतिम बातें

1. ! कहानियाँ कभी मत बुलवाइए। शालिनी, तेनजिंग और कमल परमार — तीनों कहिए में हैं। उनसे केवल निष्कर्ष और उद्धरण लिखवाइए। पूरी कहानी लिखवाने में एक कालांश निकल जाता है और कॉपी किताब की नक़ल बन जाती है।

2. पाँच वाक्य तीन-तीन बार दोहराइए। (क) “‘सहयोग’ का अर्थ है — ‘एक साथ काम करना’।” (ख) ”…अन्यथा समुदाय सुचारु रूप से कार्य नहीं कर पाएँगे।” (ग) “उन्हें इस काम के लिए कोई पारिश्रमिक नहीं मिला…” (घ) “हम वहाँ पढ़ाने गए थे, किंतु हमने उनसे बहुत कुछ सीखा।” (ङ) “इन समुदायों में रहने वाले लोग इन नियमों और कानूनों के निर्माण में भागीदार होते हैं।”

3. तीन हाशिया-नोट लिखवाइए। (क) ‘धर्म’ = कर्तव्य (इस अध्याय में) — घेरा लगवाकर। (ख) नियम देते हैं = पहुँच · नियम माँगते हैं = कर्तव्य। (ग) ‘आदर्श रूप में’ — तीन शब्द, घेरा लगवाकर।