खंड A — पाठ्यपुस्तक की प्रश्नावली, पूर्ण उत्तर सहित (पृ. 28) खंड B — अतिरिक्त अभ्यास प्रश्न, परीक्षा-प्रारूप के अनुसार
ध्यान दें: पाठ्यपुस्तक में कोई उत्तर-कुंजी मुद्रित नहीं है। नीचे के सभी उत्तर पाठ के आधार पर शिक्षक द्वारा तैयार किए गए हैं।
खंड A — पाठ्यपुस्तक प्रश्नावली (पृ. 28)
प्रश्न 1. तिथि के हिसाब से इन सबको क्रम दें
(क) विश्व व्यापार संगठन में चीन का प्रवेश (ख) यूरोपीय आर्थिक समुदाय की स्थापना (ग) यूरोपीय संघ की स्थापना (घ) आसियान क्षेत्रीय मंच की स्थापना
उत्तर देखिए
उत्तर —
क्रम घटना वर्ष 1 (ख) यूरोपीय आर्थिक समुदाय (EEC) की स्थापना मार्च 1957 (रोम की संधि) 2 (ग) यूरोपीय संघ की स्थापना 1992 (मास्ट्रिस्ट संधि — फरवरी 1992) 3 (घ) आसियान क्षेत्रीय मंच (ARF) की स्थापना 1994 4 (क) विश्व व्यापार संगठन में चीन का प्रवेश 2001 अतः सही क्रम — (ख), (ग), (घ), (क)।
प्रश्न 2. ‘ASEAN way’ या आसियान शैली क्या है?
उत्तर देखिए
उत्तर — (ख) आसियान सदस्यों के अनौपचारिक और सहयोगपूर्ण कामकाज की शैली को कहा जाता है।
कारण: पाठ्यपुस्तक के शब्दों में — “अनौपचारिक, टकरावरहित और सहयोगात्मक मेल-मिलाप का नया उदाहरण पेश करके आसियान ने काफी यश कमाया है और इसको ‘आसियान शैली’ (ASEAN way) ही कहा जाने लगा है।” इसमें राष्ट्रीय सार्वभौमिकता का सम्मान करना केंद्रीय है। यह न जीवन शैली है, न रक्षानीति, न कोई सड़क।
प्रश्न 3. इनमें से किसने ‘खुले द्वार’ की नीति अपनाई?
उत्तर देखिए
उत्तर — (क) चीन।
कारण: 1978 में तत्कालीन नेता देंग श्याओपेंग ने चीन में आर्थिक सुधारों और ‘खुले द्वार की नीति’ की घोषणा की, ताकि विदेशी पूँजी और प्रौद्योगिकी के निवेश से उच्चतर उत्पादकता प्राप्त की जाए।
प्रश्न 4. खाली स्थान भरें
उत्तर देखिए
उत्तर —
वाक्य उत्तर (क) 1962 में भारत और चीन के बीच ____ और ____ को लेकर सीमावर्ती लड़ाई हुई थी। अरुणाचल प्रदेश के कुछ इलाकों और लद्दाख के अक्साई-चिन क्षेत्र (ख) आसियान क्षेत्रीय मंच के कामों में ____ और ____ करना शामिल है। सुरक्षा नीतियों और विदेश नीतियों में तालमेल (ग) चीन ने 1972 में ____ के साथ दोतरफा संबंध शुरू करके अपना एकांतवास समाप्त किया। अमरीका (घ) ____ योजना के प्रभाव से 1948 में यूरोपीय आर्थिक सहयोग संगठन की स्थापना हुई। मार्शल (ङ) ____ आसियान का एक स्तम्भ है जो इसके सदस्य देशों की सुरक्षा के मामले देखता है। आसियान सुरक्षा समुदाय
प्रश्न 5. क्षेत्रीय संगठनों को बनाने के उद्देश्य क्या हैं?(4 अंक)
उत्तर देखिए
उत्तर —
(1) आर्थिक विकास को तेज करना। आसियान का घोषित उद्देश्य ही था “आर्थिक विकास को तेज करना और उसके माध्यम से सामाजिक और सांस्कृतिक विकास हासिल करना।” यूरोप में भी शुरुआत कोयला-इस्पात समुदाय (1951) और यूरोपीय आर्थिक समुदाय (1957) जैसे आर्थिक संगठनों से हुई।
(2) क्षेत्रीय शांति और स्थायित्व। आसियान का दूसरा उद्देश्य था “कानून के शासन और संयुक्त राष्ट्र के कायदों पर आधारित क्षेत्रीय शांति और स्थायित्व को बढ़ावा देना।” यूरोप में यह प्रश्न इस रूप में था कि “क्या यूरोप को अपनी पुरानी दुश्मनियों को फिर से शुरू करना चाहिए” — और उत्तर ‘नहीं’ रहा।
(3) ऐतिहासिक दुश्मनियों और कमजोरियों का क्षेत्रीय समाधान। पाठ्यपुस्तक के अनुसार यूरोपीय संघ और आसियान, दोनों ने “अपने-अपने इलाके में चलने वाली ऐतिहासिक दुश्मनियों और कमजोरियों का क्षेत्रीय स्तर पर समाधान ढूँढ़ा।”
(4) बड़ी शक्तियों के दबाव से बचाव और सामूहिक सौदेबाजी की ताकत। दक्षिण-पूर्व एशिया को “शीतयुद्ध के दौर में किसी एक महाशक्ति के साथ जाने के दबावों को झेलना पड़ा” — आसियान उसी का उत्तर था। इसी प्रकार यूरोपीय संघ आज “अमरीका और चीन से व्यापारिक विवादों में पूरी धौंस के साथ बात करता है।”
(5) साझा बाज़ार और अर्थव्यवस्थाओं का समूह। दोनों संगठनों ने “इस क्षेत्र के देशों की अर्थव्यवस्थाओं का समूह बनाने की दिशा में भी काम किया” — आसियान आर्थिक समुदाय का लक्ष्य “साझा बाज़ार और उत्पादन आधार तैयार करना” है।
प्रश्न 6. भौगोलिक निकटता का क्षेत्रीय संगठनों के गठन पर क्या असर होता है?(4 अंक)
उत्तर देखिए
उत्तर —
(1) साझा समस्याएँ और साझा इतिहास। पड़ोसी देश प्रायः एक ही ऐतिहासिक अनुभव से गुज़रते हैं। दक्षिण-पूर्व एशिया “बार-बार यूरोपीय और जापानी उपनिवेशवाद का शिकार हुआ” और युद्ध के बाद सबको राष्ट्र-निर्माण, आर्थिक पिछड़ेपन और गरीबी का सामना करना पड़ा — यह साझा अनुभव ही आसियान का आधार बना।
(2) व्यापार और आवागमन की स्वाभाविक सुगमता। निकटता परिवहन लागत घटाती है और साझा बाज़ार को व्यावहारिक बनाती है। शांगेन संधि (1985) ने यूरोप में सीमा नियंत्रण ही समाप्त कर दिया — यह केवल भौगोलिक रूप से जुड़े देशों के बीच ही संभव था।
(3) साझा सुरक्षा-चिंताएँ। पड़ोसी देशों के लिए एक का संकट दूसरे का संकट होता है। इसीलिए आसियान सुरक्षा समुदाय का आधार ही यह है कि “क्षेत्रीय विवादों को सैनिक टकराव तक न ले जाया जाए।”
(4) आर्थिक अन्योन्याश्रयता। “चीन पूर्व एशिया के विकास का इंजन-जैसा बना हुआ है” — यह निकटता का ही परिणाम है। 1997 के वित्तीय संकट के बाद आसियान देशों की अर्थव्यवस्था को टिकाए रखने में चीन के आर्थिक उभार ने मदद की।
! पर निकटता अपने-आप पर्याप्त नहीं। पाठ्यपुस्तक स्वयं पूछती है — “आसियान सफल क्यों हुआ जबकि दक्षेस (सार्क) नहीं?” उत्तर यह कि निकटता के साथ आपसी विश्वास, अहस्तक्षेप और विवादों को अलग रखने की इच्छा भी चाहिए।
प्रश्न 7. ‘आसियान विज़न-2020’ की मुख्य-मुख्य बातें क्या हैं?(4 अंक)
उत्तर देखिए
उत्तर —
(1) बहिर्मुखी भूमिका। “इसके विजन दस्तावेज़ 2020 में अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में आसियान की एक बहिर्मुखी भूमिका को प्रमुखता दी गई है।” यानी आसियान अपने क्षेत्र तक सीमित न रहकर विश्व-मंच पर भूमिका निभाए।
(2) टकराव की जगह बातचीत। “आसियान द्वारा अभी टकराव की जगह बातचीत को बढ़ावा देने की नीति से ही यह बात निकली है।” यह विज़न की आधारशिला है।
(3) व्यवहार में इसके प्रमाण —
- कंबोडिया के टकराव को समाप्त किया;
- पूर्वी तिमोर के संकट को सम्भाला;
- पूर्व-एशियाई सहयोग पर बातचीत के लिए 1999 से नियमित रूप से वार्षिक बैठक आयोजित की।
(4) आर्थिक एकीकरण। निवेश, श्रम और सेवाओं के मामले में मुक्त व्यापार क्षेत्र (FTA) बनाने पर ध्यान — इस प्रस्ताव पर आसियान के साथ बातचीत करने की पहल अमरीका और चीन ने कर भी दी है।
प्रश्न 8. आसियान समुदाय के मुख्य स्तंभों और उनके उद्देश्यों के बारे में बताएँ।(6 अंक)
उत्तर देखिए
उत्तर —
भूमिका: 2003 में आसियान ने तीन स्तंभों के आधार पर ‘आसियान समुदाय’ बनाने की दिशा में कदम उठाए, जो कुछ हद तक यूरोपीय संघ से मिलता-जुलता है।
1. आसियान सुरक्षा समुदाय
- ★“क्षेत्रीय विवादों को सैनिक टकराव तक न ले जाने की सहमति पर आधारित है।”
- 2003 तक आसियान के सदस्य देशों ने कई समझौते किए जिनके द्वारा हर सदस्य देश ने शांति, निष्पक्षता, सहयोग, अहस्तक्षेप को बढ़ावा देने और राष्ट्रों के आपसी अंतर तथा संप्रभुता के अधिकारों का सम्मान करने पर अपनी वचनबद्धता जाहिर की।
- इसी दिशा में 1994 में आसियान क्षेत्रीय मंच (ARF) की स्थापना की गई थी, ताकि आसियान देशों की सुरक्षा और विदेश नीतियों में तालमेल बने।
2. आसियान आर्थिक समुदाय
- ★उद्देश्य — “आसियान देशों का साझा बाज़ार और उत्पादन आधार तैयार करना तथा इस इलाके के सामाजिक और आर्थिक विकास में मदद करना।”
- “यह संगठन इस क्षेत्र के देशों के आर्थिक विवादों को निपटाने के लिए बनी मौजूदा व्यवस्था को भी सुधारना चाहेगा।”
- इसी के अंतर्गत मुक्त व्यापार क्षेत्र (FTA) का लक्ष्य आता है।
3. आसियान सामाजिक-सांस्कृतिक समुदाय
- आसियान के मूल उद्देश्य — “आर्थिक विकास को तेज करना और उसके माध्यम से सामाजिक और सांस्कृतिक विकास हासिल करना” — का विस्तार।
निष्कर्ष: “दुनिया में सबसे तेज रफ्तार से आर्थिक तरक्की करने वाले सदस्य देशों के समूह आसियान ने अब अपने उद्देश्यों को आर्थिक और सामाजिक दायरे से ज्यादा व्यापक बनाया है।”
प्रश्न 9. आज की चीनी अर्थव्यवस्था नियंत्रित अर्थव्यवस्था से किस तरह अलग है?(6 अंक)
उत्तर देखिए
उत्तर —
कसौटी नियंत्रित अर्थव्यवस्था (1949–1978) आज की अर्थव्यवस्था (1978 के बाद) मॉडल सोवियत मॉडल पर आधारित; पूँजीवादी दुनिया से रिश्ते तोड़ लिए ★‘खुले द्वार की नीति’ (1978, देंग श्याओपेंग) — विदेशी पूँजी और प्रौद्योगिकी का निवेश रणनीति “खेती से पूँजी निकाल कर सरकारी नियंत्रण में बड़े उद्योग खड़े करने पर जोर” ★निजीकरण — खेती का 1982 में, उद्योगों का 1998 में व्यापार विदेशी व्यापार न के बराबर; आयातित सामानों को घरेलू स्तर पर तैयार करवाना ★विशेष आर्थिक क्षेत्रों (SEZ) में व्यापार-अवरोध हटाए गए; विदेश-व्यापार में उल्लेखनीय वृद्धि विदेशी निवेश बंद ★“चीन पूरे विश्व में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के लिए सबसे आकर्षक देश बनकर उभरा” विदेशी मुद्रा कमी थी ★विशाल भंडार; इसके दम पर दूसरे देशों में निवेश विश्व-व्यवस्था से जुड़ाव एकांतवास ★1972 में अमरीका से संबंध; 2001 में विश्व व्यापार संगठन की सदस्यता वृद्धि 5 से 6 फीसदी, जिस पर 2–3 फीसदी की जनसंख्या-वृद्धि पानी फेर रही थी ★इतनी तेज कि 2040 तक अमरीका से आगे निकलने का अनुमान ★सबसे महत्वपूर्ण अंतर — तरीका: “चीन ने ‘शॉक थेरेपी’ पर अमल करने के बजाय अपनी अर्थव्यवस्था को चरणबद्ध ढंग से खोला।” यही उसे रूस और पूर्वी यूरोप से अलग करता है (देखिए अध्याय 1)।
! पर जो नहीं बदला और जो बिगड़ा — पुराने मॉडल में सभी नागरिकों को रोजगार और सामाजिक कल्याण मिलता था और शिक्षा तथा स्वास्थ्य में चीन सबसे विकसित देशों से भी आगे निकल गया था। आज “हर किसी को सुधारों का लाभ नहीं मिला है” — बेरोजगारी बढ़ी है और 10 करोड़ लोग रोजगार की तलाश में हैं, महिलाओं के काम के हालात यूरोप की 18वीं–19वीं सदी जैसे हैं, पर्यावरण का नुकसान और भ्रष्टाचार बढ़ा है, और गाँव-शहर तथा तटीय-मुख्यभूमि के बीच आर्थिक फासला बढ़ता जा रहा है।
प्रश्न 10. किस तरह यूरोपीय देशों ने युद्ध के बाद की अपनी परेशानियाँ सुलझाईं? संक्षेप में उन कदमों की चर्चा करें जिनसे होते हुए यूरोपीय संघ की स्थापना हुई।(6 अंक)
उत्तर देखिए
उत्तर —
भाग 1 — परेशानियाँ और मूल प्रश्न
“जब दूसरा विश्व युद्ध समाप्त हुआ तब यूरोप के अनेक नेता ‘यूरोप के सवालों’ को लेकर परेशान रहे।” मूल प्रश्न था — “क्या यूरोप को अपनी पुरानी दुश्मनियों को फिर से शुरू करना चाहिए या अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में सकारात्मक योगदान करने वाले सिद्धांतों और संस्थाओं के आधार पर उसे अपने संबंधों को नए सिरे से बनाना चाहिए?” 1945 तक यूरोपीय देशों ने अपनी अर्थव्यवस्थाओं की बर्बादी तो झेली ही, उन मान्यताओं और व्यवस्थाओं को ध्वस्त होते भी देख लिया जिन पर यूरोप खड़ा हुआ था। ★महत्वपूर्ण बात — “1945 के बाद यूरोप के देशों में मेल-मिलाप को शीतयुद्ध से भी मदद मिली।”
भाग 2 — कदम-दर-कदम
कदम विवरण मार्शल योजना अमरीका ने यूरोप की अर्थव्यवस्था के पुनर्गठन के लिए जबरदस्त मदद की नाटो अमरीका ने सामूहिक सुरक्षा व्यवस्था को जन्म दिया ★1948 — यूरोपीय आर्थिक सहयोग संगठन मार्शल योजना के तहत; पश्चिमी यूरोप को आर्थिक मदद; व्यापार और आर्थिक मामलों में एक-दूसरे की मदद का मंच ★1949 — यूरोपीय परिषद् राजनीतिक सहयोग के मामले में अगला कदम ★अप्रैल 1951 — पेरिस संधि छह देशों (फ्रांस, पश्चिम जर्मनी, इटली, बेल्जियम, नीदरलैंड, लक्जमबर्ग) ने यूरोपीय कोयला और इस्पात समुदाय बनाया ★मार्च 1957 — रोम की संधि यूरोपीय आर्थिक समुदाय (EEC) और यूरोपीय एटमी ऊर्जा समुदाय (Euratom) ★जून 1979 यूरोपीय संसद के लिए पहला प्रत्यक्ष चुनाव — प्रक्रिया ने राजनीतिक स्वरूप लिया ★जून 1985 — शांगेन संधि सीमा नियंत्रण समाप्त अक्टूबर 1990 जर्मनी का एकीकरण ★फरवरी 1992 — मास्ट्रिस्ट संधि यूरोपीय संघ के गठन के लिए दस्तखत ★1992 यूरोपीय संघ की स्थापना — समान विदेश और सुरक्षा नीति, आंतरिक मामलों तथा न्याय पर सहयोग, और एकसमान मुद्रा का रास्ता जनवरी 2002 यूरो को 12 सदस्य देशों ने अपनाया भाग 3 — दो प्रेरक शक्तियाँ
(1) चरणबद्ध आर्थिक एकीकरण — “यूरोप के पूँजीवादी देशों की अर्थव्यवस्था के आपसी एकीकरण की प्रक्रिया चरणबद्ध ढंग से आगे बढ़ी।” (2) सोवियत गुट का पतन — ★“सोवियत गुट के पतन के बाद इस प्रक्रिया में तेजी आयी और 1992 में इस प्रक्रिया की परिणति यूरोपीय संघ की स्थापना के रूप में हुई।”
प्रश्न 11. यूरोपीय संघ को क्या चीजें एक प्रभावी क्षेत्रीय संगठन बनाती हैं?(6 अंक)
उत्तर देखिए
उत्तर — चार आयामों में उत्तर दीजिए।
(1) आर्थिक शक्ति
- ★वर्ष 2024 में सकल घरेलू उत्पाद लगभग 19.35 खरब डॉलर होने का अनुमान।
- ★“इसकी मुद्रा यूरो अमरीकी डालर के प्रभुत्व के लिए खतरा बन सकती है।”
- ★“विश्व व्यापार में इसकी हिस्सेदारी अमरीका से तीन गुनी ज्यादा है और इसी के चलते यह अमरीका और चीन से व्यापारिक विवादों में पूरी धौंस के साथ बात करता है।”
- आर्थिक शक्ति का प्रभाव नज़दीकी देशों पर ही नहीं, बल्कि एशिया और अफ्रीका के दूर-दराज के मुल्कों पर भी है।
- विश्व व्यापार संगठन जैसे संगठनों के अंदर एक महत्त्वपूर्ण समूह के रूप में काम करता है।
(2) राजनीतिक और कूटनीतिक शक्ति
- ★“यूरोपीय संघ का एक सदस्य फ्रांस सुरक्षा परिषद् का स्थायी सदस्य है”; कई और देश अस्थायी सदस्य रहते हैं — इसके चलते यूरोपीय संघ अमरीका समेत सभी मुल्कों की नीतियों को प्रभावित करता है।
- ★उदाहरण — ईरान के परमाणु कार्यक्रम से संबंधित अमरीकी नीतियों को प्रभावित करना।
- ★चीन के साथ मानवाधिकारों के उल्लंघन और पर्यावरण विनाश के मामलों पर “धमकी या सैनिक शक्ति का उपयोग करने की जगह कूटनीति, आर्थिक निवेश और बातचीत की इसकी नीति ज्यादा प्रभावी साबित हुई है।”
(3) सैनिक और तकनीकी शक्ति
- ★“सैनिक ताकत के हिसाब से यूरोपीय संघ के पास दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी सेना है।”
- कुल रक्षा बजट अमरीका के बाद सबसे अधिक।
- ★फ्रांस के पास परमाणु हथियार हैं — अनुमान है कि करीब 335।
- ★अंतरिक्ष विज्ञान और संचार प्रौद्योगिकी के मामले में दुनिया में दूसरा स्थान।
(4) संस्थागत और प्रतीकात्मक शक्ति
- ★“अब यूरोपीय संघ स्वयं काफी हद तक एक विशाल राष्ट्र-राज्य की तरह ही काम करने लगा है।”
- अपना झंडा, गान, स्थापना-दिवस और अपनी मुद्रा।
- काफी हद तक साझी विदेश और सुरक्षा नीति।
- शांगेन संधि से सीमा नियंत्रण समाप्त — एक वीजा पर अधिकांश देशों में यात्रा।
- 2012 में नोबेल शांति पुरस्कार।
! संतुलन के लिए — सीमाएँ भी लिखिए (इससे अंक बढ़ते हैं)
“अनेक मामलों में इसके सदस्य देशों की अपनी विदेश और रक्षा नीति है जो कई बार एक-दूसरे के खिलाफ भी होती है।” उदाहरण — इराक पर अमरीकी हमले में ब्रिटेन के टोनी ब्लेयर साथ थे, जर्मनी और फ्रांस खिलाफ; मार्गरेट थैचर ने ब्रिटेन को यूरोपीय बाज़ार से अलग रखा; डेनमार्क और स्वीडन ने मास्ट्रिस्ट संधि तथा यूरो का प्रतिरोध किया; 2016 में ब्रिटेन ने 51.9% मतों से Brexit चुना। “इससे विदेशी और रक्षा मामलों में काम करने की यूरोपीय संघ की क्षमता सीमित होती है।”
प्रश्न 12. चीन और भारत की उभरती अर्थव्यवस्थाओं में मौजूदा एकध्रुवीय विश्व व्यवस्था को चुनौती दे सकने की क्षमता है। क्या आप इस कथन से सहमत हैं?(6 अंक)
उत्तर देखिए
उत्तर — (मत-आधारित प्रश्न; दोनों पक्ष मान्य। नीचे संतुलित आदर्श उत्तर है।)
सहमति के तर्क
- ★चीन का पैमाना: “माना जाता है कि इस रफ्तार से चलते हुए 2040 तक वह दुनिया की सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति, अमरीका से भी आगे निकल जाएगा।” एकध्रुवीयता का आधार ही अमरीका की आर्थिक बढ़त है।
- ★अन्योन्याश्रयता ही ताकत बन गई: “अपने व्यावसायिक साझीदारों पर चीन का जबरदस्त प्रभाव बन चुका है और यही कारण है कि जापान, अमरीका, आसियान और रूस — सभी व्यापार के आगे चीन से बाकी विवादों को भुला चुके हैं।”
- ★विकासशील दुनिया में विकल्प: “लातिनी अमरीका और अफ्रीका में निवेश और मदद की इसकी नीतियाँ बताती हैं कि विकासशील देशों के मामले में चीन एक नई विश्व शक्ति के रूप में उभरता जा रहा है।”
- क्षेत्रीय स्थिरीकरण की भूमिका: 1997 के वित्तीय संकट के बाद आसियान अर्थव्यवस्थाओं को टिकाए रखने में चीन के उभार ने मदद की — यह वही भूमिका है जो पहले अमरीका निभाता था।
- ★भारत और चीन साथ मिलकर: दोनों “खुद को विश्व-राजनीति की उभरती शक्ति मानते हैं”, दोनों ने WTO जैसे अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक संगठनों के संबंध में एक जैसी नीतियाँ अपनायी हैं, और 1999 से उनका आपसी व्यापार 30 फीसदी सालाना बढ़ रहा है (1992 में 33 करोड़ 80 लाख डॉलर → 2017 में 84 अरब डॉलर)।
- जनसांख्यिकी और भूगोल: चीन की विशाल आबादी, बड़ा भू-भाग, संसाधन, क्षेत्रीय अवस्थिति और राजनैतिक प्रभाव तेज वृद्धि के साथ मिलकर प्रभाव को कई गुना बढ़ा देते हैं।
असहमति के तर्क
- ! आर्थिक ताकत = सामरिक ताकत नहीं। जापान 2017 में तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होकर भी सुरक्षा के लिए 1951 से अमरीका पर निर्भर है — यह इसी बात का सबसे स्पष्ट उदाहरण है।
- ! भीतरी असंतुलन: चीन में बेरोजगारी बढ़ी है, 10 करोड़ लोग रोजगार की तलाश में हैं, पर्यावरण का नुकसान और भ्रष्टाचार बढ़ा है, और गाँव-शहर तथा तटीय-मुख्यभूमि के बीच आर्थिक फासला बढ़ रहा है।
- ! भारत-चीन की आपसी दूरी: सीमा-विवाद, चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा, और संयुक्त राष्ट्र में आतंकवाद विरोधी भारतीय प्रस्ताव के विरुद्ध चीन का पाकिस्तान-समर्थन — इनके रहते दोनों का साझा मोर्चा बनना कठिन है।
- दूसरे केंद्र भी दावेदार हैं: यूरोपीय संघ की सेना दुनिया में दूसरी सबसे बड़ी है और उसका विश्व व्यापार में हिस्सा अमरीका से तीन गुना है — चुनौती केवल एशिया से नहीं आएगी।
निष्कर्ष (सुझाया गया)
★हाँ, क्षमता है — पर वह क्षमता ‘चुनौती’ तभी बनेगी जब आर्थिक ताकत के साथ राजनीतिक समन्वय भी हो। पाठ्यपुस्तक स्वयं कहती है कि “सत्ता के वैकल्पिक केंद्र कुछ हद तक अमरीका के प्रभुत्व को सीमित करेंगे” — ‘सीमित करेंगे’, ‘हटा देंगे’ नहीं। यही इस प्रश्न का सबसे सटीक उत्तर है।
प्रश्न 13. मुल्कों की शांति और समृद्धि क्षेत्रीय आर्थिक संगठनों को बनाने और मजबूत करने पर टिकी है। इस कथन की पुष्टि करें।(6 अंक)
उत्तर देखिए
उत्तर —
(1) यूरोप — दुश्मनी से एकता तक। दूसरे विश्वयुद्ध के बाद यूरोप के सामने प्रश्न था कि “पुरानी दुश्मनियों को फिर से शुरू करें या संस्थाओं के आधार पर संबंध नए सिरे से बनाएँ।” उसने दूसरा रास्ता चुना — कोयला और इस्पात समुदाय (1951) से शुरू होकर यूरोपीय संघ (1992) तक। परिणाम यह हुआ कि जो देश दो विश्वयुद्धों में एक-दूसरे से लड़े थे, आज उनके बीच सीमा नियंत्रण तक नहीं है (शांगेन, 1985) और साझी मुद्रा है (यूरो, 2002)। ★2012 में यूरोपीय संघ को नोबेल शांति पुरस्कार मिला — यह इसी बात की स्वीकृति है।
(2) दक्षिण-पूर्व एशिया — टकराव से ‘आसियान शैली’ तक। यह क्षेत्र उपनिवेशवाद, गरीबी और महाशक्तियों के दबाव से जूझ रहा था और “टकरावों और भागमभाग की ऐसी स्थिति को सँभालने की स्थिति में नहीं था।” 1967 की बैंकॉक घोषणा के बाद आसियान ने “टकराव की जगह बातचीत” को नीति बनाया और इसी तरकीब से कंबोडिया के टकराव को समाप्त किया तथा पूर्वी तिमोर के संकट को सम्भाला।
(3) आर्थिक सहयोग ही सुरक्षा का आधार बना। आसियान सुरक्षा समुदाय का आधार ही यह है कि “क्षेत्रीय विवादों को सैनिक टकराव तक न ले जाया जाए”, और सदस्य देशों ने शांति, निष्पक्षता, सहयोग, अहस्तक्षेप और संप्रभुता के सम्मान पर वचनबद्धता जाहिर की।
(4) समृद्धि का प्रमाण। आसियान “दुनिया में सबसे तेज रफ्तार से आर्थिक तरक्की करने वाले सदस्य देशों का समूह” है। यूरोपीय संघ का विश्व व्यापार में हिस्सा अमरीका से तीन गुना है। 1997 के वित्तीय संकट में क्षेत्रीय जुड़ाव ने ही आसियान अर्थव्यवस्थाओं को टिकाए रखा।
(5) सामूहिक सौदेबाजी की ताकत। अकेला देश बड़ी शक्तियों के सामने कमज़ोर पड़ता है; संगठन के रूप में यूरोपीय संघ “अमरीका और चीन से व्यापारिक विवादों में पूरी धौंस के साथ बात करता है”, और आसियान “एशियाई देशों और विश्व शक्तियों को राजनैतिक और सुरक्षा मामलों पर चर्चा के लिए राजनैतिक मंच उपलब्ध कराता है।”
! संतुलित निष्कर्ष: क्षेत्रीय संगठन आवश्यक हैं, पर पर्याप्त नहीं। Brexit (2016) और इराक युद्ध पर यूरोपीय संघ का बँटना दिखाते हैं कि जब सदस्यों के राष्ट्रीय हित टकराते हैं तो संगठन की सीमा सामने आ जाती है। फिर भी विकल्प — यानी दुश्मनी और अलगाव — इससे कहीं महँगा है।
प्रश्न 14. भारत और चीन के बीच विवाद के मामलों की पहचान करें और बताएँ कि वृहत्तर सहयोग के लिए इन्हें कैसे निपटाया जा सकता है। अपने सुझाव भी दीजिए।(6 अंक)
उत्तर देखिए
उत्तर —
भाग 1 — विवाद के मामले
# विवाद विवरण 1 ★सीमा-विवाद अरुणाचल प्रदेश के कुछ इलाकों और लद्दाख के अक्साई-चिन क्षेत्र पर प्रतिस्पर्धी दावे, जिनके चलते 1962 में युद्ध हुआ और भारत को सैनिक पराजय झेलनी पड़ी; 1976 तक कूटनैतिक संबंध समाप्त रहे 2 ★तिब्बत 1950 में चीन द्वारा तिब्बत को हड़पने और भारत-चीन सीमा पर बस्तियाँ बनाने के फैसले से संबंध एकदम गड़बड़ हुए 3 ★पाकिस्तान का परमाणु कार्यक्रम “पाकिस्तान के परमाणु हथियार कार्यक्रम में भी चीन को मददगार माना जाता है।” 4 ★पड़ोसी देशों से चीन के सैनिक संबंध बांग्लादेश और म्यांमार से चीन के सैनिक संबंधों को “दक्षिण एशिया में भारतीय हितों के खिलाफ माना जाता है।” 5 ★चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा हाल की गिरावट का एक बड़ा कारण 6 ★आतंकवाद पर चीन का रुख़ संयुक्त राष्ट्र में आतंकवाद विरोधी भारतीय प्रस्ताव के विरुद्ध चीन द्वारा पाकिस्तान को समर्थन देना भाग 2 — जो पहले से काम कर रहा है
★पाठ्यपुस्तक स्वयं कहती है — “पर इसमें से कोई भी मुद्दा दोनों मुल्कों में टकराव करवा देने लायक नहीं माना जाता। इस बात का एक प्रमाण यह है कि इन चीजों के बने रहने के बावजूद सीमा विवाद सुलझाने की बातचीत और सैन्य स्तर पर सहयोग का कार्यक्रम जारी है।”
- 1981 से सीमा विवादों को दूर करने के लिए वार्ताओं की शृंखला;
- दिसम्बर 1988 में राजीव गांधी का चीन दौरा, जिसके बाद टकराव टालने और सीमा पर शांति तथा यथास्थिति बनाए रखने के उपाय शुरू हुए;
- सांस्कृतिक आदान-प्रदान, विज्ञान और तकनीक में सहयोग, और व्यापार के लिए सीमा पर चार पोस्ट खोलने के समझौते;
- 1999 से व्यापार 30 फीसदी सालाना बढ़ रहा है — 1992 में 33 करोड़ 80 लाख डॉलर से 2017 में 84 अरब डॉलर;
- विदेशों में ऊर्जा सौदा हासिल करने जैसे विभेदकारी मसलों पर भी सहयोग;
- WTO जैसे अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक संगठनों में एक जैसी नीतियाँ;
- नेता और अधिकारी अब अक्सर नयी दिल्ली और बीजिंग का दौरा करते हैं — 2018 में मोदी चीन गए, 2019 में शी जिनपिंग भारत आए।
भाग 3 — सुझाव (यह भाग विद्यार्थी का अपना होना चाहिए; नीचे मॉडल है)
- सीमा-वार्ता को अलग ट्रैक पर रखिए। यही ‘आसियान शैली’ का सबक है — विवाद को बाकी सहयोग का बंधक मत बनने दीजिए।
- व्यापार को गहरा कीजिए, पर संतुलित। अन्योन्याश्रयता स्वयं में एक सुरक्षा-कवच है — चीन के व्यावसायिक साझीदारों का अनुभव यही बताता है।
- सैन्य स्तर पर विश्वास-बहाली के उपाय जारी रखिए — सीमा पर यथास्थिति बनाए रखने के मौजूदा तंत्र को मजबूत कीजिए।
- साझे वैश्विक मंचों पर सहयोग बढ़ाइए — WTO, जलवायु, ऊर्जा — जहाँ दोनों के हित एक हैं।
- लोगों के बीच संपर्क बढ़ाइए — सांस्कृतिक आदान-प्रदान और शैक्षिक आवाजाही, क्योंकि पाठ्यपुस्तक के अनुसार मूल समस्या यही रही कि “दोनों देश एक दूसरे को ज्यादा अच्छी तरह से नहीं जान सके।”
- आतंकवाद पर स्पष्ट संवाद — इसे द्विपक्षीय एजेंडे का स्थायी मद बनाइए, न कि केवल संयुक्त राष्ट्र में टकराव का विषय।
खंड B — अतिरिक्त अभ्यास प्रश्न
B.1 बहुविकल्पीय प्रश्न (1 अंक)
15पेरिस संधि (अप्रैल 1951) से किसका गठन हुआ?
उत्तर और व्याख्या देखिए
उत्तर — (ख) यूरोपीय कोयला और इस्पात समुदाय
16यूरोपीय संघ के झंडे में कितने सितारे हैं और वे क्या दर्शाते हैं?
उत्तर और व्याख्या देखिए
उत्तर — (ख) 12 — पूर्णता, समग्रता और एकता ! सदस्य-संख्या नहीं।
17आसियान की स्थापना किस घोषणा से हुई?
उत्तर और व्याख्या देखिए
उत्तर — (ग) बैंकॉक घोषणा, 1967
18आसियान के प्रतीक-चिह्न में धान की कितनी बालियाँ हैं?
उत्तर और व्याख्या देखिए
उत्तर — (ग) दस — दस सदस्य देशों को इंगित करती हैं।
19आसियान क्षेत्रीय मंच (ARF) की स्थापना कब हुई?
उत्तर और व्याख्या देखिए
उत्तर — (ख) 1994
20चीन में खेती और उद्योगों का निजीकरण क्रमशः कब हुआ?
उत्तर और व्याख्या देखिए
उत्तर — (ख) 1982 और 1998
21‘खुले द्वार की नीति’ किसने और कब घोषित की?
उत्तर और व्याख्या देखिए
उत्तर — (ग) देंग श्याओपेंग, 1978
22चीन विश्व व्यापार संगठन में कब शामिल हुआ?
उत्तर और व्याख्या देखिए
उत्तर — (ग) 2001
23शांगेन संधि किस वर्ष हुई और उसका प्रभाव क्या था?
उत्तर और व्याख्या देखिए
उत्तर — (क) जून 1985 — सीमा नियंत्रण समाप्त
24यूरोपीय संघ को नोबेल शांति पुरस्कार कब मिला?
उत्तर और व्याख्या देखिए
उत्तर — (ग) 2012
25क्रोएशिया यूरोपीय संघ का कौन-सा सदस्य बना?
उत्तर और व्याख्या देखिए
उत्तर — (ग) 28वाँ, 2013 में
26Brexit के जनमत संग्रह में कितने प्रतिशत मतदाताओं ने बाहर जाने का फैसला किया?
उत्तर और व्याख्या देखिए
उत्तर — (ग) 51.9% — 2016 में
27जापान के संविधान का कौन-सा अनुच्छेद युद्ध का त्याग करता है?
उत्तर और व्याख्या देखिए
उत्तर — (ख) अनुच्छेद 9
28‘हान नदी पर चमत्कार’ किस देश के विकास को कहा जाता है?
उत्तर और व्याख्या देखिए
उत्तर — (ग) दक्षिण कोरिया — 1960 के दशक से 1980 के दशक के बीच।
29दोनों कोरिया संयुक्त राष्ट्र के सदस्य कब बने?
उत्तर और व्याख्या देखिए
उत्तर — (ख) 17 सितंबर 1991
30भारत ने ‘एक्ट ईस्ट’ नीति कब अपनाई?
उत्तर और व्याख्या देखिए
उत्तर — (ग) 2014 (लुक ईस्ट — 1991 से)
B.2 अति-लघु उत्तरीय प्रश्न (1–2 अंक)
31मार्शल योजना क्या थी?
उत्तर देखिए
उत्तर: दूसरे विश्वयुद्ध के बाद अमरीका द्वारा यूरोप की अर्थव्यवस्था के पुनर्गठन के लिए दी गई जबरदस्त आर्थिक मदद। इसी योजना के तहत 1948 में यूरोपीय आर्थिक सहयोग संगठन की स्थापना हुई।
32‘अधिराष्ट्रीय संगठन’ से क्या आशय है?
उत्तर देखिए
उत्तर: वह संगठन जो आर्थिक, राजनैतिक और सामाजिक मामलों में सदस्य देशों के ऊपर जाकर दखल देने में सक्षम हो। ★यूरोपीय संघ ऐसा है; आसियान ने जानबूझकर ऐसा बनने से इनकार किया।
33शांगेन वीजा का क्या लाभ है?
उत्तर देखिए
उत्तर: आपको सिर्फ एक देश का वीजा लेना होगा और इस वीजा के बूते आप यूरोपीय संघ में शामिल अधिकांश देशों में जा सकेंगे।
34यूरोपीय संघ के झंडे के 12 सितारे क्या दर्शाते हैं?
उत्तर देखिए
उत्तर: सोने के रंग के सितारों का घेरा यूरोप के लोगों की एकता और मेलमिलाप का प्रतीक है। बारह की संख्या को वहाँ पारंपरिक रूप से पूर्णता, समग्रता और एकता का प्रतीक माना जाता है। ! यह सदस्य-संख्या नहीं दर्शाता।
35आसियान के संस्थापक पाँच देश कौन थे?
उत्तर देखिए
उत्तर: इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलिपींस, सिंगापुर और थाईलैंड — 1967 की बैंकॉक घोषणा से।
36आसियान में बाद में कौन-से पाँच देश शामिल हुए?
उत्तर देखिए
उत्तर: ब्रुनेई दारुस्सलाम, वियतनाम, लाओस, म्यांमार और कंबोडिया — इससे सदस्य-संख्या दस हो गई।
37‘आसियान शैली’ की तीन विशेषताएँ बताइए।
उत्तर देखिए
उत्तर: अनौपचारिक · टकरावरहित · सहयोगात्मक मेल-मिलाप; और इसके मूल में
राष्ट्रीय सार्वभौमिकता का सम्मान।
38आसियान क्षेत्रीय मंच (ARF) का उद्देश्य क्या है?
उत्तर देखिए
उत्तर: आसियान के देशों की सुरक्षा और विदेश नीतियों में तालमेल बनाना। स्थापना 1994 में।
39भारत की ‘लुक ईस्ट’ और ‘एक्ट ईस्ट’ नीतियों का क्या परिणाम रहा?
उत्तर देखिए
उत्तर: 1991 से लुक ईस्ट और 2014 से एक्ट ईस्ट नीति अपनाने से पूर्वी एशिया के देशों — आसियान, चीन, जापान और दक्षिण कोरिया — से भारत के आर्थिक संबंधों में बढ़ोत्तरी हुई है।
40‘विशेष आर्थिक क्षेत्र’ (SEZ) क्या हैं?
उत्तर देखिए
उत्तर: वे क्षेत्र जहाँ चीन ने व्यापार संबंधी अवरोध हटाए और जहाँ विदेशी निवेशक अपने उद्यम लगा सकते हैं। ★चीन में सिर्फ छह हैं, जबकि भारत में 200 से ज्यादा को मंजूरी मिली है।
41चीन ने ‘शॉक थेरेपी’ के बजाय क्या किया?
उत्तर देखिए
उत्तर: ★“चीन ने ‘शॉक थेरेपी’ पर अमल करने के बजाय अपनी अर्थव्यवस्था को चरणबद्ध ढंग से खोला” —
खेती का निजीकरण 1982 में, उद्योगों का 1998 में, और व्यापार-अवरोध सिर्फ SEZ के लिए हटाए।
42चाऊ एनलाई के ‘चार आधुनिकीकरण’ किन क्षेत्रों में थे?
उत्तर देखिए
उत्तर: कृषि, उद्योग, सेना और विज्ञान-प्रौद्योगिकी — 1973 में प्रस्तावित।
43‘हिंदी-चीनी भाई-भाई’ का नारा किस संदर्भ में लोकप्रिय हुआ और उसका क्या हुआ?
उत्तर देखिए
उत्तर: भारत की आज़ादी और चीन द्वारा विदेशी शक्तियों को निकालने के बाद यह उम्मीद जगी थी कि दोनों
विकासशील दुनिया और एशिया के भविष्य को तय करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे, तब यह नारा लोकप्रिय
हुआ। पर “भारतीय सीमा पर चीनी अतिक्रमण ने इस आशा को धूमिल कर दिया” और 1962 में युद्ध हो गया।
44जापान को वैकल्पिक शक्ति-केंद्र मानने में क्या विरोधाभास है?
उत्तर देखिए
उत्तर: आर्थिक रूप से वह अत्यंत शक्तिशाली है — 2017 में विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था, एशिया से समूह-7 का एकमात्र सदस्य, संयुक्त राष्ट्रसंघ के बजट में 10 प्रतिशत का योगदान (दूसरा सबसे बड़ा देश)। पर सैनिक रूप से वह सीमित है — संविधान का अनुच्छेद 9 युद्ध का त्याग करता है और
1951 से उसका सुरक्षा-गठबंधन अमरीका के साथ है।
45दक्षिण कोरिया के उच्च मानव विकास के प्रमुख कारक क्या बताए गए हैं?
उत्तर देखिए
उत्तर: “सफल भूमि सुधार, ग्रामीण विकास, व्यापक मानव संसाधन विकास, तीव्र न्यायसंगत आर्थिक वृद्धि”;
अन्य कारकों में निर्यात उन्मुखीकरण, मजबूत पुनर्वितरण नीतियाँ, सार्वजनिक अवसंरचना विकास, प्रभावी संस्थाएँ और शासन।
B.3 लघु उत्तरीय प्रश्न (4 अंक)
46यूरोपीय संघ की सीमाओं या कमज़ोरियों का वर्णन कीजिए।
उत्तर देखिए
उत्तर: (प्रश्न 11 का ! खंड देखिए।) मूल कारण यह है कि “अनेक मामलों में इसके सदस्य देशों की अपनी विदेश और रक्षा नीति है जो कई बार एक-दूसरे के खिलाफ भी होती है।” चार उदाहरण —
इराक पर अमरीकी हमले में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर साथ थे, पर जर्मनी और फ्रांस खिलाफ; कई नए सदस्य भी अमरीकी गठबंधन में थे। (2) यूरोप के कुछ हिस्सों में यूरो को लागू करने के कार्यक्रम को लेकर काफी नाराजगी है। (3) मार्गरेट थैचर ने ब्रिटेन को यूरोपीय बाज़ार से अलग रखा। (4) डेनमार्क और स्वीडन ने मास्ट्रिस्ट संधि और यूरो का प्रतिरोध किया।
साथ ही 2003 में साझा संविधान बनाने की कोशिश असफल रही और 2016 में ब्रिटेन ने 51.9% मतों से Brexit चुना।
निष्कर्ष — “इससे विदेशी और रक्षा मामलों में काम करने की यूरोपीय संघ की क्षमता सीमित होती है।”
47यूरोपीय संघ और आसियान की तुलना कीजिए।
उत्तर देखिए
उत्तर: (विस्तार 04-Revision-Notes.md की तुलनात्मक तालिका में।) मुख्य भेद —
प्रकृति:
EU अधिराष्ट्रीय है और “काफी हद तक एक विशाल राष्ट्र-राज्य की तरह काम करने लगा है”; आसियान ने “खुद को अधिराष्ट्रीय संगठन बनाने… का लक्ष्य नहीं रखा।”
शैली:
EU संधि-आधारित और संस्थागत; आसियान की ‘आसियान शैली’ — अनौपचारिक, टकरावरहित, सहयोगात्मक।
संप्रभुता:
EU में सदस्य ताकत संघ को सौंपते हैं (और इसी पर विरोध है); आसियान में
राष्ट्रीय सार्वभौमिकता का सम्मान सर्वोपरि है।
साधन:
EU के पास साझी मुद्रा (यूरो), दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी सेना और फ्रांस के करीब 335 परमाणु हथियार हैं; आसियान के पास कोई साझी मुद्रा या सैन्य गठबंधन नहीं, पर ARF (1994) — एशिया का एकमात्र ऐसा राजनैतिक मंच है।
48चीन के 1949 से 1978 तक के आर्थिक मॉडल की उपलब्धियाँ और समस्याएँ बताइए।
उत्तर देखिए
उत्तर:
उपलब्धियाँअभूतपूर्व स्तर पर औद्योगिक अर्थव्यवस्था खड़ी करने का आधार बनाने के लिए सारे संसाधनों का इस्तेमाल; सभी नागरिकों को रोजगार और सामाजिक कल्याण योजनाओं का लाभ; ★“अपने नागरिकों को शिक्षित करने और उन्हें स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराने के मामले में चीन सबसे विकसित देशों से भी आगे निकल गया”; अर्थव्यवस्था का विकास 5 से 6 फीसदी की दर से।
समस्याएँ★जनसंख्या में 2–3 फीसदी की वार्षिक वृद्धि “इस विकास दर पर पानी फेर रही थी”;
खेती की पैदावार उद्योगों की ज़रूरत लायक अधिशेष नहीं दे पाती थी; औद्योगिक उत्पादन पर्याप्त तेजी से नहीं बढ़ रहा था; विदेशी व्यापार न के बराबर; प्रति व्यक्ति आय बहुत कम।
49चीन के आर्थिक सुधारों के नकारात्मक परिणाम बताइए।
उत्तर देखिए
उत्तर: ★“चीन की आर्थिकी में तो नाटकीय सुधार हुआ है लेकिन वहाँ हर किसी को सुधारों का लाभ नहीं मिला है।”
बेरोजगारी बढ़ी है और 10 करोड़ लोग रोजगार की तलाश में हैं।
“वहाँ महिलाओं के रोजगार और काम करने के हालात उतने ही खराब हैं जितने यूरोप में 18वीं और 19वीं सदी में थे।”
पर्यावरण के नुकसान
और (4) भ्रष्टाचार के बढ़ने जैसे परिणाम सामने आए।
“गाँव और शहर के तथा तटीय और मुख्यभूमि पर रहने वाले लोगों के बीच आर्थिक फासला बढ़ता जा रहा है।”
50चीन आज विश्व अर्थव्यवस्था को किस प्रकार प्रभावित करता है?
उत्तर देखिए
उत्तर: ★“चीन की अर्थव्यवस्था का बाहरी दुनिया से जुड़ाव और पारस्परिक निर्भरता ने अब यह स्थिति बना दी है कि अपने व्यावसायिक साझीदारों पर चीन का जबरदस्त प्रभाव बन चुका है” — यही कारण है कि जापान, अमरीका, आसियान और रूस, सभी व्यापार के आगे चीन से बाकी विवादों को भुला चुके हैं।
1997 के वित्तीय संकट के बाद आसियान देशों की अर्थव्यवस्था को टिकाए रखने में चीन के आर्थिक उभार ने काफी मदद की। लातिनी अमरीका और अफ्रीका में निवेश और मदद की इसकी नीतियाँ बताती हैं कि विकासशील देशों के मामले में चीन एक नई विश्व शक्ति के रूप में उभरता जा रहा है। चीन प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के लिए सबसे आकर्षक देश है और विदेशी मुद्रा के विशाल भंडार के दम पर दूसरे देशों में निवेश कर रहा है।
511962 से 1988 तक भारत-चीन संबंधों की यात्रा का वर्णन कीजिए।
उत्तर देखिए
उत्तर: 1962 में अरुणाचल प्रदेश के कुछ इलाकों और लद्दाख के अक्साई-चिन क्षेत्र पर प्रतिस्पर्धी दावों के चलते युद्ध हुआ, जिसमें भारत को सैनिक पराजय झेलनी पड़ी और “भारत-चीन सम्बन्धों पर इसका दीर्घकालिक असर हुआ” — 1976 तक कूटनैतिक संबंध समाप्त ही रहे। 1970 के दशक के उत्तरार्द्ध में चीन का राजनीतिक नेतृत्व बदला और उसकी नीति में “वैचारिक मुद्दों की जगह व्यावहारिक मुद्दे प्रमुख होते गए, इसलिए चीन भारत के साथ संबंध सुधारने के लिए विवादास्पद मामलों को छोड़ने को तैयार हो गया।”
1981 में सीमा विवादों को दूर करने के लिए वार्ताओं की शृंखला शुरू हुई, और दिसम्बर 1988 में राजीव गांधी के चीन दौरे से सुधार के प्रयासों को बढ़ावा मिला।
52शीतयुद्ध के बाद भारत-चीन संबंधों में क्या बदलाव आया?
उत्तर देखिए
उत्तर: ★“अब इनके संबंधों का रणनीतिक ही नहीं, आर्थिक पहलू भी है। दोनों ही खुद को विश्व-राजनीति की उभरती शक्ति मानते हैं और दोनों ही एशिया की अर्थव्यवस्था और राजनीति में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाना चाहेंगे।” ठोस बदलाव — सीमा पर चार व्यापारिक पोस्ट; 1999 से व्यापार 30 फीसदी सालाना की दर से वृद्धि; 1992 में 33 करोड़ 80 लाख डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार 2017 में बढ़कर 84 अरब डॉलर;
विदेशों में ऊर्जा सौदा हासिल करने जैसे विभेदकारी मसलों पर भी सहयोग; और WTO जैसे संगठनों में एक जैसी नीतियाँ।
B.4 अभिकथन–कारण प्रश्न (1 अंक)
निर्देश: (क) दोनों सही, कारण अभिकथन की सही व्याख्या करता है। (ख) दोनों सही, पर कारण व्याख्या नहीं करता। (ग) अभिकथन सही, कारण ग़लत। (घ) अभिकथन ग़लत, कारण सही।
53अभिकथन (A): यूरोपीय संघ के झंडे में 12 सितारे हैं।
कारण (R): यूरोपीय संघ के 12 संस्थापक सदस्य थे।
उत्तर देखिए
उत्तर — (ग) अभिकथन सही, कारण ग़लत — बारह की संख्या पूर्णता, समग्रता और एकता का प्रतीक है,
सदस्य-संख्या नहीं। संस्थापक छह देश थे (1951)।
54अभिकथन (A): आसियान ने खुद को अधिराष्ट्रीय संगठन नहीं बनाया।
कारण (R): आसियान के कामकाज में राष्ट्रीय सार्वभौमिकता का सम्मान करना बहुत महत्त्वपूर्ण रहा है।
उत्तर देखिए
उत्तर — (क) दोनों सही और कारण अभिकथन की सही व्याख्या करता है।
55अभिकथन (A): चीन की अर्थव्यवस्था रूस की तुलना में सुचारु रूप से पूँजीवाद की ओर बढ़ी।
कारण (R): चीन ने ‘शॉक थेरेपी’ के बजाय अर्थव्यवस्था को चरणबद्ध ढंग से खोला।
उत्तर देखिए
उत्तर — (क) दोनों सही और कारण सही व्याख्या करता है — खेती 1982 में, उद्योग 1998 में, और व्यापार-अवरोध सिर्फ SEZ में।
56अभिकथन (A): जापान वैकल्पिक शक्ति-केंद्र के रूप में सीमित है।
कारण (R): जापान 2017 में विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था।
उत्तर देखिए
उत्तर — (ख) दोनों कथन सही हैं, पर कारण अभिकथन की व्याख्या नहीं करता — बल्कि उसके विरुद्ध जाता
है। सही कारण होता अनुच्छेद 9 और 1951 से अमरीका के साथ सुरक्षा-गठबंधन।
B.5 स्रोत-आधारित प्रश्न (4 अंक)
57निम्नलिखित अवतरण पढ़कर प्रश्नों के उत्तर दीजिए
उत्तर देखिए
“अनौपचारिक, टकरावरहित और सहयोगात्मक मेल-मिलाप का नया उदाहरण पेश करके आसियान ने काफी यश कमाया है और इसको ‘आसियान शैली’ (ASEAN way) ही कहा जाने लगा है। आसियान के कामकाज में राष्ट्रीय सार्वभौमिकता का सम्मान करना बहुत ही महत्त्वपूर्ण रहा है।”
(क) ‘आसियान शैली’ के तीन गुण बताइए।
उत्तर: अनौपचारिक · टकरावरहित · सहयोगात्मक।
(ख) आसियान के कामकाज में क्या बात सबसे महत्त्वपूर्ण रही है?
उत्तर: राष्ट्रीय सार्वभौमिकता का सम्मान करना।
(ग) आसियान ने यूरोपीय संघ से अलग कौन-सा रास्ता चुना?
उत्तर: “यूरोपीय संघ की तरह इसने खुद को अधिराष्ट्रीय संगठन बनाने या उसकी तरह अन्य व्यवस्थाओं को अपने हाथ में लेने का लक्ष्य नहीं रखा।”
(घ) इस शैली के दो व्यावहारिक परिणाम बताइए।
उत्तर: कंबोडिया के टकराव को समाप्त किया और पूर्वी तिमोर के संकट को सम्भाला।
58निम्नलिखित अवतरण पढ़कर प्रश्नों के उत्तर दीजिए
उत्तर देखिए
“1978 के बाद से जारी चीन की आर्थिक सफलता को एक महाशक्ति के रूप में इसके उभरने के साथ जोड़कर देखा जाता है। आर्थिक सुधारों की शुरुआत करने के बाद से चीन सबसे ज्यादा तेजी से आर्थिक वृद्धि कर रहा है और माना जाता है कि इस रफ्तार से चलते हुए 2040 तक वह दुनिया की सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति, अमरीका से भी आगे निकल जाएगा।”
(क) 1978 में क्या हुआ था?
उत्तर: देंग श्याओपेंग ने आर्थिक सुधारों और ‘खुले द्वार की नीति’ की घोषणा की।
(ख) इस नीति का मूल विचार क्या था?
उत्तर: “विदेश पूंजी और प्रौद्योगिकी के निवेश से उच्चतर उत्पादकता को प्राप्त किया जाए।”
(ग) चीन ने संक्रमण के लिए कौन-सा तरीका नहीं अपनाया?
उत्तर: ★‘शॉक थेरेपी’ — “चीन ने ‘शॉक थेरेपी’ पर अमल करने के बजाय अपनी अर्थव्यवस्था को चरणबद्ध ढंग से खोला।”
(घ) चीन क्षेत्रीय स्तर पर क्या भूमिका निभा रहा है?
उत्तर: “आर्थिक स्तर पर अपने पड़ोसी मुल्कों से जुड़ाव के चलते चीन पूर्व एशिया के विकास का इंजन-जैसा बना हुआ है” — और इस कारण क्षेत्रीय मामलों में उसका प्रभाव बहुत बढ़ गया है।
B.6 उच्च-क्रम चिंतन (HOTS)
59कार्टूनिस्ट ने यूरोपीय संघ को टाइटैनिक जहाज के रूप में क्यों दिखाया है?
उत्तर देखिए
उत्तर: 2003 में यूरोपीय संघ ने एक साझा संविधान बनाने की कोशिश की थी, जो नाकामयाब रही — यही
कार्टून का लक्ष्य है। टाइटैनिक विशाल था, अजेय माना गया था, और अपनी पहली ही यात्रा में डूब गया।
कार्टूनिस्ट का संकेत यह है कि यूरोपीय संघ भी विशाल और महत्वाकांक्षी है, पर सदस्य-देशों की संप्रभुता रूपी हिमशैलों से टकरा सकता है। संविधान की असफलता, यूरो का विरोध और बाद का Brexit — तीनों इसी चेतावनी
के प्रमाण हैं।
60‘चीनी साइकिल’ वाले कार्टून में दिखाया गया ‘दोहरापन’ क्या है? क्या इसे अंतर्विरोध कहा जा सकता है?
उत्तर देखिए
उत्तर: दोहरापन यह है कि चीन राजनीतिक रूप से साम्यवादी है पर आर्थिक रूप से पूँजीवादी — साइकिल
के दो पहिये हँसिया-हथौड़ा और डॉलर हैं, और दोनों एक ही गाड़ी को चला रहे हैं। दूसरा कार्टून
‘चीन: तब और अब’ यही बात कहता है — ‘तब’ माओ की लाल किताब, ‘अब’ हू की पूँजीपरस्त लाल ‘टाई’।
क्या यह अंतर्विरोध है? एक दृष्टि से हाँ — क्योंकि साम्यवाद निजी संपत्ति का विरोध करता है और चीन ने 1982 तथा 1998 में निजीकरण किया। दूसरी दृष्टि से नहीं — क्योंकि चीन ने आर्थिक खुलापन दिया, राजनीतिक नहीं; कम्युनिस्ट पार्टी का नियंत्रण बना रहा। ★यही ‘चीनी मॉडल’ है — और यही रूस से उसका सबसे बड़ा भेद है।
61आसियान सफल क्यों हुआ जबकि दक्षेस (सार्क) नहीं?
उत्तर देखिए
उत्तर: (यह पाठ्यपुस्तक का ही प्रश्न है, पृ. 22।)
आसियान ने आर्थिक सहयोग को पहले रखा
— “बुनियादी रूप से आसियान एक आर्थिक संगठन था और वह ऐसा ही बना रहा।”
राजनीतिक विवादों को अलग रखा
— अहस्तक्षेप और संप्रभुता के सम्मान को नियम बनाया।
अधिराष्ट्रीय बनने की कोशिश नहीं की
— इसलिए किसी सदस्य को संप्रभुता खोने का डर नहीं रहा।
‘टकराव की जगह बातचीत’
को नीति बनाया, और उसी से कंबोडिया तथा पूर्वी तिमोर के संकट सुलझे।
इसके विपरीत दक्षेस में दो बड़े सदस्यों का द्विपक्षीय विवाद पूरे संगठन को जकड़ लेता है, और इसीलिए
उसकी बैठकें तक नियमित नहीं हो पातीं।
62“चीन में सिर्फ छह ही विशेष आर्थिक क्षेत्र हैं और भारत में ऐसे 200 से ज्यादा क्षेत्रों को मंजूरी! क्या यह भारत के लिए अच्छा है?”
उत्तर देखिए
उत्तर: (खुला प्रश्न।)
पक्ष में अधिक SEZ का अर्थ है अधिक क्षेत्रों में निवेश, रोजगार और निर्यात के अवसर, और
विकास का भौगोलिक फैलाव — जिससे चीन जैसी “तटीय और मुख्यभूमि के बीच बढ़ती खाई” से बचा जा सकता है।
विपक्ष में चीन ने कम संख्या पर ध्यान केंद्रित करके हर SEZ को विश्वस्तरीय बनाया; बहुत सारे
छोटे क्षेत्र संसाधन बिखेर देते हैं, भूमि-अधिग्रहण के विवाद बढ़ाते हैं और कर-छूट का लाभ बिना पर्याप्त निर्यात के दे देते हैं।
संतुलित निष्कर्ष★संख्या नहीं, गुणवत्ता और आधारभूत ढाँचा मायने रखता है — यही चीन के अनुभव
का असली सबक है।
63क्या ‘सत्ता के वैकल्पिक केंद्र’ सचमुच अमरीका के प्रभुत्व को सीमित कर पाए हैं?
उत्तर देखिए
उत्तर: (खुला प्रश्न।)
हाँ के तर्कयूरोपीय संघ का विश्व व्यापार में हिस्सा अमरीका से तीन गुना है और वह “अमरीका और चीन से व्यापारिक विवादों में पूरी धौंस के साथ बात करता है”; उसने ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अमरीकी नीतियों को प्रभावित किया; यूरो डॉलर के प्रभुत्व के लिए खतरा बन सकती है; और चीन के 2040 तक अमरीका से आगे निकलने का अनुमान है।
नहीं के तर्क! इराक युद्ध पर यूरोपीय संघ स्वयं बँट गया — ब्रिटेन साथ, जर्मनी-फ्रांस खिलाफ;
जापान 1951 से सुरक्षा के लिए अमरीका पर निर्भर है; और आसियान की कुल अर्थव्यवस्था अमरीका, यूरोपीय संघ तथा जापान से काफी छोटी है।
★सटीक उत्तर पाठ्यपुस्तक के अपने शब्दों में है — ये केंद्र अमरीका के प्रभुत्व को “कुछ हद तक सीमित करेंगे”, समाप्त नहीं।
उत्तर लिखने की रणनीति★
| अंक | क्या करें |
|---|---|
| 1 | केवल तथ्य — तिथि, नाम, संख्या। |
| 2 | दो अलग बिंदु, दोनों में एक-एक ठोस प्रमाण। |
| 4 | चार बिंदु, हर बिंदु में कीवर्ड मोटा और एक तथ्य। |
| 6 | भूमिका → 5–6 बिंदु → निष्कर्ष। कम से कम तीन तिथियाँ या आँकड़े अवश्य। |
| तुलनात्मक | तालिका बनाइए — EU बनाम आसियान, या नियंत्रित बनाम आज की चीनी अर्थव्यवस्था। |
| मत-आधारित | दोनों पक्ष + निष्कर्ष — यही पूरे अंक दिलाता है। |
| सभी में | पाठ्यपुस्तक के उद्धरण (“आसियान शैली”, “विशाल राष्ट्र-राज्य की तरह”) अंक बढ़ाते हैं। |