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समूह 1 — जैव विविधता और पारिस्थितिकी तंत्र (कार्ड 1–13)
| # | प्रश्न | उत्तर |
|---|---|---|
| 1 | हम किन जीवों के साथ इस ग्रह पर रहते हैं? | सूक्ष्म-जीवाणुओं और बैक्टीरिया, जोंक से लेकर वटवृक्ष, हाथी और ब्लू व्हेल तक |
| 2 | मानव और दूसरे जीवधारी मिलकर क्या बनाते हैं? | एक जटिल पारिस्थितिकी तंत्र, जिसका हम मात्र एक हिस्सा हैं |
| 3 | हमारे तीन जीवन साध्य संसाधन कौन-से हैं? | वायु, जल और मृदा |
| 4 | वायु, जल और मृदा का पुन: सृजन कौन करता है? | पौधे, पशु और सूक्ष्मजीवी |
| 5 | वन पारिस्थितिकी तंत्र में क्या हैं? | प्राथमिक उत्पादक, जिन पर दूसरे सभी जीव निर्भर करते हैं |
| 6 | ‘प्राथमिक उत्पादक’ का क्या अर्थ है? | वे जीव जो अपना भोजन ख़ुद बनाते हैं और जिन पर पूरा तंत्र टिका है |
| 7 | जैव विविधता किस तरह बँधी हुई है? | अंतर्निर्भरताओं के जटिल जाल द्वारा एक तंत्र में गुँथी हुई |
| 8 | भारत का जैव विविधता में क्या स्थान है? | विश्व के सबसे समृद्ध देशों में से एक |
| 9 | विश्व की जैव उपजातियों की कितनी संख्या भारत में है? | 8 प्रतिशत |
| 10 | भारत में पाई जाने वाली जैव उपजातियाँ कितनी हैं? | लगभग 16 लाख |
| 11 | अभी कितनी उपजातियाँ खोजी जानी बाक़ी हैं? | ज्ञात उपजातियों से दो या तीन गुना |
| 12 | संसाधनों पर दबाव क्यों बढ़ा? | पर्यावरण के प्रति हमारी असंवेदना के कारण |
| 13 | वनस्पतिजात और प्राणिजात का क्या अर्थ है? | वनस्पतिजात = किसी क्षेत्र के सभी पौधे; प्राणिजात = किसी क्षेत्र के सभी प्राणी |
समूह 2 — संरक्षण क्यों ज़रूरी है (कार्ड 14–19)
| # | प्रश्न | उत्तर |
|---|---|---|
| 14 | संरक्षण से क्या बनी रहती है? | पारिस्थितिकी विविधता |
| 15 | संरक्षण से कौन-से संसाधन बने रहते हैं? | जल, वायु और मृदा |
| 16 | संरक्षण किस विविधता को बचाता है? | जीन (genetic) विविधता — जो बेहतर जनन के लिए ज़रूरी है |
| 17 | कृषि में हम किस पर निर्भर हैं? | पारंपरिक फसलों पर |
| 18 | जलीय जैव विविधता किस पर निर्भर है? | मछली पालन बनाए रखने पर |
| 19 | ‘जीन विविधता’ क्यों ज़रूरी है? | क्योंकि अगर सिर्फ़ एक ही किस्म बचे और उसे बीमारी लगे, तो पूरी फ़सल ख़त्म हो सकती है — विविधता ही सुरक्षा है |
समूह 3 — 1972 का अधिनियम (कार्ड 20–31)
| # | प्रश्न | उत्तर |
|---|---|---|
| 20 | राष्ट्रीय वन्यजीवन सुरक्षा कार्यक्रम की माँग कब उठी? | 1960 और 1970 के दशकों के दौरान |
| 21 | कौन-सा अधिनियम कब लागू हुआ? | भारतीय वन्यजीवन (रक्षण) अधिनियम, 1972 |
| 22 | 1972 के अधिनियम में क्या प्रावधान थे? | वन्य-जीवों के आवास रक्षण के अनेक प्रावधान |
| 23 | 1972 के अधिनियम के बाद क्या प्रकाशित किया गया? | सारे भारत में रक्षित जातियों की सूची |
| 24 | 1972 के अधिनियम में किन चार बातों पर ज़ोर दिया गया? | संकटग्रस्त जातियों का बचाव · शिकार प्रतिबंधन · आवासों का क़ानूनी रक्षण · व्यापार पर रोक |
| 25 | 1972 के अधिनियम के बाद सरकारों ने क्या बनाए? | राष्ट्रीय उद्यान और वन्य जीव पशुविहार (sanctuary) |
| 26 | वन्य-प्राणी परियोजनाओं का उद्देश्य क्या था? | गंभीर ख़तरे में पड़े कुछ विशेष वन प्राणियों को रक्षण देना |
| 27 | परियोजना वाले प्राणी कौन-से हैं? | बाघ · एक सींग वाला गैंडा · हंगुल · तीन मगरमच्छ · एशियाई शेर |
| 28 | हंगुल किसे कहते हैं? | कश्मीरी हिरण |
| 29 | तीन प्रकार के मगरमच्छ कौन-से? | स्वच्छ जल मगरमच्छ · लवणीय जल मगरमच्छ · घड़ियाल |
| 30 | किन प्राणियों के शिकार-व्यापार पर प्रतिबंध लगा? | भारतीय हाथी · काला हिरण · चिंकारा · भारतीय गोडावन (bustard) · हिम तेंदुआ |
| 31 | भारतीय हाथी, काला हिरण, चिंकारा आदि के शिकार-व्यापार पर प्रतिबंध किस तरह का था? | संपूर्ण अथवा आंशिक प्रतिबंध लगाकर क़ानूनी रक्षण |
समूह 4 — बाघ परियोजना (कार्ड 32–44)
| # | प्रश्न | उत्तर |
|---|---|---|
| 32 | 20वीं सदी के आरंभ में बाघ कितने थे? | अनुमानित 55,000 |
| 33 | 1973 में बाघ कितने रह गए? | मात्र 1,827 |
| 34 | बाघों की घटती संख्या किसने पाई और कब? | अधिकारियों ने, 1973 में |
| 35 | बाघों की संख्या घटने का पहला कारण? | बाघों को मारकर व्यापार के लिए चोरी करना |
| 36 | बाघों की संख्या घटने का दूसरा कारण? | आवासीय स्थलों का सिकुड़ना |
| 37 | बाघों की संख्या घटने का तीसरा कारण? | भोजन के लिए आवश्यक जंगली उपजातियों की संख्या कम होना |
| 38 | बाघों की संख्या घटने का चौथा कारण? | जनसंख्या में वृद्धि |
| 39 | बाघों की संख्या घटने के और दो कारण बताइए। | खाल का व्यापार और हड्डियों का एशियाई देशों में परंपरागत औषधियों में प्रयोग |
| 40 | दुनिया के कितने बाघ भारत-नेपाल में हैं? | दो-तिहाई |
| 41 | दुनिया के दो-तिहाई बाघ भारत-नेपाल में होने का नतीजा क्या हुआ? | ये दोनों देश ही शिकार, चोरी और गैर-क़ानूनी व्यापार करने वालों के मुख्य निशाने पर हैं |
| 42 | प्रोजेक्ट टाईगर कब शुरू हुआ? | 1973 में |
| 43 | प्रोजेक्ट टाईगर का दर्जा क्या है? | विश्व की बेहतरीन वन्य जीव परियोजनाओं में से एक |
| 44 | बाघ संरक्षण का असली उद्देश्य क्या है? | मात्र एक जाति बचाना नहीं, अपितु बहुत बड़े आकार के जैवजाति को भी बचाना |
समूह 5 — संरक्षण की बदलती दिशा (कार्ड 45–49)
| # | प्रश्न | उत्तर |
|---|---|---|
| 45 | आजकल संरक्षण परियोजनाएँ किस पर केंद्रित हैं? | जैव विविधताओं पर, न कि इसके विभिन्न घटकों पर |
| 46 | अब किन जीवों को भी महत्त्व मिल रहा है? | कीटों को |
| 47 | 1980 और 1986 में वन्य जीव अधिनियम की सूची में किन्हें जोड़ा गया? | सैकड़ों तितलियों, पतंगों, भृंगों और एक ड्रैगनफ्लाई को |
| 48 | संरक्षित सूची में 1991 में क्या हुआ? | पौधों की 6 जातियाँ पहली बार संरक्षित सूची में रखी गईं |
| 49 | कीटों और पौधों को संरक्षित सूची में जोड़ने से संरक्षण की सोच में क्या बदलाव दिखता है? | ‘बड़े जानवर बचाओ’ से बदलकर ‘पूरा तंत्र बचाओ’ |
समूह 6 — वनों के प्रकार और वितरण (कार्ड 50–63)
| # | प्रश्न | उत्तर |
|---|---|---|
| 50 | भारत में वन कितने प्रकार के हैं? | तीन — आरक्षित, रक्षित और अवर्गीकृत |
| 51 | आरक्षित वन क्या हैं? | वे जिन्हें संरक्षण की दृष्टि से सर्वाधिक मूल्यवान माना जाता है |
| 52 | कितना क्षेत्र आरक्षित है? | देश में आधे से अधिक वन क्षेत्र |
| 53 | रक्षित वन क्या हैं? | वे वन जिन्हें और अधिक नष्ट होने से बचाने के लिए सुरक्षा दी जाती है |
| 54 | कितना क्षेत्र रक्षित है? | कुल वन क्षेत्र का एक-तिहाई |
| 55 | अवर्गीकृत वन क्या हैं? | अन्य सभी वन और बंजरभूमि जो सरकार, व्यक्तियों और समुदायों के स्वामित्व में हैं |
| 56 | स्थायी वन क्षेत्र में क्या आता है? | आरक्षित + रक्षित वन (अवर्गीकृत नहीं) |
| 57 | स्थायी वनों का रख-रखाव किसलिए? | इमारती लकड़ी, अन्य वन पदार्थों और उनके बचाव के लिए |
| 58 | स्थायी वनों में सर्वाधिक क्षेत्र किस राज्य में? | मध्य प्रदेश — कुल वन क्षेत्र का 75 प्रतिशत |
| 59 | आरक्षित वनों का बड़ा अनुपात किन राज्यों में? | जम्मू और कश्मीर, आंध्र प्रदेश, उत्तराखण्ड, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र |
| 60 | रक्षित वनों का बड़ा अनुपात किन राज्यों में? | बिहार, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, ओडिशा और राजस्थान |
| 61 | अवर्गीकृत वन कहाँ अधिक हैं? | पूर्वोत्तर के सभी राज्यों और गुजरात में |
| 62 | पूर्वोत्तर और गुजरात में अवर्गीकृत वन किसके प्रबंधन में हैं? | स्थानीय समुदायों के प्रबंधन में |
| 63 | वन प्रबंधन कठिन क्यों है? | क्योंकि अधिकतर वन सरकार के अधिकार क्षेत्र या वन विभाग के प्रबंधन में हैं |
समूह 7 — समुदाय और वन संरक्षण (कार्ड 64–85)
| # | प्रश्न | उत्तर |
|---|---|---|
| 64 | क्या वन संरक्षण भारत में नयी बात है? | नहीं — “वन संरक्षण की नीतियाँ हमारे देश में कोई नई बात नहीं है” |
| 65 | वन किनके आवास भी हैं? | कुछ मानव प्रजातियों के |
| 66 | समुदाय अपने आवास क्यों बचाते हैं? | क्योंकि “इसी से ही दीर्घकाल में उनकी आवश्यकताओं की पूर्ति हो सकती है” |
| 67 | सरिस्का में गाँववाले किसके ख़िलाफ़ संघर्षरत हैं? | खनन कार्य बंद करवाने के लिए |
| 68 | सरिस्का के गाँववाले किस अधिनियम के तहत लड़ रहे हैं? | वन्य जीव रक्षण अधिनियम के तहत |
| 69 | कहीं-कहीं लोग सरकार से क्या नहीं चाहते? | सरकार की ओर से हस्तक्षेप भी स्वीकार नहीं कर रहे हैं |
| 70 | भैरोंदेव डाकव सोंचुरी कहाँ है? | राजस्थान के अलवर ज़िले में |
| 71 | भैरोंदेव डाकव सोंचुरी कितने गाँवों ने बनाई? | 5 गाँवों के लोगों ने |
| 72 | भैरोंदेव डाकव सोंचुरी कितनी भूमि पर बनी है? | 1,200 हेक्टेयर वन भूमि पर |
| 73 | भैरोंदेव डाकव सोंचुरी के नियम किसके हैं? | अपने ही नियम क़ानून |
| 74 | भैरोंदेव डाकव सोंचुरी के नियम क्या करते हैं? | शिकार वर्जित करते हैं और बाहरी लोगों की घुसपैठ से वन्य जीवन बचाते हैं |
| 75 | पवित्र पेड़ों के झुरमट किसे कहते हैं? | वे वन-भाग जिन्हें जनजातीय विश्वासों ने मूल एवं कौमार्य रूप में बचाकर रखा; देवी-देवताओं के वन |
| 76 | पवित्र पेड़ों के झुरमटों का आधार क्या है? | प्रकृति की पूजा — सदियों पुराना जनजातीय विश्वास |
| 77 | पवित्र पेड़ों के झुरमटों की रक्षा कैसे होती है? | स्थानीय लोग ही घुसते हैं और किसी और को छेड़छाड़ नहीं करने देते |
| 78 | मुंडा और संथाल किन पेड़ों की पूजा करते हैं? | महुआ और कदंब — छोटानागपुर क्षेत्र में |
| 79 | ओडिशा-बिहार की जनजातियाँ किन पेड़ों की पूजा करती हैं? | शादी के दौरान इमली और आम के पेड़ की |
| 80 | हममें से बहुत लोग किन्हें पवित्र मानते हैं? | पीपल और वटवृक्ष |
| 81 | पीपल और वटवृक्ष के अलावा और किन-किन चीज़ों को पवित्र माना जाता है? | झरनों, पहाड़ी चोटियों, पेड़ों और पशुओं को |
| 82 | मंदिरों के आसपास कौन दिखते हैं? | बंदर और लंगूर — उपासक उन्हें खिलाते-पिलाते हैं |
| 83 | बिश्नोई गाँवों के आसपास कौन-से जानवर? | काले हिरण, चिंकारा, नीलगाय और मोर |
| 84 | बिश्नोई समुदाय के लिए काले हिरण, चिंकारा, नीलगाय और मोर क्या हैं? | समुदाय का अभिन्न हिस्सा — कोई उनको नुकसान नहीं पहुँचाता |
| 85 | बिश्नोई किस राज्य में हैं? | राजस्थान में |
समूह 8 — आंदोलन और संयुक्त वन प्रबंधन (कार्ड 86–97)
| # | प्रश्न | उत्तर |
|---|---|---|
| 86 | चिपको आंदोलन कहाँ हुआ? | हिमालय में |
| 87 | चिपको की पहली उपलब्धि? | कई क्षेत्रों में वन कटाई रोकने में कामयाब रहा |
| 88 | चिपको की दूसरी उपलब्धि? | दिखाया कि स्थानीय पौधों की जातियों से सामुदायिक वनीकरण अभियान सफल बनाया जा सकता है |
| 89 | बीज बचाओ आंदोलन कहाँ चला? | टिहरी में |
| 90 | बीज बचाओ आंदोलन के साथ कौन-सा और नाम जुड़ा है? | नवदानय |
| 91 | बीज बचाओ आंदोलन ने क्या सिद्ध किया? | कि रासायनिक उर्वरकों के बिना भी विविध फसल उत्पादन से आर्थिक रूप से व्यवहार्य कृषि संभव है |
| 92 | संयुक्त वन प्रबंधन क्या करता है? | क्षरित वनों के प्रबंध और पुनर्निर्माण में स्थानीय समुदायों की भूमिका उजागर करता है |
| 93 | संयुक्त वन प्रबंधन की औपचारिक शुरुआत कब? | 1988 में |
| 94 | पहला प्रस्ताव किस राज्य ने पास किया? | ओडिशा ने |
| 95 | संयुक्त वन प्रबंधन की संस्थाएँ किस स्तर पर बनती हैं? | गाँव के स्तर पर — ग्रामीण और वन विभाग के अधिकारी साथ काम करते हैं |
| 96 | संयुक्त वन प्रबंधन में समुदाय को क्या मिलता है? | गैर-इमारती वन उत्पादों के हक़दार होते हैं और इमारती लकड़ी के लाभ में भागीदार |
| 97 | अध्याय के अनुसार कौन-सा विकास मान्य होना चाहिए? | वही विकास मान्य हो जो जनमानस पर केंद्रित, पर्यावरण हितैषी और आर्थिक रूप से प्रतिफलित हो |
समूह 9 — केवल जोड़ियाँ (कार्ड 98–104) — आख़िरी दिन के लिए
उद्यान और राज्य
| # | उद्यान / रिज़र्व | राज्य |
|---|---|---|
| 98 | कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान | उत्तराखण्ड |
| 99 | सुंदरबन राष्ट्रीय उद्यान | पश्चिम बंगाल |
| 100 | बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान | मध्य प्रदेश |
| 101 | सरिस्का वन्य जीव पशुविहार | राजस्थान |
| 102 | मानस बाघ रिज़र्व | असम |
| 103 | पेरियार बाघ रिज़र्व | केरल |
| 104 | काज़ीरंगा राष्ट्रीय उद्यान | असम |
समूह 10 — केवल वर्ष (कार्ड 105) — आख़िरी दिन के लिए
| # | वर्ष | घटना |
|---|---|---|
| 105 | 487 ई.पू. | गौतम बुद्ध का पेड़ों पर प्रसिद्ध उद्धरण |