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1ईस्ट इंडिया कंपनी के अधिकारी जेम्स प्रिंसेप ने ब्राह्मी और खरोष्ठी लिपियों का अर्थ किस दशक में निकाला?
Why: किताब के अनुसार भारतीय अभिलेख विज्ञान में यह उल्लेखनीय प्रगति 1830 के दशक में हुई, और असोक के समय की ब्राह्मी का अर्थ प्रिंसेप ने 1838 में निकाला; बाकी दशक काल रेखा 2 की दूसरी घटनाओं के हैं: 1784 में बंगाल एशियाटिक सोसाइटी का गठन, 1810 के दशक में कोलिन मैकेंज़ी का अभिलेख एकत्र करना, और 1877 में अलेक्ज़ैंडर कनिंघम का असोक के अभिलेखों के एक अंश को प्रकाशित करना।
Reference: NCERT, भारतीय इतिहास के कुछ विषय भाग I (कक्षा 12), विषय 2, पृष्ठ 28, 46, 51
2प्रिंसेप को अधिकांश अभिलेखों और सिक्कों पर राजा का जो नाम पियदस्सी लिखा मिला, उसका अर्थ क्या है?
Why: पृष्ठ 28 पर पियदस्सी का अर्थ मनोहर मुखाकृति वाला राजा बताया गया है और पृष्ठ 47 पर देखने में सुंदर; देवताओं का प्रिय असोक की दूसरी उपाधि देवानांपिय का अर्थ है, राजाओं का घर मगध की आरंभिक राजधानी राजगाह के नाम का अर्थ है, और सोने के पहाड़ मौर्य प्रांतीय केंद्र सुवर्णगिरि के नाम का।
Reference: NCERT, भारतीय इतिहास के कुछ विषय भाग I (कक्षा 12), विषय 2, पृष्ठ 28, 31, 33, 47
3बौद्ध और जैन धर्म के आरंभिक ग्रंथों में महाजनपद नाम से कितने राज्यों का उल्लेख मिलता है?
Why: इन ग्रंथों में सोलह महाजनपदों का उल्लेख है; नामों की सूची हर ग्रंथ में एकसमान नहीं है, पर वज्जि, मगध, कोशल, कुरु, पांचाल, गांधार और अवन्ति जैसे नाम प्राय: मिलते हैं, जिससे पता चलता है कि ये प्रमुख महाजनपदों में गिने जाते होंगे।
Reference: NCERT, भारतीय इतिहास के कुछ विषय भाग I (कक्षा 12), विषय 2, पृष्ठ 29
4आरंभिक जैन और बौद्ध लेखकों ने मगध की महत्ता का कारण किसे बताया?
Why: छठी से चौथी शताब्दी ई.पू. में मगध सबसे शक्तिशाली महाजनपद बना; अच्छी उपज, आधुनिक झारखंड की लोहे की खदानें, जंगलों के हाथी और गंगा का सस्ता आवागमन आधुनिक इतिहासकारों के बताए कारण हैं, जबकि आरंभिक जैन और बौद्ध लेखक महत्त्वाकांक्षी शासकों की नीतियों को कारण मानते हैं, जिन्हें उनके मंत्री लागू करते थे।
Reference: NCERT, भारतीय इतिहास के कुछ विषय भाग I (कक्षा 12), विषय 2, पृष्ठ 31
5मगध की आरंभिक राजधानी राजगाह, जो आधुनिक बिहार के राजगीर का प्राकृत नाम है, उसके नाम का अर्थ क्या है?
Why: किताब बताती है कि राजगाह शब्द का अर्थ 'राजाओं का घर' है; पहाड़ियों के बीच बसा राजगाह एक किलेबंद शहर था। बाद में पाटलिपुत्र, जिसे अब पटना कहा जाता है, राजधानी बना: राजधानी वहाँ लाने का निर्णय पाँचवीं सदी ई.पू. में हुआ, और चौथी शताब्दी ई.पू. तक वह मौर्य साम्राज्य की राजधानी बन चुका था।
Reference: NCERT, भारतीय इतिहास के कुछ विषय भाग I (कक्षा 12), विषय 2, पृष्ठ 31, 42
6किताब के अनुसार मौर्य साम्राज्य के संस्थापक चंद्रगुप्त मौर्य का समय क्या है?
Why: चंद्रगुप्त मौर्य (लगभग 321 ई.पू.) का शासन पश्चिमोत्तर में अफ़गानिस्तान और बलूचिस्तान तक फैला था; काल रेखा 1 में लगभग 600-500 ई.पू. महाजनपदों और गंगा घाटी में नगरीकरण का समय है, लगभग 375-415 ई. गुप्त शासक चंद्रगुप्त द्वितीय का, और लगभग 606-647 ई. कन्नौज के राजा हर्षवर्धन का।
Reference: NCERT, भारतीय इतिहास के कुछ विषय भाग I (कक्षा 12), विषय 2, पृष्ठ 32, 40, 50
7मौर्य साम्राज्य का कौन-सा प्रांतीय केंद्र कर्नाटक में सोने की खदान के लिए उपयोगी था?
Why: सुवर्णगिरि का अर्थ ही सोने के पहाड़ है; तक्षशिला और उज्जयिनी लंबी दूरी वाले महत्वपूर्ण व्यापार मार्ग पर थे, और तोसलि चौथा प्रांतीय केंद्र था; राजधानी पाटलिपुत्र समेत इन पाँचों केंद्रों का उल्लेख असोक के अभिलेखों में है।
Reference: NCERT, भारतीय इतिहास के कुछ विषय भाग I (कक्षा 12), विषय 2, पृष्ठ 32, 33
8मेगस्थनीज़ ने सैनिक गतिविधियों के संचालन के लिए एक समिति और कितनी उपसमितियों का उल्लेख किया है?
Why: छ: उपसमितियों के काम थे नौसेना, यातायात और खान-पान, पैदल सैनिकों, अश्वारोहियों, रथारोहियों और हाथियों का संचालन; दूसरी उपसमिति उपकरण ढोने के लिए बैलगाड़ियाँ, सैनिकों का भोजन, जानवरों का चारा, और सैनिकों की देखभाल के लिए सेवक और शिल्पकार जुटाती थी।
Reference: NCERT, भारतीय इतिहास के कुछ विषय भाग I (कक्षा 12), विषय 2, पृष्ठ 34
9असोक ने धम्म के प्रचार के लिए जो विशेष अधिकारी नियुक्त किए, वे क्या कहलाते थे?
Why: धम्म महामात्त धम्म के प्रचार के लिए नियुक्त हुए; असोक के एक अभिलेख (स्रोत 10) के पतिवेदक लोगों के समाचार राजा तक पहुँचाते थे, चौथी शताब्दी ई. के सामंत स्थानीय संसाधनों से निर्वाह करते और शासकों को सैनिक सहायता देते थे, और गहपति घर का मुखिया होता था।
Reference: NCERT, भारतीय इतिहास के कुछ विषय भाग I (कक्षा 12), विषय 2, पृष्ठ 34, 36, 39, 47
10असोक के अधिकांश अभिलेख किस भाषा में हैं, और पश्चिमोत्तर के कुछ अभिलेख किस लिपि में लिखे गए?
Why: असोक के अधिकांश अभिलेख प्राकृत में हैं और प्राकृत के अधिकांश अभिलेख ब्राह्मी लिपि में लिखे गए, जबकि पश्चिमोत्तर के कुछ अभिलेख खरोष्ठी में; पश्चिमोत्तर से मिले अभिलेख अरामेइक और यूनानी भाषा में हैं, और अरामेइक और यूनानी लिपियों का प्रयोग अफ़गानिस्तान में मिले अभिलेखों में हुआ।
Reference: NCERT, भारतीय इतिहास के कुछ विषय भाग I (कक्षा 12), विषय 2, पृष्ठ 32
11कई कुषाण शासकों ने अपने नाम के आगे कौन-सी उपाधि लगाई, जो संभवत: उन चीनी शासकों से प्रेरित थी जो स्वयं को स्वर्गपुत्र कहते थे?
Why: कुषाण शासक (लगभग प्रथम शताब्दी ई.पू. से प्रथम शताब्दी ई. तक) देवपुत्र की उपाधि लगाते थे, और मथुरा के पास माट के एक देवस्थान पर उनकी विशालकाय मूर्तियाँ लगाई गईं; देवानांपिय और पियदस्सी असोक की उपाधियाँ हैं, और राजकवि हरिषेण और बाणभट्ट जैसे दरबारी कवियों का पद था।
Reference: NCERT, भारतीय इतिहास के कुछ विषय भाग I (कक्षा 12), विषय 2, पृष्ठ 36, 37, 40, 47
12प्रयाग प्रशस्ति (इलाहाबाद स्तंभ अभिलेख) की रचना संस्कृत में किसने की?
Why: हरिषेण समुद्रगुप्त के राजकवि थे, जिन्हें किताब गुप्त सम्राटों में संभवत: सबसे शक्तिशाली सम्राट बताती है; बाणभट्ट ने हर्षवर्धन की जीवनी हर्षचरित लिखी, चंद्रगुप्त मौर्य के दरबार में आए यूनानी राजदूत मेगस्थनीज़ ने एक विवरण लिखा, और अर्थशास्त्र के कुछ भागों की रचना संभवत: कौटिल्य या चाणक्य ने की।
Reference: NCERT, भारतीय इतिहास के कुछ विषय भाग I (कक्षा 12), विषय 2, पृष्ठ 32, 37, 40
13एक पाषाण अभिलेख (स्रोत 5) के अनुसार गुजरात की सुदर्शन झील की मरम्मत अपने खर्चे से, प्रजा से कर लिए बिना, किस शासक ने करवाई थी?
Why: यह बात लगभग दूसरी शताब्दी ई. के संस्कृत के एक पाषाण अभिलेख में बताई गई है, जो रुद्रदमन की उपलब्धियों का उल्लेख करने के लिए बनवाया गया था; झील मौर्य काल में एक स्थानीय राज्यपाल ने बनवाई थी, और उसी पाषाण-खंड पर लगभग पाँचवीं सदी के एक और अभिलेख के अनुसार गुप्त वंश के एक शासक ने इसकी फिर मरम्मत करवाई।
Reference: NCERT, भारतीय इतिहास के कुछ विषय भाग I (कक्षा 12), विषय 2, पृष्ठ 38
14पालि भाषा में गहपति शब्द का प्रयोग किनके लिए किया जाता था?
Why: बौद्ध कथाओं में भूमिहीन खेतिहर श्रमिक, छोटे किसान और बड़े ज़मींदार, तीनों मिलते हैं, और पालि में गहपति छोटे किसानों और ज़मींदारों के लिए आता है; गहपति घर का मुखिया होता था, जो घर की महिलाओं, बच्चों, नौकरों और दासों पर नियंत्रण रखता और घर की भूमि, जानवरों और दूसरी वस्तुओं का मालिक होता था।
Reference: NCERT, भारतीय इतिहास के कुछ विषय भाग I (कक्षा 12), विषय 2, पृष्ठ 39
15आरंभिक तमिल संगम साहित्य में गाँव के वेल्लालर किन्हें कहा गया है?
Why: संगम साहित्य में वेल्लालर बड़े ज़मींदार हैं, हलवाहा उल्वर है और दास अणिमई; सफल व्यापारी तमिल में मसत्थुवन और प्राकृत में सत्थवाह और सेट्ठी कहलाते थे।
Reference: NCERT, भारतीय इतिहास के कुछ विषय भाग I (कक्षा 12), विषय 2, पृष्ठ 39, 44
16अग्रहार किसे कहते थे?
Why: अग्रहार पाने वाले ब्राह्मणों को स्थानीय लोगों से कर वसूलने का अधिकार भी था; उत्पादकों और व्यापारियों का संघ श्रेणी है, पहाड़ियों के बीच बसी किलेबंद राजधानी राजगाह थी, और सीमा पर गाड़े जाने वाले निशानों की सलाह मनुस्मृति (स्रोत 6) देती है।
Reference: NCERT, भारतीय इतिहास के कुछ विषय भाग I (कक्षा 12), विषय 2, पृष्ठ 31, 39, 41, 43
17भूमि की स्वामी और दान करने वाली प्रभावती गुप्त किसकी पुत्री थी?
Why: प्रभावती का विवाह दक्कन पठार के वाकाटक परिवार में हुआ था; संस्कृत धर्मशास्त्रों के अनुसार महिलाओं को भूमि जैसी संपत्ति पर स्वतंत्र अधिकार नहीं था, फिर भी एक अभिलेख (स्रोत 8) बताता है कि प्रभावती भूमि की स्वामी थी और उसने दान भी किया।
Reference: NCERT, भारतीय इतिहास के कुछ विषय भाग I (कक्षा 12), विषय 2, पृष्ठ 40, 41
18सबसे पहले ढाले गए और प्रयोग में आए आहत सिक्के, जो छठी शताब्दी ई.पू. के हैं, किस धातु के थे?
Why: चाँदी और ताँबे के आहत सिक्के पूरे उपमहाद्वीप में खुदाई में मिले हैं, और इन पर प्रतीकों को आहत कर उन्हें बनाया जाता था; सोने के सिक्के बड़े पैमाने पर प्रथम शताब्दी ई. में कुषाण राजाओं ने जारी किए।
Reference: NCERT, भारतीय इतिहास के कुछ विषय भाग I (कक्षा 12), विषय 2, पृष्ठ 44, 45
19शासकों की प्रतिमा और नाम वाले सबसे पहले सिक्के किन शासकों ने जारी किए?
Why: हिंद-यूनानी शासकों ने द्वितीय शताब्दी ई.पू. में उपमहाद्वीप के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र पर नियंत्रण स्थापित किया था। कुषाण राजाओं ने बाद में, प्रथम शताब्दी ई. में, बड़े पैमाने पर सोने के सिक्के जारी किए, जिनका आकार और वज़न रोमन सम्राटों और ईरान के पार्थियन शासकों के सिक्कों जैसा था।
Reference: NCERT, भारतीय इतिहास के कुछ विषय भाग I (कक्षा 12), विषय 2, पृष्ठ 44
20असोक के अभिलेख (स्रोत 10) में आने वाले पतिवेदक शब्द का अर्थ अभिलेखशास्त्रियों ने क्या बताया है?
Why: स्रोत 10 में राजा चाहते हैं कि पतिवेदक लोगों के समाचार उन तक सदैव पहुँचाएँ, चाहे वे खाना खा रहे हों, अन्त:पुर में हों या वाटिका में; स्रोत 10 में असोक का नाम नहीं है, केवल उनकी उपाधियाँ देवानांपिय और पियदस्सी हैं।
Reference: NCERT, भारतीय इतिहास के कुछ विषय भाग I (कक्षा 12), विषय 2, पृष्ठ 47

