RBSE/CBSE कक्षा XI प्रारूप · अंक-योजना सहित
खंड क — वस्तुनिष्ठ प्रश्न (1 अंक)
क.1 बहुविकल्पीय
1‘आधुनिकीकरण’ की ज़मीन तैयार करने वाले दो परिवर्तन थे
उत्तर देखिए
सही उत्तर: (ब) औद्योगिक क्रांति और राजनीतिक क्रांतियाँ
2उत्तरी अमरीका के सबसे पहले बाशिंदे किस मार्ग से आए?
उत्तर देखिए
सही उत्तर: (ब) बेरिंग स्ट्रेट के भूमि-सेतु से
3‘कनाडा’ शब्द किस भाषा के किस शब्द से बना है?
उत्तर देखिए
सही उत्तर: (स) ह्यूरॉन-इरोक्वइस कनाटा = ‘गाँव’
41832 में चिरोकी कबीले के पक्ष में फ़ैसला किसने सुनाया?
उत्तर देखिए
सही उत्तर: (स) मुख्य न्यायाधीश जॉन मार्शल
5‘ट्रेल ऑफ़ टियर्स’ में कितने लोगों को हटने पर मजबूर किया गया और उनमें से कितने मारे गए?
उत्तर देखिए
सही उत्तर: (ब) 15,000 में से एक चौथाई
6टेरा न्यूलिअस का अर्थ है
उत्तर देखिए
सही उत्तर: (स) जो किसी की नहीं है
7‘दि ग्रेट ऑस्ट्रेलियन साइलेंस’ व्याख्यान किसने और कब दिया?
उत्तर देखिए
सही उत्तर: (ब) डब्ल्यू.ई.एच. स्टैनर, 1968
8माबो केस का फ़ैसला किस वर्ष आया?
उत्तर देखिए
सही उत्तर: (स) 1992
9ऑस्ट्रेलिया की राजधानी के लिए जो नाम प्रस्तावित किया गया था, वह था
उत्तर देखिए
सही उत्तर: (ब) वूलव्हीटगोल्ड
10संयुक्त राज्य अमरीका ने अलास्का किससे प्राप्त किया?
उत्तर देखिए
सही उत्तर: (स) रूस से, 1867 में
11‘व्हाइ वरंट वी टोल्ड?’ पुस्तक के लेखक हैं
उत्तर देखिए
सही उत्तर: (स) हेनरी रेनॉल्ड्स
12ऑस्ट्रेलिया में ‘बहुसंस्कृतिवाद’ राजकीय नीति कब से रही है?
उत्तर देखिए
सही उत्तर: (ब) 1974
क.2 रिक्त स्थान भरिए
13यूरोपीय लोगों द्वारा बसाई गई बस्तियों को ______ कहा जाता था।
उत्तर देखिए
(कॉलोनी/उपनिवेश)
14रंगीन सीपियों को सिलकर बनायी जाने वाली पट्टी को ______ कहते थे।
उत्तर देखिए
(वेमपुम बेल्ट)
15ऑस्ट्रेलिया में बीती सदियाँ ______ कही जाती थीं।
उत्तर देखिए
(स्वप्नकाल)
161876 के कनाडाई एक्ट में ‘नेशन्स’ की जगह ______ पद का इस्तेमाल किया गया था।
उत्तर देखिए
(बैंड्स)
171928 में प्रकाशित सर्वेक्षण का नाम था ______।
उत्तर देखिए
(दि प्रॉब्लम ऑफ़ इंडियन एडमिनिस्ट्रेशन)
18लातिनी में ‘दक्षिण’ को ______ कहते हैं, जिससे ‘ऑस्ट्रेलिया’ नाम बना।
उत्तर देखिए
(ऑस्ट्रल)
क.3 सत्य/असत्य
19वड्सवर्थ किसी अमरीकी मूल निवासी से मिले थे।
उत्तर देखिए
(असत्य — वे किसी से नहीं मिले थे)
20कैप्टन कुक की हत्या ऑस्ट्रेलिया में हुई थी।
उत्तर देखिए
(असत्य — हवाई में हुई थी)
21मूल निवासी अपनी भाषाएँ बोलते थे, पर लिखते नहीं थे।
उत्तर देखिए
(सत्य)
22कनाडा में अंग्रेज़ी के अलावा फ्रांसीसी भी एक राजभाषा है।
उत्तर देखिए
(सत्य)
23रिज़र्वेशन्स प्रायः वही ज़मीनें थीं जिन पर मूल निवासी पहले से रहते थे।
उत्तर देखिए
(असत्य — प्रायः ऐसी ज़मीन जिससे उनका पहले कोई रिश्ता नहीं था)
खंड ख — अति लघु उत्तरीय प्रश्न (2 अंक)
1‘प्रजा से नागरिक’ का क्या अर्थ है?
प्रजा वह है जिस पर शासन किया जाता है और जिसका शासन में कोई हिस्सा नहीं होता। नागरिक वह है जिसे राजनीतिक अधिकार प्राप्त होते हैं और जो शासन में भागीदार होता है। राजनीतिक क्रांतियों (अमरीकी 1776–81 और फ्रांसीसी 1789–94) ने यही परिवर्तन किया, और इसी को आधुनिकीकरण की जड़ माना जाता है।
2‘सेटलर’ (आबादकार) शब्द किन-किन के लिए प्रयुक्त होता था?
दक्षिण अफ़्रीका में डच के लिए; आयरलैंड, न्यूज़ीलैंड और ऑस्ट्रेलिया में ब्रिटिश के लिए; तथा अमरीका में यूरोपीय लोगों के लिए।
3‘नेटिव’ (मूल बाशिंदा) का शाब्दिक अर्थ क्या है और यह पद किसके लिए प्रयुक्त होता था?
‘नेटिव’ का अर्थ है ऐसा व्यक्ति जो अपने मौजूदा निवास-स्थान में ही पैदा हुआ हो। बीसवीं सदी के आरंभिक वर्षों तक यूरोपीय लोग यह पद अपने उपनिवेशों के बाशिंदों के लिए इस्तेमाल करते थे।
4‘Aboriginal’ शब्द के प्रयोग में कौन-सी सामान्य ग़लती की जाती है?
‘Aboriginal’ एक विशेषण है, किंतु इसे प्रायः संज्ञा की तरह इस्तेमाल कर लिया जाता है, जो व्याकरण की दृष्टि से ग़लत है।
5वेमपुम बेल्ट क्या था?
रंगीन सीपियों को आपस में सिलकर बनायी जाने वाली एक पट्टी, जिसका आदान-प्रदान किसी समझौते के बाद स्थानीय कबीलों के बीच होता था। यह लिखित संधि-पत्र का स्थानीय विकल्प थी।
6मूल निवासियों की समय-संबंधी अवधारणा क्या थी?
उनका विश्वास था कि समय की गति चक्रीय है — अर्थात घटनाएँ रैखिक रूप से आगे नहीं बढ़तीं, बल्कि लौटती रहती हैं। ऑस्ट्रेलिया में इसी से मिलती-जुलती अवधारणा ‘स्वप्नकाल’ थी, जिसमें अतीत और वर्तमान का अंतर धुँधला हो जाता था।
7‘उदात्त उत्तम जंगली’ (The noble savage) से क्या तात्पर्य है?
यह अठारहवीं सदी का एक प्रचलित पद था, जो रूसो जैसे विचारकों से जुड़ा है। इसका आशय था कि ‘असभ्य’ कहे जाने वाले लोग तारीफ़ के काबिल हैं क्योंकि वे ‘सभ्यता’ की विकृतियों से अछूते हैं।
8यूरोपीय लोगों के लिए शराब का व्यापार क्यों लाभदायक सिद्ध हुआ?
मूल बाशिंदों का पहले शराब से परिचय नहीं था और वे जल्दी ही इसकी आदत के शिकार हो गए। इससे यूरोपीय व्यापारी उन पर व्यापार की अपनी शर्तें थोपने में सक्षम हो गए।
9‘फ्रंटियर’ से अमरीकियों का क्या अभिप्राय था?
‘फ्रंटियर’ संयुक्त राज्य अमरीका की खिसकती हुई पश्चिमी सरहद थी — यह किसी दूसरे देश से लगी स्थिर सीमा नहीं, बल्कि आबादकारों की बस्तियों और उससे आगे के इलाके के बीच की चलती हुई रेखा थी। जैसे-जैसे यह पश्चिम की ओर खिसकती, मूल निवासी पीछे धकेले जाते। 1892 में इसे ‘समाप्त’ घोषित कर दिया गया।
10रिज़र्वेशन्स क्या थे?
वे छोटे इलाके जिनमें मूल निवासियों को क़ैद कर दिया गया था। ये प्रायः ऐसी ज़मीनें होती थीं जिनके साथ उनका पहले से कोई रिश्ता नहीं होता था, और खनिज मिलने पर उनसे भी बेदख़ल कर दिया जाता था।
11मेटिस कौन थे?
कनाडा में यूरोपीय और मूल निवासियों के मिश्रित वंशज, जिन्होंने 1869 से 1885 के बीच रेड रिवर विद्रोह सहित कई सशस्त्र विद्रोह किए।
12टेरा न्यूलिअस क्या था और उसका क्या हुआ?
यह लातिनी पद है जिसका अर्थ है ‘जो किसी की नहीं है’। ऑस्ट्रेलियाई सरकार हमेशा से ऑस्ट्रेलिया की ज़मीन को इसी नाम से पुकारती थी। 1992 में ऑस्ट्रेलियाई हाई कोर्ट ने माबो केस में इसे कानूनी रूप से अवैध घोषित कर दिया और 1770 से पहले के मूल निवासियों के भूमि-दावों को मान्यता दी।
13‘राष्ट्रीय क्षमायाचना दिवस’ क्या है?
1999 में शुरू किया गया दिवस (26 मई), जो 1820 से 1970 के दशक के बीच अपने परिवारों से छीने गए ‘गुम हुए’ आदिवासी बच्चों से माफ़ीनामे के तौर पर मनाया जाता है।
14कैनबरा नाम का क्या अर्थ है?
यह स्थानीय शब्द कैमबरा (Kamberra) से बना है, जिसका अर्थ है ‘सभा-स्थल’।
खंड ग — लघु उत्तरीय प्रश्न (4 अंक)
1उपनिवेशवाद की तीन किस्मों का वर्णन कीजिए और प्रत्येक का एक उदाहरण दीजिए। (4)
उत्तर देखिए
उत्तर-रूपरेखा:
- पहली किस्म — आबादकार उपनिवेश: जहाँ यूरोपीय गोरे लोग जाकर बस गए। उदाहरण — अमरीका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड। (1)
- दूसरी किस्म — प्रत्यक्ष औपनिवेशिक नियंत्रण: जहाँ यूरोपीय शासन करते थे पर बड़ी संख्या में बसे नहीं। उदाहरण — भारत में ब्रिटिश शासन। (1)
- तीसरी किस्म — अर्ध-उपनिवेश: जहाँ बिना सत्ता हाथ में लिए दखलअंदाज़ी की गई। उदाहरण — चीन, जहाँ ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, रूस, अमरीका और जापान ने संसाधनों से फ़ायदा उठाया और प्रभुसत्ता को गंभीर ठेस पहुँची। (1½)
- निष्कर्ष: मुनाफ़े की चाह सबमें समान थी, पर नियंत्रण की ‘प्रकृति’ में महत्त्वपूर्ण विविधताएँ थीं। (½)
2नागरिक राष्ट्रवाद और जातीय राष्ट्रवाद में अंतर स्पष्ट कीजिए। (4)
उत्तर देखिए
उत्तर-रूपरेखा:
- दोनों का साझा आधार — लोक प्रभुसत्ता, इसीलिए राष्ट्रवाद एक आधुनिक अवधारणा है। (1)
- नागरिक राष्ट्रवाद: भाषा, धर्म, जाति और लिंग पर ध्यान दिए बिना प्रभुसत्ता सभी लोगों को देता है; बराबर अधिकार वाले नागरिकों का समुदाय बनाने की कोशिश करता है; राष्ट्रीयता को नागरिकता से परिभाषित करता है। (1½)
- जातीय राष्ट्रवाद: राष्ट्रीय एकता किसी भाषा, धर्म या कुछ परंपराओं के इर्द-गिर्द बनाता है; लोगों को जातीयता के आधार पर परिभाषित करता है; बहु-जातीय देश में प्रभुसत्ता चुने हुए समूहों तक सीमित हो सकती है। (1½)
- उदाहरण: अधिकतर पश्चिमी देश आज समान अधिकारों से राष्ट्रीयता परिभाषित करते हैं; प्रमुख अपवाद जर्मनी, जहाँ जातीय राष्ट्रवाद का लंबा इतिहास 1806 में फ्रांस के कब्ज़े की प्रतिक्रिया से शुरू हुआ।
3उत्तरी अमरीका के मूल निवासियों ने बड़े साम्राज्य और राजशाही विकसित क्यों नहीं की? (4)
उत्तर देखिए
उत्तर-रूपरेखा:
- उन्होंने बड़े पैमाने पर खेती करने की कोई कोशिश नहीं की और अपनी आवश्यकताओं से अधिक उत्पादन नहीं करते थे। (1½)
- अधिशेष के अभाव में केंद्रीय व दक्षिणी अमरीका की तरह राजशाही और साम्राज्य का विकास नहीं हुआ। (1)
- ज़मीन पर नियंत्रण कोई मुद्दा नहीं था — वे ‘मिल्कियत’ की ज़रूरत महसूस किए बग़ैर उससे मिलनेवाले भोजन और आश्रय से संतुष्ट थे। (1)
- विलियम मैकलिश का कथन उद्धृत करें — अधिशेष “हमारे यहाँ ताकतवर, श्रेणीबद्ध समाजों की रचना में मददगार बने, लेकिन वहाँ नहीं।” (½)
4रूसो, वड्सवर्थ और वाशिंगटन इरविंग के मूल निवासियों संबंधी विचारों की तुलना कीजिए। (4)
उत्तर देखिए
उत्तर-रूपरेखा:
- रूसो जैसे विचारकों के लिए वे तारीफ़ के काबिल थे क्योंकि ‘सभ्यता’ की विकृतियों से अछूते थे — पद था ‘उदात्त उत्तम जंगली’। (1)
- वड्सवर्थ ने कहा कि वे “जंगलों में” रहते हैं, जहाँ कल्पनाशक्ति को भावसंपन्न करने या परिष्कृत करने का अवसर बहुत कम है — यानी प्रकृति के निकट रहनेवालों की कल्पनाशक्ति सीमित होती है। वड्सवर्थ किसी मूल निवासी से मिले नहीं थे। (1½)
- वाशिंगटन इरविंग, जो सचमुच उनसे मिले थे, ने बिलकुल भिन्न वर्णन किया — वे “कविताओं में वर्णित अपने रूप से काफ़ी भिन्न” हैं; गोरों के बीच कम बोलते हैं पर वैसी ही परिस्थिति में गोरा भी अल्पभाषी हो जाता है; वे नक़ल उतारने के उस्ताद हैं और अपनी गरिमा के प्रति आदरभाव से ओत-प्रोत हैं। (1½)
- निष्कर्ष (उन्नत विद्यार्थियों के लिए): प्रशंसा (रूसो) और निंदा (वड्सवर्थ) दोनों प्रत्यक्ष अनुभव के बिना बनीं; ‘उदात्त जंगली’ भी उतनी ही रूढ़ि है जितनी ‘असभ्य जंगली’।
5मूल निवासियों और यूरोपीयों की व्यापार-संबंधी समझ में क्या अंतर था? (4)
उत्तर देखिए
उत्तर-रूपरेखा:
- मूल बाशिंदों के लिए आदान-प्रदान की चीज़ें दोस्ती में दिए गए ‘उपहार’ थीं; उनकी परंपरा में औपचारिक संबंध बनाना और उपहारों का आदान-प्रदान महत्त्वपूर्ण था। (1½)
- यूरोपीयों के लिए मछली और रोएँदार खाल ‘माल’ थे, जिन्हें मुनाफ़े के लिए यूरोप में बेचना था; दाम पूर्ति के आधार पर साल-दर-साल बदलते थे। (1)
- मूल निवासियों को सुदूर यूरोप के ‘बाज़ार’ का बोध नहीं था, इसलिए दामों का घटना-बढ़ना उनके लिए पहेली था। (1)
- वे यूरोपीयों के लालच से दुखी भी थे — सैकड़ों ऊदबिलावों के हलाल से विचलित थे और उन्हें डर था कि जानवर इस विध्वंस का बदला लेंगे। (½)
61832 के मार्शल फ़ैसले और उसके परिणामों का वर्णन कीजिए। (4)
उत्तर देखिए
उत्तर-रूपरेखा:
- जॉर्जिया के अधिकारियों की दलील थी कि चिरोकी राज्य के कानून से शासित होते हैं पर नागरिक अधिकारों का उपयोग नहीं कर सकते। (1)
- 1832 में मुख्य न्यायाधीश जॉन मार्शल ने फ़ैसला दिया कि चिरोकी “एक विशिष्ट समुदाय है और उसके स्वत्वाधिकार वाले इलाके में जॉर्जिया का कानून लागू नहीं होता” तथा वे कुछ मामलों में सम्प्रभुतासंपन्न हैं। (1½)
- राष्ट्रपति एंड्रू जैक्सन, जिनकी छवि आर्थिक-राजनीतिक पक्षपात के विरोधी की थी, इस मामले में उलट गए; उन्होंने फ़ैसला मानने से इनकार किया और चिरोकियों को खदेड़ने फ़ौज भेज दी। (1)
- परिणाम — ‘ट्रेल ऑफ़ टियर्स’ (1838); 15,000 विस्थापितों में से एक चौथाई रास्ते में ही मर-खप गए। (½)
7क्रियाकलाप 2 की जनसांख्यिकी तालिका पर टिप्पणी कीजिए। (4)
उत्तर देखिए
उत्तर-रूपरेखा:
- आँकड़े दें: सं.रा.अ. 1820 — मूल निवासी 6 लाख, गोरे 90 लाख, मिले-जुले 1 लाख, काले 19 लाख, कुल 1 करोड़ 16 लाख। स्पेनी अमरीका 1800 — मूल निवासी 75 लाख, गोरे 33 लाख, मिले-जुले 53 लाख, काले 8 लाख, कुल 1 करोड़ 69 लाख। (1½)
- कुल आबादी लगभग तुलनीय है, पर संरचना उलटी है — सं.रा.अ. में मूल निवासी लगभग 5%, स्पेनी अमरीका में लगभग 44%। (1)
- मिले-जुले लोगों का अंतर सबसे बड़ा — सं.रा.अ. में मात्र 1 लाख, स्पेनी अमरीका में 53 लाख। इससे पता चलता है कि स्पेनी उपनिवेशवाद में शासन के साथ मिश्रण भी हुआ, जबकि आबादकार उपनिवेशवाद में मूल निवासियों को हटाया गया। (1)
- सावधानी: दोनों आँकड़े अलग-अलग वर्षों (1820 और 1800) और भिन्न क्षेत्रफल के हैं, इसलिए यह पूर्ण तुलना नहीं है। (½)
8‘गोल्ड रश’ और उसके परिणामों का वर्णन कीजिए। (4)
उत्तर देखिए
उत्तर-रूपरेखा:
- 1840 के दशक में कैलीफ़ोर्निया में सोने के चिह्न मिले; हज़ारों आतुर यूरोपीय चुटकियों में तक़दीर सँवारने की उम्मीद में पहुँचे। (1)
- रेलवे-लाइनों का निर्माण, जिसके लिए हज़ारों चीनी श्रमिक नियुक्त हुए; सं.रा.अ. की रेलवे 1870 में और कनाडा की 1885 में पूरी हुई। (1)
- औद्योगिक नगरों का विकास; 1860 में अर्थतंत्र अविकसित था, 1890 तक सं.रा.अ. दुनिया की अग्रणी औद्योगिक शक्ति बन चुका था। (1)
- मूल निवासियों पर असर — बड़े पैमाने की खेती के लिए प्रेयरीज़ साफ़ हुईं और 1890 तक जंगली भैंसों का लगभग पूरा उन्मूलन हो गया, जिससे सदियों पुरानी शिकार-जीवनचर्या समाप्त हुई। (1)
9ऑस्ट्रेलिया के मूल निवासियों को इतिहास की किताबों में शामिल क्यों नहीं किया गया था? (4) (NCERT अभ्यास प्रश्न 4)
उत्तर देखिए
उत्तर-रूपरेखा:
- 20वीं सदी के मध्य तक इतिहास-लेखन का ढर्रा यह था कि इतिहास की शुरुआत कैप्टन कुक की ‘खोज’ से मानी जाती थी — जिसका अर्थ था कि उससे पहले वहाँ कुछ था ही नहीं। (1½)
- मूल बाशिंदों का ज़िक्र शायद ही होता था, सिवाय यह बताने के कि यूरोपीयों के प्रति उनका रवैया शत्रुतापूर्ण था। (1)
- सरकार ज़मीन को टेरा न्यूलिअस (‘जो किसी की नहीं है’) कहती थी — यह कानूनी कल्पना इतिहास-लेखन में भी झलकती थी। (½)
- 1968 में स्टैनर ने इसे ‘दि ग्रेट ऑस्ट्रेलियन साइलेंस’ कहा; हेनरी रेनॉल्ड्स ने ‘व्हाइ वरंट वी टोल्ड?’ में इस ढर्रे की भर्त्सना की। इसके बाद ही स्थिति बदली। (1)
10सिडनी के इलाके के 1790 के वर्णन से मूल निवासियों की दृष्टि के बारे में क्या पता चलता है? (4)
उत्तर देखिए
उत्तर-रूपरेखा:
- ब्रिटिशों की उपस्थिति ने आदिवासियों के उत्पादन को नाटकीय ढंग से अस्त-व्यस्त कर दिया; हज़ारों भूखे मुखों के आने से स्थानीय खाद्य संसाधनों पर अभूतपूर्व दबाव पड़ा। (1)
- दारूक लोगों के लिए पवित्र स्थानों का इतने बड़े पैमाने पर विनाश और ज़मीन के प्रति हिंसक बरताव समझ से परे था। (1)
- नवागंतुक “बिना वजह” पेड़ काटते थे — क्योंकि उन्हें न डोंगी बनानी थी, न शहद इकट्ठा करना था, न जानवर पकड़ने थे। पत्थर हटाकर चट्टे लगाए गए, मिट्टी खोदकर पकाई गई, भारी-भरकम इमारतें बनीं। (1)
- संभवतः उन्होंने सोचा कि कोई “विशाल कर्मकांडी जलसा” होने जा रहा है और यह खतरनाक धंधा है, इसलिए वे बस्तियों से बच कर रहने लगे — और उन्हें वापस लाने का एकमात्र तरीका ‘राजकीय अपहरण’ रह गया। (1)
11‘बदलाव की लहर’ के अंतर्गत संयुक्त राज्य अमरीका और कनाडा में हुए परिवर्तनों का उल्लेख कीजिए। (4)
उत्तर देखिए
उत्तर-रूपरेखा:
- 1928 — लेवाइस मेरिअम के निर्देशन में सर्वेक्षण ‘दि प्रॉब्लम ऑफ़ इंडियन एडमिनिस्ट्रेशन’, जिसने रिज़र्वेशन्स में स्वास्थ्य व शिक्षा की दरिद्रता का दारुण चित्र प्रस्तुत किया। (1)
- 1934 — इंडियन रीऑर्गनाईज़ेशन एक्ट; रिज़र्वेशन्स में ज़मीन ख़रीदने और ऋण लेने का अधिकार। (1)
- 1950–60 के दशक — विशेष प्रावधान हटाकर ‘मुख्यधारा में शामिल’ करने की कोशिश, जिसे मूल निवासियों ने अस्वीकार किया; 1954 में ‘डिक्लेरेशन ऑफ़ इंडियन राइट्स’ के तहत उन्होंने इस शर्त पर नागरिकता स्वीकार की कि रिज़र्वेशन्स वापस नहीं लिए जाएँगे और परंपराओं में दखलंदाज़ी नहीं होगी। (1)
- कनाडा: 1969 में सरकार ने कहा कि वह आदिवासी अधिकारों को मान्यता नहीं देगी; विरोध के बाद 1982 की संवैधानिक धारा ने मौजूदा आदिवासी और समझौता-आधारित अधिकारों को स्वीकृति दी। (1)
12डेनियल पॉल का तर्क क्या था और वह महत्त्वपूर्ण क्यों है? (4)
उत्तर देखिए
उत्तर-रूपरेखा:
- संयुक्त राज्य अमरीका के संविधान में संपत्ति और वोट का अधिकार सिर्फ़ गोरे लोगों के लिए था। (1)
- डेनियल पॉल, एक कनाडाई मूल निवासी, ने 2000 में ध्यान खींचा कि थॉमस पाइन ने “समाज का संगठन करने के लिए इंडियन्स का इस्तेमाल एक मॉडल के तौर पर किया”। (1½)
- इसके आधार पर उन्होंने दलील दी कि “अमरीकी मूल निवासियों ने मिसाल बन कर यूरोपीय लोगों के लंबे लोकतंत्रोन्मुखी आंदोलन के बीज बोये थे” (वी वर नॉट द सेवेजेज़, पृ. 333)। (1)
- महत्त्व: यह तर्क यूरोपीय दावे को उलट देता है — जिन्हें ‘असभ्य’ कहकर उजाड़ा गया, यूरोप के अपने लोकतांत्रिक विचार का एक स्रोत वही थे। (½)
खंड घ — दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (8 अंक)
1“मूल निवासियों की बेदख़ली को उचित ठहराने के लिए यूरोपीयों ने जो तर्क दिए, वे तर्क नहीं, आत्म-औचित्य थे।” इस कथन की विवेचना कीजिए। (8)
उत्तर देखिए
उत्तर-रूपरेखा:
भूमिका (1) अध्याय की केंद्रीय समस्या यह है कि जब एक समूह दूसरे की ज़मीन लेता है, तो वह उसे किस तरह उचित ठहराता है।
(क) ‘सभ्यता’ की कसौटियाँ (1½): अठारहवीं सदी के पश्चिमी यूरोप में ‘सभ्य’ मनुष्य की पहचान तीन आधारों पर होती थी — साक्षरता, संगठित धर्म और शहरीपन। ये तीनों यूरोप की अपनी विशेषताएँ थीं, सार्वभौमिक कसौटियाँ नहीं। इनके आधार पर मूल निवासी स्वतः ‘असभ्य’ सिद्ध हो गए।
(ख) संपत्ति की कसौटी (1½): जैफ़र्सन का सपना छोटे-छोटे खेतों वाले यूरोपीय लोगों से आबाद देश का था। मूल निवासी अपनी ज़रूरत के लिए फ़सलें उगाते थे, बिक्री के लिए नहीं, और ज़मीन का ‘मालिक’ बनना ग़लत मानते थे — यही चीज़ उन्हें जैफ़र्सन की निगाह में ‘असभ्य’ बनाती थी। यानी सभ्यता की कसौटी अब निजी संपत्ति बन गई।
(ग) ‘उपयोग’ का तर्क (1½): बेदख़ल करने वाले कहते थे कि मूल निवासी ज़मीन का अधिकतम इस्तेमाल करना नहीं जानते, इसलिए वह उनके कब्ज़े में रहनी ही नहीं चाहिए; कि वे आलसी हैं, बाज़ार के लिए उत्पादन नहीं करते, ‘ढंग के’ कपड़े नहीं पहनते और कुल मिलाकर ‘मर-खपने’ लायक ही हैं।
(घ) विज्ञान का सहारा (1½): 1840 के दशक से उत्तरी अमरीका में मानवशास्त्र की शुरुआत हुई, और कुछ मानवशास्त्रियों ने स्थापित किया कि जिस तरह यूरोप में ‘आदिम’ लोग नहीं पाए जाते, उसी तरह अमरीकी मूल निवासी भी ‘समाप्त हो जाएँगे’। एक फ्रांसीसी आगंतुक ने भी लिखा — “आदिम जानवरों के साथ-साथ आदिम मनुष्य लुप्त हो जाएगा।” इस तरह बेदख़ली को वैज्ञानिक अनिवार्यता का रूप दे दिया गया।
(ङ) घटना का ‘इस्तेमाल’ (½): कुक की हत्या हवाई में हुई, ऑस्ट्रेलिया में नहीं — फिर भी उसका उपयोग ऑस्ट्रेलिया के मूल निवासियों के खिलाफ़ हिंसा का औचित्य साबित करने के लिए किया गया।
निष्कर्ष (½) ये सब कसौटियाँ मूल निवासियों को मापने के लिए नहीं, बल्कि पहले से तय निर्णय को सही ठहराने के लिए गढ़ी गई थीं — इसीलिए ये तर्क नहीं, आत्म-औचित्य हैं।
2“अमरीकी क्रांति का जो प्रभाव (गोरे) आबादकारों के लिए था, उससे ठीक विपरीत मूल निवासियों के लिए था — फैलाव सिकुड़न बन गया, लोकतंत्र तानाशाही बन गया, संपन्नता विपन्नता बन गई, और मुक्ति क़ैद बन गई।” हावर्ड स्पॉडेक के इस कथन को अध्याय से उदाहरण देकर समझाइए। (8)
उत्तर देखिए
उत्तर-रूपरेखा:
भूमिका (1) स्पॉडेक चार जोड़ों में एक ही घटना के दो विपरीत परिणाम बताते हैं। हर जोड़े के लिए अध्याय में ठोस प्रमाण मिलता है।
(क) फैलाव → सिकुड़न (1½): आबादकारों के लिए 18वीं सदी के अंत में बना छोटा-सा देश अगले सौ सालों में महाद्वीप भर में फैल गया — 1803 लुइज़ीआना, 1848 मेक्सिको से जीता हुआ क्षेत्र, 1867 अलास्का। पर मूल निवासियों के लिए यही ‘फ्रंटियर’ का खिसकना उनके इलाके का सिकुड़ना था — वे रिज़र्वेशन्स नामक छोटे इलाकों में क़ैद कर दिए गए, जिनसे उनका पहले से कोई रिश्ता नहीं था।
(ख) लोकतंत्र → तानाशाही (2): आबादकारों ने 1770 के दशक में ‘लोकतांत्रिक भावना’ के नारे तले आज़ादी पाई और संविधान में संपत्ति का अधिकार शामिल किया। पर वोट और संपत्ति दोनों अधिकार सिर्फ़ गोरे लोगों के लिए थे। इससे भी आगे — 1832 में मुख्य न्यायाधीश मार्शल ने चिरोकियों के पक्ष में फ़ैसला दिया, और राष्ट्रपति जैक्सन ने उसे मानने से इनकार करके फ़ौज भेज दी। जिस देश के संविधान पर लोकतंत्र का गर्व था, वहाँ न्यायपालिका का आदेश तभी बेअसर हो गया जब वह मूल निवासियों के हक़ में था।
(ग) संपन्नता → विपन्नता (1½): गोल्ड रश, रेलवे और बड़े पैमाने की खेती ने 1890 तक सं.रा.अ. को दुनिया की अग्रणी औद्योगिक शक्ति बना दिया; एंड्रू कार्नेगी जैसे ग़रीब आप्रवासी करोड़पति बन गए। उसी दौर में 1928 की मेरिअम रिपोर्ट ने रिज़र्वेशन्स में मूल निवासियों की स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाओं की दरिद्रता का दारुण चित्र प्रस्तुत किया।
(घ) मुक्ति → क़ैद (1½): आबादकारों को ब्रिटिश राजशाही से मुक्ति मिली; मूल निवासियों को 1825–58 के बीच आरक्षित क्षेत्रों में पहुँचा दिया गया, 1865–90 के बीच उनके विद्रोहों का दमन हुआ, और खनिज मिलने पर ‘स्थायी तौर पर अपनी’ ज़मीन से भी बेदख़ली हुई।
निष्कर्ष (½) स्पॉडेक का कथन याद दिलाता है कि किसी घटना का ऐतिहासिक मूल्यांकन इस पर निर्भर करता है कि हम उसे किसकी दृष्टि से देख रहे हैं।
3उत्तरी अमरीका और ऑस्ट्रेलिया के मूल निवासियों के अनुभवों की तुलना कीजिए। (8)
उत्तर देखिए
उत्तर-रूपरेखा:
भूमिका (½) NCERT स्वयं कहती है कि ऑस्ट्रेलिया का किस्सा अमरीका से कई बिंदुओं पर मिलता-जुलता है, हालाँकि इसकी शुरुआत 300 साल बाद हुई।
(क) समानताएँ (3½):
- दोनों जगह हज़ारों साल पुराना निवास — उत्तरी अमरीका में 30,000 वर्ष, ऑस्ट्रेलिया में 40,000 वर्ष पहले से।
- दोनों जगह शुरुआती मुलाक़ात दोस्ताना थी — उत्तरी तट के व्यापारियों को और कुक के जत्थे को दोनों को यही अनुभव हुआ।
- दोनों जगह कीटाणु, ज़मीन का नुकसान और लड़ाइयाँ — ऑस्ट्रेलिया में लगभग 90 फ़ीसदी मूल बाशिंदों की मृत्यु।
- दोनों जगह समय की भिन्न अवधारणा — अमरीका में चक्रीय समय, ऑस्ट्रेलिया में ‘स्वप्नकाल’।
- दोनों जगह गोल्ड रश और चीनी श्रमिक, और फिर चीनी आप्रवास पर प्रतिबंध।
- दोनों जगह इतिहास-लेखन में चुप्पी, और 1960–70 के दशक से उसका टूटना।
(ख) अंतर (3½):
- समय का अंतर — ऑस्ट्रेलिया में यह प्रक्रिया 300 साल बाद शुरू हुई।
- आबादकारों की प्रकृति — ऑस्ट्रेलिया के ज़्यादातर शुरुआती आबादकार इंग्लैंड से निर्वासित दंडित थे, जिन्हें वापस न लौटने की शर्त पर स्वतंत्रता मिली।
- समझौतों का अभाव — सं.रा.अ., कनाडा और न्यूज़ीलैंड के विपरीत ऑस्ट्रेलिया में मूल निवासियों के साथ कोई समझौता-पत्र तैयार नहीं किया गया; सरकार ज़मीन को टेरा न्यूलिअस कहती रही।
- आर्थिक विकास — ऑस्ट्रेलिया का विकास अमरीका जितना भिन्नतापूर्ण नहीं था; वहाँ भेड़-फ़ार्म, खानें, फिर अंगूर के बाग़ और गेहूँ।
- ‘गुम हुए बच्चे’ — ऑस्ट्रेलिया में मिश्रित रक्तवाले बच्चों को परिवारों से छीनने का लंबा और यंत्रणापूर्ण इतिहास, जिसके लिए 1999 में ‘राष्ट्रीय क्षमायाचना दिवस’ शुरू हुआ।
निष्कर्ष (½) दोनों जगह मूल निवासियों की संख्या बहुत घटी, पर 20वीं सदी के उत्तरार्ध में दोनों जगह उनकी आवाज़ पहले से कहीं मज़बूत हुई — 1982 की कनाडाई संवैधानिक धारा और 1992 का माबो फ़ैसला इसके प्रमाण हैं।
4“1832 से 1992 तक का सफ़र दिखाता है कि इतिहास बदला नहीं जा सकता, पर इतिहास-लेखन बदला जा सकता है।” स्पष्ट कीजिए। (8)
उत्तर देखिए
उत्तर-रूपरेखा:
भूमिका (1) अध्याय का अंत विस्थापन पर नहीं, वापसी पर होता है। यह वापसी दो रूपों में आई — कानूनी मान्यता और इतिहास-लेखन का बदलाव।
(क) 1832 — फ़ैसला जो माना नहीं गया (1½): मार्शल ने चिरोकियों को ‘विशिष्ट समुदाय’ और कुछ मामलों में सम्प्रभुतासंपन्न माना; जैक्सन ने इनकार कर दिया; ट्रेल ऑफ़ टियर्स हुआ।
(ख) चुप्पी का दौर (1½): 20वीं सदी के मध्य तक पाठ्यपुस्तकें यूरोपीयों द्वारा इन देशों की ‘खोज’ बताती थीं; मूल बाशिंदों का ज़िक्र केवल शत्रुतापूर्ण रवैये के संदर्भ में होता था। ऑस्ट्रेलिया में इतिहास कुक की ‘खोज’ से शुरू माना जाता था।
(ग) चुप्पी टूटती है (2): 1968 में स्टैनर का व्याख्यान ‘दि ग्रेट ऑस्ट्रेलियन साइलेंस’; हेनरी रेनॉल्ड्स की ‘व्हाइ वरंट वी टोल्ड?’; 1960 के दशक से मौखिक इतिहास; विश्वविद्यालयी विभाग, कलादीर्घाओं में देसी कला, मूल निवासियों द्वारा अपने जीवन-इतिहास लिखना। NCERT का आकलन — “यह प्रयास समय रहते शुरू हो गया”, वरना बहुत कुछ विस्मृति में जा चुका होता।
(घ) कानूनी मान्यता (2): 1934 इंडियन रीऑर्गनाईज़ेशन एक्ट · 1954 डिक्लेरेशन ऑफ़ इंडियन राइट्स · 1982 कनाडाई संवैधानिक धारा · 1974 बहुसंस्कृतिवाद · 1992 माबो केस — जिसमें अदालत ने यह नहीं कहा कि सरकार ने ग़लत किया, बल्कि यह कहा कि जिस कानूनी आधार (टेरा न्यूलिअस) पर सब कुछ खड़ा था, वह आधार ही झूठा था · 1999 राष्ट्रीय क्षमायाचना दिवस।
निष्कर्ष (½) NCERT का अपना वाक्य — मूल निवासियों ने “18वीं सदी के मुकाबले अपनी संख्या बहुत कम हो जाने के बावजूद” अपने अधिकारों की पुरज़ोर दावेदारी की; “ऐसी दावेदारी 1880 के दशक में उनके पुरखे नहीं कर सकते थे।”
5खंड चार के परिचय के आधार पर बताइए कि ‘आधुनिकीकरण’ का कोई एक मॉडल क्यों नहीं है। (8)
उत्तर देखिए
उत्तर-रूपरेखा:
भूमिका (1) लंबे अरसे तक यह समझा जाता था कि ब्रिटेन का औद्योगीकरण दूसरे देशों के लिए आदर्श नमूना है — पर इतिहासकारों ने इन पहले के विचारों पर प्रश्न उठाए हैं।
(क) औद्योगीकरण के भिन्न क्रम (2): ब्रिटेन में कोयला व सूती कपड़े पहले चरण में, रेलवे से दूसरा चरण शुरू; रूस में औद्योगिक विकास 19वीं सदी के आख़िर में शुरू हुआ और वहाँ रेलवे व भारी उद्योग पहले ही चरण में विकसित हुए। राज्य और बैंकों की भूमिका भी हर देश में भिन्न रही।
(ख) चुकाई गई कीमत (1½): ब्रिटेन के उदाहरण ने यह भी दिखाया कि औद्योगीकरण की मानवीय और भौतिक कीमत क्या होती है — ग़रीब मज़दूरों, ख़ासकर बच्चों की दुर्दशा; पर्यावरण का क्षय; हैज़ा और तपेदिक की महामारियाँ। जापान में कैडमियम और पारे के ज़हर ने अंधाधुंध औद्योगीकरण के विरुद्ध जन आंदोलन को जन्म दिया।
(ग) आधुनिकीकरण के कई मॉडल (2½): जापान उपनिवेशी नियंत्रण से आज़ाद रहा; उसकी युद्धोत्तर सफलता को “केवल युद्ध के बाद के चमत्कार के रूप में नहीं देखना चाहिए” — 1910 तक प्राथमिक शिक्षा लगभग निःशुल्क और अनिवार्य हो चुकी थी। फिर भी उसकी अपनी दिक्कतें थीं — लोकतंत्र बनाम सैन्यवाद, जातीय बनाम नागरिक राष्ट्रवाद, ‘परंपरा’ बनाम ‘पश्चिमीकरण’। चीन ने किसान विद्रोह, सुधार और क्रांति के रास्ते 1949 में उपनिवेशवाद और राष्ट्रवादियों को उखाड़ फेंका; असमानताएँ घटाईं और शिक्षा फैलाई; पर एक-पार्टी ढाँचा और दमन 1960 के दशक के मध्य के बाद असंतोष का कारण बना।
(घ) राष्ट्रवाद की भिन्नता (½): नागरिक और जातीय राष्ट्रवाद के बीच प्रतियोगिता आज भी जारी है — जर्मनी एक प्रमुख अपवाद रहा।
निष्कर्ष (½) NCERT का निष्कर्ष — “विभिन्न देशों ने आधुनिकता को अलग-अलग तरीके से समझा है और अलग-अलग तरीकों से प्राप्त करने की कोशिश की है। हर रास्ता अपनी परिस्थिति और विचारों के संदर्भ में दिलचस्प कहानी पेश करता है।”
खंड ङ — स्रोत-आधारित प्रश्न (5 अंक)
स्रोत 1 — प्रधान सिएटल का पत्र, 1854
“आप आकाश को, भूमि की ऊष्मा को कैसे ख़रीद या बेच सकते हैं? यह ख़याल ही हम लोगों के लिए बहुत अजूबा है। अगर आप हवा की ताज़गी और पानी की चमक के स्वामी नहीं हैं, तो आप उसे ख़रीद कैसे सकते हैं? धरती का हर हिस्सा मेरी जनता के लिए पुण्य-पावन है … धाराओं और नदियों में बहता हुआ चमकीला पानी सिर्फ़ पानी नहीं है, वह हमारे पुरखों का लहू है।”
प्रश्न: (क) यह पत्र किसने, किसे और किस संदर्भ में लिखा? (1) (ख) ‘आप आकाश को कैसे ख़रीद सकते हैं’ — इस प्रश्न के पीछे भूमि की कौन-सी अवधारणा है? (2) (ग) यह अवधारणा यूरोपीय आबादकारों की अवधारणा से किस तरह भिन्न थी? (2)
संकेत: (क) 1854 में सिएटल के प्रधान ने सं.रा.अ. के राष्ट्रपति को, जब उनसे ज़मीन का बड़ा हिस्सा सरकार को सौंपने वाले समझौते पर दस्तख़त करने को कहा गया। (ख) भूमि विक्रय-योग्य वस्तु नहीं, बल्कि पवित्र और पुरखों की स्मृतियों का वाहक है। (ग) आबादकारों की ‘बुर्जुआ मानसिकता’ ज़मीन और पानी को ख़रीद-बिक्री की वस्तु मानती थी; जैफ़र्सन के लिए ज़मीन का ‘मालिक’ न बनना ही ‘असभ्यता’ थी।
स्रोत 2 — सिडनी के इलाके का एक वर्णन, 1790
“ये नवागंतुक बिना वजह पेड़ों को काटते जाते। यह बिना वजह इसलिए जान पड़ता था कि उन्हें न डोंगी बनानी थीं, न जंगली शहद इकट्ठा करना था और न ही जानवर पकड़ने थे … संभवत: उन्होंने सोचा कि एक विशाल कर्मकांडी जलसा होने जा रहा है और यह एक ख़तरनाक धंधा होगा, जिससे उन्हें पूरी तरह दूर रहना चाहिए।”
प्रश्न: (क) ‘नवागंतुक’ कौन थे और ‘उन्होंने’ किसका संदर्भ है? (1) (ख) दारूक लोगों को यूरोपीय निर्माण-कार्य ‘बिना वजह’ क्यों लगा? (2) (ग) यह स्रोत इतिहास-लेखन की दृष्टि से क्यों महत्त्वपूर्ण है? (2)
संकेत: (क) नवागंतुक = 1788 से आए ब्रिटिश आबादकार व दंडित; ‘उन्होंने’ = दारूक मूल निवासी। (ख) उनके अपने जीवन में पेड़ काटने के तीन उपयोग थे — डोंगी, शहद, शिकार; ब्रिटिश इनमें से कोई काम नहीं कर रहे थे, इसलिए काटना निरर्थक लगा। (ग) यह उलटी नज़र का दुर्लभ उदाहरण है — यहाँ इतिहासकार यह पुनर्रचना कर रहे हैं कि मूल निवासी यूरोपीयों को कैसे देख रहे होंगे; इससे पता चलता है कि तर्कसंगतता भी सांस्कृतिक होती है।
स्रोत 3 — विलियम मैकलिश,अमरीका से पहले का दिन
“लोग सौ से भी ज़्यादा ज़बानें बोलते थे … मछली, अनाज, बाग़ के पेड़-पौधे, मांस — इनके अधिशेष हमारे यहाँ ताकतवर, श्रेणीबद्ध समाजों की रचना में मददगार बने, लेकिन वहाँ नहीं।”
प्रश्न: (क) ‘हमारे यहाँ’ और ‘वहाँ’ से लेखक का क्या तात्पर्य है? (1) (ख) ‘अधिशेष’ का समाज-निर्माण से क्या संबंध बताया जाता है? (2) (ग) यह उद्धरण उस संबंध को कैसे चुनौती देता है? (2)
संकेत: (क) ‘हमारे यहाँ’ = यूरोप/पुरानी दुनिया; ‘वहाँ’ = यूरोपीय आगमन से पूर्व का उत्तरी अमरीका। (ख) परंपरागत रूप से माना जाता है कि अधिशेष से वर्ग-विभाजन, पुरोहित-वर्ग, राजा और राज्य पैदा होते हैं (जैसा अध्याय 1 में मेसोपोटामिया में)। (ग) उत्तरी अमरीका में अधिशेष होते हुए भी वैसा समाज नहीं बना, क्योंकि लोगों ने आवश्यकता से अधिक उत्पादन का रास्ता चुना ही नहीं — इससे पता चलता है कि आर्थिक कारक अकेले समाज का स्वरूप तय नहीं करते।
खंड च — मानचित्र-आधारित प्रश्न (3 अंक)
1उत्तरी अमरीका के मानचित्र पर अंकित कीजिए — (क) पथरीले पहाड़ (ब) मिसीसिपी नदी (स) अप्पालाचियन पर्वत (द) ग्रेट झीलें (ङ) कैलिफ़ोर्निया (च) क्यूबेक
2संयुक्त राज्य अमरीका के मानचित्र पर दिखाइए — (क) 1783 का मूल क्षेत्र (ब) 1803 में फ्रांस से ख़रीदा गया लुइज़ीआना (स) 1848 में मेक्सिको से प्राप्त क्षेत्र (द) 1867 में रूस से प्राप्त अलास्का
3ऑस्ट्रेलिया के मानचित्र पर अंकित कीजिए — (क) सिडनी (ब) कैनबरा (स) मेलबोर्न (द) पर्थ (ङ) डार्विन (च) तस्मानिया (छ) न्यू साउथ वेल्स