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1किताब का यह अध्याय ईसा पूर्व 600 से ईसा संवत् 600 तक के सांस्कृतिक विकास को पढ़ता है। उस युग की बची हुई इमारतों में सबसे सुरक्षित कौन-सी है?
Why: किताब के शब्द हैं: "उस युग की बची हुई इमारतों में सबसे सुरक्षित है साँची का स्तूप"। अमरावती का स्तूप उन्नीसवीं सदी में नष्ट हो गया, जबकि साँची बच गया।
Reference: NCERT, भारतीय इतिहास के कुछ विषय भाग I (कक्षा 12), विषय 4, पृष्ठ 82, 99
2भोपाल की नवाब शाहजहाँ बेगम (शासनकाल 1868-1901) की आत्मकथा का 1876 में अनुवाद किसने किया?
Why: आत्मकथा का नाम ताज–उल-इकबाल तारीख भोपाल (भोपाल का इतिहास) है, और 1876 में एच.डी. बार्स्टो ने इसका अनुवाद किया। जॉन मार्शल ने साँची पर लिखे अपने ग्रंथ सुल्तानजहाँ बेगम को समर्पित किए।
Reference: NCERT, भारतीय इतिहास के कुछ विषय भाग I (कक्षा 12), विषय 4, पृष्ठ 82, 83
3पूर्व वैदिक परंपरा की जानकारी देने वाला ऋग्वेद किस काल में संकलित हुआ?
Why: ऋग्वेद अग्नि, इंद्र, सोम आदि कई देवताओं की स्तुति का संग्रह है। लगभग 1000 ईसा पूर्व से 500 ईसा पूर्व का काल वह है जब कुछ यज्ञ घरों के मालिक करने लगे, और उपनिषदों की विचारधाराएँ छठी सदी ई.पू. से मिलती हैं।
Reference: NCERT, भारतीय इतिहास के कुछ विषय भाग I (कक्षा 12), विषय 4, पृष्ठ 84
4राजसूय और अश्वमेध जैसे जटिल यज्ञ कौन किया करते थे?
Why: इन यज्ञों के अनुष्ठान के लिए सरदारों और राजाओं को ब्राह्मण पुरोहितों पर निर्भर रहना पड़ता था। घरों के मालिक (लगभग 1000 ईसा पूर्व से 500 ईसा पूर्व) कुछ दूसरे यज्ञ करते थे।
Reference: NCERT, भारतीय इतिहास के कुछ विषय भाग I (कक्षा 12), विषय 4, पृष्ठ 84
5घूम-घूम कर तर्क-वितर्क करने वाले शिक्षकों की चर्चाएँ कुटागारशालाओं में होती थीं। कुटागारशाला का शब्दार्थ क्या है?
Why: ये चर्चाएँ कुटागारशालाओं या ऐसे उपवनों में होती थीं जहाँ घुमक्कड़ मनीषी ठहरा करते थे। मूर्ति रखने का चौकोर कमरा गर्भगृह है और अंड के ऊपर का ढाँचा हर्मिका।
Reference: NCERT, भारतीय इतिहास के कुछ विषय भाग I (कक्षा 12), विषय 4, पृष्ठ 85
6सुत्त पिटक के एक अंश (स्रोत 3) में मगध के राजा अजातसत्तु बुद्ध को मक्खलि गोसाल नामक शिक्षक की बातें बताते हैं। मक्खलि गोसाल किस परंपरा के थे?
Why: किताब के अनुसार स्रोत 3 के पहले अंश के उपदेशक मक्खलि गोसाल आजीविक परंपरा के थे, और "उन्हें अक्सर नियतिवादी कहा जाता है"। दूसरे अंश के उपदेशक अजीत केसकंबलिन् लोकायत परंपरा के थे। थेरवाद और महायान बौद्ध धर्म की परंपराओं के नाम हैं।
Reference: NCERT, भारतीय इतिहास के कुछ विषय भाग I (कक्षा 12), विषय 4, पृष्ठ 87, 103
7बौद्ध त्रिपिटक के किस पिटक में संघ या बौद्ध मठों में रहने वाले लोगों के लिए नियमों का संग्रह था?
Why: बुद्ध की शिक्षाएँ सुत्त पिटक में रखी गईं और दर्शन से जुड़े विषय अभिधम्म पिटक में आए। थेरीगाथा कोई पिटक नहीं, सुत्त पिटक का हिस्सा है।
Reference: NCERT, भारतीय इतिहास के कुछ विषय भाग I (कक्षा 12), विषय 4, पृष्ठ 86, 93
8बुद्ध की मृत्यु के बाद (पाँचवीं–चौथी सदी ई.पू.) उनके शिष्यों ने वरिष्ठ श्रमणों की एक सभा बुलाकर उनकी शिक्षाओं का संकलन कहाँ किया?
Why: वेसली बिहार स्थित वैशाली का पालि भाषा में रूप है। लुम्बिनी में बुद्ध जन्मे थे, सारनाथ में उन्होंने प्रथम उपदेश दिया और कुशीनगर में निब्बान प्राप्त किया।
Reference: NCERT, भारतीय इतिहास के कुछ विषय भाग I (कक्षा 12), विषय 4, पृष्ठ 86, 95, 96
9जैन परंपरा के अनुसार महावीर से पहले कितने शिक्षक (तीर्थंकर) हो चुके थे?
Why: तीर्थंकर यानी "वे महापुरुष जो पुरुषों और महिलाओं को जीवन की नदी के पार पहुँचाते हैं"। 5 जैन साधुओं के व्रतों की संख्या है, 10 वैष्णव परंपरा में अवतारों की, और 64 बौद्ध ग्रंथों में बताए संप्रदायों की।
Reference: NCERT, भारतीय इतिहास के कुछ विषय भाग I (कक्षा 12), विषय 4, पृष्ठ 85, 88, 104
10जैन दर्शन की सबसे महत्वपूर्ण अवधारणा कौन-सी है?
Why: जैन मान्यता में पत्थर, चट्टान और जल में भी जीवन होता है। विश्व को आत्माविहीन बौद्ध दर्शन मानता है, चार तत्वों की बात लोकायत उपदेशक अजीत केसकंबलिन् की है और पूर्व निर्धारित सुख-दुख की बात आजीविक मक्खलि गोसाल की।
Reference: NCERT, भारतीय इतिहास के कुछ विषय भाग I (कक्षा 12), विषय 4, पृष्ठ 87, 88, 91
11जैन ग्रंथ उत्तराध्ययन सूत्र के एक अंश (स्रोत 4) में अपने पति को संन्यास लेने के लिए कौन समझा रही है?
Why: जैन उपदेश अक्सर कहानियों के रूप में होते थे जो आम लोगों को आकर्षित करते थे; इसी ग्रंथ में कमलावती नामक महारानी अपने पति को समझाती है। गोतमी पहली भिक्खुनी थीं और पुन्ना की बात बौद्ध थेरीगाथा में है।
Reference: NCERT, भारतीय इतिहास के कुछ विषय भाग I (कक्षा 12), विषय 4, पृष्ठ 88
12आठवीं सदी का वह मंदिर कौन-सा है, जिसमें पूरी पहाड़ी काटकर उसे मंदिर का रूप दे दिया गया था?
Why: कैलाशनाथ शिव का एक नाम है; बराबर (बिहार) की गुफाएँ लगभग तीसरी सदी ईसा पूर्व की हैं। एक ताम्रपत्र अभिलेख में एलोरा के प्रमुख तक्षक ने निर्माण पूरा होने पर अपना आश्चर्य इन शब्दों में कहा है: “हे भगवान यह मैंने कैसे बनाया!”
Reference: NCERT, भारतीय इतिहास के कुछ विषय भाग I (कक्षा 12), विषय 4, पृष्ठ 107
13बौद्ध ग्रंथों के अनुसार संघ में आने वाली पहली भिक्खुनी कौन बनीं?
Why: शुरू में सिर्फ़ पुरुष संघ में आ सकते थे; बुद्ध के प्रिय शिष्य आनंद ने बुद्ध को समझाकर महिलाओं के लिए अनुमति प्राप्त की। बुद्ध की उपमाता महाप्रजापति गोतमी पहली भिक्खुनी बनीं।
Reference: NCERT, भारतीय इतिहास के कुछ विषय भाग I (कक्षा 12), विषय 4, पृष्ठ 92
14ऊँची आवाज़ में पढ़े जाने वाले पुराणों को वे लोग भी सुन सकते थे जिन्हें वैदिक साहित्य पढ़ने-सुनने की अनुमति नहीं थी। ये कौन थे?
Why: पुराण सामान्यत: संस्कृत श्लोकों में लिखे गए थे और इन्हें ऊँची आवाज़ में पढ़ा जाता था, जिसे कोई भी सुन सकता था।
Reference: NCERT, भारतीय इतिहास के कुछ विषय भाग I (कक्षा 12), विषय 4, पृष्ठ 105
15स्तूप में अंड के ऊपर बना छज्जे जैसा ढाँचा, जो देवताओं के घर का प्रतीक था, क्या कहलाता था?
Why: हर्मिका से एक मस्तूल निकलता था जिसे यष्टि कहते थे, और उस पर अक्सर एक छत्री लगी होती थी। टीले के चारों ओर की वेदिका पवित्र स्थल को सामान्य दुनिया से अलग करती थी।
Reference: NCERT, भारतीय इतिहास के कुछ विषय भाग I (कक्षा 12), विषय 4, पृष्ठ 96, 97
16साँची की खोज किस वर्ष हुई, जब इसके तीन तोरणद्वार तब भी खड़े थे?
Why: 1818 में चौथा तोरणद्वार वहीं पर गिरा हुआ था और टीला भी अच्छी हालत में था। 1796 में एक स्थानीय राजा को अमरावती के स्तूप के अवशेष मिले, 1854 में गुंटूर (आंध्र प्रदेश) के कमिश्नर ने अमरावती की यात्रा की, और 1989 में साँची को विश्व कला दाय स्थान घोषित किया गया।
Reference: NCERT, भारतीय इतिहास के कुछ विषय भाग I (कक्षा 12), विषय 4, पृष्ठ 98, 99, 110
17कई प्रारंभिक मूर्तिकारों ने बुद्ध को मानव रूप में न दिखाकर प्रतीकों से दिखाया। बुद्ध द्वारा सारनाथ में दिए गए पहले उपदेश का प्रतीक कौन-सा था?
Why: रिक्त स्थान बुद्ध के ध्यान की दशा का और स्तूप महापरिनिब्बान का प्रतीक बना। शालभंजिका बुद्ध का प्रतीक नहीं, लोक परंपरा का एक शुभ प्रतीक थी।
Reference: NCERT, भारतीय इतिहास के कुछ विषय भाग I (कक्षा 12), विषय 4, पृष्ठ 100, 101
18बौद्ध चिंतन की जिस नयी परंपरा में मुक्तिदाता और बोधिसत्त की अवधारणा उभरी, उसे अपनाने वालों ने पुरानी परंपरा को किस नाम से संबोधित किया?
Why: नयी परंपरा महायान कहलाई। पुरातन परंपरा के अनुयायी खुद को हीनयानी नहीं, थेरवादी कहते थे।
Reference: NCERT, भारतीय इतिहास के कुछ विषय भाग I (कक्षा 12), विषय 4, पृष्ठ 103
19शुरू के मंदिरों में एक दरवाज़े वाला वह चौकोर कमरा क्या कहलाता था, जिसमें उपासक मूर्ति की पूजा करने के लिए भीतर जाता था?
Why: धीरे-धीरे गर्भगृह के ऊपर एक ऊँचा ढाँचा बनाया जाने लगा जिसे शिखर कहा जाता था। विशाल सभास्थल, ऊँची दीवारें और तोरण बाद के युगों के मंदिरों में जुड़े।
Reference: NCERT, भारतीय इतिहास के कुछ विषय भाग I (कक्षा 12), विषय 4, पृष्ठ 105, 106
20सबसे प्राचीन कृत्रिम गुफाएँ ईसा पूर्व तीसरी सदी में असोक के आदेश से किनके लिए बनाई गई थीं?
Why: कृत्रिम गुफाएँ बनाने की परंपरा अलग-अलग चरणों में विकसित होती रही, और इसका सबसे विकसित रूप आठवीं सदी के कैलाशनाथ मंदिर में दिखता है।
Reference: NCERT, भारतीय इतिहास के कुछ विषय भाग I (कक्षा 12), विषय 4, पृष्ठ 106, 107

