प्रश्न हल कीजिए
विकल्प चुनिए — उत्तर तुरंत जाँचा जाएगा। कोई खाता नहीं, कुछ भेजा नहीं जाता।
0 / 20 अंक
0 में से 20 हल किए
1बेल्जियम किस महाद्वीप में है?
व्याख्या: किताब बेल्जियम को "यूरोप का एक छोटा-सा देश" कहती है। इसकी सीमाएँ फ्रांस, नीदरलैंड, जर्मनी और लक्ज़मबर्ग से लगती हैं।
संदर्भ: NCERT, लोकतांत्रिक राजनीति (कक्षा 10), अध्याय 1, पृष्ठ 2
2क्षेत्रफल में बेल्जियम की तुलना किस भारतीय राज्य से की गई है?
व्याख्या: बेल्जियम क्षेत्रफल में हरियाणा से भी छोटा है, और इसकी आबादी (एक करोड़ से थोड़ी ज़्यादा) हरियाणा की आबादी की करीब आधी है। ध्यान रखिए: श्रीलंका की आबादी (करीब दो करोड़) को भी हरियाणा के बराबर बताया गया है — वहाँ तुलना आबादी की है, क्षेत्रफल की नहीं।
संदर्भ: NCERT, लोकतांत्रिक राजनीति (कक्षा 10), अध्याय 1, पृष्ठ 2
3बेल्जियम में डच बोलने वाले लोग हैं —
व्याख्या: बेल्जियम की 59 फ़ीसदी आबादी फ्लेमिश इलाके में रहती है और डच बोलती है। बाक़ी विकल्पों में मत उलझिए: 40 फ़ीसदी फ़्रेंच-भाषी हैं, 74 फ़ीसदी श्रीलंका के सिंहली हैं और 80 फ़ीसदी ब्रूसेल्स के फ़्रेंच-भाषी।
संदर्भ: NCERT, लोकतांत्रिक राजनीति (कक्षा 10), अध्याय 1, पृष्ठ 2
4बेल्जियम में फ़्रेंच बोलने वाले लोग हैं —
व्याख्या: बेल्जियम के 40 फ़ीसदी लोग वेलोनिया क्षेत्र में रहते हैं और फ़्रेंच बोलते हैं; बचे हुए एक फ़ीसदी लोग जर्मन बोलते हैं। 59 + 40 + 1 = 100 — यह जोड़ तीनों आँकड़े याद रखने में मदद करता है।
संदर्भ: NCERT, लोकतांत्रिक राजनीति (कक्षा 10), अध्याय 1, पृष्ठ 2
5ब्रूसेल्स में फ़्रेंच बोलने वाले लोग हैं —
व्याख्या: राजधानी ब्रूसेल्स में तस्वीर उलटी है: वहाँ 80 फ़ीसदी लोग फ़्रेंच और 20 फ़ीसदी लोग डच बोलते हैं। यानी पूरे देश में डच-भाषी ज़्यादा हैं, पर राजधानी में फ़्रेंच-भाषी।
संदर्भ: NCERT, लोकतांत्रिक राजनीति (कक्षा 10), अध्याय 1, पृष्ठ 2
6श्रीलंका में सिंहली लोगों की आबादी है —
व्याख्या: श्रीलंका का सबसे प्रमुख सामाजिक समूह सिंहलियों का है — कुल आबादी का 74 फ़ीसदी।
संदर्भ: NCERT, लोकतांत्रिक राजनीति (कक्षा 10), अध्याय 1, पृष्ठ 2
7श्रीलंका में तमिलों की कुल आबादी है —
व्याख्या: तमिल कुल आबादी के 18 फ़ीसदी हैं। इनमें दो समूह हैं: श्रीलंकाई मूल के तमिल (13 फ़ीसदी) और हिंदुस्तानी तमिल। विकल्प में दिया 7 फ़ीसदी ईसाइयों का हिस्सा है, तमिलों का नहीं।
संदर्भ: NCERT, लोकतांत्रिक राजनीति (कक्षा 10), अध्याय 1, पृष्ठ 2–3
8श्रीलंकाई मूल के तमिल हैं —
व्याख्या: तमिलों के 18 फ़ीसदी में से 13 फ़ीसदी श्रीलंकाई मूल के तमिल हैं। बाक़ी हिंदुस्तानी तमिल हैं — उन लोगों की संतान, जिन्हें औपनिवेशिक शासन के दौरान बागानों में काम करने के लिए भारत से लाया गया था।
संदर्भ: NCERT, लोकतांत्रिक राजनीति (कक्षा 10), अध्याय 1, पृष्ठ 2–3
9श्रीलंका स्वतंत्र राष्ट्र बना —
व्याख्या: "सन् 1948 में श्रीलंका स्वतंत्र राष्ट्र बना।" इसके बाद सिंहली नेताओं ने अपनी बहुसंख्या के बल पर शासन पर प्रभुत्व जमाना चाहा। 1956 को इससे मत मिलाइए — वह सिंहली को एकमात्र राजभाषा बनाने वाले क़ानून का साल है (प्रश्न 10)।
संदर्भ: NCERT, लोकतांत्रिक राजनीति (कक्षा 10), अध्याय 1, पृष्ठ 3
10सिंहली को एकमात्र राजभाषा घोषित किया गया —
व्याख्या: 1956 में एक क़ानून बनाकर तमिल को दरकिनार किया गया और सिंहली को एकमात्र राजभाषा घोषित किया गया। विश्वविद्यालयों और सरकारी नौकरियों में सिंहलियों को प्राथमिकता देने की नीति भी चली। ऐसे क़दमों से तमिलों में बेगानापन बढ़ा।
संदर्भ: NCERT, लोकतांत्रिक राजनीति (कक्षा 10), अध्याय 1, पृष्ठ 3
11श्रीलंका के गृहयुद्ध का अंत हुआ —
व्याख्या: दोनों समुदायों के बीच का अविश्वास गृहयुद्ध में बदल गया, जिसमें दोनों पक्षों के हज़ारों लोग मारे गए और अनेक परिवार शरणार्थी बन गए। किताब के अनुसार 2009 में इस गृहयुद्ध का अंत हुआ।
संदर्भ: NCERT, लोकतांत्रिक राजनीति (कक्षा 10), अध्याय 1, पृष्ठ 4
12बेल्जियम में संविधान संशोधन किए गए —
व्याख्या: बेल्जियम के नेताओं ने क्षेत्रीय अंतरों और सांस्कृतिक विविधता को स्वीकार किया और 1970 से 1993 के बीच संविधान में संशोधन किए। "1950 और 1960" का दशक वह समय है जब फ़्रेंच और डच बोलने वालों के बीच तनाव बढ़ने लगा था (पृष्ठ 2)।
संदर्भ: NCERT, लोकतांत्रिक राजनीति (कक्षा 10), अध्याय 1, पृष्ठ 4
13बेल्जियम में कितने संविधान संशोधन किए गए?
व्याख्या: 1970 और 1993 के बीच बेल्जियम ने अपने संविधान में चार संशोधन किए — सिर्फ़ इसलिए कि देश में रहने वाले किसी भी व्यक्ति को बेगानेपन का अहसास न हो और सब मिल-जुलकर रह सकें।
संदर्भ: NCERT, लोकतांत्रिक राजनीति (कक्षा 10), अध्याय 1, पृष्ठ 4
14यूरोपीय संघ का मुख्यालय है —
व्याख्या: जब अनेक यूरोपीय देशों ने मिलकर यूरोपीय संघ बनाने का फ़ैसला किया, तो ब्रूसेल्स को उसका मुख्यालय चुना गया। यह बात किताब उसी अनुच्छेद में बताती है, जहाँ वह कहती है कि बेल्जियम की व्यवस्था बेहद सफल रही और इससे गृहयुद्ध की आशंका पर विराम लग गया।
संदर्भ: NCERT, लोकतांत्रिक राजनीति (कक्षा 10), अध्याय 1, पृष्ठ 5
15"सत्ता की साझेदारी दरअसल लोकतंत्र की है।"
व्याख्या: किताब सत्ता की साझेदारी के पक्ष में दो तर्क देती है: युक्तिपरक और नैतिक। यह वाक्य सत्ता के बँटवारे के अंतर्भूत (अपने भीतर के) महत्त्व को बताता है, यानी यह नैतिक तर्क है। लोकतंत्र का मतलब ही है कि शासन-व्यवस्था के अंतर्गत रहने वाले लोगों के बीच सत्ता बाँटी जाए, इसलिए साझेदारी लोकतंत्र की आत्मा है — कमज़ोरी या मजबूरी नहीं।
संदर्भ: NCERT, लोकतांत्रिक राजनीति (कक्षा 10), अध्याय 1, पृष्ठ 6
16शासन के विभिन्न अंगों के बीच सत्ता के बँटवारे को कहते हैं —
व्याख्या: विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका एक ही स्तर पर रहकर अपनी-अपनी शक्ति का उपयोग करती हैं, इसलिए यह बँटवारा क्षैतिज कहलाता है। हर अंग दूसरे पर अंकुश रखता है; इसे 'नियंत्रण और संतुलन की व्यवस्था' भी कहते हैं।
संदर्भ: NCERT, लोकतांत्रिक राजनीति (कक्षा 10), अध्याय 1, पृष्ठ 8
17केंद्र और राज्य सरकारों के बीच सत्ता के बँटवारे को कहते हैं —
व्याख्या: यहाँ बँटवारा ऊँचे और निचले स्तर की सरकारों के बीच है — केंद्र, राज्य, और उनसे नीचे नगरपालिका और पंचायतें। ऐसे बँटवारे को उर्ध्वाधर वितरण कहते हैं। याद रखिए: क्षैतिज = एक ही स्तर पर, उर्ध्वाधर = अलग-अलग स्तरों के बीच।
संदर्भ: NCERT, लोकतांत्रिक राजनीति (कक्षा 10), अध्याय 1, पृष्ठ 8–9
18बेल्जियम की सामुदायिक सरकार को किन विषयों पर फ़ैसले का अधिकार है?
व्याख्या: बेल्जियम में केंद्र और राज्य सरकारों के अलावा तीसरे स्तर की सामुदायिक सरकार है। इसे एक ही भाषा बोलने वाले लोग चुनते हैं — डच, फ़्रेंच और जर्मन बोलने वाले, चाहे वे कहीं भी रहते हों। इसे संस्कृति, शिक्षा और भाषा जैसे मसलों पर फ़ैसले लेने का अधिकार है।
संदर्भ: NCERT, लोकतांत्रिक राजनीति (कक्षा 10), अध्याय 1, पृष्ठ 5
19लेबनान में राष्ट्रपति का पद किसके लिए तय है?
व्याख्या: गृहयुद्ध के बाद लेबनान के नेताओं ने सत्ता बाँटने के नियम तय किए: राष्ट्रपति मैरोनाइट पंथ का कैथोलिक, प्रधानमंत्री सुन्नी मुसलमान, उपप्रधानमंत्री आर्थोडॉक्स ईसाई और संसद का अध्यक्ष शिया मुसलमान। बाक़ी तीनों विकल्प दूसरे पदों के समुदाय हैं। (कहानी "खलील की उलझन")
संदर्भ: NCERT, लोकतांत्रिक राजनीति (कक्षा 10), अध्याय 1, पृष्ठ 7
20"हानि-लाभ का सावधानीपूर्वक हिसाब लगाकर लिया गया फ़ैसला" कहलाता है —
व्याख्या: यह 'युक्तिपरक' की परिभाषा है, जो किताब के हाशिये में दी गई है। युक्तिपरक तर्क फ़ायदेमंद नतीजों पर ज़ोर देता है — साझेदारी से सामाजिक टकराव का अंदेशा घटता है और राजनीतिक व्यवस्था स्थिर रहती है। नैतिक तर्क सत्ता के बँटवारे के अपने भीतर के (अंतर्भूत) महत्त्व को बताता है।
संदर्भ: NCERT, लोकतांत्रिक राजनीति (कक्षा 10), अध्याय 1, पृष्ठ 6

