जिन देशों को यूरोप ने ‘खोजा’ कहा, वे खोजे नहीं गए थे — वे छीने गए थे; और यह बात स्वीकारने में दुनिया को दो सौ साल लगे।
भाग क — खंड चार का परिचय
‘आधुनिकीकरण’ की जड़ें
- दो परिवर्तन: औद्योगिक क्रांति (उत्पादन बदला) + राजनीतिक क्रांतियाँ (प्रजा को नागरिक में बदला)
- अमरीकी क्रांति 1776–81 · फ्रांसीसी क्रांति 1789–94
- आधुनिक विश्व बनाने वाली घटनाएँ 15वीं शताब्दी के मध्य से
औद्योगीकरण — कोई एक मॉडल नहीं
| ब्रिटेन | रूस |
|---|---|
| पहला चरण — कोयला व सूती कपड़ा | औद्योगिक विकास 19वीं सदी के आख़िर में |
| दूसरा चरण — रेलवे | रेलवे और भारी उद्योग पहले ही चरण में |
ब्रिटेन की चुकाई कीमत: ग़रीब मज़दूर ख़ासकर बच्चों की दुर्दशा · पर्यावरण का क्षय · हैज़ा और तपेदिक की महामारियाँ
उपनिवेशवाद की तीन किस्में
| किस्म | उदाहरण |
|---|---|
| यूरोपीय गोरे बस गए (आबादकार) | अमरीका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड |
| सीधा औपनिवेशिक नियंत्रण | भारत |
| बिना सत्ता लिए दखलअंदाज़ी → अर्ध-उपनिवेश | चीन |
राष्ट्रवाद — दो रूप
| नागरिक (civic) | जातीय/धार्मिक (ethnic) |
|---|---|
| भाषा, धर्म, जाति, लिंग से परे — समान नागरिकता | जातीयता के आधार पर परिभाषा |
| प्रभुसत्ता सभी लोगों के हाथ में | प्रभुसत्ता चुने हुए समूहों तक सीमित |
- दोनों का आधार — लोक प्रभुसत्ता, इसीलिए राष्ट्रवाद एक आधुनिक अवधारणा
- अपवाद जर्मनी — जातीय राष्ट्रवाद का लंबा इतिहास, 1806 में फ्रांस के कब्ज़े की प्रतिक्रिया से शुरू
दो मॉडल
| जापान | चीन |
|---|---|
| उपनिवेशी नियंत्रण से आज़ाद रहा | 1949 में उपनिवेशवाद और राष्ट्रवादियों को उखाड़ फेंका |
| 1910 तक प्राथमिक शिक्षा लगभग निःशुल्क व अनिवार्य | समतावाद, भूमि सुधार, महिलाओं के प्रश्न |
| तीन तनाव — लोकतंत्र/सैन्यवाद, जातीय/नागरिक, परंपरा/पश्चिमीकरण | एक-पार्टी ढाँचा व दमन → 1960 के दशक के मध्य के बाद असंतोष |
भाग ख — मूल निवासी कौन थे
उत्तरी अमरीका
| तथ्य | संख्या |
|---|---|
| पहला आगमन — बेरिंग भूमि-सेतु, एशिया से | 30,000 वर्ष पूर्व |
| दक्षिण की ओर बढ़े (आख़िरी हिमयुग) | 10,000 वर्ष पूर्व |
| सबसे पुरानी मानव कृति — तीर की नोक | 11,000 वर्ष पुरानी |
| जलवायु स्थिर, आबादी बढ़ी | 5,000 वर्ष पूर्व |
जीवन-शैली की छह कुंजियाँ:
- नदी घाटी के गाँव; मछली-मांस-सब्ज़ी-मकई; बाइसन का शिकार
- घुड़सवारी 17वीं सदी से — घोड़े स्पेनी आबादकारों से ख़रीदे
- उतने ही जानवर मारते जितने की ज़रूरत
- बड़े पैमाने की खेती नहीं → राजशाही/साम्राज्य नहीं बना
- ज़मीन पर ‘मिल्कियत’ की ज़रूरत महसूस नहीं; उपहारों का आदान-प्रदान; वेमपुम बेल्ट
- भाषाएँ बोली जातीं, लिखी नहीं; समय चक्रीय; “धरती को पढ़ सकते थे”
मैकलिश का सूत्र: अधिशेष “हमारे यहाँ ताकतवर, श्रेणीबद्ध समाजों की रचना में मददगार बने, लेकिन वहाँ नहीं।”
ऑस्ट्रेलिया
| तथ्य | विवरण |
|---|---|
| ऐबॉरिजिनीज़ का आगमन | 40,000 वर्ष पूर्व, न्यू गिनी से भू-सेतु द्वारा |
| उनका अपना कथन | वे आए नहीं, हमेशा से यहीं थे — ‘स्वप्नकाल’ |
| समुदाय | 350 से 750; 200 भाषाएँ आज भी बोली जाती हैं |
| टॉरस स्ट्रेट टापूवासी | उत्तर में; ‘ऐबॉरिजिनी’ नहीं कहलाते |
| जनसंख्या (2005) | 2.4 फ़ीसदी |
भाग ग — शब्दावली का बॉक्स (परीक्षा में सीधा प्रश्न)
| पद | अर्थ |
|---|---|
| aborigine | ऑस्ट्रेलिया के मूल निवासी (लातिन ab = ‘से’, origine = ‘शुरुआत’) |
| Aboriginal | विशेषण — संज्ञा की तरह इस्तेमाल करना ग़लती |
| Amerindian | उत्तरी-दक्षिणी अमरीका व कैरेबियन के मूल निवासी |
| First Nations | कनाडा; 1876 एक्ट में ‘बैंड्स’, 1980 के दशक से ‘नेशन्स’ |
| native American | अब बहुप्रचलित पद |
| ‘Red Indian’ | कोलंबस ने निवास-स्थान को ग़लती से इंडिया समझा |
नाम जो चीज़ों को दे दिए गए: डकोटा (हवाईजहाज़) · चिरोकी (जीप) · पोंटिआक (कार) · मोहॉक (बाल-कटाई)
‘नयी दुनिया’ के नाम: अमरीका ← अमेरिगो वेसपुकी · कनाडा ← कनाटा = ‘गाँव’ (ह्यूरॉन-इरोक्वइस) · ऑस्ट्रेलिया ← लातिनी ऑस्ट्रल = ‘दक्षिण’ · न्यूज़ीलैंड ← डच ज़ी = ‘समुद्र’ (तासमान 1642)
भाग घ — पारस्परिक धारणाएँ
‘सभ्य’ की तीन यूरोपीय कसौटियाँ: साक्षरता · संगठित धर्म · शहरीपन
| कौन | क्या कहा | मिले थे? |
|---|---|---|
| रूसो | तारीफ़ के काबिल — ‘उदात्त उत्तम जंगली’ | नहीं |
| वड्सवर्थ | जंगलों में कल्पनाशक्ति के अवसर कम | नहीं |
| जैफ़र्सन | “यह अभागी नस्ल … अपने उन्मूलन का औचित्य सिद्ध करती है” | — |
| वाशिंगटन इरविंग | “कविताओं में वर्णित अपने रूप से काफ़ी भिन्न”; गोरे उनसे ऐसे पेश आते मानो जानवरों में और उनमें फ़र्क़ न हो | हाँ |
उपहार बनाम माल:
| मूल निवासी | यूरोपीय |
|---|---|
| दोस्ती के ‘उपहार’ | मुनाफ़े का ‘माल’ |
| ‘बाज़ार’ का बोध नहीं — दाम बदलना पहेली लगता | दाम पूर्ति के आधार पर बदलते |
| ऊदबिलावों का हलाल देख विचलित; डर कि जानवर बदला लेंगे | — |
व्यापार का लेन-देन: यूरोप से → कंबल, लोहे के बर्तन, बंदूकें, शराब (जिससे शर्तें थोपना आसान हुआ) · मूल निवासियों से → तंबाकू की आदत
भाग ङ — बेदख़ली
जॉर्जिया और चिरोकी
1832 — मुख्य न्यायाधीश जॉन मार्शल: चिरोकी "एक विशिष्ट समुदाय है", जॉर्जिया का कानून लागू नहीं
↓
राष्ट्रपति एंड्रू जैक्सन ने फ़ैसला मानने से इनकार, फ़ौज भेजी
↓
1838 — ट्रेल ऑफ़ टियर्स — 15,000 विस्थापित, एक चौथाई मार्ग में ही मर-खप गए
बेदख़ली के चार तर्क: ज़मीन का अधिकतम इस्तेमाल नहीं जानते · आलसी हैं · अंग्रेज़ी और ‘ढंग के’ कपड़ों में रुचि नहीं · ‘मर-खपने’ लायक हैं
फ्रांसीसी आगंतुक: “आदिम जानवरों के साथ-साथ आदिम मनुष्य लुप्त हो जाएगा।”
जनसांख्यिकी (क्रियाकलाप 2) — सबसे अधिक पूछी जाने वाली तालिका
| वर्ग | सं.रा.अ. 1820 | स्पेनी अमरीका 1800 |
|---|---|---|
| मूल निवासी | 6 लाख | 75 लाख |
| गोरे | 90 लाख | 33 लाख |
| मिले-जुले यूरोपीय | 1 लाख | 53 लाख |
| काले | 19 लाख | 8 लाख |
| कुल | 1 करोड़ 16 लाख | 1 करोड़ 69 लाख |
निष्कर्ष: कुल आबादी लगभग बराबर, संरचना उलटी → आबादकार-उपनिवेश (हटाना) बनाम शोषण-उपनिवेश (शासन + मिश्रण)
रिज़र्वेशन्स
- ‘स्थायी तौर पर अपनी’ ज़मीन, पर सीसा, सोना या तेल मिलते ही बेदख़ली
- कई समूहों को एक ही ज़मीन साझा करने को बाध्य → आपसी झगड़े
- रिज़र्वेशन प्रायः ऐसी ज़मीन जिससे पहले कोई रिश्ता नहीं
- प्रतिरोध — सं.रा.अ. 1865–90, कनाडा 1869–85 (मेटिस, रेड रिवर)
प्रधान सिएटल का पत्र, 1854
“आप आकाश को, भूमि की ऊष्मा को कैसे ख़रीद या बेच सकते हैं? … धरती का हर हिस्सा मेरी जनता के लिए पुण्य-पावन है … धाराओं और नदियों में बहता हुआ चमकीला पानी सिर्फ़ पानी नहीं है, वह हमारे पुरखों का लहू है … पानी की कलकल मेरे पिता के पिता की आवाज़ है।”
मानवशास्त्र
1840 के दशक से उत्तरी अमरीका में (फ्रांस में विकसित) — ‘आदिम’ और ‘सभ्य’ के अंतर के अध्ययन हेतु। कुछ मानवशास्त्रियों ने स्थापित किया कि अमरीकी मूल निवासी भी ‘समाप्त हो जाएँगे’।
भाग च — गोल्ड रश से साम्राज्य तक
1840 का दशक — कैलिफ़ोर्निया में सोना → गोल्ड रश
↓
रेलवे निर्माण (हज़ारों चीनी श्रमिक) — सं.रा.अ. 1870, कनाडा 1885
↓
1860 अर्थतंत्र अविकसित → 1890 दुनिया की अग्रणी औद्योगिक शक्ति
↓
1890 — जंगली भैंसों का प्रायः उन्मूलन → शिकार-जीवनचर्या समाप्त
↓
1892 — महाद्वीपीय विस्तार पूरा, 'फ्रंटियर' का अंत
↓
कुछ ही वर्षों में हवाई और फिलिपीन्स → संयुक्त राज्य अमरीका एक साम्राज्यवादी शक्ति
एंड्रू कार्नेगी (स्कॉटलैंड से आया ग़रीब आप्रवासी, पहले करोड़पतियों में): “पुराने राष्ट्र घोंघे की चाल से सरकते हैं, नया गणराज्य किसी एक्सप्रेस की गति से दौड़ रहा है।”
कार्ल मार्क्स (1818–83): अमरीकी फ्रंटियर = “आख़िरी सकारात्मक पूँजीवादी यूटोपिया” — “सीमाहीन प्रकृति और स्थान, जिसके अनुरूप अपने को ढालती है मुनाफ़े की सीमाहीन चाहत।”
डेनियल पॉल (2000): थॉमस पाइन ने “समाज का संगठन करने के लिए इंडियन्स का इस्तेमाल एक मॉडल के तौर पर किया” → “अमरीकी मूल निवासियों ने मिसाल बन कर यूरोपीय लोगों के लंबे लोकतंत्रोन्मुखी आंदोलन के बीज बोये थे।”
भाग छ — तीन असमानताओं की तालिका (पृ. 148) — अत्यंत महत्त्वपूर्ण
| समूह | व्यवहार | दिया गया तर्क |
|---|---|---|
| ब्रिटिश राज के अधीन भारतीय | मनमाना कर; बराबर नहीं माना | प्रतिनिधित्व की सरकार के लिए तैयार नहीं |
| अमरीका-ऑस्ट्रेलिया के मूल निवासी | नागरिक नहीं माना; असमान | ‘पिछड़े हुए आदिम’; स्थानबद्ध कृषि नहीं; भविष्य की चिंता व बचत नहीं; शहर नहीं |
| अमरीका में अफ़्रीकी दास | व्यक्तिगत स्वतंत्रता से वंचित | “दासप्रथा उनकी अपनी सामाजिक व्यवस्था का हिस्सा”; काले निकृष्ट |
संरचना एक ही: “तुम्हारे पास वह नहीं है जो हमारे पास है, इसलिए तुम्हें बराबरी नहीं मिलेगी।”
भाग ज — ऑस्ट्रेलिया की कहानी
| वर्ष | घटना |
|---|---|
| 1606 | डच यात्रियों ने देखा |
| 1642 | तास्मान → बाद में तस्मानिया |
| 1770 | जेम्स कुक बॉटनी खाड़ी → न्यू साउथ वेल्स |
| 1788 | दंडितों की बस्ती; सिडनी की स्थापना |
| 1850 | स्वशासन का अधिकार |
| 1851 | चीनी कुलियों का आप्रवास (1855 में कानून बना कर रोका) |
| 1851–61 | गोल्ड रश |
| 1901 | छह राज्यों का ऑस्ट्रेलियाई संघ |
| 1911 | कैनबरा राजधानी (कैमबरा = ‘सभा-स्थल’; प्रस्तावित नाम था ‘वूलव्हीटगोल्ड’) |
| 1948–75 | 20 लाख यूरोपीय आकर बसे |
- कुक की हत्या हवाई में हुई, ऑस्ट्रेलिया में नहीं — फिर भी ब्रिटिश रवैया उलट गया; एक घटना को दूसरों के खिलाफ़ हिंसा के औचित्य के रूप में इस्तेमाल किया गया
- लगभग 90 फ़ीसदी मूल बाशिंदों की मृत्यु — कीटाणु, ज़मीन का नुकसान, लड़ाइयाँ
- शुरुआती आबादकार इंग्लैंड से निर्वासित कैदी थे, जिन्हें वापस न लौटने की शर्त पर स्वतंत्रता मिली
- चीनी आप्रवासी → सस्ता श्रम → फिर प्रतिबंध; 1974 तक ‘गोरे ऑस्ट्रेलिया’ की नीति
सिडनी 1790 का वर्णन: दारूक लोगों को यूरोपीय निर्माण “बिना वजह” लगा — “न डोंगी बनानी थीं, न जंगली शहद इकट्ठा करना था और न ही जानवर पकड़ने थे”; उन्होंने सोचा कोई “विशाल कर्मकांडी जलसा” होने जा रहा है
भाग झ — बदलाव की लहर
अमरीका और कनाडा
| वर्ष | घटना |
|---|---|
| 1928 | लेवाइस मेरिअम का सर्वेक्षण — ‘दि प्रॉब्लम ऑफ़ इंडियन एडमिनिस्ट्रेशन’ |
| 1934 | इंडियन रीऑर्गनाईज़ेशन एक्ट — ज़मीन ख़रीदने और ऋण लेने का अधिकार |
| 1950–60 | विशेष प्रावधान हटाने पर विचार (‘मुख्यधारा’) — मूल निवासी नहीं चाहते थे |
| 1954 | ‘डिक्लेरेशन ऑफ़ इंडियन राइट्स’ — नागरिकता स्वीकार, पर रिज़र्वेशन और परंपराएँ सुरक्षित रहें |
| 1969 | कनाडा — सरकार ने कहा “आदिवासी अधिकारों को मान्यता नहीं” → धरना-प्रदर्शन |
| 1982 | कनाडा — संवैधानिक धारा द्वारा आदिवासी व समझौता-आधारित अधिकारों को स्वीकृति |
ऑस्ट्रेलिया
| वर्ष | घटना |
|---|---|
| 1968 | डब्ल्यू.ई.एच. स्टैनर — ‘दि ग्रेट ऑस्ट्रेलियन साइलेंस’ |
| 1970 का दशक | हेनरी रेनॉल्ड्स — ‘व्हाइ वरंट वी टोल्ड?’ (हमें बताया क्यों नहीं गया?) |
| 1974 | ‘गोरे ऑस्ट्रेलिया’ नीति का ख़ात्मा; बहुसंस्कृतिवाद राजकीय नीति |
| 1992 | माबो केस — हाई कोर्ट ने टेरा न्यूलिअस को कानूनी रूप से अवैध घोषित किया; 1770 से पहले के दावों को मान्यता |
| 1995 | बच्चों के अलगाव पर राष्ट्रीय जाँच |
| 1999 | ‘राष्ट्रीय क्षमायाचना दिवस’ (A National Sorry Day) — 26 मई; 1820 से 1970 के दशक के ‘गुम हुए’ बच्चों के लिए |
ज्यूडिथ राइट (1915–2000): “उन्होंने मुझे नहीं बताया था कि जिस ज़मीन को मैं इतना प्यार करती हूँ, वह तुम्हारे ही हाथों से छीनी गई थी।”
अंतिम स्मरण-सूत्र (Mnemonics)
तीन कसौटियाँ ‘सभ्य’ की: सा-सं-श → साक्षरता, संगठित धर्म, शहरीपन
चार महत्त्वपूर्ण ‘9’ वर्ष: 1890 भैंसे · 1892 फ्रंटियर · 1992 माबो · 1999 क्षमायाचना
दो अदालती फ़ैसले: 1832 मार्शल (माना नहीं गया) ↔ 1992 माबो (माना गया) — 160 साल का अंतर
चार ‘सी’ ऑस्ट्रेलिया के: Cook 1770 · Convicts 1788 · Commonwealth 1901 · Canberra 1911
स्पॉडेक के चार जोड़े: फैलाव→सिकुड़न · लोकतंत्र→तानाशाही · संपन्नता→विपन्नता · मुक्ति→क़ैद