बोर्ड: RBSE (राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड) · कक्षा 10 · सामाजिक विज्ञान
इस फ़ाइल की सबसे ख़ास बात: यहाँ हर प्रश्न का पूरा उत्तर लिखकर दिया गया है। आप इन उत्तरों को पढ़कर समझिए, फिर अपनी कॉपी में लिखकर अभ्यास कीजिए। उत्तर उसी भाषा में लिखे गए हैं जिस भाषा में आपको परीक्षा में लिखना है।
उत्तर लिखने का तरीक़ा — पहले यह पढ़िए
| अंक | कितना लिखें | उत्तर का ढाँचा |
|---|---|---|
| 1 अंक | एक या दो वाक्य | सीधा उत्तर, कोई भूमिका नहीं |
| 2 अंक | 30–40 शब्द | दो बिंदु, पूरे वाक्यों में |
| 3 अंक | 50–60 शब्द | तीन बिंदु, हर बिंदु एक वाक्य में |
| 4 अंक | 80–100 शब्द | एक भूमिका-वाक्य + चार बिंदु + एक समापन-वाक्य |
तीन नियम हमेशा याद रखिए। पहला — तारीख़ और नाम ज़रूर लिखिए, इससे उत्तर मज़बूत लगता है। दूसरा — बिंदुओं को अलग-अलग पंक्तियों में लिखिए, एक ही पैराग्राफ़ में सब मत भर दीजिए। तीसरा — जितने अंक हैं, उतने बिंदु लिखिए — 3 अंक के लिए तीन बिंदु, 4 अंक के लिए चार।
भाग क — वस्तुनिष्ठ प्रश्न (1 अंक)
क.1 बहुविकल्पीय प्रश्न
11848 में चार चित्रों की शृंखला किस कलाकार ने बनाई थी?
उत्तर देखिए
सही उत्तर: (ब) फ़्रेडरिक सॉर्र्यू
2‘राष्ट्र क्या है?’ नामक प्रसिद्ध व्याख्यान किसने दिया था?
उत्तर देखिए
सही उत्तर: (स) अर्न्स्ट रेनन
3नेपोलियन की नागरिक संहिता किस वर्ष लागू हुई?
उत्तर देखिए
सही उत्तर: (स) 1804
4वियना कांग्रेस (1815) की मेज़बानी किसने की थी?
उत्तर देखिए
सही उत्तर: (ब) ड्यूक मैटरनिख
5‘यंग इटली’ नामक गुप्त संगठन की स्थापना किसने की?
उत्तर देखिए
सही उत्तर: (द) ज्युसेपे मेत्सिनी
6मेत्सिनी को ‘हमारी सामाजिक व्यवस्था का सबसे ख़तरनाक दुश्मन’ किसने कहा था?
उत्तर देखिए
सही उत्तर: (ब) मैटरनिख
7ज़ॉल्वेराइन (शुल्क संघ) की स्थापना किस वर्ष और किसकी पहल पर हुई?
उत्तर देखिए
सही उत्तर: (ब) 1834, प्रशा
8यूनान को स्वतंत्र राष्ट्र की मान्यता किस संधि से मिली?
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सही उत्तर: (स) कुस्तुनतुनिया की संधि, 1832
9फ़्रैंकफ़र्ट संसद की बैठक कहाँ आयोजित हुई थी?
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सही उत्तर: (ब) सेंट पॉल चर्च में
10जर्मनी के एकीकरण का जनक किसे माना जाता है?
उत्तर देखिए
सही उत्तर: (स) ऑटो वॉन बिस्मार्क
11विलियम प्रथम को जर्मनी का सम्राट कब और कहाँ घोषित किया गया?
उत्तर देखिए
सही उत्तर: (ब) 18 जनवरी 1871, वर्साय
12‘हज़ार लोगों का अभियान’ (एक्सपिडिशन ऑफ़ द थाउज़ेंड) का नेतृत्व किसने किया?
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सही उत्तर: (स) ज्युसेपे गैरीबॉल्डी
13फ़्रांस के राष्ट्र का नारी रूपक क्या कहलाता है?
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सही उत्तर: (ब) मारीआन
14जर्मेनिया के सिर पर किस वृक्ष की पत्तियों का मुकुट होता है, और वह किसका प्रतीक है?
उत्तर देखिए
सही उत्तर: (ब) बलूत, बहादुरी का
15ऐक्ट ऑफ़ यूनियन (1707) किन दो देशों के बीच हुआ था?
उत्तर देखिए
सही उत्तर: (ब) इंग्लैंड और स्कॉटलैंड
161845 में बुनकरों का विद्रोह कहाँ हुआ था?
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सही उत्तर: (ब) सिलेसिया
क.2 रिक्त स्थान भरिए
17उदारवाद यानी liberalism शब्द लातिन भाषा के मूल ______ पर आधारित है, जिसका अर्थ है ‘आज़ाद’।
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(liber)
18फ़्रांसीसी क्रांति के बाद ______ राजतंत्र से निकलकर फ़्रांसीसी नागरिकों के समूह में हस्तांतरित हो गई।
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(प्रभुसत्ता)
19जर्मन दार्शनिक योहान गॉटफ़्रीड के अनुसार सच्ची जर्मन संस्कृति उसके आम लोगों यानी ______ में निहित थी।
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(दास वोल्क / das volk)
201830 की जुलाई क्रांति के बाद फ़्रांस में ______ के नेतृत्व में संवैधानिक राजतंत्र स्थापित हुआ।
उत्तर देखिए
(लुई फ़िलिप)
2118 मई 1848 को ______ निर्वाचित प्रतिनिधियों ने फ़्रैंकफ़र्ट संसद में अपना स्थान ग्रहण किया।
उत्तर देखिए
(831)
221861 में ______ को एकीकृत इटली का राजा घोषित किया गया।
उत्तर देखिए
(विक्टर इमेनुएल द्वितीय)
23ब्रिटेन के राष्ट्रीय झंडे को ______ कहा जाता है।
उत्तर देखिए
(यूनियन जैक)
24बाल्कन क्षेत्र के निवासियों को आमतौर पर ______ पुकारा जाता था।
उत्तर देखिए
(स्लाव)
क.3 सत्य/असत्य बताइए
25नेपोलियन ने फ़्रांस में प्रजातंत्र को मज़बूत किया।
उत्तर देखिए
(असत्य — उसने राजतंत्र वापस लाकर प्रजातंत्र को नष्ट कर दिया।)
26क्रांतिकारी फ़्रांस में सभी वयस्कों को मताधिकार प्राप्त था।
उत्तर देखिए
(असत्य — मताधिकार केवल संपत्तिवान पुरुषों को था।)
271848 की क्रांति असफल रही, फिर भी उसके बाद राजाओं ने सुधार शुरू किए।
उत्तर देखिए
(सत्य)
28कावूर एक क्रांतिकारी और जनतंत्रवादी था।
उत्तर देखिए
(असत्य — वह न तो क्रांतिकारी था और न ही जनतंत्र में विश्वास रखने वाला।)
29ब्रिटेन में राष्ट्र-राज्य का निर्माण एक क्रांति से हुआ था।
उत्तर देखिए
(असत्य — वह एक लंबी चलने वाली प्रक्रिया का नतीजा था।)
30पोलैंड के लोगों ने भाषा को राष्ट्रवादी विरोध का हथियार बनाया।
उत्तर देखिए
(सत्य)
क.4 अति लघूत्तरात्मक प्रश्न (1 अंक — एक वाक्य में उत्तर दीजिए)
31कल्पनादर्शी (युटोपिया) किसे कहते हैं?
उत्तर देखिए
उत्तर: कल्पनादर्शी एक ऐसे समाज की कल्पना है जो इतना आदर्श होता है कि उसका साकार होना लगभग असंभव होता है।
32जनमत-संग्रह का अर्थ क्या है?
उत्तर देखिए
उत्तर: जनमत-संग्रह एक प्रत्यक्ष मतदान है, जिसके ज़रिए एक क्षेत्र के सभी लोगों से किसी प्रस्ताव को स्वीकार या अस्वीकार करने के लिए पूछा जाता है।
33नृजातीय (Ethnic) शब्द का क्या अर्थ है?
उत्तर देखिए
उत्तर: नृजातीय का अर्थ है एक साझा नस्ली, जनजातीय या सांस्कृतिक उद्गम अथवा पृष्ठभूमि, जिसे कोई समुदाय अपनी पहचान मानता है।
34रूपक किसे कहते हैं?
उत्तर देखिए
उत्तर: जब किसी अमूर्त विचार को किसी व्यक्ति या किसी चीज़ के ज़रिए इंगित किया जाता है, तो उसे रूपक कहते हैं।
35‘ऐले’ क्या था?
उत्तर देखिए
उत्तर: ‘ऐले’ कपड़ा नापने का एक पैमाना था, जिसकी लंबाई जर्मनी में जगह-जगह घटती-बढ़ती रहती थी।
36जुंकर कौन थे?
उत्तर देखिए
उत्तर: जुंकर प्रशा के बड़े भूस्वामी थे, जिन्होंने 1848 की उदारवादी पहल को दबाने में राजशाही और फ़ौज का समर्थन किया।
37‘रेड शर्ट्स’ किन्हें कहा जाता था?
उत्तर देखिए
उत्तर: 1860 में गैरीबॉल्डी के नेतृत्व में दक्षिण इटली अभियान में शामिल लगभग 30,000 स्वयंसेवकों को ‘रेड शर्ट्स’ कहा जाता था।
भाग ख — लघूत्तरात्मक प्रश्न (2 अंक · 30–40 शब्द)
1रूढ़िवाद से आप क्या समझते हैं?
उत्तर देखिए
उत्तर: रूढ़िवाद ऐसा राजनीतिक दर्शन है जो परंपरा, स्थापित संस्थानों और रिवाज़ों पर ज़ोर देता है। यह तेज़ बदलावों की बजाय क्रमिक और धीरे-धीरे होने वाले विकास को प्राथमिकता देता है। रूढ़िवादी लोग राजतंत्र, चर्च, सामाजिक ऊँच-नीच, संपत्ति और परिवार को बनाए रखना चाहते थे।
2नारीवाद का क्या अर्थ है?
उत्तर देखिए
उत्तर: नारीवाद स्त्री-पुरुष की सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक समानता की सोच के आधार पर महिलाओं के अधिकारों और हितों का बोध है। लुइज़े ऑटो-पीटर्स ने जर्मनी में एक नारीवादी राजनीतिक संगठन की स्थापना की थी।
3मैटरनिख ने फ़्रांस के बारे में क्या टिप्पणी की थी, और उसका क्या अर्थ था?
उत्तर देखिए
उत्तर: मैटरनिख ने कहा था कि “जब फ़्रांस छींकता है तो बाक़ी यूरोप की सर्दी-ज़ुकाम हो जाता है।” इसका अर्थ यह था कि फ़्रांस में होने वाली छोटी-सी घटना का भी पूरे यूरोप पर गहरा असर पड़ता था। 1830 की जुलाई क्रांति के बाद ब्रसेल्स में विद्रोह भड़कना इसका उदाहरण है।
4‘दास वोल्क’ और ‘फोल्कगाइस्ट’ का क्या अर्थ है?
उत्तर देखिए
उत्तर: ‘दास वोल्क’ का अर्थ है आम लोग और ‘फोल्कगाइस्ट’ का अर्थ है राष्ट्र की आत्मा। जर्मन दार्शनिक योहान गॉटफ़्रीड का मानना था कि सच्ची जर्मन संस्कृति आम लोगों में निहित थी और राष्ट्र की सच्ची आत्मा लोकगीतों, जन-काव्य और लोकनृत्यों से प्रकट होती थी।
5ग्रिम बंधुओं का योगदान क्या था?
उत्तर देखिए
उत्तर: जैकब और विल्हेल्म ग्रिम ने छह साल तक गाँव-गाँव जाकर पुरानी लोक कथाएँ इकट्ठा कीं और 1812 में उनका पहला संग्रह प्रकाशित किया। उन्होंने 33 खंडों में जर्मन भाषा का शब्दकोश भी प्रकाशित किया। वे इन प्रयासों को एक जर्मन राष्ट्रीय पहचान गढ़ने की योजना का हिस्सा मानते थे।
6जर्मेनिया के तीन प्रतीकों और उनके अर्थों को लिखिए।
उत्तर देखिए
उत्तर: जर्मेनिया के सिर पर बलूत पत्तियों का मुकुट बहादुरी का प्रतीक है। उसकी टूटी हुई बेड़ियाँ आज़ादी मिलने की सूचक हैं। तलवार पर लिपटी जैतून की डाली शांति की चाह को दर्शाती है।
भाग ग — लघूत्तरात्मक प्रश्न (3 अंक · 50–60 शब्द)
1उदारवाद का राजनीतिक अर्थ क्या था?
उत्तर देखिए
उत्तर: नए मध्य वर्गों के लिए उदारवाद का अर्थ व्यक्ति के लिए आज़ादी और क़ानून के समक्ष सबकी बराबरी था। राजनीतिक रूप से उदारवाद एक ऐसी सरकार पर ज़ोर देता था जो सहमति से बनी हो। फ़्रांसीसी क्रांति के बाद से उदारवाद निरंकुश शासक और पादरीवर्ग के विशेषाधिकारों की समाप्ति, संविधान तथा संसदीय प्रतिनिधि सरकार का पक्षधर था। उन्नीसवीं सदी के उदारवादी निजी संपत्ति के स्वामित्व की अनिवार्यता पर भी बल देते थे।
2उदारवाद का आर्थिक अर्थ क्या था? एक उदाहरण देकर समझाइए।
उत्तर देखिए
उत्तर: आर्थिक क्षेत्र में उदारवाद बाज़ारों की मुक्ति तथा चीज़ों और पूँजी के आवागमन पर राज्य द्वारा लगाए गए नियंत्रणों को खत्म करने के पक्ष में था। इसका कारण यह था कि जर्मन इलाक़ों में 39 राज्य थे और हर एक की अपनी मुद्रा तथा नाप-तौल प्रणाली थी। उदाहरण के लिए, 1833 में हैम्बर्ग से न्यूरेम्बर्ग जाने वाले व्यापारी को ग्यारह सीमाशुल्क नाकों से गुज़रना पड़ता था और हर बार लगभग 5% शुल्क देना पड़ता था। इसीलिए व्यापारी एक एकीकृत आर्थिक क्षेत्र चाहते थे।
3ज़ॉल्वेराइन क्या था और उसने क्या किया?
उत्तर देखिए
उत्तर: ज़ॉल्वेराइन एक शुल्क संघ था, जिसकी स्थापना 1834 में प्रशा की पहल पर हुई और जिसमें अधिकांश जर्मन राज्य शामिल हो गए। इस संघ ने दो बड़े काम किए। पहला, इसने शुल्क अवरोधों को समाप्त कर दिया। दूसरा, इसने मुद्राओं की संख्या तीस से घटाकर दो कर दी। इसके अलावा रेलवे के जाल ने गतिशीलता बढ़ाई और आर्थिक हितों को राष्ट्रीय एकीकरण का सहायक बनाया।
41815 का रूढ़िवाद ‘नया’ क्यों कहलाता है?
उत्तर देखिए
उत्तर: 1815 का रूढ़िवाद इसलिए नया था क्योंकि अधिकतर रूढ़िवादी क्रांति से पहले के दौर में वापसी नहीं चाहते थे। नेपोलियन द्वारा शुरू किए गए परिवर्तनों से उन्होंने यह जान लिया था कि आधुनिकीकरण राजतंत्र जैसी पारंपरिक संस्थाओं को मज़बूत बनाने में सक्षम था। उन्हें समझ आ गया था कि एक आधुनिक सेना, कुशल नौकरशाही, गतिशील अर्थव्यवस्था तथा सामंतवाद और भूदासत्व की समाप्ति निरंकुश राजतंत्रों को शक्ति प्रदान कर सकती थी।
5वियना संधि (1815) के मुख्य उद्देश्य और प्रावधान बताइए।
उत्तर देखिए
उत्तर: वियना संधि का मुख्य उद्देश्य उन बदलावों को खत्म करना था जो नेपोलियाई युद्धों के दौरान हुए थे, तथा उन राजतंत्रों को बहाल करना था जिन्हें नेपोलियन ने बर्ख़ास्त कर दिया था। इसके अंतर्गत फ़्रांस में बूबों वंश को सत्ता में बहाल किया गया और फ़्रांस ने अपने जीते हुए इलाक़े खो दिए। फ़्रांस की सीमाओं पर कई राज्य क़ायम किए गए ताकि भविष्य में वह विस्तार न कर सके — उत्तर में नीदरलैंड्स का राज्य बना और दक्षिण में पीडमॉण्ट में जेनोआ जोड़ा गया। ऑस्ट्रिया को उत्तरी इटली का नियंत्रण और रूस को पोलैंड का एक हिस्सा दिया गया।
6यूनानी स्वतंत्रता युद्ध पर टिप्पणी लिखिए। (अभ्यास प्रश्न 1-ग)
उत्तर देखिए
उत्तर: पंद्रहवीं सदी से यूनान ऑटोमन साम्राज्य का हिस्सा था। यूरोप में क्रांतिकारी राष्ट्रवाद की प्रगति से यूनानियों का आज़ादी के लिए संघर्ष 1821 में आरंभ हो गया। यूनान में राष्ट्रवादियों को निर्वासन में रह रहे यूनानियों के साथ-साथ पश्चिमी यूरोप के अनेक लोगों का भी समर्थन मिला, जो प्राचीन यूनानी संस्कृति के प्रति सहानुभूति रखते थे। कवियों और कलाकारों ने यूनान को यूरोपीय सभ्यता का पालना बताकर प्रशंसा की। अंग्रेज़ कवि लॉर्ड बायरन ने धन इकट्ठा किया और बाद में युद्ध में लड़ने भी गए, जहाँ 1824 में बुख़ार से उनकी मृत्यु हो गई। अंततः 1832 की कुस्तुनतुनिया की संधि ने यूनान को एक स्वतंत्र राष्ट्र की मान्यता दी।
7ज्युसेपे मेत्सिनी पर टिप्पणी लिखिए। (अभ्यास प्रश्न 1-क)
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उत्तर: ज्युसेपे मेत्सिनी इटली का एक क्रांतिकारी था, जिसका जन्म 1805 में जेनोआ में हुआ था। वह कार्बोनारी नामक गुप्त संगठन का सदस्य बना और चौबीस साल की युवावस्था में लिगुरिया में क्रांति करने के कारण उसे बहिष्कृत कर दिया गया। इसके बाद उसने दो भूमिगत संगठनों की स्थापना की — मारसेई में ‘यंग इटली’ और बर्न में ‘यंग यूरोप’। उसका विश्वास था कि ईश्वर की मर्ज़ी के अनुसार राष्ट्र ही मनुष्यों की प्राकृतिक इकाई है, इसलिए इटली को जोड़कर एक एकीकृत गणतंत्र बनाना ही उसकी मुक्ति का आधार हो सकता था। उसके विरोध से डरकर मैटरनिख ने उसे ‘हमारी सामाजिक व्यवस्था का सबसे ख़तरनाक दुश्मन’ बताया।
8काउंट कैमिलो दे कावूर पर टिप्पणी लिखिए। (अभ्यास प्रश्न 1-ख)
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उत्तर: काउंट कैमिलो दे कावूर सार्डिनिया-पीडमॉण्ट का मंत्री प्रमुख था, जिसने इटली के प्रदेशों को एकीकृत करने वाले आंदोलन का नेतृत्व किया। यह ध्यान देने योग्य है कि वह न तो एक क्रांतिकारी था और न ही जनतंत्र में विश्वास रखने वाला। इतालवी अभिजात वर्ग के अन्य अमीर और शिक्षित सदस्यों की तरह वह इतालवी भाषा से कहीं बेहतर फ़्रेंच बोलता था। उसकी सबसे बड़ी उपलब्धि यह थी कि फ़्रांस से सार्डिनिया-पीडमॉण्ट की एक चतुर कूटनीतिक संधि, जिसके पीछे उसी का हाथ था, से सार्डिनिया-पीडमॉण्ट 1859 में ऑस्ट्रियाई बलों को हरा पाने में कामयाब हुआ।
9फ़्रैंकफ़र्ट संसद पर टिप्पणी लिखिए। (अभ्यास प्रश्न 1-घ)
उत्तर देखिए
उत्तर: जर्मन इलाक़ों में बड़ी संख्या में राजनीतिक संगठनों ने फ़्रैंकफ़र्ट शहर में मिलकर एक सर्व-जर्मन नेशनल एसेंबली के पक्ष में मतदान का फ़ैसला लिया। 18 मई 1848 को 831 निर्वाचित प्रतिनिधियों ने एक सजे-धजे जुलूस में जाकर सेंट पॉल चर्च में आयोजित फ़्रैंकफ़र्ट संसद में अपना स्थान ग्रहण किया। उन्होंने जर्मन राष्ट्र के लिए एक संविधान का प्रारूप तैयार किया, जिसमें राष्ट्र की अध्यक्षता एक ऐसे राजा को सौंपी गई जिसे संसद के अधीन रहना था। परंतु जब प्रतिनिधियों ने प्रशा के राजा फ़्रेडरीख विल्हेम चतुर्थ को ताज पहनाने की पेशकश की, तो उसने उसे अस्वीकार कर दिया। अंत में सैनिकों को बुलाया गया और एसेंबली भंग होने पर मजबूर हुई।
10राष्ट्रवादी संघर्षों में महिलाओं की भूमिका का वर्णन कीजिए। (अभ्यास प्रश्न 1-ङ)
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उत्तर: उदारवादी आंदोलन में वर्षों से बड़ी संख्या में महिलाओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया था। उन्होंने अपने राजनीतिक संगठन स्थापित किए, अख़बार शुरू किए तथा राजनीतिक बैठकों और प्रदर्शनों में शिरकत की। लुइज़े ऑटो-पीटर्स ने महिलाओं की एक पत्रिका और एक नारीवादी राजनीतिक संगठन की स्थापना की। इसके बावजूद उन्हें एसेंबली के चुनाव के दौरान मताधिकार से वंचित रखा गया था। जब सेंट पॉल चर्च में फ़्रैंकफ़र्ट संसद की सभा आयोजित की गई, तब महिलाओं को केवल प्रेक्षकों की हैसियत से दर्शक-दीर्घा में खड़े होने दिया गया।
11मारीआन और जर्मेनिया कौन थे? (अभ्यास प्रश्न 3)
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उत्तर: मारीआन और जर्मेनिया क्रमशः फ़्रांस और जर्मनी के राष्ट्रीय रूपक थे, यानी वे नारी छवियाँ थीं जिनके ज़रिए राष्ट्र के अमूर्त विचार को ठोस रूप दिया गया। फ़्रांस में इस नारी रूपक को लोकप्रिय ईसाई नाम मारीआन दिया गया, जिसने जन-राष्ट्र के विचार को रेखांकित किया; उसके चिह्न लाल टोपी, तिरंगा और कलगी थे, जो स्वतंत्रता और गणतंत्र के प्रतीक हैं। मारीआन की प्रतिमाएँ सार्वजनिक चौकों पर लगाई गईं ताकि जनता को एकता के राष्ट्रीय प्रतीक की याद आती रहे, और उसकी छवि सिक्कों तथा डाक टिकटों पर भी अंकित की गई। इसी तरह जर्मेनिया जर्मन राष्ट्र का रूपक बन गई, जो चित्रों में बलूत वृक्ष के पत्तों का मुकुट पहनती है, क्योंकि जर्मन बलूत वीरता का प्रतीक है।
12सिलेसिया के बुनकरों ने विद्रोह क्यों किया?
उत्तर देखिए
उत्तर: 1845 में सिलेसिया के बुनकरों ने उन ठेकेदारों के ख़िलाफ़ विद्रोह किया जो उन्हें कच्चा माल देकर निर्मित कपड़ा ले लेते थे, परंतु उसके दाम बहुत कम देते थे। पत्रकार विल्हेम वोल्फ़ के अनुसार श्रमिकों की हालत ख़स्ता थी और काम के लिए बेताब लोगों का फ़ायदा उठाकर ठेकेदारों ने माल की क़ीमतें गिरा दी थीं। 4 जून को बुनकरों की भीड़ ठेकेदार की कोठी पहुँची और ज़्यादा मज़दूरी की माँग की, पर उन्हें धमकियाँ मिलीं। इसके बाद भीड़ ने घर में घुसकर सामान तोड़ दिया और कपड़े का भंडार लूट लिया। ठेकेदार 24 घंटे बाद सेना बुलाकर लौटा और उसके बाद हुए टकराव में ग्यारह बुनकरों को गोली मार दी गई।
भाग घ — निबंधात्मक प्रश्न (4 अंक · 80–100 शब्द)
1फ़्रांसीसी लोगों के बीच सामूहिक पहचान का भाव पैदा करने के लिए फ़्रांसीसी क्रांतिकारियों ने क्या क़दम उठाए? (अभ्यास प्रश्न 2)
उत्तर देखिए
उत्तर: फ़्रांसीसी क्रांतिकारियों ने प्रारंभ से ही ऐसे अनेक क़दम उठाए जिनसे फ़्रांसीसी लोगों में एक सामूहिक पहचान की भावना पैदा हो सके।
पहला, उन्होंने पितृभूमि और नागरिक जैसे विचारों पर बल दिया, जिनसे एक संयुक्त समुदाय का विचार मज़बूत हुआ जिसे संविधान के अंतर्गत समान अधिकार प्राप्त थे।
दूसरा, एक नया फ़्रांसीसी झंडा — तिरंगा — चुना गया, जिसने पहले के राजध्वज की जगह ले ली।
तीसरा, इस्टेट जेनरल का चुनाव सक्रिय नागरिकों के समूह द्वारा किया जाने लगा और उसका नाम बदलकर नेशनल एसेंबली कर दिया गया।
चौथा, नयी स्तुतियाँ रची गईं, शपथें ली गईं और शहीदों का गुणगान हुआ, और यह सब राष्ट्र के नाम पर हुआ।
पाँचवाँ, एक केंद्रीय प्रशासनिक व्यवस्था लागू की गई जिसने सभी नागरिकों के लिए समान क़ानून बनाए, आंतरिक आयात-निर्यात शुल्क समाप्त कर दिए गए और भार तथा नापने की एकसमान व्यवस्था लागू की गई।
अंत में, क्षेत्रीय बोलियों को हतोत्साहित किया गया और पेरिस में बोली तथा लिखी जाने वाली फ़्रेंच ही राष्ट्र की साझा भाषा बन गई।
2अपने शासन वाले क्षेत्रों में शासन व्यवस्था को ज़्यादा कुशल बनाने के लिए नेपोलियन ने क्या बदलाव किए? (अभ्यास प्रश्न 5)
उत्तर देखिए
उत्तर: नेपोलियन ने फ़्रांस में राजतंत्र वापस लाकर प्रजातंत्र को नष्ट कर दिया, मगर प्रशासनिक क्षेत्र में उसने क्रांतिकारी सिद्धांतों का समावेश किया ताकि पूरी व्यवस्था अधिक तर्कसंगत और कुशल बन सके।
सबसे महत्त्वपूर्ण बदलाव 1804 की नागरिक संहिता थी, जिसे नेपोलियन की संहिता भी कहा जाता है। इसने जन्म पर आधारित विशेषाधिकार समाप्त कर दिए तथा क़ानून के समक्ष बराबरी और संपत्ति के अधिकार को सुरक्षित बनाया।
इस संहिता को फ़्रांसीसी नियंत्रण के अधीन क्षेत्रों में भी लागू किया गया। डच गणतंत्र, स्विट्ज़रलैंड, इटली और जर्मनी में नेपोलियन ने प्रशासनिक विभाजनों को सरल बनाया, सामंती व्यवस्था को खत्म किया और किसानों को भू-दासत्व तथा जागीरदारी शुल्कों से मुक्ति दिलाई।
शहरों में भी कारीगरों के श्रेणी-संघों के नियंत्रणों को हटा दिया गया, तथा यातायात और संचार-व्यवस्थाओं को सुधारा गया।
इन बदलावों से किसानों, कारीगरों, मज़दूरों और नए उद्योगपतियों ने नयी आज़ादी का अनुभव किया, क्योंकि एकसमान क़ानून, मानक भार-नाप और एक राष्ट्रीय मुद्रा से वस्तुओं तथा पूँजी के आवागमन में सहूलियत हो गई।
3जर्मन एकीकरण की प्रक्रिया का संक्षेप में वर्णन कीजिए। (अभ्यास प्रश्न 4)
उत्तर देखिए
उत्तर: जर्मन एकीकरण दो चरणों में समझा जा सकता है — पहला असफल प्रयास और दूसरा सफल प्रयास।
पहले चरण में, राष्ट्रवादी भावनाएँ मध्यवर्गीय जर्मन लोगों में काफ़ी व्याप्त थीं और उन्होंने 1848 में जर्मन महासंघ के विभिन्न इलाक़ों को जोड़कर एक निर्वाचित संसद द्वारा शासित राष्ट्र-राज्य बनाने का प्रयास किया। मगर राष्ट्र निर्माण की यह उदारवादी पहल राजशाही और फ़ौज की ताक़त ने मिलकर दबा दी, और उन्हें प्रशा के बड़े भूस्वामियों यानी जुंकरों का भी समर्थन प्राप्त था।
दूसरे चरण में प्रशा ने राष्ट्रीय एकीकरण के आंदोलन का नेतृत्व सँभाल लिया। इस प्रक्रिया का जनक प्रशा का प्रमुख मंत्री ऑटो वॉन बिस्मार्क था, जिसने प्रशा की सेना और नौकरशाही की मदद ली। सात वर्ष के दौरान ऑस्ट्रिया, डेन्मार्क और फ़्रांस से हुए तीन युद्धों में प्रशा को जीत मिली और एकीकरण की प्रक्रिया पूरी हुई।
18 जनवरी 1871 को वर्साय के महल के शीशमहल में हुए एक समारोह में प्रशा के राजा विलियम प्रथम को जर्मनी का सम्राट घोषित किया गया।
इस प्रकार जर्मनी में राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया ने प्रशा राज्य की शक्ति के प्रभुत्व को दर्शाया, और नए राज्य ने मुद्रा, बैंकिंग तथा क़ानूनी और न्यायिक व्यवस्थाओं के आधुनिकीकरण पर काफ़ी ज़ोर दिया।
4इटली के एकीकरण की प्रक्रिया का वर्णन कीजिए।
उत्तर देखिए
उत्तर: उन्नीसवीं सदी के मध्य में इटली सात राज्यों में बँटा हुआ था, जिनमें से केवल सार्डिनिया-पीडमॉण्ट में एक इतालवी राजघराने का शासन था। उत्तरी भाग ऑस्ट्रियाई हैब्सबर्गों के अधीन था, मध्य इलाक़ों पर पोप का शासन था और दक्षिणी क्षेत्र स्पेन के बूबों राजाओं के अधीन था। इतालवी भाषा ने भी अभी तक साझा रूप हासिल नहीं किया था।
एकीकरण में तीन व्यक्तियों की भूमिका महत्त्वपूर्ण रही। पहले, ज्युसेपे मेत्सिनी ने 1830 के दशक में एकीकृत इतालवी गणराज्य के लिए एक सुविचारित कार्यक्रम प्रस्तुत किया और ‘यंग इटली’ नामक गुप्त संगठन बनाया, हालाँकि 1831 और 1848 के क्रांतिकारी विद्रोह असफल रहे।
दूसरे, सार्डिनिया-पीडमॉण्ट के मंत्री प्रमुख कावूर ने फ़्रांस से एक चतुर कूटनीतिक संधि की, जिसके कारण सार्डिनिया-पीडमॉण्ट 1859 में ऑस्ट्रियाई बलों को हरा पाने में कामयाब हुआ।
तीसरे, ज्युसेपे गैरीबॉल्डी ने 1860 में दक्षिण इटली की तरफ़ ‘हज़ार लोगों का अभियान’ चलाया, जिसमें स्वयंसेवकों की संख्या लगभग 30,000 तक पहुँच गई और वे ‘रेड शर्ट्स’ के नाम से लोकप्रिय हुए। उन्होंने दो सिसिलियों के राज्य में प्रवेश कर स्पेनी शासकों को हटाने में स्थानीय किसानों का समर्थन प्राप्त किया।
1861 में विक्टर इमेनुएल द्वितीय को एकीकृत इटली का राजा घोषित किया गया, और 1870 में पेपल राज्य भी अंततः इटली में सम्मिलित हो गए।
5ब्रिटेन में राष्ट्रवाद का इतिहास शेष यूरोप की तुलना में किस प्रकार भिन्न था? (चर्चा प्रश्न 4)
उत्तर देखिए
उत्तर: ब्रिटेन में राष्ट्रवाद का इतिहास शेष यूरोप से इसलिए भिन्न था क्योंकि वहाँ राष्ट्र-राज्य का निर्माण अचानक हुई कोई उथल-पुथल या क्रांति का परिणाम नहीं था, बल्कि यह एक लंबी चलने वाली प्रक्रिया का नतीजा था।
अठारहवीं सदी के पहले ब्रितानी राष्ट्र था ही नहीं। ब्रितानी द्वीपसमूह में रहने वाले अंग्रेज़, वेल्श, स्कॉट और आयरिश लोगों की मुख्य पहचान नृजातीय थी और इन सभी जातीय समूहों की अपनी सांस्कृतिक तथा राजनीतिक परंपराएँ थीं।
जैसे-जैसे आंग्ल राष्ट्र की धन-दौलत, अहमियत और सत्ता में वृद्धि हुई, वह अन्य राष्ट्रों पर अपना प्रभुत्व बढ़ाने में सफल हुआ। 1688 में आंग्ल संसद ने राजतंत्र से ताक़त छीन ली और 1707 में इंग्लैंड तथा स्कॉटलैंड के बीच ‘ऐक्ट ऑफ़ यूनियन’ से ‘यूनाइटेड किंगडम ऑफ़ ग्रेट ब्रिटेन’ का गठन हुआ।
इसके बाद स्कॉटलैंड की ख़ास संस्कृति और राजनीतिक संस्थानों को योजनाबद्ध तरीक़े से दबाया गया; वहाँ के लोगों को गेलिक भाषा बोलने या राष्ट्रीय पोशाक पहनने की मनाही थी। आयरलैंड में भी कैथलिक विद्रोहों को निर्ममता से कुचला गया और 1801 में उसे बलपूर्वक यूनाइटेड किंगडम में शामिल कर लिया गया।
इस प्रकार ब्रिटेन में राष्ट्र-निर्माण जनता की क्रांति से नहीं, बल्कि एक राष्ट्र के दूसरे राष्ट्रों पर प्रभुत्व से हुआ, और पुराने राष्ट्र इस संघ में मातहत सहयोगी के रूप में ही रह पाए।
6बाल्कन प्रदेशों में राष्ट्रवादी तनाव क्यों पनपा? (चर्चा प्रश्न 5)
उत्तर देखिए
उत्तर: 1871 के बाद यूरोप में गंभीर राष्ट्रवादी तनाव का स्रोत बाल्कन क्षेत्र था, जिसमें आधुनिक रोमानिया, बुल्गेरिया, अल्बेनिया, यूनान, मेसिडोनिया, क्रोएशिया, बोस्निया-हर्ज़ेगोविना, स्लोवेनिया, सर्बिया और मॉन्टिनिग्रो शामिल थे।
पहला कारण यह था कि इस क्षेत्र में गहरी भौगोलिक और जातीय भिन्नता थी और इसका एक बड़ा हिस्सा ऑटोमन साम्राज्य के नियंत्रण में था।
दूसरा कारण यह था कि बाल्कन क्षेत्र में रूमानी राष्ट्रवाद के विचारों के फैलने और ऑटोमन साम्राज्य के विघटन से स्थिति काफ़ी विस्फोटक हो गई। ऑटोमन साम्राज्य ने आधुनिकीकरण और आंतरिक सुधारों के ज़रिए मज़बूत बनना चाहा, किंतु उसे बहुत कम सफलता मिली।
तीसरा कारण यह था कि बाल्कन लोगों ने अपने दावों को राष्ट्रीयता का आधार दिया और इतिहास का इस्तेमाल यह साबित करने के लिए किया कि वे कभी स्वतंत्र थे, किंतु बाद में विदेशी शक्तियों ने उन्हें अधीन कर लिया। इससे बाल्कन राज्य एक-दूसरे से भारी ईर्ष्या करने लगे और हर राज्य ज़्यादा से ज़्यादा इलाक़ा हथियाना चाहता था।
चौथा और सबसे गंभीर कारण बड़ी शक्तियों की प्रतिस्पर्धा थी। रूस, जर्मनी, इंग्लैंड और ऑस्ट्रो-हंगरी में से हर ताक़त बाल्कन पर अन्य शक्तियों की पकड़ को कमज़ोर करके अपने प्रभाव को बढ़ाना चाहती थी।
इन सब कारणों से इस इलाक़े में कई युद्ध हुए और अंततः प्रथम विश्व युद्ध हुआ।
7यूरोप में राष्ट्रवाद के विकास में संस्कृति के योगदान को तीन उदाहरणों से समझाइए। (चर्चा प्रश्न 2)
उत्तर देखिए
उत्तर: राष्ट्रवाद का विकास केवल युद्धों और क्षेत्रीय विस्तार से नहीं हुआ, बल्कि राष्ट्र के विचार के निर्माण में संस्कृति ने भी एक अहम भूमिका निभाई। कला, काव्य, कहानियों-क़िस्सों और संगीत ने राष्ट्रवादी भावनाओं को गढ़ने और व्यक्त करने में सहयोग दिया।
पहला उदाहरण रूमानीवाद का है। यह एक सांस्कृतिक आंदोलन था जिसने तर्क-वितर्क और विज्ञान के महिमामंडन की आलोचना की और उसकी जगह भावनाओं, अंतर्दृष्टि तथा रहस्यवादी भावनाओं पर ज़ोर दिया। जर्मन दार्शनिक योहान गॉटफ़्रीड ने दावा किया कि सच्ची जर्मन संस्कृति उसके आम लोगों में निहित थी और राष्ट्र की सच्ची आत्मा लोकगीतों, जन-काव्य और लोकनृत्यों से प्रकट होती थी।
दूसरा उदाहरण ग्रिम बंधुओं का है। जैकब और विल्हेल्म ग्रिम ने छह साल तक गाँव-गाँव जाकर लोक कथाएँ इकट्ठी कीं, 1812 में उनका पहला संग्रह प्रकाशित किया और 33 खंडों में जर्मन शब्दकोश भी तैयार किया। वे इसे जर्मन राष्ट्रीय पहचान गढ़ने की व्यापक योजना का हिस्सा मानते थे।
तीसरा और सबसे शक्तिशाली उदाहरण पोलैंड का है। अठारहवीं सदी के अंत में रूस, प्रशा और ऑस्ट्रिया ने पोलैंड का विभाजन कर दिया था, फिर भी संगीत और भाषा के ज़रिए राष्ट्रीय भावना जीवित रखी गई। कैरोल कुर्पिंस्की ने पोलोनेस और माजुरका जैसे लोकनृत्यों को राष्ट्रीय प्रतीकों में बदल दिया, और रूसी दमन के बाद पोलिश भाषा रूसी प्रभुत्व के विरुद्ध संघर्ष के प्रतीक के रूप में देखी जाने लगी।
8उदारवादियों की 1848 की क्रांति का क्या अर्थ लगाया जाता है? उदारवादियों ने किन विचारों को बढ़ावा दिया? (चर्चा प्रश्न 1)
उत्तर देखिए
उत्तर: 1848 में जब अनेक यूरोपीय देशों में ग़रीबी, बेरोज़गारी और भुखमरी से ग्रस्त किसान-मज़दूर विद्रोह कर रहे थे, तब उसके समानांतर पढ़े-लिखे मध्यवर्गों की एक क्रांति भी हो रही थी। इसे ही उदारवादियों की क्रांति कहा जाता है।
फ़रवरी 1848 की घटनाओं से फ़्रांस के राजा को गद्दी छोड़नी पड़ी और एक गणतंत्र की घोषणा की गई जो सभी पुरुषों के सार्विक मताधिकार पर आधारित था। यूरोप के अन्य भागों में, जहाँ अभी तक स्वतंत्र राष्ट्र-राज्य अस्तित्व में नहीं आए थे, वहाँ के उदारवादी मध्यवर्गों के स्त्री-पुरुषों ने संविधानवाद की माँग को राष्ट्रीय एकीकरण की माँग से जोड़ दिया।
उदारवादियों ने तीन तरह के विचारों को बढ़ावा दिया। राजनीतिक रूप से उन्होंने संविधान, प्रेस की स्वतंत्रता और संगठन बनाने की आज़ादी जैसे संसदीय सिद्धांतों की माँग की। सामाजिक रूप से उन्होंने क़ानून के समक्ष सबकी बराबरी और जन्म पर आधारित विशेषाधिकारों की समाप्ति का समर्थन किया। आर्थिक रूप से उन्होंने बाज़ारों की मुक्ति तथा वस्तुओं और पूँजी के आवागमन पर लगे राज्य के नियंत्रणों को हटाने की वकालत की।
इस क्रांति का सबसे महत्त्वपूर्ण परिणाम यह रहा कि यद्यपि रूढ़िवादी ताक़तें इसे दबा पाने में कामयाब हुईं, फिर भी वे पुरानी व्यवस्था बहाल नहीं कर पाईं। इसके बाद हैब्सबर्ग क्षेत्रों और रूस में भूदासत्व तथा बंधुआ मज़दूरी समाप्त कर दी गई।
भाग ङ — स्रोत-आधारित प्रश्न (4 अंक)
स्रोत 1 — अर्न्स्ट रेनन, ‘राष्ट्र क्या है?’ (1882)
“एक राष्ट्र लंबे प्रयासों, त्याग और निष्ठा का चरम बिंदु होता है… अतीत में समान गौरव का होना, वर्तमान में एक समान इच्छा, संकल्प का होना, साथ मिल कर महान काम करना और आगे, ऐसे काम और करने की इच्छा — ये सब जरूरी शर्तें हैं। अत: राष्ट्र एक बड़ी और व्यापक एकता है… उसका अस्तित्व रोज़ जनमत-संग्रह है।”
(क) रेनन के अनुसार राष्ट्र किन चीज़ों से नहीं बनता? (1) (ख) “राष्ट्र का अस्तित्व रोज़ जनमत-संग्रह है” — इस वाक्य का क्या अर्थ है? (2) (ग) रेनन के अनुसार राष्ट्रों का होना क्यों ज़रूरी है? (1)
मॉडल उत्तर: (क) रेनन ने इस विचार की आलोचना की कि राष्ट्र समान भाषा, नस्ल, धर्म या क्षेत्र से बनता है। (ख) इसका अर्थ यह है कि राष्ट्र कोई ऐसी चीज़ नहीं है जो जन्म से या अपने आप मिल जाए। राष्ट्र तभी बना रहता है जब उसके लोग हर दिन अपनी इच्छा से साथ रहने का निर्णय लेते रहें। यानी राष्ट्र लोगों की निरंतर सहमति पर टिका होता है। (ग) रेनन के अनुसार राष्ट्रों का होना स्वतंत्रता की गारंटी है, क्योंकि यदि दुनिया में केवल एक क़ानून और उसका केवल एक मालिक होता तो स्वतंत्रता का लोप हो जाता।
स्रोत 2 — फ़्रेडरिख लिस्ट, 1834
“ज़ॉल्वेराइन का लक्ष्य जर्मन लोगों को आर्थिक रूप से एक राष्ट्र में बाँध देना है। वह राष्ट्र की आर्थिक हालत जितना बाहरी तरह से उसके हितों की रक्षा करके मज़बूत बनाएगा, उतना ही आंतरिक उत्पादकता को बढ़ा कर भी। जर्मन लोग यह समझ गए हैं कि एक मुक्त आर्थिक व्यवस्था ही राष्ट्रीय भावनाओं के उत्पन्न होने का एकमात्र ज़रिया है।”
(क) ज़ॉल्वेराइन क्या था और उसकी स्थापना कब तथा किसकी पहल पर हुई? (2) (ख) ज़ॉल्वेराइन ने कौन-से दो बड़े काम किए? (1) (ग) लिस्ट के अनुसार आर्थिक व्यवस्था और राष्ट्रीय भावना में क्या संबंध है? (1)
मॉडल उत्तर: (क) ज़ॉल्वेराइन एक शुल्क संघ था, जिसकी स्थापना 1834 में प्रशा की पहल पर हुई और जिसमें अधिकांश जर्मन राज्य शामिल हो गए। (ख) इसने शुल्क अवरोधों को समाप्त कर दिया और मुद्राओं की संख्या तीस से घटाकर दो कर दी। (ग) लिस्ट के अनुसार एक मुक्त आर्थिक व्यवस्था ही राष्ट्रीय भावनाओं के उत्पन्न होने का एकमात्र ज़रिया है, यानी आर्थिक एकता ही राजनीतिक एकता की नींव बनती है।
स्रोत 3 — विल्हेम वोल्फ़, सिलेसिया (1845)
“इन गाँवों में (18,000 आबादी वाले) सूती कपड़ा बुनने का व्यवसाय सबसे व्यापक है… श्रमिकों की हालत ख़स्ता है। काम के लिए बेताब लोगों का फ़ायदा उठा कर ठेकेदारों ने बनवाए जाने वाले माल की क़ीमतें गिरा दी हैं।”
(क) सिलेसिया के बुनकरों ने किसके ख़िलाफ़ और क्यों विद्रोह किया? (2) (ख) 4 जून की घटना का संक्षेप में वर्णन कीजिए। (1) (ग) इस विद्रोह का अंत कैसे हुआ? (1)
मॉडल उत्तर: (क) सिलेसिया के बुनकरों ने उन ठेकेदारों के ख़िलाफ़ विद्रोह किया जो उन्हें कच्चा माल देकर निर्मित कपड़ा ले लेते थे, परंतु उसके दाम बहुत कम देते थे। कारण यह था कि काम के लिए बेताब लोगों का फ़ायदा उठाकर ठेकेदारों ने माल की क़ीमतें गिरा दी थीं। (ख) 4 जून को दोपहर दो बजे बुनकरों की एक भीड़ अपने घरों से निकलकर दो क़तारों में चलते हुए ठेकेदार की कोठी पहुँची और ज़्यादा मज़दूरी की माँग की। जब उन्हें धमकियाँ दी गईं, तो भीड़ ने घर में घुसकर खिड़कियाँ, फ़र्नीचर और चीनी-मिट्टी की चीज़ें तोड़ दीं तथा एक अन्य गुट ने कपड़े का भंडार लूट लिया। (ग) ठेकेदार अपने परिवार के साथ पड़ोस के गाँव भाग गया और 24 घंटों बाद सेना को बुलाकर उसकी मदद से लौटा। इसके बाद जो टकराव हुआ, उसमें ग्यारह बुनकरों को गोली मार दी गई।
स्रोत 4 — जर्मेनिया के प्रतीक (बॉक्स 3)
नीचे दी गई तालिका को पूरा कीजिए। (4)
| प्रतीक | अर्थ |
|---|---|
| टूटी हुई बेड़ियाँ | ? |
| बलूत पत्तियों का मुकुट | ? |
| तलवार पर लिपटी जैतून की डाली | ? |
| उगते सूर्य की किरणें | ? |
मॉडल उत्तर: टूटी हुई बेड़ियाँ आज़ादी मिलने की सूचक हैं। बलूत पत्तियों का मुकुट बहादुरी का प्रतीक है। तलवार पर लिपटी जैतून की डाली शांति की चाह दर्शाती है। उगते सूर्य की किरणें एक नए युग के सूत्रपात का प्रतीक हैं।
भाग च — मानचित्र कार्य
मानचित्र के प्रश्न में पूरे अंक पाना सबसे आसान है, बशर्ते आपने अभ्यास किया हो। नीचे दी गई सूची से रोज़ एक बार अभ्यास कीजिए।
च.1 यूरोप के मानचित्र पर अंकित कीजिए (वियना कांग्रेस 1815 के बाद का यूरोप — पाठ्यपुस्तक चित्र 3)
| क्रम | अंकित करने योग्य |
|---|---|
| 1 | फ़्रांस |
| 2 | ग्रेट ब्रिटेन |
| 3 | आयरलैंड |
| 4 | स्पेन |
| 5 | पुर्तगाल |
| 6 | नीदरलैंड्स |
| 7 | प्रशा |
| 8 | ऑस्ट्रियाई साम्राज्य |
| 9 | रूसी साम्राज्य |
| 10 | ऑटोमन साम्राज्य |
| 11 | स्विट्ज़रलैंड |
| 12 | यूनान (ग्रीस) |
| 13 | पोलैंड |
| 14 | हंगरी |
| 15 | सर्बिया |
| 16 | बुल्गारिया |
| 17 | रोमानिया |
| 18 | दोनों सिसिलियों का राजतंत्र |
च.2 जर्मनी के एकीकरण से संबंधित (चित्र 12)
| क्रम | अंकित करने योग्य |
|---|---|
| 1 | प्रशा |
| 2 | बर्लिन |
| 3 | बवेरिया |
| 4 | हनोवर |
| 5 | सिलेसिया |
| 6 | श्लेषविग-होल्सटीन |
| 7 | राइनलैंड |
| 8 | ऑस्ट्रियाई साम्राज्य |
च.3 इटली के एकीकरण से संबंधित (चित्र 14-क और 14-ख)
| क्रम | अंकित करने योग्य |
|---|---|
| 1 | सेवोई-सार्डिनिया (सार्डिनिया-पीडमॉण्ट) |
| 2 | लॉम्बार्डी |
| 3 | वेनेशिया |
| 4 | पर्मा |
| 5 | मोडेना |
| 6 | टस्कनी |
| 7 | पेपल राज्य (रोम) |
| 8 | दोनों सिसिलियों का राजतंत्र |
च.4 मानचित्र-अभ्यास के तीन सुझाव
पहला सुझाव: पहले समुद्र और बड़ी नदियाँ पहचानिए — भूमध्य सागर, बाल्टिक सागर, उत्तरी सागर और अटलांटिक सागर। इनसे बाक़ी देश अपने आप पहचान में आ जाते हैं।
दूसरा सुझाव: तीन बड़े साम्राज्य याद रखिए — रूसी साम्राज्य (सबसे बड़ा, पूरब में), ऑस्ट्रियाई साम्राज्य (बीच में) और ऑटोमन साम्राज्य (दक्षिण-पूरब में)। इन तीनों के बीच में ही बाक़ी सब कुछ है।
तीसरा सुझाव: इटली को जूते के आकार से पहचानिए; उसका ऊपरी हिस्सा (लॉम्बार्डी-वेनेशिया) ऑस्ट्रिया के पास था, बीच में पोप का राज्य था और नीचे का हिस्सा (दो सिसिलियाँ) स्पेनी बूबों के पास था।
भाग छ — तीन नमूना परीक्षा-पत्र (स्वयं अभ्यास के लिए)
नमूना 1 (कुल 10 अंक · 30 मिनट)
1वियना कांग्रेस की मेज़बानी किसने की? (1)
2‘यंग इटली’ की स्थापना किसने और कहाँ की? (1)
3रूढ़िवाद से आप क्या समझते हैं? (2)
4ज़ॉल्वेराइन क्या था और उसने क्या किया? (3)
5जर्मन एकीकरण की प्रक्रिया का संक्षेप में वर्णन कीजिए। (3)
नमूना 2 (कुल 10 अंक · 30 मिनट)
1‘ऐले’ क्या था? (1)
2मैटरनिख ने मेत्सिनी को क्या कहा था? (1)
3मारीआन और जर्मेनिया कौन थीं? (2)
4उदारवाद का राजनीतिक और आर्थिक अर्थ बताइए। (3)
5बाल्कन प्रदेशों में राष्ट्रवादी तनाव क्यों पनपा? (3)
नमूना 3 (कुल 10 अंक · 30 मिनट)
1फ़्रैंकफ़र्ट संसद की बैठक कहाँ और कब हुई? (1)
2‘रेड शर्ट्स’ कौन थे? (1)
3राष्ट्रवादी संघर्षों में महिलाओं की भूमिका बताइए। (2)
4फ़्रांसीसी क्रांतिकारियों ने सामूहिक पहचान बनाने के लिए क्या क़दम उठाए? (कोई चार) (3)
5ब्रिटेन में राष्ट्रवाद का इतिहास शेष यूरोप से किस प्रकार भिन्न था? (3)