कक्षा — 10 · विषय — सामाजिक विज्ञान (भूगोल — समकालीन भारत–2) · पृष्ठ — 58 से 71 · कुल कालांश — 9
पूरी योजना एक नज़र में
| कालांश | विषय | पृष्ठ |
|---|---|---|
| 1 | विनिर्माण क्या है और क्यों ज़रूरी है | 58 |
| 2 | उद्योगों का वर्गीकरण — पाँच आधार | 59 |
| 3 | वस्त्र उद्योग (सूती) | 59–60 |
| 4 | पटसन और चीनी उद्योग | 60–61 |
| 5 | लोहा तथा इस्पात उद्योग | 62–63 |
| 6 | एल्यूमिनियम, रसायन और उर्वरक | 64–65 |
| 7 | सीमेंट, मोटरगाड़ी, सूचना प्रौद्योगिकी + मानचित्र-कार्य | 65–67 |
| 8 | औद्योगिक प्रदूषण — चारों प्रकार | 66–68 |
| 9 | रोकथाम, NTPC और पुनरावृत्ति | 68–71 |
★इस अध्याय की सबसे बड़ी बात — यह दो पक्षों वाला अध्याय है। कालांश 1 से 7 तक उद्योग नायक हैं; कालांश 8 से वे आरोपी बन जाते हैं। आठवें कालांश की शुरुआत में यह मोड़ खोलकर बताइए, वरना बच्चों को लगेगा कि किताब अपनी ही बात काट रही है।
कालांश 1 — विनिर्माण क्या है और क्यों ज़रूरी है
उद्देश्य — विद्यार्थी विनिर्माण की परिभाषा बता सकें और उसके महत्त्व के पाँच कारण लिख सकें।
(क) शुरुआत — 8 मिनट · “अपना बस्ता खोलो”
बच्चों से कहिए कि अपने बस्ते से पाँच चीज़ें निकालकर मेज़ पर रखें — कॉपी, पेन, बोतल, टिफ़िन, जूता। फिर हर चीज़ पर पूछिए: “यह किस चीज़ से बनी है?”
| चीज़ | कच्चा माल |
|---|---|
| कॉपी | लकड़ी |
| बोतल | पेट्रोलियम (प्लास्टिक) |
| टिफ़िन | लोहा/एल्यूमिनियम |
| कमीज़ | कपास |
| जूता | चमड़ा/रबर |
फिर बोलिए — “जो चीज़ पेड़ थी वह कॉपी कैसे बन गई? इसी बदलने का नाम विनिर्माण है।”
(ख) पढ़ना — 10 मिनट
पृष्ठ 58 की हरीश की दीवाली वाली शुरुआत ज़ोर से पढ़वाइए। फिर पूछिए — “हरीश के बाज़ार में तीन तरह के उद्योग दिखे। कौन-कौन से?” (बड़े, छोटे, घरेलू)
(ग) मुख्य शिक्षण — 15 मिनट
- परिभाषा बोर्ड पर लिखवाइए
- चार उदाहरण — लकड़ी→काग़ज़, गन्ना→चीनी, लौह-अयस्क→लोहा-इस्पात, बॉक्साइट→एल्यूमिनियम
- “किसी देश की आर्थिक उन्नति विनिर्माण उद्योगों के विकास से मापी जाती है” — रेखांकित करवाइए
- महत्त्व के पाँच कारण — बिंदुवार
(घ) समापन — 7 मिनट
पाँचवाँ कारण (कृषि और उद्योग पूरक हैं) एक तीर की श्रृंखला से समझाइए:
कपास (खेत) → सूती मिल (उद्योग) → कपड़ा (बाज़ार) — और उसी उद्योग से किसान को पंप, उर्वरक और ट्रैक्टर मिलता है
गृहकार्य — “अपने घर की पाँच चीज़ें लिखो और बताओ कि वे किस कच्चे माल से बनी हैं।”
कालांश 2 — उद्योगों का वर्गीकरण
उद्देश्य — विद्यार्थी उद्योगों को पाँच आधारों पर वर्गीकृत कर सकें।
(क) शुरुआत — 5 मिनट
पृष्ठ 59 की सूची बोर्ड पर लिखिए — ट्रांजिस्टर, बिजली का बल्ब, वनस्पति तेल, सीमेंट, काँच का सामान, पेट्रोल, माचिस, स्कूटर, वाहन, दवाइयाँ। फिर कहिए — “इन सबको अलग-अलग खानों में रखना है। पर खाने कैसे बनाएँ? यही आज सीखेंगे।”
(ख) मुख्य शिक्षण — 25 मिनट
पाँचों आधार एक-एक करके बोर्ड पर, और साथ-साथ कॉपी में:
| आधार | वर्ग |
|---|---|
| कच्चे माल का स्रोत | कृषि आधारित / खनिज आधारित |
| प्रमुख भूमिका | आधारभूत / उपभोक्ता |
| पूँजी निवेश | लघु उद्योग (एक करोड़ तक) |
| स्वामित्व | सार्वजनिक / निजी / संयुक्त / सहकारी |
| माल का भार | भारी / हल्के |
हर वर्ग के साथ कम से कम दो उदाहरण ज़रूर लिखवाइए — परीक्षा में उदाहरण के अंक अलग से मिलते हैं।
(ग) गतिविधि — 8 मिनट
पृष्ठ 59 की क्रियाकलाप कक्षा में कराइए — दस चीज़ों को भारी और हल्के में बाँटना।
(घ) समापन — 2 मिनट
“चार स्वामित्व याद रखने का तरीक़ा — सा-नि-सं-स : सार्वजनिक, निजी, संयुक्त, सहकारी।”
कालांश 3 — वस्त्र उद्योग
उद्देश्य — विद्यार्थी सूती वस्त्र उद्योग का इतिहास, स्थानीयकरण के कारक और भारत की कमज़ोरी बता सकें।
(क) शुरुआत — 5 मिनट
अपनी क़मीज़ का कोना दिखाकर पूछिए — “यह कपास के खेत से यहाँ तक कैसे पहुँची? बीच में कितने लोग लगे होंगे?”
(ख) मुख्य शिक्षण — 25 मिनट
- “देश का यह अकेला उद्योग है जो कच्चे माल से उच्चतम अतिरिक्त मूल्य उत्पाद तक की श्रृंखला में परिपूर्ण तथा आत्मनिर्भर है” — यह वाक्य बोर्ड पर
- चित्र 6.1 की श्रृंखला — रेशा → सूत → कपड़ा → वस्त्र
- इतिहास — हथकरघा → 18वीं सदी के विद्युतीय करघे → औपनिवेशिक हानि → 1854 मुंबई → विश्वयुद्धों से प्रोत्साहन
- स्थानीयकरण के छह कारक
- आठ तरह के लोग जिन्हें यह उद्योग जीविका देता है
- ! भारत की कमज़ोरी — “कताई विश्व स्तर की, पर बुना वस्त्र कम गुणवत्ता वाला”
(ग) चर्चा — 8 मिनट
“महात्मा गांधी ने सूत कातने तथा खादी बुनने पर क्यों बल दिया?” — बच्चों से बुलवाइए, फिर सार लिखवाइए।
(घ) समापन — 2 मिनट
“कल का प्रश्न — पटसन को ‘सुनहरा रेशा’ क्यों कहते हैं?”
कालांश 4 — पटसन और चीनी उद्योग
उद्देश्य — विद्यार्थी हुगली तट पर पटसन उद्योग के छह कारण और चीनी उद्योग के दक्षिण की ओर खिसकाव के तीन कारण लिख सकें।
(क) पटसन — 20 मिनट
- आँकड़े — सबसे बड़ा उत्पादक; बांग्लादेश के बाद दूसरा निर्यातक; 1855 रिशरा; 98 × 3 किमी. मेखला; लगभग 80 उद्योग
- ★1947 का विरोधाभास — “मिलें भारत में रह गईं, पर तीन-चौथाई जूट उत्पादक क्षेत्र बांग्लादेश चला गया।” यहाँ रुकिए और पूछिए — “इससे भारत के सामने क्या समस्या खड़ी हुई होगी?”
- छह कारण — कॉपी में क्रमांक सहित
(ख) चीनी — 15 मिनट
- चीनी में दूसरा, गुड़-खांडसारी में पहला
- कच्चा माल भारी और ढुलाई में सूक्रोस घटता है → इसलिए मिल खेत के पास
- 60 प्रतिशत मिलें उ.प्र. और बिहार में
- दक्षिण की ओर खिसकाव के तीन कारण — अधिक सूक्रोस, ठंडी जलवायु, सफल सहकारी समितियाँ
(ग) समापन — 5 मिनट
“यह उद्योग मौसमी है, अत: सहकारी क्षेत्र के लिए उपयुक्त है — क्यों?” — चर्चा।
कालांश 5 — लोहा तथा इस्पात उद्योग
उद्देश्य — विद्यार्थी इस्पात निर्माण की प्रक्रिया और छोटानागपुर में संकेंद्रण के कारण बता सकें।
(क) शुरुआत — 5 मिनट
“कक्षा में देखो — पंखा, खिड़की की ग्रिल, कुर्सी का पाया, बस, रेल की पटरी। इनमें क्या समान है?” (सब लोहे-इस्पात से) — “इसीलिए इसे आधारभूत उद्योग कहते हैं।”
(ख) मुख्य शिक्षण — 25 मिनट
- आधारभूत क्यों — “अन्य सभी भारी, हल्के और मध्यम उद्योग इनसे बनी मशीनरी पर निर्भर हैं”
- “इस्पात के उत्पादन तथा खपत को देश के विकास का पैमाना माना जाता है”
- ★अनुपात 4:2:1 — लौह-अयस्क : कोकिंग कोल : चूना पत्थर; मैंगनीज़ कठोरता के लिए
- चित्र 6.2 की पाँच-चरणीय प्रक्रिया — बोर्ड पर तीर की श्रृंखला बनाइए
- छोटानागपुर में संकेंद्रण के चार कारण
(ग) मानचित्र — 8 मिनट
पृष्ठ 63 का मानचित्र खुलवाकर दस संयंत्र ढुँढ़वाइए, और गिनवाइए कि कितने पूर्वी भारत में हैं।
(घ) समापन — 2 मिनट
“अनुपात एक बार साथ बोलो — चार, दो, एक।”
कालांश 6 — एल्यूमिनियम, रसायन और उर्वरक
उद्देश्य — विद्यार्थी तीनों उद्योगों की मुख्य विशेषताएँ और आँकड़े बता सकें।
(क) एल्यूमिनियम — 15 मिनट
- दूसरा सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण धातु शोधन उद्योग
- पाँच गुण — हल्का, जंग अवरोधी, ऊष्मा का सुचालक, लचीला, मिश्रण से कठोर
- ★चित्र 6.4 का अनुपात — 4–6 टन बॉक्साइट → 2 टन एल्यूमिना → 1 टन एल्यूमिनियम
- दो आवश्यकताएँ — नियमित ऊर्जा (18,600 कि.वाट प्रति टन) और सस्ता कच्चा माल
- सात राज्य
(ख) रसायन — 12 मिनट
- GDP में 3%, एशिया में तीसरा, विश्व में 12वाँ
- अकार्बनिक बनाम कार्बनिक — तालिका
- ★“रसायन उद्योग अपने आप में एक बड़ा उपभोक्ता भी है” — यह वाक्य समझाइए
(ग) उर्वरक — 10 मिनट
- तीन प्रकार — नाइट्रोजनी, फ़ास्फ़ेटिक, मिश्रित
- ! पोटाश पूर्णत: आयात — “क्योंकि हमारे देश में इसके भंडार ही नहीं हैं” (अध्याय 5 से जोड़िए)
- 50% उत्पादन पाँच राज्यों से, और ★राजस्थान अन्य महत्त्वपूर्ण राज्यों में
(घ) समापन — 3 मिनट
“आज तीन आँकड़े मिले — 4:2:1 · 4-6→2→1 · 3 प्रतिशत। कल इन्हें पूछूँगा।”
कालांश 7 — सीमेंट, मोटरगाड़ी, सूचना प्रौद्योगिकी और मानचित्र-कार्य
उद्देश्य — विद्यार्थी तीनों उद्योगों के केंद्र बता सकें और मानचित्र पर प्रमुख स्थान अंकित कर सकें।
(क) सीमेंट — 8 मिनट
- कच्चा माल — चूना पत्थर, सिलिका, जिप्सम; साथ में कोयला और विद्युत
- पहला उद्योग 1904, चेन्नई
- ★यहाँ रुकिए — “सीमेंट किससे बनता है? चूना पत्थर से। पिछले अध्याय में चूना पत्थर में कौन-सा राज्य पहला था?” → राजस्थान (22%) → “तो राजस्थान में सीमेंट कारख़ाने ज़्यादा क्यों हैं, अब समझ आया?”
(ख) मोटरगाड़ी और सूचना प्रौद्योगिकी — 12 मिनट
- उदारीकरण के बाद माँग बढ़ी
- ★बेंगलुरु — भारत की इलैक्ट्रॉनिक राजधानी
- छह संकेंद्रण केंद्र — बेंगलुरु, नोएडा, मुम्बई, चेन्नई, हैदराबाद, पुणे
(ग) मानचित्र-कार्य — 18 मिनट
एक ख़ाली रेखा-मानचित्र सबको दीजिए और केवल ये भरवाइए:
| श्रेणी | स्थान |
|---|---|
| लोहा-इस्पात | जमशेदपुर · भिलाई · राउरकेला · दुर्गापुर · विशाखापट्टनम |
| वस्त्र | मुंबई · अहमदाबाद · कोयंबटूर · ★जयपुर · ★बीकानेर |
| पटसन | हुगली तट (कोलकाता के आसपास) |
| सॉफ़्टवेयर पार्क | बेंगलूरु · हैदराबाद · नोएडा · ★जयपुर |
(घ) समापन — 2 मिनट
“कल से अध्याय पलटेगा। अब तक उद्योग नायक थे — कल से वे आरोपी होंगे।”
कालांश 8 — औद्योगिक प्रदूषण
उद्देश्य — विद्यार्थी चारों प्रकार के प्रदूषण के कारण और प्रभाव लिख सकें।
(क) शुरुआत — 7 मिनट · मोड़ खोलिए
बोर्ड पर दो शीर्षक लिखिए —
| उद्योग से क्या मिला | उद्योग ने क्या छीना |
|---|---|
| रोज़गार · निर्यात · विदेशी मुद्रा · विकास | ? ? ? ? |
फिर कहिए — “दायाँ खाना आज तुम भरोगे।”
(ख) मुख्य शिक्षण — 25 मिनट
चारों प्रदूषण एक-एक करके, हर एक पर कारण + कौन-से उद्योग + असर:
| प्रकार | कारण | असर |
|---|---|---|
| वायु | सल्फर डाइऑक्साइड, कार्बन मोनोऑक्साइड, धूलि-स्प्रे-कुहासा-धुआँ | मानव स्वास्थ्य, पशु, पौधे, इमारतें |
| जल | कार्बनिक-अकार्बनिक अपशिष्ट; रंग, अम्ल, सीसा-पारा; फ्लाई एश, फ़ोस्फ़ो-जिप्सम, slag | नदियाँ ज़हरीली |
| भूमि | काँच, रसायन, पैकिंग, लवण, कूड़ा | मिट्टी अनुपजाऊ + भूमिगत जल प्रदूषित |
| ध्वनि | जेनरेटर, विद्युत ड्रिल, लकड़ी चीरने के कारख़ाने | श्रवण असक्षमता, हृदय गति, रक्त चाप |
★भोपाल गैस त्रासदी पर दो मिनट रुकिए — पाठ्यपुस्तक ख़ुद यह प्रश्न पूछती है। ★तापीय प्रदूषण अलग से समझाइए — “गर्म पानी भी प्रदूषण है, यह सुनकर अजीब लगता है न?”
(ग) समापन — 8 मिनट
दायाँ खाना बच्चों से भरवाइए और कहिए — “अब बताओ, उद्योग अच्छे हैं या बुरे?” — कोई एक उत्तर नहीं देना है। यही अध्याय का मक़सद है।
कालांश 9 — रोकथाम, NTPC और पुनरावृत्ति
उद्देश्य — विद्यार्थी प्रदूषण रोकने के उपाय बता सकें और पूरे अध्याय की पुनरावृत्ति कर सकें।
(क) चौंकाने वाला आँकड़ा — 3 मिनट
★“कारख़ानों द्वारा निष्कासित एक लिटर अपशिष्ट से लगभग आठ गुना स्वच्छ जल दूषित होता है।” बोर्ड पर एक लिटर की बोतल का चित्र और उसके आगे आठ बोतलें बनाइए।
(ख) उपाय — 18 मिनट
- जल के लिए तीन सुझाव + शोधन के तीन चरण (प्राथमिक-द्वितीयक-तृतीयक)
- वायु के लिए — ऊँची चिमनियाँ, एलेक्ट्रोस्टैटिक अवक्षेपण, स्क्रबर, तेल-गैस
- ध्वनि के लिए — साइलेंसर, ऊर्जा सक्षम मशीनें, कानों के उपकरण
- NTPC के पाँच उपाय — संक्षेप में
(ग) पुनरावृत्ति — 15 मिनट
- वर्ग पहेली (पृष्ठ 71) सामूहिक रूप से हल कराइए — यह पूरे अध्याय की सबसे अच्छी पुनरावृत्ति है
- क्रियाकलाप (पृष्ठ 70) के सात शब्द भी
(घ) समापन — 4 मिनट
अंतिम वाक्य कक्षा से बुलवाइए —
“सतत् पोषणीय विकास की चुनौतियों के लिए पर्यावरणीय संचेतना से युक्त आर्थिक विकास की ज़रूरत है।”
प्रोजेक्ट कार्य (पृष्ठ 70) — “अपने क्षेत्र के एक कृषि आधारित तथा एक खनिज आधारित उद्योग को चुनें” — यह गृहकार्य के रूप में दीजिए, और अगली कक्षा में दो-तीन बच्चों से सुनिए।
शिक्षक के लिए तीन सूचनाएँ
-
यह अध्याय दो पक्षों वाला है। हर 5 अंक के उत्तर में दोनों पक्ष आने चाहिए — उद्योग का लाभ और प्रदूषण। यही RBSE में पूरे अंक दिलाता है।
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मानचित्र-कार्य कालांश 7 में ही करा लीजिए। बाद में समय नहीं बचता, और बोर्ड में यह 5 आसान अंक है।
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★राजस्थान इस अध्याय में केवल तीन बार सीधे आता है (बीकानेर-जयपुर ऊनी वस्त्र · उर्वरक की राज्य-सूची · जयपुर सॉफ़्टवेयर पार्क) — पर चौथा संबंध सबसे कीमती है और वह किताब में लिखा ही नहीं: सीमेंट का कच्चा माल चूना पत्थर है और उसमें राजस्थान भारत में प्रथम। यह जोड़ बच्चों से ख़ुद निकलवाइए।