अध्याय 6विनिर्माण उद्योग

फ्लैशकार्ड16 मिनट

कार्ड से अभ्यास कीजिए

कीबोर्ड से: Space से कार्ड पलटिए, ← → से पिछला या अगला, 1 नहीं आता, 2 आता है।

कैसे इस्तेमाल करें — बाईं ओर के प्रश्न पर उँगली रखिए, दाईं ओर का उत्तर ढँक लीजिए, मन में उत्तर बोलिए, फिर उँगली हटाकर मिलाइए। जो कार्ड ग़लत हो, उस पंक्ति के आगे पेंसिल से एक बिंदु लगाइए। तीन बिंदु वाली पंक्तियाँ ही परीक्षा से एक दिन पहले दोहराइए।

★चिह्न वाला हर कार्ड या तो राजस्थान से जुड़ा है या हर साल पूछा जाता है।


सेट 1 — विनिर्माण की बुनियाद (10 कार्ड)

प्रश्नउत्तर
विनिर्माण की परिभाषा?कच्चे पदार्थ को मूल्यवान उत्पाद में परिवर्तित कर अधिक मात्रा में वस्तुओं का उत्पादन।
विनिर्माण कौन-सी क्रिया है?द्वितीयक क्रिया।
काग़ज़ किससे बनता है?लकड़ी से।
चीनी किससे?गन्ने से।
लोहा-इस्पात किससे?लौह-अयस्क से।
एल्यूमिनियम किससे?बॉक्साइट से।
★किसी देश की आर्थिक उन्नति किससे मापी जाती है?विनिर्माण उद्योगों के विकास से।
द्वितीयक कार्यों में कौन आते हैं?स्टील, कार, कपड़ा उद्योग, बेकरी तथा पेय पदार्थों संबंधी उद्योगों में लगे श्रमिक।
निर्यात से क्या मिलता है?विदेशी मुद्रा — निर्मित वस्तुओं का निर्यात वाणिज्य व्यापार बढ़ाता है।
वैश्वीकरण के युग में क्या ज़रूरी है?“केवल आत्मनिर्भरता ही काफ़ी नहीं” — वस्तुएँ गुणवत्ता में अंतर्राष्ट्रीय स्तर की हों।

सेट 2 — उद्योगों का वर्गीकरण (14 कार्ड)★

प्रश्नउत्तर
वर्गीकरण के पाँच आधार?कच्चे माल का स्रोत · प्रमुख भूमिका · पूँजी निवेश · स्वामित्व · माल का भार।
कृषि आधारित उद्योग?सूती वस्त्र, ऊनी वस्त्र, पटसन, रेशम वस्त्र, रबर, चीनी, चाय, कॉफी, वनस्पति तेल।
खनिज आधारित उद्योग?लोहा-इस्पात, सीमेंट, एल्यूमिनियम, मशीन, औज़ार, पेट्रोरसायन।
आधारभूत उद्योग की परिभाषा?जिनके उत्पाद या कच्चे माल पर दूसरे उद्योग निर्भर हों।
आधारभूत के तीन उदाहरण?लोहा-इस्पात, ताँबा प्रगलन, एल्यूमिनियम प्रगलन।
उपभोक्ता उद्योग की परिभाषा?जो उत्पादन उपभोक्ताओं के सीधे उपयोग हेतु करते हैं।
उपभोक्ता के उदाहरण?चीनी, दंतमंजन, काग़ज़, पंखे, सिलाई मशीन।
लघु उद्योग की निवेश सीमा?एक करोड़ रुपये तक।
स्वामित्व के चार वर्ग?सार्वजनिक · निजी · संयुक्त · सहकारी (“सा-नि-सं-स”)।
सार्वजनिक क्षेत्र के दो उदाहरण?BHEL (भारत हैवी इलैक्ट्रिकल लि.) और SAIL (स्टील अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया लि.)।
निजी क्षेत्र के तीन उदाहरण?टिस्को, बजाज ऑटो लिमिटेड, डाबर उद्योग।
संयुक्त उद्योग का उदाहरण?ऑयल इंडिया लिमिटेड (OIL) — राज्य सरकार + निजी क्षेत्र।
सहकारी उद्योग के उदाहरण?महाराष्ट्र के चीनी उद्योग, केरल के नारियल उद्योग।
भारी और हल्के का एक-एक उदाहरण?भारी — लोहा-इस्पात; हल्के — विद्युतीय उद्योग।

सेट 3 — सूती वस्त्र उद्योग (12 कार्ड)★

प्रश्नउत्तर
वस्त्र उद्योग की सबसे बड़ी ख़ासियत?देश का अकेला उद्योग जो कच्चे माल से उच्चतम अतिरिक्त मूल्य उत्पाद तक की श्रृंखला में परिपूर्ण तथा आत्मनिर्भर है।
सूती वस्त्र उत्पादन की श्रृंखला?रेशा उत्पादन → धुनाई कताई → बुनाई → रंगाई व परिष्करण → वस्त्र विनिर्माण।
सूती वस्त्र उत्पादन के हर चरण पर क्या बनता है?कच्चा रेशा → सूत → कपड़ा → वस्त्र (गारमेंट)।
★पहला सफल सूती वस्त्र उद्योग?1854 — मुंबई।
विद्युतीय करघे कब से?अठारहवीं शताब्दी के बाद।
औपनिवेशिक काल में भारतीय सूती वस्त्र उद्योग को हानि क्यों हुई?क्योंकि इंग्लैंड के मशीन निर्मित वस्त्रों से स्पर्धा नहीं कर पाये।
विश्वयुद्धों से भारतीय सूती वस्त्र उद्योग को लाभ कैसे हुआ?यूरोप युद्धों में उलझा था और भारत इंग्लैंड के अधीन — इंग्लैंड में कपड़े की माँग ने भारतीय उद्योग को प्रोत्साहन दिया।
सूती वस्त्र उद्योग के स्थानीयकरण के छह कारक?कपास की उपलब्धता, बाज़ार, परिवहन, पत्तनों की समीपता, श्रम, नमीयुक्त जलवायु।
कताई कहाँ केंद्रित?महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु।
! भारत का बुना वस्त्र कमज़ोर क्यों?क्योंकि यह देश में उत्पादित उच्च स्तरीय धागे का अधिक प्रयोग नहीं कर पाता।
बुनाई कहाँ होती है?हथकरघों, विद्युतकरघों व मिलों में।
खादी का महत्त्व?कुटीर उद्योग के रूप में बुनकरों को उनके घरों में बड़े पैमाने पर रोज़गार।

सेट 4 — पटसन और चीनी (14 कार्ड)★

प्रश्नउत्तर
पटसन उत्पादन में भारत का स्थान?सबसे बड़ा उत्पादक।
पटसन के निर्यात में भारत का स्थान?बांग्लादेश के बाद दूसरा।
2010-11 में कितने पटसन उद्योग?लगभग 80।
★पहला पटसन उद्योग?1855 — रिशरा (कोलकाता के निकट)।
हुगली की पटसन मेखला कितनी बड़ी है?98 किमी. लंबी × 3 किमी. चौड़ी।
★1947 के विभाजन का असर?मिलें भारत में रह गईं, पर तीन-चौथाई जूट उत्पादक क्षेत्र बांग्लादेश चला गया।
★हुगली तट के छह कारण?पटसन क्षेत्रों की निकटता · सस्ता जल परिवहन · सड़क-रेल-जल का जाल · प्रचुर जल · सस्ता श्रमिक · कोलकाता का बैंकिंग-बीमा-पत्तन।
सस्ता श्रमिक किन राज्यों से?पश्चिम बंगाल तथा ओडिशा, बिहार व उत्तर प्रदेश से।
चीनी में भारत का स्थान?दूसरा — पर गुड़ व खांडसारी में प्रथम।
चीनी मिल गन्ने के पास क्यों?क्योंकि कच्चा माल भारी होता है और ढुलाई में सूक्रोस की मात्रा घट जाती है।
चीनी की 60% मिलें कहाँ?उत्तर प्रदेश तथा बिहार में।
चीनी उद्योग किस स्वभाव का है?मौसमी — इसलिए सहकारी क्षेत्र के लिए उपयुक्त।
चीनी उद्योग दक्षिण में क्यों बढ़ रहा है?गन्ने में अधिक सूक्रोस · अपेक्षाकृत ठंडी जलवायु · सहकारी समितियाँ सफल।
चीनी उद्योग के बढ़ने में कौन-सा राज्य विशेष रूप से आगे है?महाराष्ट्र।

सेट 5 — लोहा तथा इस्पात (12 कार्ड)★

प्रश्नउत्तर
लोहा-इस्पात आधारभूत उद्योग क्यों है?क्योंकि अन्य सभी भारी, हल्के और मध्यम उद्योग इनसे बनी मशीनरी पर निर्भर हैं।
लोहा-इस्पात भारी उद्योग क्यों है?क्योंकि कच्चा तथा तैयार माल दोनों भारी और स्थूल होते हैं और अधिक परिवहन लागत लगती है।
इस्पात किस बात का पैमाना है?“इस्पात के उत्पादन तथा खपत को प्राय: एक देश के विकास का पैमाना माना जाता है।”
★कच्चे माल का अनुपात?लौह-अयस्क : कोकिंग कोल : चूना पत्थर = 4 : 2 : 1
इस्पात कठोर किससे बनता है?मैंगनीज़ की कुछ मात्रा से।
प्रक्रिया के पाँच चरण?परिवहन → झोंकदार भट्ठी → ढलवाँ लोहा → इस्पात बनाना → धातु को आकार देना।
झोंकदार भट्ठी में चूना पत्थर क्यों?वह सहायक खनिज है जिससे धातु का मैल हटाया जाता है।
अयस्क गर्म करने का ईंधन?कोक।
इस्पात शुद्ध करने में क्या मिलाते हैं?मैंगनीज़, निकल, क्रोमियम।
इस्पात को आकार देने के चार तरीक़े?रोलिंग, प्रेसिंग, ढलाई और गढ़ाई।
★छोटानागपुर में संकेंद्रण के चार कारण?लौह अयस्क की कम लागत · उच्च कोटि के कच्चे माल की निकटता · सस्ते श्रमिक · स्थानीय बाज़ार में माँग की विशाल संभाव्यता।
दस संयंत्रों के नाम?जमशेदपुर · बोकारो · दुर्गापुर · बर्नपुर · राउरकेला · भिलाई · विशाखापट्टनम · विजयनगर · भद्रावती · सेलम।

सेट 6 — एल्यूमिनियम, रसायन, उर्वरक (14 कार्ड)

प्रश्नउत्तर
एल्यूमिनियम प्रगलन का स्थान?दूसरा सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण धातु शोधन उद्योग।
एल्यूमिनियम के पाँच गुण?हल्का · जंग अवरोधी · ऊष्मा का सुचालक · लचीला · मिश्रण से अधिक कठोर।
एल्यूमिनियम के उपयोग?हवाई जहाज़, बर्तन तथा तार बनाने में।
एल्यूमिनियम किन धातुओं का विकल्प है?इस्पात, ताँबा, जस्ता व सीसा।
★बॉक्साइट से एल्यूमिनियम का अनुपात?4 से 6 टन बॉक्साइट → 2 टन एल्यूमिना → 1 टन एल्यूमिनियम।
एल्यूमिनियम प्रगलन की दो महत्त्वपूर्ण आवश्यकताएँ?नियमित ऊर्जा की पूर्ति और कम क़ीमत पर कच्चे माल की सुनिश्चित उपलब्धता।
एल्यूमिनियम प्रगलन में कितनी बिजली लगती है?18,600 कि.वाट प्रति टन अयस्क।
क्रायोलाइट क्या है?एक पिघली धातु जो इलैक्ट्रोलाइट का काम करती है।
रसायन उद्योग का GDP में हिस्सा?लगभग 3 प्रतिशत।
रसायन उद्योग का एशिया और विश्व में स्थान?एशिया में तीसरा, विश्व में 12वाँ।
अकार्बनिक रसायन?सलफ्यूरिक अम्ल, नाइट्रिक अम्ल, क्षार, सोडा ऐश, कास्टिक सोडा।
कार्बनिक रसायन कहाँ लगते हैं?तेल शोधन शालाओं या पेट्रोरसायन संयंत्रों के समीप।
उर्वरक के तीन प्रकार?नाइट्रोजनी (यूरिया) · फ़ास्फ़ेटिक (DAP) · मिश्रित (नाइट्रोजन+फ़ास्फ़ेट+पोटाश)।
! पोटाश आयात क्यों?क्योंकि भारत में पोटाश या पोटाशियम यौगिकों के भंडार ही नहीं हैं।

सेट 7 — सीमेंट, मोटरगाड़ी, IT (10 कार्ड)

प्रश्नउत्तर
सीमेंट का कच्चा माल?चूना पत्थर, सिलिका और जिप्सम — साथ में कोयला व विद्युत ऊर्जा।
★पहला सीमेंट उद्योग?1904 — चेन्नई।
गुजरात में सीमेंट इकाइयाँ क्यों?क्योंकि वहाँ से खाड़ी के देशों के बाज़ार की उपलब्धता है।
मोटरगाड़ी उद्योग में वृद्धि कब?उदारीकरण के पश्चात्।
मोटरगाड़ी के प्रमुख केंद्र?दिल्ली, गुड़गाँव, मुंबई, पुणे, चेन्नई, कोलकाता, लखनऊ, इंदौर, हैदराबाद, जमशेदपुर, बेंगलूरु।
★भारत की इलैक्ट्रॉनिक राजधानी?बेंगलुरु।
IT का सर्वाधिक संकेंद्रण?बेंगलुरु, नोएडा, मुम्बई, चेन्नई, हैदराबाद, पुणे।
IT की सफलता का कारण?हार्डवेयर व सॉफ़्टवेयर का निरंतर विकास।
इलैक्ट्रोनिक उद्योग क्या बनाता है?ट्रांजिस्टर, टेलीविज़न, टेलीफ़ोन, सेल्यूलर टेलीकॉम, टेलीफ़ोन एक्सचेंज, राडार, कंप्यूटर, दूरसंचार उपकरण।
★राजस्थान का सॉफ़्टवेयर पार्क?जयपुर।

सेट 8 — औद्योगिक प्रदूषण (14 कार्ड)★

प्रश्नउत्तर
उद्योग किन चार प्रदूषणों के लिए ज़िम्मेदार?वायु · जल · भूमि · ध्वनि।
वायु प्रदूषण की दो गैसें?सल्फर डाइऑक्साइड और कार्बन मोनोऑक्साइड।
निलंबित कणनुमा पदार्थ?धूलि, स्प्रे, कुहासा तथा धुआँ।
वायु प्रदूषण करने वाले उद्योग?रसायन व काग़ज़ उद्योग, ईंटों के भट्टे, तेल शोधनशालाएँ, प्रगलन उद्योग, जीवाश्म ईंधन दहन।
★ज़हरीली गैस रिसाव का सबसे बड़ा उदाहरण?भोपाल गैस त्रासदी।
जल प्रदूषण करने वाले उद्योग?काग़ज़, लुगदी, रसायन, वस्त्र, रंगाई, तेल शोधन, चमड़ा, इलैक्ट्रोप्लेटिंग।
★भारत के मुख्य औद्योगिक अपशिष्ट?फ्लाई एश, फ़ोस्फ़ो-जिप्सम तथा लोहा-इस्पात की अशुद्धियाँ (slag)।
तापीय प्रदूषण क्या है?कारख़ानों-तापघरों से गर्म जल बिना ठंडा किए नदियों-तालाबों में छोड़ना।
परमाणु अपशिष्ट से कौन-सी बीमारियाँ?कैंसर, जन्मजात विकार तथा अकाल प्रसव।
मृदा किससे अनुपजाऊ होती है?काँच, हानिकारक रसायन, औद्योगिक बहाव, पैकिंग, लवण तथा कूड़ा-कर्कट।
भूमिगत जल कैसे प्रदूषित होता है?वर्षा जल के साथ प्रदूषक ज़मीन से रिसकर नीचे पहुँच जाते हैं।
ध्वनि प्रदूषण के प्रभाव?खिन्नता, उत्तेजना, श्रवण असक्षमता, हृदय गति, रक्त चाप।
ध्वनि के स्रोत?औद्योगिक-निर्माण कार्य, कारख़ानों के उपकरण, जेनरेटर, लकड़ी चीरने के कारख़ाने, गैस यांत्रिकी, विद्युत ड्रिल।
कौन-सा गृह भी प्रदूषक है?ताप विद्युतगृह।

सेट 9 — प्रदूषण की रोकथाम (12 कार्ड)★

प्रश्नउत्तर
★एक लिटर अपशिष्ट कितना जल दूषित करता है?लगभग आठ गुना।
औद्योगिक जल प्रदूषण रोकने का पहला सुझाव?जल का न्यूनतम उपयोग और दो या अधिक उत्तरोत्तर अवस्थाओं में पुनर्चक्रण।
औद्योगिक जल प्रदूषण रोकने का दूसरा सुझाव?वर्षा जल संग्रहण।
औद्योगिक जल प्रदूषण रोकने का तीसरा सुझाव?नदियों-तालाबों में छोड़ने से पहले गर्म जल तथा अपशिष्ट का शोधन।
अपशिष्ट जल का प्राथमिक शोधन?यांत्रिक साधनों द्वारा — छँटाई, छोटे टुकड़े, ढकना, तलछट जमाव।
अपशिष्ट जल का द्वितीयक शोधन?जैविक प्रक्रियाओं द्वारा।
अपशिष्ट जल का तृतीयक शोधन?जैविक, रासायनिक तथा भौतिक प्रक्रियाओं द्वारा — जल पुन: प्रयोग योग्य बनता है।
भूमिगत जल के लिए क्या ज़रूरी?जहाँ स्तर कम है वहाँ अधिक निष्कासन पर क़ानूनी प्रतिबंध।
वायु के लिए चार उपकरण?ऊँची चिमनियाँ · एलेक्ट्रोस्टैटिक अवक्षेपण · स्क्रबर · जड़त्वीय पृथक्करण उपकरण।
धुआँ कम करने का एक और तरीक़ा?कोयले की अपेक्षा तेल व गैस का प्रयोग।
ध्वनि के लिए उपाय?जेनरेटरों में साइलेंसर · ऊर्जा सक्षम मशीनरी · ध्वनि अवशोषित उपकरण · कानों पर शोर नियंत्रण उपकरण।
★NTPC के पास कौन-सा प्रमाण पत्र?पर्यावरण प्रबंधतंत्र (EMS) 14001 के लिए ISO प्रमाण पत्र।

सेट 10 — राजस्थान वाले कार्ड★

#कहाँक्या
1मानचित्र पृ. 61बीकानेर और जयपुर — ऊनी वस्त्र उद्योग
2उर्वरक उद्योगराजस्थान अन्य महत्त्वपूर्ण उत्पादक राज्यों की सूची में
3सीमेंट (जोड़कर)सीमेंट का कच्चा माल चूना पत्थर, जिसमें राजस्थान भारत में प्रथम (22%) — इसलिए यहाँ सीमेंट उद्योग विकसित

आख़िरी कार्ड किताब में सीधे नहीं लिखा — यह अध्याय 5 और 6 को जोड़कर बनता है। परीक्षा में यही जोड़ अलग से चमकता है।

सेट 11 — अनिवार्य आँकड़े (1 कार्ड)

आँकड़ाकिसका
50 प्रतिशतउर्वरक — गुजरात, तमिलनाडु, उ.प्र., पंजाब, केरल

सेट 12 — शब्दावली (11 कार्ड)

शब्दअर्थ
अतिरिक्त मूल्यहर चरण पर वस्तु के मूल्य में होने वाली वृद्धि।
लूमेज (Loomage)करघों द्वारा निर्मित कपड़े की मात्रा।
प्रगलन (Smelting)अयस्क को गलाकर शुद्ध धातु निकालना।
झोंकदार भट्ठीवह भट्ठी जिसमें लौह-अयस्क को कोक व चूना पत्थर के साथ गलाया जाता है।
ढलवाँ लोहाभट्ठी से निकला तरल लोहा जो साँचों में जमाया जाता है।
सूक्रोसगन्ने की मीठी शर्करा, जो ढुलाई में घट जाती है।
फ्लाई एशकोयला जलने से बची महीन राख।
स्लैग (Slag)लोहा-इस्पात बनाते समय निकलने वाला मैल।
एलेक्ट्रोस्टैटिक अवक्षेपणचिमनी में लगा वह उपकरण जो विद्युत आवेश से धूल-कण रोक लेता है।
स्क्रबरधुएँ को धोकर साफ़ करने वाला उपकरण।
सतत् पोषणीय विकासऐसा विकास जो पर्यावरण को नुक़सान पहुँचाए बिना हो।

सेट 13 — पाँच याद रखने के सूत्र

सूत्रकैसे याद करें
सा-नि-सं-सस्वामित्व के चार वर्ग — सार्वजनिक, निजी, संयुक्त, सहकारी।
4-2-1लौह-अयस्क : कोकिंग कोल : चूना पत्थर।
54-55-041854 सूती (मुंबई) · 1855 पटसन (रिशरा) · 1904 सीमेंट (चेन्नई)।
वा-ज-भू-ध्वप्रदूषण के चार प्रकार — वायु, जल, भूमि, ध्वनि।
एक = आठएक लिटर अपशिष्ट = आठ गुना स्वच्छ जल दूषित।

सेट 14 — वर्ग पहेली (पृष्ठ 71) के उत्तर

संकेतउत्तर
‘गोल्डन फ़ाइबर’JUTE
उत्तर प्रदेश में डीज़ल रेलवे इंजनVARANASI

आख़िरी बात। इस अध्याय में सबसे ज़्यादा भूली जाने वाली चीज़ें तीन हैं — वर्गीकरण के पाँच आधार, तीन साल (1854, 1855, 1904) और अनुपात 4:2:1। बाक़ी सब इन्हीं के आस-पास घूमता है।